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ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग से बदलेगी चंडीगढ़ की तस्वीर, ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ अंतिम चरण में

चंडीगढ़. 15 जून तक प्रशासन की ओर से शुरू किया गया नक्शा प्रोजेक्ट (नेशनल जियोस्पेशियल नालेज आधारित लैंड सर्वे आफ अर्बन हैबिटेशन्स) का काम पूरा हो जाएगा।इस पायलट प्रोजेक्ट में पांच गांव बुड़ैल, अटावा, कजहेड़ी, पलसौरा और सारंगपुर और 15 सेक्टर (सेक्टर 2 से 17) शामिल हैं। ड्रोन सर्वे पूर्ण हो चुका है तथा संपत्तियों की फील्ड वेरिफिकेशन की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत इमारतों का प्रशासन की ओर से डिजिटल सर्वे किया जा रहा है ।सर्वे के दौरान अधिकृत टीमें घर-घर जाकर संपत्ति स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा भूमि प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग के तहत शुरू की गई है। यह डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर आधारित है और ड्रोन सर्वेक्षण, उच्च-रिज़ाल्यूशन इमेजरी तथा जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि पार्सलों की सटीक सीमांकन और उन्हें प्रापर्टी का मालिकाना विवरण से जोड़ने का कार्य करती है। प्रशासन के अनुसार शहरी गांवों में अक्सर पुराने मैनुअल रिकार्ड, आपस में ओवरलैपिंग दावे और अस्पष्ट सीमाओं के कारण संपत्ति विवाद उत्पन्न होते रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मालिकाना हक में पारदर्शिता और कानूनी स्पष्टता आएगी। अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड से संपत्ति विवाद कम होंगे तथा खरीद-फरोख्त और लीज प्रक्रियाएं तेज, सुरक्षित और धोखाधड़ी से मुक्त बनेंगी। साथ ही बैंक और वित्तीय संस्थानों को मालिकाना सत्यापन में आसानी होगी, जिससे ऋण स्वीकृति प्रक्रिया भी सरल होगी। पायलट प्राेजेक्ट के बाद बाकी शहर के अन्य एरिया का सर्वे किया जाएगा । प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी पहले सर्वे में लिए प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी है ।जिसमे एक लाख 47 हजार जनसंख्या रहती है । प्रशासन के अनुसार शहर की सभी इमारतों और उनके आकार-प्रकार का अब डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए 20 टीमें गठित काम कर रही है। जो कि इन सेक्टरों में आ रही है सर्वे टीम शहर की हर इमारत की तस्वीर लेगी और उसके क्षेत्रफल, ऊंचाई और उपयोग की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। अब तक यह रिकार्ड मैनुअल तरीके से रखा जाता था जिससे विवाद और रिकॉर्ड की कमी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने के बाद किसी भी संपत्ति विवाद की पुष्टि मिनटों में हो सकेगी।प्रशासन के पास प्रत्येक इमारत का सही डेटा रहेगा।

ट्रेन के शौचालय में मिला जवान का शव, पंजाब से ड्यूटी पर जा रहे लांस नायक की मौत से सनसनी

कलानौर. ऐतिहासिक कस्बा कलानौर के रिटायर्ड सैनिक और खालसा पंचायत के अध्यक्ष भाई राजिंदर सिंह भंगू के बेटे लांस नायक प्रभशरण सिंह की ड्यूटी पर लौटते समय ट्रेन में मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि उनका बेटा प्रभशरण सिंह, जो 9 पंजाब सिख रेजिमेंट जम्मू में तैनात था और अब मेरठ में ट्रांसफर हो गया था। कुछ दिन घर पर बिताने के बाद वह ट्रेन से ड्यूटी पर मेरठ के लिए निकला था कि उसके बेटे की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई और उसका शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि शनिवार शाम को उनका बेटा प्रभशरण सिंह अपनी पत्नी और भाई अमृत और अपने परिवार वालों के साथ मुकेरियां रेलवे स्टेशन से ट्रेन से लौटा था और इस दौरान उसने स्टेशन पर अपने परिवार वालों के साथ मोबाइल से फोटो भी खींचे। उन्होंने बताया कि प्रभशरण ने कहा था कि वह मेरठ पहुंच कर सुबह आठ बजे फोन करेगा। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह जब फोन नहीं आया तो उसने कई बार फोन किया लेकिन उसके फोन पर सिर्फ घंटी बजती रही। राजिंदर सिंह ने बताया कि फोन न उठने की चिंता के चलते रविवार दोपहर को कलानौर थाने के एसएचओ जतिंदर पाल सिंह को इस बारे में बताया गया। जहां पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फौजी प्रभशरण सिंह का मोबाइल फोन ढूंढ निकाला और मोबाइल फोन जोधपुर के पास मिलने के बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर जोधपुर रेलवे स्टेशन पर शालीमार ट्रेन की जांच की तो उसके बेटे फौजी प्रभशरण सिंह का शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। उसकी सात साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। गौरतलब है कि प्रभ शरण सिंह 2013 में आर्मी में भर्ती हुए थे। इस मौके पर पंजाब के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर ने राजिंदर सिंह भंगू से फोन पर बात करके सैनिक प्रभशरण सिंह की असमय मौत पर गहरा दुख जताया। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल पंथक लहर के भाई रणजीत सिंह खालसा, दल खालसा के भाई बिक्रमजीत सिंह भट्टी, गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर लोकल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भाई दलविंदर सिंह बिट्टू, पूर्व सैनिक यूनियन के चैन सिंह, नरिंदर सिंह खैहरा, राजकुमार, बलविंदर सिंह काहलों, राजिंदर सिंह, सचिव जतिंदर सिंह सिद्धू, लखविंदर सिंह, गुरमुख सिंह , जतिंदर सिंह, सरपंच महकप्रीत बाजवा, सरपंच हरदीप सिंह मठारू, कुलवंत राय, महिंदर सिंह, मास्टर रणजोध सिंह मस्तकोट, सुरिंदर पाल सिंह भंगवान आदि ने प्रभशरण की मौत पर रजिंदर सिंह भंगू के साथ गहरा दुख व्यक्त किया।

Gurdaspur Accident: नेशनल हाईवे पर दर्दनाक टक्कर, कार सवार 4 दोस्तों की गई जान

गुरदासपुर पंजाब के गुरदासपुर जिले में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। पठानकोट-गुरदासपुर नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्झा सिंह के पास एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार की किसी अज्ञात भारी वाहन से भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार पठानकोट के चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तड़के 4 बजे हुआ हादसा, धमाके से सहमे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। हाईवे पर अचानक हुए तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद खौफनाक था। दुर्घटनाग्रस्त ऑल्टो कार (नंबर PB-35Y-8420) के परखच्चे उड़ चुके थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार वाहन का सुराग लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। खड़े या आगे चल रहे ट्रक से टक्कर की आशंका मामले की जांच कर रहे एएसआई दलजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े या आगे जा रहे किसी भारी वाहन (जैसे ट्रक या ट्राला) से पीछे से टकराई है। हादसे के तुरंत बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा। मृतकों में एक की पहचान, परिवार में पसरा मातम हादसे का शिकार हुए चार युवकों में से एक की पहचान पठानकोट के भदरोआ स्थित टीचर कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय विक्रम उर्फ विक्की के रूप में हुई है। विक्की स्लीपवेल मैट्रेस के शोरूम में काम करता था और कुछ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कार विक्की ही चला रहा था। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गया है। हादसे की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन गुरदासपुर के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, अन्य तीन मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, जिनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से रात के समय हाईवे पर निगरानी मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है।

बेअदबी मामले को लेकर सड़कों पर उतरे सिख संगठन, कपूरथला चौक पर जोरदार प्रदर्शन

जालंधर  जालंधर के बस्ती पीर दाद रोड इलाके में  देर रात श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंगों की बेअदबी की घटना सामने आई है। इसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और संगत के सदस्य बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। बेअदबी की खबर फैलते ही लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटना को लेकर संगत ने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए रात करीब साढ़े 10 बजे बस्ती बाबा खेल क्षेत्र के मुख्य पुल पर चक्का जाम कर पक्का धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना पर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की।  हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट हो गया। बाद में देर रात करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी कपूरथला चौक पहुंच गए, जहां धरना और विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी आतिश भाटिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।  प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा, चाहे उन्हें पूरी रात सड़कों पर क्यों न बैठना पड़े। वहीं बस्ती बावा खेल पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और माहौल खराब करने की धाराओं के तहत अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव और रोष का माहौल बना हुआ है। एडीसीपी सुखविंदर सिंह ने कहा कि बेअदबी के मामले में बीएनएस की धारा 299 और जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। 

महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल के दामों में 90 पैसे की बढ़ोतरी, चंडीगढ़-पंजाब में क्या है नया भाव

चंडीगढ़  ईंधन के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। अब लुधियाना में पेट्रोल के नए दाम 101.98 रुपये हो गए हैं। वहीं डीजल 91.79 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चंडीगढ़ में अब पेट्रोल का दाम 98.10 रुपये हो गया है। डीजल का भाव 86.09 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  तीन दिन पहले बढ़े थे भाव तीन दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल तीन रुपये लीटर महंगे हुए थे। जिसके बाद चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम 97.24 रुपये हो गए थे। वहीं डीजल 85.25 रुपये प्रति लीटर हो गया था। अब नई बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर नया बोझ पड़ गया है। पटियाला में पेट्रोल 101.3 रुपये और डीजल का दाम 90.80 रुपये है। अमृतसर में पेट्रोल का भाव 101.30 रुपये और डीजल का 90.80 प्रति लीटर हो गया है।   वाहन चालकों में नाराजगी बताया जा रहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, आम लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ी महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। लुधियाना में पेट्रोल की कीमत ₹101.11 से बढ़कर ₹101.98 हो गई है, यानी इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई। वहीं डीजल के दाम ₹90.90 से बढ़कर ₹91.79 पहुंच गए, जिससे 89 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। जालंधर में पेट्रोल पहले ₹100.40 का था, तो अब बढ़ाकर ₹101.41 हो गया, जबकि डीज़ल ₹90.35 से बढ़ाकर ₹91.24 हो गया हैं। वहीं पठानकोट में पेट्रोल ₹101.60 से बढ़कर ₹102.46 हो गया, जबकि डीजल ₹91.38 से बढ़कर ₹92.25 हो गया है। चंडीगढ़ में पेट्रोल 97.27 से बढ़कर 98.12 रुपए हो गए। इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। डीजल के रेट 85.25 से बढ़कर 86.09 रुपए हो गए। उसमें 84 पैसे बढ़े हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित सिटको पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया की हमारे यहां अदानी टोटल गैस ग्रुप की सप्लाई है। सीएनजी के रेट आज ₹94.25 से बढ़कर ₹96 हो गए हैं। एक्सपर्ट क अनुसार, पेट्रोल-डीचल में हुई बढ़ोतरी से अब धान के सीजन में किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने का किसानों पर क्या असर… किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगाः पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सचदेवा के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार फिर से बढ़ गए हैं। धान के सीजन में डीजल के रेट बढ़ने का सीधा असर किसानों पर भी दिखता है। पांच दिन में डीजल के रेट करीब 4 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं। पहले 3.11 रुपए प्रति लीटर बढ़ोत्तरी हुई और अब 89 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार पंजाब में धान सीजन (4 महीने) में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में पंजाब की किसानी पर 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। चार महीने में 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अुनसार, धान के चार महीने के सीजन के दौरान पंजाब में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत का अनुमान है। पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) के अनुसार, धान के सीजन (जून से सितंबर) के दौरान पंजाब में डीजल की कुल बिक्री का लगभग 50% हिस्सा सीधे कृषि क्षेत्र और किसानों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता: पंजाब में खेत तैयार करने (कद्दू करने) से लेकर सिंचाई और फसल कटाई तक औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है। वहीं कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में लगभग 5.5 लाख पंजीकृत ट्रैक्टर, करीब 1.2 लाख फसल अवशेष प्रबंधन (पराली संभालने वाली) मशीनें और लगभग 1.5 लाख डीजल चालित ट्यूबवेल मौजूद हैं। इन कृषि उपकरणों और मशीनों में बड़े स्तर पर डीजल की खपत होती है, इसलिए डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों की खेती लागत और कृषि खर्च पर पड़ता है। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए: मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।  

बस स्टैंड के पास गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ के बाद 3 गैंगस्टर दबोचे गए

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक सेक्टर 43 बस स्टैंड के ठीक सामने उस समय हड़कंप मच गया, जब चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल और कथित गैंगस्टरों के बीच सीधी मुठभेड़ (Encounter) हो गई. गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर बैठी पुलिस टीम पर बदमाशों ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।   हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनों कथित गैंगस्टरों को जिंदा दबोच लिया. तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।  जानकारी के अनुसार, इन बदमाशों की चंडीगढ़ पुलिस को गुप्ता सूचना मिली थी। जिसके बाद जाल बिछाकर बैठी पुलिस टीम पर बदमाशों ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए चंडीगढ़ के 43 सेक्टर के पास छिपे हुए हैं, पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जब आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की तभी फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों से तीन हथियार बरामद कर लिए हैं। आगे की पूछताछ पुलिस करेगी। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस को गोली लगी। गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिसकी वजह से पुलिस कर्मी बच गया। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को जिंदा गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग भी की. इस दौरान एक गोली सीधे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को जाकर लगी. गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिसने गोली को रोक लिया और जांबाज जवान की जान बाल-बाल बच गई। 

गाड़ियों की रफ्तार से छोटा पड़ रहा चंडीगढ़, पार्किंग के लिए जगह कम पड़ने लगी

चंडीगढ़  फ्रांसीसी आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने जब चंडीगढ़ को धरातल पर उतारा तो कुछ लोग इसमें जरूरत से अधिक खाली स्पेस देखकर छोड़कर चले गए। दूर-दूर तक इक्का-दुक्का वाहन ही दिखते थे। लेकिन यह किसी ने नहीं सोचा था कि इतना खुला शहर भी वाहनों के जंजाल में फंसकर हांफने लगेगा। ली कार्बूजिए शायद 60 वर्ष बाद का भविष्य देखते हुए शहर को गढ़ रहे थे लेकिन जनसंख्या और वाहनों का विस्फोट उनके गढ़े मॉडल से कहीं आगे निकल चुका है। चंडीगढ़ देश में सर्वाधिक कारों के घनत्व वाला शहर बन चुका है। यह समृद्धि गौरव का विषय होने के साथ ही गंभीर समस्या भी बन चुकी है। पांच लाख की आबादी के लिए बसाए गए चंडीगढ़ में हर तीन मिनट में एक नई कार सड़क पर उतर रही है। दस हजार नंबरों की नई सीरीज दो महीने में ही खत्म हो रही है। जमीनी हकीकत यह है कि अब पार्किंग के लिए जगह नहीं बची है। ग्रीन बेल्ट हो या साइकिल ट्रैक सभी पार्किंग की भेंट चढ़ चुकी हैं। कड़वी सच्चाई यह है कि इंसाफ के मंदिर कहे जाने वाले हाईकोर्ट हो या डिस्ट्रिक्ट कोर्ट यहां पर कारों की दोहरी लाइनें लगने लगी हैं। अभी आबादी 12 लाख, 2051 में 23 लाख होगी अभी चंडीगढ़ की आबादी 12 लाख है। 2051 तक यह बढ़कर दो गुना होगी। ट्राइसिटी में 2051 तक आबादी 45 लाख प्रोजेक्टेड है। प्रशासन न तो नई गाड़ियों के सड़क पर उतरने की रफ्तार को कम कर पाया है, न ही कोई योजना पार्किंग स्पेस देने की बना पाया। सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और खेल के मैदान हर जगह कारें खड़ी दिखाई देती हैं और प्रशासन मूकदर्शक बन इस बिगड़ती स्थिति को देख रहा है। ज्यादातर पार्क बन गए पार्किंग स्थल घनी आबादी वाले इलाकों में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा है। वहां तेजी से लोग दोपहिया से चारपहिया की तरफ जा रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही पार्किंग की जगह नहीं है, ऐसे में लोगों ने कालोनियों के छोटे-छोटे पार्कों में गाड़ियां खड़ी कर उसे पार्किंग बना दिया है। आलम यह है कि अब पार्कों में भी जगह नहीं बची है। ऐसे में सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने लगी हैं। शहर में बढ़ते वाहन और पार्किंग स्पेस विवरण (Description) आंकड़े / स्थिति (Data / Status) कार घनत्व (Car Density) 731 कारें प्रति 1,000 लोगों पर (पूरे देश में सबसे अधिक) शहर में कुल वाहन 10 लाख से अधिक वाहन मौजूद रोजाना सड़कों पर उतरने वाले नए वाहन 175 से अधिक गाड़ियां प्रतिदिन पड़ोसी शहरों (पंचकूला-मोहाली) से रोजाना आने वाले वाहन 1.5 लाख वाहन प्रतिदिन सरकारी गाड़ियां (पेट्रोल-डीजल) 3,724 वाहन पेड पार्किंग (Paid Parking) की स्थिति 89 स्थल (कुल 22,725 कारों के लिए स्पेस) फ्री पार्किंग (Free Parking) की स्थिति 200 स्थल (इसके बावजूद स्पेस की भारी कमी) पिछले वर्षों का रिकॉर्ड (संभावित 2022/23) 38,659 नई कारें पंजीकृत हुईं    

फौलादी इरादों वाले पूर्व नेवी अधिकारी, उम्र 84 लेकिन सफाई अभियान में जवानों जैसा जोश

मोहाली. समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है। मोहाली के फेज-2 निवासी बीएस संधू अपनी जिंदगी से इस बात को साबित कर रहे हैं। 84 वर्ष की उम्र में भी उनका सेवा भाव युवाओं के लिए मिसाल बना हुआ है। एक समय देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले संधू अब शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मिशन में जुटे हैं। नेवी से सेवानिवृत्त बीएस संधू वर्ष 1971 के भारत पाक युद्ध के वीर सैनिक रह चुके हैं। उस दौर में उन्होंने देश की रक्षा के लिए मोर्चा संभाला और अब रिटायरमेंट के बाद नागरिक जीवन में समाजसेवा को अपना लक्ष्य बना लिया है। पिछले चार से पांच वर्षों से वह लगातार मोहाली के पार्कों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी यह छोटी सी पहल अब एक बड़े संदेश का रूप ले चुकी है। संधू न केवल अपने नियमित पार्क की सफाई करते हैं, बल्कि आसपास के अन्य पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी समय-समय पर सफाई अभियान चलाते हैं। हर सुबह थैला लेकर करते हैं पार्क की सफाई हर सुबह जब अधिकांश लोग पार्क में केवल टहलने या व्यायाम के लिए पहुंचते हैं, तब संधू जी अपने साथ एक थैला लेकर निकलते हैं। उनकी नजर पार्क में फैली गंदगी पर रहती है। रास्ते में जहां भी पन्नियां, प्लास्टिक की बोतलें, कागज या अन्य कूड़ा-कचरा दिखाई देता है, वह उसे खुद उठाकर थैले में जमा करते हैं। इसके बाद कूड़े को सही स्थान पर डालते हैं, ताकि पार्क साफ-सुथरा बना रहे। और अनुशासन देखकर स्थानीय लोग भी प्रभावित हो रहे हैं और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। बीएस संधू का कहना है कि अगर हर नागरिक घर के बाहर और आसपास की सफाई की जिम्मेदारी खुद उठाए, तो पूरा शहर साफ और सुंदर बन सकता है। पार्क में गंदगी देखकर होती है चिंता: बीएस संधू बीएस संधू बताते हैं कि पहले वह अपने 5 से 7 दोस्तों के साथ रोजाना सैर करने आते थे। लेकिन धीरे-धीरे पार्कों में बढ़ती गंदगी देखकर उन्हें चिंता होने लगी। उन्होंने महसूस किया कि अगर हर कोई सिर्फ शिकायत करता रहेगा और सफाई के लिए किसी दूसरे का इंतजार करेगा, तो हालात नहीं बदलेंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद सफाई की शुरुआत की। उनकी कहानी यह साबित करती है कि देश सेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं होती, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का हर प्रयास भी सच्ची सेवा है।

ऑनलाइन दवा सप्लाई के खिलाफ पंजाब के केमिस्ट एकजुट, कल रहेगा बंद

मोगा. ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल का पंजाब समर्थन कर रहा है। जिसके चलते कल, मंगलवार, राज्य में दवा दुकानें बंद रहेंगी। मोगा डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन की विशेष बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग और दीपक कुमार दीपू सहित बड़ी संख्या में दवा कारोबारी मौजूद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था अब स्थानीय दवा कारोबारियों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए योजना लागू की गई थी, लेकिन महामारी समाप्त होने के बाद भी इसे बंद नहीं किया गया। इससे छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दीपक कुमार दीपू ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जबकि स्थानीय दुकानदारों को बहुत कम मार्जिन मिलता है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन मिलने के कारण छोटे कारोबारी आर्थिक दबाव में आ गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्रग विभाग की गाइडलाइन स्थानीय दुकानदारों के लिए बेहद सख्त हैं, जबकि ऑनलाइन माध्यम से प्रतिबंधित गोलियां तक सप्लाई की जा रही हैं। इसके बावजूद ऑनलाइन कारोबारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। दूसरी ओर यदि कोई स्थानीय केमिस्ट नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है। दवा कारोबारियों ने कहा कि किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बिक्री घटने के कारण कई दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली कई दवाइयां घटिया गुणवत्ता की होती हैं, जिससे लोगों की सेहत पर भी खतरा बढ़ रहा है। ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक की मांग एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई मांगें भी रखीं। इनमें ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक लगाने, बिना लाइसेंस जन-औषधि केंद्रों पर दवाइयां रखने पर कार्रवाई, ड्रग लाइसेंस पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करने, दवा दुकानों में पुलिस दखल बंद करने और एच-वन रजिस्टर व्यवस्था खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं। केमिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बुधवार को जिलेभर में मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण लोगों को दवाइयों की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पंजाब हाई कोर्ट सख्त, ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया पर चुनाव आयुक्त को जारी हुआ नोटिस

चंडीगढ़. पंजाब में स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के दौरान नामांकन प्रक्रिया में हिंसा, अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ कथित उत्पीड़न के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका अब अवमानना कार्रवाई तक पहुंच गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के राज्य चुनाव आयुक्त राज कुमार चौधरी (आईएएस सेवानिवृत्त) को नोटिस जारी हुआ है।  उन्हें ये नोटिस अदालत के आदेशों की कथित जानबूझकर अवहेलना के मामले में जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश जस्टिस विकास बहल की अदालत ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका हाई कोर्ट के वकील निखिल थम्मन ने दायर की है। अदालत ने नोटिस जारी करते हुए राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा है कि पूर्व आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अगली सुनवाई 27 मई 2026 तय की गई है।  वैकल्पिक ऑनलाइन नामांकन प्रणाली की मांग याचिकाकर्ता का आरोप है कि पंजाब में नगर निगम, नगर परिषदों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए वैकल्पिक ऑनलाइन नामांकन प्रणाली लागू करने संबंधी उनकी प्रतिनिधित्व याचिका पर हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निर्धारित समयसीमा में निर्णय नहीं लिया गया। इससे अदालत के आदेशों की अवहेलना हुई। दरअसल, इससे पहले दायर जनहित याचिका में निखिल थम्मन ने स्थानीय चुनावों में नामांकन दाखिल करने के दौरान बार-बार सामने आने वाली हिंसा, नामांकन पत्र फाड़ने, उम्मीदवारों को शारीरिक रूप से रोकने, धमकाने और चुनावी अराजकता की घटनाओं को मुद्दा बनाया था। 60 दिनो में निर्णय लेने के दिए थे आदेश याचिका में मांग की गई थी कि भारत निर्वाचन आयोग की “सुविधा” प्रणाली की तर्ज पर पंजाब में भी वैकल्पिक ऑनलाइन नामांकन पोर्टल शुरू किया जाए, ताकि जमीनी लोकतंत्र को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भयमुक्त बनाया जा सके। 6 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयोग को 14 दिसंबर 2025 की प्रतिनिधित्व याचिका पर 60 दिनों के भीतर स्पीकिंग ऑर्डर पारित कर निर्णय लेने और उसे याचिकाकर्ता को सूचित करने का निर्देश दिया था। अब याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि स्पष्ट न्यायिक आदेश के बावजूद आयोग ने समयसीमा के भीतर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की, जिससे उन्हें अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी।