samacharsecretary.com

भगवंत मान और नायब सिंह सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, पंजाब-हरियाणा CM और DGP भी खतरे में

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक मेल के जरिए आई है। इस मेल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का ल नाम भी शामिल है। इसके अलावा मेयर ऑफिस और सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल भरी इस धमकी को मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है और इन सभी की सुरक्षा और सतर्क कर दी गई है। स्कूलों को भी मिली धमकी चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी स्कूल परिसरों में पहुंच गए और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तलाशी अभियान चला रहे हैं। एक स्कूल में तलाशी के दौरान मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ’’जैसे ही हमें सूचना मिली, हम स्कूल परिसर में पहुंच गए। सघन तलाशी ली जा रही है, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हमने अभिभावकों से कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’’ मिल चुकी हैं कई बार धमकियां यह ताजा घटना पिछले कुछ हफ्तों में चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद सामने आई है, जहां कुछ स्कूलों और उच्च न्यायालय को धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। इससे पहले पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बम संबंधी धमकी मिली। हालांकि बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि ईमेल के जरिये मिली धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारियों, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों के दस्ते और एक एंबुलेंस को जांच के लिए उच्च न्यायालय के परिसर में भेजा गया। इससे पहले बुधवार को सेक्टर 37 में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था जिसमें एक संदिग्ध देसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, पासपोर्ट कार्यालय और अमृतसर, जालंधर, पटियाला और हरियाणा में विभिन्न स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली थी। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया।  

वीसी पद के लिए आवेदन आमंत्रित, रेणु विग का कार्यकाल बढ़ा

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं। बीते 28 मार्च को मौजूदा कुलपति प्रोफेसर रेनू विग का कार्यकाल खत्म होने जा रहा था, लेकिन चांसलर ऑफिस की ओर से उन्हें 4 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। अब नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर तीन सदस्यों की सर्च कमेटी चार से पांच नाम शॉर्ट लिस्ट करके चांसलर ऑफिस को भेजेगा जिसके बाद में कुलपति का फैसला होगा। 5 मई तक कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। आमतौर पर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति को पहले चरण में 3 वर्ष का कार्यकाल दिया जाता है और उसके बाद फिर से 3 वर्ष की एक्सटेंशन मिल जाती है। लेकिन पहली बार मौजूदा कुलपति को सिर्फ 4 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा रहने की उम्मीद है। देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में मौजूदा समय में पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। यह सभी प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति के लिए आवेदन करेंगे। 2023 में कुलपति पद के लिए 134 आवेदन मिले थे। कुलाधिपति एवं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुलपति रेणु विग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार अगले कुलपति की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन पैनल भी गठित कर दिया गया है। विग के तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने के ठीक अगले दिन 29 मार्च से यह विस्तार प्रभावी होगा। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस पैनल में सभी महिलाएं होंगी जिसकी अध्यक्षता नासिक स्थित महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ की कुलपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर करेंगी। समिति में नयी दिल्ली के राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की कुलपति शशिकला वंजारी और कोलकाता के सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान की निदेशक विभा टंडन सदस्य के रूप में शामिल हैं।’’ रेणु विग ने 16 जनवरी 2023 को तत्कालीन कुलपति राज कुमार के भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे के बाद कार्यवाहक कुलपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वर्ष 2023 में उन्हें औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय की 14वीं और पहली महिला कुलपति नियुक्त किया गया था। 

‘रील’ बनाने के नाम पर पटियाला में हंगामा, हथियारों के साथ घूमते दिखे 50 युवक

पटियाला. शहर में 50 से अधिक युवकों ने रविवार को तेजधार हथियार लहराते हुए सड़कों पर हुड़दंग मचाया। ये युवक सूल्लर दारू कुटिया इलाके से बाइक व कार की छत पर बैठकर निकले और तेजधार हथियार लहरा रहे थे। घटना रविवार दोपहर के समय की बताई जा रही है। पुलिस से बेखौफ इन युवकों ने वीडियो भी बनाई और इंटरनेट पर अपलोड भी कर दी। मामला सामने आने और वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में आई। रविवार देर शाम तक कुछ युवकों की पहचान कर इन्हें राउंडअप भी किया है। यह वीडियो जतिन राजपूत नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड हुई है। वायरल वीडियो में युवकों का यह झुंड सुल्लर पुल से शुरू होता दिख रहा है। कार की छत पर सवार युवक तलवारें, गंडासी, टकुए सहित अन्य तेजधार हथियार लहरा रहे हैं। सुल्लर पुल से शुरू होकर वे न्यू अफसर कालोनी वाली रोड की तरफ मुड़ते हैं। इलाके में चर्चा रही कि ये युवक रैली के नाम पर किसी राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सरहिंद रोड की तरफ गए थे लेकिन रैली में शामिल होने के सुराग पुलिस को अब तक नहीं मिले हैं। हालांकि, इनके हथियार लेकर हवा में लहराते व ललकारे मारने की वीडियो पुलिस के पास जरूर पहुंची है। एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा ने कहा कि युवकों द्वारा तेजधार हथियारों के साथ हुड़दंग मचाने की वीडियो पुलिस को मिल चुकी है। युवकों की पहचान कर जल्द ही युवकों को काबू किया जाएगा।

पंजाब के फिरोजपुर में कोर्ट पर खतरा, बम धमकी के बाद कॉम्प्लेक्स कराया गया खाली

फिरोजपुर. पंजाब के फिरोजपुर की अदालत को एक बार फिर से धमकी भरी ईमेल मिलने के बाद सोमवार को कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया है। पता चला है कि राज्य में फिरोजपुर अमृतसर की जिला अदालतों को यह धमकी मिली है। बेशक अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना की भांति जैसे ही कोर्ट स्टाफ वकील सहित अन्य लोग कोर्ट में पहुंचे तो अचानक से कोर्ट को खाली करवाने के आदेश आए। सुबह 9:45 पर कोर्ट परिसर को खाली करवाना शुरू कर दिया गया। एडवोकेट रोहित अरोड़ा और एडवोकेट अर्शदीप सिंह रंधावा ने बताया कि ऐसा दूसरी बार हुआ है कि जब 2महीने के भीतर कोर्ट में धमकी आई हो। ज्ञात होकि गाठ दिवस भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बम धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गयाथा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें हाईकोर्ट के भीतर बम लगाए जाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और परिसर को खाली कराना शुरू किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स भी मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। यह धमकी ठीक एक दिन बाद आई है, जब सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ था। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल मई में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था और इसी साल फरवरी में जिला अदालत को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी। अधिकारियों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अदालत परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

वैश्विक संकट का संकेत: ग्रहों की चाल से भारत और सीमाओं पर पड़ेगा असर!

जालंधर/चंडीगढ़. एक तरफ जहां खाड़ी में अमरीका-इजराईल की ईरान के साथ जंग जारी है तो दूसरी तरफ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि भारत को भी 10 नवम्बर 2026 से 10 मार्च 2027 तक अपनी सीमाओं को लेकर अत्यधिक सतर्क रहना होगा। दिल्ली की प्रमुख ज्योतिषाचार्य मनीजा अहूजा के अनुसार उस समय मंगल सिंह राशि में कभी वक्री होंगे तो कभी मार्गी और यह स्थिति भारतीय सीमाओं पर व्यापक हलचल पैदा करने वाली होगी। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2026 तक भी अत्यधिक सतर्कता वाला समय रहेगा। उन्होंने बताया कि इसमें भी 15 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2026 तक का समय अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि उस समय मंगल गोचर में शनि को 8वीं दृष्टि से देखेगा। उन्होंने कहा कि रौद्र संवतसर 2083 चल रहा है जिसके बारे में लिखा है कि अहंकारी राजा लड़ते हैं और प्रजा परेशान होती है। उन्होंने कहा कि मंगल की मीन राशि में शनि के साथ युती हो चुकी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी युद्ध अब अगले 45 दिनों तक और तेज होगा जिससे व्यापक तबाही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 2030 से 2032 तक 3 वर्ष न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यधिक खराब रहने वाले हैं। इसकी आहट 2028-29 से सुनाई पड़नी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह रूस टूट गया था उसी तरह से जुलाई 2028 से अमरीका के कई भूखंड अलग होना शुरू हो जाएंगे। पूरे विश्व पर अमरीका का प्रभुत्व कम होगा। ईरान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामिक गुटों का प्रभुत्व मार्च 2029 तक किसी न किसी तरीके से बना रहेगा। इजराईल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उसे अगले 3-4 महीनों में व्यापक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जून 2030 से 2032 तक शनि वृष राशि में रोहिणी नक्षत्र में आते-जाते रहेंगे और यह समय ही पूरे विश्व के लिए खराब सिद्ध होगा। 30 वर्ष पहले भी ऐसी परिस्थितियां बनी थी और उस समय भी काफी तबाही हुई थी परन्तु उस समय बचाव में बृहस्पति थे परन्तु इस बार जीवों के बचाव में बृहस्पति नहीं आएंगे क्योंकि वह अतिचारी अवस्था में चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की चर्चा करते हुए उनहोंने कहा कि सिंह लग्र की कुंडली में विपरीत ग्रह योग चल रहे हैं और मई 2027 तक ट्रम्प के सभी फैसले अमरीका के लिए घातक सिद्ध होंगे।

भारी ट्रैफिक जाम: जालंधर-पठानकोट रोड पर वाहनों की लंबी लाइनें

जालंधर. जालंधर से लुधियाना जाने वाले वाहन चालकों के लिए अहम सूचना है। जालंधर–लुधियाना हाईवे पर ईस्टवुड से फगवाड़ा की ओर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है, जिसके चलते वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव अधिक होने के कारण जगह-जगह लंबा जाम लग रहा है। खासतौर पर ईस्टवुड चौक से लेकर फगवाड़ा की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। हालांकि, ट्रैफिक जाम की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी हुई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे जालंधर से लुधियाना की ओर निकलते समय सावधानी बरतें, संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और जल्दबाजी से बचें। इसके पहले जालंधर-पठानकोट रोड पर भारी जाम लगा था। बताया जा रहा है कि किशनगढ़ थाने के अधीन आते गांव कुराड़ी में एक व्यक्ति छप्पर में गिर गया था। इस संबंध में परिवार द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई पर पुलिस छानबीन पर ऐसे ही वापिस लौट गई। इसके बाद जब उन्होंने खुद जे.सी.बी. मंगवा छप्पर की छानबीन की तो युवक का शव मिला था। इसके बाद गुस्से में आए परिजनों द्वारा युवक का शव रख कर प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले भी इस छप्पर में 2 लोग गिर चुके हैं। 

बारिश के बाद डेंगू फैलाव, लुधियाना में अब तक 100 से ज्यादा संक्रमित

लुधियाना. महानगर में समय से पहले डेंगू का खतरा बना हुआ है जो बारिश से और बढ़ गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ-साथ ही मच्छरों का प्रकोप साफ देखने में नजर आ रहा था। शहर के हर हिस्से में मच्छरों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही थी अब इसमें और वृद्धि हो सकती है क्योंकि हर बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ती है। अस्पतालों की रिपोर्ट की मानें तो डेंगू के मरीजों की संख्या 100 से पर हो चुकी है जबकि स्वास्थ्य विभाग 83 मरीजों को क्रॉस चैकिंग के नाम पर नैगेटिव करार दे चुका है और एक मरीज को अब तक पॉजिटिव बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार हर अस्पताल अपने मानकों के हिसाब से डेंगू का टैस्ट करता है और फिर उसका उपचार जिससे मरीज ठीक होकर घर चला जाता है परंतु विलंब से भेजी गई सैंपल की रिपोर्ट्स जो स्वास्थ्य विभाग को क्रॉस चैकिंग के लिए भेजी जाती है। समय बीतने के साथ और लैब स्पैसिफिक सैंपल न होने के कारण बहुत बार मरीजों की रिपोर्ट फॉल्स नैगेटिव आ जाती है। उन्होंने बताया कि मरीज के ब्लड सैंपल्स को निर्धारित तापमान पर रखना आवश्यक है अगर ऐसा न किया जाए तो टैस्ट के नतीजे बदल सकते हैं । अब देखने वाली बात यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सैंपल के रखरखाव में निर्धारित मापदंडों को पूरा करता है या नहीं। डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारी पूरी नहीं स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 83 मरीजों की क्रॉस चैकिंग के नाम पर रिपोर्ट तैयार की है, परंतु हर अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट्स नहीं भेजी जा रही जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कोई मीटिंग की गई है कि व हर संदिग्ध और पॉजिटिव डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन स्वास्थ्य विभाग को भेज दें। अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्प्रे करने के लिए दवाइयां का स्टॉक मंगवाया गया है या नहीं फोकल सप्रे और डेंगू के लारवा की जांच के लिए टीमे गठित की गई है या नहीं यहां तक की डेंगू के मच्छर का लारवा खाने वाली गैंबुजिया मछली के लिए बनाए गए छोटे से तालाब में मछलियां रखी जा रही है या नहीं क्योंकि वहां पर मछलियों की जगह कबाड़ पड़ा हुआ दिखाई देता है। नगर निगम से तालमेल नहीं मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष नगर निगम से कोई तालमेल नहीं किया गया है ताकि होगी का शैड्यूल बनाने के लिए कोई परस्पर सहमति बनाई जा सके। विशेषज्ञों का कहना की भले ही अभी मरीज की संख्या इतनी नहीं है परंतु लापरवाही के कारण मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ सकती है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बेमौसमी बारिश से डेंगू का प्रकोप समय से पहले शुरू हो सकता है।

पंजाब में शराब ठेकेदारों को राहत, लाइसेंस फीस में 15% तक की कटौती

जालंधर/चंडीगढ़   पंजाब में आबकारी विभाग द्वारा ग्रुपों की नीलामी प्रक्रिया के बावजूद अभी भी 10 एक्साइज (आबकारी) ग्रुप अलॉट होने से रह गए हैं। महंगे रेट और कम मुनाफे के कारण ठेकेदार इन ग्रुपों को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने ठेकेदारों को आकर्षित करने के लिए लाइसेंस फीस में कुल 15 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है, ताकि लंबित ग्रुपों को जल्द से जल्द अलॉट किया जा सके। आवेदन करने की सीमा तय ठेकेदारों ने बताया कि विभाग ने अब 4 अप्रैल को दोपहर 4 बजे तक ई-टैंडर के माध्यम से आवेदन करने की अंतिम समय सीमा तय की है। इसके तहत न्यू चंडीगढ़, भारतगढ़ (रोपड़), अमृतसर सिटी सैंटर, टांडा (होशियारपुर-2), दसूया (होशियारपुर-2), बी.एम.सी. चौक (जालंधर ईस्ट), फगवाड़ा-2, बस स्टैंड (पठानकोट) और फिरोजपुर कैंट सहित कई प्रमुख क्षेत्र अभी भी लंबित ग्रुपों में शामिल हैं, जिन्हें विभाग जल्द अलॉट करना चाहता है। ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते वे नए ग्रुप लेने से हिचकिचा रहे हैं।  उनका यह भी मानना है कि यदि अंग्रेजी शराब की बिक्री और वितरण पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जाए, तो बाजार में चल रही अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को खत्म किया जा सकता है और कारोबार में स्थिरता लाई जा सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नीतियों में और सुधार किए जाएं, ताकि ठेकेदारों का भरोसा बहाल हो सके और आबकारी विभाग को भी राजस्व का नुकसान न उठाना पड़े।  …तो  राज्य के राजस्व पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव  फिलहाल विभाग द्वारा दी गई रियायतों के बावजूद यह देखना बाकी है कि 4 अप्रैल तक इन लंबित ग्रुपों के लिए कितने आवेदन आते हैं और स्थिति कितनी सुधरती है। इसके अलावा आबकारी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लाइसैंस फीस में की गई 15 प्रतिशत की कटौती से ठेकेदारों को कुछ राहत मिलेगी और ई-टैंडर प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे और राहत देने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि सभी ग्रुप समय पर अलॉट हो सकें और सरकार के राजस्व लक्ष्य पूरे किए जा सकें।  विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे राज्य के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी हो जाता है कि वह बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाए।  

गैर-हाजिर अध्यापकों पर नोटिस जारी, पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई की तैयारी

लुधियाना. नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर-कम-सिटी सैंसस ऑफिसर ने जनगणना (सैंसस) के काम में लापरवाही बरतने के आरोप में 3 अध्यापकों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। ये कर्मचारी 2 अप्रैल को रखी गई अनिवार्य फील्ड ट्रेनिंग से बिना किसी सूचना के गायब पाए गए थे। सैंसस ऑफिसर कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार जनगणना 2027 के पहले चरण (हाऊस-लिस्टिंग और हाऊसिंग सैंसस) के लिए इन कर्मचारियों की ड्यूटी बतौर 'फील्ड ट्रेनर' लगाई गई थी। इन्हें 2, 3 और 4 अप्रैल को माता रानी चौक के पास स्थित नगर निगम जोन-ए के मीटिंग हॉल में ट्रेनिंग के लिए उपस्थित होना था। ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है। जिला शिक्षा अधिकारी (स) ने संबंधित स्कूलों को ये नोटिस तुरंत डिलीवर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्टाफ की कमी और मल्टी-टास्किंग का बोझ इस कार्रवाई ने सरकारी स्कूलों की उस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है जिससे विभाग आंखें मूंद कर बैठा है। जिले ही नहीं बल्कि पंजाब भर के सरकारी स्कूल पिछले लंबे समय से अध्यापकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। स्कूलों में पहले से ही स्टाफ कम है और जो अध्यापक तैनात हैं, उन पर काम का बोझ अपनी क्षमता से कई गुना ज्यादा है। एक तरफ जहां स्कूलों में नया सैशन शुरू हो चुका है और नए दाखिले की प्रक्रिया जोरों पर है, वहीं दूसरी ओर अध्यापकों को गैर-अकादमिक कामों में उलझाया जा रहा है। तिहरे दबाव के बीच काम कर रहे अध्यापक वर्तमान में अध्यापक दोहरे नहीं बल्कि तिहरे दबाव के बीच काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अध्यापक बोर्ड परीक्षाओं की मार्किंग ड्यूटी पर लगे हुए हैं। दूसरी तरफ, विभाग द्वारा 'मिशन समर्थ' के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अध्यापकों पर अलग से दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा रोजाना रिपोर्ट मांगी जाती है जिससे अध्यापकों का पूरा ध्यान केवल डेटा जुटाने में ही निकल जाता है। ऐसे में जनगणना जैसे कार्यों के लिए स्कूलों से अध्यापकों को खींचना शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक साबित हो रहा है।