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लोहा व्यापारियों पर IT की बड़ी कार्रवाई: रायपुर और आसपास के जिलों में रेड, घर-दफ्तर-प्लांट सभी जांच में

रायपुर  रायपुर में आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई की है। आयकर विभाग के निशाने पर इस बार प्रदेश के लोहा कारोबारी हैं। टीम ने हिंदुस्तान क्लाइव के संचालकों के घर, दफ़्तर और प्लांट सहित 40 से 50 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है। कार्रवाई गुरूवार अलसुबह शुरू हुई। इनके यहां छापा आयकर विभाग ने जिन जगहों पर कार्रवाई की है उनमें ओम स्पंज, देवी स्पंज और हिंदुस्तान क्वाइल शामिल हैं। आयकर की टीम संचालकों के घर-दफ्तर, प्लांट पर स्टॉक, सहित आय-व्यय की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही इन उद्योगपतियों से जुड़े जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापे की कार्रवाई की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके घरों, कार्यालयों और प्लांटों में सर्च ऑपरेशन चलाया जहां से अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है। इसके अलावा कुछ और कारोबारियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है जिससे यह मामला और भी बड़ा प्रतीत हो रहा है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की यह कार्रवाई बड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों ने संबंधित कंपनियों के दफ्तरों, फैक्ट्रियों और आवासीय परिसरों में जांच शुरू कर दी है। दो महीने पहले भी छत्तीसगढ़ में बड़ी रेड की गई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर, बिलासपुर और धमतरी में कई कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी की उस कार्रवाई को कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़ा बताया गया था। आरोप था कि घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की गई है। उस दौरान ईडी ने रायपुर में रहेजा ग्रुप और बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मामला वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित था। आयकर विभाग की मौजूदा कार्रवाई को भी इसी श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच अभी जारी है और अधिकारियों द्वारा बरामद दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।

माओवादी मुठभेड़ में बड़ा धक्का: बीजापुर के जंगल में 18 शव मिले, अभी पहचान शेष

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगल में मारे गए नक्सलियों की संख्या 18 हो गई है. इन सभी के शवों को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है. आसपास के इलाके की सर्चिंग अभी जारी है. इन सभी नक्सलियों के शवों की पहचान भी पुलिस कर रही है. पहचान होने के बाद एसपी नामों का खुलासा करेंगे. इधर इस मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर को भी बीजापुर लाया गया. जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है.  दरअसल बुधवार को बीजापुर जिले के केशकुतुल के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें पहले तो मारे गए नक्सलियों की संख्या 12 बताई जा रही थी. लेकिन जब इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग की तो 18 नक्सलियों के शव यहां से  बरामद हुए. इतनी बड़ी संख्या में एक साथ नक्सलियों का एनकाउंटर पुलिस की फिर से बड़ी उपलब्धि है. इन सभी शवों की पहचान की जा रही है.  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर मुठभेड़ में शहीद होने वाले तीन जवानों को श्रद्धांजलि दी है। गुरुवार को राजधानी रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बात की। इस दौरान सीएम साय ने नक्सल मुठभेड़ में मिली सफलता और जवानों की शहादत पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं।  सीएम साय ने कहा, "कल ऑपरेशन में डीआरजी के तीन जवान शहीद हुए। हम उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उनके साहस को नमन करते हैं। भगवान उनके परिवार को इस शोक को सहने की  शक्ति प्रदान करें। ऐसी प्रार्थना करते हैं और बड़ी सफलता मिली है।" रात भर चली मुठभेड़, 6 और माओवादी मारे गए रात भर चली मुठभेड़ के बाद छह और माओवादी मारे गए हैं। मारे गए 18 माओवादियों के शव के पास से मिले एके–47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी और .303 राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद मिले हैं। इन हथियारों को लेकर जवान मुख्यालय की ओर लौट रहे हैं। मारे गए माओवादियों के शवों की औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है। डीआरजी के तीन जवान बलिदान बता दें कि इस भीषण मुठभेड़ में डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी बलिदान हुए हैं। दो घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। इधर, बीजापुर पुलिस लाइन में माहौल भावुक है। बलिदान जवानों को अंतिम सलामी देने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लाइन में पहुंच चुके हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी क्षेत्र में जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर पूरे इलाके सुरक्षित कर लिया गया है। इस इलाके को कहा जाता रहा है माओवादियों की राजधानी उत्तर बस्तर माड़ का इलाका माओवादियों का सबसे सुरक्षित किला रहा है। इसे उनकी राजधानी भी कहा जाता रहा है। इसके बाद पश्चिम बस्तर में इंद्रावती रिजर्व टाइगर एरिया तथा सीमावर्ती घने जंगल भी लंबे समय तक उनके लिए सुरक्षित ठिकाने रहे हैं। अब केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक माओवादियों के समूल खात्मे के संकल्प के बीच सुरक्षा बलों के निर्णायक आक्रामक अभियान ने माओवादियों का आखरी किला भी ढहा दिया है। बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए बीजापुर से सुकमा-आंध्र व दंतेवाड़ा के सरहदी जंगलों में तगड़ी घेरेबंदी के चलते भूमिगत माओवादी जवानों का निशाना बन रहे हैं। बुधवार को दंतेवाड़ा सीमा पर केशकुतूल में हुई मुठभेड़ में बड़े काडर के माओवादी ढेर हुए हैं। माओवाद विरोधी अभियान के दौरान संगठन के शीर्ष नेताओं समेत दुर्दात कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद माओवादी संगठन रेत की तरह बिखरने लगा है। बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए, इनमें 236 माओवादियों के शव मिले। 2024 में 239 माओवादी मारे गए थे 2024 में 239 माओवादी मारे गए थे, जिनमें 217 के शव मिले थे। दो वर्ष में 494 माओवादी मारे गए। जिनमें 453 के शव मिले। अन्य माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि माओवादियों ने अपने पत्र में की है। बड़ी संख्या में पीएलजीए समेत आनुसांगिक संगठनों से जुड़े माओवादी हथियार समेत पुनर्वास कर रहे हैं। वहीं शेष बचे जान बचाने माओवादी माड़ के गलियारे से आंध्र की ओर भागने की फिराक में हैं, लेकिन सुरक्षा बलों के तगड़ी घेराबंदी के चलते वे बस्तर से नहीं निकल पा रहे हैं। वर्ष 2025 में मिली बड़ी सफलताएं     31 माआवादी मारे गए कर्रेगुट्टा अभियान में।     31 माओवादी मारे गए 09 फरवरी को बीजापुर में     26 माओवादी मारे गए 20 मार्च को बीजापुर में।     17 माओवादी मारे गए 29 मार्च को सुकमा में।     18 माआवादी मारे गए 16 जनवरी को बीजापुर में। शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि  बीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में DRG के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू मोहन बड़डी, शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे और  जवान रमेश सोड़ी   बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुए हैं. इन जवानों को अंतिम सलामी बीजापुर–गंगालूर मार्ग पर स्थित  पुलिस लाइन शहीद वाटिका परिसर में श्रद्धांजलि दी गई.  मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का वादा किया है। इसी वजह से सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारों ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं भी बनाई हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में साल 2025 में हुए मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या करीब 275 पहुंच गई है। बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में 246 नक्सली मारे गए हैं। 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के गरियाबंद में और दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2 नक्सली मारे गए हैं।

सीजी पीएससी 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं, लोकहित में कार्य करने की दी सीख रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक  ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी  छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में  साफ नजर आ रहा है।  टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी  देवेश प्रसाद साहू,  स्वप्निल वर्मा,  यशवंत कुमार देवांगन,  पोलेश्वर साहू,  पारस शर्मा, सु शताक्षी पाण्डेय,  अंकुश बैनर्जी, सु सृष्टि गुप्ता,  प्रशांत वर्मा और  सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में ई-गजट पोर्टल लॉन्च: अब अधिसूचनाएँ होंगी पूरी तरह डिजिटल

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित  थीं। ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा। ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ का निर्णायक ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने 12 नक्सलियों का सफाया, तीन सिपाही शहीद

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं। बस्तर के IG पी. सुंदरराज ने बताया कि CRPF और CoBRA टीमों का संयुक्त ऑपरेशन बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर वेस्ट बस्तर डिवीजन एरिया में हुआ। नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए जबकि 1 अन्य घायल हो गया। सुरक्षा बलों की एक जॉइंट टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। जंगल में सुबह के वक्त नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। फिर सुरक्षा बल के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। एक अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले में पश्चिम बस्तर डिवीजन के जंगल में नक्सलियों की गतिविधियां देखे जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ज्वाइंट टीम को मौके पर रवाना किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों की टीम घने जंगल में पहुंची। नक्सलियों की ओर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने भी फौरन मोर्चा संभाल लिया। अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी होने लगी। इस मुठभेड़ में अब तक 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सुरक्षा बलों के 3 जवान भी शहीद हुए हैं। ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी और स्पेशल टास्क फोर्स (राज्य पुलिस की दोनों यूनिटें) और CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन- CRPF की एलीट यूनिट) के जवान शामिल रहे। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 जवान घायल भी हुएं हैं जिसको इलाज के लिए ले जाया गया है। अब तक मौके से नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ में 268 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 239 बस्तर डिवीजन में ही मारे गए हैं। बस्तर डिवीजन में बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत 7 जिले आते हैं। 27 नक्सली गरियाबंद जिले में मारे गए हैं यह रायपुर डिवीजन में आता है। दुर्ग डिवीजन के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इस साल 2 नक्सली मारे जा चुके हैं।

विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका आज विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और दिव्यांग बच्चों को आर्शीवाद एवं प्रोत्साहन दिया। इस अवसर पर डेका ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए समाज संवेदनशील बने, उनका सम्मान करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें। कोपलवाणी विद्यालय को 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय से उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं को जो स्वरोजगार व अन्य क्षेत्र में कार्य कर रहे है, उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने इस विद्यालय को अपने स्वेच्छानुदान मद से 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा की साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा की। दिव्यांग बच्चें समाज के अभिन्न अंग राज्यपाल डेका ने कहा कि दिव्यांगजन भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमे ऐसा माहौल बनाना है जहां उन्हें किसी भी तरह की रूकावट महसूस न हो। हम शासन और समाज मिलकर दिव्यांगजनों के लिए ऐसी दुनिया बनाएं जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा योजनाएं चलाई जा रही है। दिव्यांग पेंशन से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। सरकारी नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति, निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन में मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। श्री डेका ने दिव्यांग बच्चों से कहा कि आप समाज के एक अंग है। समाज, प्रदेश व देश आपके साथ है।  दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखकर सराहा राज्यपाल डेका ने विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की साथ ही उनके द्वारा बनाए गए पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखा और सराहना की। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के पहल पर इस संस्था के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई पेंटिग को लोकभवन द्वारा क्रय किया जाता है और यहां आने वाले मेहमानों को भेंट किया जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर उन्हें भी यह पेंटिंग भेंट की गई थी।    कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य शताब्दी पाण्डेय, वनबंधु संस्था की अध्यक्ष कांता सिंघानिया, कोपलवाणी की संस्थापक पद्मा शर्मा सहित अन्य अतिथि एवं पालकगण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आगजनी में सबकुछ स्वाहा: परिवार बेघर, सरकारी सहायता की गुहार

रायपुर राजधानी रायपुर के कचना स्थित गणेश नगर के मकान में आज भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से लगी आग अचानक इतनी तेजी से फैल गई कि मकान में रखे तीन गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ऊपर लगी सीमेंट की सीट तक उड़ गई और पूरा पहला फ्लोर खंडहर में तब्दील हो गया। घर में रखा सभी सामान जलकर खाक हो गया। पहले फ्लोर पर बने चारों कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अंदर रखा सभी सामान जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने लंबी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। हादसे में कोई हताहत नहीं, सभी सुरक्षित सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। हालांकि, नुकसान भारी हुआ है। किराए पर रहने वाले मजदूर परिवारों का पूरा सामान आग में जलकर खाक हो गया। सोने के गहने, कपड़े, राशन, जरूरी कागजात, बच्चों के सामान से लेकर नकदी सब कुछ जलकर राख हो गया। मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट पीड़ितों का कहना है कि उनके पास अब सिर्फ वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने उस समय पहने हुए थे। दैनिक मजदूरी कर अपना घर चलाने वाले इन परिवारों पर अब अचानक भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने सरकार और प्रशासन से त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को सामान्य कर सकें।

इमरजेंसी 108 सेवा संकट में, वेतन न मिलने से रुक सकती हैं एंबुलेंस

जगदलपुर बस्तर जिले में आपातकालीन सेवा 108 एंबुलेंस के पहिए थम सकते हैं। दरअसल, आपातकालीन एंबुलेंस में अपनी सेवा देने वाले कर्मचारियों को संबंधित एजेंसी ने 2 महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया है। कर्मचारियों का कहना है कि एजेंसी अक्सर वेतन भुगतान में लेटलतीफी करती है। समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों को घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को आपातकालीन एंबुलेंस के कर्मचारियों ने बस्तर कलेक्टर, जिला श्रम अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिला अधिकारी को वेतन के संबंध में ज्ञापन सौंपा और समय पर वेतन भुगतान कराने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि बस्तर संभाग सहित प्रदेश के कई जिलों में एजेंसी ने कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया है और एजेंसी अलग-अलग बहाने बना रही है। बता दें कि बस्तर जिले में 12 एंबुलेंस अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में तैनात हैं। प्रत्येक एंबुलेंस में ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन द्वारा सेवा दी जाती है। जिले में तकरीबन 50 कर्मचारियों के जिम्मे आपातकालीन एंबुलेंस सेवा है।

एसईसीएल सीएमडी ने वन मंत्री कश्यप से की मुलाकात, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से आज नया रायपुर स्थित उनके निवास, कार्यालय में एसईसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी)  हरीश दुहन ने  सौजन्य भेंट की। इस दौरान एसईसीएल के डायरेक्टर (एचआर) बिरंची दास भी उपस्थित थे। भेंट के दौरान वन मंत्री कश्यप को सीएमडी दुहन ने एसईसीएल द्वारा राष्ट्र निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और छत्तीसगढ़ में किए जा रहे सी एस आर आधारित विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एसईसीएल प्रदेश के सर्वांगीण विकास और समुदायों के उत्थान के लिए आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा। मंत्री केदार कश्यप ने एसईसीएल के योगदान की सराहना की और कहा कि कंपनी प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मैच में सुरक्षा पर सवाल: रायपुर में प्रशंसक विराट के पास पहुंचा , छुए पैर

रायपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जीता है। उन्होंने 90 गेंदों में अपने वनडे करियर का 53वां शतक जड़ा। इस मैच में भी स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक किंग कोहली के करीब पहुंचा और उनके पैर छुए। ऐसा ही रांची वनडे में भी देखने को मिला था। रांची में भी कोहली के करीब पहुंच गया था प्रशंसक यह पहला मौका नहीं है जब स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले रांची में खेले गए पहले मुकाबले में भी एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गया था। उस मैच में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 83वां शतक था। रांची में कोहली ने रचा था इतिहास कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली से पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे, लेकिन अब कोहली उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली 294 पारियों में इस उपलब्धि पर पहुंचे हैं। कोहली वनडे प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में पहले ही सचिन को पीछे छोड़ चुके हैं। सचिन के नाम वनडे में 49 शतक हैं।