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बैंक खातों से कारोबार तक जांच तेज, तरनतारन में ED की बड़ी कार्रवाई

तरनतारन. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष टीम ने सोमवार को तरनतारन में सोना कारोबारी बिक्रमजीत सिंह उर्फ बंटी के तीन ठिकानों पर दबिश देकर व्यापक जांच अभियान चलाया। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। ईडी की टीम ने कारोबारी की दुकान, पुश्तैनी घर और कोठी में दस्तावेजों तथा बैंक लेनदेन की गहन जांच की। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे ईडी की दो टीमें गुरु बाजार स्थित आभूषण दुकान और मोहल्ला गुरु का खूह चौक स्थित पुश्तैनी घर पहुंचीं। जब टीम दुकान पर पहुंची, उस समय कारोबारी बंटी के पिता कुलवंत सिंह वहां मौजूद थे। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक दुकान से जुड़े कारोबार, दस्तावेजों और लेनदेन के रिकार्ड की जांच की। कारोबारी के घर में भी चला तलाशी अभियान दूसरी ओर एक अन्य टीम ने गुरु का खूह चौक स्थित घर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान परिवार की महिलाओं को घरेलू कामकाज जारी रखने के लिए कहा गया। कार्रवाई के दौरान ईडी ने स्थानीय पुलिस को भी पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी, जिससे पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई। इसके बाद टीम ने दीप एवेन्यू कालोनी स्थित गुरुद्वारा लकीर साहिब के पास बनी कोठी में भी दबिश दी। करीब 12 सदस्यों वाली टीम ने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की। चार अलग-अलग बैंकों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर खातों में हुए लेनदेन का विवरण प्राप्त किया गया। दिल्ली के बिल्डर कारोबारी से संबंध सूत्रों के अनुसार कारोबारी के एक करीबी रिश्तेदार का संबंध दिल्ली के बड़े निर्माण कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इसी कड़ी को ध्यान में रखते हुए कारोबारी के आर्थिक संबंधों और लेनदेन की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार माह पहले भी ईडी की टीम ने इसी कोठी में दबिश दी थी, लेकिन उस समय भी कारोबारी घर में मौजूद नहीं मिला था। फिलहाल ईडी की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन शहर में पूरे दिन इस छापेमारी की चर्चा बनी रही। जांच एजेंसियां अब कारोबारी के वित्तीय रिकॉर्ड और संभावित कारोबारी संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

बिल्डरों पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ और मोहाली में लंबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

चंडीगढ़. मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की कार्रवाई करीब 40 घंटे बाद खत्म हुई। गुरुवार सुबह शुरू हुई रेड शुक्रवार देर रात तक चली। लगातार दो दिन चली इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबारियों और प्रॉपर्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमें दूसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और बिल्डरों, कंपनियों तथा कथित लायजनरों से जुड़े दफ्तरों और आवासों की तलाशी ली। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में कुल मिलाकर कई ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत खंगाले गए। जांच के घेरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, आल्टस स्पेस बिल्डर्स, डीआर कंस्ट्रक्शन और कुछ अन्य रियल एस्टेट कंपनियां हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें नकदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक रिकार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि मनी ट्रेल और निवेशकों से जुड़े लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। जांच में सामने आया है कि न्यू चंडीगढ़ में बड़े रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू मंजूरियां हासिल की गईं। आरोप है कि जमीन मालिकों की सहमति के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए। इसी आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 2022 और 2024 में एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग जांच शुरू की। सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जो कथित तौर पर बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के बीच संपर्क का काम करते थे। कुछ लायजनरों से जुड़े परिसरों में भी लंबी पूछताछ हुई। कार्रवाई के दौरान कई अहम फाइलें और डिजिटल डेटा कब्जे में लिया गया है। उधर, जांच के बीच पंजाब सरकार ने खरड़ नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह का तबादला फिरोजपुर कर दिया। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया है, लेकिन रेड के दौरान हुए इस तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

आईटी कारोबारी के ठिकानों पर ED का छापा, मोहाली में नोटों से भरे बैग नीचे फेंकने से मचा हड़कंप

मोहाली. मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है।

ED की कार्रवाई में मोहाली IT कारोबारी के 9वीं मंजिल से कैश फेंके, एक बैग ड्राइवर ने उठाकर ले भागा

मोहाली  Enforcement Directorate ने मोहाली और चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर 12 स्थानों पर छापेमारी की. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई ABS Townships Pvt Ltd, Altus Builders, Dhir Constructions और कारोबारी अजय सहगल समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ की. आरोप है कि इन लोगों ने GMADA से CLU लाइसेंस हासिल करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं और आम लोगों से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाकर धोखाधड़ी की. सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच के दायरे में नितिन गोहल भी हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने GMADA फीस भुगतान में डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों की मदद की और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने की कोशिश की। एजेंसी वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है. ईडी की टीम जब छापेमारी कर रही थी, तभी एक इमारत के नौवें फ्लोर से 500-500 के नोट बरसने लगे।  मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। कार लेकर भागा ड्राइवर पता चला है कि ED के पहुंचने की जानकारी कारोबारी को पहले से ही हो गई थी। इसलिए, उसने नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट से कथित तौर पर नोटों से भरे बैग नीचे फेंके थे। नीचे पहले से ही उसका ड्राइवर खड़ा था जो तुरंत एक सफेद रंग की कार में सवार होकर एक बैग उठा ले गया। हालांकि, मौके पर मौजूद टीम ने उसका पीछा किया, फिर भी वह हाथ नहीं आया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस इस घटना को देखकर सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही खरड़ के DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया। खरड़ सिटी थाने के SHO अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रोजाना कूरियर आते थे सोसाइटी के लोगों के अनुसार, नितिन कुमार के फ्लैट पर रोजाना बड़ी संख्या में कूरियर आते थे, जिन्हें अधिकतर उसका ड्राइवर ही रिसीव करता था। जांच एजेंसियों ने बरामद कैश से भरे बैग को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, उसके फ्लैट में रेड जारी है। मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में मोहाली और चंडीगढ़ में 12 जगहों पर दबिश दी है। ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स समेत बिल्डर्स पर जनता को धोखा देने और GMADA से मिले CLU लाइसेंस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। नितिन गोहिल पर भी कथित राजनीतिक लिंक और फाइनेंशियल गड़बड़ियों के लिए जांच चल रही है।  

ED रेड से हड़कंप: 13 ठिकानों पर छापेमारी, कैश-गोल्ड के साथ अहम दस्तावेज बरामद

रायपुर. छत्तीसगढ़ में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने एक साथ कई शहरों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह कार्रवाई उस संगठित शराब घोटाले की जांच का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी स्तर पर बड़े नामों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है. ED ने 30 अप्रैल 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत एक साथ तलाशी अभियान चलाया. रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 परिसरों पर छापे मारे गए. ये ठिकाने शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कुछ कॉरपोरेट संस्थाओं से जुड़े थे, जिन पर घोटाले की काली कमाई को छिपाने और घुमाने का शक है. नकदी और सोने की बड़ी जब्ती तलाशी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान हाथ लगा. टीम ने 53 लाख रुपये नकद और करीब 3.234 किलो सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है. इस तरह कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. EOW‑ACB की FIR से शुरू हुई ED जांच छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED ने PMLA के तहत शुरू की है. यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर चल रही है. जांच में सामने आया कि घोटाले की पूरी योजना पहले से तय और व्यवस्थित तरीके से बनाई गई थी. राजनीति, अफसर और शराब कारोबारी शामिल ED की जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब निर्माता, FL‑10A लाइसेंसधारी और उनके करीबी लोग शामिल हैं. आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंस और बिक्री के दौरान अवैध कमीशन वसूला गया. EOW/ACB की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है. अब तक 9 गिरफ्तारियां जांच के दौरान ED अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव जैसे बड़े नाम शामिल हैं. एजेंसी कई और कड़ियों की जांच कर रही है. 380 करोड़ की संपत्तियां कुर्क ED ने अब तक PMLA की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. इनके जरिए लगभग 380 करोड़ रुपये की चल‑अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. इनमें मकान, व्यावसायिक संपत्ति, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं, जो आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं के नाम पर दर्ज बताए जा रहे हैं. कई मामलों में PMLA की निर्णायक प्राधिकरण ने कुर्की को मंजूरी भी दे दी है. अदालत में चल रहा मामला ED अब तक रायपुर स्थित PMLA की विशेष अदालत में छह अभियोजन शिकायतें दाखिल कर चुकी है. इनमें 81 आरोपी व्यक्ति और संस्थाएं नामजद हैं. यह मामला विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है.

जमीन कब्जा और फाइनेंशियल फ्रॉड केस में कारोबारी रडार पर, जांच तेज

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने  फरार अपराधी 'सोना पप्पू' से जुड़े कथित जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कोलकाता के कई स्थानों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आनंदपुर और अलीपुर क्षेत्रों में दो कारोबारियों के आवासों पर छापे मारे। ईडी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ''ये छापे वित्तीय अनियमितताओं और फरार आरोपी सोना पप्पू से संभावित संबंधों की जारी जांच का हिस्सा हैं।" सोना पप्पू को जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्रमुख आरोपी माना जाता है और वह पिछले कुछ समय से फरार है। अधिकारियों का मानना है कि उसके कई कारोबारियों से करीबी संबंध थे, जिसके कारण एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। ईडी अधिकारी ने कहा, ''पूछताछ के दौरान हमें कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर हम इन परिसरों तक पहुंचे।'' उन्होंने बताया कि ईडी दो कारोबारियों की कथित वित्तीय गड़बड़ियों में भूमिका की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने अवैध लेनदेन के माध्यम के रूप में काम किया। ईडी सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है तथा आने वाले दिनों में और भी छापेमारी हो सकती है। गेहूं घोटाले में भी ईडी की छापेमारी इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं घोटाले से जुड़े मामले में कोलकाता, बर्दवान और हाबरा स्थित नौ ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और अन्य आरोपियों से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं तथा निर्यातकों के परिसरों पर की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शुरू की है, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा बशीरहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गयी है। यह मामला घोजाडांगा भूमि सीमा शुल्क केंद्र के उप आयुक्त की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से आपूर्ति श्रृंखला से बाहर निकालकर कम कीमत पर प्राप्त किया और फिर उसे खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेच दिया। इस प्रक्रिया में आपूर्तिकर्ताओं, अधिकृत वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत बतायी गयी है।

ED छापेमारी के बाद सियासी घमासान: CM भगवंत मान ने केंद्र सरकार को घेरा

लुधियाना. पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी की कार्रवाई समाप्त हो गई है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुक्रवार सुबह अचानक लुधियाना स्थित मंत्री के आवास पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की गहन जांच शुरू की। ईडी की तरफ से बयान नहीं हुआ जारी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। हालांकि, अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे जांच को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, मंत्री संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। सीए मान लगा चुके केंद्र पर आरोप  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। फिलहाल, छापेमारी समाप्त होने के बाद भी इस मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और संबंधित पक्षों की ओर से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

ED की रेड: पंजाब में संजीव अरोड़ा के घर और दफ्तर पर कार्रवाई, AAP ने BJP पर उठाए सवाल

लुधियाना पंजाब में आज सुबह-सुबह बड़ा एक्शन हुआ है. पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड हुई है. जी हां, मान सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और अन्य ठिकानों पर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय का सर्च ऑपरेशन चल रहा है. FEMA के तहत गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में कुल 13 जगहों पर छापेमारी की गई. मंत्री संजीव अरोड़ा के सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि उनके कुछ अन्य ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी ली गई. इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा को घेरा है।  दरअसल, ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की टीम आज सुबह लुधियाना में उनके घर में ईडी की टीम पहुंची और बाहर केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया गया है. मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी. ED सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है।  सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामले और कुछ जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं के शक के आधार पर की जा रही है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक ईडी की तरफ से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जांच को लेकर कई तरह की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं।  इस पर आम आदमी पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है. ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘ईडी ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां छापा मारा है. यह एक साफ पैटर्न है. भाजपा किसी भी राज्य चुनाव की तैयारी इसी तरह शुरू करती है।  वहीं पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी इस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘तीन दिन में पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है. अब पंजाब केबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां ईडी ने रेड की है. केंद्र सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं. अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है. पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है वो सही ही होता है फिर तो।  इससे पहले 15 अप्रैल को भी ईडी ने आम आदमी पार्टी से जुड़े राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान गुरुग्राम, पंजाब और जालंधर समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी. जांच कथित तौर पर फंड से जुड़े मामलों और यूनिवर्सिटी से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की जा रही थी।  खुलासे होने की संभावना इस पूरे घटनाक्रम के बीच संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे अटकलों का बाजार और भी गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो इसका असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल, ईडी की टीम द्वारा की जा रही यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे जुड़े कोई बड़े तथ्य सामने आते हैं या नहीं। कौन हैं संजीव अरोड़ा और कहां-कहां रेड? ईडी अभी पंजाब के मंत्री श्री संजीव अरोड़ा, उनके बि नेस पार्टनर लुधियाना के श्री हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के घरों और बिज़नेस की जगहों पर तलाशी ले रही है. संजीव अरोड़ा M/s Hampton Sky Realty Ltd (पहले M/s Ritesh Properties and Industries Ltd) कंपनी के प्रमोटर हैं, जो पंजाब में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का काम करती है. उनके बेटे काव्य अरोड़ा अभी कंपनी के MD हैं और उनके यहां भी तलाशी ली जा रही है।  • संजीव अरोड़ा की कंपनी पर कई तरह की गड़बड़ियों का शक है. जैसे पंजाब में ज़मीन के इस्तेमाल में गैर-कानूनी बदलाव करना, शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिक्री दिखाना, शेयर बाज़ार में इनसाइडर ट्रेडिंग के घोटाले करना, UAE से भारत में गलत तरीके से कमाए गए पैसों और गैर-कानूनी सट्टेबाजी के पैसों की राउंडट्रिपिंग करना, वगैरह।

कस्टम मिलिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई: भिलाई में ED की रेड, राइस मिलर सुधाकर के ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल

दुर्ग   भिलाई के हुडको में ईडी की टीम ने दबिश दी है.बताया जा रहा है कि मामला कस्टम मिलिंग घोटाला से जुड़ा है.सुबह 6 बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम हुडको निवासी सुधाकर रावके के घर पहुंची.जहां टीम ने घर के अंदर जाकर घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को खोजना शुरु किया. ईडी की टीम सुधाकर के घर पर मौजूद है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के घर भी दबिश : वहीं पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के तालपुरी स्थित आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची है.बताया जा रहा है कि टीम ने कुछ डिजिटल साक्ष्य भी इकट्ठा किए हैं.ईडी से जुड़े सूत्रों की माने तो छत्तीसगढ़ के अलग-अलग 10 जिलों में ईडी की टीम कार्रवाई कर रही है. ये घोटाला 140 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है. पहले भी भिलाई में पड़ा था छापा : इससे पहले भी 3 सितंबर को कस्टम मिलिंग घोटाला को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर सहित कई जगहों पर एक साथ ईडी की रेड जारी है. कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों के घरों और दफ्तरों में ईडी ने दबिश देकर अहम दस्तावेजों को इकट्ठा किया था. रायपुर में ईडी की दबिश : 3 सितंबर को ही तीन कृषि कारोबारी के ठिकानों पर दबिश दी गई. जिसमें शंकर नगर चौपाटी के पास, दूसरा महावीर नगर और तीसरा अमलीडीह के विस्टा कॉलोनी में रेड की कार्रवाई हुई. इस कार्रवाई में जानकारी मिली थी कि विक्रेताओं, ठेकेदारों और कथित बिचौलियों के कम से कम 18 परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बीज निगम के माध्यम से डीएमएफ निधि की राशि का दुरुपयोग किया गया है. क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला ?: आपको बता दें कि कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपए की वसूली की जाती थी.जिसका मास्टर माइंड राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी थे.दोनों के खिलाफ ईडी ने 3500 पेज का चालान पेश किया है. जिसमें 35 पेज की समरी भी शामिल है. सूची में अफसरों के नाम गृह विभाग के उपसचिव आरपी चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरेश कुमार भगत को पीटीएस मैनपाट से अजाक क्राइम सरगुजा, ओमप्रकाश कुजूर को बिलासपुर से मैनपुर, तूलसिंह पट्टावी को बालोद से अबिकापुर, नोहरलाल मण्डावी को सारंगढ़ बिलाईगढ़ से मोहला मानपुर चौकी अंबागढ़, यशकरण द्वीप ध्रुव को दुर्ग से धमतरी, शशिकला उईके को बस्तर से बेमेतरा, सुशील मलिक को जिला गरियाबंद से डीएसपी जिला गरियाबंद, कमलेश्वर कुमार भगत को बलरामपुर से क्राइम बलरामपुर, बृजेश कुमार तिवारी सक्ती से पुलिस मुख्यालय रायपुर। रमाकांत साहू एटीएस मुयालय से सीएसपी सिविल लाइन रायपुर, चंद्रशेखर ध्रुव को एसीबी-ईओडब्ल्यू से आईजी सरगुजा रेंज, इंद्रभूषण सिंह को महासमुंद से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, विपीन रंगारी को दुर्ग से नगरी धमतरी, चुन्नू तिग्गा को पुलिस मुयालय से महासमुंद, हरविंदर सिंह को मुंगेली से डीएसपी अधीक्षक मुंगेली हैं। रीना नीलम कुजूर को बलौदाबाजार भाटापारा से सूरजपुर, क्रिसेन्सिया तिर्की को बलौदाबाजार से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, लता चौरे रायपुर से पीटीएस माना रायपुर, प्रमोद कुमार किस्पोट्टा को सूरजपुर से बलरामपुर, गोपाल सिंह धुर्वे बलौदाबाजार से पुलिस मुयालय रायपुर, गंगा धुर्वे पीटीएस माना से डीएसपी पीटीएस माना रायपुर, सत्यपा तारम को सक्ती से जांजगीर चांपा, मीना चौधरी को पीटीएस माना से पीटीएस राजनांदगांव। स्वाति मिश्रा को छग लोक आयोग रायपुर से डॉयल 112 रायपुर, कुमारी चंद्राकर सरगुजा से रायपुर, मंजूलता राठौर रायपुर से गरियाबंद, श्रुति चक्रवर्ती रायपुर से बालोद, संतोषी ग्रेस को बेमेतरा से सारंगढ़-बिलाईगढ़, आशा तिर्की जशपुर से डीएसपी जशपुर, वैजन्तीमाला तिग्गा को पुलिस मुयालय से दुर्ग हैं। वहीं, किरण गुप्ता को रायपुर, रोशनी वासनिक कुजूर को पीएचक्यू से एसआईए रायपुर, उषा सौंधिया कोरबा से बलौदाबाजार, विवेक शर्मा को सक्ती से बिलासपुर, माया शर्मा डॉयल 112 रायपुर से बालोद, ममता शर्मा अली को दुर्ग से खैरागढ़ -छुईखदान-गंडई, सत्यकला रामटेके को जांजगीर चांपा से गौरेला- पेण्ड्रा- मरवाही, योगिताबाली खपर्डे को बलौदाबाजार से जांजगीर, प्रमिला मण्डावी सामा को रायपुर से कबीरधाम। कविता धुर्वे को बस्तर से कांकेर, भारती मरकाम को बिलासपुर से दुर्ग, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल को बालोद से पुलिस मुयालय रायपुर और सहायक सेनानी रुस्तम सारंग को अमलेश्वर से भिलाई, नरेश नेहरू को बलरामपुर से बालोद, तेलेस्फोर मिंज को बिलासपुर से बालोद, यादराम बघेल को दुर्ग से एसटीएफ बघेरा, विकास कुजूर को बलरामपुर से कोरबा, मनोज गुप्ता को माना से कबीरधाम, नीलकिशोर अवस्थी को माना से राजभवन। डीएसपी फिंगररप्रिंट अजय साहू को रायपुर से पीएचक्यू, राकेश कुमार को पीएचक्यू से फिंगरप्रिंट शाखा पीएचक्यू, विद्या जौहर को रायपुर से पीएचक्यू फिंगरप्रिंट के साथ ही डीएसपी (रक्षित) सीमा अहिरवार को पीएचक्यू से भिलाई, अनिल कुमार को पीएचक्यू से अंबिकापुर और संजय शुक्ला को पीएचक्यू से विशेष शाखा पीएचक्यू में स्थानांतरित किया गया है। कस्टम मिलिंग के एवज में मिलने वाली रकम का भुगतान 20 रुपए प्रति क्विंटल देने पर ही बिल का भुगतान होता था. इस रकम के कलेक्शन का काम राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर करते थे. रकम देने वाले मिलर्स की सूची तैयार करने के बाद उन्हें ही कस्टम मिलिंग की रकम जारी होती थी.

ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के अगले दिन ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता के घर से करोड़ों जब्त

बेंगलुरु ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद में पास होने के सिर्फ एक दिन बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक कांग्रेस नेता के. सी. वीरेंद्र के घर से 12 करोड़ रुपये कैश बरामद किए हैं. कैश के अलावा 6 करोड़ रुपये की ज्वेलरी भी ईडी ने जब्त की है. ईडी ने चितदुर्गा जिले से कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र और अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में केस दर्ज किया था. ईडी ने देशभर में 31 जगहों पर छापेमारी की, जिनमें गंगटोक, चितदुर्गा जिला, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं, गोवा में पांच कैसिनो- पप्पी’स कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पप्पी’स कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो-पर भी कार्रवाई की गई. दरअसल ईडी की ओर से कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके भाई के कुछ ठिकानों पर छापेमारी की गई है. इस छापेमारी की वजह एक गैरकानूनी सट्टेबाजी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस है. इसको लेकर ईडी की ओर से न सिर्फ कर्नाटक बल्कि कई अन्य राज्यों में भी रेड मारी गई है.  चित्रगुप्ता विधानसभा से एमएलए हैं केसी वीरेंद्र बता दें कि केसी वीरेंद्र कांग्रेस की टिकट पर चित्रगुप्ता विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे. केसी वीरेंद्र पर किंग 567, पप्पी के003 और रत्ना गेमिंग जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटों के संचालन का आरोप भी है. इसके साथ ही उनके भाई पर भी कई आरोप लगाए गए हैं. इनमें दुबई से डायमंड साफ्टेक, TRS टेक्नोलॉजी के साथ-साथ प्राइम9 टेक्नोलॉजी नाम की तीन संस्थाओं के संचालन का आरोप है.  शुक्रवार को भी ईडी ने की थी रेड बता दें कि ईडी की ओर से ये रेड शुक्रवार को भी की गई थी. ईडी का कहना है कि वीरेंद्र की ओर से चलाई जा रही संस्थाएं कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग कारोबार से जुड़ी हैं. ईडी ने कर्नाटक के बेंगलूरु के अलावा राजस्थान के जोधपुर, मुंबई और गोवा के कई कैसिनो जैसे ओशन रिवर्स, बिग डैडी पर भी छापेमारी की है.  जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट्स चला रहा था, जिनके नाम King567, Raja567 आदि हैं. इसके अलावा आरोपी का भाई के. सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां- डायमंड सॉफ्टटेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज-चलाता है. ये कंपनियां कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग बिजनेस से जुड़ी हुई हैं. छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा भी शामिल है, लगभग 6 करोड़ रुपये का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां मिलीं. इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज कर दिए गए हैं.