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गर्मियों से मिली राहत, नोएडा में बारिश ने बदल दिया मिजाज

नई दिल्ली  नोएडा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. मंगलवार सुबह से ही आसमान पर घने काले बादलों का डेरा रहा और दिन चढ़ते ही नोएडा के क्षेत्रों में झमाझम बारिश ने दस्तक दे दी. यह बारिश जहां गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई, वहीं सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम से जनजीवन कुछ घंटों के लिए अस्त-व्यस्त हो गया. तापमान में गिरावट, लोगों ने ली राहत की सांस बीते कई दिनों से बढ़ती गर्मी और चिपचिपी उमस से लोग परेशान थे. मंगलवार की बारिश ने तापमान में अचानक गिरावट दर्ज कराई और मौसम को सुहाना बना दिया. अधिकतम तापमान जहां 34-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 26-29 डिग्री तक पहुंच गया. हल्की बारिश का सिलसिला रहेगा जारी मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक 2 अक्टूबर से बारिश में कमी आएगी, हालांकि आसमान में बादल बने रहेंगे. 3 और 4 अक्टूबर को मौसम आंशिक रूप से बादलभरा रहेगा, जबकि 5 अक्टूबर तक साफ आसमान देखने को मिलेगा. ह्यूमिडिटी 55 से 85 प्रतिशत तक बनी रहने की संभावना है, जिससे हल्की ठंडक के साथ वातावरण में नमी और ताजगी बनी रहेगी.   किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है बारिश विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की विदाई से पहले आई यह बारिश किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां देर से बोई गई फसलें अभी पानी की मांग कर रही थी.

BMW ड्राइवर गगनप्रीत जमानत पर, CCTV ने दिखाया पुलिस की कमज़ोरी

नई दिल्ली  दिल्ली के चर्चित BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत कौर को अदालत ने जमानत दे दी है। 27 सितंबर को आए फैसले में अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष की कहानी और सबूतों में विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज ने शुरुआती आकलन को बदल दिया है, कलपेबल होमिसाइड (जानबूझकर की गई गलती जिसमें किसी की जान चली जाए) के आरोपों को कमजोर किया और इससे पता चलता है कि यह मामला लापरवाही से गाड़ी चलाने का है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि FIR में दर्ज आरोप CCTV फुटेज से साबित नहीं होते। फुटेज में दिखा कि कार ने नियंत्रण खोया, डिवाइडर से टकराई, पलटी और इसी दौरान मोटरसाइकिल और बस से टकराई। कोर्ट के मुताबिक, 'फुटेज से यह नहीं लगता कि बाइक को जानबूझकर तेज रफ्तार में टक्कर मारी गई। यह घटना रैश और लापरवाह ड्राइविंग का मामला ज्यादा लगती है, न कि जानबूझकर की गई हत्या।' कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि कार कितनी तेज चल रही थी, जबकि सड़क पर स्पीड कैमरे लगे थे। इससे अभियोजन की कहानी और कमजोर हो गई। 14 सितंबर को बीएमडब्ल्यू हादसे में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की जान चली गई थी। नवजोत अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ बाइक से घर जा रहे थे। रास्ते में टक्कर के बाद नवजोत सिंह की मौत हो गई। उनकी पत्नी का दावा है कि तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू से टक्कर के बाद गगनप्रीत वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के अस्पताल में उन्हें ले गई जिसकी वजह से उनके पति की जान नहीं बची। एंबुलेंस स्टाफ की भूमिका पर सवाल कोर्ट ने एंबुलेंस स्टाफ के व्यवहार को अत्यंत गैर-पेशेवर और अनैतिक बताया। अदालत ने कहा कि फुटेज में दिखा कि हादसे के तुरंत बाद पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने न तो पीड़ित की नब्ज देखी, न ही कोई प्राथमिक उपचार दिया और 40 सेकंड में ही चले गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी दाखिल नहीं हुई है, जिससे मौत का सही समय और कारण पता चल सकेगा। अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़ित की मदद करने की कोशिश की या सिर्फ खुद के पक्ष में सबूत जुटाने की, यह जांच और ट्रायल में तय होगा।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय मल्होत्रा के निधन पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर नेता और दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह 94 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया है. दिल्ली के AIIMS में विजय मल्होत्रा का इलाज चल रहा था और आज सुबह करीब 6 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके घर जाकर श्रद्धांजलि दी.दिवंगत बीजेपी नेता विजय मल्होत्रा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे PM मोदी. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रो. मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पित रहा. उन्होंने जनसंघ के वक्त से ही दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए बहुत काम किया. उनकी जिंदगी सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणा देती रही है और देती रहेगी. दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा द्वारा जारी बयान के मुताबिक, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पण की मिसाल रहा है. उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया. उनका निधन आज सुबह हुआ. दिल्ली में बीजेपी को किया मजबूत प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए जनसंघ काल से ही बहुत काम किया. उनकी कोशिशों की वजह से ही दिल्ली में पार्टी को मजबूत बनाने में मदद मिली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी एक शानदार नेता थे, जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी. उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप के लिए भी याद किया जाता है. उनके निधन से दुःख हुआ. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना." केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और बीजेपी तक संगठन को आकार और विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है. दिल्ली भाजपा में अध्यक्ष हों, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष या एक जन प्रतिनिधि, विजय कुमार मल्होत्रा जी ने हर भूमिका में देश और दिल्लीवासियों की सेवा की. उनसे हुई प्रत्येक भेंट में संगठन संबंधी कई बारीक बातें जानने को मिलीं. शोक की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें."  केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं. वे दिल्ली बीजेपी के एक मज़बूत स्तंभ थे. संसदीय कार्यों में उनके सहयोग को मैं हमेशा याद रखूंगा. मैं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं."  इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारतीय जनता पार्टी के सीनियर सदस्य विजय कुमार मल्होत्रा जी का निधन अत्यंत दुःखद है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें." 

दिल्ली में पहली बार! छठ पूजा अब यमुना के दोनों किनारों पर, सीएम रेखा गुप्ता ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि आस्था का छठ पर्व इस बार यमुना नदी के दोनों किनारों पर आयोजित किया जाएगा। ऐसा दिल्ली में पहली बार होगा। यमुना के किनारों पर छठ पूजा को लेकर विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि व्रत करने वालों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के अलावा जहां कहीं भी छठ पूजा का आयोजन होगा, सरकार वहां पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगी। मुख्मयंत्री के अनुसार आस्था, प्रकृति और भावनाओं से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित ढंग से मनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यमुना में विसर्जन की मनाही है, पूजा की नहीं छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, मुख्य सचिव धमेंद्र के अलावा संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे। छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की, जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार यमुना नदी में विसर्जन की मनाही है और छठ पर्व के अनुष्ठानों में विसर्जन का कोई प्रविधान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजधानी में पूर्वांचलवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए उनकी धार्मिक आस्था व सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थल पल्ला से लेकर अंतिम स्थल ओखला तक दोनों किनारों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों किनारों पर जहां भी छठ पर्व के लिए समतल किनारे उपलब्ध होंगे, वहां सरकार की ओर से व्रतधरियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पल्ला से ओखला तक होंगे विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के किनारों पर तो विशेष व्यवस्था की ही जाएगी, साथ ही आईटीओ, ओखला जैसे पुराने स्थलों पर भी व्यवस्थाएं और दुरुस्त की जाएंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि छठ पूजा के दौरान वहां सफाई व स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा, व्रतधारियों व उनके अपनों को धूल आदि की परेशानी से बचाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। पुलिस व ट्रैफिक पुलिस को वहां सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चौकस रखने के आदेश जारी किए गए हैं। आश्वयकता हुई तो पूजा स्थलों पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को छठ पर्व से पूर्व यमुना से जलकुंभी निकालने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस बार इन स्थलों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। छठ के अन्य घाटों का भी ध्यान रखेगी सरकार मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में यमुना के किनारो के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन के अलावा कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। इन स्थलों पर सरकार की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। अगर किसी संस्थान को एनओसी चाहिए तो उसे भी बिना किसी परेशानी से उसे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद वह यमुना नदी व अन्य स्थानों का दौरा करेंगी, ताकि तैयारियों की किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे विशेष स्थान भी चिह्नित किए जाएंगे, जहां छठ पूजा का विशेष आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर यमुना में अतिरिक्त पानी की जरूरत होगी तो हरियाणा सरकार से निवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचलवासियों की आस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है और इसे पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है। यह पर्व हमें प्रकृति और स्वच्छता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार श्रद्धालुओं को छठ पर्व पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों और पर्व का आयोजन स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य रूप में हो।  

दिल्ली में मल्टीलेवल पार्किंग का नया रूप: वसंत विहार डिपो की योजना में बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली में भाजपा की सरकार आने के बाद से प्रशासनिक स्तर पर भी बहुत से बदलाव देखे जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार के समय परियोजनाएं हरे पेड़ों के न हट पाने के कारण अधर में लटकी गई थीं। अब उन पेड़ों को हटाने की मंजूरी मिल गई है। वहीं डीडीए की मंजूरी न मिलने से वसंत विहार डिपाे में प्रस्तावित बहुस्तरीय पार्किंग के साथ शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स बनाने की जो योजना रुक गई थी, अब उस योजना के शुरू होने की भी उम्मीद बढ़ गई है। दिल्ली सरकार ने डीटीसी से इस परियोजना का प्रस्ताव फिर तैयार कर डीडीए में मंजूरी के लिए भेजने को कहा है। माना जा रहा है मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो सकेगा। पांच वर्षों से वसंत विहार बस डिपो में यह निर्माण शुरू होने का इंतजार है। बता दें कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने पांच साल पहले अपनी आय बढ़ाने के लिए हरि नगर के साथ ही वसंत विहार डिपो में भी बहुस्तरीय पार्किंग के साथ शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई थी। राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के साथ एमओयू साइन किया गया था। इस परियोजना के तहत सबसे पहले वसंत विहार डिपो में ही काम शुरू होना था। इस योजना पर काम शुरू होने में लगातार देरी होती गई। उस समय की सरकार को लगने लगा कि इस योजना पर काम ही शुरू नहीं हो पाएगा तो परेशान होकर आप सरकार ने याेजना में बदलाव कर दिया था और केवल बहुस्तरीय पार्किंग बनाने का फैसला किया गया था। इस परियोजना का आप सरकार के समय पिछले साल अगस्त में उपराज्यपाल वीके सक्सेना और तत्कालीन परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शिलान्यास किया था। लेकिन उस सरकार को डीडीए से इसकी भी मंजूरी नहीं मिल पाई और काम शुरू नहीं हाे सका। यह डिपो करीब 6.21 एकड़ में है। इस डिपाे में सात मंजिला पार्किंग में 2.6 लाख वर्ग फुट से अधिक की बेसमेंट पार्किंग भी होंगी, यहां 690 से अधिक गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। अब यहां भी वाणिज्यिक स्थान उपलब्ध होगा। इस पार्किंग पर 409 करोड़ृ रुपये खर्च होने थे। मगर अब राशि बढ़ जाएगी। वसंत डिपो जिस स्थान पर बना है, वहां की जमीन डीडीए से लीज पर ली गई है। करार के अनुसार डिपो के अलावा अगर वहां पर अन्य कोई गतिविधि शुरू की जाती है तो इसके लिए जीडीए से अनापत्ति प्रमाण लेना आवश्यक है, इसके बाद ही कोई काम वहां पर किया जा सकता है। अन्यथा डीडीए को अधिकार है कि वह लीज निरस्त कर सकता है।  

नई योजना: एक्सप्रेसवे पर झूलते बंदर और नीचे दौड़ते वाहन, देखिए कैसे होगा मज़ेदार संतुलन

नई दिल्ली दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर जहां ऊपर वाहन फर्राटा भरेंगे, वहीं नीचे वन्यजीव आराम से विचरण कर सकेंगे। इसके साथ अब सड़क हादसों से बचाव के लिए एक और अनोखी पहल होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से यहां उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर तैयार किया जाएगा। यह लैडर खासतौर पर बंदरों के लिए बनाया जा रहा है, ताकि वह सड़क पार करते समय सीधे वाहनों की चपेट में न आएं और कॉरिडोर पर किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज कुमार मौर्य के अनुसार, यह मंकी लैडर पेड़ों से जुड़ा होगा। इससे बंदर आसानी से एक ओर से दूसरी ओर जा सकेंगे और उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस तरह सड़क पर अचानक आने वाले वन्य जीवों से होने वाले हादसों की संभावना कम हो जाएगी। यह व्यवस्था वन्य जीवों और सड़क सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर की जा रही है। इस प्रयोग का उद्देश्य न केवल सड़क हादसों को रोकना है, बल्कि जैव विविधता की रक्षा करना भी है। एक्सप्रेसवे से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और यदि वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलती है, तो यह मानवीय और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगा। बंदरों का यह सुरक्षित मार्ग पूरे उत्तर भारत के लिए मिसाल बन सकता है। ये उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर होगा। जो इस एक्सप्रेसवे पर तैयार किया जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बना है, जिसके ऊपर वाहन फर्राटे भर सकेंगे। वहीं वन्यजीव आराम से घूम सकेंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हिस्सा सहारनपुर की शिवालिक पहाड़ियों और राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। इस इलाके में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है और अक्सर वे सड़क पर आ जाते हैं। इससे वाहन चालक भले ही धीमी गति से चलें, लेकिन अचानक सामने आने वाले बंदर सड़क हादसों का कारण बन जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर मंकी लैडर बनाने का निर्णय लिया है। मंकी लैडर का निर्माण यूपी में पहली बार किया जा रहा है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस पहल से सड़क पर होने वाले हादसे कम होंगे और वन्य जीवों की सुरक्षा बढ़ेगी। इसके अलावा यह परियोजना पर्यावरणीय शिक्षा का भी उदाहरण बनेगी, जिससे लोग जानवरों और उनके आवास के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे। सहारनपुर के इलाके में वाहन चालक कई बार बंदरों से टकराने से बचते हैं, लेकिन अचानक आने से कई बार हादसे हो चुके हैं। मंकी लैडर से बंदर ऊपर से सुरक्षित सड़क पार करेंगे और वाहन चालकों को भी सुरक्षित यात्रा का मौका मिलेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर यातायात में व्यवधान और दुर्घटनाओं की संभावना दोनों कम होंगी।  

सीमा सुरक्षा में सफलता: दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशियों को पकड़ा, डिपोर्टेशन का आदेश

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिला की ऑपरेशन सेल की टीम ने अवैध तरीके से भारत में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले दो वर्षों से बिना वैध वीजा और दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। पुलिस ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एफआरआरओ (फरेनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) दिल्ली की मदद से दोनों के खिलाफ डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अवैध व विदेशी प्रवासियों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की कई टीमों को खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का काम सौंपा गया था। इसी क्रम में इंस्पेक्टर विजय बलियान के नेतृत्व और एसीपी विजय पाल सिंह तोमर की देखरेख में एसआई विक्रम, एएसआई मनोज कुमार, एचसी सतपाल समोटा और महिला कांस्टेबल निर्मला की टीम का गठन किया गया। दिल्ली पुलिस की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम को जानकारी मिली कि महिपालपुर इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक रहने के लिए जगह तलाश रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर की मदद से दो संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में जब उनसे वीजा और अन्य वैध यात्रा दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दोनों ने स्वीकार किया कि वे करीब दो वर्ष पूर्व भारत आए थे और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहीं ठहरे हुए थे। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से एक की पहचान मो. अब्दुलअजीज मियां (46) के रूप में हुई। वह बांग्लादेश के टांगाइल जिले का रहने वाला है। वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान मो. रफीकुल इस्लाम (29) के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है। जांच और सत्यापन के बाद दोनों की पहचान पुख्ता की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एफआरआरओ दिल्ली के सहयोग से डिपोर्टेशन की कार्यवाही शुरू कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सफल ऑपरेशन एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के अवैध प्रवासियों के खिलाफ शून्य-सहनशीलता रुख और कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद केस में उठाए अहम कदम, टॉर्चर रूम और सीसीटीवी की जांच

नई दिल्ली यौन शोषण के गंभीर मामले में आरोपी चैतन्यानंद पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। रविवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने बाबा को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इसके बाद, सोमवार तड़के दिल्ली पुलिस की टीम बाबा को उस इंस्टिट्यूट लेकर पहुंची, जहां कथित तौर पर छात्राओं का शोषण किया जाता था। दिल्ली पुलिस सोमवार तड़के चैतन्यानंद को इंस्टिट्यूट लेकर पहुंची। इस दौरान चैतन्यानंद को ग्राउंड फ्लोर पर बने टॉर्चर रूम में ले जाया गया, जहां वह छात्राओं को निजी तौर पर मिलने के लिए बुलाता था। पुलिस ने इंस्टिट्यूट में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन खंगाली और यह देखा कि किन कैमरों की एक्सेस बाबा के पास थी। साथ ही, इस बात की भी जांच हुई कि वह किस प्रकार छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर में धारा 351(3) जोड़ी है, जो गैर-जमानती अपराध है और हत्या की धमकी जैसे गंभीर अपराधों के लिए लगाई जाती है। इससे पहले इस मामले में धारा 351(2) लागू की गई थी, जो अपेक्षाकृत कम गंभीर मानी जाती है। पुलिस का दावा है कि बाबा ने अब तक 16 लड़कियों के साथ यौन शोषण किया है और इसके पुख्ता डिजिटल सबूत भी मौजूद हैं। पुलिस ने कोर्ट से बाबा और पीड़िताओं का आमना-सामना कराने तथा छिपाए गए डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने के लिए हिरासत की मांग की थी। दूसरी तरफ, बाबा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बाबा वरिष्ठ नागरिक और साधु हैं, जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और पुलिस पहले ही उनका सारा सामान जब्त कर चुकी है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि बाबा ने बाथरूम तक में कैमरे लगाए थे, जिससे छात्राओं की निजता का गंभीर उल्लंघन होता था। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़कियों को अल्मोड़ा, गुड़गांव और फरीदाबाद तक ले जाया जाता था। फिलहाल 16 लड़कियों ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। डिजिटल सबूतों को मजबूत बनाने के लिए पुलिस आईपी एड्रेस की भी जांच कर रही है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।  

पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे दिल्ली BJP मुख्यालय का लोकार्पण, जानें खास बातें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यालय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि श्री मोदी नवरात्र सप्तमी के शुभ दिन, सोमवार को इस नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। अब तक पार्टी का प्रदेश कार्यालय 14, पंत मार्ग से संचालित होता था, जो सोमवार से आधिकारिक तौर पर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा। उद्घाटन समारोह और उपस्थिति कार्यालय उद्घाटन के इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अनेक केंद्रीय मंत्री, दिल्ली सरकार के मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और दिल्ली के सभी सांसद, विधायक और पार्षद उपस्थित रहेंगे। इस नए कार्यालय की नींव पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 9 जून 2023 को रखी थी। लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ यह भवन अब दिल्ली भाजपा के कामकाज का नया केंद्र बनेगा। पार्टी ने लगभग 35 वर्षों तक अपनी राजनीतिक गतिविधियों को 14, पंत मार्ग स्थित कार्यालय से संचालित किया था। इससे पहले दिल्ली में पार्टी का पहला प्रादेशिक कार्यालय अजमेरी गेट हुआ करता था, जो बाद में रकाबगंज रोड और फिर पंत मार्ग पर लाया गया था। सांगठनिक विस्तार और नया पता भाजपा देश भर में अपने सांगठनिक जिलों के कार्यालयों का निर्माण करा रही है। इसके तहत, मजबूत राज्यों—जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों—के हर जिले में आधुनिक पार्टी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी पार्टी के सभी 14 सांगठनिक जिलों के कार्यालय बनाए जा चुके हैं। कार्यालय एक संस्कारशाला: वीरेन्द्र सचदेवा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी का कार्यालय केवल एक भवन नहीं होता है, बल्कि यह एक संस्कारशाला है। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है, जहाँ भाजपा के कार्यकर्ता अपने बड़े नेताओं से जनता की सेवा और राष्ट्र निर्माण के गुण सीखते हैं। उन्होंने इस नए मुख्यालय को एक राजनीतिक कार्यकर्ता के चरित्र निर्माण की पाठशाला बताया, जहाँ 'राष्ट्र प्रथम, पार्टी दूसरे नंबर पर और स्वयं को सबसे नीचे' रखने की प्रेरणा मिलती है। सचदेवा ने आशा व्यक्त की कि पार्टी का यह नया प्रदेश कार्यालय दिल्ली की जनता की सेवा करने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।  

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”