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पंजाब में ग्रामीण कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव: AI सर्वे और मेगा लिंक रोड परियोजना से गाँवों में आया बदलाव

मोहाली  पंजाब में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने लिंक सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन की ऐतिहासिक परियोजना शुरू की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य की 30,237 लिंक सड़कों में से 7,373 सड़कों (19,491.56 किमी) को उन्नत बनाने पर 4,150.42 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह परियोजना ग्रामीण परिवहन और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का लक्ष्य रखती है। परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि सड़कों का पूरा सर्वे AI-आधारित आधुनिक तकनीक द्वारा किया गया। इस डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन संभव हुआ और 383.53 करोड़ रुपये की सरकारी बचत भी हुई। यह पंजाब में पहली बार है जब ग्रामीण सड़क उन्नयन में इतनी उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया। निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने “सड़क बुनियादी ढांचा विकास बैठक” आयोजित की, जिसमें संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क की मजबूती और टिकाऊपन से कोई समझौता नहीं होगा। सड़क सुरक्षा पर भी सरकार ने खास ध्यान दिया है। 91.83 करोड़ रुपये की सुरक्षा परियोजना के तहत स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के पास चेतावनी संकेत, ज़ेबरा क्रॉसिंग, स्पीड लिमिट बोर्ड और हर 2 किमी पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि “लिंक सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं।” नई सड़कों से किसानों और ग्रामीणों को बाज़ारों, मंडियों और शहरों तक तेज़ और आसान पहुंच मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि ग्रामीण पंजाब को नई दिशा देकर हर गांव में विकास की मजबूत नींव डालेगी।

पंजाब कांग्रेस में घमासान तेज—2027 से पहले ही नेताओं की अंदरूनी जंग उजागर

चंडीगढ़  ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’ वाली टिप्पणी करके राजनीतिक विवाद खड़ा करने वालीं नवजोत कौर सिद्धू की प्राथमिक सदस्यता पंजाब कांग्रेस ने सोमवार शाम निलंबित कर दी। नवजोत कौर सिद्धू पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। इसके बाद नवजोत कौर और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग एक-दूसरे पर निशाना साधते नजर आए।   खास बात है कि पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2022 में हुए चुनाव में कांग्रेस को आप के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस दौरान भी चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जमकर खटपट सामने आई थी। इसके बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया था। वहीं, सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्ष, लेकिन बाद में वडिंग ने पद संभाला। अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वडिंग के खिलाफ हमला बोला और आरोप लगाया, 'मैं एक असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष के साथ खड़े होने से इनकार करती हूं।' उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं अपने उन सभी भाइयों और बहनों के साथ खड़ी हूं जो उनकी अक्षमता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से आहत हुए हैं। मैं उन्हें अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने से इनकार करती हूं। मुझे आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री उन्हें क्यों बचा रहे हैं?' वडिंग ने एक आदेश में कहा, 'डॉ नवजोत कौर सिद्धू को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है।' ट्रिब्यून के अनुसार, वडिंग ने कहा कि उन्हें अनुशासनहीनता और बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के कारण निलंबित किया है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने (नवजोत कौर सिद्धू) पार्टी के नेताओं के खिलाफ निराधार आरोप लगाए थे।' नवजोत कौर सिद्धू ने यह दावा करके राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है कि “जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वह मुख्यमंत्री बन जाता है”। टीवी चैनल पर लगाए आरोप पार्टी द्वारा कार्रवाई किए जाने से पहले, कौर ने सोमवार को एक टीवी चैनल से बात करते हुए एक और आरोप लगाया कि तरनतारन उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार करणबीर सिंह बुर्ज ने पार्टी टिकट के लिए पंजाब कांग्रेस के दो नेताओं को 10 करोड़ रुपये दिए। बुर्ज ने हालांकि आरोपों को निराधार बताकर उनकी निंदा की। उन्होंने कौर से जानकारी का स्रोत बताने को कहा। पिछले महीने तरनतारन उपचुनाव में असफल रहे बुर्ज ने कहा कि उन्होंने टिकट के लिए कभी एक रुपया भी नहीं दिया और न ही किसी ने उनसे इसके लिए कहा। बुर्ज ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'मैं इस संबंध में गुरुद्वारे में शपथ लेने के लिए तैयार हूं।' नवजोत सिंह सिद्धू की वापसी की शर्त बताई शनिवार शाम पत्रकारों से बातचीत में नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि अगर कांग्रेस उनके पति को पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो वह (नवजोत सिंह सिद्धू) सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वे पंजाब को एक 'स्वर्णिम राज्य' में बदल सकते हैं। राज्य में कथित रूप से बिगड़ती कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद शनिवार को उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हम हमेशा पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैं… लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जो हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए दे सकें।' यह पूछे जाने पर कि क्या किसी ने उनसे पैसे की मांग की है, उन्होंने कहा कि किसी ने मांग नहीं की है, लेकिन 'जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वह मुख्यमंत्री बन जाता है।' हालांकि, टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद उठने के बाद नवजोत कौर ने दावा किया कि उनकी सीधी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। बयान पर दी सफाई कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रविवार शाम लिखा, 'मैं हैरान हूं कि मेरे सीधे बयान को किस तरह तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने हमसे कभी कुछ नहीं मांगा। जब मुझसे पूछा गया कि नवजोत किसी दूसरी पार्टी से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बन सकते हैं या नहीं, तो मैंने कहा कि हमारे पास मुख्यमंत्री पद के वास्ते किसी को देने के लिए कोई पैसा नहीं है।' विपक्ष हुआ हमलावर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि इससे कांग्रेस की कार्यप्रणाली का 'घिनौना सच' सामने आ गया है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने नवजोत सिद्धू की पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, 'पंजाब में ‘झाड़ू’ बिखरने से पहले ही कांग्रेस बिखर गई।' झाड़ू आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न है। आप नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस नेतृत्व को नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों का जवाब देने की चुनौती दी।  

गोल्डन टेंपल पहुंची दिल्ली CM रेखा गुप्ता, हरिमंदिर साहिब से रामतीर्थ तक आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया

अमृतसर  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज श्री हरमंदिर साहिब पहुंची और माथा टेका। उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में स्थित छबील पर जुठे बर्तनों को साफ करने की सेवा की जहां मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उनके साथ मौजूद रहे। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज श्री गुरु हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने आए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अरदास की थी कि गुरु तेगबहादुर जी का 350 साला आयोजित कार्यक्रम सुख-शांति के साथ पूर्ण हो। इसके पूर्ण होने पर वह श्री गुरु रामदास जी के दर पर आए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का 350 शहीदी पर्व पूरे देश में मनाया जाना तय हुआ तो हमने दिल्ली में, जहां गुरु साहिब की शहादत हुई, वहीं बड़ा आयोजन किया। पूरी तैयारी के साथ दिल्ली सरकार ने व दिल्ली एसजीपीसी ने दिल्ली में समागम किया। जहां लोगों व श्रद्धालुओं ने सिर निवाया। हमने शुरुआत में यही सोचा था कि ये कार्यक्रम गुरु साहिब के आशीर्वाद से ठीक-ठाक हो, कोई भी दिक्कत या परेशान किसी भी श्रद्धालु को ना आए। कुछ दिन पहले ही लाल किले के पास आतंकी हमला हुआ था, इसलिए मन में थोड़ा डर था। लेकिन, गुरु साहिब की शहादत को नमन करने के लिए दिल्ली सरकार ने ये कार्यक्रम रखा और उनके आशीर्वाद से ये कार्यक्रम सही तरीके से हुआ। उनकी शहादत को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें, इसलिए पूरा साल दिल्ली सरकार अलग-अलग कार्यक्रम करवाएगी। CM रेखा गुप्ता क्या बोली? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लाल किले में आयोजित 350 सालों की शताब्दी समागम के बाद वे विशेष रूप से गुरुद्वारा साहिब में शुकराना करने आए हैं। रेखा गुप्ता ने कहा कि जब दिल्ली में ब्लास्ट हुआ था, उस समय मन बहुत घबरा गया था और उन्होंने गुरु साहिब के आगे अरदास की थी कि इतना बड़ा दिहाड़ा सुरक्षित और शांति से मन जाए। गुरु साहिब की कृपा से शताब्दी बड़े ही सुचारू और पवित्र ढंग से मनाई गई, और संगत ने भरपूर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली कमेटी के सहयोग से यह ऐतिहासिक दिहाड़ा मनाया गया। साथ ही, गुरु साहिबान की जीवनी और इतिहास पर आधारित कई पुस्तकों का प्रकाशन भी किया गया है, जिससे बच्चों को अपने विरसे और इतिहास से जोड़ने में मदद मिलेगी। सीस गंज साहिब, जहां गुरु साहिब का महान बलिदान हुआ और लाल किला, जहां इतिहास गवाह है, इन दोनों स्थानों ने इस शताब्दी समागम को और भी विशेष बना दिया।  

चंडीगढ़ में बकाया टैक्स पर कार्रवाई, नगर निगम ने 20 हजार से ज्यादा डिफॉल्टर्स के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया

चंडीगढ़  चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने प्राइवेट प्रॉपर्टी मालिकों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए 20,000 रुपये से अधिक टैक्स बकाया वाले डिफॉल्टरों को प्रॉपर्टी अटैचमेंट नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पहले 50,000 रुपये और 30,000 रुपये से अधिक बकाया वाले टैक्स डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। अब तीसरी श्रेणी में 20,000 रुपये से अधिक बकाया वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पानी के कनेक्शन पर भी सख्ती नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में टैक्स जमा न कराने पर प्रॉपर्टी के पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर प्रॉपर्टी को सीज या बेचने का भी अधिकार निगम के पास है। पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के तहत यह कार्रवाई वैध है। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने सभी स्तर के टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में नगर निगम पर कुल ₹170 करोड़ से अधिक का बकाया है, जिसमें से करीब ₹100 करोड़ मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। इस साल टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड इस वित्तीय वर्ष में अब तक नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लगभग ₹82 करोड़ वसूल किए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में केवल ₹59 करोड़ का कलेक्शन हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि वर्ष के अंत तक यह राशि ₹100 करोड़ को पार कर सकती है। पानी कनेक्शन काटने के आदेश टैक्स न भरने वाले प्रॉपर्टी मालिकों का पानी का कनेक्शन काटने के आदेश तक जारी किए गए हैं। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में टैक्स जमा नहीं किया गया, तो संबंधित प्रॉपर्टी को अटैच किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसकी बिक्री तक की कार्रवाई भी की जाएगी। पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1994 नगर निगम को प्रापर्टी अटैच करने तथा बेचने दोनों का अधिकार देता है। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी तरह के टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में नगर निगम के पास टैक्स डिफाल्टरों का कुल बकाया 170 करोड़ रुपए से अधिक है, जिसमें से करीब 100 करोड़ रुपए के मामले अदालतों में लंबित हैं। 100 करोड़ पार होने की उम्मीद नगर निगम ने इस वर्ष अब तक करीब 82 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स की वसूली कर ली है, जो अब तक की सबसे अधिक वसूली मानी जा रही है। पिछले पूरे वित्त वर्ष में केवल 59 करोड़ रुपए टैक्स जमा हुआ था, लेकिन इस बार सख्ती और लगातार कार्रवाई के चलते रिकॉर्ड वसूली हुई है। अभी वित्त वर्ष के लगभग पांच महीने शेष हैं, ऐसे में निगम अधिकारियों का कहना है कि टैक्स वसूली 100 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने की पूरी संभावना है। करोड़ों का टैक्स अब भी लंबित नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे बड़ा बकाये दार पंजाब यूनिवर्सिटी है, जिस पर करीब 60 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स बकाया चल रहा है। इसके बाद आईटी पार्क का नाम आता है, जिस पर लगभग 45 करोड़ रुपए का बकाया है। पीजीआई पर 23 करोड़ रुपए की देनदारी थी, जिसमें से हाल ही में 11 करोड़ रुपए निगम को जमा करवाए गए हैं। इसी तरह यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट पर 16 करोड़ रुपए, गोल्फ क्लब पर 12 करोड़ रुपए और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) पर 10 करोड़ रुपए का प्रापर्टी टैक्स बकाया दर्ज है। रेलवे स्टेशन ने अपनी देनदारी में से 2.98 करोड़ रुपए हाल ही में जमा करवा दिए हैं। पुराने बड़े डिफाल्टरों से हो रही वसूली नगर निगम नए टैक्स डिफाल्टरों पर कार्रवाई के साथ-साथ पुराने बड़े बकायेदारों से भी एरियर की वसूली तेज कर चुका है। पीजीआई ने अपनी लंबित देनदारी में से 11 करोड़ रुपए एरियर के तौर पर निगम को जमा कराए हैं, जबकि रेलवे विभाग ने भी 3 करोड़ रुपए की राशि अदा कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम के तहत भी अधिकांश मामलों के निपटने की संभावना है, जिससे निगम की एरियर रिकवरी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। बड़े डिफॉल्टर और रिकवरी की कोशिशें नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे बड़ा डिफॉल्टर पंजाब यूनिवर्सिटी है, जिस पर लगभग ₹60 करोड़ का बकाया है। इसके बाद IT पार्क (₹45 करोड़), PGI (23 करोड़, जिसमें ₹11 करोड़ हाल ही में जमा हुए), UT इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (₹16 करोड़), गोल्फ क्लब (₹12 करोड़) और Panjab Engineering College (PEC) (10 करोड़) शामिल हैं। हाल ही में रेलवे स्टेशन ने ₹2.98 करोड़ जमा किए हैं। पुराने बड़े डिफॉल्टरों से वसूली को भी जोर दिया जा रहा है। PGI ने ₹11 करोड़ का भुगतान किया है, जबकि रेलवे विभाग ने ₹3 करोड़ जमा किए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों का निपटारा वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम के माध्यम से होने की उम्मीद है। नगर निगम की यह सख्ती प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने और बकाया राशि वसूलने के उद्देश्य से की गई है।

भयानक सड़क हादसा लुधियाना में, रात में कार दुर्घटना से 5 की जान गई

लुधियाना लुधियाना में लाडोवाल के पास रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में कार में सवार दो नाबालिग लड़कियों सहित पांच की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि सभी लोग जगरांव एरिया के थे। सूचना मिलने के बाद थाना लडोवाल की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने देर रात को पांचों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। तीन मृतकों की पहचान जगरांव निवासी सतपाल, वीरू और सिमरन के ताैर पर हुई है। सतपाल व वीरू दोनों निवासी कोठे खंजूरा और सिमरन निवासी अजीत नगर जगरांव के ताैर पर हुई है। सतपाल के पिता हलवाई का काम करते है जबकि वीरू के पिता ड्राइवर है। सिमरन के पिता फौज से रिटायर्ड हैं। जानकारी के अनुसार कार में दो नाबालिग लड़कियां भी थी। सभी जगरांव से होते हुए अमृतसर की तरफ जा रही थीं। उनकी कार काफी तेज रफ्तार थी और बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार सवार सभी की मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और शवों को बाहर निकाला। थाना लाडोवाल की पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस मृतकों के परिवार वालों का पता लगाने में जुटी है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर: पंजाब-हरियाणा शीतलहर की चपेट में, कश्मीर में बर्फबारी की तैयारी

नई दिल्ली पंजाब और हरियाणा समेत उत्तर भारत में रविवार को भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहा। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 4.4 डीग्री सेल्सियस दर्ज किये जाने के साथ यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा जबकि हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान(4.6 डिग्री सेल्सियस) नारनौल में दर्ज किया गया। वहीं, कश्मीर में सोमवार को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।   मौसम विभाग ने छह और सात दिसंबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, लेकिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया, जबकि आठ दिसंबर को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, पंजाब में बठिंडा और गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि फिरोजपुर में छह डिग्री, अमृतसर में 6.1 डिग्री, लुधियाना में 6.8 डिग्री और पटियाला में 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हरियाणा के भिवानी में न्यूनतम तापमान छह डिग्री, हिसार में 6.2 डिग्री, सिरसा में 6.6 डिग्री, करनाल में सात डिग्री, रोहतक में 7.8 डिग्री और अंबाला में 9.8 डिग्री रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर में हल्की बर्फबारी की संभावना कश्मीर में बीते 24 घंटे में रात के तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गयी, लेकिन वह जमाव बिंदु से नीचे रहा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर में पहलगाम रिसॉर्ट, जम्मू और कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पहलगाम रिसॉर्ट वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर के रूप में कार्य करता है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में 3.2 डिग्री अधिक है। घाटी का प्रवेशद्वार माने जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि गुलमर्ग में तापमान शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे, जबकि पुलवामा शहर में शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

500 करोड़ का सवाल! AAP नेता बलतेज पन्नू ने कांग्रेस से पूछा – क्या सीएम फेस की हुई थी ‘डील’?

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब के गवर्नर से मुलाकात के बाद नवजोत कौर सिद्धू के सनसनीखेज खुलासों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया है। पन्नू ने कहा कि उनके बयानों ने इस "कड़वी सच्चाई" को सामने ला दिया है कि कांग्रेस कैसे काम करती है, लीडरशिप कैसे तय होती है, और कैसे निजी महत्वाकांक्षाओं और पैसे के सौदों के लिए पंजाब के हितों को किनारे रखा जाता है। पन्नू ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू ने दो चौंकाने वाले दावे किए हैं, एक यह कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की राजनीति में तभी दोबारा आएंगे जब कांग्रेस पहले उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेगी, और दूसरा यह कि सिद्धू परिवार के पास देने के लिए 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जिसका मतलब है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की डील ज़रूरी है। इन बातों को "बहुत परेशान करने वाला" बताते हुए, पन्नू ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस लीडरशिप सच में मुख्यमंत्री का चेहरा 500 करोड़ रुपये में बेचती है। उन्होंने कहा, “अगर सिद्धू का दावा है कि उनके पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, तो यह रकम कौन देता है? यह पैसा कहां जाता है? स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट को? हाईकमान को? राहुल गांधी को या खड़गे को? पंजाब के लोगों को जवाब मिलना चाहिए।” पन्नू ने याद दिलाया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट, MP, MLA और कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। “क्या ये पद भी खरीदे गए थे? क्या उन्हें थोड़ी सी रकम देकर कांग्रेस प्रेसिडेंट बनाया गया था? कांग्रेस में डिप्टी चीफ मिनिस्टर या मिनिस्टर बनने के लिए कितने करोड़ चाहिए?” सिद्धू की कंडीशनल पॉलिटिक्स की आलोचना करते हुए पन्नू ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सिद्धू का दावा है कि पंजाब के “सुनहरे दिन” तभी आएंगे जब सिद्धू को चीफ मिनिस्टर का चेहरा बनाया जाएगा। “अगर कांग्रेस ने उन्हें अनाउंस नहीं किया, तो पंजाब को नुकसान हो सकता है, यही उनका मैसेज है। क्या पंजाब नवजोत सिद्धू के लिए सिर्फ एक बारगेनिंग चिप है?” पन्नू ने सिद्धू के नाटकीय अतीत का मज़ाक उड़ाया, जिसमें दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर फेल हुए “जीतेगा पंजाब” चैनल तक शामिल थे, और सवाल किया कि अगर सिद्धू के पास पंजाब को फिर से खड़ा करने का कोई जादुई फ़ॉर्मूला था, तो उन्होंने मंत्री या कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए इसे क्यों नहीं लागू किया।   इसके उलट, AAP लीडरशिप से तुलना करते हुए, पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई अन्य लोगों ने लोगों की सेवा करने के लिए अपना करियर छोड़ दिया, जबकि कांग्रेस नेता पहले पद और बाद में सेवा मांगते हैं। पन्नू ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत साफ़ करे कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की ज़रूरत होती है। क्या कांग्रेस ने यह पैसा राज्य में घूम रहे छह-सात मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों से इकट्ठा किया है?  

कड़ाके की ठंड से कांपा नॉर्थ इंडिया: पंजाब-हरियाणा में शीतलहर तेज, फरीदकोट-नारनौल रिकॉर्ड ठंडे

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा कड़े शीतलहर चपेट में हैं, जहां न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर सामान्य से 1 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पंजाब का फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, अमृतसर में 5.6, जबकि लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 7 और 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी चंडीगढ़ में भी ठंड का असर रहा और तापमान 7.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। हरियाणा में नारनौल सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिसार में 4.7, करनाल में 7.5, जबकि भिवानी, सिरसा और अंबाला में तापमान क्रमशः 6, 6.4 और 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की आशंका जताई है। राजस्थान के शेखावाटी इलाके में शीतलहर जारी राजस्थान के अनेक इलाकों में जोरदार सर्दी पड़ रही है और शेखावाटी इलाके में शीतलहर जारी है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीती शुक्रवार रात फतेहपुर कस्बे में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के अनेक हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसके अनुसार, बीती रात न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 2.3 डिग्री सेल्सियस, सीकर में 3.0 डिग्री, नागौर में 3.3 डिग्री, चुरू में 4.5 डिग्री, अलवर में 5.0 डिग्री व पाली में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र का कहना है कि राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। कश्मीर में कड़ाके की ठंड, शोपियां में तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे कश्मीर में रात का तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया, जबकि घाटी के कुछ हिस्सों में कोहरे की मोटी परत छाई रही। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शोपियां जम्मू-कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक बृहस्पतिवार रात घाटी में अधिकांश स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से काफी राहत मिली।   अधिकारियों ने हालांकि बताया कि शुक्रवार रात को कश्मीर में तापमान में गिरावट आई, जिससे कड़ाके की ठंड का दौर लौट आया। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 0.4 डिग्री सेल्सियस से काफी कम है। घाटी के प्रवेशद्वार माने जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग में शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे और पुलवामा जिले के कोनीबल शहर में पारा शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने छह और सात दिसंबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने लेकिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है जबकि आठ दिसंबर को उत्तर और मध्य कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।   पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार सुबह पारा गिरकर 14.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में हुई इस गिरावट के कारण यहां लोगों ने इस मौसम की सबसे सर्द सुबह का अनुभव किया। पश्चिम बंगाल का गंगा तटीय क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है इसी के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वानुमान जताया है कि इस क्षेत्र में अगले 24 घंटे के अंदर तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी महानगर में सुबह 6.30 बजे न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम है। अधिकारी ने बताया कि शहर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

पंजाब में सियासी हलचल तेज: ऑडियो सबूत मांगने पर सुखबीर बादल सहित एसएडी नेताओं को समन

चंडीगढ़ पंजाब के जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में धांधली के आरोपों को लेकर सियासी चर्चा तेज है। रविवार को पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) एसपीएस परमार ने शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय तलब किया है। पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों से जुड़े सबूतों की जांच के लिए एसएडी नेताओं को तलब किया गया है।  आरोप है कि एक कथित ऑडियो क्लिप में पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा और अन्य अधिकारी आपत्तिजनक तरीके से आम आदमी पार्टी (आप) को फायदा पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करते सुनाई दे रहे हैं। एसएडी ने 4 दिसंबर 2025 को पंजाब राज्य चुनाव आयोग में दर्ज की थी। उसी दिन पटियाला साइबर क्राइम थाने में एफआईआर 52 भी दर्ज हुई। नोटिस धारा 94 बीएनएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल ऑडियो क्लिप से संबंधित जांच के लिए मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक सबूत 7 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे कमरा नंबर 307, तीसरी मंजिल, पंजाब पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में प्रस्तुत करें।  एसएडी की ओर से कोर कमेटी सदस्य, मुख्य प्रवक्ता एवं लीगल विंग अध्यक्ष एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर पेश होंगे। एसएडी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 3 दिसंबर को सोशल मीडिया पर यह ऑडियो क्लिप पोस्ट की थी। क्लिप में कथित तौर पर पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा एक कॉन्फ्रेंस कॉल में एसपी, एसएचओ और डीएसपी को निर्देश दे रहे हैं कि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को उनके घरों, गांवों या नामांकन केंद्र पहुंचने के रास्ते में ही रोक लिया जाए। बता दें कि राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने डीजीपी गौरव यादव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी ने जांच एसपीएस परमार को सौंपी है। उन्होंने कहा है कि जांच पूरी होने पर धारा 193 बीएनएस के तहत अदालत में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

विदेश यात्राओं पर सियासी संग्राम: मान सरकार ने कहा— जनता के पैसे से सुखबीर बादल और अमरिंदर सिंह का लग्ज़री टूर

चंडीगढ़ पंजाब की जनता ने दशकों तक भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जनता के पैसे की बर्बादी का दर्द सहा है। अकाली दल और कांग्रेस के पुराने मुख्यमंत्रियों ने सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझा, जहां विदेश यात्राओं के नाम पर करोड़ों रुपये उड़ाए जाते थे, लेकिन राज्य के विकास के लिए एक पैसा भी नहीं लगता था। इन नेताओं की लग्जरी ट्रिप्स, परिवार के साथ शॉपिंग और मौज-मस्ती पर जनता का मेहनत का पैसा लुटाया जाता था, जबकि पंजाब के किसान, नौजवान और आम आदमी गरीबी, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस काले दौर को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जहां हर फैसला जनता के हित में लिया जाता है और पारदर्शिता सबसे ऊपर है। अब विदेश यात्राओं का एकमात्र मकसद पंजाब में निवेश लाना, फैक्ट्रियां लगाना और लाखों नौकरियां पैदा करना है, ताकि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। यह बदलाव न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि पंजाब की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण है, जहां भ्रष्टाचार की जगह ईमानदारी और विकास ने ले ली है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे पंजाब को निवेश का हब बनाने के लिए रोडशो और उच्च-स्तरीय बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान ही जापानी कंपनी टोप्पन स्पेशलिटी फिल्म्स ने पंजाब में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है, जो राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। टोक्यो और ओसाका में रोड शो के दौरान भगवंत मान ने जापानी उद्योगपतियों को बताया कि पंजाब अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और लाभदायक जगह है, जहां सरकारी नीतियां सरल हैं और बुनियादी ढांचा मजबूत है। आप सरकार की यह रणनीति पंजाब को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि अब जरा पुराने मुख्यमंत्रियों को याद कीजिए, जैसे सुखबीर सिंह बादल, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते विदेश यात्राओं का बहाना बनाकर दुबई, लंदन और दक्षिण अफ्रीका जैसी जगहों पर सरकारी पैसे से मौज की। इन ट्रिप्स पर लाखों रुपये खर्च होते थे, जिसमें पॉकेट मनी तक शामिल होती थी, लेकिन लौटकर आते तो हाथ खाली रहते और सूटकेस परिवार के लिए ब्रांडेड कपड़े-जूते से भरे होते थे। एक बार तो दक्षिण अफ्रीका जाने के बहाने दुबई में रुककर परिवार के साथ शॉपिंग की गई और पूरा बिल पंजाब की जनता के टैक्स से चुकाया गया। लंदन ओलंपिक्स देखने के नाम पर भी सरकारी खजाने से लाखों उड़ाए गए, जबकि पंजाब में किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी बढ़ रही थी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी भ्रष्टाचार में पीछे नहीं थे, जिन्होंने 2022 में चुनाव हारने के बाद जैसे ही ईडी की जांच उनके करीब पहुंची, फौरन कनाडा और अमेरिका भाग गए। महीनों तक वे वहां रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहकर मौज करते रहे, जबकि पंजाब में उनके भतीजे भूपिंदर सिंह हनी से 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जिसमें 8 करोड़ उनके रिश्तेदार से ही मिले। अवैध रेत खनन मामले में ईडी ने छापे मारे, लेकिन चन्नी जांच से बचने के लिए विदेश में छिपे रहे और पंजाब की जनता को उनके भ्रष्टाचार की सजा भुगतनी पड़ी। सरकारी पैसों से विदेशी टूर करना और जांच आते ही फरार हो जाना कांग्रेस की पुरानी आदत है, जहां नेता अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं और राज्य को अराजकता में छोड़ देते हैं। चन्नी ने खुद को आम आदमी बताकर सत्ता हासिल की, लेकिन ईडी की छापेमारी ने उनकी असली छवि उजागर कर दी, जहां करोड़ों का काला धन परिवार के लिए जमा किया गया था। ऐसे नेताओं ने पंजाब को विकास से दूर रखा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इन सबके विपरीत भगवंत मान विदेश इसलिए जा रहे हैं ताकि पंजाब में फैक्ट्रियां लगें, नौजवान नौकरियां पाएं और गांव-गांव में तरक्की आए। उनकी हर यात्रा का पूरा हिसाब जनता के सामने है, जहां कोई परिवार साथ नहीं जाता, कोई शॉपिंग या मौज-मस्ती नहीं होती – सिर्फ और सिर्फ पंजाब के आर्थिक उत्थान पर फोकस रहता है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा जैसे अधिकारियों के साथ यह डेलीगेशन निवेशकों से सीधे बात करता है, और परिणाम भी दिखते हैं जैसे टोप्पन कंपनी का निवेश। आप सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है, जहां विदेश यात्राएं विकास का माध्यम बनी हैं, न कि निजी सुख का। यह पारदर्शिता पंजाब की जनता को विश्वास देती है कि उनका पैसा सही जगह लग रहा है, और राज्य अब देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनने की राह पर है। मान की यह पहल पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार से मुक्ति का प्रतीक है।ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज पंजाब की जनता देख रही है कि असली मुख्यमंत्री कैसा होता है – जो जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब देता है और उसी पैसे से पंजाब को दुनिया का सबसे समृद्ध राज्य बनाने में जुटा रहता है। भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार का दौर अब इतिहास बन गया है, और पंजाब का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है, जहां निवेश, रोजगार और समृद्धि हर घर पहुंचेगी।