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जालंधर में आज रहेगा बंद, डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी के विरोध में आह्वान

जालंधर. मंगलवार को लुधियाना में डाक्टर बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी के विरोध में जिले के वाल्मीकि संगठनों ने दस सितंबर वीरवार को जालंधर बंड का ऐलान किया है। संगठनों ने सुबह नौ से लेकर शाम पांच बजे तक शहर के सभी बाजारों, मार्केटें व माल्स सहित व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान किया हुआ है। हालांकि कुछ वाल्मीकि संगठनों ने बुधवार रात को बैठक कर 10 दिसंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक बंद करने की घोषणा भी की है। इस दौरान रेलवे ट्रैक या फिर नेशनल हाईवे को बंद नहीं किया जाएगा। कई शिक्षण संस्थानों में इन दोनों परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में शिक्षण संस्थान भी बंद नहीं करवाए जाएंगे। आज क्या रहेगा बंद वीरवार को शहर की मार्केट, दुकानें, माल्स, शोरूम, बेकरी, स्वीट शाप सहित तमाम तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। किसे मिलेगी राहत वाल्मीाकि संगठनों के प्रतिनिधियों ने बंद के दौरान राहत की भी घोषणा की है। जिसके तहत वीरवार को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, एंबुलेंस का संचालन, विदेश की फ्लाइट वाले यात्रियों, मृत्यु पर जाने वालों तथा शिक्षण संस्थानों को राहत रहेगी।

पंजाब में अब घर-दुकान बनाने के नियम बदले, पार्किंग से फायर एग्जिट और हाईटेंशन तार तक नए प्रावधान

चंडीगढ़  पंजाब में सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम बदल दिए हैं। इनमें घर-दुकान भी शामिल हैं। जिनमें फायर एग्जिट से लेकर पार्किंग और छत तक बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा हाईटेंशन तारों के नीचे या दूरी को लेकर भी अब नए नियम निर्धारित किए गए हैं। सोसाइटीज में पार्किंग के लिए भी अब तय नियम फॉलो करने होंगे। इसके लिए सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। 1. 21 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में सभी सीढ़ियां फायर एग्जिट यदि इमारत की ऊंचाई 21 मीटर (लगभग 6-7 मंजिल) से अधिक है, तो उसमें चढ़ने-उतरने के लिए बनी सभी सीढ़ियों को अनिवार्य रूप से 'फायर एग्जिट' यानी आपातकालीन निकास की तरह बनाया जाएगा। आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में लोग बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और तेजी से बाहर निकल सकें, इसके लिए यह व्यवस्था जरूरी होगी। 2. बिजली की ओवरहेड लाइन के नीचे निर्माण नहीं बिजली की ओवरहेड लाइन के आसपास इमारत बनाते समय निर्धारित दूरी रखना जरूरी होगा। 3. दुकान, बूथ और SCO की ऊंचाई 5 मीटर तक बूथ, सामान्य दुकानों और SCO में फर्श से छत तक की ऊंचाई अधिकतम 5 मीटर रखी जा सकेगी। 4. मेजेनाइन में सिर्फ सामान रख सकेंगे बूथ में मुख्य मंजिल और छत के बीच बनाई जाने वाली मेजेनाइन यानी अतिरिक्त छोटी मंजिल का इस्तेमाल सिर्फ सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां दुकान का कारोबार या ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी। मेजेनाइन का क्षेत्रफल बूथ के कुल एरिया के दो-तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगा। इसमें कॉरिडोर का क्षेत्रफल शामिल नहीं होगा। खास बात यह है कि मेजेनाइन का यह क्षेत्र FAR में शामिल नहीं किया जाएगा। 5. छत पर सोलर पैनल के लिए राहत अब छत पर सोलर पैनल लगाते समय पैनल के नीचे 2.4 मीटर (लगभग 8 फीट) तक की खाली जगह रखी जा सकेगी। सोलर पैनल और उन्हें लगाने के लिए बनाए गए ढांचे को इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में भी नहीं गिना जाएगा। यानी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए इस अतिरिक्त ढांचे को FAR की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा। 6. छत पर 6 वर्गमीटर तक टॉयलेट अब छत पर अधिकतम 6 वर्ग मीटर (लगभग 64.5 वर्ग फीट) जगह में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर (लगभग 9 फीट) होगी। टॉयलेट को भी इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में शामिल नहीं किया जाएगा। 7. लिफ्ट सीधे छत तक जा सकेगी अब आवासीय और कमर्शियल समेत सभी तरह की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी। लिफ्ट का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016 और संबंधित लिफ्ट कानून के अनुसार करना होगा। लिफ्ट की जांच और सर्टिफिकेशन पंजाब के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से क्षमता प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्ति ही कर सकेगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर छत तक जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। 8. कार पार्किंग को लेकर भी नए नियम कार पार्किंग के लिए भी लिफ्ट, क्लब हाउस और स्टिल्ट को लेकर भी नियम तय कर दिए गए हैं। 9. जिम और इंडोर गेम्स में FAR की राहत पोडियम पर बने कॉमन जिम या इंडोर गेम्स एरिया का सिर्फ आधा हिस्सा (50%) FAR में गिना जाएगा। इससे ऐसे कॉमन एरिया के निर्माण में FAR के लिहाज से राहत मिलेगी।

नशे के मुद्दे पर राहुल गांधी से भिड़े केजरीवाल, बोले- ‘लाशों पर राजनीति करना बंद करें’

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट के बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य नशे के खिलाफ इस तरह अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या फैली और अब उनकी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल ने कहा-  पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है। निर्णायक युद्ध लड़ रही सरकार – राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है। पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये… – Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) गुलजार सिंह की मौत राजनीति न करें गुलजार सिंह की मौत को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि राहुल गांधी जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गांव वालों ने उन्हें निकाल दिया। केजरीवाल ने अपने पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने राहुल गांधी से निवेदन किया कि वे भी एक चक्कर इस गांव का लगाकर आएं। पंजाब सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और वे इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए। गुलजार सिंह मौत पर सियासत तेज – इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से नशे के कारोबार पर सवाल किया था, जिसके बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अब केजरीवाल के जवाब के बाद इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति और गरमा गई है।

पंजाब में मुफ्त बिजली का बढ़ता बोझ, पावरकॉम को सरकार से ₹9,650 करोड़ लेने हैं; अब लेगा ₹10 हजार करोड़ का लोन

पटियाला  पंजाब में उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी है लेकिन इसकी कीमत पावरकाम की आर्थिक सेहत पर भारी पड़ रही है। पंजाब सरकार से बिजली सब्सिडी के 7550 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के करीब 2100 करोड़ रुपये और बकाया हैं। यानी सरकार और उसके विभागों पर पावरकाम का कुल बकाया करीब 9650 करोड़ रुपये पहुंच गया है।  नकदी संकट के बीच पावरकाम को अपने जरूरी खर्च चलाने के लिए बाजार से कर्ज लेने की तैयारी करनी पड़ रही है। 7550 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी में करीब 4000 करोड़ रुपये पिछले दो वित्तीय वर्षों का बकाया ब्याज समेत है।  इसके अलावा करीब 3550 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की सब्सिडी के हैं। सरकारी विभागों में जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग पर करीब 1000 करोड़, स्थानीय निकाय विभाग पर 850 करोड़, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग पर 380 करोड़ और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर करीब 125 करोड़ रुपये के बिजली बिल लंबित हैं। आम उपभोक्ता का बिल बकाया होने पर पावरकाम कनेक्शन काट सकता है, लेकिन सरकारी विभागों और आवश्यक सेवाओं के कनेक्शनों पर ऐसी कार्रवाई व्यावहारिक रूप से आसान नहीं है। इसका सीधा असर निगम के कैश फ्लो पर पड़ रहा है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच पावरकाम को बाहर से बिजली और कोयला खरीदने, मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स व अन्य सामग्री जुटाने तथा वेतन समेत नियमित खर्चों का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। बिना सरकारी गारंटी 10 हजार करोड़ जुटाएगा पावरकाम आर्थिक दबाव के चलते पावरकाम अब बिना सरकारी गारंटी करीब 10 हजार करोड़ रुपये का बाजार ऋण लेने की तैयारी में है। इसके लिए गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) और बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई गई है। प्रक्रिया के लिए मर्चेंट बैंकरों से ऑनलाइन बोलियां भी आमंत्रित की गई हैं। पावरकाम पर पहले से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। ऐसे में नया कर्ज उसके ब्याज बोझ को और बढ़ाएगा। दरें घटाने से 7800 करोड़ के राजस्व घाटे का खतरा पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक, हाल के एआरआर में खर्च का वास्तविक आकलन कम करके बिजली दरें घटाई गईं। उनका दावा है कि इससे पावरकाम पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है और चालू वित्तीय वर्ष में वास्तविक खर्च की जरूरतों के मुकाबले करीब 7800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिजली दरों में कटौती के बाद सरकार का सालाना सब्सिडी बिल करीब 5300 करोड़ रुपये घटकर लगभग 15,200 करोड़ रुपये रह गया है, लेकिन मौजूदा सब्सिडी का भुगतान समय पर नहीं हो रहा। बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच 1584 मेगावाट उत्पादन ठप पंजाब में बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच मंगलवार को 1584 मेगावाट उत्पादन क्षमता ठप रही। राज्य में बिजली की मांग 16,505 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि पावरकाम के अपने स्रोतों से महज 4605 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। सरकारी क्षेत्र के गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का एक यूनिट मंगलवार को बंद हो गया।  रोपड़ और लहरा मुहब्बत थर्मल का एक-एक यूनिट पहले से बंद है। कोयले की कमी के कारण निजी क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल भी पूरी क्षमता से नहीं चल सके। दोनों से 894 मेगावाट कम उत्पादन हुआ। 3380 मेगावाट क्षमता वाले इन दोनों प्लांटों से कुल 2486 मेगावाट बिजली ही मिली।  तलवंडी साबो में करीब पांच और राजपुरा में छह दिन का कोयला ही बचा है। रणजीत सागर बांध और यूबीडीसी के चार यूनिट बंद रहने से भी 195 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। मंगलवार की मांग पिछले साल के इसी दिन के मुकाबले 7344 मेगावाट अधिक रही। सुबह नौ बजे 16,505 मेगावाट की मांग के मुकाबले पावरकाम ने नार्दर्न ग्रिड से 11,171 मेगावाट बिजली ली, जबकि उसका शेड्यूल 11,150 मेगावाट का था।   

पंचायत से पहले किसान आंदोलन पर शिकंजा, डल्लेवाल हाउस अरेस्ट; कई नेताओं पर कार्रवाई

फरीदकोट. भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से बुधवार को फरीदकोट में होने वाली किसान पंचायत से पहले पुलिस ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके अलावा फरीदकोट समेत आसपास के जिलों में संगठन के कई पदाधिकारियों को भी उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसान मांगों को लेकर हर हाल में संघर्ष जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल से लेकर आमरण अनशन तक का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पांच माह से 12 जिलों में चल रहे धरने किसानों की ओर से पिछले करीब पांच माह से फरीदकोट समेत पंजाब के 12 जिलों में लैंड मोरगेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर लैंड मोरगेज बैंकों में भी ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू की जाए। इसके साथ ही किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करने और शंभू-कनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों के सामान की हुई चोरी की भरपाई करने की मांग की जा रही है। 29 अगस्त के प्रदर्शन से पहले भी हुई थी कार्रवाई इन मांगों को लेकर 29 अगस्त को फरीदकोट में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन से पहले भी पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इसके विरोध में संगठन ने जेल भरो आंदोलन शुरू किया गया था। इसी कड़ी में बुधवार, 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान पंचायत आयोजित की जानी थी। पंचायत में किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष की अगली रणनीति तैयार की जानी थी। पंचायत से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

जेल में नशा और मोबाइल पहुंचाने का मामला, पंजाब में 10 हवालातियों पर FIR

फिरोजपुर. केंद्रीय जेल फिरोजपुर में जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 9 मोबाइल फोन , नशीले कैप्सूल और डाटा केबल बरामद हुए हैं। यह जानकारी देते हुए थाना सिटी फिरोजपुर के सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि इस बरामदगी को लेकर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा जेल अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिखित जानकारी के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा 10 हवालातियों के खिलाफ पंजाब प्रिजन करेक्शनल सर्विस एक्ट 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल फिरोजपुर के सुपरीटेंडेंट ने थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस को भेजे लिखती पत्र में बताया है कि हवालाती संदीप सिंह, हवालाती आकाश उर्फ छोटू, हवालाती गुरदीप सिंह, हवालाती करण कुमार, हवालाती सुमित, हवालाती अरुण उर्फ सरबजीत सिंह, हवालाती दीपक उर्फ दीपा, भवनेश पुत्र हरमेश वासी जम्मू, हवालाती दीपक वासी गुरदासपुर और हवालाती राजीव कुमार 6 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन तथा 7 लाल रंग के नशीले कैप्सूल और एक सफेद रंग की डाटा केबल बरामद हुई है। सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा नामजद हवालातियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सनटेक सिटी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, मोहाली SSP को भेजा समन

चंडीगढ़. एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सनटेक सिटी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मामले में जानकारी मुहैया करवाने के लिए मोहाली के SSP को समन भेजा है। सूत्रों के मुताबिक न्हें 10 सितंबर को पेश होकर जरूरी डिटेल्स देने को कहा गया है। यह समन डायरेक्टरेट की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के सेक्शन 54 के तहत जांच रिकॉर्ड शेयर करने की बार-बार रिक्वेस्ट के बाद जारी किया गया है। ED ने पहले 27, 29 और 31 अगस्त को पुलिस जांच की डिटेल्स मांगी थीं। हांलाकि SSP ऑफिस ने कोई जानकारी शेयर नहीं की गई। ED ने इससे पहले 1 जुलाई, 21 जुलाई, 14 अगस्त, 24 अगस्त और 25 अगस्त को पत्र और ईमेल के जरिए मोहाली पुलिस को अपनी जांच के नतीजे भेजे थे। इस बीच नए केस रजिस्टर करने की मांग की गई थी। नए अपराध रजिस्टर करने की रिक्वेस्ट पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। शिकायत में आरोप है कि न्यू चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए जमीन की तबदीली की मंजूरी लेने के लिए फर्जी सहमति पत्रों के जरिए किसानों से उनकी जमीन की असली कीमत ठगी गई। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी उठाया गया था। 2022 की FIR के आधार पर सहगल को ED पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान गिरफ्तार कर चुका है और लगभग 348 करोड़ रुपये के कथित जुर्म का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा से भी रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। अब इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई के लिए SSP को तलब किया गया है। 

लुधियाना बंद से हाईवे पर थमा ट्रैफिक, जालंधर-पानीपत NH पर घंटों फंसे वाहन

लुधियाना. लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति की कथित छेड़छाड़ की घटना को लेकर आज शहर बंद का ऐलान किया गया है। दलित भाईचारे द्वारा जालंधर बाईपास चौक में जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया है। चौक को चारों तरफ से जाम करके विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, इस दौरान ट्रैफिक जाम लग गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आम लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर से आने और जालंधर जाने वाली गाड़ियों को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। समुदाय ने बेअदबी के विरोध में लुधियाना बंद का आह्वान किया है, जिसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने जालंधर बाईपास चौक पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि बंद के दौरान कोई अनहोनी न हो। मौके पर मौजूद SP नॉर्थ किक्कर सिंह भुल्लर ने कहा कि पूरी स्थिति शांतिपूर्ण और कंट्रोल में है। गौरतलब है कि दलित समुदाय ने आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे शहर की सड़कें और बाजार बंद रखने की अपील की है। समुदाय बाबा साहेब की मूर्ति और उसके आस-पास की सफाई कर रहा है। बंद के आह्वान को लेकर प्रशासन शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रख रहा है।

चंडीगढ़ में लीजहोल्ड संपत्ति को फ्रीहोल्ड कराने का सुनहरा मौका, 10 से 25 सितंबर तक कैंप

 चंडीगढ़  लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के इच्छुक चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के आवंटियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की खबर है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से कन्वर्जन प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जन सुविधा शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में आवासीय इकाइयों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर तक सभी कार्य दिवसों में आयोजित किया जाएगा। अवकाश के दिनों में कैंप नहीं लगेगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक सेक्टर-9 डी स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से कन्वर्जन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को सरल और जल्द पूरा किया जा सके। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक सभी कार्य दिवसों में लगेगा। छुट्टी वाले दिन कैंप नहीं लगाया जाएगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। ये दस्तावेज साथ लेकर आएं कैंप में आने वाले आवंटियों और संपत्ति मालिकों को अपने साथ आवंटन पत्र या ट्रांसफर डीड की कॉपी, नवीनतम भुगतान रसीद, पहचान और पते का प्रमाण सहित कन्वर्जन से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी। पहले ऑनलाइन चेक कर लें शुल्क और बकाया CHB ने लोगों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और किसी भी बकाया राशि की जानकारी बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे उन्हें पहले से पता रहेगा कि कितनी राशि जमा करनी है और कैंप में प्रक्रिया पूरी करने में कम समय लगेगा। एक ही जगह मिलेगी सुविधा जन सुविधा शिविर का मकसद लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जन से जुड़े काम को आसान बनाना है। CHB ने पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। दस्तावेज साथ लाना जरूरी सीएचबी ने आवंटियों और मालिकों से कहा है कि वे शिविर में आते समय अपने आवंटन पत्र या हस्तांतरण विलेख की प्रति, नवीनतम भुगतान रसीदें, पहचान और पते का प्रमाण तथा कन्वर्जन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। दस्तावेज पूरे होने से आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया में तेजी आएगी। पहले ऑनलाइन जांच लें शुल्क और बकाया बोर्ड ने आवेदकों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और यदि कोई बकाया राशि है तो उसकी जानकारी सीएचबी के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे आवेदकों को पहले से देय राशि की जानकारी मिल जाएगी और शिविर के दौरान आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। सीएचबी ने सभी पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। बोर्ड के अनुसार, शिविर लोगों को लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

पंजाब में अस्थायी DGP पर उठे सवाल, नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के मुखिया के पद पर पिछले चार साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। अतिरिक्त प्रभार पर डीजीपी की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल अधिवक्ता निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पंजाब में पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल के प्रमुख) का सर्वोच्च पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रहा है। याचिका में इसे संस्थागत दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक केवल अतिरिक्त प्रभार देकर पुलिस बल का मुखिया बनाए रखना उसकी स्वतंत्रता और संस्थागत सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है। नियमित नियुक्ति के साथ मिलने वाला निश्चित कार्यकाल और संस्थागत स्थिरता पुलिस नेतृत्व के लिए आवश्यक है। इससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले के फैसले और 13 मार्च 2019 के बाद के आदेश का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के पैनल के आधार पर चयन की प्रक्रिया निर्धारित की थी। याचिका में विशेष रूप से दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पुलिस महानिदेशक के पद पर ‘कार्यवाहक’ या ‘अस्थायी’ डीजीपी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकती। ऐसे में पंजाब में लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रही व्यवस्था को लेकर कानूनी सवाल उठाया गया है। सरकार को पहले ही भेजा गया था कानूनी नोटिस याचिका के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार पैनल कथित तौर पर पंजाब सरकार को पहले ही प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों को विस्तृत कानूनी नोटिस भेजकर नियमित नियुक्ति करने की मांग की थी। एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने पंजाब सरकार को मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को करेगी।