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सिंगापुर से छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात, ₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव; ग्लोबल साझेदारियों के खुले द्वार

₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और वैश्विक साझेदारियां : छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से भरा रहा सिंगापुर दौरा तीन दिनों की लगातार बैठकों और संवाद से निवेश, कौशल विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए द्वार खुले रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौटा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रदेश को ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले यह अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रथम ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ कौशल विकास के क्षेत्र में ITE Education Services, Singapore के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किया। वहीं Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण तक बड़े निवेश सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो सकती है। इसी प्रकार Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. को सोलर क्षेत्र के साथ साथ 300 मेगावाट की सम्बन्धित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव भी प्रस्ताव हुआ। वहीं 22 देशों में कार्यरत वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर बनेंगे। इन निवेश प्रस्तावों का लाभ प्रदेश के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेगा। युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को बड़ी वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के किसानों और कृषि उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक बढ़ेगी। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया। इसके अंतर्गत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर विकसित करने पर काम किया जाएगा। SING Forum में दुनिया के सामने रखी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री Gan Siow Huang, SBF के चेयरमैन श्री Mark Lee, सीईओ श्री Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestlé और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। फोरम के दौरान आयोजित ‘फायरसाइड चैट’ में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने। सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट क…

खेलों से मिलती है शारीरिक मजबूती, अनुशासन और करियर की नई राह -राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर  राज्यपाल  रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।  राज्यपाल  डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।  समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

हटिया-LTT स्पेशल ट्रेन का ऐलान, 12 अक्टूबर से परिचालन; रायपुर-बिलासपुर समेत 5 जगह स्टॉपेज

बिलासपुर. आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों को कंफर्म बर्थ के साथ सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा हटिया-एलटीटी-हटिया के मध्य 12, 19 और 26 अक्टूबर तक तीन फेरों के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया स्टेशनों में इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दिया गया है. 08609 हटिया से प्रत्येक सोमवार 12, 19 एवं 26 अक्टूबर को 16:20 बजे रवाना होगी. इसके बाद यह ट्रेन रायगढ़ रात 23:03 बजे, बिलासपुर रात 1:15 बजे, रायपुर तड़के 2:55 बजे, दुर्ग सुबह 3:55 बजे और गोंदिया सुबह 5:48 बजे पहुंचेगी. इसके बाद मध्यवर्ती स्टेशनों से गुजरते हुए यह ट्रेन मंगलवार रात 22:10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी. इसी तरह 08610 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रत्येक मंगलवार 13, 20 और 27 अक्टूबर को रात 23:50 बजे रवाना होगी. दूसरे दिन यह ट्रेन गोंदिया दोपहर 13:50 बजे, दुर्ग दोपहर 15:55 बजे, रायपुर शाम 16:35 बजे, बिलासपुर शाम 19:05 बजे और रायगढ़ रात 21:35 बजे पहुंचेगी. अंत में यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे हटिया पहुंचेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बालसिरिंग, गोविंदपुर रोड, बानो, राउरकेला, झारसुगुड़ा, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, मलकापुर, भुसावल, पचोरा, चालीसगांव, मनमाड, नासिक रोड, इगतपुरी, कल्याण और ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी.

सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू करने की तैयारी, PWD ने 4 प्रोजेक्ट को दी मंजूरी; ₹145.28 करोड़ होंगे खर्च

सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू करने की तैयारी, पीडब्लूडी ने 4 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी कुल 145.28 करोड़ की लागत से होंगे सड़कों के उन्नयन, चौड़ीकरण और विद्युतीकरण के काम, नई सड़क भी बनेगी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यपालन अभियंता को कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश  रायपुर. बरसात के बाद राज्य में सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू होंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया तत्परता से पूर्ण कर कई कार्यों के लिए निविदा को मंजूरी प्रदान की है। विभाग ने रायगढ़ जिले में 4 कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें दो सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण, एक सड़क के उन्नयन तथा एक सड़क के निर्माण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इन कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।  फोरलेन निर्माण के साथ सड़कों का होगा विद्युतीकरण लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए भी 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। विभाग द्वारा 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के निर्माण लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क में 12.30 किलोमीटर लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत की है। इस राशि से सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों का फोरलेन में उन्नयन किया जाएगा। मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर किया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट

छत्तीसगढ़ सरकार की सख्त कार्रवाई: ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट शासकीय हेलीकॉप्टर का बीमा दावा चार साल से अधिक समय तक लंबित रखने के मामले में विमानन संचालनालय ने की कार्रवाई राज्य सरकार ने कहा—सार्वजनिक संपत्ति और जनता के पैसे से जुड़े दावों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं कंपनी को कारण बताओ नोटिस, लिखित जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के बाद जारी हुआ तर्कसंगत आदेश रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे के निराकरण में चार साल से अधिक समय तक हुई देरी के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कंपनी के विरुद्ध यह कार्रवाई की है। मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से संबंधित है। राज्य शासन द्वारा हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था और निर्धारित बीमा प्रीमियम का पूर्ण भुगतान किया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य शासन की ओर से बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, लेकिन कंपनी द्वारा इस दावे को चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखा गया और अंततः अगस्त 2026 में इसे अस्वीकार कर दिया गया। विमानन संचालनालय ने पूरे प्रकरण के परीक्षण में पाया कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े बीमा दावे के निराकरण में अत्यधिक विलंब हुआ और राज्य शासन के प्रकरण के निपटारे में कंपनी का रवैया असंगत रहा। शासन ने इसे सार्वजनिक धन और शासकीय हित से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी खरीदी और बीमा में जनता का पैसा लगा है। ऐसी स्थिति में बीमा दावे को वर्षों तक लंबित रखने का आर्थिक प्रभाव अंततः सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ता है। शासन का स्पष्ट मत है कि सरकार के साथ कार्य करने वाली प्रत्येक सेवा प्रदाता संस्था को अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं का समयबद्ध रूप से पालन करना होगा। कार्रवाई से पहले कंपनी को दिया गया पूरा अवसर राज्य शासन ने इस मामले में प्राकृतिक न्याय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कंपनी ने अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया गया। कंपनी का पक्ष सुनने और उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश पारित करते हुए कंपनी को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने कहा कि शासन के साथ काम करने वाले प्रत्येक सेवा प्रदाता के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन आवश्यक है। सार्वजनिक दावों के निपटारे में अनावश्यक विलंब को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि इससे न केवल शासन के वित्तीय हित प्रभावित होते हैं, बल्कि सेवा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी कमजोर होता है। बीमा राशि की वसूली के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा राज्य कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ ही बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और राज्य को देय राशि की वसूली के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राज्य शासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक संपत्ति, शासकीय धन और राज्य के वित्तीय हितों से जुड़े मामलों में जवाबदेही सर्वोपरि है। शासन के साथ कार्य करने वाली संस्थाओं से समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी सेवा की अपेक्षा की जाती है तथा सार्वजनिक हित प्रभावित होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर के 51 गांवों के लोगों के लिए राहत की खबर, आज हट सकती है रजिस्ट्री पर पाबंदी

कोरबा. चांपा से उरगा और फिर आगे कटघोरा तक बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का मामला पिछले चार वर्षों से अटका हुआ है. दो चरणों में बंटी महत्वकांक्षी परियोजना का चांपा से उरगा तक का पहला चरण जैसे तैसे पूरा हो गया है, लेकिन दूसरा चरण उलझा हुआ है. इसके कारण 51 गांवों में रजिस्ट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है. यह पाबंदी आज हटेगी. इसके साथ ही प्रभावित गांव के हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल जाएगी. राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट तय न होने का खामियाजा आसपास के 51 गांव के भूविस्थापितों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है. सड़क निर्माण के संभावित दायरे की वजह से इन गांवों में जिला प्रशासन द्वारा जमीनों की खरीदी बिक्री और रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. लोग अपनी ही जमीन के मालिक होने के बावजूद न तो उस पर कोई निर्णय ले पा रहे हैं और न ही प्रशासनिक पाबंदियों के कारण कोई राहत पा रहे हैं. वर्षों से परेशानी झेल रहे 51 गांव के ग्रामीणों के लिए बुधवार का दिन राहत की खबर लेकर आएगा. बताया जा रहा है कि 51 गांवों की रजिस्ट्री पर लगी पाबंदी को आज हटा दिया जाएगा. पाबंदी हटाने संबंधित आदेश आज जारी होगी. रजिस्ट्री पर लगी पाबंदी हट जाने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी.चांपा-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग की महत्वकांक्षी परियोजना को वर्ष 2017 में मंजूरी मिली थी. उरगा से चांपा 38.2 किमी की लागत 630 करोड़ थी. जिसे पूर्ण कर लिया गया है. इसका दूसरा चरण उरगा से कटघोरा 38 किमी है. जिसकी लागत पहले 999 करोड़ थी. समय बीतने के साथ लागत बढ़कर अब 1200 करोड़ हो गई है. लेटलतीफी पर और भी लागत बढ़ने की संभावना है. महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी केंद्रीय राजमार्ग और सड़क परिवहन मंत्रालय से मिली थी.

भिलाई में पेवर ब्लॉक घोटाले का आरोप, 13 करोड़ की अनियमितता पर निगम अधिकारियों से जवाब तलब

भिलाई. भिलाई नगर निगम के 15वें वित्त आयोग के करीब 12.88 करोड़ के पेवर ब्लॉक कार्यों में गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। भिलाई निगम की आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देश पर मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा ने बारीकी से जांच शुरू कर दी है। इसके तहत पेवर ब्लॉक में जिन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पर कार्य करवाया था उन सभी से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जब तक सारे अभिमत आ नहीं जाएंगे, तब तक कार्रवाई करना मुश्किल है। आठ उप अभियंता, सहायक अभियंता और ठेकेदारों से अभिमत लेने के बाद अब कायर्पालन अभियंता स्तर के अधिकारियों से भी अभिमत के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। सामने आई 32 कार्यों की लिस्ट में कायर्पालन अभियंता के रूप में जिन अधिकारियों के नाम हैं। इनमें प्रमुख रूप से रवि सिन्हा वार्ड 03,04, 07 में 2.76 से 14.98 लाख तक के कार्य, अखिलेश चंद्राकर छावनी चौक से तिरंगा चौक (85.77 लाख) और तिरंगा चौक से हथखोज पुलिया (24.29 लाख), संजय बागड़े सेक्टर 04 मुख्य मार्ग (32.47 लाख), केके गुप्ता – वार्ड 33 और वार्ड 15 भगत सिंह चौक से हनुमान मंदिर सड़क तक, बीके वर्मा जोन 02 एकता चौक से जामुल थाना चौक (28.79 लाख), शारीरिक नगर साप्ताहिक बाजार, वार्ड 03 सुभाष चौक से जलेबी चौक (59.98 लाख) सहित 4 कार्य है। निगम सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियंता द्वारा इन सभी से पूछा गया है कि वेडिंग जोन और विभिन्न स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाने के कार्यों का भौतिक सत्यापन में माप कम क्यों मिल रहा है। जांच समिति को 4 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प

विकसित भारत के संकल्प से जगमगाया जशपुर, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में निकली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता रायपुर,   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया। संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया। रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की। विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: मंत्री राजेश अग्रवाल इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष देश के विकास और परिवर्तन की प्रेरक यात्रा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री साय प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने हाथों में मशाल लेकर किया ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व, बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी तेलीबांधा चौक भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में होगा विकसित रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे। ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया। इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की। प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में  जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं। देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उनके बेहतर भविष्य की चिंता करते हुए वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज पूरी दुनिया भारत के बढ़ते सामर्थ्य और नेतृत्व को देख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़ अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना गया। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री … Read more

राजस्व मामलों के समाधान में राजनांदगांव ने मारी बाजी, लंबित प्रकरणों के निराकरण में शानदार प्रदर्शन

राजनांदगांव. राजस्व वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति बेहतर रही है। 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक राजस्व अमले के समक्ष दर्ज कुल 37,306 प्रकरणों में से 34,939 का निराकरण किया गया। इस तरह जिले में कुल 93.66 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण हुआ, जबकि 2,367 प्रकरण लंबित हैं। आंकड़ों के अनुसार, विवादित नामांतरण के कुल 25, 150 प्रकरणों में से 23,343 का निराकरण किया गया, जिसका निराकरण प्रतिशत 92.82 प्रतिशत रहा। विवादित खाता विभाजन के 3,254 मामलों में 3,062 का निराकरण कर 94.10 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इसी तरह अविवादित नामांतरण के 2,241 प्रकरणों में 2,125 का निराकरण हुआ और निराकरण दर 94.82 प्रतिशत रही। अविवादित खाता विभाजन के 768 मामलों में 735 का निराकरण कर 95.70 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई। अन्य राजस्व मामलों में सीमांकन के 2,333 प्रकरणों में 2,331 का निराकरण हुआ, जिसकी दर 99.91 प्रतिशत है। व्यपवर्तन (डायवर्सन ) के 1,632 मामलों में 1,591 का निराकरण कर 97.49 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई। वृक्ष कटाई अनुमति के सभी 51 प्रकरणों का निराकरण किया गया, यानी 100 प्रतिशत सफलता मिली। ई-अभिलेख संबंधित सुधार के 1,877 मामलों में 1,701 का निराकरण हुआ। पंचायत अमले ने भी किया बेहतर प्रदर्शन वर्ष 2026 में पंचायत अमले द्वारा निराकृत प्रकरणों में भी बेहतर स्थिति सामने आई है। विवादित नामांतरण के 12,629 प्रकरणों में 11,887 का निराकरण कर 94.12 प्रतिशत की दर हासिल की गई। वहीं विवादित खाता विभाजन के 2,867 मामलों में 2,807 का निराकरण हुआ, जिसकी दर 97.91 प्रतिशत रही। मॉनिटरिंग से मिली तेजी प्रशासनिक कार्ययोजना के तहत विवादित नामांतरण और खाता विभाजन जैसे जटिल प्रकरणों की विशेष राजस्व शिविरों एवं नियमित सुनवाई के माध्यम से मॉनिटरिंग की गई। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के समन्वय से पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर मामलों का निराकरण किया गया। प्रशासन के अनुसार त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण से आम लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिली है और प्रशासन के प्रति जनविश्वास भी मजबूत हुआ है। प्रशासनिक वक्तव्य के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में विवादित नामांतरण के निराकरण की दर 68.49 प्रतिशत से बढ़कर 94.82 प्रतिशत तथा विवादित खाता विभाजन की दर 72.53 प्रतिशत से बढ़कर 95.70 प्रतिशत हुई है। इसे राजस्व एवं पंचायत अमले की कार्यक्षमता में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।