samacharsecretary.com

‘सतलुज’ फिल्म विवाद पर गरमाई सियासत, AAP नेता बोले- सरकार पंजाब की सच्चाई छिपा रही

चंडीगढ़. ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने पर आम आदमी पार्टी के नेता नील गर्ग ने केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। बठिंडा में मीडिया से बात करते हुए नील गर्ग ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और फिल्म को तुरंत रिलीज करने की मांग की। नील गर्ग ने कहा, "जब 'द कश्मीर फाइल्स' और 'द केरला स्टोरी' जैसी फिल्मों को प्रमोट किया जाता है, तो सरकारें पंजाब के सच को दबाने की कोशिश क्यों करती हैं?" उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष पर बनी फिल्म 'सतलुज' में 1980 और 1990 के दशक में कांग्रेस सरकार के दौरान पंजाब के युवाओं पर हुए अत्याचारों को दिखाया गया है। ऐसी फिल्मों पर रोक लगाना और उन्हें दबाना इस बात का सबूत है कि सरकार अपने ही इतिहास से डरती है। आप नेता ने केंद्र और कांग्रेस के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए सवाल किया, "उस समय कांग्रेस सत्ता में थी; तो फिर केंद्र सरकार इससे क्यों डर रही है? क्या दोनों के बीच कोई मिलीभगत है? इस फिल्म पर रोक लगाकर आखिर क्या छिपाया जा रहा है?" नील गर्ग ने मांग ने क्या मांग की? नील गर्ग ने मांग की है कि इस फिल्म को रिलीज किया जाना चाहिए ताकि अतीत पर रोशनी डाली जा सके और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके। फिल्म अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज की काफी चर्चा हो रही है। कानूनी और सर्टिफिकेशन से जुड़ी कई मुश्किलों के बाद 3 जुलाई को आखिरकार जी5 ने पहले इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया और अब हटा दिया है। यह फिल्म 2022 में बनकर तैयार हो गई थी लेकिन लंबे समय तक सर्टिफिकेशन के पचड़े में फंसी रही। इसी वजह से 2023 में ये टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में तय प्रीमियर में शामिल नहीं हो पाई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है जो इतने फसाद में फंसी हुई है किस पर आधारित है यह फिल्म? दिलजीत की सतलुज मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। जसवंत सिंह खालरा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में लापता हुए हजारों अज्ञात लोगों और उनके कथित अंतिम संस्कार के मामले की जांच की थी। उनकी इस जांच ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा किया था। इस मुद्दे को उठाने के बाद जसवंत सिंह खुद लापता हो गए।

रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध CCTV कैमरा मिलने से अलर्ट, अमृतसर में RPF जांच में जुटी

अमृतसर. अमृतसर-मानावाला रेलवे ट्रैक पर पोल पर सीसीटीवी कैमरा लगा मिला है जिसने आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस की नींद उड़ाकर रख दी है। आरपीएफ ने उस कैमरे को कब्जे में लिया है और इस सनसनीखेज मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के दौरान अमृतसर-जालंधर सेक्शन में जीआरपी पुलिस कर्मचारी गत दिन शाम को रूटीन चेकिंग कर रहे थे तभी उनकी नज़र अमृतसर-मानावाला मध्य पड़ते किलोमीटर संख्या 508/23 पर ओएचई के पोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस और एआरपी पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ ने उस कैमरे को अपने कब्जे में ले लिया है। यह एरिया जीआरपी के अधीन आता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

जेल में पंजाबी कैदी से बढ़ी नजदीकियां! जालंधर की लेडी अफसर पर प्रेम संबंध, फॉरेन ट्रिप और कॉस्मेटिक सर्जरी के आरोप

जालंधर  कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक पंजाबी मूल की पूर्व महिला जेल गार्ड को एक कैदी के साथ प्रेम संबंध बनाने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले में अदालत ने दो साल की सशर्त सजा सुनाई है। सजा के तहत उसे निर्धारित अवधि तक घर में नजरबंद रहना होगा और अदालत की शर्तों का पालन करना होगा।  31 वर्षीय रमनदीप एबॉट्सफोर्ड की रहने वाली हैं। रमनदीप ने मार्च 2021 में नॉर्थ फ्रेजर प्रीट्रायल सेंटर में करेक्शनल ऑफिसर (जेल गार्ड) के रूप में नौकरी शुरू की थी। सितंबर 2021 से लगभग एक वर्ष तक उनका एक कैदी के साथ गुप्त प्रेम संबंध रहा। कैदी जेल के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। रमनदीप को इस बात की जानकारी थी और वह तलाशी अभियान से पहले कैदी को सतर्क कर देती थीं।  रमनदीप ने अदालत में कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कैदी के पास मोबाइल कैसे पहुंचा, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया।  24 जून को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश दिबा माज्जुब ने कहा कि रमनदीप ने अपने कृत्य से जेल के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डाला। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है, लेकिन यह केवल एक साधारण गलती नहीं बल्कि सार्वजनिक विश्वास का गंभीर उल्लंघन था।  पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना। 3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है। दोसांझ गांव की निशवंत, कैदी ड्राइवर के तौर पर कनाडा गया कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थीं। 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है। दोनों के बीच पहले से प्यार, जेल में देख फिर रिश्ते सक्रिय हुए ITO के मुताबिक गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने अपनी ड्यूटी उसी टावर और ब्लॉक में लगवा ली, जहां गुरप्रीत बंद था। अक्टूबर 2024 से 2025 तक दोनों के बीच लगातार निजी मुलाकातें होती रहीं। सेल के बाहर ज्यादा समय, यहीं से बढ़ा शक पुलिस के अनुसार निशवंत अक्सर गुरप्रीत की सेल के आसपास जरूरत से ज्यादा समय बिताती थीं। जेल सुपरवाइजरों ने यह भी नोटिस किया कि वह गुरप्रीत से मिलने के बाद उसके पूर्व सेलमेट से भी मिलती थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी असामान्य गतिविधि के बाद दोनों पर निगरानी बढ़ाई गई। जेल के फोन के अलावा कथित अवैध मोबाइल से भी संपर्क ITO के मुताबिक दोनों जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा गुरप्रीत के पास मौजूद कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान गुरप्रीत की कई बातचीत इंटरसेप्ट कर मॉनिटर की गई। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था। नंबर प्लेट से हत्या की साजिश तक में शामिल यॉर्क रीजनल पुलिस के मुताबिक जून 2025 में एक वरिष्ठ करेक्शनल अधिकारी की हत्या की साजिश रची गई। अधिकारी के घर पर मुंह ढके हमलावर ने हमला करने की कोशिश भी की। ITO में आरोप है कि गुरप्रीत ने जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों के जरिए पूरी योजना बनाई, जबकि निशवंत ने कथित तौर पर 'इंटरनल फैसिलिटेटर' की भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो लेकर गुरप्रीत तक पहुंचाई। बाद में इसी जानकारी के आधार पर वाहन का रिकॉर्ड निकाला गया और अधिकारी के घर की पहचान की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी घटना के बाद प्रोजेक्ट साउथ जांच का दायरा बढ़ा। निशवंत की नाराजगी का बदला लिया इस मामले में सार्वजनिक किए गए अदालत दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गुरप्रीत सिंह की वरिष्ठ जेल अधिकारी से क्या रंजिश थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि निशवंत दोसांझ की उस अधिकारी से नाराजगी थी और उसी के बाद कथित साजिश रची गई। जांच में और भी कई नाम 563 पन्नों के ITO में निशवंत और गुरप्रीत के अलावा कई पुलिस अधिकारियों और सिविलियन के नाम भी जांच के दायरे में होने का उल्लेख है। एजेंसियां इनके बीच कथित संपर्क और सहयोग की भी जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में पहले भी कंट्राबैंड और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जेल पहले से जांच एजेंसियों की … Read more

Punjab Flood Alert: अमृतसर और गुरदासपुर में बाढ़ से निपटने की तैयारी, प्रशासन अलर्ट मोड पर

अमृतसर अमृतसर और गुरदासपुर में पिछले वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जल संसाधन विभाग धर्मकोट घोनेवाल कॉम्प्लेक्स ने रावी नदी में बड़े स्तर पर डी-सिल्टिंग अभियान शुरू कर दिया है।पिछले वर्ष मानसून के दौरान रावी नदी ने भारी तबाही मचाई थी। जिले में 23 स्थानों पर तटबंध टूट गए थे, जिससे अमृतसर जिले के 198 गांव सीधे प्रभावित हुए। इस भीषण बाढ़ में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 59,793 एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। इसके अलावा 307 पशुओं की भी जान चली गई। 1,825 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ केवल धर्मकोट घोनेवाल कॉम्प्लेक्स में ही तटबंध छह स्थानों पर टूट गया था। सरकार के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 के दौरान सतलुज, ब्यास और रावी नदी प्रणालियों में आई बाढ़ से 86 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हुई। इससे करीब 1,825 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जल वहन क्षमता काफी कम बाढ़ के बाद हुए वैज्ञानिक सर्वेक्षण में पाया गया कि नदी में अत्यधिक गाद और मलबा जमा होने से उसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है और जल वहन क्षमता काफी कम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेडिमेंट प्रबंधन ढांचे के दिशा-निर्देशों के तहत विस्तृत परियोजना तैयार की गई और संयुक्त स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी से इसकी मंजूरी ली गई। डिजिटल निगरानी में डी-सिल्टिंग अभियान जारी डी-सिल्टिंग का पूरा कार्य डिजिटल जियो-फेंसिंग और कड़ी निगरानी में किया जा रहा है। निकाली गई गाद को सुरक्षित स्थानों पर जमा किया जा रहा है, जिसका उपयोग संवेदनशील तटबंधों को मजबूत करने, रेत की बोरियां भरने व आपातकालीन बाढ़ सुरक्षा उपायों में किया जाएगा। जल संसाधन विभाग का कहना है कि मानसून के चरम दौर से पहले रावी नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह बहाल करने और अमृतसर व गुरदासपुर के लोगों की जान-माल, फसलों व आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान तेजी से जारी रहेगा।  

Ludhiana MC Transfer: इंजीनियरिंग विंग में बड़ा फेरबदल, किरनजीत को मिला 15 वार्डों का प्रभार

लुधियाना. महानगर में प्रबंधकीय और जनहित कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से नगर निगम लुधियाना में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कमिश्नर की मंजूरी के बाद नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर (ए) द्वारा इंजीनियरिंग विंग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, एस.डी.ओ. (SDO) और जे.ई. (JE) स्तर के कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और नए वर्क असाइनमेंट के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से पूरी तरह से लागू मान लिए गए हैं। जारी किए गए आधिकारिक आदेश पत्र (नंबर: 371/JC(A) तिथि 04.07.2026 और डायरी नंबर 263/M.O तिथि 06-7-2026) के अनुसार, इंजीनियरिंग विंग के निम्नलिखित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं: किरनजीत सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें वार्ड नंबर 9, 10, 30, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 83, 84 और 85 का भारी-भरकम प्रभार (चार्ज) सौंपा गया है। अवतार सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 की जिम्मेदारी दी गई है। मनविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ 'हॉट मिक्स प्लांट' का अतिरिक्त प्रभार (चार्ज) भी संभालना होगा। बलविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 में तैनात किया गया है। अंकुश गोगना (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर. – आउटसोर्स): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ वार्ड नंबर 61 का चार्ज भी दिया गया है। अंकुश शर्मा (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ सब-जोन-बी-4 का कार्यभार देखना होगा। भूपिंदर सिंह (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-2 का काम अलॉट किया गया है। अधिकारियों ने यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी बिना किसी देरी के अपने नए अलॉट किए गए क्षेत्रों में काम संभालें, ताकि शहर के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। नगर निगम के इस अचानक हुए फेरबदल के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

किडनैपिंग समझ मचा हड़कंप, लुधियाना पुलिस की जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच- बच्चे का पिता निकला युवक

लुधियाना. जिले जगराओं रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया, जब एक मासूम बच्चे का चॉकलेट के लिए रोना उसके पिता के लिए बहुत बड़ी आफत बन गया। बच्चे को रोता-चिल्लाता देख स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बिना सोचे-समझे व्यक्ति को बच्चा चोर समझ लिया और अपहरण का शोर मचा दिया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने बेबस पिता की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दीं। अफवाह आग की तरह फैलने के बाद रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को हिरासत में ले लिया लेकिन दो घंटे की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान करके रख दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-पैनिक ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब एक व्यक्ति अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म की तरफ तेजी से दौड़ रहा था। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और छूटने ही वाली थी। इसी जल्दबाजी के बीच बच्चा रास्ते में चॉकलेट खाने की जिद पर अड़ गया। जब पिता ने ट्रेन छूटने के डर से चॉकलेट नहीं दिलाई, तो बच्चा जोर-जोर से रोने और पैर पटकने लगा। एक तरफ पिता की तेज भागने की छटपटाहट और दूसरी तरफ बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के यात्रियों को शक हो गया कि यह व्यक्ति कोई अनजान किडनैपर है जो बच्चे को जबरन उठा कर भाग रहा है। यात्रियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर मुस्तैद जी.आर.पी. के जवानों ने दौड़कर उस व्यक्ति को दबोच लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई फेक न्यूज, पुलिस में मची अफरा-तफरी हंगामे के दौरान कुछ स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने जिम्मेदारी दिखाने की बजाय बिना सच जाने उस बेबस पिता की तस्वीरें खींच लीं और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुप्स में ‘जगराओं स्टेशन से बच्चा चोर पकड़ा गया’ लिखकर वायरल कर दिया। इस फेक न्यूज के डिजिटल दुनिया में फैलते ही यात्रियों, स्थानीय लोगों और रेलवे पुलिस महकमे के उचाधिकारियों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। 2 घंटे खंगाले दस्तावेज, तब टली आफत रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पुलिस टीम दोनों को चौकी लेकर आई और करीब 2 घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े हर दस्तावेज, आई.डी. प्रूफ और पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। पूछताछ और पहचान पत्रों के मिलान के बाद 100 फीसदी साफ हो गया कि व्यक्ति कोई किडनैपर नहीं, बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही है। तथ्यों की पुष्टि होने और जनता की गलतफहमी दूर होने के बाद रेलवे पुलिस ने राहत की सांस ली और पिता-पुत्र को सम्मानपूर्वक अगली ट्रेन से फिरोजपुर के लिए रवाना किया।

पंजाब नगर निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 95 में 56 वार्डों पर जीत, विपक्ष को बड़ा झटका

चंडीगढ़  पंजाब में चार नगर निकायों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आए इन चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 में से 56 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक बढ़त कायम रखी है। इससे पहले हुए निकाय चुनावों में भी आप ने बेहतर प्रदर्शन किया था और इस बार भी पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखा। इन चुनावों के लिए पांच जुलाई को होशियारपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले के चार निकायों के कुल 95 वार्डों में मतदान हुआ था। इनमें होशियारपुर नगर निगम की 50 सीटों, जलालाबाद नगर परिषद की 17 सीटों, गुरुहरसहाय नगर परिषद की 15 सीटों और ममदोट नगर पंचायत की 13 सीटों के लिए मतदान कराया गया। घोषित परिणामों के अनुसार, चारों निकायों में आम आदमी पार्टी ने कुल 56 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में सात सीटें आईं। भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। यहां 50 वार्डों में से 35 पर पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने नौ सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को तीन सीटों पर सफलता मिली। तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।फाजिल्का के जलालाबाद नगर परिषद चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी। यहां 17 में से 12 सीटों पर आप ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को चार सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल एक सीट जीतने में सफल रहा। इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि कुल 11 उम्मीदवार पहले ही सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित हो चुके थे। इसके बाद शेष वार्डों के लिए मतदान कराया गया।विधानसभा चुनाव से पहले आए इन निकाय चुनाव परिणामों को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।चुनाव नतीजों ने एक बार फिर राज्य की स्थानीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की मजबूत पकड़ साबित की है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को सीमित सफलता से संतोष करना पड़ा।  अकाली दल का नहीं खुला खाता  नगर निगम होशियारपुर के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए निगम पर कब्जा कर लिया है। पचास सीटों में से आप ने 35 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस नौ सीटें जीतने में कामयाब हुई है। भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। तीन वार्डों में आजाद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। निगम चुनावों में अकाली दल बादल का खाता नहीं खुला है। वहीं बसपा भी जीत का स्वाद नहीं चख पाई। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से करवाए गए चुनाव में आप 50, कांग्रेस 50, भाजपा 44, शिरोमणि अकाली दल बादल 36 और बसपा ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। नगर निगम में बहुमत के लिए 26 सीटों की जरूरत थी। आप के खाते में 35 सीटें आई हैं। निगम में आम आदमी पार्टी का ही मेयर बनेगा। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस रहेगी। पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 34 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा पिछले निगम चुनाव में चार सीटें जीती थी। इस बार उसके खाते में तीन सीटें आई थीं। भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। आप ने पिछले चुनाव में सिर्फ दो सीटें जीती थीं। इस चुनाव में आप को 33 सीटों का फायदा हुआ है। आप विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता ने आप सरकार के विकास कार्यों पर मोहर लगाई है। निगम में आप का मेयर बनेगा। विकास कार्यों में और ज्यादा तेजी लाई जाएगी। सुखबीर बादल के गढ़ जलालाबाद में भी ‘आप’ की बड़ी जीत आम आदमी पार्टी ने जलालाबाद नगर परिषद की 17 में से 12 सीटों पर भी जीत हासिल की है. पार्टी ने ‘X’ पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का गढ़ माना जाता था।  बदला राजनीतिक समीकरण सुखबीर सिंह बादल ने 2017 के विधानसभा चुनावों में जलालाबाद सीट पर भगवंत मान को हराया था. इसके बाद 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी के नेता जगदीप कंबोज ने एसएडी प्रमुख को 30,930 वोटों के अंतर से हराने में कामयाबी हासिल की थी. इससे पहले मई महीने में भी, आम आदमी पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। 

दिल दहला देने वाली घटना! आवारा कुत्तों ने 4 साल की बच्ची को नोचा, दर्दनाक मौत

टांडा उड़मुड़. जिले में आवारा कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। कल देर शाम गांव ओहड़पुर-बसी जलाल सम्पर्क रोड पर एक प्रवासी मजदूर की 4 साल की बच्ची को खेत में आवारा कुत्तों को नोच-नोच कर मार डाला। बच्ची की पहचान गुनगुन के तौर पर हुई है। यह दुखद हादसा शाम करीब 5.30 बजे हुआ जब ध्यानपुर (लखीमपुर खीरी) उत्तर प्रदेश के रहने वाले खेत मजदूर उक्त स्थान के पास एक किसान के खेत में धान लगा रहे थे और उनमें से राम जीवन और प्रीति को अपनी बेटी गुनगुन करीब 100 मीटर दूर एक मोटर और एक पेड़ की छांव में लेटाया हुआ था। इसी बीच, करीब 7 आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गए। बच्ची की चीखें सुनकर उसके माता-पिता और परिवार के दूसरे लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि गुनगुन गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। वे उसे टांडा के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी गंभीर हालत के कारण उसे होशियारपुर रेफर कर दिया गया, जहां उसी रात उसकी मौत हो गई। लड़की का परिवार बस्सी जलाल गांव में रहता था और धान की खेती करता था। आवारा कुत्तों के आतंक के कारण 6 मई को आवारा कुत्तों ने पास के गांव खरल खुर्द में एक प्रवासी मजदूर की बच्ची को भी नोच-नोच कर मार डाला था।

Punjab News: राखी के मद्देनज़र डाक विभाग ने रद्द की रविवार सहित सरकारी छुट्टियां, सेवाएं रहेंगी जारी

चंडीगढ़. रक्षाबंधन के मद्देनजर 15 जुलाई से 28 अगस्त तक कुछ पोस्ट ऑफिस रविवार और सरकारी छुट्टियों में भी खुले रहेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग डिपार्टमैंट की सेवाओं का लाभ उठा सकें। प्रवर अधीक्षक डाकघर होशियारपुर मंडल संदीप कुमार शोरी ने बताया कि उक्त अवधि में कुछ पोस्ट ऑफिस के एम.पी.सी.एम. काऊंटर सभी छुट्टियों और रविवार को सुबह 9 से शाम 4.30 बजे तक खुलेंगे, जहां सभी मेल, पार्सल को बुक किया जाएगा, जिसमें राखी पार्सल और आधार एनरोलमैंट एवं अपडेटेशन सेवाएं भी शामिल हैं। इस अवधि में खुले रहने वाले पोस्ट ऑफिस में होशियारपुर हैड पोस्ट ऑफिस, दसूहा, बलाचौर, गढ़शंकर, गढ़दीवाला, मुकेरियां, तलवाड़ा, उड़मुड़ पोस्ट ऑफिस शामिल हैं। सभी पोस्ट ऑफिस में पार्सल पैकेजिंग मैटीरियल, राखी बॉक्स, राखी लिफाफे और फ्लायर्स उपलब्ध हैं।

पंजाब में अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार, 15 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में अगले चार दिनों तक मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को जिला पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिनों का मौसम 7 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूरे पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 8 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 9 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूरे पंजाब में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान सड़कों पर पेड़ गिरने तथा अन्य हादसों का खतरा बना रह सकता है।