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स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, पंजाब निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर स्क्रुटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। मंगलवार शाम तक आवेदन वापस लेने की अंतिम सीमा रखी गई है। सोमवार यानी 18 मई को चुनाव आयुक्त की ओर से स्क्रुटनी के बाद 10096 उम्मीदवार ही अब मैदान में रह गए हैं। स्क्रुटनी में 713 आवेदनों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया है। जानकारी अनुसार आठ नगर निगम के चुनाव के लिए 2154 आवेदन आए जिसमें से 151 विभिन्न कारणों से कारण रद्द कर दिए गए । ऐसे में 2003 योग्य उम्मीदवार अब मैदान में रह गए हैं। उधर नगर कौंसिल की सीटों के लिए 7334 आवेदन जमा हुए जिसमें से 447 को रद्द कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में 6887 उम्मीदवार ही बचे हैं। उधर नगर पंचायत के लिए कुल 1321 आवेदन आए जिसमें से 115 को रद्द कर दिया गया और अब मैदान में 1206 उम्मीदवार ही बचे हैं। मंगलवार को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनाव में उम्मीदवारों की असली संख्या का पता चलेगा। आवेदन खारिज किए जाने को लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन भी जारी है। पंजाब में 26 मई को 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 मई को मतदान के बाद मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनाव में 35000 के करीब कर्मचारियों और साडे 35000 सुरक्षा कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान वैलेट पेपर से करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर भी विपक्षी पार्टियों लगातार विरोध कर रही है।

IAS अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोबारा भेजा समन

चंडीगढ़  एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की और से पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मामले में तलब किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सीएमडी बसंत गर्ग और चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो सके। अब दोनों अधिकारियों को 20 मई बुधवार को दोबारा पेश होने के लिए समन जारी किए गए है। बीती 18 मई को ईडी ने बसंत गर्ग को दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, जमीन उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में समन जारी किया गया था। दाेनों अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं गए। हालांकि गमाडा मुख्य प्रशासक संदीप कुमार की ओर से चार गजटेड अफसरों को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय भेजा गया जो सीएलयू से संबंधित सारा रिकार्ड जमा करवा कर आए। इस रिकार्ड में न्यू चंडीगढ़ में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और संबंधित प्रशासनिक फाइलों से जुड़ा रिकार्ड एजेंसी को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और विभागीय अनुमोदनों को लेकर जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी विशेष तौर पर उन फाइलों की पड़ताल कर रही है, जिनमें बड़े बिल्डरों को मंजूरी दी गई थी। अब तक क्या हुआ: मामले की टाइमलाइन संजीव अरोड़ा से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों को लेकर सबसे पहले 2023 में संदेह पैदा हुआ था, जब उनकी कंपनी एचएसआरएल पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बिक्री लेनदेन और दुबई में 102 करोड़ रुपये के कथित फर्जी निर्यात का मामला सामने आया। इसके बाद ईडी ने विदेशी लेनदेन और फंड रूटिंग को लेकर प्राथमिक जांच शुरू की। अप्रैल 2026 में ईडी ने फेमा के तहत पहली बार संजीव अरोड़ा और एचएसआरएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेशी लेनदेन और निर्यात दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद 5 मई 2026 को दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोपों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया। ईडी ने कई जगहों पर रेड की 8 और 9 मई को ईडी ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान न्यू चंडीगढ़ से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और कुछ निजी कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए गए। 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। 10 मई को विशेष अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेजा। 18 मई को अरोड़ा को न्यायिक में हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान कई अधिकारियों व कारोबारियों को समन जारी किए गए। 16 और 17 मई को ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग, पावरकाम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर, कारोबारी हेमंत सूद, चंद्रशेखर अग्रवाल और गमाडा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया। एजेंसी का फोकस न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और पूर्व मंत्री से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर रहा।  

जनता की जेब पर फिर बोझ, पंजाब में दोबारा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते 15 मई को तेल कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए गए थे और अब कुछ ही दिनों बाद दोबारा कीमतों में इजाफा होने से आम जनता, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और उद्योग जगत की चिंता बढ़ गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। नई कीमतों के अनुसार पेट्रोल का रेट पहले 101.30 रुपये प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 102.16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमत 91.04 रुपये से बढ़कर 91.93 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। इसी कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। दूसरी ओर, बढ़ते ईंधन दामों का असर रोजमर्रा की वस्तुओं और परिवहन खर्च पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। उद्योगों और व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतें कारोबार के लिए नई चुनौती बन रही हैं।

लू के थपेड़ों से पंजाब बेहाल, बठिंडा में पारा 47 डिग्री पार; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लू चलने से सोमवार को भीषण गर्मी रही। इससे राज्य के तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। पारा अब सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। 47 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार से लू पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सोमवार को पटियाला का पारा 44 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ऊपर रहा। पटियाला में लू की स्थिति रही। अमृतसर का अधिकतम पारा 42.0 डिग्री, लुधियाना का 42.2 डिग्री, पटियाला का 44.0 डिग्री, पठानकोट का 40.9 डिग्री, फाजिल्का का 42.6 डिग्री, फिरोजपुर का 42.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 39.9 डिग्री, गुरदासपुर का 42.0 डिग्री, होशियारपुर का 40.0 डिग्री और रूपनगर का 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तपमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह फिलहाल सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 20.4 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री, लुधियाना का 25.0 डिग्री, पटियाला का 26.0 डिग्री, बठिंडा का 20.3 डिग्री, फिरोजपुर का 22.7 डिग्री, होशियारपुर का 21.1 डिग्री और रूपनगर का 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में 19 मई से 22 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 19 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 20 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक इस दिन भी दोपहर और शाम के समय हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। आर्द्रता 50 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक रह सकती है, जिससे उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। 22 मई को भी हालात लगभग समान बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है। पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और स्थिति अभी गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची है। बावजूद इसके विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।   

पंजाब में बिजली व्यवस्था होगी सुरक्षित, खेतों से हटेंगे खुले तार; CM मान की बड़ी घोषणा

संगरूर. पंजाब के खेतों में बिजली के खंभों व ऊपर से गुजरने वाली तारों से किसानों को होने वाली परेशानियों को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतोज से खेतों में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार सतोज गांव में करीब सात किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन तथा 9.5 किलोमीटर लो टेंशन बिजली लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। इसके तहत खेतों में लगे बिजली के खंभों व खुली तारों को हटाकर आधुनिक अंडरग्राउंड केबल प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में बिजली की खुली तारों के कारण अक्सर शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग से फसलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई योजना से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह परियोजना केवल सतोज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। इससे किसानों को सुरक्षित और बाधारहित खेती का वातावरण मिलेगा। खेतों में खंभों और तारों के हटने से कृषि कार्यों में भी सुविधा बढ़ेगी तथा आधुनिक मशीनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और खेती को अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की जमीन को तारों और खंभों से मुक्त करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। गांव सतोज में इस योजना की शुरुआत को किसानों ने भी सराहा है। किसानों का कहना है कि अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू होने से फसलें सुरक्षित रहेंगी और खेतों में काम करना पहले से अधिक आसान होगा।

सत्ता का सेमीफाइनल बने निकाय चुनाव, 105 नगर निकायों में पार्टियां झोंकेंगी पूरी ताकत

चंडीगढ़  पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव सूबे में सियासी दलों की नब्ज टटोलेंगे। 105 नगर निकायों (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत) के यह चुनाव पंजाब के कुल 117 में से 90 विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। इन हलकों के शहरी इलाकों के मतदाताओं पर किस दल की कितनी पकड़ है, चुनाव परिणाम के बाद यह तय हो जाएगा।  दरअसल, सभी राजनीतिक दल इन निकाय चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखते हुए मैदान में उतरेंगे और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे, क्योंकि आठ महीने बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये चुनाव सभी दलों के लिए इसलिए अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव सीधे तौर पर एक करोड़ से अधिक शहरी मतदाताओं और 90 हलकों की सियासत पर केंद्रित हैं। नामांकन प्रक्रिया खत्म चुनावी प्रक्रिया के तहत नामांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है और अब दलों के जो मतदाता मैदान में हैं, उन्हें जितवाने के लिए पार्टी के रणनीतिकारों ने अपना काम शुरू कर दिया है। इस दौरान पिछले चुनावों की समीक्षा की जा रही है, तो वहीं वार्डवार मुद्दों की जमीन भी तैयार की जा रही है, क्योंकि कुछ कॉमन मुद्दों के साथ-साथ हर वार्ड के अलग-अलग मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाना है। हालांकि भाजपा और आप अपनी केंद्र व प्रदेश स्तरीय नीतियों व एजेंडे को भी आगे रखेंगी, वहीं कांग्रेस और शिअद के निशाने पर आप सरकार रहेगी। सूबे में शहरी मतदाता अहम क्यों पंजाब में राजनीतिक दलों के लिए शहरी वोटर बहुत अहम माने जाते हैं, खासकर उन सियासी दलों के लिए जिनकी सियासत पंथक एजेंडे से ऊपर सूबे के विकास के इर्द-गिर्द घूमती है। भाजपा इन चुनावों को इसलिए खासा गंभीरता से ले रही है, क्योंकि अधिकतर गैर-सिख आबादी शहरों में ही बसती है, जिसे पंजाब में भाजपा अपनी ताकत मानती है। हालांकि भाजपा ने पिछले दिनों कुछ सिख व पंथक नेताओं को पार्टी में शामिल कर अपना फोकस सिख वोटरों पर भी बढ़ाया है, लेकिन पार्टी का मुख्य सियासी केंद्र गैर-सिख वोटर ही हैं। इसी तरह पंथक पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की स्थिति ग्रामीण सिख वोटरों के बीच ठीक है। आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की बात करें तो ये दोनों दल शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी अच्छी पैठ रखते हैं। आप इस वक्त सत्तारूढ़ है, जबकि कांग्रेस विभिन्न धड़ों में बंटी हुई है। मतदाताओं का आशीर्वाद बढ़ाएगा मनोबल निकाय चुनाव में यह बात तो जाहिर है कि जिस दल को मतदाता जीत का आशीर्वाद देंगे, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उसका मनोबल बढ़ेगा। आप के लिए परिणाम यह भी तय करेंगे कि कहीं प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर तो नहीं है, जबकि भाजपा को यह मालूम चल जाएगा कि पंजाब जीतने के लिए उनके प्रयासों और पार्टी की रणनीति को कितनी मजबूती मिली है। कांग्रेस यदि धड़ेबाजी में बंटी रही तो यह चुनाव पार्टी को एक और सबक देंगे, जबकि शिअद को इस बात का आभास हो जाएगा कि शहरी और गैर-सिख मतदाताओं में उनकी पहुंच कितनी है। 

लंबरदार पद पर अब तय होगी न्यूनतम योग्यता, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा नियम

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब में गांवों के लंबरदारों की नियुक्ति को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने पर विचार करने को कहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मौजूदा नियमों में शैक्षणिक योग्यता निर्धारित न होने के कारण केवल कम पढ़ा-लिखा होना किसी उम्मीदवार को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हर्ष बांगर की पीठ ने पटियाला जिले के एक गांव में नियुक्त सातवीं पास लंबरदार की नियुक्ति को बरकरार रखा। इस नियुक्ति को एक अधिक शिक्षित और कम उम्र के उम्मीदवार ने चुनौती दी थी। 12वीं पास था याचिकाकर्ता याचिकाकर्ता 12वीं पास था और उसका तर्क था कि चयनित उम्मीदवार न केवल कम शिक्षित है बल्कि उम्र में भी अधिक है, इसलिए उसे लंबरदार नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए था। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पंजाब भूमि राजस्व नियमों में लंबरदार पद के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान नहीं है। ऐसे में केवल कम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयनित उम्मीदवार को अयोग्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि लंबरदार को गांव स्तर पर प्रशासनिक कार्य, राजस्व संबंधी जिम्मेदारियां तथा सरकारी अधिकारियों के साथ समन्वय जैसे कार्य करने होते हैं। ऐसे में यह उचित होगा कि उसके पास पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी की बुनियादी समझ हो तथा कम से कम मैट्रिक स्तर तक की शिक्षा हो। पीठ ने अपने आदेश में हरियाणा का उदाहरण भी दिया, जहां लंबरदार पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ‘मिडिल पास’ निर्धारित है। अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार को भी वर्तमान परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को देखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उम्र संबंधी दलील खारिज अदालत ने उम्र संबंधी दलील को भी खारिज करते हुए कहा कि केवल अधिक उम्र होना नियुक्ति रद्द करने का आधार नहीं बन सकता। उम्र का महत्व तभी है जब उससे व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती हो। मामले में ऐसा रिकॉर्ड या शिकायत पेश नहीं की गई जिससे यह साबित हो कि चयनित लंबरदार अपने दायित्व निभाने में असमर्थ है। हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित व्यक्ति पिछले करीब दस वर्षों से लंबरदार के रूप में कार्य कर रहा है और उसके कामकाज को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई। इसी आधार पर अदालत ने नियुक्ति में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए आदेश की प्रति पंजाब सरकार को भेजने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में नियमों में आवश्यक बदलाव पर विचार किया जा सके।

मोहाली में किसानों का हल्लाबोल, ट्रैक्टर मार्च से गूंजीं सड़कें; गमाडा के खिलाफ बढ़ा विरोध

मोहाली ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा विकास कार्यों के नाम पर की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ इलाके के किसानों का गुस्सा भड़क गया है। पुआध इंसाफ मोर्चा की अगुवाई में आज सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़कों पर उतर आए। किसानों द्वारा सरकार की भूमि अधिग्रहण की कथित मारू नीतियों के खिलाफ यह विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला जा रहा है, जिससे ट्राईसिटी और विशेषकर मोहाली शहर में राजनीतिक व प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यह रोष मार्च नजदीकी गांव दैड़ी के फ्लाईओवर से जोरदार नारेबाजी के साथ शुरू हुआ। ट्रैक्टरों पर सवार किसान एयरपोर्ट रोड से होते हुए मोहाली के फेज-8 स्थित गमाडा के मुख्य दफ्तर 'पुड्डा भवन' की तरफ बढ़ रहे हैं। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। किसान नेताओं ने दी तीखे संघर्ष की चेतावनी इस ट्रैक्टर मार्च में किसानों के हक के लिए लड़ने वाले प्रमुख संगठन 'किसान मजदूर मोर्चा' के वरिष्ठ नेता मनजीत सिंह राय और दिलबाग सिंह गिल विशेष तौर पर शामिल हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार और गमाडा प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ने और बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी कीमती जमीनों का बनता उचित मुआवजा और हक नहीं दिया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों की तरफ तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग से बदलेगी चंडीगढ़ की तस्वीर, ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ अंतिम चरण में

चंडीगढ़. 15 जून तक प्रशासन की ओर से शुरू किया गया नक्शा प्रोजेक्ट (नेशनल जियोस्पेशियल नालेज आधारित लैंड सर्वे आफ अर्बन हैबिटेशन्स) का काम पूरा हो जाएगा।इस पायलट प्रोजेक्ट में पांच गांव बुड़ैल, अटावा, कजहेड़ी, पलसौरा और सारंगपुर और 15 सेक्टर (सेक्टर 2 से 17) शामिल हैं। ड्रोन सर्वे पूर्ण हो चुका है तथा संपत्तियों की फील्ड वेरिफिकेशन की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत इमारतों का प्रशासन की ओर से डिजिटल सर्वे किया जा रहा है ।सर्वे के दौरान अधिकृत टीमें घर-घर जाकर संपत्ति स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा भूमि प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग के तहत शुरू की गई है। यह डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर आधारित है और ड्रोन सर्वेक्षण, उच्च-रिज़ाल्यूशन इमेजरी तथा जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि पार्सलों की सटीक सीमांकन और उन्हें प्रापर्टी का मालिकाना विवरण से जोड़ने का कार्य करती है। प्रशासन के अनुसार शहरी गांवों में अक्सर पुराने मैनुअल रिकार्ड, आपस में ओवरलैपिंग दावे और अस्पष्ट सीमाओं के कारण संपत्ति विवाद उत्पन्न होते रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मालिकाना हक में पारदर्शिता और कानूनी स्पष्टता आएगी। अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड से संपत्ति विवाद कम होंगे तथा खरीद-फरोख्त और लीज प्रक्रियाएं तेज, सुरक्षित और धोखाधड़ी से मुक्त बनेंगी। साथ ही बैंक और वित्तीय संस्थानों को मालिकाना सत्यापन में आसानी होगी, जिससे ऋण स्वीकृति प्रक्रिया भी सरल होगी। पायलट प्राेजेक्ट के बाद बाकी शहर के अन्य एरिया का सर्वे किया जाएगा । प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी पहले सर्वे में लिए प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी है ।जिसमे एक लाख 47 हजार जनसंख्या रहती है । प्रशासन के अनुसार शहर की सभी इमारतों और उनके आकार-प्रकार का अब डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए 20 टीमें गठित काम कर रही है। जो कि इन सेक्टरों में आ रही है सर्वे टीम शहर की हर इमारत की तस्वीर लेगी और उसके क्षेत्रफल, ऊंचाई और उपयोग की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। अब तक यह रिकार्ड मैनुअल तरीके से रखा जाता था जिससे विवाद और रिकॉर्ड की कमी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने के बाद किसी भी संपत्ति विवाद की पुष्टि मिनटों में हो सकेगी।प्रशासन के पास प्रत्येक इमारत का सही डेटा रहेगा।

ट्रेन के शौचालय में मिला जवान का शव, पंजाब से ड्यूटी पर जा रहे लांस नायक की मौत से सनसनी

कलानौर. ऐतिहासिक कस्बा कलानौर के रिटायर्ड सैनिक और खालसा पंचायत के अध्यक्ष भाई राजिंदर सिंह भंगू के बेटे लांस नायक प्रभशरण सिंह की ड्यूटी पर लौटते समय ट्रेन में मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि उनका बेटा प्रभशरण सिंह, जो 9 पंजाब सिख रेजिमेंट जम्मू में तैनात था और अब मेरठ में ट्रांसफर हो गया था। कुछ दिन घर पर बिताने के बाद वह ट्रेन से ड्यूटी पर मेरठ के लिए निकला था कि उसके बेटे की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई और उसका शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। राजिंदर सिंह भंगू ने बताया कि शनिवार शाम को उनका बेटा प्रभशरण सिंह अपनी पत्नी और भाई अमृत और अपने परिवार वालों के साथ मुकेरियां रेलवे स्टेशन से ट्रेन से लौटा था और इस दौरान उसने स्टेशन पर अपने परिवार वालों के साथ मोबाइल से फोटो भी खींचे। उन्होंने बताया कि प्रभशरण ने कहा था कि वह मेरठ पहुंच कर सुबह आठ बजे फोन करेगा। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह जब फोन नहीं आया तो उसने कई बार फोन किया लेकिन उसके फोन पर सिर्फ घंटी बजती रही। राजिंदर सिंह ने बताया कि फोन न उठने की चिंता के चलते रविवार दोपहर को कलानौर थाने के एसएचओ जतिंदर पाल सिंह को इस बारे में बताया गया। जहां पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फौजी प्रभशरण सिंह का मोबाइल फोन ढूंढ निकाला और मोबाइल फोन जोधपुर के पास मिलने के बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर जोधपुर रेलवे स्टेशन पर शालीमार ट्रेन की जांच की तो उसके बेटे फौजी प्रभशरण सिंह का शव ट्रेन के शौचालय से बरामद हुआ। उसकी सात साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। गौरतलब है कि प्रभ शरण सिंह 2013 में आर्मी में भर्ती हुए थे। इस मौके पर पंजाब के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर ने राजिंदर सिंह भंगू से फोन पर बात करके सैनिक प्रभशरण सिंह की असमय मौत पर गहरा दुख जताया। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल पंथक लहर के भाई रणजीत सिंह खालसा, दल खालसा के भाई बिक्रमजीत सिंह भट्टी, गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर लोकल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भाई दलविंदर सिंह बिट्टू, पूर्व सैनिक यूनियन के चैन सिंह, नरिंदर सिंह खैहरा, राजकुमार, बलविंदर सिंह काहलों, राजिंदर सिंह, सचिव जतिंदर सिंह सिद्धू, लखविंदर सिंह, गुरमुख सिंह , जतिंदर सिंह, सरपंच महकप्रीत बाजवा, सरपंच हरदीप सिंह मठारू, कुलवंत राय, महिंदर सिंह, मास्टर रणजोध सिंह मस्तकोट, सुरिंदर पाल सिंह भंगवान आदि ने प्रभशरण की मौत पर रजिंदर सिंह भंगू के साथ गहरा दुख व्यक्त किया।