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Punjab Flood Alert: अमृतसर और गुरदासपुर में बाढ़ से निपटने की तैयारी, प्रशासन अलर्ट मोड पर

अमृतसर अमृतसर और गुरदासपुर में पिछले वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जल संसाधन विभाग धर्मकोट घोनेवाल कॉम्प्लेक्स ने रावी नदी में बड़े स्तर पर डी-सिल्टिंग अभियान शुरू कर दिया है।पिछले वर्ष मानसून के दौरान रावी नदी ने भारी तबाही मचाई थी। जिले में 23 स्थानों पर तटबंध टूट गए थे, जिससे अमृतसर जिले के 198 गांव सीधे प्रभावित हुए। इस भीषण बाढ़ में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 59,793 एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। इसके अलावा 307 पशुओं की भी जान चली गई। 1,825 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ केवल धर्मकोट घोनेवाल कॉम्प्लेक्स में ही तटबंध छह स्थानों पर टूट गया था। सरकार के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 के दौरान सतलुज, ब्यास और रावी नदी प्रणालियों में आई बाढ़ से 86 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हुई। इससे करीब 1,825 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। जल वहन क्षमता काफी कम बाढ़ के बाद हुए वैज्ञानिक सर्वेक्षण में पाया गया कि नदी में अत्यधिक गाद और मलबा जमा होने से उसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है और जल वहन क्षमता काफी कम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेडिमेंट प्रबंधन ढांचे के दिशा-निर्देशों के तहत विस्तृत परियोजना तैयार की गई और संयुक्त स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी से इसकी मंजूरी ली गई। डिजिटल निगरानी में डी-सिल्टिंग अभियान जारी डी-सिल्टिंग का पूरा कार्य डिजिटल जियो-फेंसिंग और कड़ी निगरानी में किया जा रहा है। निकाली गई गाद को सुरक्षित स्थानों पर जमा किया जा रहा है, जिसका उपयोग संवेदनशील तटबंधों को मजबूत करने, रेत की बोरियां भरने व आपातकालीन बाढ़ सुरक्षा उपायों में किया जाएगा। जल संसाधन विभाग का कहना है कि मानसून के चरम दौर से पहले रावी नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह बहाल करने और अमृतसर व गुरदासपुर के लोगों की जान-माल, फसलों व आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान तेजी से जारी रहेगा।  

Ludhiana MC Transfer: इंजीनियरिंग विंग में बड़ा फेरबदल, किरनजीत को मिला 15 वार्डों का प्रभार

लुधियाना. महानगर में प्रबंधकीय और जनहित कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से नगर निगम लुधियाना में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कमिश्नर की मंजूरी के बाद नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर (ए) द्वारा इंजीनियरिंग विंग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, एस.डी.ओ. (SDO) और जे.ई. (JE) स्तर के कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और नए वर्क असाइनमेंट के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से पूरी तरह से लागू मान लिए गए हैं। जारी किए गए आधिकारिक आदेश पत्र (नंबर: 371/JC(A) तिथि 04.07.2026 और डायरी नंबर 263/M.O तिथि 06-7-2026) के अनुसार, इंजीनियरिंग विंग के निम्नलिखित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं: किरनजीत सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें वार्ड नंबर 9, 10, 30, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 83, 84 और 85 का भारी-भरकम प्रभार (चार्ज) सौंपा गया है। अवतार सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 की जिम्मेदारी दी गई है। मनविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ 'हॉट मिक्स प्लांट' का अतिरिक्त प्रभार (चार्ज) भी संभालना होगा। बलविंदर सिंह (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-4 में तैनात किया गया है। अंकुश गोगना (एस.डी.ओ.-बी.एंड.आर. – आउटसोर्स): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ वार्ड नंबर 61 का चार्ज भी दिया गया है। अंकुश शर्मा (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें अपने मौजूदा काम के साथ-साथ सब-जोन-बी-4 का कार्यभार देखना होगा। भूपिंदर सिंह (जे.ई.-बी.एंड.आर.): इन्हें सब-जोन-बी-2 का काम अलॉट किया गया है। अधिकारियों ने यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी बिना किसी देरी के अपने नए अलॉट किए गए क्षेत्रों में काम संभालें, ताकि शहर के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। नगर निगम के इस अचानक हुए फेरबदल के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

किडनैपिंग समझ मचा हड़कंप, लुधियाना पुलिस की जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच- बच्चे का पिता निकला युवक

लुधियाना. जिले जगराओं रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया, जब एक मासूम बच्चे का चॉकलेट के लिए रोना उसके पिता के लिए बहुत बड़ी आफत बन गया। बच्चे को रोता-चिल्लाता देख स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बिना सोचे-समझे व्यक्ति को बच्चा चोर समझ लिया और अपहरण का शोर मचा दिया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने बेबस पिता की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दीं। अफवाह आग की तरह फैलने के बाद रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को हिरासत में ले लिया लेकिन दो घंटे की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान करके रख दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-पैनिक ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब एक व्यक्ति अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म की तरफ तेजी से दौड़ रहा था। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और छूटने ही वाली थी। इसी जल्दबाजी के बीच बच्चा रास्ते में चॉकलेट खाने की जिद पर अड़ गया। जब पिता ने ट्रेन छूटने के डर से चॉकलेट नहीं दिलाई, तो बच्चा जोर-जोर से रोने और पैर पटकने लगा। एक तरफ पिता की तेज भागने की छटपटाहट और दूसरी तरफ बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के यात्रियों को शक हो गया कि यह व्यक्ति कोई अनजान किडनैपर है जो बच्चे को जबरन उठा कर भाग रहा है। यात्रियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर मुस्तैद जी.आर.पी. के जवानों ने दौड़कर उस व्यक्ति को दबोच लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई फेक न्यूज, पुलिस में मची अफरा-तफरी हंगामे के दौरान कुछ स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने जिम्मेदारी दिखाने की बजाय बिना सच जाने उस बेबस पिता की तस्वीरें खींच लीं और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुप्स में ‘जगराओं स्टेशन से बच्चा चोर पकड़ा गया’ लिखकर वायरल कर दिया। इस फेक न्यूज के डिजिटल दुनिया में फैलते ही यात्रियों, स्थानीय लोगों और रेलवे पुलिस महकमे के उचाधिकारियों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। 2 घंटे खंगाले दस्तावेज, तब टली आफत रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पुलिस टीम दोनों को चौकी लेकर आई और करीब 2 घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े हर दस्तावेज, आई.डी. प्रूफ और पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। पूछताछ और पहचान पत्रों के मिलान के बाद 100 फीसदी साफ हो गया कि व्यक्ति कोई किडनैपर नहीं, बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही है। तथ्यों की पुष्टि होने और जनता की गलतफहमी दूर होने के बाद रेलवे पुलिस ने राहत की सांस ली और पिता-पुत्र को सम्मानपूर्वक अगली ट्रेन से फिरोजपुर के लिए रवाना किया।

पंजाब नगर निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 95 में 56 वार्डों पर जीत, विपक्ष को बड़ा झटका

चंडीगढ़  पंजाब में चार नगर निकायों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आए इन चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 में से 56 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक बढ़त कायम रखी है। इससे पहले हुए निकाय चुनावों में भी आप ने बेहतर प्रदर्शन किया था और इस बार भी पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखा। इन चुनावों के लिए पांच जुलाई को होशियारपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले के चार निकायों के कुल 95 वार्डों में मतदान हुआ था। इनमें होशियारपुर नगर निगम की 50 सीटों, जलालाबाद नगर परिषद की 17 सीटों, गुरुहरसहाय नगर परिषद की 15 सीटों और ममदोट नगर पंचायत की 13 सीटों के लिए मतदान कराया गया। घोषित परिणामों के अनुसार, चारों निकायों में आम आदमी पार्टी ने कुल 56 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में सात सीटें आईं। भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। यहां 50 वार्डों में से 35 पर पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने नौ सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को तीन सीटों पर सफलता मिली। तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।फाजिल्का के जलालाबाद नगर परिषद चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी। यहां 17 में से 12 सीटों पर आप ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को चार सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल एक सीट जीतने में सफल रहा। इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि कुल 11 उम्मीदवार पहले ही सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित हो चुके थे। इसके बाद शेष वार्डों के लिए मतदान कराया गया।विधानसभा चुनाव से पहले आए इन निकाय चुनाव परिणामों को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।चुनाव नतीजों ने एक बार फिर राज्य की स्थानीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की मजबूत पकड़ साबित की है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को सीमित सफलता से संतोष करना पड़ा।  अकाली दल का नहीं खुला खाता  नगर निगम होशियारपुर के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए निगम पर कब्जा कर लिया है। पचास सीटों में से आप ने 35 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस नौ सीटें जीतने में कामयाब हुई है। भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। तीन वार्डों में आजाद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। निगम चुनावों में अकाली दल बादल का खाता नहीं खुला है। वहीं बसपा भी जीत का स्वाद नहीं चख पाई। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से करवाए गए चुनाव में आप 50, कांग्रेस 50, भाजपा 44, शिरोमणि अकाली दल बादल 36 और बसपा ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। नगर निगम में बहुमत के लिए 26 सीटों की जरूरत थी। आप के खाते में 35 सीटें आई हैं। निगम में आम आदमी पार्टी का ही मेयर बनेगा। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस रहेगी। पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 34 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा पिछले निगम चुनाव में चार सीटें जीती थी। इस बार उसके खाते में तीन सीटें आई थीं। भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। आप ने पिछले चुनाव में सिर्फ दो सीटें जीती थीं। इस चुनाव में आप को 33 सीटों का फायदा हुआ है। आप विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता ने आप सरकार के विकास कार्यों पर मोहर लगाई है। निगम में आप का मेयर बनेगा। विकास कार्यों में और ज्यादा तेजी लाई जाएगी। सुखबीर बादल के गढ़ जलालाबाद में भी ‘आप’ की बड़ी जीत आम आदमी पार्टी ने जलालाबाद नगर परिषद की 17 में से 12 सीटों पर भी जीत हासिल की है. पार्टी ने ‘X’ पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का गढ़ माना जाता था।  बदला राजनीतिक समीकरण सुखबीर सिंह बादल ने 2017 के विधानसभा चुनावों में जलालाबाद सीट पर भगवंत मान को हराया था. इसके बाद 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी के नेता जगदीप कंबोज ने एसएडी प्रमुख को 30,930 वोटों के अंतर से हराने में कामयाबी हासिल की थी. इससे पहले मई महीने में भी, आम आदमी पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। 

दिल दहला देने वाली घटना! आवारा कुत्तों ने 4 साल की बच्ची को नोचा, दर्दनाक मौत

टांडा उड़मुड़. जिले में आवारा कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। कल देर शाम गांव ओहड़पुर-बसी जलाल सम्पर्क रोड पर एक प्रवासी मजदूर की 4 साल की बच्ची को खेत में आवारा कुत्तों को नोच-नोच कर मार डाला। बच्ची की पहचान गुनगुन के तौर पर हुई है। यह दुखद हादसा शाम करीब 5.30 बजे हुआ जब ध्यानपुर (लखीमपुर खीरी) उत्तर प्रदेश के रहने वाले खेत मजदूर उक्त स्थान के पास एक किसान के खेत में धान लगा रहे थे और उनमें से राम जीवन और प्रीति को अपनी बेटी गुनगुन करीब 100 मीटर दूर एक मोटर और एक पेड़ की छांव में लेटाया हुआ था। इसी बीच, करीब 7 आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गए। बच्ची की चीखें सुनकर उसके माता-पिता और परिवार के दूसरे लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि गुनगुन गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। वे उसे टांडा के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी गंभीर हालत के कारण उसे होशियारपुर रेफर कर दिया गया, जहां उसी रात उसकी मौत हो गई। लड़की का परिवार बस्सी जलाल गांव में रहता था और धान की खेती करता था। आवारा कुत्तों के आतंक के कारण 6 मई को आवारा कुत्तों ने पास के गांव खरल खुर्द में एक प्रवासी मजदूर की बच्ची को भी नोच-नोच कर मार डाला था।

Punjab News: राखी के मद्देनज़र डाक विभाग ने रद्द की रविवार सहित सरकारी छुट्टियां, सेवाएं रहेंगी जारी

चंडीगढ़. रक्षाबंधन के मद्देनजर 15 जुलाई से 28 अगस्त तक कुछ पोस्ट ऑफिस रविवार और सरकारी छुट्टियों में भी खुले रहेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग डिपार्टमैंट की सेवाओं का लाभ उठा सकें। प्रवर अधीक्षक डाकघर होशियारपुर मंडल संदीप कुमार शोरी ने बताया कि उक्त अवधि में कुछ पोस्ट ऑफिस के एम.पी.सी.एम. काऊंटर सभी छुट्टियों और रविवार को सुबह 9 से शाम 4.30 बजे तक खुलेंगे, जहां सभी मेल, पार्सल को बुक किया जाएगा, जिसमें राखी पार्सल और आधार एनरोलमैंट एवं अपडेटेशन सेवाएं भी शामिल हैं। इस अवधि में खुले रहने वाले पोस्ट ऑफिस में होशियारपुर हैड पोस्ट ऑफिस, दसूहा, बलाचौर, गढ़शंकर, गढ़दीवाला, मुकेरियां, तलवाड़ा, उड़मुड़ पोस्ट ऑफिस शामिल हैं। सभी पोस्ट ऑफिस में पार्सल पैकेजिंग मैटीरियल, राखी बॉक्स, राखी लिफाफे और फ्लायर्स उपलब्ध हैं।

पंजाब में अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार, 15 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में अगले चार दिनों तक मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को जिला पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिनों का मौसम 7 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूरे पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 8 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 9 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूरे पंजाब में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान सड़कों पर पेड़ गिरने तथा अन्य हादसों का खतरा बना रह सकता है।

पंजाब में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अहम फैसला, बर्थ सर्टिफिकेट पर मिली राहत, नई हिदायतें लागू

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से 8वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। बोर्ड ने इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और स्कूलों को राहत देते हुए बोर्ड पोर्टल पर अब 'अंडरटेकिंग' का ऑप्शन भी शुरू कर दिया गया है। जिन विद्यार्थियों का बर्थ सर्टीफिकेट अभी तक नहीं बना है या डिजिटल नहीं है, उनके स्कूल अब अंडरटेकिंग अपलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 10 जुलाई तय है, जबकि ऑनलाइन फीस जमा करवाने के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी। बोर्ड ने सर्टिफिकेट को त्रुटि-रहित बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। खास बात यह है कि पर्टिकुलर में करेक्शन के लिए पेरेंट्स या स्कूल संचालकों को अब बोर्ड दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सात दिन के भीतर पेरेंट्स को स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से मिलना होगा और उन्हें सही जानकारी देकर करेक्शन करवा सकेंगे। PSEB के इस फैसले से सर्टिफिकेट में नाम, पिता का नाम, मां का नाम, डेथ ऑफ बर्थ में किसी तरह की गलतियां नहीं होंगे। बोर्ड के पोर्टल में स्टूडेंट के सही पर्टिकुलर एक बार अपलोड हो जाएंगे वो हमेशा के लिए दर्ज रहेंगे। इससे स्टूडेंट्स व पेरेंट्स से किसी तरह की फीस नहीं वसूली जाएगी।

पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा! मशरूम यूनिट शुरू करने पर ₹80 हजार तक की आर्थिक सहायता मिलेगी

अमृतसर  पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के प्रयासों के तहत 'राज्य योजना' के अंतर्गत मशरूम उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए अधिकतम 80,000 रुपये तक की रियायत दे रही है। बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि किसान लगभग दो लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं। इस योजना के तहत, बागवानी विभाग पात्र लाभार्थियों को 40 प्रतिशत की रियायत प्रदान करता है, और इसकी अधिकतम सीमा 80,000 रुपये तय की गई है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती के लिए तुलनात्मक रूप से कम भूमि और पानी की आवश्यकता होती है, जबकि कम निवेश में इससे आकर्षक मुनाफा मिलता है। भगत ने बताया कि एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई को लगभग 1,800 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित किया जा सकता है। इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी इस योजना का लाभ उठाना संभव हो सकेगा। योजना की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि यह इकाई लगाने के इच्छुक किसान 'राज्य योजना' के तहत आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को मशरूम की खेती सफलतापूर्वक शुरू करने में मदद करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सभी आवश्यक सहायता भी प्रदान करता है। पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि किसान लगभग 2 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं। राज्य योजना के तहत बागवानी विभाग पात्र किसानों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देता है, जिसकी अधिकतम सीमा 80,000 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती कम निवेश, कम पानी और सीमित भूमि में शुरू की जा सकती है, जबकि इसकी बाज़ार में अच्छी माँग होने के कारण किसानों को बेहतर आमदनी मिलने की संभावना रहती है। 1,800 वर्ग फुट में लग सकती है उत्पादन इकाई मोहिंदर भगत ने बताया कि एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई करीब 1,800 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित की जा सकती है। यही वजह है कि छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लंबे समय से किसानों को पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकालकर फसल विविधीकरण की दिशा में काम कर रही है और मशरूम उत्पादन पर दी जा रही सब्सिडी इसी रणनीति का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को आय का एक अतिरिक्त और बेहतर स्रोत मिलेगा। आवेदन के साथ मिलेगा प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 'राज्य योजना' के तहत आवेदन करने के लिए अपने नज़दीकी ज़िला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग किसानों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और उत्पादन इकाई के सफल संचालन के लिए विशेषज्ञ सहायता भी उपलब्ध कराएगी, ताकि नए किसान बिना किसी तकनीकी कठिनाई के मशरूम की खेती शुरू कर सकें।

Punjab Health Alert: शिशु मृत्यु दर बढ़ने से बढ़ी चिंता, अमृतसर में सबसे ज्यादा मामले, जालंधर-लुधियाना भी प्रभावित

 जालंधर/लुधियाना  पंजाब में शिशु मृत्यु दर में 17.56 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। शहरों में स्थिति ज्यादा गंभीर है जहां शिशु मृत्यु दर के कुल मामलों में से 90% मौतें हो रही हैं। अमृतसर में शिशु मृत्यु दर अधिक है। उसके बाद जालंधर और लुधियाना में अधिक मौतें हो रही हैं। नागरिक पंजीकरण प्रणाली पर आधारित महत्वपूर्ण सांख्यिकी रिपोर्ट 2024 में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ साल से प्रदेश में शिशु मृत्यु के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2023 में शिशु मृत्यु के 2272 मामले सामने आए थे जो 2024 में बढ़कर 2671 हो गए हैं। वर्ष 2020 में 1884, 2021 में 1830, 2022 में 2336 बच्चों की मौत हुई। इनमें समय से पहले प्रसव, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण और प्रसवपूर्व देखभाल की कमी है। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता की कमी, कुपोषण और दस्त रोग भी शिशु मृत्यु दर के प्रमुख कारण हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर शिशु मृत्यु दर में 17.12% की कमी आई है। वर्ष 2023 में जहां 1.45 लाख बच्चों की मौत हुई थी जो अब कम होकर 1.20 लाख हो गई है। शहरों में स्थिति अधिक गंभीर प्रदेश में गांवों के मुकाबले शहरों की स्थिति अधिक गंभीर है जहां शिशु मृत्यु दर के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 के दौरान जहां ग्रामीण क्षेत्रों में शिशु मृत्यु दर के 258 मामले सामने आए हैं। वहीं शहरों में 2413 बच्चों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गांवों और शहरों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयास किया जा रहा है ताकि मृत्यु दर को कम किया जा सके। जिला, सब डिवीजनल अस्पतालों और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। पीजी कोर्स जॉइन करने के बॉन्ड सरकार सख्ती से लागू कर रही है। प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रसवपूर्व देखभाल में सुधार, कुपोषण को कम करना, स्वच्छता में सुधार और संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न उपायों पर काम किया जा रहा है।   अमृतसर में सबसे अधिक 835 व जालंधर में 368 मौतें  रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान अमृतसर में सबसे अधिक 835 बच्चों की मौत हुई है। जालंधर 368 और लुधियाना में 348 बच्चों की मौत हुई है। यही कारण है कि इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की तरफ से यहां अस्पतालों में अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ की कमी पूरी किया जा रहा है। लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि इन शहरों में शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। बाकी जिलों में यह है स्थिति   जिला – मौतें अमृतसर – 835 बरनाला – 18 बठिंडा – 187 फरीदकोट – 169 फाजिल्का – 32 फतेहगढ़ साहिब – 5 फिरोजपुर – 8 गुरदासपुर – 32 होशियारपुर – 60 जालंधर – 368 कपूरथला – 12 लुधियाना – 348 मालेरकोटला – 12 मानसा – 5 मोगा – 55 श्री मुक्तसर साहिब – 15 पठानकोट – 36 पटियाला – 331 रूपनगर – 4 संगरूर – 16 मोहाली – 87 एसबीएस नगर – 25 तरनतारन – 11