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महिला आयोग ने SI भूषण कुमार के खिलाफ की जांच शुरू, थाने में महिला से बातचीत का CCTV मांगा

जालंधर जालंधर के थाना फिल्लौर के निलंबित सब इंस्पेक्टर भूषण कुमार को पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने कहा… शर्म आनी चाहिए आपको। जिस बच्ची से दुष्कर्म हुआ, वह आपकी पोती की उम्र की है।  महिला आयोग की चेयरपर्सन ने सब इंस्पेक्टर भूषण कुमार को फटकार लगाई और कहा कि जो वीडियो आपने सोशल मीडिया पर अपलोड किया है उस मामले में मैं इन्क्वायरी मार्क कर रही हूं। थाने में महिला के साथ हुई बातचीत का सीसीटीवी फुटेज भी चाहिए। महिला आयोग की चेयरपर्सन ने पूर्व थानेदार भूषण को कहा कि पीड़िता 14 साल की है और आप इससे किस तरह की शब्दावली में बात कर रहे हो। इसका क्या मतलब है। यह तुम्हारी पोती की उम्र की है। क्या इस तरीके से बात होती है। सब इंस्पेक्टर भूषण ने बात को घुमाने की कोशिश की लेकिन चेयरपर्सन राज लाली गिल ने कहा कि मैंने आपकी पूरी रिकॉर्डिंग सुनी है। आप जिस तरह से महिला को बुला रहे हैं… आपको ऐसी बातें शोभा देती हैं? आप हंस-हंसकर बातें कर रहे हो। क्या आपका यह हक बनता है। यूनिफॉर्म में हो आप। रिस्पांसिबल हो। वीडियो और ऑडियो में आपकी आवाज है। एक तो बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ और उसकी मां का शोषण कर रहे हो।  महिला आयोग की चेयरपर्सन ने पूछा कि जब महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वहां पर अन्य लोग क्यों नहीं थे? महिला पुलिस क्यों नहीं थी? परिवार के दूसरे लोगों को कमरे में क्यों नहीं बुलाया गया। कमरे में क्या बातें हुईं हैं, मैं उनको भी सुनूंगी। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार के बस टेंडर रोकने के बाद रोडवेज यूनियन ने टाला चक्का जाम, हड़ताल 31 अक्टूबर तक स्थगित

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन का चक्का जाम प्रदर्शन फिलहाल टाल दिया गया है। कर्मचारियों ने डिपो परिसर में हुई मीटिंग के बाद फैसला लिया कि सरकार द्वारा बस टेंडर प्रक्रिया को फिलहाल पोस्टपोन किए जाने के बाद वे भी 31अक्टूबर तक किया स्थगित।  यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर 31 तारीख तक सरकार ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला तो गुप्त तरीके से एक्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार बिना पूर्व सूचना के जहां बसें होंगी, वहीं रोक दी जाएंगी और अचानक हाईवे जाम कर दिए जाएंगे। इससे पहले अमृतसर में चक्का जाम के दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई थी। कर्मचारी हाईवे पर उतरकर नारेबाजी कर रहे थे और कई प्रदर्शनकारियों ने बसों के नीचे लेटकर विरोध जताया था। वहीं जालंधर में आंदोलन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने डिपो को घेरकर कर्मचारियों को बाहर जाने से रोक दिया था। इसके विरोध में कर्मचारियों ने अंदर ही धरना शुरू कर दिया था। चंडीगढ़ में सरकार और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। जबकि लुधियाना और अमृतसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

सड़कें बंद, हाईवे जाम: पंजाब में लोगों को आएगा घर-से-कार्यालय तक सफर मुश्किल

चंडीगढ़/जालंधर भाई दूज के दिन पंजाब में एक बार फिर सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव के हालात बन गए हैं। दरअसल, पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने आज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के रूप में दोपहर 12 बजे नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया है। सूत्रों के मुताबिक, जाम की चेतावनी को देखते हुए पंजाब पुलिस ने रोडवेज डिपो नंबर 1 समेत कई स्थानों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में इस मुद्दे को लेकर उच्च स्तरीय बैठक जारी है, और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे बैठक के नतीजे तक इंतजार करें। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि दोपहर 12 बजे तक सरकार की तरफ से कोई ठोस फैसला या मीटिंग का परिणाम सामने नहीं आया, तो वे अपने ऐलान के मुताबिक नेशनल हाईवे जाम करके जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, प्रशासन को आशंका है कि हाईवे जाम होने से ट्रैफिक प्रभावित होगा और आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

पूर्व DGP मुस्तफा का बयान, SIT को जवाब देने का आश्वासन; 25 तारीख को बेटे के लिए अंतिम दुआ

चंडीगढ़   सहारनपुर के चिलकाना के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत के बाद कहा कि उन्हें एक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था, जिसे उनके विरोधी ढाल बनाकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे।  पूर्व डीजीपी ने गांव में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे अकील अख्तर ने आत्महत्या से पहले जारी एक वीडियो में जो आरोप लगाए हैं वह गलत है। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कहा कि उनका बेटा पिछले 18 वर्ष से नशे की लत और मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था। उसे कई बार कॉलेजों से निकाला गया था। कई बार वह अपनी पत्नी से भी मारपीट कर चुका था। इस बीच मोहम्मद मुस्तफा ने  बातचीत में कहा कि 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी। उधर, इस मामले में शिकायत देने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि उन्हें पंचकूला SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। CBI जांच होनी चाहिए। खुद को अकील का दोस्त बताने वाले शमशुद्दीन ने कहा कि पंचकूला पुलिस घटना के 5 दिन बाद भी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में नहीं ले पाई। आरोपी परिवार अपने घर में है और वह सबूत नष्ट कर सकता है, पुलिस इसकी चिंता नहीं कर रही। 'बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था' इतना ही नहीं उसने नशे की हालत में घर में आग भी लगा दी थी, जिसे बुझाने में कुछ लोग झुलस भी गए थे। उन्होंने कहा कि बेटे ने नशे की हालत में ही वीडियो बनाया था। इसमें उसने परिजनों पर अनेक आरोप लगाए थे, हालांकि वह सभी आरोप गलत थे।     'बेटा साइको था, उसका इलाज चल रहा था' बेटे ने कुछ दिन बाद एक और वीडियो बनाया था, जिसमें उसने पहले की वीडियो को गलत बताया था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा साइको था, जिसका इलाज चल रहा था। परिवार को बदनाम करने का प्रयास पूर्व डीजीपी ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा देश के दुश्मनों से मुकाबला करते रहे हैं और इस बार भी वह इस मुकाबले में अवश्य जीतेंगे।  एसआईटी की जांच में सब साफ होगा षड्यंत्र रचने वालों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी की जांच में सब साफ हो जाएगा। सभी को प्यारा होता है अपना बच्चा पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि अपना बच्चा सभी को को प्यारा होता है। अगर वह कोई गलत काम भी कर देता है, तब भी मां-बाप उसे प्यार ही करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके कॅरिअर को तबाह करना चाहते हैं। उनका बेटा पिछले 18 साल से बाइकोटिक था।  किन बिंदुओं पर जांच कर रही SIT…     लैब में होगी मोबाइल की जांच: SIT अकील अख्तर के उस मोबाइल को अपने कब्जे में लेगी, जिससे दोनों वीडियो बनाए गए। इसे जांच के लिए लैब भेजकर पता लगवाया जाएगा कि मोबाइल फोन का कितना डाटा कब-कब डिलीट हुआ?     विसरा रिपोर्ट के लिए सवाल तैयार: अकील अख्तर की प्रिलिमनरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन विसरा रिपोर्ट अभी नहीं आई। SIT ने सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की है, इन पर विसरा जांच करने वाले टॉक्सिकोलॉजी विभाग के एक्सपर्ट से जवाब लिए जांएगे।     सोशल मीडिया अकाउंट की जांच: SIT अकील अख्तर के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है। इस दौरान अकील का बिहेवियर समझने के साथ दूसरी चीजें नोट करने का काम चल रहा है। अकील के सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी वीडियो की तलाश की जा रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद का कहीं कोई जिक्र आया हो। शमशुद्दीन चौधरी ने 3 प्वाइंट में दिया जवाब… 1. वोटर लिस्ट दिखाई, जिसमें वह मुस्तफा के पड़ोसी पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस केस के शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी की नीयत पर कई सवाल उठाए थे। मुस्तफा ने कहा था कि शमशुद्दीन मलेरकोटला में उनका पड़ोसी भी नहीं है। इन आरोपों का जवाब देते हुए शमशुद्दीन ने कहा- वह कहते हैं कि मैं उनका पड़ोसी नहीं रहा और वह खुद को अमरगढ़ का रहने वाला बताते हैं। तो फिर उनका वोट हमारे पुराने मोहल्ले खडिगा में अब तक कैसे है? इसके साथ शमशुद्दीन ने वोटर लिस्ट का एक पेज भी मीडिया से शेयर किया। 2. किसी केस में सिफारिश के लिए नहीं मिला शमशुद्दीन ने कहा- मेरे बारे में कहा गया कि मैं किसी केस में सिफारिश के लिए उनसे (मुस्तफा से) मिला था। मैं दावे से कह रहा हूं कि मुझ पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं है। अगर है तो मुस्तफा उस FIR की कॉपी पेश करें। मेरी मोहम्मद मुस्तफा से जानकारी 2017 में हुई थी, जब उन्होंने मुझसे चुनाव में मदद मांगी थी। मैंने खराब व्यवहार के कारण उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। 3. अकील के दिमागी इलाज के दावे पर संदेह शिकायतकर्ता ने कहा- मुस्तफा कह रहे हैं कि उनके बेटे अकील की दिमागी हालात ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। सच ये है कि एक कोर्ट केस में इनका (मुस्तफा का) समन 2022 में बेटे अकील ने ही रिसीव किया है। तो फिर क्या कोर्ट के सामने इन्होंने गुमराह करने वाला काम किया ? शमशुद्दीन चौधरी की 2 नई मांगें…     शमशुद्दीन चौधरी ने कहा– मुझे अब पंचकूला पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। केस के आरोपी सरेआम टीवी डिबेट में बैठकर मुझे धमकी दे रहे हैं और कत्ल का इल्जाम होने के बावजूद खुले घूम रहे हैं। ऐसे में अब केस की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए।     उन्होंने … Read more

केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लुधियाना रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण, यात्रियों को दिया भरोसा- गाड़ियां समय पर मिलेंगी

लुधियाना  पंजाब से छठ पूजा के मौके पर बिहार जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने लुधियाना रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे अफसरों और यात्रियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण।  रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू आज (22 अक्टूबर) को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे. इस मौके पर छठ पूजा पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए उन्होंने यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील की है कि रेलवे के पास ट्रेनों की कमी नहीं है बहुत सारी स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है. उन्होंने कहा कि अगर फिर भी ट्रेनों की संख्या कम होती है तो हम और भी संख्या बढ़ा देंगे. साथ ही उन्होंने मंगलवार (21 अक्टूबर) को चली खबर को लेकर मीडिया और लोगों से हाथ जोड़कर अपील की है कि यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन के पास ट्रेन की कमी नहीं है, बस यात्री धैर्य बनाए रखें.  छठ पूजा को लेकर स्टेशन पर भारी भीड़ छठ पूजा को लेकर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ नजर आ रही है. कल भारी भीड़ के चलते यात्री ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में खिड़कियों से ट्रेन में घुसने की कोशिश करते नजर आए. कई यात्री डिब्बे की सीढ़ियों पर बैठने पर मजबूर हुए तो कईं खिड़कियों से लटककर यात्रा करने पर मजबूर हुए और कई यात्री जिन्होंने रिजर्वेशन करा रखी थी, भीड़ के कारण उनकी ट्रेन छूट गई.  खबर के बाद बुधवार (22 अक्टूबर) को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के कहने पर रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू अंबाला पहुंचे. इस दौरान उन्होंने यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन के पास ट्रेनों की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि समस्या वहां आ रही है जहां जल्दबाजी हो रही है. बिट्‌टू ने सबसे पहले अफसरों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, होल्डिंग एरिया और टिकट काउंटरों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इसके बाद जनता के बीच जाकर यात्रियों से संवाद किया। यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा की हिदायत बिट्‌टू ने यात्रियों से कहा कि वे ट्रेन के बाथरूम, टॉयलेट या दरवाजों पर बैठकर यात्रा न करें। रेलवे के पास सभी ट्रेनों की बुकिंग और वेटिंग लिस्ट का डेटा उपलब्ध है, और इसी के अनुसार अतिरिक्त गाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और मंत्रालय पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। स्पेशल ट्रेनें और होल्डिंग एरिया उन्होंने कहा कि पंजाब से लगभग 170 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए लुधियाना समेत अन्य स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि ट्रेन आने पर किसी तरह की भीड़ या भगदड़ न हो। यात्रियों को संपर्क करने की सलाह बिट्‌टू ने कहा कि यदि किसी यात्री को यात्रा के दौरान कोई संदेह या समस्या दिखे, तो वह अधिकारियों या कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि संदिग्ध वस्तु या स्थिति की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

अमृतसर DC साक्षी साहनी को नई पोस्ट, पंजाब सरकार ने किया प्रशासनिक बदलाव का ऐलान

चंडीगढ़/लुधियाना  पंजाब में एक बार फिर तबादलों का दोर शुरू हो गया है, जिसके तहत दिवाली से अगले ही दिन 3 डीसी बदल दिए गए हैं। हालांकि काफी दिनों से आला अधिकारियों के ट्रांसफ़र की अटकलें लगाई जा रही थी  लेकिन पहले बाढ़ के दोरान बचाव कार्यों और फिर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफ़र लिस्ट जारी करने मे देरी होने की बात कही गई । अब दिवाली से अगले ही दिन माझा बेल्ट के 3 डीसी बदल दिए गए, जिनमें अमृतसर की डीसी साक्षी साहनी का नाम भी शामिल है। जिनके द्वारा बाढ़ के दोरान ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर किए गए बचाव कार्यों के लिए लोगों के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से भी सार्वजनिक तोर पर तारीफ की गई थी। अब साक्षी साहनी को ग्रेटर मोहाली डिवेलपमेंट अथारिटी की मुख्य प्रशासक लगाया गया है और उनकी जगह अमृतसर के डीसी के रूप में दलविन्द्र जीत सिंह को लगाया गया है।    दलविन्द्र जीत सिंह इससे पहले डीसी गुरदासपुर थे और अब पठानकोट के डीसी आदित्य उप्पल को गुरदासपुर का डीसी लगाया गया है,  जिनकी जगह पर आईएएस अधिकारी पल्लवी पठानकोट की नई डीसी होंगी, जिन्हें नगर निगम कमिश्नर का चार्ज भी दिया गया है। 

बिना रोक-टोक खनन, सरकारी खजाने की सेंध माफियाओं ने लगाई

गढ़शंकर गढ़शंकर के बीत क्षेत्र के गांव कोकोवाल मजारी के जंगल की खड्डों में अवैध माइनिंग जारी है। बरसात से पहले खनन माफिया ने हजारों टिप्पर पत्थरों का अवैध खनन किया था। अब बरसात के बाद यह माफिया एक बार फिर से सक्रिय हो गया है और वह जंगलात विभाग की कड़ी धाराओं वाले इलाके में सरेआम अवैध माइनिंग कर रहे हैं। अब जबकि बरसात खत्म हो चुका है, बीत इलाके के कोकोवाल मजारी गांव के जंगल में माइनिंग माफिया पिछले 3 दिनों से अवैध खनन में व्यस्त हैं। जे.सी.बी. की मदद से वे जंगल में बीस से तीस फीट गहरी खुदाई कर रहे हैं और उसे टिप्परों में भर कर स्टोन क्रशर तक ले जा रहे हैं। एक तरफ पंजाब सरकार ने माइनिंग पर सख्त पाबंदी लगा रखी है, लेकिन इसके बावजूद यहां प्रशासन से मिलीभगत कर खुलेआम अवैध माइनिंग की जा रही है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। गढ़शंकर का कोकोवाल मजारी जंगल श्री आनंदपुर साहिब निर्वाचन क्षेत्र के भंगला गांव और हिमाचल प्रदेश के बाथरी गांव की सीमा से सटा है, नतीजतन, खनन माफिया इन सीमाओं का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करते हैं, जबकि दोनों तरफ के संबंधित विभाग यह दावा करके अपनी कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश करते हैं कि खनन एक-दूसरे की सीमा के भीतर हुआ है कह कर अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ लेते हैं। जमीन बचाओ, गांव बचाओ कमेटी के सदस्य कामरेड कुलभूषण कुमार, कामरेड रविंदर नीटा, रामजी दास चौहान, कामरेड दविंदर और कुलदीप कुमार दीपा ने अवैध खनन के बारे में आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है और उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की निशानदेही की जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा वे संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि वन विभाग के सख्त प्रावधानों के बावजूद जंगल में अवैध माइनिंग हो रहा है यह लोगों के लिए हैरानी की बात है। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति जंगलों में से माइनिंग करते पकड़ा जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाती है, लेकिन माइनिंग माफिया पर विभाग की मेहरबानी से लोगों में गुस्सा है। इस संबंध में जब डी.एफ.ओ. हरभजन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिस इलाके में खनन हो रहा है वह श्री आनंदपुर साहिब जिले में आता है। फिर भी हम इसकी जांच करेंगे। अगर यह गढ़शंकर इलाके में हो रहा है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

AAP की महिला नेता पर पूर्व कांग्रेस सरपंच ने की गोलीबारी, सुरक्षा में बढ़ाया गया चौकसी

तरनतारन दीवाली की रात गांव धगाणा में उस समय सनसनी फैल गई जब पूर्व कांग्रेसी सरपंच सुखविंदर सिंह (पुत्र साहिब सिंह) ने अपने पड़ोस में रहने वाली आम आदमी पार्टी की मौजूदा पंचायत सदस्य मनदीप कौर (पत्नी जतिंदर सिंह) पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल मनदीप कौर को सरकारी अस्पताल पट्टी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डी.एस.पी. भट्टी लवकेश सैनी ने बताया कि दीवाली की रात सुखविंदर सिंह अपने ट्रैक्टर पर तेज़ आवाज़ में डीजे की तरह गाने चला रहा था, जिसका विरोध जतिंदर सिंह और उसके परिवार ने किया। इसी दौरान गुस्से में आकर सुखविंदर सिंह ने 12 बोर की राइफल से फायरिंग की, जिसमें गोली जतिंदर सिंह की पत्नी मनदीप कौर को जा लगी। खून से लथपथ हालत में मनदीप कौर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में सुखविंदर सिंह और उसके भाई लखविंदर सिंह (पुत्र साहिब सिंह) के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भ्रष्टाचार पर फिर बरसे सीएम मान, बोले— अब नहीं चलेगा किसी का ‘राजनीतिक रसूख’

चंडीगढ़ भ्रष्टाचार के प्रति अपनी सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि पुलिस उप महानिरीक्षक (रोपड़ रेंज) हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया गया है। भुल्लर को हाल में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। भुल्लर को एक अन्य व्यक्ति के साथ आठ लाख रुपये की रिश्वतखोरी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली टिप्पणी में मान ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन राज्य सरकार के मूल में है, जो पिछले चार वर्षों में उसके कार्यों के माध्यम से लगातार प्रदर्शित हुआ है। मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है जिसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मान ने कहा कि इसी नीति के तहत, भ्रष्टाचार के आरोप में हाल में एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। मान ने कहा कि पुलिस उपमहानिरीक्षक को 16 अक्टूबर से निलंबित माना जाएगा। उन्होंने दोहराया कि समाज के खिलाफ इस गंभीर अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी अधिकारी या नेता को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट गतिविधियों में किसी भी तरह की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

अकील डेथ मिस्ट्री में नया मोड़: पूर्व DGP के बेटे ने वीडियो में खुद दी सफाई

 पंचकूला पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, मृतक की पत्नी और बहन के खिलाफ एमडीसी थाना पंचकूला में हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई 16 अक्तूबर की रात मोहम्मद मुस्तफा अकील अख्तर की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में मलेरकोटला निवासी शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता शमसुद्दीन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को शिकायत दी थी। आरोप लगाया गया कि अकील की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि इसके पीछे साजिश हो सकती है। शिकायत में कहा गया है कि अकील ने मौत से पहले 27 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने अपने परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए थे और उनसे जान का खतरा बताया था।   शिकायत में सोशल मीडिया वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की मांग की गई थी। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि बीती 16 अक्तूबर को सेक्टर-4 एमडीसी निवासी अकील अख्तर घर में मृत पाए गए थे। उस समय परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी।    पहले वीडियो में  निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। बाद में सोशल मीडिया पर मृतक के वीडियो पोस्ट वायरल हुए, जिनमें उन्होंने निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम एसआईटी गठित की गई।   डीसीपी बोलीं- जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी, दोषी नहीं बच सकेगा डीसीपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और सबूत आधारित जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। इसकी निगरानी एसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे। यह टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी जिसमें मृतक के डिजिटल उपकरण, सोशल मीडिया रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।   अकील का एक और वीडियो…परिवार को दी क्लीन चिट पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर का एक और नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने उसके मौत से जुड़े मामले को नया मोड़ दे दिया है। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में अकील अख्तर ने परिवार के सदस्यों को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उसने पहले जो भी आरोप लगाए थे, वो उसकी खराब मानसिक और शारीरिक स्थिति के कारण लगाए गए थे।   वीडियो में अकील कहता है कि पिता मोहम्मद मुस्तफा, मां, पत्नी और बहन ने उसकी बीमारी के दौरान पूरी देखभाल की। मेरे परिवार वालों ने मेरा बहुत ध्यान रखा, मैंने पहले जो भी बातें कही थीं, वो मेरी तबीयत खराब होने के कारण कही गई थी और उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था।’ अकील अख्तर बहन का जिक्र करते हुए कहता है कि वह उसका बहुत ख्याल रखती थी।   बेटे की हत्या में पूर्व डीजीपी और परिजनों पर हुए केस से पैतृक गांव के लोग भौचक्के सहारनपुर केचिलकाना इलाके के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा होने से उनके पैतृक गांव में लोग भौचक्के हैं। तरह-तरह की चर्चाएं ग्रामीण कर रहे हैं। पूर्व डीजीपी, उनकी पत्नी, पुत्रवधू तथा बेटी के खिलाफ पंजाब के मलेरकोटला में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है।   बता दें कि पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बेटे अकील की 16 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मलेरकोटला में मौत हो गई थी। इसके अगले दिन अकील के शव को पैतृक गांव हरडाखेड़ी में लाकर सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था। इसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए थे। अकील हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे तथा उनका एक बेटा और एक बेटी हैं। अकील की मौत से पहले उनके और परिवार के बीच लगातार तनाव चल रहा था। थाना मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में अकील के पिता पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, माता पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना, बहन तथा पत्नी के खिलाफ हत्या एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।  पूर्व डीजीपी के बेटे अकील अख्तर इस महीने की शुरुआत में पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय, पुलिस को किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला और उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। इसके तुरंत बाद अकील का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, इस मामले ने तब नाटकीय मोड़ आया, जब अकील की मौत से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद, मलेरकोटला के रहने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई। फिर पंचकूला पुलिस ने मुस्तफा, उसकी पत्नी और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। डीसीपी ने क्या बताया? पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा, “हमें एक शिकायत मिली थी और उसके आधार पर, हमने अब हत्या और साजिश की धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज की है। मृतक के पिता, माता, बहन और पत्नी सहित परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर संदेह व्यक्त किया है। मृतक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह कह रहा है कि अगर वह मृत पाया गया था, तो एक डायरी में बयान दर्ज है और क्या उसे जहर दिया गया था। हमने इन सभी बातों को अपनी जांच में शामिल किया है ताकि इस मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच हो सके। हमने तुरंत एक एसीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है।”   गांव के रसूखदार परिवार के साथ घटे इस तरह के घटनाक्रम को लेकर गांव की चौपालों और नुक्कड़ों पर लोग तरह तरह की बात कर रहे हैं। हालांकि मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण कोई भी खुलकर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।   पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना चार वर्ष पहले पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री बनी थी। रजिया सुल्तान ब्लॉक सरसावा की प्रमुख भी … Read more