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रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष  के उपलक्ष्य में 08 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों एवं रिजॉर्ट्स के साथ‑साथ पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में भी विविध रचनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नए आयाम देना है।     इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन बोर्ड ने 08 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई दृष्टि से सामने लाना तथा युवा और शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सशक्त मंच प्रदान करना है।     प्रतियोगिता में भारत के किसी भी हिस्से से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकेंगे। प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित मौलिक फोटोग्राफ निर्धारित ईमेल it@visitcg.in के जरिए अपलोड करनी होगी, साथ ही अपना नाम, आयु, मोबाइल नंबर, पता और फोटो का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।     प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, तकनीकी गुणवत्ता, विषय के अनुरूपता और पर्यटन मूल्य जैसे मानदंडों के आधार पर विशेषज्ञ ज्यूरी द्वारा किया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 19 दिसंबर को की जाएगी।  प्रथम पुरस्कार के रूप में हिल इको रिसॉर्ट में 02 व्यक्तियों के लिए 02 रात 03 दिन ठहरने की व्यवस्था, द्वितीय पुरस्कार के रूप में सोनभद्र टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब में 02 व्यक्तियों के लिए 01 रात 02 दिन ठहरने की सुविधा तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 1500 रुपये नकद राशि प्रदान की जाएगी, साथ ही विजेताओं को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।     उत्कृष्ट फोटोग्राफ को भविष्य में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थान देने पर भी विचार किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यापक पहचान मिल सकेगी। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि युवाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति और फोटोग्राफी कला के प्रति रुचि भी सशक्त रूप से बढ़ाएंगी, इसलिए राज्य के फोटोग्राफरों, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए +91-89823-25900 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात

रायपुर : नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  दिया बड़ा तोहफ़ा रायपुर कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।           निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर           मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी

रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी बहुफसली खेती से पूरे वर्ष मिल रहा लाभ रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सरगुजा जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए डबरियों का निर्माण लगातार लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम कुम्हरता की सूरत कुमारी भी इसी का सफल उदाहरण हैं, जिन्होंने मनरेगा अंतर्गत अपने खेत में डबरी बनवाकर अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण की जानकारी मिलते ही सूरत कुमारी ने रोजगार सहायक से संपर्क कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वर्ष 2024-25 में उन्हें 2.99 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई और उन्होंने 30×30 आकार की डबरी का निर्माण कराया। वर्तमान में डबरी में लगभग छह फीट पानी भरा है, जो सालभर उनकी खेती को सहारा दे रहा है। सूरत कुमारी के पास तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां पहले केवल बारिश के मौसम में धान की खेती हो पाती थी। गर्मी और सर्दी में सिंचाई की सुविधा न होने के कारण खेत खाली पड़े रहते थे। लेकिन डबरी बनने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनकी भूमि पर अब सालभर बहुफसली खेती हो रही है। वे सब्जी, गेहूं, अरहर सहित कई फसलें ले रही हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डबरी निर्माण से 1231 मानव-दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के कई लोगों को काम मिला। खेती के साथ-साथ सूरत कुमारी ने डबरी में मछलीपालन भी शुरू कर दिया है। उन्होंने इस साल पांच किलो मछली बीज डाला है, जिनकी ग्रोथ संतोषजनक है और इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। सूरत कुमारी बताती हैं कि डबरी निर्माण ने उनकी आजीविका को सुरक्षित और स्थायी बना दिया है। खेती-बाड़ी के साथ-साथ अब मछलीपालन उनकी आय का नया स्रोत बन गया है। उन्होंने शासन की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अब वे खुद अन्य ग्रामीणों को भी योजना का लाभ लेने प्रेरित कर रही हैं।

रायपुर : डबरी बनी खुशहाली की राह : किसान हिरमाराम की आमदनी हुई दोगुनी, सालाना बढ़ी एक लाख रुपये तक

रायपुर मनरेगा से निर्मित एक छोटी-सी डबरी ने किसान हिरमाराम के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। डबरी बनते ही पहली ही बारिश का मौसम उनके लिए सौभाग्य लेकर आया। डबरी पानी से भर गई और हिरमाराम ने धान खेती के साथ-साथ मछली पालन भी शुरू कर दिया। उन्होंने 5 किलो मछली बीज डालकर पालन शुरू किया, जिससे उन्हें हर साल लगभग एक लाख 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने लगी। मनरेगा से 2 लाख 94 हजार रुपये की स्वीकृति से बनाई डबरी            सुकमा जिले में कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में शासकीय योजनाओं का प्रभाव तेजी से दिखाई दे रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन आजीविका से जुड़ी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचा रहा है।  ग्राम पंचायत रामाराम के किसान हिरमाराम, जिनके पास केवल 2 एकड़ जमीन है, पहले सिर्फ बारिश के दिनों में ही खेती कर पाते थे। सिंचाई की सुविधा न होने से बाकी समय खेत खाली रहते थे और परिवार की आय भी बहुत कम थी। ग्रामसभा में जब उन्हें मनरेगा के तहत डबरी निर्माण की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। ग्राम पंचायत ने 2 लाख 94 हजार रुपये की स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराया। डबरी बनने से नियमित आमदनी का साधन मिला          हिरमाराम खुशी से बताते हैं कि पहले उनकी आय सिर्फ खेती पर निर्भर थी, लेकिन डबरी बनने से उन्हें नियमित आमदनी का नया साधन मिल गया है। वे कहते हैं कि मनरेगा ने मुझे आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूं। यह डबरी अब उनके परिवार की खुशहाली का स्थायी आधार बन चुकी है।

रायपुर : प्रदेश में गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी। कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही मंय दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा। इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत लगेगा विशेष कृषि शिविर

 रायपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत लगेगा विशेष कृषि शिविर रबी क्षेत्र विस्तार एवं दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने कृषि विभाग करेगा जागरूकता शिविरों का आयोजन  रायपुर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025-26 से शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है।  इसमें सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया हैए, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और देश को दालों सहित विभिन्न फसलों में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन का समर्थन किया जा सके। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।   किसानों आधुनिक खेती से जोडकर लाभान्वित करना है           शिविरों में जशपुर जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाईयों तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा            जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं। कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर          शिविर के दौरान जिले के जशपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।

रायपुर : धान बिक्री से मिले पैसों से किसान जगतराम चौहान करेंगे बेटे की शादी

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुंवा के किसान जगतराम चौहान ने अपनी धान उपज को धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में बेचकर एक बड़ी खुशी को साकार करने की तैयारी शुरू कर दी है। लगभग 3 एकड़ भूमि में अपनी मेहनत की कमाई धान की बिक्री से प्राप्त राशि और अपनी जमा पूंजी को मिलाकर वे अपने बेटे की शादी करने का सपना पूरा करेंगे।           किसान जगतराम चौहान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिलने से किसान बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की अनुमति हेतु विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ऑनलाइन टोकन सिस्टम से अब प्रक्रिया अत्यंत आसान हो गई है। पहले टोकन लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे ही टोकन प्राप्त किया जा सकता है।         धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र में बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, हमालों की उपलब्धता, पीने का पानी, अच्छा बारदाना और अन्य सुविधाएँ किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देतीं। किसान जगतराम चौहान की यह सफलता कहानी न केवल सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि किसानों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी प्रमाण है।

नक्सली वारदात: ठेकेदार बंधक, साथी ने भागकर दी सुरक्षा बलों को सूचना

बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी मिली है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक ठेकेदार इम्तियाज़ अली के साथ काम कर रहे उसके एक सहयोगी ने किसी तरह मौके से जान बचाकर भागने में सफलता पाई। वह सीधे इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप पहुंचा, जहां उसने पूरी घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। ठेकेदार इम्तियाज़ अली के सहयोगी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता मौके पर पहुंचा और ठेकेदार को अपने साथ जंगल की ओर ले गया। मामले की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, “ठेकेदार के साथ काम करने वाला उसका एक साथी हमारे कैंप में पहुंचा है। उसने बंधक बनाए जाने की जानकारी दी है। हमारी टीमें घटना की तस्दीक कर रही हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।” घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नक्सलियों ने ठेकेदार को किस उद्देश्य से उठाया है। गौरतलब है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास कार्यों को गति देती हैं। इसी कारण ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव व हमलों की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें ठेकेदार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में जुटी हैं। घटना पर आगे के अपडेट का इंतज़ार है।

मुख्यमंत्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल

रायपुर, सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सुनवाई का नया अवसर: दुर्ग पुलिस हर रविवार करेगी पुरुषों की शिकायतों का निपटारा

दुर्ग  पारिवारिक विवादों में निष्पक्षता और संतुलन की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की है। महिला थाना, दुर्ग के पारिवारिक परामर्श केंद्र में अब पुरुष पक्ष की भी समस्याओं की आधिकारिक सुनवाई होगी। यह पहली बार है जब प्रदेश में किसी महिला थाना ने पुरुषों के लिए भी अलग परामर्श व्यवस्था शुरू की है। रविवार, 07 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग की उपस्थिति में इस नई व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान ही 8 पुरुष आवेदकों की शिकायतों पर सुनवाई की गई, जहाँ उन्हें काउंसलरों और पुलिस अधिकारियों ने कानूनी व मानसिक सहायता उपलब्ध कराई। एसपी ने व्यक्तिगत रूप से सभी आवेदनों को सुना और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  क्यों जरूरी पड़ा यह कदम? कई पुरुष आवेदकों ने शिकायत की थी कि पारंपरिक महिला परामर्श केंद्रों में उनकी बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिवार को बचाने, दोनों पक्षों को समान अवसर देने, और निष्पक्ष समाधान तक पहुँच बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने पुरुष काउंसलरों की नियुक्ति कर यह नई व्यवस्था लागू की।  नई व्यवस्था कैसे काम करेगी? अब हर रविवार पुरुष अपनी किसी भी पारिवारिक या वैवाहिक समस्या लेकर यहाँ आ सकेंगे। पुरुष एवं महिला काउंसलरों की संयुक्त टीम उनकी बात सुनेगी।  कानूनी सहायता, पारिवारिक समन्वय और व्यवहारिक समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी निगरानी में उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी पक्ष को उपेक्षित महसूस न हो। काउंसलिंग में उपस्थित रहे अधिकारी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे अशोक जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) – पुरुष काउंसलर ,रत्ना डाकलिया एवं मोनिका सिंह  महिला काउंसलर,पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW),भारती मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW),नीता राजपूत, थाना प्रभारी महिला थाना पुलिस स्टाफ एवं अन्य सदस्य सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि महिला थाना अब परिवार को जोड़ने का केंद्र बनेगा, न कि केवल शिकायत सुनने का स्थान। एसपी दुर्ग का स्पष्ट संदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए “प्रत्येक शिकायत निष्पक्ष रूप से सुनी जाए। किसी भी पक्ष को कमतर न समझा जाए। हमारा उद्देश्य परिवार को टूटने से बचाना और न्यायपूर्ण संस्कृति स्थापित करना है।