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लुधियाना सहित पूरे पंजाब में मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को अस्पतालों का सहारा

लुधियाना. लुधियाना में बुधवार को केमिस्टों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दवा दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए और दवाइयां खरीदने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें रोजाना नियमित दवाइयों की आवश्यकता रहती है। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक भटकते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें काफी दूर तक जाकर खुली दवा दुकानों की तलाश करनी पड़ी। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और संबंधित विभागों द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी के विरोध में यह हड़ताल की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। सिविल अस्पताल के अंदर खुली दुकानें हालांकि राहत की बात यह रही कि सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल के भीतर संचालित फार्मेसियां खुली रहीं। वहां मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती रहीं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और बाह्य रोगी विभाग में आने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिली। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए गए, ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो। मोगा में ऑनलाइन दवा नीति के खिलाफ केमिस्टों का हल्लाबोल – ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को मोगा डिस्टिक केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले की करीब 800 होलसेल व रिटेल दवा दुकानें बंद रखी गई। हड़ताल को लेकर जिले भर के केमिस्ट मोगा के सिविल अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए इस दौरान सभी ने केंद्र सरकार की गलत पॉलिसी और पंजाब सरकार के नियमों में बदलाव न करने के चलते रोष जताया। इस दौरान सिविल अस्पताल में दवाई लेने वाले आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मोगा डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद व संजीव कुमार मिन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई ऑनलाइन स्कीम योजना उनके कारोबार के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है, क्योंकि कोविड़ काल के दौरान केंद्र सरकार ने ऑनलाइन दवाई सप्लाई करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया था। कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा लेकिन कोविड़ खत्म होने के बाद उस प्रस्ताव को रद नहीं किया गया। जिसके कारण उनका कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोर और दवा सप्लायरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल के दौरान एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद बताया कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन दिया जाता है। इससे छोटे दुकानदार आर्थिक दबाव में आ गए हैं। यही नही ड्रग विभाग की गाइडलाइन बहुत सख्त है ऑनलाइन की आड़ में प्रतिबंधित दवाइया सप्लाई की जा रही हैं। लेकिन ऑनलाइन सप्लाई करने वाले कारोबारी पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती है। अगर लोकल केमिस्ट कोई प्रतिबंधित दवाई बेचता है तो उसके खिलाफ ड्रग विभाग कार्रवाई कर देता है। इस मौके पर समस्त एग्जीक्यूटिव के सदस्य मौजूद थे।

पंजाब नगर निकाय चुनाव का बिगुल तेज, 7623 उम्मीदवारों की दावेदारी; 29 मई को होगा फैसला

चंडीगढ़. पंजाब में आठ नगर निगम, नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्याशियों का फाइनल लिस्ट सामने आ चुकी है। पंजाब राज्य चुनाव आयोग की ओर से बुधवार को नामांकन वापिस के बाद उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। जानकारी अनुसार अब चुनावी मैदान में 7623 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। निकाय चुनाव के लिए 26 मई को पंजाब के जिलों में मतदान होगा। चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट के तहत नगर निगम के लिए 386 लोगों ने नाम वापिस ले लिया साथ ही चार प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए हैं। अब नगर निगम में 1613 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। उधर नगर कौंसिल चुनाव के लिए 1695 प्रत्याशियों ने पर्चा वापस ले लिया है। कौंसिल चुनाव में 47 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। ऐसे में अब चुनावी मैदान में 5144 उम्मीदवारों के बीच ही मुकाबला होगा। नगर पंचायत की सीटों के लिए 312 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया है। 28 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। नगर पंचायत की सीटों के लिए अब 866 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। स्क्रूटनी के बाद 10096 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के योग्य पाया गया। मंगलवार को नामांकन वापसी की अंतिम दििन था। चुनाव से जुड़ी खास बातें – 26 मई को सभी 105 सीटों के लिए मतदान होगा। 29 मई को मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। नगर निगम की सीटों के लिए अब 1695 उम्मीदवार ही मैदान में नगर कौंसिल की सीटों के लिए 5144 उम्मीदवार ही बचे मैदान में नगर पंचायत के लिए अब 866 उम्मीदवार मैदान में हैं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, उम्रदराज और कम पढ़े-लिखे होने पर नंबरदार को नहीं हटाया जा सकता

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पटियाला जिले के एक गांव में पिछले 10 वर्षों से कार्यरत 7वीं पास नंबरदार (गांव के मुखिया) की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस हर्ष बुंगर की पीठ ने स्पष्ट किया कि पंजाब भूमि राजस्व नियमों के तहत नंबरदार के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है, इसलिए केवल कम पढ़े-लिखे होने के आधार पर किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने बदलते दौर में नंबरदार की जिम्मेदारियों को देखते हुए पंजाब सरकार से नियमों में संशोधन कर न्यूनतम योग्यता 'मैट्रिक' (10वीं) तय करने पर विचार करने का अनुरोध किया है। योग्यता और उम्र की तुलना पर कोर्ट का रुख याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि वह 12वीं पास है और वर्तमान नंबरदार से अधिक युवा व शिक्षित है, इसलिए वह इस पद के लिए बेहतर विकल्प है। इस पर जस्टिस हर्ष बुंगर ने कहा कि जब नियमों में कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित ही नहीं है, तो केवल कम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चुने गए उम्मीदवार को अयोग्य नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने उम्र के तर्क को भी खारिज करते हुए कहा कि आयु का महत्व केवल व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और कर्तव्यों के निर्वहन के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया है जिससे यह साबित हो कि वर्तमान नंबरदार अपनी उम्र के कारण काम करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों से उनकी कार्यकुशलता को लेकर कोई शिकायत भी दर्ज नहीं है। पड़ोसी राज्य हरियाणा का दिया हवाला सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की कि नंबरदार के कर्तव्यों को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि उस व्यक्ति को पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषा की बुनियादी समझ हो। उन्होंने पड़ोसी राज्य हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नंबरदार के पद के लिए न्यूनतम योग्यता 'मिडिल पास' (8वीं) तय है, जबकि पंजाब में ऐसा कोई नियम नहीं है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा  " यह अदालत इस विचार पर है कि एक नंबरदार द्वारा निभाए जाने वाले कर्तव्यों की प्रकृति को देखते हुए यह वांछनीय होगा कि ऐसे व्यक्ति के पास कम से कम मैट्रिक स्तर की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हो।" अदालत ने इस आदेश की प्रति राज्य के वकील को भेजने का निर्देश दिया है ताकि इसे संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके और पंजाब सरकार इस पद के लिए नियम पुस्तिका में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर सके।

वैश्विक तनाव का पंजाब पर असर, कच्चा माल महंगा होने से अमृतसर में ठप पड़ रही मशरूम खेती

अमृतसर  ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज में बाधा का असर अब पंजाब के मशरूम उद्योग पर भी साफ दिखने लगा है। हर वर्ष मई में शुरू होने वाली मिल्की मशरूम की खेती इस बार संकट में है। उर्वरक, कंपोस्ट और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से अधिकांश उत्पादकों ने खेती शुरू ही नहीं की। हालात यह हैं कि अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु, मानांवाला, वेरका और अजनाला जैसे प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में केवल 20 प्रतिशत किसानों ने ही इस बार मशरूम उत्पादन का जोखिम उठाया है। मशरूम उत्पादक जागीर सिंह का कहना है कि युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों, कंपोस्ट और परिवहन लागत पर पड़ा है। उर्वरक एवं कंपोस्ट के दाम तीन गुना तक बढ़े पिछले कुछ सप्ताह में उर्वरक एवं कंपोस्ट के दाम तीन गुना तक बढ़ चुके हैं। जिन किसानों को पहले एक ट्राली कंपोस्ट 12 से 15 हजार रुपये में मिल जाती थी, उन्हें अब इसके लिए 35 से 40 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। उधर, जंडियाला गुरु के मशरूम उत्पादक सरबजीत सिंह का कहना है कि मिल्की मशरूम की खेती नियंत्रित वातावरण पर निर्भर करती है। इसमें तापमान, नमी और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार बिजली की आवश्यकता होती है, लेकिन डीजल और बिजली की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च अत्यधिक बढ़ गया है। उस पर प्लास्टिक पैकेजिंग और परिवहन भी महंगा हो चुका है। ऐसे में छोटे उत्पादकों के लिए लागत निकालना मुश्किल हो गया है। होर्मुज मार्ग प्रभावित होने से मानांवाला क्षेत्र में उर्वरकों की सप्लाई प्रभावित हुई है। कई कंपनियों ने समय पर माल पहुंचाने में असमर्थता जताई है, जबकि कुछ ने सीधे दाम बढ़ा दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि हालात सामान्य नहीं हुए तो आने वाले महीनों में मशरूम उत्पादन और घट सकता है। उल्लेखनीय है कि अमृतसर से उत्पादित मशरूम देश सहित विदेश में भी भेजा जाता है। अमृतसर का जलवायु मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल है। यही कारण है कि अमृतसर स्थित खालसा कालेज में मशरूम उत्पादन के लिए एक वर्षीय डिप्लोमा भी शुरू किया गया है। मांग के मुकाबले उत्पादन बेहद कम रहेगा इस बार इस बार मांग के मुकाबले उत्पादन कम होगा। पंजाब में होटल इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड कारोबार और घरों में मशरूम की मांग अधिक है। वेजीटेरियन लोगों के लिए मशरूम पहली पसंद है। खासकर मिल्की व बटन मशरूम की मांग गर्मियों में अधिक रहती है। लेकिन इस बार उत्पादन कम होने से बाजार में भारी कमी देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में मशरूम के दाम में 30 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। पहले स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उत्पादन होने से आपूर्ति सामान्य बनी रहती थी, लेकिन इस बार कई यूनिट बंद पड़े हैं। जिन किसानों ने उत्पादन शुरू भी किया है, वे सीमित मात्रा में मशरूम तैयार कर रहे हैं ताकि नुकसान का जोखिम कम रहे। मशरूम उद्योग पूरी तरह आयात आधारित कच्चे माल पर निर्भर नहीं है, लेकिन उर्वरक, रसायन और ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर इसकी लागत पर पड़ता है। निकट भविष्य में उपभोक्ताओं को महंगे मशरूम खरीदने पड़ सकते हैं। होटल और कैटरिंग व्यवसाय में यदि आपूर्ति कम रही तो मेन्यू की लागत बढ़ाना मजबूरी बन जाएगी। वास्तविक स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंचने लगा है। कभी सस्ती और पौष्टिक मानी जाने वाली मशरूम जल्द ही उपभोक्ता की पहुंच से दूर होने की संभावना है।  

पढ़ाई के सपनों के बीच मातम, UK में इकलौते बेटे की मौत से सदमे में परिवार

फाजिल्का. UK के एक पंजाबी युवक की मौत की दुखद खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, गांव मम्मू खेड़ा के 24 साल के युवक की कल UK में मौत हो गई। मृतक की पहचान अर्शदीप पुत्र जगदेव सिंह निवासी गांव मम्मू खेड़ा के रूप में हुई है। परिवार वालों के अनुसार, अर्शदीप सिंह करीब 4 साल पहले स्टडी वीजा पर UK गया था। अब उसे वर्क परमिट मिल गया था और अर्शदीप सिंह वहां कंस्ट्रक्शन का काम कर रहा था। कल सुबह जब अर्शदीप सिंह नहीं उठा तो उसके रूममेट दोस्तों ने उसे जगाया। जब वह नहीं उठा तो उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। यहां आपको बता दें कि अर्शदीप सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव में पहुंची तो मातम छा गया। परिवार वालों ने पंजाब सरकार और भारत सरकार से उनके शव को गांव वापस लाने में मदद की मांग की है।

नकली नोटों के बड़े रैकेट पर पुलिस का शिकंजा, पटियाला से 5.50 लाख की फेक करेंसी जब्त

पटियाला पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान नकली भारतीय करेंसी नोटों (एफआईसीएन) के प्रचलन को करारा झटका देते हुए काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला ने जाली करेंसी मॉड्यूल में शामिल चार व्यक्तियों को 5.50 लाख रुपये की नकली करेंसी सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नाजर खान निवासी गांव झुनीर मलेरकोटला, राज मोहम्मद निवासी धूरी संगरूर, मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह निवासी गांव मलिकपुर जींद हरियाणा और आसिफ अली निवासी मलेरकोटला के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद की गई नकली भारतीय करेंसी में सभी 500 रुपये के नोट हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किया गया राज मोहम्मद आपराधिक पृष्ठभूमि वाला आरोपी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट से संबंधित एक एफआईआर दर्ज है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को लेकर जांच की जा रही है।  इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी सीआई पटियाला डॉ. सिमरत कौर ने बताया कि सीआई यूनिट मलेरकोटला की टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों नाजर खान और राज मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 4 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी के नोट बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगे की जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह और आसिफ अली  भी गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 1.5 लाख रुपये के अन्य नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद किए गए हैं। एआईजी ने कहा कि आगे की जांच के दौरान आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। 

भीषण गर्मी से बचें, गुरदासपुर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क

गुरदासपुर. जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग गुरदासपुर ने एडवाइजरी जारी की है। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब मैदानी इलाकों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे हीट वेव माना जाता है। अत्यधिक गर्मी शरीर के तापमान नियंत्रित करने वाले सिस्टम को प्रभावित करती है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इन लोगों को हीट स्ट्रोक का ज्यादा खतरा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नवजात शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, मजदूर, मोटापे से ग्रस्त लोग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति तथा दिल, किडनी, लिवर या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हीट स्ट्रोक के अधिक खतरे में रहते हैं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें – सुबह और शाम के समय ही बाहर की गतिविधियां करें। हर आधे घंटे में पानी पीते रहें, चाहे प्यास न लगे। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को टोपी, छाता, गमछा या स्कार्फ से ढकें। बाहर जाते समय हमेशा जूते या चप्पल पहनें। धूप में काम करने वाले लोग समय-समय पर छांव में आराम करें। अपने साथ हमेशा पानी रखें। तरबूज, खीरा, संतरा, अंगूर और टमाटर जैसे पानी से भरपूर फल व सब्जियां खाएं। नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। सनस्क्रीन और धूप का चश्मा इस्तेमाल करें। कम मात्रा में लेकिन बार-बार भोजन करें। ठंडे पानी से नहाएं और शरीर को ठंडा रखें। क्या न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन न करें। तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत कब पड़ती है स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि तेज सिरदर्द, चक्कर आना, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन, उल्टी, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होना, मांसपेशियों में ऐंठन या मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से संबंधित दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

बीजेपी नेता तरुण चुघ बोले- पंजाब में बढ़ता ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क बेहद गंभीर मामला

अमृतसर  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ हाथी गेट स्थित शर्मा टी स्टाल पर चाय पर चर्चा की। पश्चिमी बंगाल में जीत के बाद पंजाब की बारी के पोस्टर लेकर भाजपाई वर्करों के साथ उन्होंने चाय की चुस्कियां ली और स्वयं चाय बनाकर लोगों दी और लड्डू भी बांटे। चुघ ने पंजाब की मौजूदा हालातों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है, जहां नशा, गैंगस्टर गतिविधियां और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम जनता के लिए बड़ी चिंता का कारण बन चुकी हैं। पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और एक मजबूत, सुरक्षित तथा विकसित पंजाब की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है। पार्टी व्यापार, कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों को दौबारा से मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहती है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा हो सकें और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। चुग ने सीएम भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार अपेक्षित प्रदर्शन करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब की जनता भाजपा को अवसर देती है, तो पंजाब को नशा मुक्त और गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।  

अपहरण के 6 दिन बाद मिली पंजाबी गायिका इंदर कौर की लाश, इलाके में हड़कंप

लुधियाना. पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर (29) की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उनका शव नीलो नहर से बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि इंदर कौर को करीब 6 दिन पहले गन प्वाइंट पर किडनैप किया गया था, जिसके बाद से परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि मोगा निवासी एक युवक इंदर पर जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। जब इंदर ने शादी से इनकार कर दिया तो आरोपित ने उसका अपहरण कर लिया। परिवार का कहना है कि आरोपित ने हत्या की साजिश पहले से रची हुई थी और वह इसी इरादे से कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह दोबारा नेपाल के रास्ते कनाडा फरार हो गया। परिवार ने लगाया बड़ा आरोप परिवार के अनुसार, करीब तीन साल पहले इंदर कौर की आरोपित से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। बाद में इंदर को पता चला कि आरोपित पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बाद उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर आरोपित उससे रंजिश रखने लगा था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए समराला के सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपित् की तलाश के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इंदर कौर के माता-पिता और दो भाई कोरिया में रहते हैं, जबकि उसका एक भाई लुधियाना के जमालपुर इलाके में रह रहा है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।

स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, पंजाब निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर स्क्रुटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। मंगलवार शाम तक आवेदन वापस लेने की अंतिम सीमा रखी गई है। सोमवार यानी 18 मई को चुनाव आयुक्त की ओर से स्क्रुटनी के बाद 10096 उम्मीदवार ही अब मैदान में रह गए हैं। स्क्रुटनी में 713 आवेदनों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया है। जानकारी अनुसार आठ नगर निगम के चुनाव के लिए 2154 आवेदन आए जिसमें से 151 विभिन्न कारणों से कारण रद्द कर दिए गए । ऐसे में 2003 योग्य उम्मीदवार अब मैदान में रह गए हैं। उधर नगर कौंसिल की सीटों के लिए 7334 आवेदन जमा हुए जिसमें से 447 को रद्द कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में 6887 उम्मीदवार ही बचे हैं। उधर नगर पंचायत के लिए कुल 1321 आवेदन आए जिसमें से 115 को रद्द कर दिया गया और अब मैदान में 1206 उम्मीदवार ही बचे हैं। मंगलवार को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनाव में उम्मीदवारों की असली संख्या का पता चलेगा। आवेदन खारिज किए जाने को लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन भी जारी है। पंजाब में 26 मई को 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 मई को मतदान के बाद मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनाव में 35000 के करीब कर्मचारियों और साडे 35000 सुरक्षा कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान वैलेट पेपर से करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर भी विपक्षी पार्टियों लगातार विरोध कर रही है।