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भक्ति और संवाद का मिलन: रामनामी समाज ने प्रधानमंत्री मोदी से की आत्मीय मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।  

रामभद्राचार्य का बयान: भारत में रहना है तो बोलना होगा ‘जय श्री राम’

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा." उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ हैं, वे भारत में नहीं टिक पाएंगे. आस्तिक बनकर रहो, नहीं तो बच नहीं पाओगे. वे श्री राम के विरोध को लेकर भी इमोशनल दिखे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार बघेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी श्रीराम की निंदा ने उन्हें दुखी किया था. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय की भी तारीफ की. छत्तीसगढ़ में रामभद्राचार्य का तीखा बयान दरअसल, पेंड्रा में आयोजित श्रीमद्भागवत महाकथा में वक्ता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. सनातन से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का जिक्र करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अब जीवित नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने श्री राम की आलोचना की थी, तो उन्हें बहुत दुख हुआ था. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु दे साय की पत्नी कौशल्या साय की तारीफ करते हुए कहा कि आदिवासी इलाके में पैदा होने के बावजूद उनके संस्कार बहुत अच्छे हैं. 'गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे' श्रीमद्भागवत कथा में जब भगवान कृष्ण के वंश और द्वारिका के अंत का प्रसंग आया तो स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा के दौरान एक बड़ी बात कही जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो आस्तिक बने रहो वरना मर जाओ, सनातन धर्म से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों से जुड़े लोग सनातन धर्म की आलोचना करते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. हालांकि वे अब नहीं रहे. उन्होंने राम जी की आलोचना की, उन्होंने अपने ही भतीजे की आलोचना की. क्या राम जी की आलोचना करके कोई यहां रह पाएगा. भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. यहां जय श्री राम न कहने वालों को जनता ऐसे भगाएगी कि गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे. 

छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक: रायपुर स्टेशन पर बजा राज्य गीत

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज 1 नवंबर को रायपुर रेलवे स्टेशन राज्य गीत ‘अरपा-पैरी के धार’ से गूंज उठा. प्लेटफॉर्म्स पर बैठे यात्रियों के चेहरों पर राज्यगीत की धुन सुनते ही खुशी की चमक दिखाई दी. इस दौरान कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है. बता दें, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को आज 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इसलिए छत्तीसगढ़ इस साल अपना रजत जयंति वर्ष मना रहा है. इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव कार्यक्रम और छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के उद्घाटन करने समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं. प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्व कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य गठन का उत्सव मनाएंगे. छठ गीत बजने पर उठे थे सवाल छठ महापर्व पर छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर छठ गीत भी बजाए गए थे, जिसे लेकर छत्तीसगढ़वासियों ने सवाल उठाए थे. प्रदेशवासियों का कहना था कि “छठ छत्तीसगढ़ का पर्व नहीं है. दूसरे राज्य का पर्व है. अब-तक रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के गीत नहीं बजाए गए, लेकिन छठ गीत बजाया गया.” आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रेलवे स्टेशन पर राज्य गीत सुनकर लोगों में उत्साह देखने को मिला. कई लोगों ने साथ-साथ गाया “जय हो जय हो… छत्तीसगढ़ मईया….”  

छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी का बड़ा कदम: 14,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर रजत महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी की जयकारों के साथ भाषण की शुरुआत की। PM मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाई और बहनों छत्तीसगढ़ के जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियानों को हाथ जोड़ कर जय जोहर। आज छत्तीसगढ़ राज्य अपन गठन के 25 साल पूरा कर लिया है।  25 साल में सफर का साक्षी रहा हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। 40,000 किलोमीटर तक पहुंचा सड़कों का जाल- पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद छत्तीसगढ़ में एक पूरी पीढ़ी बदल गई है, जिसने 2000 से पहले का दौर नहीं देखा। जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। गांवों में सड़कें नहीं थीं। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल 40,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है। क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग… इस दौरान PM ने जनता से पूछा क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग, सब लोग बताइए। अपना फोन निकालिए और फ्लैश जलाइए। ये अगले 25 साल के सूर्योदय का उदय हो गया है। आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उग गया है। मोदी ने कहा कि नई रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी आपकी भाग्य का निर्माण करने वाली है। साथियों 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ को आपको सौंपा था।  छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।  आज छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर मिला- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ही  छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर और नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय के लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है- पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाइयों-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। जो बीज 25 साल पहले बोया गया था। आज यह विकास का वृक्ष बन गया है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नई विधानसभा मिल रही है। PM मोदी ने सोनिया को सौंपी आवास की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर PM आवास योजना के हितग्राहियों को चाबियां सौंपी। PM मोदी ने धमतरी की सोनिया से बातचीत भी की। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। CM साय बोले- PM मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं CM विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को बनाया। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पीएम मोदी प्रदेश के कोने-कोने में घूम चुके हैं। 14 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। इसके पहले बिलासपुर में 35 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। नवा रायपुर को बनाएंगे प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बता दें कि PM मोदी ने नवा रायपुर को प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बनाने की बात भी कही। PM ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं। इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है। मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सत्य साईं अस्पताल में 2500 बच्चों से मिले PM मोदी इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट से निकलकर सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों उनके स्वागत में खड़े रहे। पीएम मोदी सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचें और “दिल की बात” कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, पूर्व क्रिकेटर … Read more

पीएम मोदी ने ली तीजन बाई की तबीयत की जानकारी, जिला प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पीएम मोदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के बारे में पूछा, तो पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। जिला कलेक्टर समेत स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम फौरन तीजन बाई के घर पहुंची और उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी अधिकारी लगभग आधे घंटे तक तीजन बाई के घर पर मौजूद रहे। काफी समय से बीमार हैं तीजन बाई दरअसल 2024 में तीजन बाई के तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उनका बीपी काफी बढ़ गया था और वो बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थीं। यही नहीं, वो कई लोगों को पहचानने में भी असमर्थ थीं। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को बेहतर उपचार और उनके देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। सीएम ने दिया थे आदेश सीएम के आदेश के बाद चिकित्सकों की एक टीम समय-समय पर तीजन बाई के आवास पर भेजी जाती थी और उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही थी। वहीं, जब आज पीएम मोदी ने उनका जिक्र किया, तो जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज दानी समेत कई अधिकारी तीजन बाई के आवास पर पहुंच गए। तीजन बाई का घर गनियारी गांव में है। पीएम मोदी के पूछने के बाद ही प्रशासन की पूरी टीम तीजन बाई के घर पर पहुंची और आधे घंटे तक उनका चेकअप हुआ। इस दौरान दौरान तीजन बाई के परिवार के भी सभी सदस्य मौक पर मौजूद थे। परिवार के सदस्यों के मुताबिक तीजन बाई ठीक से कुछ बोल या बता नहीं पा रही हैं।

राजधानी में उमड़ा जनसैलाब: नरेंद्र मोदी का रोड शो बना आकर्षण का केंद्र

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायपुर के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन तक पीएम मोदी ने रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े, जहां लोगों ने हाथ हिलाकर और बैनर-पोस्टर लहराकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उन्होंने श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल में आयोजित “दिल की बात” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हृदय रोग का सफल ऑपरेशन करा चुके करीब 2500 बच्चों के साथ संवाद किया। इसके बाद पीएम मोदी ने ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन का लोकार्पण किया।  

पीएम मोदी पहुंचे सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, बाल हृदय रोगियों से की खास मुलाकात

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायपुर के एक दिवसीय दौरे पर हैं. एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद वे श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल पहुंचे. यहां वे “दिल की बात” कार्यक्रम में करी शिरकत. इस दौरान हृदय रोग का सफल ऑपरेशन करा चुके करीब 2500 बच्चों के साथ संवाद किया . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर पहुंचने से पहले सोशल मीडिया एक्स पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी है. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि “छत्तीसगढ़ के अपने सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ की अनेकानेक शुभकामनाएं. प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए मानदंड गढ़ने में जुटा है. कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के कई इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा कर रहे. मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से हमारा यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा. दोपहर में प्रधानमंत्री आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन कर उसका भ्रमण करेंगे. इसके बाद वे नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ करेंगे. राज्योत्सव के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री शाम 4:20 बजे रायपुर हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे और 4:25 बजे विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आज का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है. साल 2000 में इसी दिन यह राज्य मध्यप्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आया था. इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का उत्साह कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि छत्तीसगढ़ अपने गौरवशाली 25 वर्ष पूरे कर चुका है. इस खास अवसर पर राज्योत्सव मैदान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बॉलीवुड से लेकर स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे. पांच दिनों तक यह उत्सव पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया जाएगा.

जब खैरागढ़ बोला — बनना है छत्तीसगढ़! राज्य स्थापना की प्रेरक कहानी

खैरागढ़ आज छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है. लेकिन इस खास मौके पर एक सवाल फिर गूंजता है,आख़िर ‘छत्तीसगढ़’ नाम आया कहां से? यह कहानी सिर्फ एक नाम की नहीं, बल्कि इस मिट्टी की असली पहचान की है और इसकी शुरुआत होती है खैरागढ़ से, जहां करीब सन 1487 में पहली बार “छत्तीसगढ़” शब्द बोला गया था. उस दौर में खैरागढ़ (जिसे तब खोलवा कहा जाता था) पर राजा लक्ष्मीनिधि कर्ण राय का शासन था. आसपास के इलाकों में पिण्डारियों का आतंक फैला था. हर जगह लूट, डर और अराजकता थी. लोग निराश थे, वीरता जैसे सो गई थी. ऐसे कठिन समय में राजा के दरबार में एक कवि थे दलपत राव. वे चारण परंपरा के कवि थे, जो अपने शब्दों से वीरता जगाने के लिए जाने जाते थे. एक दिन उन्होंने राजदरबार में खड़े होकर राजा से कहा —     “लक्ष्मीनिधि कर्ण राय सुनो, चित्त दे —     गढ़ छत्तीस में न गढैया रही,     मर्दानी रही न मर्दन में,     कोउ न ढाल अढैया रही.” यही वो क्षण था जब “छत्तीसगढ़” शब्द पहली बार सुना गया. कवि दलपत राव ने इन पंक्तियों में न सिर्फ़ उस समय की स्थिति बयान की, बल्कि राजा के अंदर सोई हुई वीरता को भी जगाया. कहा जाता है कि कविता सुनने के बाद राजा में नया जोश भर गया. उन्होंने राज्य को संगठित किया, नए किले बनवाए और खोलवा को छोड़कर खैरागढ़ को अपनी राजधानी बनाया. यहीं से छत्तीसगढ़ की पहचान की शुरुआत हुई एक ऐसी पहचान जो आज भी हर छत्तीसगढ़िया के गर्व की बात है. इस कहानी को सिर्फ़ लोककथाओं में ही नहीं, बल्कि स्कूल की किताबों में भी दर्ज किया गया है. छत्तीसगढ़ बोर्ड की कक्षा 6वीं से 8वीं की सामाजिक विज्ञान की किताबों में लिखा है कि कवि दलपत राव ने ही पहली बार “छत्तीसगढ़” शब्द का प्रयोग किया था. किताबों में बताया गया है कि यह वही समय था जब राजा लक्ष्मीनिधि कर्ण राय के शासन में इस क्षेत्र को एक नाम मिला छत्तीसगढ़, जो आगे चलकर पूरे प्रदेश की पहचान बन गया. इतिहासकारों के अनुसार बाद में मराठों और अंग्रेजों के दौर में “छत्तीसगढ़” शब्द का औपचारिक रूप से इस्तेमाल दस्तावेज़ों में होने लगा. लेकिन इस नाम की जड़ें उसी कविता में हैं, जो खैरागढ़ के दरबार में गूँजी थी. आज जब छत्तीसगढ़ अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है, तो यह कहानी हमें याद दिलाती है कि यह नाम सिर्फ़ भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि एक भावना है वीरता, संस्कृति और अस्मिता की. खैरागढ़ की वह धरती, जहां एक कवि की आवाज ने इतिहास लिखा था, आज भी उसी गौरव की गवाही देती है.

रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री साय से की शिष्टाचार भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले रामनामी मेला एवं संत समागम में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अखिल भारतीय रामनामी महासभा की अध्यक्ष सेत बाई रामनामी, महासचिव गुला राम रामनामी सहित रामनामी संप्रदाय से जुड़े अनेक सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025: नवा रायपुर के 12 सेक्टरों में बनेगा आधुनिक आईटी और स्पोर्ट्स हब

रायपुर नवा रायपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनने जा रही है. यहां अलग-अलग सेक्टर में लगभग सात लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव मिला है. यहां शुरू होने वाले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान लोगों के लिए जहां आकर्षण का केंद्र बनेंगे, वहीं बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. इसके अलावा आईटी हब, मेडिसिटी, अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट और तीरंदाजी अकादमी के साथ ही अमर जवान ज्योति स्मारक भी तैयार किया जाएगा. नवा रायपुर में बसाहट बढ़ाने के लिए मंत्रालय, विधानसभा और मंत्रियों के बंगले बनकर तैयार है. विधानसभा भवन का लोकार्पण राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर को होने जा रहा है. राजभवन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा. नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन लगभग बनकर तैयार है और जल्द ही इसका उद्घाटन होगा. यह अहम परिवहन केंद्र होगा. नवा रायपुर व्यापार और निवेश का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. आईटी पार्क, बिजनेस हब और औद्योगिक क्षेत्र का विकास तेजी से जारी है. निवेशकों के लिए इंजी ऑफ डुइंग बिजनेस की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है. यह एमपोर्ट, रेलवे और एक्सप्रेस वे से सीधा जुड गया है. इन क्षेत्रों में होगा विकास     आईटी, फामां और एजुकेशन हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य.     आईटी पार्क, डाटा सेंटर, फार्मा हब और मेडिवसिटी का विकास प्रगति पर.     स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने इन्क्यूबेशन सेंटर.     लगभग 200 एकड़ में मेडिसिटी का विकास     142 एकड़ में फार्मास्यूटिकल हब.     30 एकड़ में 30 करोड़ रुपए की लागत से. रेडीमेड गारमेंट पार्क का निर्माण.     30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर का विकास.     लाइवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना.     कार्गो सुविधा नवा रायपुर से उपलब्ध     सेक्टर 32 में कक्षा 6 से 12वीं तक अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल का निर्माण क्रिकेट एकेडमी, आर्चरी सेंटर, कला ग्राम. ये है खास बातें (छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025) सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्टः नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित सीबीडी कॉम्प्लेक्स नई पहचान बनेगा. जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर और गोकुल सुपर मार्केट भी शुरू होगा. स्मार्ट स्कूलः स्मार्ट स्कूल बनाए जा रहे हैं, जहां बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा की सुविधा मिलेगी. इन स्कूलों में आधुनिक तकनीकी और सुविधाएं होंगी, जो बेहतर शिक्षा देंगी. एरोसिटीः नवा रायपुर में एयर पोर्ट के पास 216.63 एकड़ क्षेत्र में एरोसिटी विकसित की जा रही है. इसमें वाणिज्यिक संस्थान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटल होंगे. कमर्शियल हबः नवा रायपुर के सेक्टर- 23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ क्षेत्र में कमर्शियल हब विकसित किया जा रहा है. इसमें 1000 थोक व्यावसायिक दुकानें होंगी, जो न केवल छग बल्कि आसपास के राज्यों के लिए लाभदायक होगी. शहीद स्मारक और अमर जवान ज्योति स्मारकः नवा रायपुर के ग्राम परसदा में शहीद स्मारक और अमर जवान ज्योति स्मारक की स्थापना की जा रही है. 2700 शहीदों के नाम उत्कीर्ण किए जाएंगे.