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पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

फिर चमकी किस्मत: आर्मी को दूध-चाय पहुंचाने वाले श्रवण सिंह ने जीते 5 लाख

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के कस्बा ममदोट के गांव तारा वाली के रहने वाले मास्टर श्रवण सिंह की किस्मत एक बार फिर चमकी है। उन्होंने अब 5 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसके बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। श्रवण सिंह को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया था क्योंकि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आर्मी के जवानों की बहुत सेवा की थी। अब श्रवण सिंह की 5 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। जानकारी के मुताबिक, श्रवण सिंह ने अपने पिता सोना सिंह के साथ ममदोट में सिर्फ 350 रुपये की लॉटरी डाली थी (जिसमें एक टिकट 7 रुपये का था), जिससे उनकी किस्मत बदल गई। यह खुशी की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने ढोल की थाप पर नाचकर जश्न मनाया। गौरतलब है कि श्रवण सिंह को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, चाय और लस्सी पहुंचाने में उनकी सेवा और बहादुरी के लिए सेना ने सम्मानित भी किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास बातचीत भी की। श्रवण के पिता सोना सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तीन बार लॉटरी डाली थी और तीनों बार इनाम निकला। उन्होंने कहा कि वह इस इनाम की रकम को श्रवण के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रखेंगे। उनके पिता के मुताबिक, श्रवण ने पहले भी देश भर में परिवार का नाम रोशन किया था और आज उसकी किस्मत ने परिवार की किस्मत बदल दी है। 

इंसाफ की मांग पर अड़ा परिवार: अमृतसर में गिरफ्तारी से पहले पोस्टमार्टम नहीं होगा

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में गगनदीप सिंह रंधावा मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आया, जब परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम करवाने से साफ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जब तक मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी पुलिस कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार, थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे रुकवा दिया। इस दौरान मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार मृतक की पत्नी उपिंदर जीत कौर ने आरोप लगाया कि घटना के तीसरे दिन भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे परिवार में रोष बढ़ता जा रहा है। जब तक पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करेगी, पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा। समझौते का दबाव बनाया जा रहा परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस उन्हें समझौता करने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न तो पोस्टमार्टम होने देंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर रविंदर पाल सिंह भी पहुंचे। मीडिया द्वारा गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया, हालांकि स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। इसके बाद वह मौके से चले गए। इस घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों की मांग को लेकर प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

किसानों के लिए दोधारी तलवार: बारिश से गेहूं को लाभ, पर सड़न का खतरा बढ़ा

अमृतसर. पंजाब में दो दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद शनिवार से मौसम साफ चल रहा है। हालांकि, शनिवार कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। इस बदलाव से गेहूं की फसल को लेकर चिंतित किसानों को फिलहाल राहत मिली है। फसल पकने के अंतिम चरण में होने के कारण किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए थे। हाल के वर्षों में कटाई से पहले हुई बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों की चिंता स्वाभाविक थी। इस बार हालांकि बारिश हल्की रही और तेज हवाएं नहीं चलीं, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश धीमी रही और तेज हवाओं का अभाव रहा, जो फसल को गिरने से बचाने में अहम कारक है। हालांकि उन्होंने किसानों को आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 34.5 लाख  हेक्टेयर में हुई गेहूं की बुवाई इस वर्ष पंजाब में लगभग 34.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। ऐसे में मौसम में थोड़ा सा बदलाव भी बड़े स्तर पर असर डाल सकता है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। लंबे समय से गिरते जल स्तर से जूझ रहे राज्य के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गुरदासपुर के कुछ क्षेत्रों में फसल के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे सीमित और मामूली बताया है। इसे बड़े स्तर का नुकसान नहीं माना जा रहा। चिंताएं अभी कम नहीं हुई मौसम विभाग ने 26 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में फसल के दाने बनने के इस महत्वपूर्ण चरण में किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इससे पहले फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया था, जिससे फसल पर गर्मी के असर का खतरा बढ़ गया था। कुछ इलाकों में गेहूं की फसल पर हल्का बैंगनी रंग भी देखा गया, जिसे तापमान में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वीसी डाॅ. सतबीर सिंह गोसल ने स्पष्ट किया कि यह रंग परिवर्तन अस्थायी है और इससे फसल को स्थायी नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है, तब तक फसल सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल हालात नियंत्रित हैं, लेकिन कटाई के करीब पहुंच चुकी फसल के लिए तेज हवा, ओलावृष्टि या लंबी बारिश खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पंजाब में सुसाइड केस ने पकड़ा तूल, पूर्व मंत्री भुल्लर सहित तीन पर FIR

चंडीगढ़. पुलिस ने पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ केस दर्ज किया है। अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार को कोई जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है। यह केस शनिवार रात अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस स्टेशन में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शनिवार को, मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच पद छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद भुल्लर ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। लालजीत भुल्लर पर लगा उत्पीड़न का आरोप शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा, जिनके पास पट्टी का अतिरिक्त प्रभार भी था, को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने सल्फास खा लिया है और उन्होंने परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। तुम्हारे दोस्त ने सल्फास खा ली है। मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा, रंधावा कहते हैं। तरनतारन के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। इससे पहले, मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है और मंत्री से निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ने को कहा है। मान ने कहा था कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और साथ ही यह भी कहा था कि भुल्लर के परिवहन और जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंप दिए जाएंगे। मारपीट का भी लगा आरोप जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन सामने आया, विपक्षी दलों के नेताओं ने AAP सरकार की कड़ी आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भुल्लर पर रंधावा पर दबाव डालकर अपने पिता को एक गोदाम का टेंडर दिलवाने का आरोप लगाया। भुल्लर पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने रंधावा का एक वीडियो बनाया और उन्हें किसी दूसरी पार्टी से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करने के लिए मजबूर किया। एक आरोप यह भी था कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

पंजाब में बेअदबी मामलों पर बड़ा एक्शन, 13 अप्रैल को विशेष सत्र में कानून की तैयारी

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी। कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना  मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

दूध वाले की 60,000 करोड़ की ठगी, मिडिल क्लास को पड़ा भारी, क्या मिलेगा पैसा वापस?

रूपनगर एक दूध बेचने वाला व्यक्ति जिसने 60,000 करोड़ के घोटाले को अंजाम देकर पूरे देश की इकोनॉमी को ही हिला कर रख दिया, जब भी देश में बड़े-बड़े घोटालों की बात आती है तो इस व्यक्ति और स्कैम का नाम भी जरूर आता है. करोड़ों रुपये के इस घोटाले ने निवेशकों की नींद उठा दी. हम बात कर रहे हैं पीएसीएल (PACL) यानी पर्ल एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड स्कैम को दूध बेचने वाले निर्मल सिंह भंगू ने अंजाम दिया था. ये मामला अब एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है, क्योंकि 20 मार्च 2026 को ED ने बड़ी कार्रवाई की. ED ने पंजाब और दिल्ली में PACL से जुड़ी 126 अचल संपत्तियां जब्त कीं, जिनकी कीमत 5,046.91 करोड़ रुपये है. इस एक्शन के साथ इस केस में कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य बढ़कर 22,656.91 करोड़ रुपये हो गया है. ED का कहना है कि यह एक ही मामले में अब तक की सबसे बड़ी अटैचमेंट है और ये एजेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई।  इस घोटले की शुरुआत पंजाब के रूपनगर जिले के बेला गांव में रहने वाले निर्मल सिंह भंगू ने की. वह दूध का कारोबार करते था. 1990 के दशक में उन्होंने PACL लिमिटेड शुरू की. कंपनी ने खुद को कृषि भूमि बेचने और विकसित करने वाली फर्म बताया. लोग छोटी-छोटी किस्तों में या कैश में पैसे देते थे, और बदले में कृषि जमीन का प्लॉट मिलने का वादा किया जाता था. कंपनी जिस जमीन में निवेश का दावा करती थी, उसके कोई पुख्ता कागज या सेल डीड निवेशकों को नहीं दिखाए जाते थे. लोगों को सिर्फ एक साधारण रिसीट दी जाती थी, जो असल में ज्यादा भरोसेमंद नहीं होती थी।  10 साल में पैसा 4 गुना करने का वादा कंपनी कहती थी कि वह देश के किसी भी हिस्से में जमीन खरीदेगी, लेकिन निवेशकों को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता था क्योंकि उन्हें फिक्स रिटर्न का लालच दिया जाता था. कंपनी का दावा था कि 5 साल बाद निवेशक चाहें तो पैसा ले सकते हैं या जमीन हासिल कर सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग सिर्फ रिटर्न पर ही ध्यान देते थे. इतना ही नहीं, 10 साल में पैसा 4 गुना करने का वादा भी किया जाता था, जिसने लोगों को तेजी से आकर्षित किया। पोंजी स्कीम से निवेशकों को लुभाया यह एक पोंजी स्कीम थी और इसे उसी तरीके से चलाया गया. शुरुआत में कंपनी ने कुछ निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और वे दूसरों को भी जोड़ने लगे. दरअसल, नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जा रहा था. ज्यादा रिटर्न देखकर और लोग इसमें पैसा लगाने लगे. स्कीम को फैलाने के लिए कंपनी ने पिरामिड मॉडल अपनाया, जिसमें हर व्यक्ति को अपने नीचे नए लोगों को जोड़ना होता था. एजेंट्स को मोटा कमीशन दिया जाता था, जिससे वे अपने जान-पहचान के लोगों को इसमें शामिल करते गए. लोगों को आकर्षित करने के लिए कंपनी बड़े-बड़े सेमिनार भी आयोजित करती थी, जहां निवेश के फायदे गिनाए जाते थे।  कंपनी दावा करती थी कि वह 1983 से काम कर रही है, जबकि हकीकत में इसकी शुरुआत 1996 में हुई थी. 1983 में पर्ल्स ग्रुप की एक दूसरी कंपनी PGF शुरू हुई थी, जिसका सहारा लेकर लोगों का भरोसा जीता गया. निवेशकों को यह भी कहा जाता था कि अगर कंपनी बंद हो जाए तो वे अपनी रसीद लेकर कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री (MCA) में जा सकते हैं, क्योंकि कंपनी वहां रजिस्टर्ड है. लेकिन सच्चाई यह थी कि वह रसीद किसी कानूनी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती थी और निवेशकों के लिए बेकार साबित हुई।  एग्रीकल्चरल इनकम का लालच कंपनी ने देश भर में 70 लाख एजेंट्स की मदद ली. ये एजेंट ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में घूम-घूमकर लोगों को लुभाते थे. टैक्स-फ्री “एग्रीकल्चरल इनकम” का लालच दिया जाता था. कुल मिलाकर कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए, जिसमें से करीब 48,000 करोड़ रुपये निवेशकों को आज तक नहीं लौटाए गए. इस घोटले से प्रभावित लोग 5.5 करोड़ से ज्यादा हैं और इसमें ज्यादातर गांव और मिडिल क्लास के परिवार वाले हैं, जिन्होंने अपनी सारी जमा-पूंजी इसमें लगा दी।  सुप्रीम कोर्ट ने लिया अहम फैसला 1998-99 के दौरान ऐसी कई स्कीमों की शिकायतें मिलने के बाद सेबी ने “कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) रेगुलेशन” लागू किया. इसके तहत कंपनियों को निवेशकों से जुटाए गए पैसे का सही इस्तेमाल करना होता है और उससे मिलने वाला रिटर्न ट्रांसपरेंट तरीके से देना होता है. जांच में सेबी ने पाया कि PACL और PGF इन नियमों का पालन नहीं कर रही थीं, जिसके बाद सेबी ने दोनों कंपनियों को बंद करने और निवेशकों का पैसा लौटाने का निर्देश दिया।  मामला आगे बढ़ने पर सेबी सुप्रीम कोर्ट पहुंची और 25 फरवरी 2013 को कोर्ट ने साफ कहा कि यह कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) है, इसलिए सेबी को जांच और कार्रवाई का अधिकार है. इस दौरान PACL के प्रमोटर्स निवेशकों के पैसों से अपनी संपत्तियां बढ़ाते रहे. कंपनी ने P7 नाम का एक न्यूज चैनल भी शुरू किया, जिससे लोगों का भरोसा बनाए रखा गया. इतना ही नहीं, कंपनी आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब की स्पॉन्सर भी रह चुकी थी और क्रिकेटर ब्रेट ली को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था. लंबे समय तक मामला कोर्ट में चलता रहा, इसी बीच कंपनी ने तेजी से पैसे जुटाए और करीब 5.5 करोड़ लोग इस घोटाले का शिकार हो गए, जिनमें पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के लोग बड़ी संख्या में शामिल थे।  निर्मल सिंह भंगू की गिरफ्तारी 22 अगस्त 2014 को सेबी ने जांच के बाद कंपनी को निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया, लेकिन PACL ने इसका पालन नहीं किया. इसके बाद मामला ED के पास गया, जिसने कंपनी के प्रमुख निर्मल सिंह भंगू से पूछताछ शुरू की और उनकी संपत्तियां अटैच करनी शुरू कर दीं. जांच में ऑस्ट्रेलिया में करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति समेत कई अन्य असेट्स का पता चला, जिसके बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू की गई. 2016 में CBI ने निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार किया. जांच के दौरान करीब 1300 संदिग्ध बैंक खाते मिले और लगभग 280 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं. साथ … Read more

बिना अनुमति खड़ी हो रहीं इमारतें: अमृतसर में निगम की भूमिका पर उठे सवाल

अमृतसर. शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र आईडीएच मार्केट में अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बस स्टैंड के साथ लगते इस मार्केट में दुकान नंबर 14-15 के ऊपर बिना नक्शा पास कराए लगातार निर्माण कार्य जारी है, लेकिन संबंधित विभाग कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा नीचे की दुकानें किराए पर दी गई हैं, जबकि इनके ऊपर अवैध रूप से दो से चार मंजिल तक निर्माण कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन निगम का एस्टेट और एमटीपी विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया। इस मामले को लेकर समाजसेवी जय गोपाल लाली ने बताया कि कार्रवाई का अधिकार होने के बावजूद एस्टेट और एमटीपी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिसके चलते अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पा रही। उन्होंने यह भी बताया कि इन दुकानों से जुड़े दस्तावेज वर्ष 2004 के हैं, जिनमें कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है। स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों में इस मुद्दे को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो भविष्य में यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मौके की स्थिति के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर की दुकानों के बीच से ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं, जो ऊपरी मंजिल तक जाती हैं। ऊपर का निर्माण होटलनुमा ढंग से किया जा रहा है, जिससे कई तरह के सुरक्षा और वैधता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम का एस्टेट विभाग रोजाना शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इस मामले में विभाग की चुप्पी लोगों के गले नहीं उतर रही। वहीं, एमटीपी विभाग के अधिकारी नरेंद्र शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि उनके पास अभी तक इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए।

भारत-पाक सीमा पर अलर्ट: घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF ने मार गिराया पाक नागरिक

तरनतारन. भारत-पाक सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए खेमकरण सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। देर रात भारतीय क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर जवानों ने तुरंत सतर्कता बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए एक पाक घुसपैठिये को मार गिराया। जानकारी के अनुसार, खेमकरण सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल की 148वीं बटालियन के जवान सीमा पर नियमित निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान देर रात उन्हें भारतीय क्षेत्र में हलचल महसूस हुई। जवानों ने तुरंत स्थिति का आकलन करते हुए चौकसी बढ़ा दी। कुछ समय बाद उन्हें सीमा पार से एक व्यक्ति भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ता दिखाई दिया। जवानों की लौटने की चेतावनी को किया अनसुना  जवानों ने पहले उस व्यक्ति को रुकने और वापस लौटने की चेतावनी दी, लेकिन वह लगातार भारतीय सीमा की ओर बढ़ता रहा। चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए उसकी गतिविधियां संदिग्ध बनी रहीं। इसके बाद जवानों ने मजबूर होकर उस पर गोली चलाई, जिसमें वह मौके पर ही ढेर हो गया।घटना के बाद जब जवानों ने मृतक की तलाशी ली तो उसके पास से पाकिस्तान की 300 रुपये की मुद्रा, एक सुई और धागे की रील बरामद हुई। हालांकि अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने बताया कि सब डिवीजन भिखीविंड के उप पुलिस अधीक्षक प्रीतिंदर सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पट्टी के सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक शवगृह में रखा जाएगा। वहीं, सीमा सुरक्षा बल की ओर से इस घटना की जानकारी पाकिस्तान रेंजर्स को भी दे दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी गई है।