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रायपुर: वन मंत्री कश्यप ने नारायणपुर में 91 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 91 लाख 80 हजार रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें पुलिया, महतारी सदन, बाजार शेड, शालाओं में अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। मंत्री कश्यप ने ग्राम पंचायत केशरपाल स्थित दंतेश्वरी मंदिर पारा में 3.30 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 30 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन निर्माण का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत बनियागांव में 23.51 लाख रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण, सीसी रोड का लोकार्पण किया। उच्च प्राथमिक शाला बनियागांव में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा ग्राम पंचायत नंदपुरा में 10 लाख रुपये की लागत से आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला नंदपुरा में 8.07 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग का निर्माण कार्य जारी है, वहीं अंतागढ़-नारायणपुर और ओरछा-नारायणपुर मार्ग निर्माण कार्यों की भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 45 आंगनबाड़ी केंद्र, नवीन स्वास्थ्य केंद्र, पीएससी भवन और महतारी सदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों आवास स्वीकृत हुए हैं। वन मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक सड़क, पुलिया, बाजार शेड, हाई मास्ट लाइट और डिजिटल केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर पहुँचें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचाया जाएगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान, श्रीमती शकुंतला कश्यप, रूपसिंह मंडावी, विजय पांडेय, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दिए निर्देश, प्रयास आवासीय विद्यालय को बनाया जाएगा मॉडल स्कूल

प्रयास आवासीय विद्यालय को मिलेगा मॉडल स्कूल का दर्जा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की पहल विद्यार्थियों से संवाद कर सुविधाओं का लिया जायजा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने का दिया संदेश रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी आज रायगढ़ स्थित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को इसे मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री चैधरी ने विद्यार्थियों से विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं और अध्ययन भी सुचारु रूप से चल रहा है। वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ का प्रयास विद्यालय प्रदेश का आदर्श विद्यालय बने और यहां से बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित हों, यही हमारी प्राथमिकता है। चैधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, खेलकूद और योग गतिविधियाँ, खेल सामग्री और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। साथ ही विद्यालय का समय-समय पर निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रयास विद्यालय: मेधावी छात्रों के लिए विशेष पहल प्रयास आवासीय विद्यालय, छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इन विद्यालयों की स्थापना आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को  उत्कृष्ट शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई है। यहाँ छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और कोचिंग दी जाती है, ताकि वे आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता पाकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

संस्कृत हमारी विरासत का आधार, इसे संरक्षित करना सबकी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन में हुए शामिल रायपुर भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे। सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, अजय तिवारी, बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

मंत्री देवांगन ने छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं

रायपुर : कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री देवांगन छात्रावास में प्रवेश हेतु निर्धारित राशि का भुगतान करने में असक्षम,पिछड़े परिवार की योग्य छात्रा की डीएमएफ से  की जायेगी मदद : – कलेक्टर वसंत पीवीटीजी वर्ग की महिलाओं को कन्या छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रदान की गई नियुक्ति पत्र पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर एवं मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास का हुआ शुभारंभ रायपुर शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नाकोत्तर महाविद्यालय  परिसर कोरबा में कल वाणिज्य, उद्योग, सार्वजिनक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास का शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज के 100 व 50 सीटर एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया एवं रिबन काटकर संस्थाओं में कन्या छात्रावास संचालन कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन एवं सभी छात्राओं को बधाई देते हुए छात्रावास के बेहतर  संचालन हेतु  शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए  हुए कहा कि उन्होंने डीएमएफ राशि का उपयोग करने का अधिकार जिला को दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप डीएमएफ राशि का उपयोग जिले में अनेक महत्वपूर्ण कार्यो में किया जा रहा है। पहुँचविहीन, दूरस्थ  क्षेत्रों में अनेक स्थानों में जरूरत अनुसार नए सड़क, पुल पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला में सबेरे पौष्टिक नास्ता का वितरण, पीवीटीजी वर्ग के शिक्षित युवाओं को रोजगार, मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट व जेईई की तैयारी जैसे अनेक कार्य डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे है।  मंत्री देवांगन ने छात्रावास संचालन से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों से छात्राएं अध्ययन के लिए आते है, छात्रावास के संचालन से निश्चित ही उन्हें लाभ मिलेगा। इससे छात्राओं की समय और धन की बचत होगी, जिससे उनका पढ़ाई और रुचिकर होगी। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास का संचालन रियायती दरों पर किया जा रहा है, जिससे छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही अति पिछड़ी वर्ग से सम्बंधित छात्राएं जो छात्रावास की राशि जमा करने में असक्षम हो ऐसे योग्य छात्राओं के छात्रावास का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से उठाया जाएगा।  देवांगन ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, बेटियों से दो कुल का नाम रौशन होता है, एक बेटी के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित बनता है। इसलिए आप सभी मन लगाकर अपना पढ़ाई करिए। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति शीघ्र करने की बात कही। जिससे छात्राएं सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।  उन्होंने हॉस्टल का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिए एवं हॉस्टल की व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने हेतु मिल जुलकर प्रयास करने की बात कही। विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास संचालन के लिए जिला प्रशासन की पहल की प्रशंसा करते हुए छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हेतु कन्या छात्रावास प्रारम्भ करने की मांग लंबे समय से आती रही है। डीएमएफ से  छात्रावास का जीर्णोद्धार व जरूरत की चीजों की पूर्ति कर छात्राओं को सुव्यवस्थित हॉस्टल सौंपा गया है। गर्ल्स हॉस्टल शुरू होने से छात्राओं का उच्च अध्ययन का मार्ग आसान होगा और उनके बेहतर भविष्य की पथ प्रदर्शित होगी। उन्होंने हॉस्टल के उचित व प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को लाभांवित करने के लिए कहा। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिला प्रशासन की मंशा थी कि इस सत्र से महाविद्यालय में हॉस्टल संचालन का कार्य प्रारंभ हो, जिससे कॉलेज की छात्राओं को इसका लाभ मिल सकें।  लाइट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा कोरबा व कटघोरा के शासकीय महाविद्यालयों के कन्या छात्रावासों में पहाड़ी कोरवा वर्ग की नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। जिसमें सुमित्रा बाई, सरोजनी कुमारी, सामायन कुमारी, फगनी, कुसुम, किरण शामिल है। मंत्री देवांगन ने सभी महिला कर्मचारियों को मन लगाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। पीवीटीजी वर्ग की सभी महिला कर्मचारियों ने रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री देवांगन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ शिखा शर्मा, प्राचार्य मिनीमाता कॉलेज राजेन्द्र सिंह, डॉ राजीव सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि , जनभागीदारी के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी।  गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयो के कन्या छात्रावास के संचालन हेतु लगभग 3 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जिसमें  शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 31.40 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय के लिए 57 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 38.13 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 41 लाख की राशि एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 58.30 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 57 लाख की राशि प्रदान की गई है।

रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने सीएम हाउस में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की रायपुर मुख्यमंत्री साय ने आज चन्द्रग्रहण से पूर्व मुख्यमंत्री निवास में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ-सेवा करने से उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव मिलता है।

छत्तीसगढ़ में नक्सली दहशत: सुकमा में हुई निर्मम हत्याओं की हकीकत

बस्तर  बस्तर एक बार फिर माओवादी हिंसा की चपेट में आ गया है. छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में रविवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी. यह घटना केरलापाल थाना क्षेत्र के सिरसेटी के नंदापारा में हुई. मृतकों की पहचान पदम पोज्जा और पदम देवेंद्र के रूप में हुई है. सूचना पर पुलिस दल मौके पर पहुंच गए हैं और बस्तर पुलिस जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी. सुकमा में एक हफ़्ते के भीतर माओवादियों से जुड़ी यह दूसरी हत्या है. इससे पहले जगरगुंडा के सिलगेर गांव में शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे की हत्या कर दी गई थी.   पिछले एक पखवाड़े में माओवादियों ने बस्तर में नागरिकों पर हमले तेज़ कर दिए हैं. कांकेर में स्वतंत्रता दिवस पर एक माओवादी स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 25 वर्षीय ग्रामीण मनीष नुरेती का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी. खबरों के अनुसार, उसकी फांसी से पहले एक "जन अदालत" का आयोजन किया गया था. एक अन्य मामले में सुकमा के पोलमपल्ली में 40 वर्षीय सोदी देवा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. बीते दिनों तीन नक्सलियों को किया गया था गिरफ्तार नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. बीते रविवार को सुकमा जिले में विस्फोटकों के साथ तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान पोडियम जोगा (25), माडवी मासा (25) और पोज्जा माडवी (29) के रूप में हुई थी. ये तीनों प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मिलिशिया सदस्य हैं. इनके पास से लगभग 3 किलोग्राम वजन का एक टिफिन बम, पांच डेटोनेटर, पांच जिलेटिन रॉड, चार पेंसिल सेल, बिजली के तार और डेटोनेटिंग कॉर्ड बरामद किए गए थे.

संस्कृत हमारी विरासत का आधार, इसे संरक्षित करना सबकी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

रायपुर भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे। सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, अजय तिवारी, बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

केदार कश्यप को बदनाम करने की कोशिश कर रही कांग्रेस: मंत्री टंकराम वर्मा

रायपुर जगदलपुर सर्किट हाउस के कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता केदार कश्यप पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले पर आज मंत्री टंकराम वर्मा का बड़ा बयान सामने आया है. मंत्री वर्मा ने कहा कि मंत्री केदार कश्यप को कांग्रेस बदनाम करने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस गलत मानसिकता का परिचायक है. उन्होंने मंत्री केदार कश्यप को सुलझा हुआ और गंभीर व्यक्ति बताया. कांग्रेस को हर बात से तकलीफ : मंत्री टंकराम वर्मा हाईकोर्ट में साय कैबिनेट में 14 मंत्रीयों की संख्या पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए याचिका लगाई है. इसे लेकर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि संविधान और नियमों के अनुरूप ही सरकार काम कर रही है. कांग्रेस को तो हर बात से तकलीफ होती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का तो स्वभाव ही विकास में रोड़ा पैदा करना है.

सोते रहे ITBP के जवान, चोर उड़ाकर ले गया रिवॉल्वर-कारतूस, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

रायपुर चलती ट्रेन में सेना के जवान से हथियार चुराने वाले चोर को जीआरपी ने दबोच लिया है। बदमाश ने हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस के जनरल कोच में मंगलवार को इंडियन तिब्बत पुलिस के एएसआई और हेड कांस्टेबल की सर्विस रिवाल्वर, चार मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस के चोरी कर ली थी। मामले में रायपुर जीआरपी एसपी श्वेता सिन्हा ने राजफाश किया है। जीआरपी ने इस मामले में आरोपी रंजीत मरकाम को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो रिवाल्वर,चार मैगजीन और 24 ज़िंदा कारतूस जब्त किया है। जीआरपी एसपी श्वेता सिन्हा ने बताया कि आईटीबीपी के एएसआई वायपी. ओझा, हेड कांस्टेबल (टेलीकाम) जितेंद्र सिंह और कांस्टेबल बुद्ध देव मलिक हटिया से दुर्ग जा रहे थे। रात तीन बजे ट्रेन चांपा स्टेशन पर पहुंची तब वे सो गए। सुबह 5.50 बजे भाटापारा स्टेशन पर उनकी नींद खुली तो बैग गायब था। ओझा ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद चांपा से लेकर भाटापारा तक फुटेज खंगाले गए।   रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम ने बिलासपुर स्टेशन का सीसीटीवी भी खंगाला, जिसमें जीआरपी को अहम सुराग मिला। जांच के दौरान बिलासलपुर रेलवे स्टेशन चौक से तितली चौक के बीच झाड़ियों में शिकायतकर्ता के दस्तावेज और कपड़े बरामद हुए। पिस्टल रखा पिट्टू बैग चोरी करने वाला चोर बेहद शातिर निकला। पुलिस को झांसा देने की कोशिश चोर ने पुलिस और जीआऱपी को गुमराह करने के लिए दो अलग-अलग जगह कपड़े और दस्तावेज फेंके। पहली बार सामान जीआरपी दफ्तर के पीछे मिला, जबकि दूसरी बार कोच रेस्टोरेंट के पास। जांच के दौरान जीआरपी यहां भी गुमराह हो गई, क्योंकि यहां से तीन रास्ते निकलते हैं, जिससे अफसर असमंजस में थे कि चोर आखिर किस दिशा में गया, लेकिन चोर की ये चालाकी जीआरपी के सामने ज्यादा दिनों तक चली नहीं और अब वह जीआरपी की गिरफ्त में है।

28 जगहों पर ED का शिकंजा, 4 करोड़ रुपये बरामद – कारोबारियों में हड़कंप

रायपुर 350 करोड़ के डीएमएफ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। 3 सितंबर को ठेकेदार और कृषि कारोबारियों के 28 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई में ईडी ने नकदी चार करोड़ रुपये, 10 किलो चांदी के जेवर के साथ आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजीटल उपकरण जब्त किए है। ईडी की ओर से शनिवार को जारी अधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब तक की जांच में साफ हुआ है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के डीएमएफ फंड की 350 करोड़ रुपये का उपयोग बीज निगम के जरिए किया गया था। बीज निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से विक्रेताओं, ठेकेदारों को कृषि व उपकरणों की आपूर्ति करने का काम दिया गया था।   60 प्रतिशत तक बंटा कमीशन ईडी की जांच से साफ हुआ कि मिनी दाल मिल, बीज आदि कारोबारियों से अनुबंध मूल्य का 60 प्रतिशत तक कमीशन रिश्वत के तौर पर संपर्ककर्ताओं द्वारा ली गई थी और बाद में कुछ अधिकारियों और अन्य सहयोगियों तक यह राशि पहुंचाई गई। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से संबंधित कारोबारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों के ठिकानों से नकदी,चांदी के जेवर आदि जब्त कर आगे की जांच की जा रही है। इससे पहले ईडी ने 21.47 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की थी। इसके अलावा रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में एक अभियोजन शिकायत भी दायर की गई है, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा इस मामले में निलंबित आइएएस रानू साहू, राज्य सेवा अधिकारी माया वारियर और मनोज कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फिलहाल रानू साहू अंतरिम जमानत पर राज्य से बाहर रह रही है। इन जगहों पर मारा था छापा तीन सितंबर को तड़के पांच बजे ईडी की अलग-अलग टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की थी। रायपुर के शंकरनगर में कृषि कारोबारी विनय गर्ग, स्वर्णभूमि कालोनी स्थित होटल व्यवसायी मनीदीप चावला, कृषि उपकरणों का कारोबार करने वाले राजेश अग्रवाल, ला विस्टा कॉलोनी अमलीडीह में पवन पोद्दार और सतपाल छाबड़ा के घर पर देर रात तक एजेंसी ने छानबीन की थी। सतपाल छाबड़ा का ओडिशा और छत्तीसगढ़ में एग्रीकल्चर उपकरणों का कारोबार है। इसके साथ ही दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई में अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी,शांति नगर स्थित विवेकानंद कालोनी में रहने वाले सीए आदित्य दिनोदिया के यहां भी टीम ने दबिश दी थी। अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम करती है। यह कंपनी ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कांटेदार तार, चेन लिंक, आरसीसी बाड़ के खंभे,सौर पंप और कृषि उपकरणों की आपूर्ति करती है। वहीं राजिम-महासमुंद मार्ग स्थित उगम राज कोठारी के घर और दुकान में भी छापा पड़ा था। उमग राज कृषि यंत्रों की आपूर्ति का सरकारी ठेका लेते है। जांच टीम ने उनके घर और दुकान को सील कर रखा है।