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धान खरीदी सीजन शुरू: मुख्यमंत्री साय बोले—किसानों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर प्रदेश में तयशुदा कार्यक्रम के हिसाब से आज से धान खरीदी शुरू हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है.     आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर फिर शुरुआत हुई है छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की । यह धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी. किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकेंगे. धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे. धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है. धान अवैध बिक्री पर रोक प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं. अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है. धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को लेना पड़ेगा टोकन रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है. टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है. जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं. किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं. जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है. मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. कितने टोकन पर कितनी धान बिकेगी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा. 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे.

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तेज़: टेट की तारीख जारी, सेट नोटिफिकेशन का इंतज़ार खत्म होने वाला

रायपुर एससीईआरटी द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट-26) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 नवंबर गुरुवार से शुरू हो चुकी है। आठ दिसंबर तक आनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। स्कूल शिक्षकों के लिए टेट की परीक्षा फरवरी 2026 में होगी। साथ ही कॉलेज में शिक्षकों के लिए सेट की परीक्षा भी मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इसके लिए दिसंबर 2025 में अधिसूचना जारी हो सकती है। सरकार ने स्कूलों में 5,000 और कालेजों में 700 पदों पर सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद कालेजों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। अब स्कूलों के लिए टेट परीक्षा के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। एक बार पास करने पर आजीवन वैधता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने भर्ती परीक्षा कराने से पहले स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए पात्रता परीक्षा कराने के लिए विभागों को कहा है। टेट के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के प्रस्ताव पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (सीजी व्यापमं) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश में अभी तक 2011, 2014, 2016, 2017, 2019, 2022 और 2024 में टेट परीक्षा हो चुकी है। एक बार परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद इसकी वैधता आजीवन रहेगी। वहीं कालेजों के लिए सेट परीक्षा सातवीं बार होगी। यह है टेट-सेट टेट राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 2010 में अनिवार्य किया गया था। यह परीक्षा तय करती है कि कोई उम्मीदवार कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने के योग्य है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे, खासकर वे जिन्हें पदोन्नति की उम्मीद थी। इसी तरह कॉलेजों में सेट एक राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है, जो विश्वविद्यालयों और कालेजों में सहायक प्राध्यापक बनने के लिए अनिवार्य है। इसे यूजीसी की अनुमति से प्रत्येक राज्य आयोजित करता है। विभाग से मिल चुकी है मंजूरी स्कूलों में पांच हजार और कॉलेजों में 700 शिक्षक समेत अन्य पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। भर्ती के लिए स्वीकृत पदों में सहायक प्राध्यापक के 625 पद शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद हैं। इनकी नियुक्ति से महाविद्यालयों में खेलकूद और शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्य के स्कूलों में कुल एक लाख 88 हजार 721 शिक्षक कार्यरत हैं, जिसमें से सरकारी स्कूलों में एक लाख 86 हजार 657 शिक्षक हैं। जबकि शिक्षकों के करीब 40 हजार पद खाली हैं। इसी तरह कालेजों में लगभग 2,600 सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद टेट के लिए बढ़ी सक्रियता एक सितंबर 2025 को उच्चतम न्याय ने शिक्षा जगत से जुड़े हजारों शिक्षकों पर असर डालने वाला आदेश सुनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब नौकरी और पदोन्नति चाहने वाले सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास करनी अनिवार्य होगी। यह आदेश पूरे देश के सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा। लेकिन अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त स्कूलों को इसमें छूट दी गई है। जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से ज्यादा का समय शेष है, उन्हें हर हाल में टीईटी पास करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेनी पड़ेगी। वहीं जिनकी सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए टीईटी देना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन अगर वे पदोन्नति चाहते हैं तो परीक्षा पास करनी होगी।

माओवादी संगठन को करारा झटका, तेलंगाना में आठ सदस्यों ने हथियार डाले

जगदलपुर तेलंगाना माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। राज्य की स्टेट कमेटी के दो शीर्ष नेताओं सहित कुल आठ माओवादियों ने वारंगल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के अनुसार ये सभी माओवादी दो दिन पहले ही गुपचुप तरीके से समर्पण कर चुके हैं। सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे प्रमुख नाम कोय्यादी संबय्या उर्फ आजाद का है। आजाद बीकेएसआर डिवीजन कमेटी का सचिव रह चुका है और दशकों तक माओवादी संगठन में रणनीतिक भूमिका निभाई है। उसका संगठन में प्रभाव और पकड़ बेहद मजबूत माना जाता था। इसके अलावा, अब्बास नारायण उर्फ रमेश, जो माओवादी तकनीकी टीम का प्रभारी था, ने भी आत्मसमर्पण किया। रमेश लंबे समय से रामागुंडम क्षेत्र में सक्रिय था। सूत्रों का कहना है कि आजाद और स्टेट कमेटी के शीर्ष नेता दामोदर के बीच लंबे समय से चल रहा मतभेद और अंदरूनी टकराव इस आत्मसमर्पण का बड़ा कारण है। आजाद मुलुगु जिले के मोद्दुलागुडेम गांव का निवासी है। यदि पुलिस की ओर से पुष्टि होती है, तो यह कदम तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए गंभीर झटका माना जाएगा और संगठन की कार्यप्रणाली पर इसका व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

जीण माता वार्षिकोत्सव: दो दिवसीय आयोजन आज से, भक्तों में खास उत्साह

 भाटापारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जीण माता मंदिर परिसर में भव्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री जीण माता मंदिर अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस शुभ अवसर पर आज एवं कल दो दिवसीय श्री जीण महोत्सव 2025 का आयोजन होगा। पहले दिन यानी आज रात 8 बजे से भजन संध्या आयोजित होगी, जिसमें भजन गायिका कनिका ग्रोवर (नीमच) और सुरेश राजस्थानी (रायपुर) अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के भजन गायक दुकालु यादव भी भक्तिमय भजनों से माहौल को संगीतमय बनाएंगे। 16 नवंबर, रविवार को दोपहर 12:30 बजे से महा मंगलपाठ का आयोजन होगा। इसमें आमंत्रित वाचक रवीश सोनम सोनी (जयपुर) आध्यात्मिक वाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे, जबकि भजन गायक मास्टर गुरु गुलशन विशेष प्रस्तुति देंगे।

टमाटर खेती से हो रहा लाभ: किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी और आत्मनिर्भरता

रायपुर : टमाटर की खेती से किसान बन रहे आत्मनिर्भर  टमाटर की खेती से हो रहा लाभ रायपुर शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं उद्यानिकी फसलों की असीम संभावनाओं के कारण अब राजनांदगांव जिले के किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखण्ड राजनांदगांव के ग्राम गातापारखुर्द के प्रगतिशील किसान  सुरेश सिन्हा ने आधुनिक पद्धति से पॉलीहाउस में टमाटर की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने टमाटर की ‘माल्या वैरायटी’ की फसल लगाकर लगभग 2 लाख 35 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया है।  सिन्हा ने बताया कि पॉलीहाउस में उपयुक्त तापमान बनाए रखते हुए मल्चिंग विधि का उपयोग किया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई। टमाटर की बाजार में अच्छी मांग होने से प्रति क्विंटल 700 से 800 रूपए की दर प्राप्त हुई। यहां उत्पादित टमाटर कोरबा, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित स्थानीय बाजारों में भी भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 17 लाख रूपए का शासन द्वारा अनुदान प्राप्त हुआ। पॉलीहाउस की कुल लागत 34 लाख रूपए रही। इसके अतिरिक्त पैक हाउस निर्माण हेतु 2 लाख रूपए का अनुदान तथा दवाई छिड़काव के लिए स्ट्रिप मशीन पर 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया गया।  सिन्हा के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 8 एकड़ में धान एवं 7 एकड़ में सब्जियों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1.5 एकड़ में लौकी की फसल से लगभग 35 टन उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 50 प्रतिशत की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई। पॉलीहाउस में टमाटर के साथ खाली स्थान का उपयोग करते हुए उन्होंने मिश्रित खेती के रूप में फूलगोभी, नवलकोल, प्याज और मूली की फसलें भी लगाई हैं।  सिन्हा ने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों की खेती से तीन से चार गुना अधिक आमदनी होती है। इसमें कम पानी की आवश्यकता होती है और एक वर्ष में तीन से चार फसलें ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त होता रहता है, जिससे खेती में नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए

रायपुर : प्रदेश में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर तैयारियां पूरी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए रायपुर :धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में होगी कड़ी कार्रवाई रायपुर राज्य में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर सभी खरीदी केन्द्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य के सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था की जा रही हैं। कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जिलों में दौरा कर धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का मुआयना कर रहे हैं। राज्य में इस साल किसानों से धान खरीदने के लिए 2739 उपार्जन केंद्रों बनाए गए हैं। सभी केन्द्रों में धान खरीदी के साथ-साथ क्रय धान के उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसानों को असुविधा न हो। राज्य में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अन्य राज्यों के सीमा में चेक पोस्ट स्थापित कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। धान की सुरक्षा हेतु खरीदी केन्द्रों में आवश्यकतानुसार ड्रेनेज एवं तारपोलिन आदि की व्यवस्था और उचित स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने भी लगाए जा रहे हैं, ताकि धान खरीदी परिसर और वहां की व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।  धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समितियों में माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, ताकि धान बेचने आने वाले किसान तात्कालिक खर्चे के लिए आवश्यक राशि का आहरण कर सके।

बिहार चुनाव परिणाम पर बघेल का वार: NDA नहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त जीते

रायपुर बिहार चुनाव में NDA की जीत तय मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसा है। उन्होंने कहा, गिनती पूरी नहीं हुई है। जो रिजल्ट है उसमें और ग्राउंड रिपोर्ट में कही मेल नहीं है, इसका श्रेय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाता है, ऐसा करिश्मा केवल निर्वाचन आयोग कर सकता है। ग्राउंड रिपोर्ट बदलाव का था। अमित शाह के सभाओं में भी कुर्सियां खाली थी। साफ संकेत है कि हरियाणा, महाराष्ट्र में हुआ वही बिहार में हुआ है। जो महाराष्ट्र का स्ट्राइक था वहीं यहां भी दिख रहा है। बिना मैकेनिज्म के ये संभव नहीं है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस SIR का विरोध करेगी। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, समय बढ़ाने की बात है। हम SIR का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि आपको प्रूफ करना है कि आप मतदाता हैं। गरीब आदमी फोटो खिंचवाने और अन्य तरह के खर्चे कैसे करेगा। SIR के विरोध में छत्तीसगढ़ में क्या करना है ये पार्टी तय करेगी। यहां गरीब आदिवासियों के नाम कटेंगे। प्रदेश में अब तक नहीं खुले एक भी गौ अभ्यारण्य मामले में भूपेश बघेल ने कहा, विधानसभा में हर बार घोषणा करते हैं, 2 साल से सुन रहे हैं। बघेल ने कहा – गृहमंत्री के खिलाफ बोलते ही जब्त हो गई संपत्ति ED ने की चैतन्य बघेल की संपत्ति जब्त की है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किया है। बघेल ने कहा, एजेंसी स्वतंत्र नहीं है। बीजेपी एफिडेविट जमा करने कैसे कह सकती है? पैतृक संपत्ति को जब्त कर लिया है। अमित शाह के खिलाफ बोला, आतंकी घटना है ये मानने के लिए 48 घंटे लग गए। गृह मंत्री की लापरवाही है, ऐसा कहते ही संपत्ति जब्त हो गई। छत्तीसगढ़ का सब कुछ जब्त हो रहा है। हम आवाज उठाते हैं तो हमारी संपत्ति जब्त होती है। हजार साल पुराना नाट्य शाला है उस धरोवर को भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। मंत्री नेताम के बयान पर बघेल ने किया पलटवार कोचिया चलाते हैं कांग्रेस पार्टी। मंत्री रामविचार नेताम के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा, रामविचार नेताम के जिले में धान कोचियाई का काम होता है। नकली होलोग्राम से शराब बिक्री इनके सरकार में हो रही है। हमारे बहाने मुख्यमंत्री पर रामविचार नेताम आरोप लगा रहे हैं।

कैबिनेट की बैठक सम्पन्न, महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर

रायपुर धान खरीदी की शुरुआत से पहले आज साय कैबिनेट की बैठक हुई. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है. देखिए कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण फैसले     मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया. यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है. दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है.     मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.     मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रूपये 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया.     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना हेतु पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता हेतु निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई. अ) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परन्तु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी. ब) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले.

वीरेंद्र तोमर को पांच दिन की रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा, पुलिस ने जेल भेजने की अर्जी तैयार की

रायपुर पांच महीने की फरारी के बाद ग्वालियर में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेन्द्र सिंह तोमर से पुलिस की पूछताछ पूरी हो गई है. पुलिस शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करगी और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आग्रह किया जाएगा. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज दो केस आर्म्स एक्ट और सूदखोरी, ब्लैकमेल और वसूली केस में पूछताछ की है. घर के लॉकर में मिले हथियार को आरोपी ने अपने सुरक्षा गार्ड का बताया है जबकि क्षत्रिय करणी सेना से जुड़े लोगों द्वारा फरारी के दौरान मदद करने की जानकारी उसने दी है. दूसरी तरफ हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर समेत अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है. पीड़ित अब भी डरे हुए हैं इसलिए नहीं कराया आमना-सामना पुलिस ने पूछताछ के दौरान रिपोर्टकर्ता पीड़ितों और आरोपी का आमना-सामना नहीं कराया. बल्कि जब्त एग्रीमेंट, चेक और प्रॉपर्टी के एक-एक दस्तावेजों को लेकर आरोपी से पूछताछ की. पुलिस ने दिए गए कर्ज की राशि, तय ब्याज और वसूली गई राशि से संबंधित दस्तावेजों की भी जानकारी ली है. ताकि उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सके. पुलिस का दावा है कि पीड़ित लोग हिस्ट्रीशीटर वीरेन्द्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर की फरारी के दौरान भी भयभीत रहे हैं. अभी रोहित सिंह तोमर फरार है. उसके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं. रोहित तोमर और केस में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की गई है. पुलिस वालों के घर घुसकर आंदोलन की चेतावनी क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसमें हिस्ट्रीशीटर वीरेन्द्र सिंह तोमर का जुलूस निकालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को गलत बताया गया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ आकर रायपुर में आंदोलन करने की चेतावनी दी है. साथ ही कहा है कि जिन पुलिस अधिकारियों ने गलत किया, उनके घर में घुसकर आंदोलन किया जाएगा.

धमाकेदार कामयाबी की ओर एनडीए, साय कैबिनेट में उत्सव, मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दी बधाई

रायपुर बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत एनडीए की ऐतिहासिक प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पूरा कैबिनेट जश्न मना रहा है. आज हो रही अहम कैबिनेट की बैठक के पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों को मिठाई खिलाकर एनडीए के प्रदर्शन पर बधाई दी. बता दें कि दोपहर डेढ़ बजे तक बिहार विधानसभा चुनाव में सामने आए रुझान में एनडीए को 201 सीटों पर बढ़त बना चुकी है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल नीत महागठबंधन 36 सीटों पर संघर्ष कर रही है, जिसमें से राजद 27 सीटों पर, कांग्रेस 4 सीटों पर अन्य 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.