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मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

डोंगरगढ़ में ट्रेन सुविधाएं बढ़ीं: नवरात्रि के लिए 1 मेमू स्पेशल, 2 मेमू ट्रेनें अब गोंदिया तक

 रायपुर भारत में नवरात्र का पर्व एक विशेष धार्मिक अवसर है, जिसे भक्तों के लिए यात्रा करना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय हर साल रेलवे प्रशासन भक्तों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करता है।इस बार भी, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ देवीधाम रेलवे स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 दिनों के लिए स्टापेज दिया गया है, जिससे यात्रियों को बहुत राहत मिल सकेगी। इसके साथ ही, 2 मेमू ट्रेनों का गोंदिया तक विस्तार भी किया गया है और 1 स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। दो मेमू का किया विस्तार नवरात्र के दौरान ही गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू का रायपुर तक विस्तार किया गया है। यह शाम 5.15 बजे रायपुर से रवाना होगी। 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू रात रायपुर रात 10.40 बजे आएगी। इसी तरह रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू का गोंदिया तक विस्तार किया गया है। मेमू 68729 रात 11.40 बजे डोंगरगढ़ से रवाना होकर 1.20 गोंदिया पहुंचेगी। 68730 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू 1.45 गोंदिया से रवाना होकर 3.20 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव रेलवे प्रशासन ने नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ माता मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पांच जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की घोषणा की है। इन ट्रेनों में शामिल हैं: दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच मेमू स्पेशल चलाएगा। यह मेमू 06886 डोंगरगढ-दुर्ग 1 बजे डोंगरगढ़ से निकलेगी, जो कि 1.05 जतकनहार, 1.11 मुसरा, 1.19 बकल, 1.30 राजनांदगांव, 1.40 परमलकसा, 1.50 मुरहीपार, 1.57 रसमरा, 2.20 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसी प्रकार 06885 दुर्ग- डोंगरगढ़ मेमू दुर्ग से 2.40 बजे निकलेगी, जो कि 2.45 रसमरा, 2.53 मुरहीपार, 3.01 परमलकसा, 3.09 राजनांदगांव, 3.19 बकल, 3.28 मुसरा, 3.35 जतकनहार और 4 बजे      बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस     रायपुर-सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव दो मिनट के लिए दिया गया है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। मेमू ट्रेनों का विस्तार: गोंदिया-दुर्ग मेमू ट्रेन का फेरा 9 दिनों के लिए रायपुर तक बढ़ाया गया है, जबकि रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को गोंदिया तक बढ़ाया गया है। स्पेशल मेमू ट्रेन: दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जो यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगी। नवरात्र के दौरान रेलवे प्रशासन की तैयारी: रेलवे प्रशासन ने नवरात्र के पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की है। विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए ठहराव दिया गया है। गोंदिया-दुर्ग मेमू का फेरा रायपुर तक बढ़ाया गया नवरात्र के दौरान गोंदिया से दुर्ग तक चलने वाली मेमू ट्रेन को रायपुर तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन गोंदिया से दुर्ग तक पहुंचने के बाद भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, भिलाई, देव बलौदा चरौदा, डी-केबिन, कुम्हारी, सरोना होते हुए रायपुर पहुंचेगी। वापसी में यह वही मार्ग अपनाते हुए गोंदिया लौटेगी। यह ट्रेन नवरात्र के दौरान भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्शन बनेगी, जिससे वे आसानी से यात्रा कर सकेंगे और अपनी धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।  रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू को गोंदिया तक बढ़ाया गया दूसरी ओर, रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को भी 9 दिनों के लिए गोंदिया तक बढ़ा दिया गया है। यह ट्रेन डोंगरगढ़ से गुदमा, आमगांव, धानौली, सालेकसा, दरेकसा, बोरतलाव, पनिया-जोब होते हुए गोंदिया पहुंचेगी। वापसी में यह गोंदिया से डोंगरगढ़ होते हुए रायपुर तक पहुंचेगी। यह विस्तार न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए एक सुविधा है, बल्कि इससे इस क्षेत्र के अन्य यात्रियों को भी यात्रा में आसानी होगी।  दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच मेमू स्पेशल इसके अतिरिक्त, दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक विशेष मेमू ट्रेन भी चलायी जाएगी। यह ट्रेन दुर्ग से रसमरा, मुरहीपार, परमलकसा, राजनांदगांव, बकल, मुसरा, जटकन्हार होते हुए डोंगरगढ़ पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन नवरात्र पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चलाई जाएगी। नवरात्र पर रेलवे की तैयारी: भक्तों के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भारतीय रेलवे ने हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, गोंदिया-दुर्ग और रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेनों का विस्तार, साथ ही विशेष मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन सभी उपायों से यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रियों को न केवल धार्मिक यात्रा का आनंद मिले, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।   छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ देवी धाम की विशेषताऐं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में स्थित डोंगरगढ़ देवी धाम को मां बम्लेश्वरी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां लाखों भक्त हर साल दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को लगभग 1,100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, और जो सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।  मां बम्लेश्वरी मंदिर की मुख्य बातें:     स्थान: यह मंदिर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के डोंगरगढ़ शहर में स्थित है।      ऊंचाई: यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी की चोटी पर बना है।     इतिहास: इस शक्तिपीठ का इतिहास करीब 2,000 वर्ष पुराना माना जाता है।     छोटी बम्लेश्वरी: पहाड़ी के समतल पर एक और मंदिर है जिसे छोटी बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।     पहुँच: भक्तों के लिए मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1,100 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।     रोपवे: सीढ़ियाँ न चढ़ पाने वाले भक्तों के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।     मेला: नवरात्रि के समय यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इन ट्रेनों के डोंगरगढ़ में ठहरने का समय दो मिनट के लिए निर्धारित किया गया है। यह यात्रियों को मंदिरों के दर्शन करने के … Read more

आरपीएफ स्थापना दिवस समारोह: आईजी ने वीरता और उत्कृष्ट कार्य के लिए 40 को किया सम्मानित

रायपुर/ बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 20 सितंबर  को अपना स्थापना दिवस समारोह रिजर्व लाइन, बैरक प्रांगण के मैदान में उत्साहपूर्वक मनाया. इस अवसर पर महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त मुनव्वर खुर्शीद ने परेड की सलामी ली और उपस्थित बल सदस्यों को संबोधित किया. उन्होंने RPF के गौरवशाली इतिहास और कर्तव्यों पर प्रकाश डाला, साथ ही बल सदस्यों को ईमानदारी, निष्ठा और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए कर्तव्य निभाने के लिए प्रोत्साहित किया. समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 अधिकारियों और बल सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कार और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 50 से अधिक RPF अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल, बिलासपुर में रक्तदान किया.  कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक-सह-मुख्य सुरक्षा आयुक्त, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे. इस समारोह ने RPF की प्रतिबद्धता और सेवा भावना को उजागर करते हुए बल सदस्यों में जोश और उत्साह का संचार किया.

शहीद रंजीत कश्यप की कहानी: 3 बेटियों के पिता और बुजुर्ग माता-पिता का था इकलौता सहारा

रायपुर  मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में आतंकवादियों ने असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए, जबकि 5 घायल हो गए। शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बालेंगा गांव निवासी रंजीत कुमार कश्यप भी शामिल हैं।  ग्रामीणों और दोस्तों के मुताबिक रंजीत पिछले महीने ही छुट्टी पर गांव आया था। करीब एक महीने तक वो अपने परिजनों के साथ रहा। पिछले रविवार को ही ड्यूटी पर लौटा था। उसने अपने साथियों से कहा था कि सेवा के तीन साल बाकी हैं। इसके बाद रिटायर होकर गांव लौटेगा और बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनेगा। परिजन बताते हैं कि, रंजीत शुरू से ही देश की सेवा करना चाहता था। उसका सपना था फोर्स ज्वाइन कर देश की रक्षा करना। रंजीत की तीन बेटियां हैं। एक बहन की शादी भी बीएसएफ जवान से हुई है। शुक्रवार को हुआ था हमला जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। अचानक हुई गोलीबारी में एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में एक ऑफिसर और जवान रंजीत कुमार कश्यप शहीद हो गए। इनके अलावा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, रंजीत कश्यप बस्तर के बालेंगा इलाके के रहने वाले थे। असम में अपनी सेवा दे रहे थे। तलाशी अभियान और श्रद्धांजलि हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी. सेना ने तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि हमलावरों को पकड़ा या मार गिराया जा सके. असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. पीएम मोदी के दौरे के बाद मणिपुर की शांति पर सवाल यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर दौरे पर गए थे, उन्होंने चुराचांदपुर में 7000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था और मणिपुर को शांति और विकास का प्रतीक बनाने का वादा किया था, लेकिन दौरे के कुछ ही दिनों बाद हुई यह आतंकी घटना राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशों पर सवाल खड़े करती है.

महापौर–पार्षद निधि के लिए 102.97 करोड़ रुपए जारी, नगरीय निकायों में आएगी रौनक

रायपुर राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। विभाग ने निकायों को पार्षद निधि के कुल 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए, महापौर/अध्यक्ष निधि के कुल 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए आबंटित कर दिए हैं। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दोनों मदों में 50-50 प्रतिशत राशि निकायों को जारी की है। नगरीय प्रशासन विभाग ने पार्षद निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 21 करोड़ 96 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 54 नगर पालिकाओं को 23 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपए, 120 नगर पंचायतों को 27 करोड़ रुपए की पार्षद निधि जारी की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से 14 नगर निगमों को दस करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए की महापौर निधि आबंटित की गई है। राज्य के 54 नगर पालिकाओं को दस करोड़ 50 लाख रुपए और 120 नगर पंचायतों को दस करोड़ एक लाख 25 हजार रुपए अध्यक्ष निधि जारी की गई है।

जनसेवक की मिसाल: MLA भावना बोहरा ने घायल को निजी वाहन से कराया अस्पताल भेजवाया

कवर्धा पांडातराई के पास शुक्रवार रात दर्दनाक हादसा हो गया. दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. सड़क पर वह खून से लथपथ हालत में वह सड़क पर तड़प रहा था. इस दौरान घटनास्थल से गुजर रही भाजपा विधायक भावना बोहरा ने काफिला रोककर घायल की मदद कर मिसाल पेश की. दरअसल, पंडरिया विधायक भावना बोहरा बिलासपुर से लौट रही थी. इस दौरान सड़क पर हादसे में खून से लथपथ युवक को देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया. इसके बाद विधायक भीड़ में पहुंची और घायल युवक के सिर बह रहे खून को रोकने के लिए कपड़ा भी रख दिया. मसीहा की तरह पहुंची विधायक भावना ने अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल अस्पताल में युवक का इलाज जारी है. वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने विधायक भावना बोहरा के इस मानवीय कदम की सराहना की.

6.60 करोड़ कैश के साथ पकड़ी गई दो स्कॉर्पियो, दुर्ग में सनसनी; महाराष्ट्र नंबर की गाड़ियों से बरामदगी

दुर्ग   दुर्ग पुलिस ने कुम्हारी थाना क्षेत्र में दो स्कॉर्पियो वाहनों से 6 करोड़ 60 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। दोनों गाड़ियों में बने गुप्त चेंबर से यह भारी-भरकम राशि बरामद हुई। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जानकारी आयकर विभाग को सौंप दी है। कैसे हुआ खुलासा? दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र पासिंग दो स्कॉर्पियो में बड़ी मात्रा में नगदी ले जाई जा रही है। निर्देश पर कुम्हारी पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान दोनों गाड़ियों के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबर मिले। इन्हीं से करोड़ों रुपये नकद बरामद हुए। आयकर विभाग को सौंपी गई जांच बरामद नगदी को लेकर पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचित किया। अब आगे की जांच और कार्रवाई आयकर विभाग कर रहा है। फिलहाल शक जताया जा रहा है कि पकड़े गए लोग हवाला कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ जारी गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है। आयकर विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई और किस उद्देश्य के लिए ले जाई जा रही थी। आयकर विभाग करेगा कार्रवाई कार से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने जानकारी आयकर विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी है। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम चुनावी माहौल या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है। आयकर विभाग जांच में जुटा है। वहीं, स्थानीय लोगों की भीड़ थाने में इकट्ठा हो गई और मामले की चर्चा पूरे क्षेत्र में होने लगी। ASP सुखनंदन राठौर ने बताया कि भारी मात्रा में कैश बरामद होने के बाद पुलिस-आयकर विभाग की संयुक्त टीम इस रकम के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है।

शांति से पहले शर्तें पूरी करें: डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नक्सलियों को दो टूक जवाब

रायपुर  नक्सलियों की शांति वार्ता से जुड़े पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, नक्सलियों को सबसे पहले आम जनता की हत्या बंद करनी होगी।जंगलों में लगाए गए IED को हटाकर उसकी सूचना सार्वजनिक करनी होगी। इन दोनों शर्तों को नक्सली मानेंगे, तभी किसी स्तर पर चर्चा की संभावना बन सकती है। इसे सरकार की ठोस शर्त बताते हुए उन्होंने कहा कि, जनता की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दो पत्र जारी हुए नक्सलियों की तरफ से गृहमंत्री ने बताया कि, नक्सलियों का पहला पत्र सामने आया है, वो पोलित ब्यूरो मेंबर का है, जबकि दूसरा पत्र एक जूनियर कैडर का है, जो तेलंगाना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पत्रों में उठाए गए मुद्दे भ्रामक हैं। राज्य सरकार को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। अगर नक्सलियों की नीयत साफ है, तो उन्हें सबसे पहले अपने कदमों से इसे साबित करना होगा। हिंसा और धमकी के रास्ते पर रहते हुए बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पर साधा निशाना नक्सलियों के पत्र में उठाए सवालों के जवाब में विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रशासन को दबाव में काम करना पड़ा। कई ईमानदार अधिकारी भी उस दौर में फंसाए गए। यही वजह है कि आज जांच में रोज-रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब कारोबार में बाहरी लोगों को संरक्षण मिला और उससे होने वाला पैसा कांग्रेस भवन तक पहुंचता था। इसी दबाव की राजनीति ने व्यवस्था को चरमराया। लगातार ऑपरेशन चल रहे डिप्टी सीएम ने कहा कि, सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल चुकी है। सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। विकास को हर गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर काम हो रहा है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शांति की बात करनी है तो पहले बंदूकें नीचे रखनी होंगी। आम जनता की हत्या और IED की डर की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसके बाद ही सरकार संवाद पर विचार कर सकती है।

युक्तियुक्तकरण से केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में बदला पढ़ाई का माहौल

रायपुर कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती। विद्यालय के प्राचार्य  सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 

स्वस्थ छत्तीसगढ़ से स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने मे स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगीः स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर देश में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्हत छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के द्वारा संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को लेकर शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत की गयी।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला के पहले दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां से ही संपूर्ण सृष्टि का आधार होता है। ऐसे में प्रसव के दौरान किसी माता की मौत हम सभी के लिए दुख की बात होती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु की दर 365 थी जो वर्तमान में घटकर 141 हो चुकी है। इसी तरह से राज्य गठन के वक्त शिशु मृत्यु दर 79 थी जो अब 38 हो चुकी है।  जायसवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं और हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में ये शिशु और मातृ मृत्यु दर शून्य हो जाएं।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने में स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और महिला बाल विकास विभाग की बहनों के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार जरूर आएगा। इस मौके पर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए "छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी" नामक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से न केवल माताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है, बल्कि राज्य के उन 30 विकासखंडों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जहाँ मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान और उनकी सतत निगरानी आवश्यक है। इसके साथ ही, सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और इसकी दिशा में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा विकसित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, समुदाय को मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” अभियान के माध्यम से राज्य में मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य तय किया गया है और शासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।