samacharsecretary.com

AAP सरकार का बड़ा कदम: पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेगा ₹1,000, 2022 का वादा हुआ पूरा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के क्रियान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी।मपात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली किसी परिवार की पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहले से पेंशन पाने वाली महलाओं को भी लाभ दो अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगी भी पहले से दी जा रही पेंशन के अलावा योजना के तहत पूर्ण वित्तीय लाभ पाने की हकदार होंगी। मंत्रिमंडल ने रविवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 2022 के चुनाव में किया था वादा पंजाब में 2022 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना था। पैसे सीधे बैंक अकाऊंट में भेजे जाएंगे। 2 अप्रैल से ही यह योजना लागू मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? मान सरकार का दावा है कि इस योजना का फायदा पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा. इस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा. हालांकि, मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वालीं महिलाओं और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  और भी कई राज्यों में है ऐसी योजना महिलाओं को हर महीने की वित्तीय सहायता देने वाली योजनाएं कई राज्यों में चल रही है. मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' है, जिसके तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 'गृहलक्ष्मी योजना' चलाती है, जिसके तहत 2,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में 'माझी लाडकी बहिण योजना' है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को 1,500 रुपये मिलते हैं।  झारखंड में महिलाओं को सबसे ज्यादा रुपये मिलते हैं. 2024 में सरकार ने 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत मिलने वाली रकम को बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया था. इसके अलावा, असम में 1,250 रुपये, तमिलनाडु में 1,000 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1,000 रुपये और छत्तीसगढ़ में भी 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।  कैसे भरा जाएगा फॉर्म? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को फॉर्म भरना होगा और इसमें कुछ दस्तावेज लगाए जाएंगे। योनजा का लाभ उठाने के लिए महला के पास आधार कार्ड होना चाहिए जिसपर पंजाब का पता लिखा हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आई कार्ड. बैंक अकाउंट और पासबुक साथ ही अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस योजना को ठीक से लागू करने का जिम्मा जिला स्टर पर डिप्टी कमिश्नरों को दिया गया है। इसके अलावा गांवों तक लोगों को सुविधा अच्छी तरह पहुंचाने के लिए स्पेशन फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का खाता नहीं खुला है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जाएंगे। नियम के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने के बाद तुरंत लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इस योनजा की निगरानी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है।

लुधियाना कांग्रेस नेता की हत्या पर बड़ा खुलासा, बिहार से पकड़ा गया आरोपी—कुल्हाड़ी लेकर घूम रहा था हत्यारा

लुधियाना थाना कुमकलां के तखरां गांव में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को लुधियाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन में आज दोपहर डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा खुलासा करेंगे। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी क्योंकि हमलावरों ने बड़ी ही क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय हत्या से महज एक घंटा पहले नशे की हालत में अपने कंधे पर कुल्हाड़ी रखकर गांव की गलियों में पैदल घूमता दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार शाम 5:47 बजे आरोपी गांव में बेखौफ घूम रहा था और ठीक 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि अजय पिछले 15 दिनों से गांव के चक्कर लगाकर तिवारी की रेकी कर रहा था। वारदात के समय आरोपी लक्की बाइक चला रहा था, जबकि अजय ने कुल्हाड़ी से हमला किया। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार होकर पटना (बिहार) जा छिपे थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोच लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। हमलावरों ने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक कुल 6 वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी पूरी तरह डैमेज हो गई और दिमाग का हिस्सा बाहर बिखर गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वार इतना जोरदार था कि तिवारी को चीखने तक का मौका नहीं मिला और वे पहले ही वार में जमीन पर गिर पड़े थे। गिरने के बाद भी आरोपी उन पर वार करते रहे। शरीर के अन्य किसी हिस्से पर चोट के निशान न होना यह दर्शाता है कि आरोपियों का एकमात्र मकसद उनकी जान लेना ही था। पुलिस फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे तीन मुख्य थ्योरियों पर काम कर रही है। पहली थ्योरी पंचायत की जमीन के विवाद से जुड़ी है। आरोपी अजय ने पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया था और एक सरकारी कमरे को तोड़कर अपने घर में मिला लिया था। इसी बात को लेकर उसका परमिंदर तिवारी और सरपंच पति जगदीश के साथ विवाद चल रहा था, जिसका केस अदालत में लंबित है। दूसरी ओर, वारदात के कुछ समय बाद तिवारी के मोबाइल पर आए एक इंटरनेशनल कॉल ने पुलिस को उलझा दिया है। कॉल करने वाले ने सीधे तिवारी का हाल पूछा था, जिससे सुपारी किलिंग का शक भी गहरा रहा है। इसके साथ ही पुरानी राजनीतिक रंजिश के एंगल को भी नकारा नहीं जा रहा है, क्योंकि तिवारी गांव की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय थे और आरोपी उनके राजनीतिक विरोधियों का करीबी बताया जा रहा है। अब पुलिस की पूछताछ में ही साफ होगा कि इस खूनी खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

US में कार्रवाई तेज: 1790 लाइसेंस कैंसल, पंजाबी चालकों के सामने रोजगार संकट

चंडीगढ़. अमेरिका में प्रवासी चालकों के खिलाफ सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इंडियाना राज्य में मोटर वाहन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 1,790 गैर-स्थायी वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से लागू हो गया, जिससे हजारों प्रवासी चालकों, खासकर पंजाबी समुदाय से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं, बल्कि हाल में हुई कुछ गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के बाद की गई है। फरवरी 2026 में सुखदीप सिंह से जुड़ी एक दुर्घटना में एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी, जिसके बाद नियमों को सख्त करने की मांग तेज हो गई थी। इससे पहले कैलिफोर्निया में भी समय सीमा पूरी होने के कारण 17 हजार लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। हालांकि, कुछ वीजा श्रेणियों के तहत काम कर रहे चालकों को इस कार्रवाई से राहत मिली है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे प्रवासी चालक प्रभावित हुए हैं, जो लंबे समय से ट्रकिंग क्षेत्र में काम कर रहे थे। अमेरिका में सक्रिय यूनाइटेड सिख्स ने प्रभावित चालकों की मदद के लिए देशभर में सहायता सेवा शुरू की है। इंडियाना सरकार के फैसले का पंजाब में विरोध इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया के सामने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हजारों पंजाबी युवा ट्रक चलाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं और इस फैसले से उनकी आजीविका खतरे में पड़ गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाया जाए। वहीं, सिख गठबंधन सहित अन्य सिख संगठनों ने भी इस फैसले का विरोध किया है। संगठनों का कहना है कि कई चालकों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया और अचानक लिए गए इस फैसले से पूरे समुदाय में चिंता का माहौल है। लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और सख्त नए नियमों के तहत अब गैर-नागरिक चालकों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और सख्त कर दी गई है। कानूनी स्थिति की जांच अनिवार्य कर दी गई है और भाषा दक्षता जैसे मानकों को भी कड़ा किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से योग्य चालकों की कमी हो सकती है, जिससे परिवहन व्यवस्था और आपूर्ति तंत्र पर भी असर पड़ सकता है।

DGP चयन प्रक्रिया तेज: मान सरकार ने 14 IPS अफसरों का पैनल UPSC को भेजने की तैयारी की

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। जल्द ही 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजने की तैयारी की जा रही है। यूपीएससी इस पैनल में से तीन अधिकारियों को शार्टलिस्ट करेगा, जिनमें से एक को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है और इसे जल्द यूपीएससी को भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, यह पैनल 1992, 1993 और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारियों से तैयार किया गया है, जो डीजीपी पद के लिए पात्र हैं। इन अधिकारियों के नाम शामिल 1992 बैच के अधिकारियों में कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव, पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के स्पेशल डीजीपी शरद सत्य चौहान, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के स्पेशल डीजीपी कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू (पोस्टिंग का इंतजार) शामिल हैं। 1993 बैच से कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन व महिला मामलों की स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत कौर देओ, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के स्पेशल डीजीपी डॉ. जितेंद्र कुमार जैन और रेलवे के स्पेशल डीजीपी शशि प्रभा द्विवेदी का नाम पैनल में है। वहीं, 1994 बैच के अधिकारियों में स्पेशल डीजीपी (मुख्यालय) सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, विजिलेंस ब्यूरो के स्पेशल डीजीपी-कम-चीफ डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा, ट्रैफिक व रोड सेफ्टी के स्पेशल डीजीपी अमनदीप सिंह राय, साइबर क्राइम के स्पेशल डीजीपी वरुण नेराजा, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर की डायरेक्टर अनीता पुंज, मानवाधिकार के स्पेशल डीजीपी नरेश कुमार और टेक्निकल सर्विसेज के स्पेशल डीजीपी राम सिंह शामिल हैं। दो साल का होगा कार्यकाल पैनल में से चुने जाने वाले डीजीपी को कम से कम दो साल का कार्यकाल मिलेगा, भले ही उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख कुछ भी हो। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के 2006 के निर्देशों और बाद में तय यूपीएससी गाइडलाइंस के तहत लागू होता है। पंजाब में जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था जारी है। आम आदमी पार्टी सरकार ने गौरव यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी थी और वे तब से लगातार इस पद पर कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी को इस मुद्दे पर सख्ती दिखाते हुए राज्यों को नियमित डीजीपी नियुक्त करने की प्रक्रिया अपनाने को कहा था और यूपीएससी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रक्रिया में देरी पर सवाल सरकार को 10 दिन के भीतर प्रस्ताव भेजने को कहा गया था, लेकिन इसमें देरी हुई। राज्य ने 2023 में पारित पंजाब पुलिस संशोधन विधेयक का हवाला देते हुए अपनी प्रक्रिया अपनाने की कोशिश की थी। हालांकि 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि डीजीपी की नियुक्ति यूपीएससी की प्रक्रिया से ही होगी। यूपीएससी की भूमिका अहम यूपीएससी की एंपैनलमेंट कमेटी में चेयरमैन या सदस्य, केंद्रीय गृह सचिव का प्रतिनिधि और केंद्रीय पुलिस संगठन का प्रमुख शामिल होता है। यही कमेटी राज्य द्वारा भेजे गए नामों में से तीन अधिकारियों को चुनती है। अब सभी की नजरें यूपीएससी पर टिकी हैं, जो इस पैनल से तीन नाम तय करेगी। इसके बाद पंजाब सरकार अंतिम फैसला लेकर राज्य को नया नियमित डीजीपी देगी।

खेतों में खड़े बिजली के खंभे हटाए जाएंगे, अंडरग्राउंड तार और स्मार्ट ट्रांसफार्मर लगेंगे; सीएम मान करेंगे प्रोजेक्ट का शुभारंभ

जालंधर  पंजाब के खेतों में लगे बिजली के खंभों को अब हटा दिया जाएगा। उनकी जगह अंडरग्राउंड तारें बिछाई जाएंगी। यहां लगे बड़े ट्रांसफार्मर भी हटेंगे और इनके बदले में छोटे आकार के स्मार्ट ट्रांसफार्मर इंस्टॉल किए जाएंगे। किसानों को राहत देने, कृषि कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारू व निर्बाध बनाने और खेतों में लगे खंभों व तारों की वजह से होने वाले विवादों को निपटाने के मकसद से पंजाब सरकार ने यह फैसला लिया है। इस परियोजना की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव सतोज से बतौर पायलट प्रोजेक्ट की जाएगी।  पंजाब में 13236 ग्राम पंचायतें मौजूद हैं और यहां खेतिहर जमीनों पर तीन लाख से अधिक खंभे मौजूद हैं। दरअसल, सिंचाई के लिए किसानों द्वारा लगाई गई मोटरों तक बिजली पहुंचाने के लिए खंभों की मदद से ही तारों का जाल खेतों में फैला हुआ है। इसी बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए खेतों में काफी संख्या में ट्रांसफार्मर भी मौजूद हैं। इस योजना के तहत पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अफसरों ने गांव सतोज का दौरा कर लिया है। गांव में करीब दो हजार एकड़ खेतीहर जमीन हैं, जहां सिंचाई के लिए लगभग 400 मोटरें और 800 से अधिक खंभे लगे हैं। इस वजह से बनाई योजना इन तारों के ढीले होने के चलते स्पार्किंग की वजह से अक्सर खेतों में कई दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कभी तारों की चिंगारियां पकी हुई फसलों को जलाकर रखा कर देती हैं, तो कहीं खेतों में काम कर रही कंबाइन मशीनें इन तारों से टकरा जाती हैं। इसके अतिरिक्त खेतों से गुजरती तारें और खंभों को खड़ा करने के लिए लगाई गई सपोर्ट (खिच) भी किसानों के बीच आपसी विवाद का बड़ा कारण बन जाती हैं। ऐसे भी कई विवाद सामने आए हैं। दूसरा, बड़े आकार के ट्रांसफार्मरों से खेतों में काफी जगह भी घिर जाती है, जहां किसान फसल नहीं लगा पाते। ढीली तारों की वजह से ट्रांसमिशन लॉस भी काफी रहता है। बिना खंभों के सुंदर लगेंगे खेत : मान पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। सभी गांवों से खंभे और तारें हटा दी जाएंगी। तारें अंडरग्राउंड होंगे और छोटे आकार वाले ट्रांसफार्मर लगेंगे। बिना खंभों के गांव सुंदर दिखेंगे। सीएम ने कहा, इसके अलावा इन खंभों, ट्रांसफार्मरों और तारों की वजह से होने वाले नुकसान व विवाद भी खत्म हो जाएंगे जबकि बिजली आपूर्ति और बेहतर होगी। इसी माह उनके गांव सतोज से इस योजना की शुरुआत होगी। इस बारे में जल्द बिजली अफसरों संग बैठक करेंगे।  

US में पंजाब-हरियाणा के ड्राइवरों पर असर, 1790 नौकरियों का नुकसान, वर्क वीजा के बिना नहीं मिलेगा DL, पूरे USA में हो सकता है लागू

पटियाला  अमेरिका के इंडियाना राज्य ने अवैध रूप से गए सभी पंजाबी ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। इंडियाना के नए कानून से 1790 ड्राइवरों की नौकरी चली गई है। इसमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं।  इंडियाना की लाइसेंसिंग अथारिटी ने बताया कि लगातार इंडियन ड्राइवरों से हो रहे हादसों के बाद ये फैसला लिया गया। हादसों के बाद पूछताछ में पता चला कि पंजाब-हरियाणा मूल के ड्राइवरों को न तो रोड साइन इंग्लिश में पढ़ना आते थे और न ही वे अंग्रेजी में बात कर सकते थे। गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 में हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200 पर साइन कर दिए हैं। इंडियाना बीएमवी ने 16 मार्च को 1790 ड्राइवरों को नोटिस भेजा था, जिसमें लाइलेंस रद्द करने की सूचना दी गई थी। कानून लागू होते ही 1 अप्रैल को सभी नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल (जिनके पास एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा नहीं था) अपने आप एक्सपायर हो गए। इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा बोले- हमारा मकसद किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्टीयरिंग व्हील के पीछे बैठा व्यक्ति पूरी तरह ट्रेंड और कानूनी रूप से योग्य हो। तरनतारन के युवक ने बैन को मारी थी ट्रक से टक्कर: इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा ने बताया कि कानून बनाने का मुख्य कारण पिछले 4 महीनों में अवैध इमिग्रेंट ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए गए हादसे हैं। इनमें कुल 6 मौतें हुईं। पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर की अमेरिका के फ्लोरिडा टर्न पाइक में ड्राइविंग दौरान बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया था। फ्लोरिडा की सड़क पर गलत यूटर्न लेने कारण एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया था। इसमें वैन में सवार 3 लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक ड्राइवर तरनतारन के गांव रटैला का रहने वाला था। पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने रेड लाइट जंप कर मारी थी टक्कर: दूसरा हादसा 18 फरवरी 2026 को पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने किया। 24 साल का सुखदेव 2018 में अवैध रूप से आया था और मई 2025 में लाइसेंस लिया था। उसने हैंड्रिक्स काउंटी में यूएस 36 पर रेड लाइट क्रॉस की। सेमी ट्रक ने पिकअप ट्रक को टक्कर मारी जिसमें 64 वर्षीय टेरी शुल्त्ज की मौत हो गई। सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह सिर्फ 3 महीने से ट्रक चला रहा था। इसी के साथ अमेरिका के कैलिफोर्निया में पंजाब के ट्रक ड्राइवर ने करीब 10 वाहनों को टक्कर मार दी थी। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी पहचान 21 साल के जशनप्रीत सिंह के रूप में हुई थी। हादसों के बाद कानून बनने पूरी कहानी     इंडियाना विधानसभा में एचईए 1200 पेश:फरवरी 2026 में इंडियाना विधानसभा में एचईए 1200 पेश किया गया। कई भयंकर एक्सीडेंट्स के बाद यह बिल पास हुआ। गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 के मध्य में इसे साइन किया। लेफ्टिनेंट गवर्नर माइका बेकविथ और अटॉर्नी जनरल ने इसे सड़क सुरक्षा का बड़ा कदम बताया।     बीएमवी ने पहले नोटिस भेजा: इंडियाना ब्यूरो ऑफ मोटर व्हीकल्स (बीएमवी) ने 16 मार्च 2026 को लाइसेंस रद्द करने से पहले 1790 ड्राइवरों को मेल से नोटिस भेजा। इनमें वे सभी शामिल थे जिनके पास नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल था और लीगल स्टेटस यानी एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा नहीं था।     1 अप्रैल 2026 को कानून लागू हुआ: 31 मार्च 2026 की मिडनाइट को सभी पुराने नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल एक्सपायर हो गए। अब अवैध इमिग्रेंट्स को नया सीडीएल नहीं मिलेगा। केवल एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा वाले ही अप्लाई कर सकेंगे।     नए कानून में अंग्रेजी आना जरूरी किया: नया लाइसेंस लेने के लिए एग्जाम अब केवल अंग्रेजी या अमेरिकन साइन लैंग्वेज में होगा। ड्राइवर को अंग्रेजी में बातचीत, ट्रैफिक साइन समझने और रिपोर्ट लिखना आना जरूरी कर दिया गया है। कंपनियां या ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल अगर जानबूझकर अनएलिजिबल ड्राइवर को ट्रेनिंग या नौकरी देते हैं तो उन पर 50 हजार डॉलर (लगभग 42 लाख रुपए) जुर्माना होगा। फर्जी दस्तावेज देने पर भी 42 लाख की पेनल्टी लगेगी। लाइसेंस रद्द करने वाला इंडियाना पहला सूबा, बाकी जगह भी हो सकते अवैध रूप से ट्रक चला रहे प्रवासियों पर कार्रवाई करने वाला इंडिया अमेरिका का पहला सूबा है। गवर्नर माइक ब्रॉन ने बताया कि ये फैसला फरवरी 2026 में पंजाबी ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए 2 बड़े हादसों के बाद लिया गया है। खासकर फरवरी 2026 में सुखदीप सिंह के ट्रक से हुए एक्सीडेंट में 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। सरकार का कहना है कि इससे अनट्रेंड और अनक्वालिफाइड ड्राइवरों को रोका जाएगा, सड़कें सुरक्षित होंगी। नए नियम में अंग्रेजी आना अनिवार्य है। रद्द लाइसेंस वाले ट्रक ड्राइवरों को नौकरी देने वाले ट्रक मालिकों पर 50000 डॉलर जुर्माना लगेगा।

GMADA की स्कीम, बनेंगी चंडीगढ़ जैसी लग्जरी कोठियां, ₹60 हजार प्रति गज तक पहुंचेगी जमीन की कीमत

चंडीगढ़   सिटी ब्यूटीफुल के नाम से देश- दुनिया में विख्यात चंडीगढ़ जैसा एक और नया शहर बसाने की तैयारियां शुरू हो गई है. पंजाब सरकार ने न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में 309.30 एकड़ जमीन पर लो डेंसिटी आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएगी जहां पुराने चंडीगढ़ के VIP सेक्टरों की तर्ज पर बड़ी- बड़ी लग्जरी कोठियां और बंगले बनाए जाएंगे. किसानों को जमीन के बदले प्रति एकड़ 6.24 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।  उन्हें 29 जून तक अपना सहमति पत्र ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी (GMADA) को देना होगा. इसके बाद, आगामी प्रकिया शुरू की जाएगी. मुल्लांपुर में गरीबदास गांव के पास विकसित होने वाला यह इलाका भीड़- भाड़ से दूर और हरियाली व पर्यावरण के अनुकूल रहेगा।  यह रहेगी प्लॉट की कीमत इस योजना में 500 गज (1 कनाल) और 1,000 गज (2 कनाल) के बड़े प्लॉट मिलेंगे. इनकी कीमत करीब 60 हजार रुपए प्रति गज हो सकती है. आवेदन करते समय कुल कीमत के 10% पैसे का भुगतान करना होगा।  न्यू चंडीगढ़ की खासियतें     हरियाली और पर्यावरण अनुकूल बसाएं जा रहे न्यू चंडीगढ़ शहर को ग्रिड पैटर्न में बसाया जाएगा जिससे ट्रैफिक और प्लानिंग बेहतर रहेगी।      60, 45 और 30 मीटर चौड़ी सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।      GMADA एक्सप्रेस-वे से बद्दी और आनंदपुर साहिब तक आसान कनेक्टिविटी मिलेगी।      करीब 33% एरिया को हरियाली क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा जिसमें पार्क और ओपन स्पेस शामिल हैं।      900 हेक्टेयर में स्पोर्ट्स और मनोरंजन सुविधाएं जैसे स्टेडियम और गोल्फ कोर्स विकसित होंगे।      रिहायशी, मेडिसिटी, एजुकेशन सिटी, ट्रांसपोर्ट टर्मिनल और प्रस्तावित मेट्रो के साथ रोजगार और आवागमन की बेहतर व्यवस्था होगी।  किसानों को मिलेगी सुविधा इस योजना के लिए जमीन देने वालों को लैंड पूलिंग की सुविधा का लाभ मिलेगा. इस पॉलिसी के तहत प्रति एकड़ जमीन के बदले मालिक को 1,600 वर्ग गज आवासीय प्लॉट या 1,000 वर्ग गज आवासीय प्लॉट के साथ 200 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट मिल सकता है. इस प्लॉट में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेगी. यदि सरकार जमीन बेचती है या विकसित परियोजना से मुनाफा अर्जित करती है तो जमीन देने वाले किसानों को भी इसका फायदा पहुंचेगा।  मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ।  इको सिटी के पास बसेगी सोसाइटी यह स्कीम न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में मुल्लांपुर गरीबदास गांव के पास बनाई जा रही है। यहां बड़े-बड़े प्लॉट और फार्महाउस जैसे घर बनाए जाएंगे। यानी कम भीड़-भाड़ वाला इलाका होगा। इसका मकसद है कि हरियाली और पर्यावरण का संतुलन बना रहे। GMADA के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि इसे लोग काफी पसंद करेंगे, क्योंकि पहले ही इस इलाके में GMADA की ओर से ईको सिटी-1, ईको सिटी-2 और मेडिसिटी बसाई गई हैं। एक से दो कनाल के होंगे प्लॉट इस स्कीम में 500 गज (1 कनाल) और 1000 गज (2 कनाल) के बड़े प्लॉट मिलेंगे। इनकी कीमत करीब 60 हजार रुपए प्रति गज हो सकती है। यानी 500 गज का प्लॉट लगभग 3 करोड़ तक पड़ सकता है। आवेदन करते समय कुल कीमत का 10% पैसा (EMD) जमा करना होगा। स्कीम में कुल प्लॉटों की संख्या अभी तक क्लियर नहीं है, लेकिन योजना में लगभग 185 से 200 के बीच रहने की उम्मीद है। 6 शहरों की स्टडी की गई लो-डेंसिटी योजना दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम, गांधीनगर और लखनऊ में भी है। इन इलाकों की स्टडी भी GMADA की टीम ने की है, ताकि योजना को अच्छे तरीके से पूरा किया जा सके। इसके अलावा GMADA पहले ही न्यू चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित कर रहा है। यहां भी चंडीगढ़ की तरह 17 सेक्टर काटे गए हैं। किसानों को लैंड पूलिंग जमीन मालिकों के पास नकद मुआवजे के अलावा लैंड पूलिंग पॉलिसी का विकल्प भी है। इस पॉलिसी के तहत प्रति एकड़ जमीन के बदले मालिक को 1,600 वर्ग गज आवासीय प्लॉट या 1,000 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट के साथ 200 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट (SCO) मिल सकता है। इसके अलावा पूरा एरिया पहले ही बस चुका है, जिससे इलाके के लोगों का फायदा होगा।  

लाडोवाल Toll Plaza पर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, मैनेजमेंट ने दिया बड़ा बयान

लुधियाना नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजाओं पर टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। इसी के तहत नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही NHAI ने टोल प्लाजाओं पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने बताया कि नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब किसी भी वाहन चालक से कैश में टोल फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बिना फास्टैग के टोल पार करने वाले वाहन चालकों से दोगुनी फीस वसूली जाएगी। हालांकि, अगर कोई चालक UPI के जरिए भुगतान करता है तो उससे सामान्य दर पर ही टोल लिया जाएगा। यदि वाहन चालक न तो फास्टैग और न ही UPI का इस्तेमाल करता है, तो उसे दोगुना टोल देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल की रात से देश के सभी टोल प्लाजाओं पर लागू कर दिए गए हैं।  पिछले साल भी 1 अप्रैल से टोल रेट बढ़े थे और रेट में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। लाडोवाल टोल मैनेजर विपिन राय ने बताया कि NHAI की ओर से 27 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर दरों में संशोधन किया गया है। वहीं इस टोल से अब केवल फास्टैग या UPI पेमेंट कर ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजारी जा सकेगी। इसलिए, गाड़ी में फास्टैग अकाउंट एक्टिव कर लें। फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना देना पड़ सकता है या लौटाया जा सकता है, क्योंकि सभी टोल पर सिर्फ फास्टैग या UPI से ही टैक्स चुका सकेंगे।

महिला मरीज को थप्पड़ मारने वाली घटना: स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल कर्मी को सस्पेंड किया

पटियाला पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल में महिला मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया।  अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी द्वारा महिला को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने की वायरल वीडियो के बाद मंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। वीरवार को डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल का औचक दौरा किया और ओपीडी में मरीजों से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ है क्योंकि कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने से न केवल महिला को चोट लगी बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि मरीजों को पर्ची बनाने में कम से कम समय लगे, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। डॉ. बलबीर सिंह ने इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है और आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ से आह्वान किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और उल्टा-सीधा बोल सकते हैं लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है इसलिए स्टाफ को धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। मंत्री ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की सराहना की जिनकी मेहनत और ईमानदारी से अस्पताल में हर दिन लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी या दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है जिसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं और संवेदनशीलता से इलाज मिलने की उम्मीद है।

पठानकोट के जसनूर सिंह ने CDS-2 परीक्षा में ऑल इंडिया 1 रैंक हासिल कर बढ़ाया मान, एयरफोर्स और नेवल एकेडमी में चयन

पठानकोट  पठानकोट के जसनूर सिंह ने यूपीएससी की सीडीएस-2 परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। जसनूर सिंह ने इंडियन मिलिट्री अकादमी में सातवां, इंडियन एयरफोर्स अकादमी और इंडियन नेवल अकादमी में पहला स्थान हासिल किया है। परिवार और टीचर्स ने बढ़ाया हौसला जसनूर की शुरूआती स्कूलिंग सैंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल पठानकोट और फिर महाराजा रणजीत सिंह आर्म फोर्सर्सेस प्रिपरेटरी इंस्टट्यूट में हुई। जसनूर अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीचर्स को देते हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर मेजर जनरल एचएस चौहान ने उनका काफी स्पोर्ट किया। जसनूर का मानना है कि काफी यूथ डिफेंस में जाना चाहते हैं, पढ़ने के टाइम उन्हें पढ़ना चाहिए। खेलने के टाइम खेलना चाहिए। बाहर की दुनिया से बात करनी चाहिए। एक्सपोज़र लेना चाहिए। मेहनत करें सफलता जरूर मिलेगी। एनडीए में मिली थी असफलता अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए जसनूर ने बताया कि उनका यह सफर पांच साल पहले शुरू हुआ था। उन्होंने पहले एनडीए परीक्षा भी उत्तीर्ण करने का प्रयास किया था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। एयरफोर्स ज्वाइन करेंगे जसनूर ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने सीडीएस परीक्षा दी और पूरे देश में एयरफोर्स और नेवी में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने एयरफोर्स ज्वाइन करने की बात कही और अन्य युवाओं से भी कड़ी मेहनत करने की अपील की। बेहद खुश हैं जसनूर के माता-पिता जसनूर सिंह के माता-पिता, दविंदर सिंह और सुखजीत कौर ने अपने बेटे की लगातार मेहनत पर गर्व व्यक्त किया। माता-पिता जसनूर सिंह का सफलता से काफी खुश हैं और कामना करते हैं कि वह सफलता की बुलंदियों को छुएगा। जसनूर ने यह भी बताया कि उनके बड़े भाई ने भी इस सफर में उनका बहुत साथ दिया। बचपन से था जसनूर का सपना – पिता जसनूर के पिता और दवा कारोबारी दविंदर सिंह का कहना है कि सबसे पहले हम उस परमात्मा वाहेगुरु का धन्यवाद करते हैं,जिन्होंने हमें यह खुशी दी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही जसनूर का सपना था कि वह इंडियन डिफेंस जॉइन करे। इसके लिए वह प्लस वन से ही प्रयास कर रहा था। उसने NDA की परीक्षा 2 बार दी और दोनों बार लिखित परीक्षा पास की। लेकिन इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाया। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई जसनूर के पिता ने बताया कि उसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई शुरू की और साथ ही CDS की तैयारी भी जारी रखी। इसके लिए उसने ऑनलाइन क्लासेस और कोचिंग भी ली। CDS की लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसका एयरफोर्स इंटरव्यू देहरादून में हुआ, जो 3 दिन चलता है। उसने SSB इंटरव्यू भी पास कर लिया। 3 दिन देहरादून में चला इंटरव्यू इसके बाद उसका मेडिकल हुआ, जो एयरफोर्स पायलट के लिए सबसे कठिन माना जाता है और वह भी उसने दिल्ली में सफलतापूर्वक पास कर लिया। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर ऑल इंडिया स्तर पर मेरिट लिस्ट बनती है। जिसमें जसनूर सिंह ने पूरे भारत में रैंक नंबर 1 प्राप्त किया। यह पठानकोट और पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।