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मेला माघी की धूम: मुक्तसर साहिब पहुंचे सीएम मान, चालीस मुक्तों को दी श्रद्धांजलि

चंडीगढ़ दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चालीस मुक्तों की महान शहादत की साक्षी पवित्र धरती श्री मुक्तसर साहिब में मेला माघी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें श्री मुक्तसर साहिब पहुंच रही हैं और गुरु चरणों में शीश नवाकर महान शहीदों को नमन कर रही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को माघी मेले के उपलक्ष्य में श्री मुक्तसर साहिब पहुंचेंगे। वे सबसे पहले गुरुद्वारा श्री टूटी गंढी साहिब में माथा टेकेंगे और इसके बाद एक रैली में शामिल होकर पंजाब के लोगों को संबोधित करेंगे। जानकारी के अनुसार, सीएम मान इस मौके पर संगतों को माघी मेले और चालीस मुक्तों के बलिदान के महत्व से अवगत कराएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर संदेश जारी कर खिदराना ढाब की ऐतिहासिक जंग में शहीद हुए चालीस मुक्तों को नमन किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "उन 40 मुक्तों की शहादत को करोड़ों नमन हैं, जिन्होंने धर्म और इंसाफ के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।" सीएम मान ने माघी मेले के अवसर पर गुरुओं के चरणों में शीश नवाने पहुंची सभी संगतों के प्रति भी सम्मान प्रकट किया। मेला माघी के चलते श्री मुक्तसर साहिब में जबरदस्त श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। लोहड़ी की रात से ही संगतों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने और पवित्र सरोवर में स्नान करने का सिलसिला लगातार जारी है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद संगतों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है। न्यूनतम तापमान गिरने के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरोवर में स्नान कर रहे हैं। बता दें कि मुक्तसर साहिब में मेला माघी 1705 में गुरु गोबिंद सिंह जी के लिए लड़ने वाले चाली मुक्ते (40 शहीदों) के बलिदान को याद करने और उनका सम्मान करने के लिए लगता है, जिन्होंने खिदराना के युद्ध (जिसे बाद में मुक्तसर कहा गया) में मुगलों के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

फाजिल्का में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण

फाजिल्का. सीमावर्ती जिला फाजिल्का इस साल गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है। पंजाब सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह पटियाला से बदलकर फाजिल्का में करवाने का निर्णय लिया है, जिसके साथ ही पूरे जिले में उत्साह और तैयारी का माहौल बन गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और शहीद भगत सिंह स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासनिक तंत्र सुरक्षा, परेड और झांकियों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य स्तरीय समारोह की घोषणा के साथ ही फाजिल्का जिला प्रशासन ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। सीमावर्ती होने के कारण फाजिल्का को अक्सर बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों से दूर रखा जाता रहा है, ऐसे में इस आयोजन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान और अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब के नवाशंहर में जीरो डिग्री तक लुढ़का पारा

लुधियाना. पंजाब में लोहड़ी पर रिकार्ड ठंड पड़ी। नवांशहर राज्य में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पहुंच गया, जोकि सामान्य से सात डिग्री कम रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी अति शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य व एक डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। अधिकतम तापमान सात से आठ डिग्री रहने का अनुमान है। 19 जनवरी तक राज्य में घनी धुंध पड़ने की संभावना है। शहर           न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) नवांशहर               0.0                            11.4 बठिंडा                  1.6                            13.4 फरीदकोट               2.0                          13.0 गुरदासपुर               2.5                           13.0 होशियारपुर             2.6                           10.7 लुधियाना                 2.6                           13.4 रूपनगर                 2.4                           15.0 पटियाला                3.0                            13.6 अमृतसर               4.1                              8.1

पंजाब लोक भवन में लोहड़ी पर साथ दिखे सीएम मान और हरियाणा के सीएम सैनी

चंडीगढ़. पंजाब लोक भवन में पारंपरिक लोहड़ी उत्सव धूमधाम से मनाया गया।इस समारोह का आयोजन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा किया गया। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस एवं संजीव अरोड़ा, राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक मित्तल एवं सरदार सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ की महापौर हरप्रीत कौर बबला, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद सहित पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने इस पर्व के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं और हमारी सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित रखने में सहायक होते हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NZCC) द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोहड़ी से जुड़े लोक नृत्य एवं लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पंजाब लोक भवन के लॉन को पारंपरिक विरासत गांव की तर्ज पर सजाया गया, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। समारोह के दौरान पंजाबी लोकनायक दुल्ला भट्टी (राय अब्दुल्ला ख़ान भट्टी) की वीर गाथा को भी श्रद्धा एवं गौरव के साथ स्मरण किया गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों एवं आमंत्रितों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया। राज्यपाल ने लोहड़ी के पावन अवसर पर पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के लोगों के लिए शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की शुभकामनाएं दीं।

पंजाब में ठंड के बीच खुले सभी स्कूल

चंडीगढ़. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच आज से पूरे पंजाब में स्कूल खुल गए हैं। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में असमंजस बना हुआ था और सभी को उम्मीद थी कि मौसम को देखते हुए अवकाश बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया। इसके बाद आज पंजाब के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल खुल गए हैं। आपको बता दें कि प्राइमरी स्कूलों के लिए स्कूल का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा, जबकि मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3.20 बजे तक रहेगा। गौरतलब है कि पहले सर्दियों की छुट्टियां 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक घोषित की गई थीं। बाद में ठंड और कोहरे की स्थिति को देखते हुए इन्हें बढ़ाकर 13 जनवरी तक कर दिया गया था। चूंकि इसके बाद छुट्टियां आगे नहीं बढ़ाई गईं, इसलिए अब पूरे प्रदेश में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है।

जालंधर में 50 साल पुराने घरों में रहने वालों को नहीं होने देंगे बेघर: CM Mann

जालंधर. आम आदमी पार्टी जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नितिन कोहली ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की और क्षेत्र से जुड़े कई अहम जनहित मुद्दों को उनके समक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। नितिन कोहली ने बताया कि अंबेडकर नगर के संदर्भ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि किसी भी हालत में किसी का भी बसा हुआ घर नहीं तोड़ा जाएगा और किसी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री संजीव अरोड़ा द्वारा अंबेडकर नगर के हित में लिए गए निर्णय पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति जताई, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसी प्रकार लद्देवाली फ्लाईओवर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने तुरंत डीसी और नगर निगम कमिश्नर को मौके पर ही सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि फ्लाईओवर को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को यातायात संबंधी दिक्कतों से राहत मिल सके। नितिन कोहली ने सिविल अस्पताल में मेडिको-लीगल मामलों के लिए एक अलग वार्ड बनाने की महत्वपूर्ण मांग भी रखी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा मिल सके और ऐसे मामलों का निपटारा व्यवस्थित तरीके से हो सके। मुख्यमंत्री ने इस मांग को भी गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही चौगिट्टी सरकारी स्कूल को तंग और भीड़भाड़ वाली गलियों से निकालकर किसी खुली और उपयुक्त जगह पर स्थानांतरित करने का मुद्दा भी मजबूती से उठाया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस विषय पर भी मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एक दूरदर्शी, संवेदनशील और विकास-केन्द्रित नेता हैं, जो जनता की भावनाओं को समझते हुए जमीनी स्तर पर ठोस फैसले लेने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री न केवल मुद्दों को सुनते हैं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में तुरंत कदम भी उठाते हैं। जालंधर सेंट्रल के विकास के प्रति उनका सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता वाकई सराहनीय है। नितिन कोहली ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में जालंधर सेंट्रल क्षेत्र में विकास कार्य और अधिक गति पकड़ेंगे और मुख्यमंत्री की विकासोन्मुख सोच का सकारात्मक प्रभाव सीधे जनता तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े ठोस फैसलों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

अकाल तख्त साहिब में पेशी: 15 जनवरी को सीएम भगवंत मान करेंगे हाजिरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान दिया है कि वह 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने हाजिर होंगे। श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को औपचारिक समन जारी किया था, जिसमें उन्हें 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि वे 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हैं। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने लिखा, "15 जनवरी को मेरा कोई और काम नहीं है। मैंने राष्ट्रपति के ऑफिस को भी बता दिया है। आपके आदेश के अनुसार, 15 जनवरी का दिन पूरी तरह से श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है। समय बदलने के बारे में मेरी या ऑफिस की तरफ से कोई आधिकारिक पत्र या बयान जारी नहीं किया गया है। मैं 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हूं।" हालांकि, श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 15 जनवरी को शाम 4.30 बजे पेश होने का समय दिया है। एक आधिकारिक पत्र में कहा गया, "5 जनवरी के एक पत्र के तहत आपको 15 जनवरी को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब, श्री अमृतसर में अपनी सफाई देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन इस बारे में आपके जारी किए गए बयान में आपकी व्यस्तता का जिक्र किया गया है। इसलिए, सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के जारी आदेश के अनुसार, यह लिखा है कि अब आपको अपनी सफाई देने के लिए 15 जनवरी को शाम 04.30 बजे श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचना है।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक तथाकथित वीडियो की जांच की मांग कर रही है। भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब पुलिस, जिसने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक जांच एक दिन में पूरी कर ली थी, दिल्ली विधानसभा स्पीकर के 48 घंटे में जवाब मांगने के अनुरोध पर जवाब देने के लिए 10 दिन मांग रही है। दूसरी तरफ, हम लगातार मुख्यमंत्री के चेहरे से मिलते-जुलते वीडियो की जांच की मांग कर रहे हैं, उस पर पुलिस चुप क्यों है?" सुनील जाखड़ ने सोमवार को पंजाब के जीडीपी को भी एक पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार और बेअदबी दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर तुरंत फॉरेंसिक जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

आरटीई की सीटों का आरक्षण के दौरान पोर्टल पर सर्वर एरर ने बढ़ाई परेशान

लुधियाना. निजी स्कूलों के लिए आर.टी.ई. एक्ट के तहत 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का सरकारी फरमान परेशानी का सबब बन गया है। एक तरफ जहां डिप्टी कमिश्नर (डी.सी.) हिमांशु जैन ने 12 जनवरी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य की है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की तकनीकी खामियों और अधूरी तैयारी ने स्कूलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सोमवार को जब स्कूलों ने विभाग के पोर्टल पर लॉग इन करने की कोशिश की तो तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अधिकांश स्कूल रजिस्ट्रेशन करने में नाकाम रहे। पोर्टल का बुरा हाल, पासवर्ड हैड ऑफिस के पास निजी स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि विभाग के पास कई स्कूलों का यूडाइस डाटा ही उपलब्ध नहीं है। विडंबना यह है कि कई स्कूलों के पास लॉग इन आई.डी. (यूडाइस कोड) तो है लेकिन पासवर्ड गायब है। जब स्कूलों ने इस संबंध में विभाग से संपर्क किया तो स्थानीय अधिकारियों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि पासवर्ड केवल हैड ऑफिस से ही मिलेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि पोर्टल ही तैयार नहीं था, तो स्कूलों पर सख्त समय-सीमा का दबाव क्यों बनाया जा रहा है? लॉग इन के समय लगातार 'सर्वर एरर' आने से स्कूल संचालक मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। डी.सी. के सख्त आदेश लेकिन विभाग की सुस्त चाल उल्लेखनीय है कि डी.सी. हिमांशु जैन ने लुधियाना के सभी प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) को आर.टी.ई. एक्ट के तहत कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर.टी.ई. पोर्टल पर स्कूलों को अपनी एंट्री-लैवल सीटें, ट्यूशन फीस और मान्यता (सी.ओ.आर.) नंबर अपलोड करना अनिवार्य है। प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया और फीस वसूली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है लेकिन विभाग द्वारा प्रदान किया गया तकनीकी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। नियमों का हवाला और दंडात्मक कार्रवाई का डर प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर केवल परिवहन शुल्क लेने की अनुमति है और किसी भी तरह के टैस्ट या इंटरव्यू पर पाबंदी है। नियमों की अनदेखी पर मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है लेकिन स्कूल संचालकों का तर्क है कि जब विभाग का अपना पोर्टल ही सही ढंग से काम नहीं कर रहा, तो वे समय-सीमा के भीतर जानकारी कैसे अपलोड करें? निजी स्कूलों ने विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया है और मांग की है कि रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने के साथ तकनीकी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए।

पंजाब को दहलाने की साजिश रचते हथियारों सहित 6 गिरफ्तार

तरनतारन. गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश को तरनतारन पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और नशीले पदार्थ बरामद करते हुए करीब आधा दर्जन आरोपियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा हलका तरनतारन के गांव कक्का कंडियाला में गत देर रात करीब 1 बजे पुलिस ने बड़े स्तर पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने नई तकनीक के 6 विदेशी पिस्तौल, असॉल्ट राइफल के मैगजीन, भारी मात्रा में हेरोइन और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। सबसे अहम बात यह है कि आरोपियों के पास से रॉकेट लॉन्चर जैसा खतरनाक हथियार भी मिला है, जिसका इस्तेमाल किसी बड़े हमले के लिए किया जाना था। डी.एस.पी. (डिटेक्टिव) जगजीत सिंह ने बताया कि पुलिस रोजाना कार्रवाई करती रहती है, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी के बारे में आधिकारिक जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ही दी जाएगी। उम्मीद है कि मंगलवार को एस.एस.पी. सुरिंदर लांबा इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं।

शिक्षा मंत्री बैंस ने 21 कर्मचारियों को सौंपे रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की कर्मचारियों के प्रति स्नेही प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए एक उदाहरणात्मक कदम के तहत पंजाब के शिक्षा मंत्री  हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) में ठेके पर काम कर रहे 21 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करते हुए उन्हें रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट सौंपे। हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि “पॉलिसी फॉर वेलफेयर ऑफ एडहॉक, कॉन्ट्रैक्टुअल, डेली वेजेज, वर्क-चार्ज्ड एंड टेम्परेरी एम्प्लॉयीज” के तहत 16 पैकर, 2 कुक, 2 वेटर और एक ड्राइवर को स्थायी करके सरकारी सेवाओं में शामिल किया गया है। हरजोत सिंह बैंस ने इन कर्मचारियों को दिल से बधाई देते हुए कहा कि यह सर्टिफिकेट इन कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षित नौकरी और सामाजिक स्तर पर और मजबूत करने के बारे में है, जो हमारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। यह रेगुलराइजेशन प्रक्रिया हमारे चुनाव वादे की प्रतिबद्धता को पूरा करती है और यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी योग्य कर्मचारी स्थायी नौकरी के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों द्वारा दी गई अथक सेवाओं के कारण वे इस रेगुलर होने का लाभ लेने के हकदार हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह कदम मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और उन्हें विकास के बराबर अवसर प्रदान करने के वादे के मुख्य सिद्धांत की प्रतिनिधित्व करता है। यह रेगुलराइजेशन प्रक्रिया कर्मचारियों और उनके परिवारों को पूर्ण राहत प्रदान करती है और उन्हें बोर्ड द्वारा दिए जा रहे सेवा लाभों तक पहुंच प्रदान करती है। यह लंबे समय से चली आ रही मांग को हल करने और अनियमित सेवाओं में लगे कर्मचारियों को नियमित करने के राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूत करती है। इस मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और अन्य उच्च अधिकारी भी मौजूद थे।