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डॉ. चंदेल का किसानों को सुझाव: फसलों में बीमारियों से बचाव के लिए जैव नियंत्रक अपनाएं

रायपुर : फसलों में बीमारियों के नियंत्रण के लिए जैव नियंत्रकों का उपयोग करें : डॉ. चंदेल कृषि विश्वविद्यालय में जैव-एजेंटों के मास मल्टीप्लीकेशन पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण संपन्न रायपुर कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में “जैवनियंत्रण एजेंट्स के व्यापक प्रसार (Mass Multiplication of Biocontrol Agents)” पर हैंड्स-ऑनट्रेनिंग का आयोजन छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CGCOST) रायपुर के वित्तीय सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने छात्रों को कृषि के बदलते स्वरूप और जैविक उपायों के महत्व से अवगत कराया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जैविक कीट नियंत्रण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। डॉ. चंदेल ने कहा कि हमें ब्राज़ील के उदाहरण से सीखना चाहिए, जहाँ मच्छरों के नियंत्रण के लिए जैव नियंत्रण एजेंट्स का सफल उपयोग किया गया है। उन्होंने रासायनिक पदार्थों के उपयोग को कम करने और सामुदायिक स्तर पर जैविक नियंत्रण के उपाय अपनाने का आह्वान किया।  कार्यशाला में डॉ. संजय शर्मा अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने कहा कि आज की कृषि पूरी तरह बाजार-केन्द्रित हो चुकी है, और जैव नियंत्रण एजेंट्स उद्यमिता (entrepreneurship) के लिए एक  उत्कृष्ट मंच साबित हो सकते हैं। डॉ. आरती गुहे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे आज अर्जित किए गए ज्ञान को आगे साझा करने के माध्यम बनें, ताकि यह जानकारी समाज के अन्य सदस्यों तक पहुँच सके। छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CGCOST) के प्रतिनिधि डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन बार-बार किया जाना चाहिए, जिससे छात्रों के साथ-साथ कृषक समुदाय को भी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम में डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं भी मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के 20 विभिन्न महाविद्यालयों से 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल एक शैक्षणिक अनुभव रहा, बल्कि टिकाऊ कृषि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम भी साबित हुआ। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में देश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने व्याख्यान दिए। डॉ. ऋचा वार्ष्णेय (वैज्ञानिक, एन बी ए आई आर, बेंगलुरु), डॉ. विशाल सिंह सोमवंशी (आई एआर आई), और डॉ. विनोद निर्मलकर, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, बिलासपुर ने जैव-एजेंटों के मास मल्टीप्लीकेशन और कृषि में उनके महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्यावहारिक सत्र रहा, जहाँ छात्रों को जैव नियंत्रण प्रयोगशाला (Biocontrol Laboratory) में ले जाया गया। वहां उन्हें जैव-एजेंटों के बड़े पैमाने पर गुणनकी विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन (hands on demonstration) दिया गया। कार्यक्रम का सफल आयोजन संयोजक डॉ. बी. पी. कतलम और आयोजन सचिव डॉ. योगेश मेश्राम के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. गजेंद्र चंद्राकर, डॉ. सोनाली देवले, डॉ. विकास सिंह, और डॉ. राजेश कुमार एक्का ने कार्यक्रम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर कीट विज्ञान विभाग के शोध छात्र भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर: मार्शल आर्ट्स नेशनल प्रतियोगिता के लिए अंबिकापुर की टीम जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्थान

रायपुर : मार्शल आर्ट्स नेशनल प्रतियोगिता के लिए अंबिकापुर की बेटियाँ जम्मू-कश्मीर रवाना पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने दी दस-दस हजार की सहायता, कहा: बेटियाँ करेंगी प्रदेश का मान ऊँचा रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर की मार्शल आर्ट्स की उभरती हुई खिलाड़ियों कुमारी निशा वैद एवं कुमारी संगीता सिंह से अपने निवास कार्यालय में सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। दोनों खिलाड़ी आगामी नेशनल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु जम्मू-कश्मीर प्रस्थान कर रही हैं।     मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि निशा और संगीता जैसी होनहार बेटियाँ प्रदेश की खेल प्रतिभा का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने पूर्व में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए हैं और अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर छत्तीसगढ़ एवं अंबिकापुर का नाम रोशन करेंगी।     उन्होंने खिलाड़ी बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए दस-दस हजार रू. की आर्थिक सहायता प्रदान की तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। मंत्री अग्रवाल ने माँ महामाया से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दोनों खिलाड़ियों को सफलता का आशीर्वाद दें ताकि वे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश को गौरवान्वित करें।

अम्बिकापुर में 13 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस 2025 पर पहली जनसुनवाई का आयोजन

 अम्बिकापुर  जनजातीय गौरव वर्ष (जेजेजीवी) के तहत 13 नवम्बर 2025 को आदि सेवा केन्द्रों (एएसके) में पहली जनसुनवाई आयोजित किया जाना है। कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने सर्व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। जिसमें विकास प्राथमिकताओं पर समुदाय की प्रतिक्रिया आकांक्षाओं को सुनना तथा पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान और अन्य जनजातीय केंद्रित योजनाओं के स्थानीय कार्यान्वयन की समीक्षा करना।पंचायती राज संस्था के सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों युवा क्लबों, आदि कर्मयोगी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं की पूर्ण सामुदायिक भागीदारी को सुगम बनाना। प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करना और उनका आयोजन करना। प्रत्येक जनसुनवाई की कार्यवाही तस्वीरें और मुख्य परिणाम जेजेजीवी पोर्टल पर इस लिंक पर अपलोड किये जायेंगे    https://adiprasaran.tribal.gov.in/ JJGV पोर्टल पर पंजीकरण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अनुसार। सभी आदि सेवा केन्द्र (एएसके) 14 नवम्बर 2025 तक पोर्टल पर गतिविधि विवरण अनिवार्यत अपलोड कर प्रतिवेदन प्रेषित करने कहा गया है। 13 नवम्बर 2025 को होने वाली जनसुनवाई 15 नवम्बर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा और राष्ट्रीय समारोह के लिये एक पूर्व कार्यक्रम के रूप में कार्य करेगी। जिससे प्रत्येक आदि सेवा केंद्रों को “गौरव विकास और सम्मान“ की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए एक जीवन्त सामुदायिक केन्द्र के रूप में सक्रिय करने में मदद मिले। गतिविधियों को समस्त आदि सेवा केंद्रों में मिशन मोड में संचालित किए जाने निर्देशित किया गया है।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

अम्बिकापुर : कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियों के सम्बन्ध में की गई समीक्षा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को “यूनिटी मार्च“ का होगा आयोजन अम्बिकापुर  कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। महामहिम राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मु का 20 नवम्बर 2025 को अम्बिकापुर आगमन प्रस्तावित है। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण की स्थिति, सर्किट हाउस की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी तैयारियां सुनिश्चित करें। गम्भीरता और सजगता के साथ कार्य हो, लापरवाही ना रहे। उन्होंने मजिस्ट्रियल ड्यूटी,  स्टॉल निर्माण, आमंत्रण कार्ड, पास वितरण, वीआईपी एवं वीवीआईपी हेतु समस्त व्यवस्था, आमजनों हेतु व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति एवं गणना प्रपत्र की वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र में दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी त्रुटिरहित होनी चाहिए, जिससे मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध एवं अद्यतन तैयार हो सके। अधिकारी मॉनिटरिंग करें, किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही करें। इस दौरान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होने धान खरीदी की तैयारियों की जानकारी ली गई, कलेक्टर  भोसकर ने आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो, इसका ध्यान रहे। उन्होंने बारदाने, मॉइश्चराइजर मीटर, तौलमाप आदि की जानकारी ली। बैठक में जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर  भोसकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार गरिमामयी ढंग से कार्यक्रम का आयोजन हो। इस हेतु समस्त तैयारियां समय सीमा में सुनिश्चित कर लें।  इस दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को आयोजित किए जाने वाले “यूनिटी मार्च” की तैयारियों पर चर्चा की गई। यह पदयात्रा राम मंदिर, अम्बिकापुर से प्रारंभ होकर मल्टीपरपज स्कूल एवं शासकीय विद्यालय असोला होते हुए परसा में संपन्न होगी। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विभागों आपसी सहभागिता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, अस्थायी शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देशित किया। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर  सुनील नायक,  राम सिंह ठाकुर,  अमृत लाल ध्रुव, नगर निगम कमिश्नर  डी एन कश्यप सभी एसडीएम एवं  विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को भेंट की शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा, कहा हनुमान जी की हम पर सदैव रही कृपा आकांक्षा सत्यवंशी ने बताया फेसबुक पोस्ट से भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट रहीं मती आकांक्षा सत्यवंशी एवं उनके परिजनों के साथ अपने निज निवास पर आत्मीय भेंट की और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा भी भेंट किया। जिसपर आकांक्षा ने हर्ष पूर्वक अपने विश्वकप के फाइनल मैच में गदा से जुड़ा एक वाक्या शेयर करते हुए बताया कि वे भी हनुमान जी की भक्त हैं और आखरी मैच में खिलाड़ी राधा यादव और क्रांति गौड़ पूरे समय हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। फिर जब उनकी मैच खेलने की पारी आयी तो उन्होंने एक छोटा सा गदा मेरे हांथों में देकर उसे मैच के अंत तक पकड़े रहने को कहा था और भगवान हनुमान की कृपा हम पर बनी रही और हम विश्व विजेता बन गए। एम्स रायपुर की नौकरी का अवसर छोड़ बनीं महिला टीम की फिजियो इस अवसर पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अपने क्रिकेट से जुड़ने के सफर को साझा किया। कैसे एम्स रायपुर की पक्की नौकरी छोड़कर उन्होंने क्रिकेट टीम की फिजियो बनीं। उन्होंने बताया की प्रारंभिक पढ़ाई के बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में स्नातक और कटक से स्नातकोत्तर किया। जिसके बाद उन्होंने कई न्यूरो सर्जन्स के साथ काम किया और उसी वक्त उन्होंने फेसबुक पर अपनी ट्रेवलिंग के शौक के साथ अपनी बक्केट विश लिस्ट शेयर की थी। उन्होंने कहा उन्हें नहीं पता था कि एक फेसबुक पोस्ट मेरी दुनिया बदल देगा। फेसबुक पोस्ट से मेरे घूमने के शौक को जानकर मेरी सीनियर ने मुझे छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम से जुड़ने का ऑफर दिया और उसी वक्त उनका चयन एम्स रायपुर के लिए भी हुआ था। घर में लोग स्थायी नौकरी के लिए मुझे एम्स जाने के लिए कहा पर माता-पिता और भाई ने उन्हें स्पोर्ट किया और उन्होंने स्थायी नौकरी छोड़ क्रिकेट के साथ अपनी यात्रा प्रारम्भ की एवं छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम की तीनों वर्गों को अपनी सेवाएं दी और उनके अच्छे काम ने उन्हें बीसीसीआई की नजर में ला दिया और सीधे सीनियर भारतीय महिला टीम के साथ उन्हें एक कार्यशाला में कार्य करने का मौका मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं पहले कठिन होता था महिला का सफर करना, अब सभी का मिला साथ इस अवसर आकांक्षा ने बताया कि उन्हें घूमने का शौक है पहले महिलाओं का सफर करना बहुत कठिन होता था, अब मुझे घर वालों का साथ मिला और अब सब बदल गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब खेल हो या फाइटर प्लेन उड़ाना हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रहीं हैं। अब तो शासन में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में शामिल होने उपमुख्यमंत्री ने दिया न्योता उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा को वर्ल्ड कप विजय की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा की आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है। कवर्धा की बेटी का विश्व विजेता बनने में अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है। इससे हमारे प्रदेश की बालिकाएं भी खेल के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में आपकी भूमिका ने हम सभी को गौरव दिलाया है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को सम्मान स्वरूप मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और पूरे परिवार के साथ स्वल्पाहार भी किया। फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने जीत की खुशी साझा करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस सफलता में योगदान दे पाई। उन्होंने अपने पति को अपना सहयोगी बताया। उपमुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर ओलंपिक में शामिल होकर प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने हेतु आमंत्रित भी किया। ओलंपिक में पदक दिलाएंगे बस्तर के युवा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा की राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को निरंतर विस्तार दे रही है। हम राज्य की हर प्रतिभा को मंच देने के लिए कार्य कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से बस्तर की विलक्षण प्रतिभाएं आगे आ रहीं हैं। बस्तर के युवा आनुवांशिक रूप से खेलकूद और एथेलेटिक्स के लिए ढ़ले होते हैं। बस्तर ओलंपिक से अब हर गांव और हर विकासखण्ड से नई खेल प्रतिभाएं सामने आ रहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बस्तर ओलंपिक से प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें अगले ओलंपिक के लिए तैयार करें और वे भारत को अगले ओलंपिक में पदक दिलाएंगे। आकांक्षा उपमुख्यमंत्री को डाइट के टिप्स में कहा खाएं छत्तीसगढ़िया साग इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें भात और साग खाना बहुत पसंद है। तो आकांक्षा ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों की विशेषता ही हमारी विभिन्न साग सब्जियों की भिन्नता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को डाइट टिप्स देते हुए कहा कि आपको तो छत्तीसगढ़िया साग पसंद है वो खाना भी बहुत जरूरी है। रोज के भोजन में इसे करें शामिल।

रायपुर: 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कॉल सेंटर नंबर भी उपलब्ध

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव मती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव मती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। मती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

अम्बिकापुर : ई-ऑफिस प्रणाली पर अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

अम्बिकापुर जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालयों में ई-ऑफिस के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान ई-ऑफिस के क्रियान्वयन एवं सुचारू रूप से सभी कार्यालयों में कार्य करने हेतु नोट-शीट, फाईल, डिजिटल साईन, ट्रांसफर आदि संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत विभिन्न प्लेटफार्म के विभिन्न कार्यों तथा उनके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ई-ऑफिस का परिचय एवं उपयोग, दस्तावेज़ तैयार करना, अनुमोदन प्रक्रिया, रिपोर्टिंग एवं फाइल ट्रैकिंग, सुरक्षा उपाय एवं गोपनीयता आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर रवि निषाद, विनोद देवांगन एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जियाउर रहमान, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। श्रीमती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

महासमुंद: कलेक्टर लंगेह ने साप्ताहिक बैठक में किया मतदाता पुनरीक्षण और धान खरीदी की समीक्षा

महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक कलेक्टर ने की मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम व धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक निर्देश महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री घोषणा, मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर विनय लंगेह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर लंगेह ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएलओ गणना पत्रक के वितरण का कार्य सुनिश्चित करें। आगामी 2 दिनों में अधिकतम मतदाताओं तक गणना पत्रक पहुंच जाए। वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत मतदाताओं के पास गणना पत्रक का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने सभी एआरओ एवं ईआरओ को भरे हुए गणना और घोषणा पत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य को भी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सर्वप्रथम गणना पत्र वितरित किया जाए। तत्पश्चात उसके कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जारी समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में बताए गए बिंदुओं के आधार पर निर्धारित समय 4 दिसम्बर तक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य अंतर्गत पात्र मतदाताओं का गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से भरकर संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र मतदाता को हटाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए सभी नोडल एवं प्रभारी अधिकारियों को कल सुबह 10 बजे ट्रायल रन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी आबंटित उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैय्या कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के सभी 16 चेक पोस्टों के माध्यम से ड्यूटीरत अधिकारियों को धान की आवक और अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए है। आवश्यकता पड़ने पर नए और दूसरे स्थानों पर भी चेक पोस्ट खोलने कहा है। कलेक्टर ने अवैध परिवहन करते वाहन पाए जाने पर तत्काल सीज कर प्रकरण दर्ज करने कहा है। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सहज बने, इसके लिए सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखा जाए तथा निगरानी टीमों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधन, तोल उपकरण, मिलान पर्ची व्यवस्था, ऑनलाइन एंट्री, और तौल-प्रक्रिया को समय पर पूर्णता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने केन्द्रों का निरीक्षण करने टोकन की जानकारी, स्टेकिंग आदि की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर लंगेह ने विभिन्न शासकीय योजनाओं, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय सीमा पत्रक, राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।

एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु विद्यालयों का मूल्यांकन, शिक्षकों को मिली प्रेरणा  एमसीबी राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद  (SCERT रायपुर) की टीम द्वारा जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 07 नवम्बर से 10 नवम्बर 2025 तक जिला मुख्यालय में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की पेशेवर दक्षता वृद्धि तथा शैक्षणिक नवाचारों के प्रसार को बढ़ावा देना है। उद्घाटन सत्र कार्यशाला का उद्घाटन अपर कलेक्टर श्रीमती नर्मता डोंगरे एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी. मिरे द्वारा सरस्वती माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. विनोद पांडेय, एपीसी श्री सूर्याेदय सिंह तथा जिला नोडल अधिकारी श्रीमती खुशबू दास उपस्थित रहे एवं कार्यशाला के संचालन में उनका सराहनीय योगदान रहा। विद्यालयों का शैक्षणिक मूल्यांकन एवं समीक्षा कार्यशाला के दूसरे दिन (08 नवम्बर 2025) राज्य स्तरीय मेंटर्स एवं जिला  PLC ( Professional Learning Community) शिक्षकों को चार समूहों में विभाजित कर विभिन्न विद्यालयों का दौरा कराया गया। टीमों ने निम्न बिंदुओं पर विद्यालयों का विस्तृत मूल्यांकन किया – शिक्षण-पद्धति एवं छात्र अधिगम स्तर शिक्षण सामग्री का उपयोग एवं शिक्षण वातावरण विद्यालय अनुशासन एवं सामुदायिक भागीदारी नवीन शिक्षण पहलें एवं व्यावहारिक नवाचार राज्य के मेंटर्स के मार्गदर्शन में विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की धरातलीय स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट शिक्षण उदाहरणों को साझा किया गया तथा शिक्षण में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु रणनीतियाँ तैयार की गईं। शिक्षकों को मिली नई दिशा समीक्षा सत्र प्रेरक एवं संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, छात्र-केंद्रित पद्धति अपनाने, बच्चों की सीखने की गति पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय स्तर पर नवाचार लागू करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में  SCERT रायपुर की टीम, PLC शिक्षक गण एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधान पाठक शामिल हुए। गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल चार दिवसीय यह कार्यशाला जिले में शिक्षण की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल साबित हो रही है। इससे शिक्षकों में नवाचार, आत्म मूल्यांकन एवं शिक्षण-पद्धति सुधार की भावना को बल मिलेगा तथा बच्चों के अधिगम स्तर में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है। जिला स्तर पर इस प्रकार की कार्यशालाएं राज्य की शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।