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चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी, 28 मार्च तक लागू रहेगी सख्त पाबंदी

चंडीगढ़  आगामी वी.वी.आई.पी दौरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 मार्च से 28 मार्च तक शहर में ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला 27 और 28 मार्च को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के जरिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पाबंदी 23 मार्च की आधी रात से लागू होकर 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एयर फोर्स, एसपीजी और अधिकृत सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जानकारी देने के लिए इन आदेशों को डीसी ऑफिस और जिला अदालतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

रंधावा परिवार का दबाव: मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर फुटेज जारी कर दिया अल्टीमेटम

अमृतसर  मंत्री लालजी सिंह भुल्लर और उसके साथियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर गगनदीप रंधावा के परिवार ने विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया हैl गगनदीप की पत्नी उपेंद्र कौर ने कहा कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह सड़कों पर उतरेंगे। परिवार ने गगनदीप द्वारा जहरीला पदार्थ निकलने की सीसीटीवी फुटेज भी जरी की है। सड़के जाम करके और प्रदर्शन करके उनका मकसद लोगों को परेशान करना नहीं है। लेकिन सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। अपने परिवार और करीबियों के साथ सोमवार की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पति की मौत पर इंसाफ के लिए पनसप, वेयरहाउस, फन ग्रीन आदि एजेंसियों को अपील की है कि इंसाफ में उनका सहयोग दें। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ी हैं। परिवार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।  वहीं भाजपा और कांग्रेस ने मामले में आज रोष मार्च निकालने का एलान किया हुआ है।  पत्नी ने मांगी सुरक्षा रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अपने और तीन बच्चों की सुरक्षा की भी मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री भुल्लर लगातार रंधावा पर टेंडर पास करने को लेकर दबाव बना रहे थे। 13 मार्च को उन्हें बुलाकर पीटा गया, धमकियां दी गईं और जबरन वीडियो बनवाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने जहर निगलकर जान दे दी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने और गैंगस्टरों से हमला कराने की धमकियां दी गई थीं। परिचितों को भेजा था वीडियो घटना से पहले रंधावा ने अपने कुछ परिचितों को एक वीडियो भेजा था, जिसमें उन्होंने दबाव और उत्पीड़न का जिक्र किया था। पुलिस ने इस वीडियो को अहम साक्ष्य मानते हुए जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।  रंधावा अमृतसर और तरनतारन जिलों से जुड़े वेयरहाउस कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में विज्ञान अध्यापिका हैं और परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी ने गलत किया है या किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी। मंत्री हो या आम व्यक्ति, कानून सबके लिए समान है। मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए गए हैं।    

Iran-Israel war: सिरदर्द का इलाज महंगा होने लगा: पैरासिटामोल और अन्य दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी

लुधियाना  मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दवा इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पिछले 2 हफ्तों में दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल यानी एक्टिव फार्मा इंग्रीडिएंट्स की कीमतों में करीब 20% तक तेजी आई है। इनमें पैरासिटामोल की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है जो सिरदर्द बढ़ाने जैसा है जबकि अन्य दवाओं में भी यह स्थिति जारी रह सकती है, पंजाब होलसेल कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दुग्गल तथा महासचिव जी.एस. चावला ने बताया कि युद्ध के कारण यूरोप से आने वाला कच्चा माल नहीं आ रहा, हालांकि चीन से कच्चा माल आ रहा है परंतु उसमें भी सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि चीन भारत की दवा कंपनियों के लिए सबसे बड़ा कच्चा माल सप्लायर है। सप्लाई में रुकावट से घरेलू उत्पादन पर दबाव बढ़ा है। आने वाले समय में दवाइयां की बढ़ती कीमतों का असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि नई बैच की आने वाली दवाइयों के दाम 15 से 20% तक बढे़ हुए हो सकते हैं। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, कई अहम कच्चे माल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसके अलावा, पैट्रोकैमिकल्स से बने फार्मास्यूटिकल सॉल्वैंट्स की कीमतें एक सप्ताह में बढ़नी शुरू हो गई हैं। इसी कारण दवा कंपनियों ने सरकार से दवाओं की कीमत बढ़ाने की अनुमति देने की मांग की है, ताकि बढ़ती लागत का भार वहन किया जा सके। भारत में दवाओं की कीमतें काफी हद तक नियंत्रित रहती हैं, इसलिए अचानक बढ़ी लागत को कंपनियां अकेले संभालना मुश्किल मान रही हैं। सुरेंद्र दुग्गल ने कहा कि फार्मास्यूटिकल कंपनियां सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं परंतु हालात साफ दिखाई देते हैं कि आने वाले समय में युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों का असर दवाइयों पर भी पड़ने लगेगा और कई जीवन रक्षक दवाइयां भी महंगी हो जाएंगी। 

आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की ताज़ा जानकारी, यात्री रखें ध्यान

जालंधर    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है। पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग

बाघापुराना  पंजाब के बाघापुराना के एडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई है। इसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने। एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। दूसरी तरफ, इस मामले को विपक्ष भी उठा रहा है। हालांकि डीसी सेतिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, पता चला है कि इस मामले में कोर्ट में मामला पहुंचने वाला है। चिट़ठी सुबह तीन बजे लिखी है एसडीएम भवपदीप सिंह वालिया ने सुबह तीन बजे चिट्‌ठी लिखी है।अपनी चिट्ठी में कहा है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया और लगातार फोन कॉल्स के जरिए संपर्क किया गया, जिससे दबाव और डर का माहौल बना। देर रात और अवकाश के दिनों में भी उन्हें कॉल किए जाते रहे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया। इसके अलावा, उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलने, विभागीय कार्रवाई, जांच और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी जिक्र किया है। एसडीएम के अनुसार, इन सबका उद्देश्य किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करवाने का दबाव बनाना हो सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सारे मामले की निष्पक्ष जांच हो घटनाओं की पूरी श्रृंखला और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के आचरण की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच कराई जाए। तुरंत हस्तक्षेप किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव, उत्पीड़न और धमकी तुरंत रोकी जा सके। इस अवधि के दौरान झेले गए अत्यधिक मानसिक तनाव और आघात को देखते हुए मुझे एक महीने की छुट्टी प्रदान करने पर विचार किया जाए। मुझे मोगा से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनुचित प्रभाव से बचा जा सके।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता: सीमा पार से चल रहा ड्रग रैकेट नेस्तनाबूद

पंजाब पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है। जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई। एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

फिर चमकी किस्मत: आर्मी को दूध-चाय पहुंचाने वाले श्रवण सिंह ने जीते 5 लाख

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के कस्बा ममदोट के गांव तारा वाली के रहने वाले मास्टर श्रवण सिंह की किस्मत एक बार फिर चमकी है। उन्होंने अब 5 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसके बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। श्रवण सिंह को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया था क्योंकि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आर्मी के जवानों की बहुत सेवा की थी। अब श्रवण सिंह की 5 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। जानकारी के मुताबिक, श्रवण सिंह ने अपने पिता सोना सिंह के साथ ममदोट में सिर्फ 350 रुपये की लॉटरी डाली थी (जिसमें एक टिकट 7 रुपये का था), जिससे उनकी किस्मत बदल गई। यह खुशी की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने ढोल की थाप पर नाचकर जश्न मनाया। गौरतलब है कि श्रवण सिंह को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, चाय और लस्सी पहुंचाने में उनकी सेवा और बहादुरी के लिए सेना ने सम्मानित भी किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास बातचीत भी की। श्रवण के पिता सोना सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तीन बार लॉटरी डाली थी और तीनों बार इनाम निकला। उन्होंने कहा कि वह इस इनाम की रकम को श्रवण के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रखेंगे। उनके पिता के मुताबिक, श्रवण ने पहले भी देश भर में परिवार का नाम रोशन किया था और आज उसकी किस्मत ने परिवार की किस्मत बदल दी है। 

इंसाफ की मांग पर अड़ा परिवार: अमृतसर में गिरफ्तारी से पहले पोस्टमार्टम नहीं होगा

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में गगनदीप सिंह रंधावा मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आया, जब परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम करवाने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जब तक मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी पुलिस कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार, थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे रुकवा दिया। इस दौरान मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार मृतक की पत्नी उपिंदर जीत कौर ने आरोप लगाया कि घटना के तीसरे दिन भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे परिवार में रोष बढ़ता जा रहा है। जब तक पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करेगी, पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा। समझौते का दबाव बनाया जा रहा परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस उन्हें समझौता करने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न तो पोस्टमार्टम होने देंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर रविंदर पाल सिंह भी पहुंचे। मीडिया द्वारा गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया, हालांकि स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। इसके बाद वह मौके से चले गए। इस घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों की मांग को लेकर प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

किसानों के लिए दोधारी तलवार: बारिश से गेहूं को लाभ, पर सड़न का खतरा बढ़ा

अमृतसर. पंजाब में दो दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद शनिवार से मौसम साफ चल रहा है। हालांकि, शनिवार कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। इस बदलाव से गेहूं की फसल को लेकर चिंतित किसानों को फिलहाल राहत मिली है। फसल पकने के अंतिम चरण में होने के कारण किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए थे। हाल के वर्षों में कटाई से पहले हुई बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों की चिंता स्वाभाविक थी। इस बार हालांकि बारिश हल्की रही और तेज हवाएं नहीं चलीं, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश धीमी रही और तेज हवाओं का अभाव रहा, जो फसल को गिरने से बचाने में अहम कारक है। हालांकि उन्होंने किसानों को आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 34.5 लाख  हेक्टेयर में हुई गेहूं की बुवाई इस वर्ष पंजाब में लगभग 34.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। ऐसे में मौसम में थोड़ा सा बदलाव भी बड़े स्तर पर असर डाल सकता है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। लंबे समय से गिरते जल स्तर से जूझ रहे राज्य के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गुरदासपुर के कुछ क्षेत्रों में फसल के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे सीमित और मामूली बताया है। इसे बड़े स्तर का नुकसान नहीं माना जा रहा। चिंताएं अभी कम नहीं हुई मौसम विभाग ने 26 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में फसल के दाने बनने के इस महत्वपूर्ण चरण में किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इससे पहले फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया था, जिससे फसल पर गर्मी के असर का खतरा बढ़ गया था। कुछ इलाकों में गेहूं की फसल पर हल्का बैंगनी रंग भी देखा गया, जिसे तापमान में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वीसी डाॅ. सतबीर सिंह गोसल ने स्पष्ट किया कि यह रंग परिवर्तन अस्थायी है और इससे फसल को स्थायी नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है, तब तक फसल सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल हालात नियंत्रित हैं, लेकिन कटाई के करीब पहुंच चुकी फसल के लिए तेज हवा, ओलावृष्टि या लंबी बारिश खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।