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पंजाब में मानसून ने दी दस्तक, फिरोजपुर में तेज बारिश से गर्मी से मिली बड़ी राहत

फिरोजपुर. शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है।

हड़ताली कर्मचारियों पर पंजाब सरकार सख्त, नए निर्देशों से बढ़ी हलचल

नूरपुरबेदी/चंडीगढ़. पंजाब के नूरपुरबेदी में पिछले 25 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मनरेगा कर्मचारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने इन हड़ताली कर्मचारियों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने के उद्देश्य से ‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का सिद्धांत लागू करते हुए हड़ताल के दिनों का वेतन काटने का सख्त फरमान जारी किया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिव के निर्देश पर डिप्टी डायरैक्टर द्वारा सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों और समन्वयकों को ये आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले की जानकारी मिलते ही नूरपुरबेदी में धरने पर बैठे कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया और उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध जताया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 1 जुलाई को सुबह 11 बजे जत्थेबंदी के साथ बैठक तय की गई थी। लेकिन इस प्रस्तावित बातचीत से ठीक पहले वेतन काटने के आदेश जारी करना सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें पंचायत विभाग में मर्ज करके नियमित किया जाए, जिसे सरकार लंबे समय से गंभीरता से नहीं ले रही है। कर्मचारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में जन मिलनियों के दौरान विधायकों, हलका इंचार्जों और मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि विभागीय अफसरशाही के रवैये ने कर्मचारियों के भीतर गुस्से की आग को और भड़का दिया है और अब वे किसी भी झूठे आश्वासन से रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे उन पर लाठीचार्ज किया जाए, मुकदमे दर्ज हों या जेल भेजा जाए, मनरेगा कर्मचारी अपना हक लेकर ही रहेंगे। जिला प्रधान कुलदीप सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल सिंह और अन्य मौजूद कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष और हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।

GYM में एक्सरसाइज करते समय युवक की गई जान, मोहाली की घटना से लोग सहमे

मोहाली. फेज-3बी2 स्थित एक जिम में वर्कआउट के दौरान 23 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश, निवासी सेक्टर-56, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और जिम में मौजूद लोगों में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मुकेश रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट कर रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले उसे चक्कर आए और फिर वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिम में मौजूद लोगों और उसके दोस्तों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस और परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पहले से मौजूद लेकिन अनजान हृदय संबंधी बीमारी, अत्यधिक शारीरिक दबाव, शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करना शामिल है। कुछ मामलों में अत्यधिक सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, मुकेश की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा ऐलान, हाईवे जाम करने की तैयारी

समराला लंबे समय से लंबित चला आ रहा गन्ने के बकाए का भुगतान न होने से क्षुब्ध गन्ना किसानों ने एक बार फिर सरकार से टक्कर लेने का फैसला कर लिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को 1 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के चलते आने वाले दिनों में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दोआबा किसान कमेटी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर 18 मई को जालंधर स्थित गन्ना विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय परियोजना अधिकारी और संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया था कि 30 मई तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 142 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करवा दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीना बीत जाने के बावजूद किसानों के खातों में अभी तक एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए हैं और उनके द्वारा बनाया गया नया पोर्टल भी पूरी तरह विफल साबित हुआ है। किसान नेता ने कहा कि अब गन्ने की अगली फसल तैयार होने वाली है, लेकिन किसानों को पिछली फसल का भुगतान भी नहीं मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनका वैध बकाया देने से भी बच रही है। जंगवीर सिंह चौहान ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, तो 1 जुलाई को दोआबा किसान कमेटी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और टांडा में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह जाम कर देंगे।

पुलिस और बदमाशों के बीच चली गोलियां, गुरदासपुर में एनकाउंटर के दौरान आरोपी घायल

गुरदासपुर. कुछ दिन पहले बटाला शहर में एक नामी कपड़ा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में पहले दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान बलदेव सिंह उर्फ करण और कुलदीप सिंह, निवासी गांव खजाला, के रूप में हुई थी। जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन की पुलिस बलदेव सिंह उर्फ करण को अवैध हथियार की बरामदगी के लिए थाना घुमाण क्षेत्र में लेकर गई थी। इस दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी की टांग में लगी और वह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी बटाला डॉ. महिताब सिंह, एसपी Investigation रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह तथा सीआईए स्टाफ के प्रभारी सुखराज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल बटाला में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई थी। साथ ही पुलिस मुठभेड़ और हथियार बरामदगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

बेअदबी मामले में CM मान का बड़ा खुलासा, कहा- गले के निशान बताते हैं पूरी साजिश

चंडीगढ़  बेअदबी मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा पलटवार करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है. वीडियो में दिख रहा शख्स वह नहीं, बल्कि उनके चेहरे का मास्क पहनने वाला व्यक्ति है. इस दौरान, सीएम मान ने गले के निशान से लेकर हुलिये तक कई सबूत पेश भी किए. साथ ही, उन्‍होंने दावा किया कि लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना गलत है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले के पीछे पैसे देने वालों का भी खुलासा किया जाएगा।  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे सियासी फायदे के लिए तैयार कराया गया है. इस नकली वीडियो के जरिए सिर्फ उनकी छवि खराब करने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोगों के मन में उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर नफरत पैदा करने की साजिश भी है।      प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने एक वीडियो भी दिखाई. उनका कहना था कि वीडियो बनाने का दावा करने वाले जगमन समरा के हाथ में उनके चेहरे वाला मास्क साफ दिखाई देता है. वीडियो में जिस व्यक्ति को दिखाया गया है, उसने उनका मास्क पहना हुआ है।      उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वीडियो असली होती तो उसमें उनके गले पर बचपन के ऑपरेशन का निशान क्यों नहीं दिखाई देता. उन्होंने कहा कि मेरे गले पर बचपन से ऑपरेशन का निशान है, लेकिन वायरल वीडियो में ऐसा कोई निशान नहीं है।      मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति हमेशा चश्मा लगाए हुए नजर आता है, क्योंकि आंखों से असली पहचान छिपाई नहीं जा सकती. होटल के कमरे में गुरु साहब की तस्वीर लगाए जाने की बात भी पूरी तरह गलत है।      उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 के बाद वह कभी कनाडा गए ही नहीं, जबकि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कनाडा में बैठा है. सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक साजिश रची गई है. कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी मिलकर उनके खिलाफ सांझा मोर्चा बनाकर काम कर रहे हैं।      उनका कहना था कि उनकी सरकार ने बेअदबी कानून, पालकी साहब वाली गाड़ियों के टोल और पवित्र शहरों को विशेष दर्जा देने जैसे कई अहम फैसले किए हैं, जिन्हें पहले की सरकारें नहीं कर सकीं. इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।      मुख्यमंत्री मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके खिलाफ बोर्ड क्यों लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के प्रधान खुद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह सुखबीर बादल के सिपाही हैं।      भगवंत मान ने कहा कि वह पहले भी अकाल तख्त साहिब गए थे और अगर दोबारा बुलाया जाएगा तो फिर जाएंगे. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कार्यवाही को लाइव करने की भी अपील की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब अलग-अलग क्लिप जारी कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।  गुरु नानक नाम लेवा संगत के हाथों अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह इस नकली वीडियो को अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे ताकि उसकी निष्पक्ष जांच हो सके. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ते हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जगमन समरा को इंटरपोल की मदद से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में यह भी सामने लाया जाएगा कि इस वीडियो को बनवाने के लिए पैसा किसने दिया था. मान ने कहा कि चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, पंजाब के लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत पैदा करने की यह साजिश सफल नहीं होगी। 

समय आने पर होगा फैसला, BJP-अकाली गठबंधन पर नितिन नबीन ने दिए संकेत

अमृतसर   पंजाब में शिरोमणि अकाली दल या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन नबीन ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गठबंधन को लेकर अभी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और इस संबंध में कोई भी फैसला सही समय आने पर ही लिया जाएगा। अपने हालिया पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में आयोजित एक मीडिया कॉन्क्लेव में पूछे गए सवाल के जवाब में नबीन ने कहा, "कुछ निश्चित मुद्दों को सही समय आने पर हल कर लिया जाएगा।" भाजपा नेता ने इस बात को दोहराया कि मौजूदा हालात में पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर है। नबीन ने कहा, "अभी हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी, तब हम उस समय की परिस्थितियों का आकलन करेंगे और उसी के आधार पर (गठबंधन पर) निर्णय लेंगे। आज के दिन हम न तो गठबंधन के पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं।" पार्टी की तात्कालिक रणनीति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने फिलहाल अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। नबीन ने कहा, "हम अपनी खुद की ताकत से आगे बढ़ना चाहते हैं। समय के साथ कई चीजें अपने आप स्पष्ट हो जाएंगी। जहां तक गठबंधन का सवाल है, तो उस पर फैसला लेने के लिए अभी काफी वक्त है। आज इसका समय नहीं है, सही समय को आने दीजिए।" छह महीने बाद जनता के संदेश का होगा आकलन नितिन नबीन ने बताया कि राज्य के नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी अगले छह महीने तक अपनी तय योजनाओं और रणनीति के तहत काम करेगी। उन्होंने कहा, "अगले छह महीनों में हम खुद को मजबूत आधार पर स्थापित करेंगे, हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक मुद्दे को उठाएंगे और सीधे जनता के बीच जाएंगे। भविष्य में गठबंधन करना है या नहीं, यह आगे तय होगा। हम देखेंगे कि हमें जनता की तरफ से क्या संदेश मिलता है। हम छह महीने बाद इस पर दोबारा फैसला लेंगे।" भाजपा नेता के इस बयान ने 'द ट्रिब्यून' की उस पूर्व रिपोर्ट की भी एक तरह से पुष्टि कर दी है, जिसमें यह संकेत दिया गया था कि पंजाब में दोनों पुराने सहयोगियों के बीच दोबारा साथ आने का अध्याय अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

SIR अभियान में BLO की दोबारा दस्तक, घर बंद मिलने पर फिर पहुंचेंगे अधिकारी

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब में 25 जून से यानी आज विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के तहत घर-घर गणना के पहले चरण का काम शुरू है। घर-घर गणना संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गणना के पहले चरण के दौरान बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर प्री-प्रिंटेड फॉर्मों का वितरण किया जाएगा। बी.एल.ओज. इन फॉर्मों को भरने में मतदाताओं की मदद करेंगे और इन्हें घर-घर जाकर वापस भी एकत्रित करेंगे। घर-घर गणना की प्रक्रिया 24 जुलाई तक चलेगी। यदि बी.एल.ओज. को कोई फॉर्म प्राप्त न हो तो वह उस घर का 3 बार दौरा करेगा और अपने दौरे संबंधी जानकारी घर के दरवाजे पर स्टिकर चिपकाकर दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि 24,453 बी.एल.ओज. द्वारा राज्य के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं की गणना की जाएगी। वर्तमान में पंजाब में 1 करोड़ 84 लाख 61 हजार 581 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, जो 86.02 प्रतिशत है। मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब ने बताया कि भारत चुनाव आयोग द्वारा एस.आई.आर. संबंधी घोषित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर गणना, पोलिंग स्टेशन की रैशनेलाइजेशन का काम 24 जुलाई तक पूरा किया जाएगा, जबकि मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट 3 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 3 अगस्त से 2 सितम्बर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। आपत्तियों और दावों का निपटारा 3 अगस्त से 28 सितम्बर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अक्तूबर को किया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया संबंधी पंजाब राज्य की सभी राजनैतिक पार्टियों को बैठक करके जानकारी दे दी गई है और उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया गया है। SIR अभियान: मतदाताओं के लिए क्या बदलेगा, क्या नहीं घर-घर वोटर लिस्ट की जांच क्यों हो रही है? चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को साफ और दुरुस्त करने के लिए SIR अभियान चला रहा है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सूची में कोई फर्जी नाम, दोहरी एंट्री, मृत व्यक्ति या स्थान बदल चुके मतदाता तो नहीं हैं। BLO आपके घर आए तो क्या प्रक्रिया होगी? बूथ लेवल अधिकारी मतदाता की जानकारी की पुष्टि करेगा। जरूरत पड़ने पर फॉर्म भरवाया जाएगा और रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा। यह सामान्य सत्यापन प्रक्रिया है। घर पर न मिलने से वोट पर असर पड़ेगा? नहीं। अगर कोई घर पर नहीं मिलता तो अधिकारी दो-तीन बार दोबारा संपर्क करेगा। सिर्फ इस वजह से किसी की वोट नहीं हटाई जाएगी। शहर से बाहर रहने वालों को चिंता करने की जरूरत नहीं काम, पढ़ाई या किसी और कारण से बाहर रह रहे लोगों की वोट अपने आप खत्म नहीं होगी। उन्हें जानकारी देने का पूरा मौका मिलेगा। अगर अधिकारी घर नहीं आया तो क्या करें? मतदाता खुद पहल कर सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन, BLO या चुनाव कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। SIR में कोई फीस नहीं लगती यह पूरी प्रक्रिया मुफ्त है। अगर कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है। पहले से वोटर हैं, फिर भी जांच क्यों? SIR सिर्फ नए नाम जोड़ने का अभियान नहीं है। पुराने मतदाताओं की जानकारी को भी अपडेट और सत्यापित किया जा रहा है। वोटर कार्ड या आधार न हो तो? वोटर कार्ड या आधार कार्ड जरूरी नहीं है। अन्य वैध दस्तावेजों से भी पहचान साबित की जा सकती है। किरायेदार, छात्र और PG में रहने वालों के अधिकार किराए पर रहने वाले, छात्र या हॉस्टल/PG में रहने वाले लोग जहां रह रहे हैं, वहां वोट बनवा सकते हैं, लेकिन एक व्यक्ति का नाम एक ही जगह रह सकता है। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाता जो लोग विदेश में पढ़ाई या नौकरी कर रहे हैं और अब भी भारतीय नागरिक हैं, वे वोटर बने रह सकते हैं। विदेशी नागरिकता लेने पर वोट का अधिकार खत्म हो जाता है। अनमैप्ड वोटर का मतलब क्या है? कुछ मतदाताओं का नाम सूची में तो है, लेकिन उनका पता या पोलिंग बूथ डिजिटल सिस्टम में सही तरह जुड़ा नहीं है। ऐसे लोगों को अपनी जानकारी ठीक कराने के मौके दिए जाएंगे। दो जगह वोट होने पर क्या होगा? कानून के मुताबिक एक व्यक्ति एक ही जगह वोटर हो सकता है। दो जगह नाम होने पर एक जगह की एंट्री हटानी होगी। पता बदला है तो क्या करना चाहिए? जिले या राज्य बदलने पर वोट ट्रांसफर कराने की सुविधा मौजूद है। इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। क्या किसी की वोट सीधे हट सकती है? नहीं। बिना सूचना और जवाब का मौका दिए किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। फॉर्म नहीं भरा तो क्या वोट कट जाएगी? नहीं। केवल फॉर्म न भरने से वोट अपने आप समाप्त नहीं होती। नए वोटरों के लिए राहत की खबर जो युवा 1 जुलाई 2026 तक 18 साल के हो जाएंगे, वे आवेदन करके वोटर बन सकते हैं। SIR के बाद दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। सभी प्रक्रियाओं के बाद अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। निष्कर्ष SIR अभियान वोट छीनने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वोटर लिस्ट को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की कोशिश है। सही जानकारी देने से मतदाता और चुनाव व्यवस्था – दोनों मजबूत होंगे।

आधी रात घर की छत गिरी, गुरदासपुर में बेटे की सूझबूझ से 90 साल की मां की जान बची

बटाला. तेज बारिश और आंधी के बीच बटाला के निकट स्थित गांव अलोवाल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। देर रात एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला और उनका बेटा समय रहते कमरे से बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह का बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि हादसे में घर का काफी सामान मलबे के नीचे दब गया और परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गांव अलोवाल निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी करीब 90 वर्षीय माता जोगिंदर कौर के साथ घर में मौजूद थे। देर रात मौसम खराब होने के कारण तेज बारिश और आंधी चल रही थी। इसी दौरान कमरे की छत से धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे। शुरुआत में उन्हें लगा कि बारिश के कारण प्लास्टर झड़ रहा है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी। खतरा देख बुजुर्ग मां को बाहर निकाला हरजिंदर सिंह के अनुसार स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपनी बुजुर्ग माता को कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। जैसे ही दोनों कमरे से बाहर पहुंचे, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हादसे में जोगिंदर कौर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि घर के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया। छत गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गांव के लोग सहायता के लिए आए आगे घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। इनमें बलविंदर सिंह चट्ठा, हरमन गिल, जय सिंह तथा वार्ड के मौजूदा पार्षद के परिजन भी शामिल थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हरजिंदर सिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में मकान की मरम्मत करवाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पास वाले घर की छत भी क्षतिग्रस्त इसी मकान से जुड़ी साझी छत वाले घर में रहने वाली जसविंदर कौर ने बताया कि उनके मकान की छत भी आधे से अधिक हिस्से तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और मकान की मरम्मत करवाना उनकी क्षमता से बाहर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि दोनों प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस मुश्किल परिस्थिति से उबर सकें और अपना जीवन सामान्य रूप से फिर से शुरू कर सकें।

खाद संकट या पर्याप्त भंडार? पंजाब में यूरिया और DAP की उपलब्धता पर छिड़ा राजनीतिक घमासान

 चंडीगढ़ पंजाब में यूरिया व डीएपी खाद की कमी की अटकलों का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। केंद्र ने पुष्टि की है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब में यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यक मात्रा उपलब्ध है। यह जवाब भाजपा पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से बीती 10 जून 2026 को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को लिखे गए पत्र के जबाव में आया है। दरअसल, 23 जून 2026 को केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संयुक्त सचिव वंदना प्रेयशी ने ढिल्लों को बताया कि पंजाब को 11,45,000 मीट्रिक टन यूरिया और 1,80,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाई गई है जो राज्य की आवश्यकता से भी अधिक है। वर्तमान में राज्य के पास 4,27,000 मीट्रिक टन यूरिया और 98,000 मीट्रिक टन डीएपी का क्लोजिंग स्टॉक मौजूद है। खाद किसानों तक पहुंचाने की मांग ढिल्लों ने कहा मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि पंजाब का किसान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ढिल्लों का कहना है कि उनकी तरफ से भेजे गए पत्र का कुछ ही दिनों में केंद्र ने स्पष्ट जवाब दिया है। अब सवाल यह है कि क्या आप सरकार इस खाद को जिला और ब्लाक स्तर तक किसानों तक पहुंचाएगी या नहीं। समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार  ढिल्लों ने चेतावनी दी कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जमाखोरी, कालाबाजारी और ऊंचे दामों पर बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करना राज्य सरकार की पूरी जिम्मेदारी है। यदि किसानों तक खाद नहीं पहुंचती, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी भगवंत मान सरकार की होगी। भाजपा पंजाब मांग करती है कि आप सरकार सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में खाद की पारदर्शी और समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे।