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अजीबोगरीब पढ़ाई का वीडियो वायरल, ‘Iey-Noge’ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शिक्षा विभाग की गाज

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के सहायक शिक्षक एलबी प्रवीण टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। प्रवीण पर आरोप है कि उन्हें अंग्रेजी में नोज(नाक), इयर (कान), आई (आंख) की सही स्पेलिंग तक नहीं आती। इतना ही नहीं दिनों के नाम और फादर, मदर, ब्रदर, सिस्टर की स्पेलिंग भी नहीं आती और वे कक्षा में बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। बकायदा ब्लैक बोर्ड में गलत लिखा भी था। उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।   बलरामपुर जिले के प्राथमिक पाठशाला मचानडांड कोगवार के शिक्षक प्रवीण टोप्पो को बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में शिक्षक, बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे। उन्हें भी उन शब्दों की स्पेलिंग नहीं आती थी। वीडियो में शिक्षक Nose की जगह 'Noge', Ear की जगह 'Eare' और Eye की जगह 'ley' पढ़ाते दिख रहे थे। बच्चों को दिन के नाम, शरीर के अंगों के नाम और माता, पिता, भाई, बहन के अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग भी ब्लैक बोर्ड पर गलत लिखकर दिया गया था।   शिक्षा विभाग की हो गई किरकिरी यह वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी शुरू हो गई थी। शिक्षक की योग्यता और ज्ञान पर उठ रहे सवालों के बीच जिला शिक्षा अधिकारी एमआर यादव ने आरोपों की जांच कराई। संकुल समन्वयक को स्कूल भेजा गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों को गलत स्पेलिंग लिखना सिखाया गया है। इसी के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस विद्यालय में कुल 42 बच्चे हैं। यहां दो शिक्षकों की पदस्थापना थी। इनमें से एक को निलंबित कर दिया गया है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चे अगर गलत स्पेलिंग सीखेंगे तो उनका भविष्य अंधेरे में जाएगा। कोगवार प्राइमरी स्कूल में दूसरे शिक्षक लाए जाएं, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

धान तस्करी पर पुलिस की सख्ती: 210 बोरी बरामद, तीन वाहनों के चालक व मालिक बुक

बलरामपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान खरीदी के समय बिचौलिए सक्रिय हो चुके हैं. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से वाहनों में बड़ी मात्रा में धान का अवैध परिवहन किया जा रहा है. धान बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में वाड्रफनगर के चर्चरी गांव में तीन पिकअप वाहन से 210 धान बोरी पकड़ाया है. देर रात करीब 1:30 बजे खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रेड मारकर यह कार्रवाई की है. मामले में सख्त एक्शन लेते हुए तीनों चालक और वाहन मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है. जानकारी के मुताबिक, गोपनीय सूचना के आधार पर वाड्रफनगर एसडीएम के निर्देश पर ग्राम चरचरी में अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई की गई. रात लगभग 1:30 बजे. चरचरी में अवैध धान परिवहन करते तीन (03) पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिसमें भारी मात्रा में धान लदा हुआ था. तीनों वाहनों में 70-70 बोरी लदे हुए थे. पूछताछ में वाहन चालक ने बताया गया कि उक्त धान उत्तर प्रदेश राज्य से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित धान खरीदी केन्द्र में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले वाहन चालक पूछताछ के दौरान तीनों पिकअप के वाहन चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. तीनों वाहन को थाना रघुनाथनगर में लाया गया और सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के लिए टीआई को सुपुर्द किया गया. फिलाहास वाहन मालिक और चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.

सब्जी बेचने वाला बना समिति संचालक: महिला से 5.40 लाख की ठगी कर फरार

रायपुर सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है। संस्था में निवेश का दिया लालच साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए। इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई। आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है।

बाएं की जगह दाएं घुटने का ऑपरेशन, फिर दोनों की कर दी सर्जरी—हाईकोर्ट सख्त, जांच के निर्देश

बिलासपुर ईएसआईसी योजना के तहत उपचार करा रही एक गरीब महिला के साथ हुई गंभीर चिकित्सीय लापरवाही को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने बिलासपुर के लालचंदानी अस्पताल और आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में किए गए गलत घुटने के ऑपरेशन को लेकर पूर्व गठित जांच समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति न तो नियमों के तहत गठित थी और न ही इसकी प्रक्रिया वैध थी। कलेक्टर को अब नई उच्चस्तरीय समिति बनाकर चार माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ईएसआईसी योजना के तहत दयालबंद निवासी शोभा शर्मा का उपचार पहले लालचंदानी अस्पताल में शुरू हुआ। बाद में उन्हें ऑपरेशन के लिए आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भेजा गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने बाएं घुटने की जगह गलती से दाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। इस गंभीर भूल पर आपत्ति जताए जाने के बाद बिना पूरी तैयारी और आवश्यक जांच के जल्दबाजी में बाएं घुटने का भी ऑपरेशन कर दिया गया। चलने-फिरने में असमर्थ हो गई दोनों ऑपरेशनों के बाद भी उनकी समस्या खत्म नहीं हुई और स्थिति बिगड़ती गई, जिससे वे सामान्य चलने-फिरने और काम करने में असमर्थ हो गईं। इस मामले की शिकायत पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसने दोनों अस्पतालों को क्लीन चिट दे दी। हाई कोर्ट ने पाया कि यह समिति न तो विधिपूर्वक गठित थी और न ही इसका अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी था, जो नियम 18 में अनिवार्य है। चार महीने में जांच पूरी करने को कहा कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वह नई उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन करें और चार माह में जांच पूरी करें। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण न्याय की लड़ाई लड़ना संभव नहीं था, लेकिन प्रो बोनो कानूनी सहायता मिलने से वे कोर्ट तक पहुंच सकीं। चिकित्सीय लापरवाही के कारण वे आज भी सामान्य दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं।

भारी कोहरे का असर: रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें और बदला मार्ग

रायपुर कोहरे के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद कर दिया है और कुछ ट्रेनों के मार्ग परवर्तित कर दिए हैं। इसमें सबसे ज्यादा सारनाथ एक्सप्रेस को एक दिसंबर से 15 फरवरी 2026 तक 76 दिनों के लिए रद किया गया है। यह ट्रेन लगभग ढाई महीने तक दोनों दिशाओं से प्रभावित रहेगी। इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटानगर इतवारी और उत्कल एक्सप्रेस प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि रेल यात्री अपनी यात्रा से पहले रद ट्रेनों की पूरी जानकारी ले लें, ताकि वो अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। ये ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी कोहरे के कारण उत्तर और बिहार की ओर जाने वाली कुछ अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें भी इन 76 दिनों के दौरान अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी।     15159 सारनाथ एक्सप्रेस (दुर्ग-छपरा):     दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31     जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31     फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14     15160 सारनाथ एक्सप्रेस (छपरा-दुर्ग):     दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30     जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29     फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15     18109-18110 टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस     18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     18175-18176 हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     68029-68030 राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू ट्रेन 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।     13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 21, 28 नवंबर व 5 और 12 दिसंबर को रद रहेगी।     13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर व 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।     18125-18126 राउरकेला-पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर, 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।     18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 18, 25 नवंबर और 9 व 16 दिसंबर को रद रहेगी।     18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 19, 25 नवंबर व 10 व 17 दिसंबर को रद रहेगी। बदले रूट से चलेंगी ये ट्रेनें 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 21, 28 नवंबर फिर 5 और 12 दिसंबर को ईब से झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी से कटक होकर चलेगी। 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 25 नवंबर फिर 8 व 15 दिसंबर को कटक से संबलपुर सिटी, झारसुगुड़ा से ईब होकर चलेगी। 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेसः 17, 24 नवंबर फिर 1, 8 व 15 दिसंबर को यह ट्रेन झारखंड के कांड्रा से सीनी होकर चलेगी। ये तीनों ट्रेनों टाटानगर नहीं जाएंगी।

सुरक्षा और सफाई दोनों पर नजर: रायगढ़ में CCTV कैमरे लगाए गए

रायगढ़ रायगढ़ शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरे अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता की निगरानी भी कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों पर नियंत्रण पाने के लिए यह पहल की है। इसके तहत नगर निगम इन कैमरों के फुटेज के आधार पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगा रहा है। हाल ही में आलोक सिटी माल और होटल एकार्ड प्रीमियम जैसे प्रतिष्ठानों सहित एक व्यक्ति को कैमरे द्वारा पकड़े जाने पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ा है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गों पर कचरा फेंका जा रहा था। इसे रोकने के लिए समझाइश दी गई और कई स्थानों पर रंगोली, गमले और गार्बेज फ्री केंद्र बनाए गए। इसके बावजूद लोग सड़क पर कचरा फेंकना नहीं छोड़ रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर कचरा फेंकने वालों की पहचान की गई है। इस पहल के तहत बुधवार से अब तक तीन व्यक्तियों से कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। आयुक्त ने कहा कि शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब नगर निगम प्रशासन इन कैमरों का उपयोग स्वच्छता की निगरानी में भी कर रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लंबी छलांग भारत सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में तीन लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायगढ़ को 56वां स्थान मिला है। यह पिछले साल की तुलना में एक सुधार है, जिसमें शहर को 95वां स्थान मिला था। रैंकिंग में बेहतर नंबर की वजह नगर निगम का सफाई व्यवस्था पर बेहतर काम करना, चौक-चौराहों की रंगाई-पुताई के साथ कई आकर्षक कलात्मक कार्यों से स्वच्छता का संदेश देना रहा।  

सुकमा मुठभेड़ में माओवादियों को बड़ा झटका, स्नाइपर स्पेशलिस्ट सहित तीन ढेर

सुकमा  सुकमा जिले के भेज्जी–चिंतागुफा सीमावर्ती तुमालपाड़ जंगल में रविवार सुबह डीआरजी (जिला रिजर्व गर्द) टीम और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 15 लाख के इनामी तीन माओवादियों को मार गिराया है। इनमें कुख्यात जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है। मुठभेड़ स्थल से 303 राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर्स) और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। मारे गए माओवादियों के नाम माड़वी देवा जो जनमिलिसिया कमांडर स्नाइपर स्पेशलिस्ट एरिया कमेटी सदस्य था। पोड़ियम गंगी, सीएनएम कमांडर और सोड़ी गंगी, किस्टाराम की एरिया कमेटी सदस्य (इंचार्ज सचिव) है। 9 जून को आईईडी की चपेट में आने से एएसपी आकाश राव शहीद हो गए थे, आज मुठभेड़ में मारा गया माड़वी देवा उस घटना का मास्टर माइंड था। खबर की पुष्टि करते हुए एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि जवान मौके पर मौजूद है और हम उनके संपर्क में है। जानकारी के मुताबिक जिले के चिंतागुफा और भेज्जी थानाक्षेत्र के कारीगुंडम इलाके में आज सुबह डीआरजी जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बताया जाता है कि जवान जब सर्चिंग करते हुए उस इलाके में पहुंचे तो घात लगाए बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया उधर जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कारवाई की। इस मुठभेड़ में एसीएम रैंक के तीन नक्सली मारे जाने की खबर है और हथियार भी बरामद हुए। फिलहाल मुठभेड़ रुक गई है और जवान इलाके को सर्चिंग कर रहे है। जैसे ही जवान वापस लौटेंगे तब पूरी जानकारी मिल पाएगी। कुल 450 माओवादी मारे गए मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) द्वारा व्यापक सर्चिंग की जा रही है। बस्तर रेंज के आइजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर में माओवाद अब अंतिम चरण में है और पिछले दो वर्ष में विभिन्न स्तरों के कुल 450 माओवादी मारे जाने ने संगठन की कमजोरी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि अब माओवादी कैडरों के पास हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। बीजापुर में मारे गए थे 6 माओवादी सुकमा और बीजापुर दोनों जिलों में पिछले एक सप्ताह में लगातार मुठभेड़ हुई हैं। पिछले मंगलवार को बीजापुर में छह माओवादी मारे गए थे। पिछले दो साल में बस्तर संभाग में 447 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें कई बड़े कैडर और शीर्ष रैंक के नेता भी शामिल हैं। लगातार कार्रवाई से माओवादियों की गतिविधियों पर बड़ी रोक लगी है और संगठन पर दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

266 करोड़ की केशकाल बाइपास सड़क परियोजना में अड़चन

रायपुर बस्तर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे क्रमांक 30 में केशकाल घाट के विकल्प के रूप में 266 करोड रुपए की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क 7 साल बाद भी अधूरी पड़ी है. इस परियोजना को बनाने के लिए राजमार्ग विभाग को स्क्रीनिंग कमेटी नई दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार है. इधर केशकाल घाट में लगने वाले जाम से प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग परेशान हो रहे हैं. 11.38 किमी लंबी फोरलेन युक्त बाइपास सड़क को बनाने का कार्य 7 साल पहले शुरू किया गया था, किंतु ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया, इसलिए कार्य अधूरा पड़ा है. बताया गया कि वर्ष 1918 में केशकाल घाट के चौथे मोड़ से लेकर सिंघनपुर की तरफ 11.38 किमी लंबी बाइपास सड़क बनाने का ठेका राजमार्ग विभाग ने मुंबई की वालेचा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था. उसने अपना यह कार्य चेन्नई की किसी श्रीराम कंट्रक्शन को दे दिया था. करीब ढाई किमी लंबा अर्थवर्क करने के बाद यह कंपनी कारोबार समेटकर भाग गई है. तब से बाइपास का निर्माण अधूरा पड़ा है. 6 महीने पहले भेजी गई है फाइल बताया गया कि 266 करोड रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबी बाईपास सड़क को फोर लाइन करना है. इस मार्ग में दो बड़े पुल और सात मध्यम पुल का निर्माण भी किया जाना है. पूरी फॉर्मेलिटी करने के बाद रिपोर्ट नईदिल्ली स्थित स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी गई है. बताया गया की 6 महीने पहले भेजी गई इस रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है इसलिए बाईपास निर्माण शुरू नहीं हो पाया है. 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही इधर केशकाल घाट में लगातार जाम लगने की वजह से हजारों लोग परेशान हो रहे हैं बताया गया कि प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग केशकाल घाट होकर आना-जाना करते हैं इसलिए नेशनल हाईवे क्रमांक 30 को बस्तर की जीवन रेखा कहा जाता है. इस संदर्भ में बस्तर का नागरिकों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए भी बड़े आंदोलन की दरकार है. 6.97 करोड से संवर रही बस्तर की सड़क केशकाल नगरवासियों द्वारा आंदोलन और चक्का जाम करने के बाद अब राजमार्ग विभाग ने केशकाल की सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. इसके लिए 6 कार्य तेजी से जारी है. इस संदर्भ में लोगों का कहना है कि शासन को लोगों की समस्या नजर क्यों नहीं आती. हर बार सरकार को जगाने के लिए जनआंदोलन जरूरी हो गया है.

कोनी को मिला नया संभागायुक्त कार्यालय, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण अरपा नदी के तट पर लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया गया है। उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त कार्यालय भवन में बेसमेंट सहित भूतल तथा प्रथम तल का निर्माण किया गया है। प्रत्येक तल का निर्माण क्षेत्र 1620 वर्गमीटर है। भूतल में 10 कक्ष और एक विशाल हॉल निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रथम तल में 12 कक्ष, एक हॉल और अलग से प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। भवन में संभागायुक्त एवं अपर आयुक्त के कक्ष, न्यायालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा उपायुक्त (राजस्व), विकास, लेखा अधिकारी के कार्यालय कक्षों के साथ पृथक स्टाफ रूम भी शामिल हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्रीअरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का भव्य अनावरण, मुख्यमंत्री बोले—हमारी गौरवशाली विरासत

बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी।  वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।     इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला,  महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।