samacharsecretary.com

केंद्र ने ठुकराई ₹2.4 करोड़ की फंडिंग, अब चंडीगढ़ प्रशासन को अपने बजट से उठाना होगा खर्च

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा योजना 2026-27 के तहत चंडीगढ़ प्रशासन की स्पेशल एजुकेटर्स और क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (CRC) कोऑर्डिनेटर्स के वेतन के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता बढ़ाने की मांग को ठुकरा दिया है।  प्रशासन ने 23 स्पेशल एजुकेटर्स के लिए प्रति शिक्षक वार्षिक सहायता 6.699 लाख रुपए से बढ़ाकर 10.5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रशासन का तर्क था कि वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता (DA) और एरियर के कारण खर्च बढ़ गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार कुल 2.4 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। हालांकि प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) ने पुराने मानक के अनुसार ही प्रति शिक्षक 6.699 लाख रुपए मंजूर किए। इससे कुल स्वीकृत राशि करीब 1.5 करोड़ रुपए रही। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त राशि चंडीगढ़ प्रशासन अपने बजट से उपलब्ध कराए। CRC कोऑर्डिनेटर्स के लिए प्रस्ताव खारिज स्पेशल एजुकेटर्स के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव दूसरे साल खारिज हुआ है। वर्ष 2025-26 में भी प्रशासन ने प्रति शिक्षक सहायता 7.71 लाख रुपए करने की मांग की थी, लेकिन तब भी केंद्र ने 6.699 लाख रुपए के पुराने मानक को ही लागू रखा था। केंद्र ने CRC कोऑर्डिनेटर्स के वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्वीकार नहीं किया। प्रशासन ने 20 CRC कोऑर्डिनेटर्स के लिए प्रति व्यक्ति 16.8 लाख रुपए वार्षिक सहायता के हिसाब से 3.3 करोड़ रुपए की मांग की थी। केंद्र ने केवल 1.1 करोड़ रुपए मंजूर किए। इसके तहत 15 कार्यरत कोऑर्डिनेटर्स का 12 महीने का वेतन और पांच खाली पदों के लिए नौ महीने का वेतन 48,708 रुपए प्रतिमाह की दर से स्वीकृत किया गया। एक करोड़ का फर्नीचर-कंप्यूटर ग्रांट भी नहीं मिली चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 क्लस्टर रिसोर्स सेंटरों के लिए एक करोड़ रुपए का फर्नीचर और कंप्यूटर ग्रांट भी मांगा था, लेकिन PAB ने इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह सहायता हर पांच साल में एक बार ही दी जाती है और वर्ष 2024-25 में पहले ही मंजूर की जा चुकी है। सभी 20 CRC के लिए रखरखाव, पढ़ाई का सामान, अन्य जरूरी खर्च, बैठक और यात्रा भत्ता तय नियमों के अनुसार मंजूर कर दिया गया है।

पंजाब कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल मिशन पर भूपेश बघेल, चन्नी-वड़िंग विवाद खत्म कराने की कोशिश

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले उभरी अंदरूनी खींचतान को शांत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने सक्रियता बढ़ा दी है। पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार दोपहर तकरीबन 3 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार वह अगले करीब पांच दिनों तक पंजाब में रहकर पार्टी नेताओं से अलग-अलग बैठकें करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे। छत्तीसगढ़ से रवाना होने से पहले भूपेश सिंह बघेल ने कहा— ""पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मैं पंजाब दौरे पर जा रहा हूं। चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। यूथ कांग्रेस के चुनाव भी हो चुके हैं। पंजाब के सभी साथियों से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।"" सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की नाराजगी के बीच हाईकमान डैमेज कंट्रोल में जुटा है। इसी क्रम में भूपेश बघेल सबसे पहले चन्नी और कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अन्य नेताओं के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। संगठन मजबूत करने पर हाईकमान का फोकस बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल चुनाव समिति में किसी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है। पार्टी का फोकस संगठन को एकजुट कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना है। इस बीच एआईसीसी के पंजाब के तीन सह प्रभारी हीना कावरे, रविंदर डलवी और सूरज ठाकुर भी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। सभी नेता प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। हाईकमान मतभेद दूर करने में जुटा सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चुनावी रणनीति को लेकर नेताओं से वन-टू-वन मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया है। दूसरी ओर चरणजीत सिंह चन्नी भी अपने समर्थक नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। ऐसे में हाईकमान की कोशिश दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर कर चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की है। कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी के विदेश दौरे से 7 जुलाई तक लौटने से पहले पंजाब के हालात पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना चाहता है। भूपेश बघेल दौरे के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पंजाब की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों पर रिपोर्ट सौंपेंगे। दिल्ली में रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने भी कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

Punjab-Haryana High Court में नई ग्रीन पार्किंग का शुभारंभ, 6.23 एकड़ में हाईटेक सुविधा, विजिटर्स को मिलेगी राहत

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट आने वाले वकीलों, वादकारियों (लिटिगेंट्स) और आम लोगों के लिए राहत की खबर है। चंडीगढ़ प्रशासन ने लंबे समय से लंबित पार्किंग परियोजना को पूरा कर हाईकोर्ट परिसर के पास नई ग्रीन सरफेस पार्किंग शुरू कर दी है। करीब 3.41 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस पार्किंग में एक समय में 750 से अधिक चारपहिया और दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इसके शुरू होने से हाईकोर्ट के आसपास वर्षों से चली आ रही पार्किंग समस्या और ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। 6.23 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई पार्किंग नई पार्किंग हाईकोर्ट से सटी 6.23 एकड़ जमीन पर विकसित की गई है। यह क्षेत्र पहले कच्चा और पथरीला था, जहां अनियमित तरीके से वाहन खड़े किए जाते थे। यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया है। पार्किंग में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पेवर ब्लॉक्स लगाए गए हैं। इससे हरियाली बनी रहेगी और बारिश के पानी की निकासी भी बेहतर होगी। प्रशासन का कहना है कि इस तकनीक से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यूनेस्को हेरिटेज क्षेत्र होने के कारण बरती गई विशेष सावधानी यह पार्किंग कैपिटल कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित है, जिसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है। इसी कारण निर्माण कार्य के दौरान हेरिटेज मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। परियोजना का टेंडर सितंबर 2025 में जारी हुआ था और अक्टूबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू किया गया। इस स्थान पर पहले से लोग वाहन खड़े करते थे, इसलिए काम चरणबद्ध तरीके से किया गया। अधिकांश निर्माण कार्य हाईकोर्ट की छुट्टियों के दौरान पूरा किया गया ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। प्रशासन ने पार्किंग का डिजाइन तैयार करने के लिए लैंडस्केप कंसल्टेंट की भी मदद ली, जिससे कैपिटल कॉम्प्लेक्स की मूल संरचना और हेरिटेज वैल्यू प्रभावित न हो। रॉक गार्डन के पास भी बनेगी नई पार्किंग हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद यूटी प्रशासन अब रॉक गार्डन के समीप खाली पड़ी जमीन पर एक और पार्किंग विकसित करने की तैयारी कर रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 27 मई को प्रशासन को 90 दिनों के भीतर इस परियोजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार यहां 70 से 80 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना में एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। मौजूदा हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए पार्किंग का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। नई पार्किंग बनने के बाद हाईकोर्ट, रॉक गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।  

Diljit Dosanjh की फिल्म पर फिर विवाद! रिलीज के 2 दिन बाद OTT से हटाई गई, एक्टर ने कहा- मुझे इसका अंदाजा था

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' को 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर नाम बदलकर रिलीज किया गया था, पर दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। अब अगले आदेश तक इसे भारत में OTT पर नहीं दिखाया जाएगा। तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में फंसे रहने के बाद 'सतलज' बड़ी मुश्किल से अब रिलीज की रोशनी देख पाई थी, पर अचानक हटाए जाने से न सिर्फ आम जनता में गुस्सा है, बल्कि सेलेब्स भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 'सतलज' को हटाए जाने पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बताया। एक्टर रणवीर शौरी से लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी नाराजगी जाहिर की है। 'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है। उन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी। साथ ही 2000 लोगों की मौत का पता लगाया था, जिनकी लाशों को लावारिस बताकर जला दिया गया था। पर बाद में पुलिस ने खालरा का ही फेक एनकाउंटर कर लाश को नदी में फेंक दिया था। 'सतलज' को बंपर रिस्पॉन्स, फिल्म देख रो पड़े थे लोग 3 जुलाई को जब 'सतलज' OTT पर आई, तो जिन्होंने भी फिल्म देखी वो रो पड़े और सभी से इसे देखने की अपील की। यहां तक कि IMDb पर भी इसे 9.7/10 रेटिंग मिली है। लेकिन अब अचानक ही इस फिल्म को OTT से भारत में हटा दिया है। इससे जनता और सेलेब्स भड़के हुए हैं। सुखबीर सिंह बादल भड़के- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलज' हटाए जाने पर गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'भारत में ZEE5 से 'सतलज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस. जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, दमन का नहीं।' यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। रणवीर शौरी ने यूं जाहिर किया गुस्सा रणवीर शौरी ने भी गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'यह सुनकर बहुत निराशा हुई कि 'सतलज' को हटा दिया गया है। मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।' मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं। पहले फिल्म के बारे में जानिए…     मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया।     सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया।     127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।     विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।     सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा…     इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है।     मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार … Read more

अमृतसर में 11 किलो हेरोइन जब्त, पंजाब पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार; तस्करी नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां

 अमृतसर पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना घरिंडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 11 किलो 960 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी खेप बरामद की गई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस ने इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां इस तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं। पुलिस का सख्त संदेश और जनता से अपील पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशा तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।  

नेशनल हाईवे पर पंजाब पुलिस की सख्ती, एंट्री पॉइंट सील, संदिग्धों की जांच तेज

लुधियाना. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के दिशा निर्देश आज थाना लाडोवाल की पुलिस ने नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी करते हुए महानगर का एंट्री पॉइंट पूरी तरह से सील कर दिया गया जिस बारे में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह काहलों ने बताया कि शहर में जाने वाले प्रत्येक शकी वाहनो की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि  नाकाबंदी महानगर के एंट्री पॉइंट पर की गई है ताकि कोई भी संबंधित व्यक्ति शहर में प्रवेश न कर सके। उन्होंने बताया कि इस नाकाबंदी के दौरान कई संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करने के बाद उनके वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस स्पेशल नाकाबंदी के दौरान कई वाहन चालकों के चालान भी काटे जा रहे हैं।

9 जुलाई से पंजाब के DC कार्यालयों में कलम छोड़ हड़ताल, कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

मोगा. डी.सी. दफ्तर कर्मचारी यूनियन की एक राज्य स्तरीय बैठक आज मोगा में प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल तथा प्रदेश सचिव नरिंदर सिंह चीमा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंजाब भर के प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा जिला अध्यक्षों एवं महासचिवों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सचिव ने बताया कि डी.सी. कार्यालयों में वरिष्ठ सहायक का पदोन्नति कोटा 100 प्रतिशत किया जाए तथा रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए। उन्होंने सुपरिंटैंडैंट ग्रेड-2 (राजस्व एवं रिकॉर्ड) से तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव 2 वर्ष करने, वरिष्ठ सहायक से नायब तहसीलदार पदोन्नति का कोटा बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने, निर्धारित पैनल के अनुसार तहसीलदार पद पर पदोन्नतियां देने तथा तहसीलों में सुपरिंटैंडैंट (राजस्व एवं रिकॉर्ड) के पद सृजित करने की मांग दोहराई। इसके अलावा जिला राजस्व अधिकारियों की अदालतों में रीडर का पद वरिष्ठ सहायक का करने तथा एक अहलमद (क्लर्क) का पद सृजित करने, डी.सी. कार्यालयों के सुपरिंटैंडैंट ग्रेड-1 को अगली पदोन्नति मंडल स्तर पर अवर सचिव के रूप में देने, डी.सी., एस.डी.एम., तहसील एवं उप-तहसील कार्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार नए पद सृजित करने तथा अंतर-जिला तबादलों से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने रजिस्ट्री क्लर्क की परीक्षा उत्तीर्ण सभी कर्मचारियों को रजिस्ट्री क्लर्क नियुक्त करने, डी.सी. कार्यालयों, एस.डी.एम., तहसील एवं उप-तहसील कार्यालयों के कर्मचारियों को 5 प्रतिशत प्रशासनिक भत्ता देने, सुपरिंटैंडैंट ग्रेड-1 के रिक्त पदों पर पदोन्नतियां करने, आऊटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर उन्हें नियमित करने, 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को भी पुराने कर्मचारियों के समान प्रारंभिक वेतन देने, पुरानी पैंशन योजना और ए.सी.पी. योजना बहाल करने आदि मांग भी सरकार के समक्ष रखी। यूनियन ने यह भी मांग की कि प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल के साथ थाना जंडियाला गुरु (जिला श्री अमृतसर साहिब) की पुलिस द्वारा कथित अमानवीय व्यवहार एवं मारपीट करने वाले संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यूनियन नेताओं ने बताया कि 7 मई 2026 को वित्तीय आयुक्त (राजस्व) तथा 30 जून 2026 को पंजाब के राजस्व मंत्री के साथ हुई बैठकों में उनकी किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनी। इसके विरोध में मोगा में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार को नोटिस भेजते हुए पंजाब भर में 9 जुलाई 2026 से 12 जुलाई 2026 तक कलम छोड़ो/कम्प्यूटर बंद हड़ताल की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दौरान भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 12 जुलाई को ऑनलाइन बैठक कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दलवीर सिंह सिद्धू, महासचिव गुरजीत सिंह औलख, जोनल सचिव (फिरोजपुर मंडल) गुरजीत सिंह, मनिंदर सिंह, कुलदीप सिंह घाली, हरजिंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पंजाब रोडवेज में नई टिकट व्यवस्था, सफर के दौरान कैश और ऑनलाइन पेमेंट दोनों की मिलेगी सुविधा

अमृतसर. पंजाब रोडवेज की टिकट व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार अब कैश के साथ-साथ यात्री क्यूआर कोड द्वारा भी भुगतान कर अपनी टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इसका ट्रायल शुरू हो चुका है। अब यात्रियों को बसों में टिकट लेने के लिए नकद भुगतान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो रोडवेज विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस व्यवस्था में क्यूआर कोड के साथ-साथ यू.पी.आई., डेबिट कार्ड और क्रैडिट कार्ड जैसे कई डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध होंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा और टिकट प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाना है। अभी लगभग एक माह की तैयारी सूत्रों की मानें तो मशीन आदि की पूरी कार्यप्रणाली सैट करते हुए लगभग एक माह का समय लग जाएगा। इस बाबत जब पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान जोध सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इससे टिकट प्रणाली में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग के इस कदम से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी वहीं कंडक्टर की कार्यशैली में भी सुधार होगा क्योंकि इससे सीधे पैसे विभाग के खाते में जाएंगे। मुख्य दफ्तर की ओर से इसका कार्य प्रगति पर है। इस बाबत जब जी.एम.-2 अमृतसर हरविंदर सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इसकी कार्यप्रणाली को लेकर टैस्टिंग शुरू हो गई है। इन मशीनों में कंडक्टर और ड्राइवर के नाम भी फीड किए जाएंगे जोकि जल्द ही बसों में कार्य करती दिखाई देंगी।

वड़िंग को मिला नेताओं का खुला समर्थन, पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट से सुलह के संकेत

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से विधानसभा चुनाव समिति की सूची को लेकर शुरू हुआ अंदरूनी घमासान अब शांत कराने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में कई वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आए हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणा केपी. सिंह, शमशेर सिंह  धूलो सहित कई नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात कर उन्हें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही अपने-अपने समर्थकों के साथ लगातार आंतरिक बैठकें कर रहे हैं। दरअसल, विधानसभा चुनाव समिति की सूची जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पंजाब प्रभारी जल्द करेंगे पंजाब दौरा सूत्रों का कहना है कि पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अगले एक-दो दिनों में पंजाब पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे संगठन के नेताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वहीं, 7 जुलाई के बाद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने पर पंजाब कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल विधानसभा चुनाव समिति की सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम है और पार्टी नेतृत्व विवाद को बढ़ाने के बजाय उसे शांत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वडिंग ने दिया संयम व एकजुटता का संदेश इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नेताओं को संयम और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "छोटी-छोटी बातों पर नेताओं को रूठना नहीं चाहिए। सभी को कांग्रेस हाईकमान के फैसलों का सम्मान करना चाहिए। अगर हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।कांग्रेस के सभी नेता एक परिवार के सदस्य हैं और पार्टी की मजबूती ही सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान किसी भी तरह के सार्वजनिक विवाद को समाप्त कर संगठन को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में भूपेश बघेल की पंजाब यात्रा और राहुल गांधी की वापसी के बाद होने वाली बैठकों को इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पाक सीमा पर अलर्ट! पठानकोट में बमनुमा वस्तु मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

बमियाल. जिला पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव कथलौर और रायपुर के खेतों में एक बमनुमा वस्तु मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह कोई पुराना बम हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव जसवां के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़ी एक संदिग्ध बमनुमा वस्तु पर पड़ी। वस्तु को देखकर उन्हें शक हुआ कि यह कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है। उन्होंने बिना किसी तरह की छेड़छाड़ किए तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया और आसपास के क्षेत्र की भी गहन तलाशी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। बम की अभी पुष्टि नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी पुराने बम जैसी वस्तु प्रतीत हो रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब की है, किस परिस्थिति में यहां पहुंची और इसमें किसी प्रकार का खतरा मौजूद है या नहीं। इन सभी पहलुओं की विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों को सतर्क रहने की सलाह सुरक्षा कारणों को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध या बमनुमा वस्तु दिखाई दे तो उसे हाथ लगाने या हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।