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नवीन तालाब बना गांव की जीवनधारा

राधारमण नगर के ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर, ग्राम पंचायत सोनवर्षा के ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीणों के लिए नया तालाब किसी वरदान से कम नहीं है। कभी जहां गर्मियों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं आज यह तालाब ग्रामीणों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती और आजीविका का आधार बन चुका है। यह परिवर्तन संभव हुआ है महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए नवीन तालाब निर्माण कार्य से, जिसकी लागत 12.80 लाख रुपए रही। जल संकट से जूझते गांव में जल जीवन का नया अध्याय राधारमणनगर गांव लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या से गुजर रहा था। यहां का भूमिगत जल स्तर लगभग 450 फीट से नीचे चला गया था, जिससे हैंडपंप सूख जाते थे और गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। ऐसे में ग्राम पंचायत सोनवर्षा द्वारा खदान के पास जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से नया तालाब बनवाया गया। यह तालाब अब वर्षा जल को सुरक्षित रखता है और साल भर ग्रामीणों के उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराता है। तकनीकी दृष्टि से मजबूत निर्माण – हर बूंद का संरक्षण तालाब निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बांध की चौड़ाई और ऊंचाई को इस तरह मापा गया कि वर्षा का पानी सुरक्षित रूप से जमा रहे और बांध को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, तालाब की गहराई को अधिक रखा गया ताकि जल लंबे समय तक टिक सके। कार्य का क्रियान्वयन पूरी तरह महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में किया गया, जिससे न केवल जल संरक्षण हुआ बल्कि निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार भी मिला। परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर तालाब निर्माण के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां खेत सूख जाते थे और फसलें मुरझा जाती थीं, वहीं अब तालाब के आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। इससे खेतों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों के चेहरों पर अब संतोष की मुस्कान है क्योंकि उनकी मेहनत अब फसल के रूप में रंग ला रही है। आजीविका का नया साधन – मछली पालन से बढ़ी आय तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को नई आय का स्रोत भी प्रदान किया है। ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीण बाबू सिंह, जीत नारायण (जॉब कार्ड नं. 001/29) तथा श्री एक्का प्रसाद और रविशंकर (जॉब कार्ड नं. 001/79) ने मिलकर तालाब में 3000 मछली बीज छोड़े हैं। इन ग्रामीणों द्वारा तालाब का नियमित रूप से रखरखाव किया जा रहा है। मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, तालाब का पानी अब सिंचाई के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है। ग्रामीणों की जुबान – अब पानी की नहीं कोई कमी ग्राम के निवासी श्री बाबू सिंह कहते हैं कि पहले गर्मियों में हमें पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। तालाब बनने से अब न केवल पीने और निस्तार का पानी मिलता है बल्कि खेतों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है। मछली पालन से हमें अतिरिक्त आमदनी का साधन मिला है। यह तालाब हमारे लिए अमृत सरोवर से कम नहीं। स्थायी विकास की मिसाल बना राधारमण नगर आज सोनवर्षा-राधारमण नगर गांव का यह तालाब जल संरक्षण, संचयन और आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन गया है। इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और तकनीकी समझदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में जल संकट जैसी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत सोनवर्षा का यह प्रयास मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। हर बूंद में समाई उम्मीद राधारमण नगर का यह नवीन तालाब सिर्फ पानी का भंडार नहीं, बल्कि गांव की खुशहाली का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल जल संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रोजगार, कृषि और मछली पालन के माध्यम से ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो हर बूंद से बदलाव संभव है, और यही तालाब उस परिवर्तन का साक्षी है जिसने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

रेलवे अलर्ट: छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, 3 रद्द और 2 प्रभावित — जारी हुई सूची

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है. प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:     68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.     68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण हेतु बैठक 14 नवंबर को

जगदलपुर जिले में 5 वर्ष तक आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार पंजीयन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन शुक्रवार 14 नवम्बर को दोपहर 2 बजे प्रेरणा हॉल में होगी, जहाँ पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और ऑपरेटरों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक साथ ही सभी आधार ऑपरेटर और डाक विभाग के आधार ऑपरेटर शामिल होंगे।

600 किलोमीटर की चुनौती पूरी: रायपुर को मिले दो नए सुपर रैंडोन्यूर्स

रायपुर शहर के साइक्लिंग प्रेमियों के लिए गर्व का मौका आया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स से 2 साइकिलिस्ट- सीए दल्लू जैन और जगन मोहन रेड्डी ने 600 किलोमीटर की साइक्लिंग पूरी कर सुपर रैंडोन्यूर्स (एसआर) का खिताब हासिल किया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स के संचालक दीपांशु जैन (‘द बाइसिकल हब’) ने बताया कि 8 नवंबर को आयोजित “बीआरएम 600” राइड में दोनों साइकिलिस्टों ने 39 घंटे में यात्रा पूरी की, जबकि अधिकतम समय सीमा 40 घंटे थी. यह आयोजन ‘ब्रेवेट डी रैंडोन्यूर्स मोंडियाक्स’ के अंतर्गत हुआ, जिसमें 200, 300, 400 और 600 किमी की राइड एक ही कैलेंडर वर्ष में निर्धारित समय में पूरी करने पर साइक्लिस्ट को सुपर रैंडोन्यूर्स का दर्जा मिलता है. 600 किमी की इस साहसिक राइड का मार्ग रायपुर–सोहेला–रायपुर (400 किमी) और रायपुर–राजनांदगांव–रायपुर (200 किमी) तक फैला था. रातभर घने जंगलों, ठंडी हवाओं और अंधेरी सड़कों से गुजरते हुए दोनों साइकिल सवारों ने गजब का धैर्य और जज्बा दिखाया. राइड पूरी होने के बाद रायपुर मरीन ड्राइव पर शहर के सैकड़ों साइक्लिस्टों और परिजनों ने दोनों सुपर रैंडोन्यूर्स का फूलमाला और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया. आयोजकों ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत संकल्प का उदाहरण है, बल्कि प्रदेश में एंड्योरेंस साइक्लिंग संस्कृति को भी नई ऊर्जा देगी.

प्रार्थना सभा से मचा हंगामा: धर्मांतरण के शक में SECL कर्मचारी को पुलिस ने लिया हिरासत में

बिलासपुर बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है. दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे. आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद- अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया। मुख्यमंत्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।” मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।

धान खरीदी को लेकर राजनीति तेज: डिप्टी सीएम बोले—‘ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है’

रायपुर छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही विपक्ष और सरकार के बीच सियासत तेज हो गई है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए जमकर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है. हमारी सरकार किसान हितैषी है और सभी वादों को पूरा कर रही है. बता दें, पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी को लेकर दावा किया है कि धरातल पर धान खरीदी की कोई तैयारी नहीं है. इधर एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन की दिक्कतों से पंजीयन के लिए 7 लाख किसान परेशान हैं. पंजीयन के लक्ष्य से ही समझ आ रहा है कि सरकार ही नहीं चाहती कि पूरे किसान धान बेचें, इसलिए पेचीदगियां पैदा की गई हैं. डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व सीएम बघेल के इस बयान का पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने बोनस देने का वादा किया था, लेकिन उसे 5 साल तक निभाया नहीं. किस्तों में पैसा दिया और चौथी किस्त में कटौती कर पैसा खा गई.” उन्होंने आगे कहा कि धान खरीदी निर्धारित तिथि पर सुचारू रूप से शुरू होगी, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. देर रात हुई मंत्रियों की बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में बीती रात मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यक्रम लगातार जारी हैं और कार्यकर्ताओं व नेताओं का कार्यालय आना-जाना नियमित रूप से चलता रहता है. SIR पर कांग्रेस की निगरानी को लेकर कसा तंज इस बीच, SIR प्रक्रिया को लेकर आज कांग्रेस की निगरानी समिति की बैठक प्रस्तावित है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को न संविधान पर भरोसा है, न संवैधानिक संस्थाओं पर. उनका भरोसा सिर्फ एक परिवार और उसके आदेशों पर है. SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, पहले भी होती रही है. कांग्रेस अपने ही जनाधार पर सवाल उठा रही है.” उन्होंने आगे कहा- “कांग्रेस अब वोट चोरी, मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाकर जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस अब जनता से कट चुकी है, उसके अपने कार्यकर्ता भी उससे दूर जा रहे हैं,”

लूट की बड़ी वारदात: हथियारबंद बदमाशों ने 11 लोगों को बंधक बनाकर घर लूटा

कोरबा कोरबा में  बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत लगभग जिले से 10 किलोमीटर दूर ग्राम तराईडांड में  शत्रुघ्न दास का परिवार निवास करता है जहां शत्रुघ्न दास घर पर राशन दुकान का संचालन करता है इसके अलावा खेती किसानी भी करता है गांव का एक बड़ा किस है जहां आर्थिक रूप से  मजबूत है। बताया जा रहा है कि शत्रुघ्न दास के परिवार में बेटा बहू और भाई समेत लगभग 11 सदस्य हैं जो सभी रात 10:00 बजे खाना खाने के बाद सभी अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। रात लगभग 1:00 बजे उसके घर के पीछे हिस्से से दीवार बांधकर लगभग 10 से 15 लोग घर के अंदर घुसे जिनके पास धारदार हथियार था शत्रुघ्न दास को लगा कि कोई कुत्ता या जानवर होगा जो अंदर आया होगा और वह कमरे से बाहर निकाल कर देखा तो हथियार से लेस लोग खड़े हुए थे जहां उन्हें हथियार की नोक पर आवाज देने या किसी तरह की हरकत करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे सभी को हथियार की नोक पर सभी को घर पर रस्सी से बांध दिया। और घर पर रखें लगभग डेढ़ लाख नगदी रकम समेत सोने चांदी के जेवरात समेत सब ले भागे। रात 3:00 बजे लगभग किसी तरह सभी ने एक दूसरे के सहयोग से रस्सी को खोला और गांव वालों की इसकी जानकारी दी इसके बाद हड़कंप मच गया। इसकी शिकायत सुबह होने पर संबंधित बालको थाना पुलिस को दी गई जहां उच्च अधिकारियों को निर्देश पर कोरबा सीएसपी भूषण एक्का मौके पर पहुंचे और जांच कार्रवाई शुरू की जहां शत्रुघ्न दास और उनके परिजनों का बयान दर्ज किया गया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण दहशत में है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर ने बताया कि मकान मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

अवैध धान तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: चिल्फी में दो ट्रक पकड़े गए, 647 क्विंटल धान जब्त

कबीरधाम 15 नवंबर से शुरू होने वाले धान खरीदी सीजन के मद्देनजर जिले के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए प्रशासन ने चौकसी तेज कर दी है। सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं और निगरानी के लिए राजस्व, पुलिस, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम तैनात की गई हैं। इसी अभियान के तहत चिल्फी घाटी में संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रक में भरे कुल 647 क्विंटल अवैध धान को जब्त किया। नायब तहसीलदार ऋतु श्रीवास ने बताया कि जांच के दौरान ट्रक को रोककर पूछताछ की गई। वाहन चालकों ने बताया कि धान उत्तर प्रदेश से लाया जा रहा था, लेकिन वे इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। संयुक्त टीम द्वारा धान को जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले में धान खरीदी के दौरान निगरानी और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में अवैध धान परिवहन को रोका जा सके।

प्रेरणादायक देहदान: सरोज देवी की देह से चिकित्सा छात्रों को मिलेगा ज्ञान

डॉक्टर बनने वाले छात्र सीखेंगे सरोज देवी की देह से  सरोज देवी के देहदान को सबने प्रेरणादायक कहा देहदान को सभी ने अत्यंत प्रेरक बताया कांकेर  शहर के बरदेभाठा निवासी सरोज देवी शर्मा (82) और पत्रकार स्व. बंशीलाल शर्मा की धर्मपत्नी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। के अनुरूप परिजनों ने उनकी इच्छा सरोज देवी शर्मा उनका पार्थिव शरीर कांकेर मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के लिए दान किया।    साल 2020 में खुले कांकेर मेडिकल कॉलेज के इतिहास में यह तीसरा देहदान है। सरोज देवी शर्मा समेत अब तक तीन लोगों के पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंपे जा चुके हैं। मेडिकल से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा मृत देह मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए साइलेंट टीचर की तरह होती हैं। वे इसी से शारीरिक अंगों पर प्रैक्टिकल कर दूसरों को जीवन देना सीखते हैं। स्वर्गीय सरोज देवी शर्मा का निधन 11 नवंबर को 1.45 बजे हुआ। परिजनों ने उनकी इच्छा अनुरूप आपसी सहमति से सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते अपनी माता के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान करने निर्णय लिया था। परिजनों ने कुछ दिन पहले ही फॉर्म भरा था। उनके पुत्र और वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा ने बताया हमारी माता के स्वभाव में ही था कि वे हमेशा लोगों की मदद करने आगे रहती थीं। उनकी इच्छा भी यही थी कि वे मृत्यु के बाद भी किसी के काम आ सकें। उनकी इसी भावना को देखते हुए पूरे परिवार ने आपस में सलाह मशवरा कर उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज कांकेर के एनाटॉमी विभाग को मेडिकल अनुसंधान के लिए दान करने का फैसला लिया। विदित हो कि सरोज देवी शर्मा धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और सामाजिक कामों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थीं। उनके पति स्व. बंशीलाल शर्मा बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार थे। देशबंधु और दैनिक भास्कर जैसे संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे चुके थे। परिवार से और भी भर चुके हैं देहदान का फॉर्म इस परिवार से सरोजदेवी शर्मा के देवर बिलासपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार नथमल शर्मा पहले ही देहदान करने फॉर्म भर चुके हैं। उनका मानना है इंसान को जीवित रहते लोगों के काम आना ही चाहिए और मरणोपरांत भी काम आते रहना चाहिए। देहदान एक महादान है विधायक आशाराम नेताम ने कहा एक अच्छी सोच होने के साथ ही यह प्रेरणादायक भी है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को अध्ययन के लिए मृत देह की जरूरत होती है। मृत शरीर का मेडिकल की पढ़ाई में एक बड़ा योगदान होना होता है। देहदान एक महादान है। देहदान एक सामाजिक उत्तरदायित्व मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. यास्मिन खान ने कहा कि देहदान सामाजिक उत्तरदायित्व भी है, जो चिकित्सा शिक्षा और शोध को आगे बढ़ाने में मदद करता है। समाज में अच्छे डॉक्टर देने के लिए देहदान जरूरी मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई व समाज के अच्छे डॉक्टर देने के लिए देहदान जरूरी है। छात्रों को अच्छे से पढ़ाई करने मृत देह के विकल्प में दूसरी कोई चीज नहीं है। उससे ही छात्र सीखते हैं। मृत देह छात्रों के लिए साइलेंट टीचर होती हैं। एनाटॉमी विभाग के प्रो. स्वयं आए देह लेने आज सवेरे राजेश शर्मा के निवास से अंतिम यात्रा प्रारम्भ हुई । बरदेभाटा चौक पर परिजनों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में सरोज देवी का पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौप दिया गया जिसे लेने एनाटॉमी विभाग के प्रो डा. विश्वास स्वयं अपनी टीम के साथ पहुंचे थे । तत्पश्चात् वहीं श्रद्धांजलि सभा हुई । जिसमें शिक्षा विद सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने शर्मा परिवार द्वारा इस देहदान के निर्णय को अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक बताया । इससे मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को अध्ययन करने में मदद मिलेगी । तत्पश्चात् दो मिनट का मौन रख कर मृतात्मा को श्रद्धांजलि दी गई ।