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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा, सीसी रोड और मंदिर शेड निर्माण को दी मंजूरी तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत रायपुर  छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुस्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर को बड़ी सौगात, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल रंग लाई

 मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों ने दी सूरजपुर को शैक्षणिक समृद्धि की सौगात मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर को मिली शैक्षणिक समृद्धि की नई पहचान शिक्षा के क्षेत्र में सूरजपुर को बड़ी सौगात, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल रंग लाई महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े 441 लाख की लागत से बनेगी सेंट्रल लाइब्रेरी रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले के युवाओं को एक बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूरजपुर में सेंट्रल लाइब्रेरी एवं रीडिंग जोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।   यह अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी 250 सीटों की क्षमता के साथ विकसित की जाएगी, जिसमें डिजिटल स्टडी मटेरियल, ई-लर्निंग संसाधन, शांत रीडिंग जोन, इंटरनेट सुविधा और पुस्तकालय प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा। इसका लाभ स्कूली विद्यार्थियों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और साहित्य प्रेमियों तक को मिलेगा। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी केवल भवन नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद होगी। यह ज्ञान आधारित समाज की ओर एक सशक्त कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल शैक्षणिक सशक्तिकरण, क्षेत्रीय संतुलन और अध्ययनशील वातावरण को मजबूती देने में मील का पत्थर साबित होगी। इस निर्णय से सूरजपुर जिले में हर्ष की लहर है। विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल के लिए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आभार जताया है और इसे जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा, बाल अधिकारों की स्थिति का लिया जायजा

रायपुर : बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा बेमेतरा पहुंचीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, बच्चों से की मुलाकात डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा, बाल अधिकारों की स्थिति का लिया जायजा तीन मासूमों के लिए बना वरदान, एक लापता बच्ची की खोज के लिए गठित हुई एस.आई.टी. रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास न केवल निरीक्षण और संवाद तक सीमित रहा, बल्कि यह कई बच्चों और उनके परिजनों के जीवन में उम्मीद और अधिकार का नया उजाला लेकर आया। दौरे के दौरान तीन असाध्य चर्म रोग से पीड़ित बच्चों को उनका जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ, जो अब तक सामाजिक उपेक्षा और दस्तावेज़ी अभाव के कारण शासन की योजनाओं से वंचित थे। डॉ. शर्मा को जानकारी मिली थी कि केसडबरी गांव के तीन मासूम बच्चे एक दुर्लभ चर्म रोग से पीड़ित हैं, जिसके कारण समाज में उनके साथ भेदभाव हो रहा था और आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण वे किसी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर डॉ. शर्मा स्वयं गांव पहुंचीं, बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी स्थिति को समझा और तीन दिवस के भीतर उनके जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। अधिकारियों की तत्परता से यह कार्य तय समय में पूर्ण हुआ। उन्होंने बच्चों को एम्स रायपुर में उपचार दिलाने के निर्देश दिए और बाल कल्याण समिति को निरंतर निगरानी में रखने की बात कही। साथ ही जरूरत पड़ने पर आयोग से संपर्क बनाए रखने को कहा। इसी प्रवास के दौरान एक माता द्वारा अपनी छह माह से लापता बच्ची की दर्दभरी आपबीती साझा की गई। पीड़िता की गंभीर अवस्था को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर विशेष अनुसंधान टीम गठित करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन एस.आई.टी. गठित कर बच्ची की खोज के लिए अन्य राज्य में टीम भेज दी है।

रायपुर: मंत्री जायसवाल ने कमलेश्वरपुर अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मैनपाट के कमलेश्वरपुर अस्पताल का किया निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया मैनपाट के कमलेश्वरपुर अस्पताल का निरीक्षण रायपुर: मंत्री जायसवाल ने कमलेश्वरपुर अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा कमलेश्वरपुर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति एवं मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचें और हर नागरिक को समय पर उपचार मिल सके। इस निरीक्षण के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर एवं स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को समर्पण भाव से सेवा देने के लिए प्रोत्साहित किया।

सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन, डिप्टी सीएम साव बोले – विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए साबित होगा मिल का पत्थर

सरगुजा मैनपाट में आयोजित भाजपा सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेसवार्ता में प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण भाजपा की कार्य पद्दति, कार्य योजना का अभिन्न अंग है, इस तरह का प्रशिक्षण बीजेपी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र और अलग-अलग मोर्चो को भी समय-समय पर दिया जाता है. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को संगठन में कैसा काम करना है, पदाधिकारियों की क्या जिम्मेदारी है. इन सभी विषयों पर हर कोई संसद-विधायकों को बताया जाता है. शिविर में हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के साथ वरिष्ठ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसे हम अपने कार्यशैली में अपनाने वाले हैं. प्रशिक्षण सत्र के बाद कॉर्डिनेशन में किस तरह बदलाव होगा, इस पर किरण देव ने कहा, हमारी सरकार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पूरे कैबिनेट के बीच किसी प्रकार से समन्वय को लेकर कोई तकलीफ नहीं होती है. हमारा मूल कार्य राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा के साथ प्रधानमंत्री की परिकल्पना से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है, जिससे इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. भाजपा का कार्यक्रम हमारे कार्य करने की पद्दति, योजनाओं का महत्वपूर्ण अंग है. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाता है. ऐतिहासिक रहा प्रशिक्षण शिविर : अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग हर एक दृष्टि से ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा है. अंबिकापुर के मैनपाट की खूबसूरती को पूरे देश और दुनिया ने देखा है. इस जगह पर ऐसा कार्यक्रम होना, बहुत ऐतिहासिक रहा है. प्रशिक्षण शिविर बीजेपी के कार्य पद्दति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हमारे सभी सांसद और विधायक एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर कार्यक्रम में शामिल हुए. यह ये बताता है कि बीजेपी में परिवार का भाव कैसे बनता है. सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे डिप्टी सीएम साव ने कहा, हमारी प्रतिबद्धता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. प्रशिक्षण शिविर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की ताकत और क्षमता उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण और यहां के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए रहा है. छत्तीसगढ़ के विकास में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन की होगी बड़ी भूमिका अरुण साव ने कहा, इस आयोजन में शत प्रतिशत उपस्थिति, पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है. सूरजपुर विधानसभा में पहली बार बीजेपी जीती है इसीलिए भी यह जगह बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है. इस जगह से निकला हुआ संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचने वाला है.

पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़कर फरार हो गई मां

तखतपुर  नौ महीने तक कोख में पालने वाली मां क्या इतनी निष्ठुर हो सकती है? यह सवाल तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पाली के लोगों के मन में बार-बार कौंध रहा है, जहां एक मां अपने पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़कर फरार हो गई है. ग्राम पाली में आज सुबह जब मासूम के रुदन से लोगों की नींद खुली. देखा भूख-प्यास से व्याकुल करीबन पांच महीने का दुधमुहां रो रहा है. लोगों ने आस-पास तलाश किया, कहीं उसकी मां होगी, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आई. सोचा कि अब आ जाएगी, तब आ जाएगी, लेकिन मां तो उस मासूम को छोड़कर जा चुकी थी. काफी देर इंतजार करने के बाद जब बच्चे के लिए कोई नहीं आया तो ग्रामीणों को समझ आ गया कि उसकी मां उसे छोड़कर जा चुकी है. इस पर ग्रामीणों ने जूनापारा पुलिस चौकी में सूचना दी. पुलिस वाले मासूम की मां से ज्यादा संवेदनशील निकले. उन्होंने बच्चे को चौकी में दूध पिलाया, और फिर कागजी कार्रवाई पूरी कर एडाप्टेशन सेंटर भेज मासूम के माता-पिता की तलाश में जुट गई.

मोर गांव मोर पानी अभियान बना जन अभियान

  जनसहयोग और श्रमदान से बलरामपुर जिले में लक्ष्य से अधिक बने 1.22 लाख सोख्ता गड्ढे रायपुर, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप मिला है। "मोर गांव मोर पानी" अभियान के तहत जिले में जनसहयोग और श्रमदान से 1 लाख 22 हजार 455 सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया है। यह उपलब्धि पूर्व निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 20 हजार से भी अधिक है, जो प्रशासनिक नेतृत्व और जनता की सहभागिता का सशक्त प्रमाण है। जिला प्रशासन की पहल से अभियान न केवल प्रशासनिक प्राथमिकता बना, बल्कि गांव-गांव में लोगों की चेतना और सहभागिता से एक जनआंदोलन में बदल गया। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ ने अभियान की निगरानी करते हुए ग्राम पंचायत स्तर तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की । वे स्वयं ग्रामों में पहुंचकर सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्यों का अवलोकन कर ग्रामीणों से संवाद करती रहीं। उन्होंने न केवल लोगों को प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी निर्माण कार्य में भागीदारी कर एक मिसाल पेश की। अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें कोई मशीनरी उपयोग नहीं किया गया। लोगों ने अपने हाथों से गड्ढों की खुदाई की और स्थानीय सामग्री जैसे पत्थर, टूटी ईंटें और रेत का उपयोग कर सोख्ता गड्ढे तैयार किए। प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों और महिला स्व-सहायता समूहों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। गांवों की दीवारों पर जल संरक्षण संबंधी स्लोगन, जैसे – "बारिश का पानी बचाओ, भूजल का स्तर बढ़ाओ" – लिखकर और पोस्टर-बैनर के माध्यम से अभियान को व्यापक प्रचार मिला। यह पहल केवल जल संकट से निपटने का समाधान नहीं, बल्कि भूजल स्तर में दीर्घकालीन सुधार की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है।

बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का बेमेतरा दौरा

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा का एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास न केवल निरीक्षण और संवाद तक सीमित रहा, बल्कि यह कई बच्चों और उनके परिजनों के जीवन में उम्मीद और अधिकार का नया उजाला लेकर आया। दौरे के दौरान तीन असाध्य चर्म रोग से पीड़ित बच्चों को उनका जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ, जो अब तक सामाजिक उपेक्षा और दस्तावेज़ी अभाव के कारण शासन की योजनाओं से वंचित थे। डॉ. शर्मा को जानकारी मिली थी कि केसडबरी गांव के तीन मासूम बच्चे एक दुर्लभ चर्म रोग से पीड़ित हैं, जिसके कारण समाज में उनके साथ भेदभाव हो रहा था और आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण वे किसी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर डॉ. शर्मा स्वयं गांव पहुंचीं, बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी स्थिति को समझा और तीन दिवस के भीतर उनके जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। अधिकारियों की तत्परता से यह कार्य तय समय में पूर्ण हुआ। उन्होंने बच्चों को एम्स रायपुर में उपचार दिलाने के निर्देश दिए और बाल कल्याण समिति को निरंतर निगरानी में रखने की बात कही। साथ ही जरूरत पड़ने पर आयोग से संपर्क बनाए रखने को कहा। इसी प्रवास के दौरान एक माता द्वारा अपनी छह माह से लापता बच्ची की दर्दभरी आपबीती साझा की गई। पीड़िता की गंभीर अवस्था को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर विशेष अनुसंधान टीम गठित करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन एस.आई.टी. गठित कर बच्ची की खोज के लिए अन्य राज्य में टीम भेज दी है।

छत्तीसगढ़ी लोकगीतों पर थिरके भाजपा सांसद-विधायक, सीएम साय और प्रदेश प्रभारी नबीन ने बजाया मांदर

सरगुजा भाजपा सांसद-विधायकों के प्रशिक्षण शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश प्रभारी नितिनत नबीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत सांसद और विधायक छत्तीसगढ़ी लोकगीतों पर जमकर थिरके. सीएम साय और नितिन हाथों में मांदर लेकर थिरकते दिखे. बता दें कि मैनपाट में भाजपा का प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ. शिविर के दूसरे दिन के सत्र के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ. विधायक अनुज शर्मा के गाने पर सीएम विष्णुदेव साय, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन समेत सभी भाजपा विधायक और सांसद जमकर थिरके.

छत्तीसगढ़ राज्य को डीएमएफ संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा किया गया सम्मानित

रायपुर  भारत सरकार के खान मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। आज नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक दिवसीय “नेशनल डीएमएफ वर्कशॉप” के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री पी. दयानंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। खान मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना द्वारा नेशनल डीएमएफ पोर्टल में समस्त राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस का संधारण किया जा रहा है। डीएमएफ के ऑडिट रिपोर्ट का राज्य डीएमएफ पोर्टल एवं नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूर्णतः अपलोड किए जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी डेटा अपलोडिंग, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन के अनुकरण की सलाह दी गई। उल्लखेनीय है कि नेशनल डीएमएफ  कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना एवं डीएमएफ की प्रभावशीलता को बढ़ाने और खनन क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सचिव, संचालक एवं खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना एवं आजीविका जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,506 करोड़ रुपये की लागत से 1,01,313 विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 70,318 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य शासन द्वारा डीएमएफ के क्रियान्वयन में पारदर्शी और जनहितकारी दृष्टिकोण को अपनाते हुए, प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों की योजना और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। यह नीति न केवल भौतिक विकास बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण को भी लक्ष्य में रखती है। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की ओर से सचिव, खनिज साधन विभाग श्री पी. दयानंद, संचालक श्री रजत बंसल के साथ बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, कोरबा, रायगढ़ एवं दंतेवाड़ा जिलों के कलेक्टर्स एवं डीएमएफ के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।