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पंजाब में बुधवार को सरकारी छुट्टी पर स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में कल यानी 4 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह घोषणा होली के त्योहार के अवसर पर की गई है। होली, जो रंगों, खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है, पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार न केवल सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर गले मिलने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। इस पावन और रंगों के पर्व के मद्देनज़र 4 मार्च (बुधवार) को पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इस दिन पंजाब सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान (सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज) पूर्णतः बंद रहेंगे। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित किया गया है, जिसके चलते बैंकों में भी इस दिन कामकाज नहीं होगा। धार्मिक कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री के लिए सक्षम अधिकारी का प्रतिबंधात्मक आदेश जरूरी: हाईकोर्ट

चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि श्री आनंदपुर साहिब में इस समय मीट और मीट उत्पादों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम प्राधिकारी की ओर से इस संबंध में औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक बिक्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती। दरअसल, पंजाब सरकार के 15 दिसंबर 2025 के उस आदेश को छोटे व्यापारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई थी। इसी बीच खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्व ‘होला मोहल्ला’ पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने Takht Sri Kesgarh Sahib सहित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेककर गुरु चरणों में हाजिरी लगाई। सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े प्रबंध इस वर्ष सिविल और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर को जाम मुक्त रखने के लिए ‘ट्रॉली सिटी’ बनाई गई है, जहां श्रद्धालुओं की ट्रॉलियां शहर से बाहर ही रोकी जा रही हैं। पिछली बार लगे भारी जाम से सबक लेते हुए इस बार गलियों में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती की गई है। संगतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भिखारियों के शहर में प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इन प्रबंधों की सराहना की है। प्रशासन और शिरोमणि कमेटी का तालमेल इस बार सिविल प्रशासन, पुलिस और शिरोमणि कमेटी के बेहतर तालमेल के चलते पहले दिन का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रबंध और मजबूत किए जा रहे हैं। डीएसपी जशनदीप सिंह ने बताया कि मेले क्षेत्र में करीब 5000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मोबाइल और टीवी पर स्क्रीनिंग टाइम ने बढ़ाया बच्चों में मोटापा

जालंधर. कृषि प्रदान प्रदेश पंजाब में बच्चों में मोटापे का उभार एक स्वास्थ्य संकट बनने लगा है। बच्चों का मोबाइल , टीवी और कंप्यूटर पर बढ़ता स्क्रीन टाइम इसका अहम कारण माना जा रहा है। कोरोना काल के बाद बच्चों में मोटापा दर 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। बच्चों में मोटापे की वजह से परेशान स्वजन इससे होने वाली शुगर और हायपरटेंशन की समस्या को लेकर बाल रोग माहिरों की सलाह लेने लगे है। पिछले करीब पांच साल में खासकर किशोर 10-16 वर्ष और स्कूल-जाने वाले बच्चों में मोटापे और अधिक वजन की समस्या तेजी से बढ़ी है । हाल ही में हुई स्टडी में बाडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार लगभग 31 प्रतिशत बच्चे 10-16 वर्ष या तो ओवरवेट 18.6प्रतिशत या ओबेसी 12.4 प्रतिशत श्रेणी में आते हैं। इसके आधार पर करीब 3 में से 1 बच्चा अब वजन की सीमा से ऊपर है। मोटापा केवल शहरी आबादी के बच्चे में ही देहात के बच्चों में बढ़ रहा है। राज्य में नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 व 2019-21 के अनुसार 0-5 वर्ष के बच्चों में ओवरवेट और ओबेसी लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 4 प्रतिशत पहुंचा। एंडोकिड्स के एमडी एवं बच्चों के एंडोक्रोनोलाजिस्ट डा. सौरभ उप्पल कहते है कि पांच साल पहले अगर उनके पास 100 बच्चे मोटापे को लेकर आते थे अब उनकी संख्या 140 के करीब पहुंच चुकी है। स्वजन उनके पास एक साल के बच्चे भी मोटापे को लेकर पहुंच रहे है। छोटे बच्चों को लोग बिस्कुट और चिप्स देना शुरू कर देते है जो मोटापे का कारण बन रहा है। वहीं बड़े बच्चों का मोबाइल फोन, टीवी और कंप्यूटर पर स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। बच्चे इस दौरान फास्ट, फूड, चाकलेट, बिस्कुट, चिप्स व अन्य खाद्य पदार्थ खाते रहते है। उन्हें पता नही चलता और ओवर इटिंग कर लेते है जो मोटापे का बढ़ा कारण बन रहे है। आईएमए के पूर्व प्रधान एवं भुटानी चिल्ड्रन अस्पताल के एमडी डॉ. एमएस भुटानी का कहना है कि एक साल से कम आयु के बच्चों को ही लोग दूध पिलाने और उन्हें व्यस्त रखने मोबाइल फोन उनके हाथ में थमा रहे है। उनकी आदत बिगड़ने का साथ स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है। बच्चे मोटे होने के साथ जिद्दी भी हो जाते है। ऐसे बच्चों की आदत छुड़वाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की आउट डोर गेम्स की आदत नही रहती है। जब तक खान-पान, खेल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार और समुदाय मिलकर कदम नहीं उठाते, मोटापे की वृद्धि का सिलसिला नहीं रुकेगा। मॉडल टाउन में रहने वाली श्वेता का कहना है कि उनका 12 साल का बेटा मान्य ओवर वेट है। पति पत्नी दोनों सर्विस करते है और देर शाम और छुट्टी के दिन ही बच्चे को पूरा समय दे पाते है। पहले वह मोबाइल और टीवी एक घंटे तक इस्तेमाल करता था, अब पढ़ाई सहित उसका स्क्रीन टाइम चार घंटे तक पहुंच गया है। इस दौरान उसकी डाइट भी बढ़ गई है। उसका भार सामान्य से दस किलोग्राम ज्यादा है। अब उसका भार कम करने के लिए डाक्टर से सलाह ले रहे है, ताकि मोटापे से होने वाली बीमारियों का खतरा खत्म किया जा सके। मकसूदा में रहने वाले चंद्र शेखर का कहना है कि उनकी बेटी सुरभि 16 साल की है। कोरोना काल के दौरान आन लाइन प्रचलन बढ़ने की वजह से स्क्रीन टाइम बढ़ गया। धीरे धीरे स्क्रीन टाइम 5 से 6 घंटे तक पहुंच गया है, हालांकि इसमें ज्यादातर समय उसकी पढ़ाई और कंपीटिशन की तैयारी से संबंधित है। अब मोटापा की वजह से उसे किशोरियों में होने वाली समस्याएं बढ़ने लगी है। अब मोटापा कम करने के लिए उसे जिम भेजना शुरू किया है। मुख्य कारण जो मोटापे को बढ़ा रहे हैं पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे वाले उत्पाद अधिक सेवन हो रहे हैं। कोचिंग, मोबाइल, टीवी स्क्रीन टाइम, आउटडोर खेलों में कमी मोटापे में योगदान दे रही है। स्कूलों में खेल-कूद की भूमिका कम और एसी-लाइफस्टाइल जैसे आरामदायक व्यवहार ज्यादा। पौष्टिक तत्वों की कमी और अधिक फैट-सोडियम डाइट। समाधान संतुलित पौष्टिक आहार फल, सब्जियां, दलिया, प्रोटीन। मोबाइल और टैब के समय का नियंत्रण। रोज़ाना कम से कम 60 मिनट खेल-कूद या शारीरिक गतिविधि। नियमित नींद और स्क्रीन-डीटाक्स। खेल मुख्य-पाठ्यक्रम का हिस्सा। स्वास्थ्य-स्क्रीनिंग कैंप।

मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए मान की केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील

चंडीगढ. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।' 27×7 हेल्पलाइन जारी उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। 'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए' मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।

नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: 36 हजार से ज्यादा केस दर्ज, सजा दर 88% – भगवंत मान

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर पंजाब के लोगों को बधाई दी और इसे राज्य को नशों के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान बताया। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए इस जन आंदोलन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने पंजाब में नशों के खिलाफ लड़ाई की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है और नशा आपूर्ति के नेटवर्क को सख्ती से समाप्त किया गया है। एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। पिछली सरकारों ने ड्रग व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे भेजकर नशे के कारोबार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है।” इस मुहिम के प्रभाव और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस मुहिम को आम लोगों के सक्रिय सहयोग से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई। इस मुहिम के अंतर्गत की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। उन्होंने आगे कहा कि नशा तस्करों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है और तस्करों से संबंधित करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही है, जो निरंतर सुधार के साथ वर्ष 2025 में लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह मजबूत केस तैयारी और फॉरेंसिक सहयोग का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार नशा पीड़ितों की लाशों और चिताओं की कीमत पर तस्करों को फलने-फूलने नहीं देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए है और इसे बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा जाएगा।

नागरिक सेवाओं में सुधार का सम्मान: पंजाब को मिला डिजिटल एक्सीलेंस अवॉर्ड

चंडीगढ़ नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित “डिजिटल एक्सीलेंस” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवंत मान सरकार आपके द्वार” योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है। पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए विशेष सारंगल ने कहा, “हम इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेंगे। पंजाब की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में सेवा वितरण को और अधिक सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को एकीकृत किया जाएगा। हमारा लक्ष्य आय, निवास और जाति प्रमाण-पत्र सहित सभी प्रमुख सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह पुरस्कार लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों के लिए हर सरकारी सेवा को एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा।”

निर्यात पर मंडराया खतरा: पंजाब के बासमती कारोबारियों को भारी नुकसान की आशंका

चंडीगढ़ भारत से बासमती यूरोपीय संघ, तुर्की और यूके को भी भेजा जाता है। ईरान की बंदरगाह का अफगानिस्तान भी इस्तेमाल करता है जिस कारण वहां के लिए भी बासमती के निर्यात पर असर पड़ेगा। ईरान संकट के बीच पंजाब में बासमती निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि युद्ध के हालात के बीच बासमती के निर्यात पर संकट के बादल छा गए हैं। ईरान व बाकी देशों से 10 लाख टन बासमती के आर्डर हैं जिसमें से अकेले पंजाब से ही तीन लाख टन बासमती का निर्यात लटक गया है। बासमती निर्यातकों का कहना है कि अगर स्थिति सामान्य जल्द न हुई तो घरेलू बाजार में बासमती के दाम गिर जाएंगे जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिका-इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है जहां से बासमती का निर्यात होता है। यह सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों को भी निर्यात के लिए जोड़ता है लेकिन अब इसके बंद होने से गुजरात और ईरान बंदरगाह पर ही माल अटका हुआ है। इससे बासमती के खराब होने का भी डर है। देश से हर साल 20 लाख टन का निर्यात होता है जिसमें से 25 प्रतिशत कुल बासमती का निर्यात ईरान को होता है जबकि 20 प्रतिशत निर्यात इराक को होता है। अकेले पंजाब की निर्यात में 25 से 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसमें से भी सबसे ज्यादा निर्यात ईरान को होता है। बाकी मध्य पूर्वी देशों को भी निर्यात किया जाता है। दोनों बंदरगाह और मिलों में पड़ा बासमती पंजाब बासमती मिलर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन के वित्त सचिव नरेश गोयल ने बताया कि मौजूदा हालात के कारण दोनों बंदरगाह पर पंजाब का बासमती अटक गया है। इसके अलावा मिलों में भी भारी मात्रा में बासमती पड़ा है। अगर जल्द निर्यात शुरू न हुआ तो इसके खराब होने का भी डर है। अदायगी भी रुकने से निर्यातकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह के हालात बने हैं उससे यह जल्द सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहे हैं जिससे आगे संकट और गहरा सकता है। आगे ऑर्डर देने से डर रहे व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान बाल कृष्ण बाली ने बताया कि रोज औसत 10 हजार टन बासमती का निर्यात अकेले पंजाब से ही होता है लेकिन मौजूदा हालात में अब ईरान में व्यापारी आगे ऑर्डर देने से डर रहे हैं। वह लगातार उनके संपर्क में हैं लेकिन पोर्ट बंद होने से फिलहाल वह पहले से फंसे माल की अनलोडिंग नहीं कर पा रहे हैं। पिछले साल भी उनके 2 हजार करोड़ रुपये फंस गए थे और अब दोबारा हालात पहले से भी अधिक खराब हो गए हैं। आगे गेहूं की खरीद भी शुरू होनी है लेकिन पहले ही मिलों में चावल का भंडारण किया हुआ है। इससे आगे स्टोरेज संकट का भी सामना करना पड़ सकता है क्योंकि गेहूं के लिए सरकार जगह बनाने की तैयारी कर रही थी।  

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ब्रेक: अमृतसर से खाड़ी रूट ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

अमृतसर (पंजाब) एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय एयर-स्पेस की स्थिति सामान्य होने तक संचालन अनिश्चित बना रह सकता है। हालांकि घरेलू उड़ानों का संचालन सामान्य बताया गया है, लेकिन कुछ सेवाओं में देरी दर्ज की गई। अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से संचालित खाड़ी देशों की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार को रद्द रहीं। मध्य-पूर्व एयर-स्पेस में जारी प्रतिबंधों के कारण दुबई, शारजाह और दोहा सेक्टर की कुल 10 उड़ानें संचालित नहीं हो सकीं। इससे विदेश जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। रद्द उड़ानों में कतर एयरवेज की दो उड़ानें दोहा से अमृतसर और अमृतसर से दोहा शामिल रहीं। इसी तरह एयर इंडिया एक्सप्रेस की चार उड़ानें—दुबई से अमृतसर, अमृतसर से शारजाह, शारजाह से अमृतसर और अमृतसर से दुबई रद्द रहीं। स्पाइसजेट की दुबई–अमृतसर तथा अमृतसर–दुबई उड़ानें भी संचालित नहीं हुईं। इसके अलावा इंडिगो की शारजाह–अमृतसर और अमृतसर–शारजाह उड़ानें प्रभावित रहीं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय एयर-स्पेस की स्थिति सामान्य होने तक संचालन अनिश्चित बना रह सकता है। हालांकि घरेलू उड़ानों का संचालन सामान्य बताया गया है, लेकिन कुछ सेवाओं में देरी दर्ज की गई। एयरलाइंस की ओर से प्रभावित यात्रियों को टिकट रिफंड या री-शेड्यूल का विकल्प दिया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से उड़ान का ताजा स्टेटस अवश्य जांच लें।

स्कूलों को उड़ाने की धमकी से दहशत: जालंधर के DAV और APJ स्कूल अलर्ट पर, पुलिस जांच तेज

जालंधर पुलिस के मुताबिक ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। मेल की तकनीकी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश किस लोकेशन और किस आईडी से भेजा गया। जानकारी के अनुसार जालंधर के एपीजे स्कूल और पुलिस डीएवी स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थानों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मेल में होली वाले दिन खून की होली और खतरनाक होली खेलने जैसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं, संदेश में ट्रेनों को भी निशाना बनाने का जिक्र होने से मामला और गंभीर हो गया है। धमकी भरा ईमेल सामने आते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। संबंधित स्कूलों में तुरंत पुलिस टीमें भेजी गईं। एहतियातन बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर निकाला गया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड भी मौके पर बुलाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। मेल की तकनीकी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश किस लोकेशन और किस आईडी से भेजा गया। शहर में एक ही दिन दो फायरिंग की घटनाओं ने पहले ही कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे में स्कूलों को मिली धमकी ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

अवैध कारोबार का खुलासा: हड्डा रोड़ी से मिला प्रतिबंधित मांस का स्टॉक, 4 आरोपी पकड़े गए

जालंधर (पंजाब) छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक टाटा वाहन (पीबी-09-0153) से 12 टीन घी और अन्य सामान बरामद किया। वाहन पर “स्व वाहन गोशाला” लिखा हुआ था और उसी के जरिए कथित तौर पर घी की सप्लाई की जा रही थी। जालंधर में थाना गोराया के अधीन पुलिस चौकी दोसांझ कलां ने कथित रूप से प्रतिबंधित पशु के मांस की चर्बी से घी तैयार कर सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामला दोसांझ कलां–कोट ग्रेवाल रोड स्थित हड्डा रोड़ी के पीछे का बताया जा रहा है, जहां अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस के अनुसार सराफा बाजार, फगवाड़ा निवासी शिकायतकर्ता हरस भल्ला ने सूचना दी थी कि उक्त स्थान पर मांस की बिक्री और चर्बी से घी बनाकर सप्लाई की जा रही है। शिकायत मिलते ही चौकी इंचार्ज थानेदार जंग बहादर सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक टाटा वाहन (पीबी-09-0153) से 12 टीन घी और अन्य सामान बरामद किया। वाहन पर “स्व वाहन गोशाला” लिखा हुआ था और उसी के जरिए कथित तौर पर घी की सप्लाई की जा रही थी। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार चंद उर्फ बलवान (कोट ग्रेवाल), सुलेमान उर्फ सुल्तान (जिला मुजफ्फरपुर, बिहार), अमजद (जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और बलाल (जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का खुलासा किया जा सके।