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कैब ड्राइवरों का सरकार से आग्रह: एग्रीगेटर पॉलिसी 2025 और फेयर नोटिफिकेशन जल्द लागू हो

चंडीगढ़. चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के हजारों कैब और ऑटो ड्राइवरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 25 अप्रैल तक एग्रीगेटर पॉलिसी रूल्स-2025 और किराया नोटिफिकेशन को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो वे चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के बाहर बड़ा आंदोलन करेंगे। यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि ड्राइवर पिछले कई महीनों से 7 जुलाई 2025 को जारी किराया दरों के नोटिफिकेशन को लागू करवाने के लिए प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन ओला, उबर, रैपिडो और इनड्राइवर जैसी कंपनियां नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। यूनियन ने चंडीगढ़ के प्रशासक से की अपील ड्राइवरों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण इन कंपनियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे उनमें भारी रोष और निराशा है। उनका कहना है कि लगातार आर्थिक शोषण के कारण परिवार का पालन-पोषण, रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की फीस भरना भी मुश्किल हो गया है। यूनियन ने चंडीगढ़ के प्रशासक से अपील की है कि वह तुरंत ड्राइवरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस समस्या का समाधान करें, ताकि उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो हजारों ड्राइवर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अजनाला केस में बड़ा अपडेट: अमृतपाल सिंह की NSA हटते ही गिरफ्तारी, डिब्रूगढ़ से शिफ्ट नहीं होंगे

चंडीगढ़. खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के मामले में पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट रणनीति तय कर ली है। सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल को समाप्त हो रही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत को आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके साथ ही अमृतपाल की रिहाई भी नहीं होगी। राज्य पुलिस अजनाला थाना हमले के मामले में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी, जिसके बाद वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही बंद रहेगा। पंजाब गृह विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर साफ किया है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से अमृतपाल को एनएसए समाप्त होने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त आकलन के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अंतिम समय में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया है। फरवरी 2023 में अमृतसर के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपित बनाते हुए कुल 41 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। इनमें धारा 307 (हत्या का प्रयास), 353 (लोक सेवक पर हमला), 186 (सरकारी कार्य में बाधा), 506 (आपराधिक धमकी), 332 और 333 (लोक सेवक को चोट व गंभीर चोट पहुंचाना), 120बी (आपराधिक साजिश), 427 (नुकसान), 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) और 201 (साक्ष्य मिटाना) शामिल हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी लगाई गई है। जांच के अनुसार, अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ हथियारों से लैस होकर अजनाला थाने पहुंचा था। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़े, थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों से टकराव किया और एक साथी को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया था। मामले की सुनवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, क्योंकि अमृतपाल एनएसए के तहत निरुद्ध था। अब आरोप तय होने के बाद ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने डिब्रूगढ़ जेल जाकर गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए टीम तैयार कर ली है। इसी मामले में सरकार पहले ही अमृतपाल के नौ करीबी सहयोगियों की एनएसए हिरासत समाप्त कर उन्हें पंजाब ला चुकी है। इनमें पापलप्रीत सिंह (मीडिया सलाहकार), कुलवंत सिंह राउके, हरजीत सिंह चाचा, गुरिंदर पाल सिंह उर्फ गुरी, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह कालसी, बसंत सिंह और वरिंदर सिंह उर्फ फौजी शामिल हैं। सभी आरोपित वर्तमान में पंजाब की विभिन्न जेलों में बंद हैं और पुलिस कस्टडी में हैं। अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह डिब्रूगढ़ जेल में निरुद्ध है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 1.9 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। उसने 5 जुलाई 2024 को शपथ ली, लेकिन इसके बाद किसी संसदीय कार्यवाही में भाग नहीं ले सका। संसद सत्र में शामिल होने के लिए दायर उसकी पैरोल याचिकाएं भी अदालत ने कानून-व्यवस्था के आधार पर खारिज कर दी थीं। 22 अप्रैल के बाद की कार्रवाई इस पूरे मामले में निर्णायक होगी। मौजूदा संकेत यही हैं कि एनएसए हटेगा, लेकिन अमृतपाल की हिरासत समाप्त नहीं होगी और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ कानूनी शिकंजा ढीला नहीं पड़ेगा और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ मामला अगले चरण में प्रवेश करेगा।

AAP का चौंकाने वाला कदम: राघव चड्ढा की सुरक्षा हटाई, पंजाब में सियासी हलचल तेज

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया और अब पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली है। इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा को दी गई पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटा दी है। गौरतलब है कि चड्ढा को पंजाब के सह-प्रभारी और राज्यसभा सांसद होने के नाते यह सुरक्षा मिली हुई थी। सुरक्षा वापसी को पार्टी के अंदर बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित कर दिया कि अब चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इस फैसले के बाद से ही चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। राघव चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि उन्हें “खामोश” करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे हार मानने वालों में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। इसके जवाब में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान खुलकर सामने आए और चड्ढा पर पार्टी लाइन से हटने के आरोप लगाए। इसी बीच दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि केंद्र सरकार राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देने की तैयारी में है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर केंद्र सरकार चड्ढा पर इतनी मेहरबान क्यों दिख रही है। हालांकि, चड्ढा के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभी उन्हें केंद्र से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, लेकिन जल्द ऐसी संभावना बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपनेता पद से हटाने और सुरक्षा वापस लेने जैसे फैसले पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों की ओर इशारा करते हैं। वहीं, केंद्र से संभावित सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे विवाद को और पेचीदा बना दिया है। फिलहाल, राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती दूरी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

लुधियाना में अमरनाथ यात्रा मेडिकल के दौरान उमड़ी भीड़, सिविल अस्पताल में बुलानी पड़ी पुलिस

लुधियाना. लुधियाना सिविल अस्पताल में श्री अमरनाथ यात्रा जाने वाले श्रद्धालुओं के मेडिकल बुधवार से शुरू हो गए। पहले ही दिन एक हजार से अधिक शिव भक्त मेडिकल के लिए पहुंचे। बम बम भोले के जयघोष के बीच श्रद्धालु टोकन लेकर मेडिकल के लिए लाइनों में लगे हुए हैं। भारी भीड़ के चलते अस्पताल प्रबंधन को पुलिस तक मौके पर बुलानी पड़ीं। मेडिकल के दौरान बहुत से श्रद्धालूओ के बीच नोकझोक भी हो गई सुबह साढ़े 11 बजे तक 370 लोग मेडिकल टीम तक पहुँच चुके थे, जबकि भक्तो की लंबी कतार लगी हुई है। जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, इंटर्न और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, स्वास्थ्य जांच में विशेष रूप से हृदय, फेफड़ों और ब्लड प्रेशर से संबंधित परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके। मेडिकल जांच को चार चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें सबसे पहले टोकन काउंटर पर पंजीकरण के लिए नंबर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दस्तावेजों की जांच होगी। तीसरे चरण में इसीजी जांच की जाएगी और आखिर में डाक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर अंतिम सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

कुष्ठ रोग पर अलर्ट: पंजाब में 352 सक्रिय मामले, विकलांगता के संकेतों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक राज्य में कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के संक्रमण को पूरी तरह रोकने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, लेकिन अब तक केवल 23 में से 8 जिले ही इंटरप्शन आफ ट्रांसमिशन का दर्जा हासिल कर पाए हैं। यह स्थिति जहां एक ओर प्रगति को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर अभी लंबा रास्ता तय किए जाने की जरूरत भी बताती है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में इस समय कुल 352 कुष्ठ रोगी हैं। इनमें 341 मल्टीबैसिलरी और 11 पासीबैसिलरी केस शामिल हैं। इसके अलावा 4 ग्रेड- 2 विकलांगता के मामले सामने आए हैं और 5 बच्चे भी मल्टीबैसिलरी श्रेणी में पाए गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि राज्य के कुछ इलाकों में संक्रमण अभी भी जारी है और समय पर पहचान नहीं हो पा रही। जिन 8 जिलों ने संक्रमण की कड़ी तोड़ने में सफलता हासिल की है, उनमें फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, मानसा, मुक्तसर, पठानकोट, रूपनगर (रोपड़) और संगरूर शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कुष्ठ रोग उन्मूलन केवल मामलों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना, विकलांगता को रोकना और समाज में फैले कलंक को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। ग्रेड-2 विकलांगता और बच्चों में पाए गए मामलों को देर से पहचान और जागरूकता की कमी का संकेत माना जा रहा है। हाल ही में आयोजित सिविल सर्जनों की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि 2027 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल में दो बार चलने वाले केस डिटेक्शन अभियानों को और तेज किया जाए। साथ ही संवेदनशील जिलों के लिए अलग रणनीति बनाई जाए, ग्रेड-2 मामलों का अनिवार्य आडिट किया जाए और संदिग्ध मरीजों की जांच को स्वास्थ्य केंद्रों पर मजबूत किया जाए। राज्य को यह भी सलाह दी गई है कि कुष्ठ रोग को नोटिफाएबल डिजीज घोषित किया जाए ताकि हर केस की रिपोर्टिंग अनिवार्य हो सके। निजी डाक्टरों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे सभी मामलों की जानकारी जिला कुष्ठ रोग अधिकारियों को दें। आशा वर्करों की ट्रेनिंग मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है ताकि वे शुरुआती लक्षण जैसे अंगों में कमजोरी या चलने-फिरने में दिक्कत को पहचान सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लुधियाना, मोहाली, जालंधर और अमृतसर जैसे हाई-प्रायोरिटी जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यहां संक्रमण की पहचान कर उसकी श्रृंखला तोड़ने पर फोकस रहेगा। पंजाब में हर साल फरवरी और अक्टूबर में लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन चलाया जाता है, जिसमें 14 दिन तक घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की जाती है। इसके अलावा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान भी हर साल 30 अक्टूबर से शुरू किया जाता है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और बीमारी को समय रहते रोका जा सके।

राघव चड्ढा को मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, पंजाब ने छीनी, केंद्र ने दी

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पंजाब सरकार द्वारा दी गई जेड प्लस (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा वापस ले ली गई। इस खबर के सामने आने के कुछ ही देर बाद केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें सुरक्षा मुहैया करा दी गई। मौजूदा खतरे की आशंका के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा उन्हें जेड (Z) श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। यह सुरक्षा दिल्ली और पंजाब, दोनों जगहों पर उपलब्ध होगी। उनकी सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जब तक औपचारिकता पूरी नहीं कर ली जाती है, तब तक दिल्ली पुलिस को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। आपको बता दें कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले सप्ताह ही राघव चड्ढा का सुरक्षा घेरा हटा लिया था। पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्हें राज्य सरकार की ओर से सबसे उच्च स्तर की Z+ सुरक्षा प्रदान की गई थी। राघव चड्ढा और 'आप' नेतृत्व के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चड्ढा ने कहा था कि उन्हें "खामोश किया गया है, पराजित नहीं किया गया।" ‘आवाज उठाई, कीमत चुकाई’ आपको बता दें कि हाल ही में राघव चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर ''आवाज उठाई, कीमत चुकाई'' शीर्षक वाला एक वीडियो शेयर किया था। यह वीडियो संसद में उनके द्वारा विभिन्न मुद्दे उठाते हुए दिखाने वाली कई 'क्लिप' का संकलन है। चड्ढा ने पोस्ट में कहा, ''पूरे सम्मान के साथ, मैं मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों से यही कहूंगा कि मेरा काम ही बोलेगा।'' आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से दो अप्रैल को हटा दिया था। पार्टी ने उन पर आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र के खिलाफ मुखर होकर बोलने से बचते रहे और इसके बजाय अपने प्रचार-प्रसार में लगे रहे। चड्ढा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी के आरोपों को 'झूठ करार दिया और कहा कि वह संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, हंगामा करने नहीं। राज्यसभा में 'आप' के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से चड्ढा सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट साझा कर चुके हैं। इससे यह साफ संकेत गया है कि वह उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के फैसले को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे।

बस हादसे से दहला फतेहगढ़ साहिब: 8 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने व्यक्त किया गहरा दुख

फतेहगढ़ साहिब. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फतेहगढ़ साहिब हादसे पर दुख प्रगट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ होने की कामना की है। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम व अन्य अधिकारियों का ग्रमीणों ने किया विरोध। ग्रामीणों ने हादसे के लिए खस्ताहाल सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैसाखी पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब माथा टेक कर लौट रही संगत की बस मंगलवार देर रात फतेहगढ़ साहिब के गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दो गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब गई थी। संगत में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर देर रात लौट रहे थे। गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

बड़ा फेरबदल: चंडीगढ़ में 14 HCS-PCS अधिकारियों का ट्रांसफर, कई विभागों में बदलाव

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है। लिस्ट में 14 अधिकारियों के नाम शामिल है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पीसीएस (PCS), एचसीएस (HCS) और डैनिक्स (DANICS) कैडर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को मिले ये महत्वपूर्ण विभाग अखिल कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (एस्टेब्लिशमेंट), एडिशनल सेक्रेटरी (हाउस अलॉटमेंट कमेटी) और डायरेक्टर (फूड एंड सप्लाई)। अमित कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन), एडिशनल सेक्रेटरी (होम/प्रोटोकॉल और जेल) और एडिशनल सेक्रेटरी (पर्सनल)। प्रदुमन सिंह (HCS): एडिशनल आबकारी एवं कराधान आयुक्त (Excise & Taxation Commissioner), डायरेक्टर (इंडस्ट्रीज) और सचिव (RERA)। राधिका सिंह (HCS): डायरेक्टर (हायर एजुकेशन), डायरेक्टर (सोशल वेलफेयर) और एमडी (चंडीगढ़ एससी/बीसी एवं अल्पसंख्यक वित्त निगम)। सौरभ कुमार अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (स्पोर्ट्स), जॉइंट सेक्रेटरी (एक्साइज एंड टैक्सेशन) और डायरेक्टर (आयुष)।नीतीश सिंगला (PCS): डायरेक्टर (स्कूल एजुकेशन), जॉइंट सेक्रेटरी (लेबर) और सचिव (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी)। अविकेश गुप्ता (PCS): आरएलए (RLA), डायरेक्टर (ट्रांसपोर्ट-कम-डिविजनल मैनेजर CTU) और जॉइंट सेक्रेटरी (हाउसिंग)। बलबीर राज सिंह (PCS): जॉइंट आईजी (प्रिज़न), सुपरिंटेंडेंट (मॉडल जेल) और जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम)। पालिका अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (टेक्निकल एजुकेशन) और मिशन डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट)। डॉ. इंदर जीत (HCS): जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम) और एडिशनल सीईओ (चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी)। पवित्र सिंह (PCS): एसडीएम (ईस्ट) और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर-I। नवीन (DANICS): डायरेक्टर (एग्रीकल्चर), डायरेक्टर (टूरिज्म) और डायरेक्टर (कल्चरल अफेयर्स)। खुशप्रीत कौर (DANICS): एसडीएम (सेंट्रल) और लैंड एक्विजिशन ऑफिसर। राजीव तिवारी (DC F&A): डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशंस) और डायरेक्टर (हॉस्पिटैलिटी)। प्रशासनिक तालमेल के लिए बदलाव यह आदेश चंडीगढ़ प्रशासन में पीसीएस अधिकारियों ( अविकेश गुप्ता और  बलबीर राज सिंह) के शामिल होने के बाद जारी किया गया है। नए अधिकारियों की ज्वाइनिंग के साथ ही विभागों का बंटवारा नए सिरे से किया गया है ताकि शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक सेवाओं में तेजी लाई जा सके। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, J&K और PNB बैंकों के बाहर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जालंधर    शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं। इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र पहलगाम मार्ग: इस रास्ते की चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। बालटाल मार्ग: यह रास्ता छोटा है , करीब 14 किमी है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं: ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं। शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:     यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।     केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।     6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।     रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में। यहां भी होगा पंजीकरण     कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा     किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड     पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक     रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक     राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक     रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक     सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक     श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक     उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा     डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई     अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक     पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक

श्रद्धालुओं से भरी बस श्री आनंदपुर साहिब से लौटते समय पलटी, 6 की मौत, कई घायल

श्री आनंदपुर साहिब  बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब के दर्शन करके लौट रही संगत की बस फतेहगढ़ साहिब में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत उक्त हादसा बस्सी पठाना में देर रात हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, चुन्नी-मोरिंडा रोड पर गांव मैन माजरी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के समय बस में 35 से 40 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पलटने से हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं को बस से बाहर निकाला। बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई बस, करंट से झुलसे ये हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड पर हिम्मतपुरा गांव के पास हुआ। बस में सवार श्रद्धालु मेन माजरी के रहने वाले थे। वह बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई। बस पलटने के बाद बस के पलटने के बाद उसमें अचानक करंट आ गया। मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसा रात 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। शुरुआती जांच में बस के किसी हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे लगे खंभे से जा सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों को मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंजिल के करीब ही हुआ हादसा बैसाखी के दिन बस्सी पठाना इलाके से श्रद्धालुओं का एक जत्था आनंदपुर साहिब दर्शन करने गया था। मैन माजरा में जहां श्रद्धालुओं ने उतरना था वो सिर्फ 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था। इस से पहले ही भीषण हादसा हो गया। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और कई लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल इसके बाद लोगों ने निजी वाहनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायलों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब, बसी पठाना और मोरिंडा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वजह पता लगाने की कोशिश जारी है। वैसाखी जैसे खुशी के पर्व पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।