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मानसून की आहट के बीच पंजाब में मौसम विभाग की चेतावनी, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने 6 जून के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि तीन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इन जिलों के प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति कायम रहती है और वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य में मानसूनी वर्षा सामान्य से 8 से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद जून के मध्य से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी से कुछ राहत बनी रहेगी। जून के पहले पांच दिनों में सामान्य से अधिक बारिश 5 जून की सुबह तक पंजाब में औसतन 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान एसबीएस नगर में 9.5 मिलीमीटर और रूपनगर में 6.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून के पहले पांच दिनों में राज्य में औसतन 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत 2.8 मिलीमीटर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा एसबीएस नगर, अमृतसर, रूपनगर और मानसा में दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, मोगा और पठानकोट में अब तक बारिश नहीं हुई है। फाजिल्का और बठिंडा में भी बहुत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे खेती और जल संसाधनों को शुरुआती राहत मिली है। हालांकि वर्षा का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बादलों का इंतजार बना हुआ है। उत्तर भारत के मौसम पर सक्रिय सिस्टमों का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 जून 2026 तक देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों तक और आगे बढ़ सकता है। उधर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब समेत कई इलाकों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी हुई हैं। सुरेंद्र पाल के अनुसार 6, 7 और 11 जून को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 6 और 11 जून को कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो सकता है और अगले चार दिनों के दौरान इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

पंजाब में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू, ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर पुलिस का सघन चेकिंग अभियान

जालंधर  ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सख्त कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने प्रमुख चौकों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में विशेष नाकाबंदी क चेकिंग अभियान शुरू किया है। बस अड्डो और धार्मिक स्थानों पर अलर्ट पुलिस शहर के मुख्य प्रवेश और निकास मार्गों पर वाहनों की जांच कर रही है। इसके अलावा बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की जा रही है, जबकि पुलिस की पेट्रोलिंग टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।एडीसीपी सुखविंदर सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से की अपील पुलिस प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। पुलिस का कहना है कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।  

धमाके जैसी आवाज से दहशत, चलती ट्रेन के स्लीपर कोच का टॉयलेट टूटा, दो हिस्सों में बंटी बोगी

लुधियाना. लुधियाना के रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होने से हड़कंप मच गया। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन (04081) जैसे ही स्टेशन से रवाना होने लगी, अचानक दो डिब्बों को आपस में जोड़ने वाली कपलिंग टूट गई। कपलिंग टूटने से जोरदार धमाका हुआ और स्लीपर कोच का टॉयलेट क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन के दो हिस्सों में बंटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए यहां-वहां भागने लगे। हालांकि लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज से डिब्बा टूटा है और पुलिस अधिकारी अभी तक इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जांच जारी रहने तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि डिब्बा धमाके से टूटा है या फिर कंपलिंग टूटने से धमाके की आवाज आई है। धमाके की आवाज से सहमे यात्री, मची भगदड़ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार सुबह जब न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन लुधियाना स्टेशन से अभी चलना शुरू ही हुई थी कि अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। यह आवाज इतनी तेज थी कि यात्रियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। कपलिंग टूटने के झटके के कारण स्लीपर कोच का शौचालय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए इस वाकये से पूरी ट्रेन में चीख-पुकार मच गई और यात्री घबराहट में कोच से बाहर की तरफ भागने लगे। मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, जांच शुरू हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी वहां पहुंच गए। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कारणों पर सस्पेंस घटना की वजहों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। रेलवे के कुछ अधिकारियों का प्रारंभिक तौर पर मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ते समय कपलिंग (डिब्बों को जोड़ने वाली कुंडी) पर अत्यधिक खिंचाव आने के कारण वह टूट गई। इसके विपरीत, ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का दावा है कि उन्होंने कपलिंग टूटने से ठीक पहले बम जैसी जोरदार धमाके की आवाज सुनी थी। फिलहाल रेलवे इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि यह हादसा किसी तकनीकी खामी की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई और कारण था। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी आज आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी भी है और इसे लेकर हिंदू संगठनों ने मार्च निकालने का ऐलान कर रखा है। ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर पंजाब में पहले ही अलर्ट है। कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए हुए है। हालांकि महानगर में धमाके की पहले भी कई बार धमकियां आ चुकी है। रेलवे स्टेशन पर भी धमाके की कई बार धमकियां आ चुकी है। जिसे लेकर पुलिस के आलाधिकारी इस एंगल से भी जांच करने मेंजुटे है। 

कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तकनीकी खामी, लुधियाना में अलग हुई बोगी, बड़ा हादसा टला

 लुधियाना  दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही स्पेशल ट्रेन की एक बोगी का बाथरूम के पास का हिस्सा टूट गया। हालांकि, बाथरूम के पास कोई यात्री न होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर खड़ी है।लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कटरा स्पेशल ट्रेन का हादसा हो गया। ट्रेन जब चलने लगी तो 2 कोच को जोड़ने वाला कपलर टूट गई। जिससे स्लीपर कोच का टॉयलेट धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। दोनों कोच भी अलग हो गए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई।  जिस वक्त हादसा हुआ, ट्रेन लुधियाना से चलने वाली थी। न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (04081) नाम की यह ट्रेन आज (शनिवार) सुबह ही नई दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही थी। हादसे का पता चलते ही रेलवे सुरक्षा बल और लोकल पुलिस स्टेशन पर पहुंच गई है। इस घटना से जुड़े 3 बड़े बयान पढ़िए:- 1. लुधियाना के ADCP समीर वर्मा:-     तकनीकी खराबी आई, जांच की: ADCP समीर वर्मा ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।     दरार आई, वेल्डिंग फेलियर संभव: ADCP ने कहा- जांच में पता चला कि जम्मू-कटड़ा की ओर जा रही ट्रेन के एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में अचानक दरार (ब्रेकेज) आ गई थी। रेलवे के तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों ने जांच के दौरान बताया कि यह मामला वेल्डिंग फेलियर का प्रतीत होता है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर पड़ गई थी और उसी स्थान से हिस्सा टूट गया।     ब्लास्ट नहीं, यात्री सुरक्षित: ADCP ने कहा- रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई ब्लास्ट या विस्फोट नहीं था। घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। 2. फिरोजपुर डिवीजन के DRM संजीव कुमार:-     पैनल ब्रेक हुआ, गाड़ी चेक की: DRM संजीव कुमार ने कहा- 9 बजे ट्रेन यहां रूकी और पांच मिनट बाद यहां से जाने लगी। उनका कहना है कि जब ट्रेन चलने लगी तो एस-2 बोगी का एन पैनल ब्रेक हो गया। ट्रेन में तैनात स्टाफ ने गाड़ी रुकवा दी। एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। उसके बाद चेक किया गया।     आवाज आना स्वाभाविक, जांच करेंगे: DRM ने कहा- जब यह हादसा हुआ तो आवाज आना स्वाभाविक है। आवाज का सोर्स क्या था, यह अभी जांच का विषय है। उनका कहना है कि डब्बा 15 साल पुराना है जबकि डब्बे की लाइफ कम से कम 25 साल होती है। जांच के बाद ही स्पष्ट कारण बताए जा सकते हैं। जल्दी ही इन 2 डब्बों को छोड़कर गाड़ी तैयार की जाएगी ताकि लोगों को उनके गंतव्य तक भेजा जा सके। 3. ट्रेन में बैठा यात्री अमित चौहान:-     ट्रेन लेट हुई, दिल्ली में पुराना डिब्बा जोड़ा: ट्रेन में बैठे यात्री अमित चौहान का कहना है कि वो माता वैष्णो देवी जा रहे थे। ट्रेन का दिल्ली से टाइम 11.30 बजे थे लेकिन ट्रेन वहां से ढाई बजे रात को चली है। वहां पर लोग परेशान रहे। आखिर में दिल्ली में एक पुराने डब्बे को लाया गया और स्टोर में खड़ी बोगियों को लोकर ट्रेन तैयार की गई।     जैसे ही चलने लगी तो हादसा हुआ, माता की कृपा से बचे: अमित ने कहा- हमें तभी लग गया था कि यह ट्रेन गड़बड़ करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लुधियाना स्टेशन पर रूकी और पांच मिनट बाद जब चलने लगी तो यह हादसा हुआ। माता रानी की कृपा रही कि सभी सुरक्षित रहे। उसका कहना है कि अगर यह हादसा हाईस्पीड में होता तो मंजर खतरनाक हो सकता था।     अंदर बैठे लोग कांपने लगे, तुरंत बाहर आए: अमित ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कुछ सामान चढ़ाया जा रहा था। जब ट्रेन चलने लगी तो तेज आवाज आई और लोग बाहर आ गए। लोग आवाज सुनकर डर गए और वो डर के मारे कांपने लगे। रेल विभाग इस तरह का काम न करे और लोगों की जान का को खतरे में न डाले।

ब्लू स्टार बरसी पर अमृतसर में बढ़ी हलचल, श्री अकाल तख्त से जत्थेदार का कौम के नाम संबोधन

अमृतसर  ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 42वीं बरसी है। श्री अकाल तख्त साहिब में सुबह से ही संगत पहुंचने लगी है।  सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड अपने समर्थकों के साथ श्री अकाल तख्त पहुंचे। अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अपने साथियों के साथ श्री अकाल तख्त पर पहुंचे। आज गुरुनगरी में बंद का आह्वान किया गया है। इसे देखते हुए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। सिविल ड्रेस में पुलिस और गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी तैनात हैं।   एसजीपीसी ने भी श्री अकाल तख्त साहिब के आसपास अपनी टास्क फोर्स तैनात की है। अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने सिख कौम को संदेश दिया। श्री अकाल तख्त साहिब के पास संगत ने खालिस्तान के नारे लगाए। कड़ी सुरक्षा और नाकाबंदी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरु नगरी में 65 से ज्यादा जगहों पर नाकाबंदी है। संदिग्ध वाहनों और लोगों की तलाशी ली जा रही है। होटल मालिकों को संदिग्धों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट पर भी चेकिंग अभियान चल रहे हैं। जिले में पुलिस और अर्ध सैनिक बल की कुल ग्यारह कंपनियां तैनात की गई हैं।   ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिस पर आज भी बहस खत्म नहीं हुई. एक पक्ष इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कार्रवाई मानता है, तो दूसरा इसे सिख भावनाओं पर चोट के रूप में देखता है. यही वजह है कि हर साल 6 जून को अमृतसर में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और भिंडरावाले को याद करते हैं. इस बार भी कई संगठनों ने विशेष अरदास की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 1984 की कार्रवाई ने पूरे सिख समुदाय को गहरी पीड़ा दी थी. वहीं प्रशासन का फोकस किसी भी तरह की उग्र गतिविधि को रोकने पर रहा. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें नारेबाजी और पोस्टर दिखाई दिए. ऐसे में सवाल फिर उठने लगा है कि आखिर 6 जून को ही स्वर्ण मंदिर में इतना संवेदनशील माहौल क्यों बन जाता है।  42 साल बाद भी क्यों जिंदा है ब्लू स्टार का जख्म?     ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 के बीच चलाया गया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर में कार्रवाई की थी. सेना का मकसद जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके हथियारबंद समर्थकों को बाहर निकालना था. इस ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई और 6 जून 1984 को भिंडरावाले मारा गया. इसी वजह से हर साल 6 जून को उसकी बरसी के तौर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।      इस सैन्य अभियान के दौरान अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा था. यही कारण है कि सिख समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की बेअदबी मानता है. ऑपरेशन के बाद पूरे देश में तनाव फैल गया था. बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद देश में भयानक दंगे हुए थे।      स्वर्ण मंदिर परिसर में  सुरक्षा बेहद कड़ी रही. पंजाब पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं. मंदिर परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई. प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी हालत में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।  अपनों ने किया श्री हरिमंदिर साहिब पर हमला जून 1984 की घटनाओं की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कौम के नाम संदेश पढ़ते हुए कहा कि जून 1984 में भारतीय सेना ने श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर कार्रवाई की थी, जिसमें दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल शबेग सिंह समेत अनेक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना में टैंकों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसे सिख इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। जत्थेदार ने बीबी सतनाम कौर और बीबी वाहेगुरु कौर सहित उन महिलाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए बलिदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान और परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास हुए हैं। साथ ही कहा कि सिख समुदाय ने दुनिया भर में मेहनत, सेवा और “सरबत दा भला” की भावना से सम्मान हासिल किया है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। जत्थेदार ने अपने संदेश में कहा कि पहले विदेशी ताकतें हमला करती थी। लेकिन  इस घल्लूघारा में अपनों ने ही हमला किया।  सिखों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि सिख इस देश के बराबरी के अधिकार रखने वाले नागरिक हैं और उन्होंने हमेशा अपनी आन, बान और शान के साथ जीवन व्यतीत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान को कमजोर करने और पांच ककारों को समाप्त करने जैसी नीतियां बनाई गईं तथा सिखों की अलग पहचान मिटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर दुनिया भर से लोग आकर रहते हैं, लेकिन जब सिख अन्य राज्यों में बसने जाते हैं तो कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सिख अपने गुरुओं और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का जज्बा रखते हैं। जत्थेदार ने कहा कि आज सिख समुदाय पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, सेवा और सरबत दा भला की भावना के कारण सम्मानित पहचान बना चुका है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर विश्व स्तर पर सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। पुलिस मुस्तैत, रिजर्व फोर्सेस तैनात हेरिटेज स्ट्रीट के चप्पे चप्पे की निगरानी पुलिस अफसर सीसी कैमरों के जरिए कर रही है। गुरुनगरी के मुख्य प्वाइंट्स पर … Read more

रात 10:04 बजे कांपी पंजाब और चंडीगढ़ की जमीन, 4.3 तीव्रता के भूकंप ने बढ़ाई लोगों की चिंता

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार रात अचानक धरती कांपने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। रात करीब 10 बजकर 4 मिनट पर आए भूकंप के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास बताया गया है। राहत की बात यह रही कि घटना के बाद किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद पंजाब और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए। रात के समय आए इन झटकों के कारण कुछ लोगों में घबराहट देखी गई। हालांकि झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन लोगों ने धरती में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया। स्थानीय स्तर पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई स्थानों पर लोग कुछ समय तक खुले स्थानों में ही रहे। कांगड़ा से पंचकूला तक कांपी धरती हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में में शुक्रवार रात 10 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 18 किलोमीटर दूर बताया गया है।  भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. कई इलाकों में कुछ सेकंड तक धरती हिलती महसूस हुई, जिससे लोगों में भय और दहशत का माहौल बन गया. देर रात तक लोग खुले स्थानों पर खड़े दिखाई दिए।  प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भूकंप का असर केवल कांगड़ा तक सीमित नहीं रहा. आसपास के कई जिलों और राज्यों में भी झटके महसूस किए गए।  धर्मशाला के पास रहा भूकंप का केंद्र भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया है। धर्मशाला और उसके आसपास का इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहते हैं। इस बार आए झटकों का असर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और चंडीगढ़ तक महसूस किया गया। प्रशासनिक और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। न तो किसी बड़े हादसे की सूचना है और न ही किसी संरचनात्मक क्षति की पुष्टि हुई है। अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। दो महीने पहले भी महसूस हुए थे झटके करीब दो महीने पहले भी पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 5.9 दर्ज की गई थी। उस भूकंप का प्रभाव उत्तर भारत के कई हिस्सों तक महसूस किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार पृथ्वी की सतह सात प्रमुख और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं और समय-समय पर एक-दूसरे से टकराती या खिसकती हैं। जब प्लेटों के बीच दबाव बढ़ जाता है तो उनमें ऊर्जा जमा होने लगती है। दबाव एक सीमा से अधिक होने पर यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती में कंपन पैदा होता है और भूकंप आता है। यही प्रक्रिया दुनिया के अधिकांश भूकंपों का प्रमुख कारण मानी जाती है।

श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हादसे का शिकार, पंजाब में 8 लोगों की गई जान, कई घायल

फिरोजपुर पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है।  डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए।  माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया। माैके पर माैत हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे। बड़ी लापरवाही वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी।   

धर्म, अनुशासन और शौर्य का संगम: गुरुद्वारा सिंह शहीदां में जारी गुरमत-गतका प्रशिक्षण शिविर

मोहाली. बच्चों को गुरसिख धर्म, सिख इतिहास और सिख परंपराओं से जोड़ने के मकसद से गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना में 18 दिन का गुरमत और गतका ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। यह कैंप 1 जून से शुरू हुआ है और 18 जून तक हर दिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक चलेगा। इस बारे में जानकारी देते हुए गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रवक्ता ने बताया कि मैनेजमेंट कमेटी और गतका अखाड़े की तरफ से मिलकर लगाए गए इस कैंप में बच्चों को सिख इतिहास, पंजाबी भाषा का ज्ञान, गुरबानी कंठा, गुरमत शिक्षा, शास्त्र विद्या और गतका की खास ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कैंप के दौरान बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट और उनके धार्मिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए कई तरह की एक्टिविटीज़ करवाई जा रही हैं। कैंप के आखिरी दो दिनों में गुरमत प्रशोंत्री कॉम्पिटिशन, गुरबानी कंठा कॉम्पिटिशन और गतका कॉम्पिटिशन होंगे। ऑर्गनाइज़र के मुताबिक, कॉम्पिटिशन में अच्छा परफॉर्म करने वाले स्टूडेंट्स को स्पेशल प्राइज़ दिए जाएंगे, जबकि कैंप में हिस्सा लेने वाले हर स्टूडेंट को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कैंप के दौरान, एक दिन स्टूडेंट्स को बसों के ज़रिए श्री चमकौर साहिब, दास्तान-ए-शहादत और दूसरे ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कराए जाएंगे, ताकि बच्चों को सिख इतिहास और गुरुओं की शहादत के बारे में डिटेल में जानकारी मिल सके। कैंप के दौरान रोज़ गुरु का अटूट लंगर भी परोसा जा रहा है। गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने इलाके के पेरेंट्स से अपील की है कि वे अपने बच्चों को ऐसे धार्मिक और कल्चरल कैंप से जोड़ें, ताकि नई पीढ़ी सिख सिद्धांतों, गुरबानी और सिख विरासत से और मज़बूती से जुड़ सके।

पीड़ित दुकानदार को दिलासा, धमोली और SDM पहुंचे मौके पर, हालात का किया आकलन

राजपुरा.  पंजाब व्यापार आयोग के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमोली और SDM राजपुरा सुखजिंदर सिंह टिवाना ने हाल ही में लगी आग से बुरी तरह प्रभावित PMN कॉलेज रोड पर स्थित दुकान का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने दुकान के मालिक पलविंदर सिंह गोलू से मुलाकात की और घटना के बारे में जानकारी ली। दुकानदार पलविंदर सिंह ने बताया कि घटना के समय वह अपने घर में मौजूद थे। पड़ोसियों ने फोन पर आग लगने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी तीन मंजिला दुकान में आग तेजी से फैल गई थी और फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने काफी मुश्किल के बाद आग पर काबू पाया। उनके मुताबिक इस घटना में करीब 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। SDMS सुखजिंदर सिंह टिवाना ने कहा कि पीड़ित दुकानदार को नियमानुसार बनता मुआवजा दिलाने के लिए सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह धमोली ने कहा कि पंजाब सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और व्यापार आयोग व्यापारियों की समस्याओं को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस मौके पर AAP नेता कीरत सिंह सिहरा, हरदीप सिंह टिंकू, जगमीत सिंह और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

मान सरकार का ऐतिहासिक कदम: ठेका प्रथा पर रोक, अब सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर मिलेंगी नौकरियां

मोहाली. पंजाब की AAP सरकार ने अलग-अलग डिपार्टमेंट में खाली पदों को भरने और सरकारी डिपार्टमेंट में सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखने के लिए कदम उठाए हैं। महंगाई को देखते हुए नए भर्ती हुए कर्मचारियों की सैलरी भी पहले से बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि 30 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान की लीडरशिप में हुई पंजाब कैबिनेट मीटिंग में राज्य सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करने का अहम फैसला लिया था। इससे प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टरों की मनमानी खत्म हो गई है और नई भर्ती के तहत सरकार अपने लेवल पर सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखेगी। इस तरह बिचौलियों का रैकेट भी खत्म हो गया है। सरकार के इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने 14 खाली पोस्ट भरने के लिए 11 मेडिकल लैब टेक्नीशियन और तीन काउंसलर की कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति के लिए एप्लीकेंट्स से एप्लीकेशन मंगाई हैं। डॉ. विशाल गर्ग ने बताया कि मेडिकल लैब, टेक्नीशियन और काउंसलर को हर एक को 21,000 रुपये महीने की सैलरी दी जाएगी, जबकि पहले इन पोस्ट के लिए सिर्फ़ 14,000 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को सैलरी देने का पूरा फंड केंद्र सरकार देगी। जो लोग इच्छुक हैं, वे 15 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। इसी तरह, डायरेक्टर जनरल ने मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज़-1 में मौजूद नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन टेक्नोलॉजी में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए इच्छुक लोगों से एप्लीकेशन मंगाई हैं। यह पोस्ट कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भरी जाएगी और प्रिंसिपल को हर महीने 1,44,000 रुपये की फिक्स्ड सैलरी दी जाएगी। इस पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोग 25 जून तक डायरेक्टर के ऑफिस में अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। पंजाब सरकार का यह इंस्टिट्यूशन आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर से एफिलिएटेड है। इसी तरह, पंजाब स्पोर्ट्स मेडिकल सर्विसेज़ में तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट 8, एक्यूप्रेशरिस्ट 1, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट 2, बायोमैकेनिक असिस्टेंट 13 और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट 1 के पद के लिए आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीदवार एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट के साथ 22 जून तक फॉर्म भर सकते हैं। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की लिस्ट और इंटरव्यू शेड्यूल और दूसरी संबंधित डिटेल्स 25 जून तक डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट को 1 लाख 15 हजार रुपये, एक्यूप्रेशर स्पेशलिस्ट को 45 हजार रुपये, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट को 45 हजार रुपये, बायोमैकेनिक असिस्टेंट को 40 हजार रुपये और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट को 40 हजार रुपये एकमुश्त महीने की सैलरी दी जाएगी। गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट मानकपुर शरीफ (जिला मोहाली) को सेशन 2025-26 तक या रेगुलर इंस्ट्रक्टर का अरेंजमेंट होने तक गेस्ट फैकल्टी उम्मीदवारों को रखना है। इन कैंडिडेट्स को इलेक्ट्रीशियन 2, मैकेनिक डीज़ल 2, प्लंबर 2, फिटर 2, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशन 1, कंप्यूटर हार्डवेयर और नोट 2 वगैरह ट्रेड्स के लिए इंस्ट्रक्टर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर रखा जाएगा और उन्हें 15 हज़ार रुपये महीने का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा। ये पोस्ट टेम्पररी गेस्ट फैकल्टी बेसिस पर होंगी। इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट 11 जून को सुबह 11 बजे गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, मानकपुर शरीफ में खुद जाकर जमा कर सकते हैं।