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नई एनडीए सरकार में बड़ा फैसला: गृह विभाग सीएम सम्राट चौधरी के पास

पटना बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। सीएम सम्राट ने अपने पास 29 विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं, जेडीयू के दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के बीच 18 विभाग बांटे हैं। विजय को 10, तो बिजेंद्र को 8 विभागों की जिम्मेदारी मिली है। गृह विभाग सीएम ने अपने पास ही रखा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद एनडीए की नई सरकार का गठन बुधवार को हुआ। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री और जेडीयू के विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। फिलहाल इन्हीं तीनों नेताओं के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, इसके बाद नए सिरे से विभागों का बंटवारा होगा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच फिलहाल विभागों का बंटवारा अस्थायी तौर पर किया गया है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक सम्राट, विजय एवं बिजेंद्र ही व्यवस्था संभालेंगे। इस तरह हुआ विभागों का बंटवारा सीएम सम्राट ने अपने पास जो विभाग रखे हैं, उनमें अधिकतर वही हैं, जो पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास थे। इसके साथ ही, लोजपा-आर, हम और रालोमो के पास जो विभाग थे वो भी सीएम ने अपने पास रखे हैं। वहीं, नीतीश सरकार के दौरान जो विभाग जेडीयू के मंत्रियों के पास थे, उनका बंटवारा दोनों नए डिप्टी सीएम के बीच किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ये विभाग-     सामान्य प्रशासन     गृह     मंत्रिमंडल सचिवालय     निगरानी     निर्वाचन     राजस्व एवं भूमि सुधार     खान एवं भू-तत्व     नगर विकास एवं आवास     स्वास्थ्य     विधि     उद्योग     पथ निर्माण     कृषि     लघु जल संसाधन     श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण     युवा, रोजगार एवं कौशल विकास     पर्यटन     कला एवं संस्कृति     डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन     आपदा प्रबंधन     पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण     अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण     सूचना प्रावैधिकी     खेल     सहकारिता     पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन     गन्ना उद्योग     लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण     पंचायती राज     (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं) डिप्टी सीएम विजय चौधरी को मिले ये विभाग-     जल संसाधन     संसदीय कार्य     सूचना एवं जनसंपर्क     भवन निर्माण     अल्पसंख्यक कल्याण     शिक्षा     विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा     ग्रामीण विकास     परिवहन     उच्च शिक्षा डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को इन विभागों की जिम्मेदारी-     ऊर्जा     योजना एवं विकास     मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन     वित्त     वाणिज्य-कर     समाज कल्याण     खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण     ग्रामीण कार्य

धर्म परिवर्तन से जनसेवा तक, साध्वी बउक दास की प्रेरक कहानी

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज से श्रद्धा, संघर्ष और जनसेवा की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और समर्पण की मिसाल बन गई है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से जानी जाती हैं। उनका जीवन धर्म परिवर्तन, निजी संघर्ष और समाजसेवा की ऐसी यात्रा है, जिसने उन्हें क्षेत्र में एक साध्वी और जननेता के रूप में पहचान दिलाई है। आसमा खातून से बउक दास बनने की यात्रा पंचदेवरी प्रखंड के डेरवा गांव के एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून का बचपन मदरसे और नमाज के बीच बीता। लेकिन बचपन से ही उन्हें मंदिर की घंटियों की आवाज आकर्षित करती थी। परिवार और धर्मगुरुओं के विरोध के बावजूद उनका झुकाव सनातन धर्म की ओर बढ़ता गया। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर घर छोड़ दिया। बाद में उनकी मुलाकात फुलवरिया प्रखंड के मदरवानी गांव निवासी रामाकांत यादव से हुई, जिनसे प्रेम विवाह के बाद वे रामांती बन गईं। लेकिन यह सुखद समय अधिक लंबा नहीं रहा। रामाकांत की जेल में मृत्यु हो गई और परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद रामांती ने अकेले ही पति का अंतिम संस्कार किया और झरही नदी के किनारे जंगल में जीवन शुरू कर दिया। इसी एकांत और भक्ति के कारण लोगों ने उन्हें बउक दास नाम दिया। जनसेवा के लिए किया अन्न का त्याग बउक दास केवल साध्वी नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक योद्धा भी हैं। करीब दो दशक पहले इलाके में आवागमन के लिए सिर्फ चचरी पुल था। लोगों की परेशानी देखकर उन्होंने झरही नदी में मचान बनाकर एक साल तक जल सत्याग्रह किया। उनके आंदोलन के बाद सरकार ने पुल का निर्माण कराया। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। पुल बन गया, लेकिन संपर्क मार्ग कच्चा रह गया, जिससे बारिश में लोगों को भारी परेशानी होती थी। इसके विरोध में उन्होंने छह साल तक अन्न का त्याग कर दिया। उनकी शर्त थी कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। लंबे उपवास से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाद में सामाजिक लोगों की मदद से एक साल पहले गड्ढों में मिट्टी भरवाई गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से अन्न ग्रहण किया। पशु-पक्षियों से गहरा लगाव, बना ‘भाव आश्रम’ बउक दास ने जिस जंगल को साफ कर अपनी कुटिया बनाई, वहां अब एक शिव मंदिर और भाव आश्रम स्थापित है। उनकी आध्यात्मिकता का आलम यह है कि उनकी आवाज पर कौओं और अन्य पक्षियों का झुंड उनके पास आ जाता है। वे रोज अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाती हैं। स्थानीय लोग उन्हें सिद्ध संत मानते हैं और उनके अनुयायी बन चुके हैं। बउक दास का बयान उन्होंने कहा, “मेरा जन्म ईश्वर की भक्ति के लिए हुआ था। भले ही मैं मुस्लिम परिवार में पैदा हुई, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा सनातन की ओर रही। अब मेरा जीवन समाज और महादेव के चरणों में समर्पित है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया है, आज भी अपने स्वास्थ्य और मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बउक दास की सेहत और उनकी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए।  

11वीं के नतीजों में शानदार प्रदर्शन: झारखंड में 99.12% स्टूडेंट्स पास, गुमला-गिरिडीह अव्वल

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) ने 11वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र परिणाम आनलाइन माध्यम से चेक कर सकते हैं। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी किया गया रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड की मदद से आसानी से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि जैक बोर्ड ने कक्षा 11वीं में इस वर्ष कुल 3,58,533 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,55,399 छात्र पास हो गए। जैक बोर्ड 11वीं कक्षा का पासिंग प्रतिशत 99.12 प्रतिशत रहा। झारखंड बोर्ड के अनुसार, कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए। रिजल्ट जारी करते हुए जैक बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नटवा हंसदा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई दी। आनलाइन जारी मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक और पास फेल की स्थिति दी गई है। यह मार्कशीट अस्थायी होती है, जबकि मूल मार्कशीट बाद में स्कूल से प्राप्त होगी। जो छात्र इस परीक्षा में पास हुए हैं, वे अब कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे सुधार या सप्लीमेंट्री परीक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं। रांची जिले से इस वर्ष 34,907 छात्र छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें 34,642 परीक्षा में शामिल हुए 34,286 छात्र छात्राएं पास हुए। रांची जिले का पासिंग प्रतिशत 98.97 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.68 प्रतिशत था। वहीं, पासिंग प्रतिशत में पहले पायदान पर गुमला 99.60 और गिरिडीह 99.60 प्रतिशत रहे। बता दें कि रांची जिले में 15,809 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 15,660 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,474 छात्रों ने सफलता पाई। छात्रों का पासिंग प्रतिशत 98.81 रहा जबकि पिछले वर्ष 98.26 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। वहीं, 19,098 छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 18,982 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं और 18,812 छात्राएं पास हुईं, छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.10 रहा जबकि पिछले वर्ष 99.04 प्रतिशत था। वहीं, पूरे राज्य की बात करें तो छात्राें का पासिंग प्रतिशत 99.08 जो कि पिछले वर्ष 98.62 था जबकि छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 99.16 प्रतिशत रहा जबकि पिछले वर्ष छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.79 था। शत प्रतिशत रहा रिजल्ट योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय, जगन्नाथपुर, धुर्वा के विद्यार्थियों का पासिंग प्रतिशत शत प्रतिशत रहा। आर्ट्स में कुल 128 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिनमें सभी उत्तीर्ण रहे। कॉमर्स में कुल 123 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और सभी उत्तीर्ण हुए। साइंस स्ट्रीम में कुल 125 विद्यार्थी शामिल हुए और इनमें सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण रहे। इंटरमीडिएट महाविद्यालय के सचिव अरविंद कटियार, सहायक सचिव रवि प्रताप सिंह तथा प्राचार्य राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बताते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिहार में नई सियासी शुरुआत: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, कैबिनेट विस्तार चुनाव के बाद

पटना. बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सम्राट सरकार में विजय और बिजेंद्र डिप्टी सीएम होंगे इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।   नीतीश कुमार ने मुझे पहचान दी: जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने (नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो जीतन मांझी आज है, वो नीतीश कुमार के द्वारा ही पहचानित है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते।" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने(नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे…" नई सरकार पर लोगों का भरोसा: उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने पर कहा, "सरकार के ऊपर काफी लोगों का भरोसा भी है और लोगों की अपेक्षा भी है। मैं समझता हूं कि इन अपेक्षाओं पर सरकार निश्चित तौर…  नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाएंगे सम्राट: बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार भी एक विकसित राज्य बनेगा। नीतीश कुमार द्वारा बिहार में स्थापित कानून का राज और उनके द्वारा तय किए गए विकास के रास्ते को सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। बहुत-बहुत बधाई।” उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजेंद्र यादव का पहला बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में JDU नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति पर कहा, "…उनको खुद निर्णय लेना है कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं…"

सम्राट चौधरी ने संभाली कमान, एनडीए सरकार में बड़ा बदलाव

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण करने के बाद कहा, “मैं आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा। बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा।” बता दें कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान आज से भाजपा के हाथों में है और सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज संभाल लिया है। पटना स्थित लोकभवन के बाहर सम्राट चौधरी के सामने बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लेकिन सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। नीतीश का सपना पूरा करेंगे सम्राट केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "जैसी सरकार  नीतीश कुमार ने 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे। जो जीतन मांझी आज है, उसे नीतीश कुमार ने ही बनाया है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते। वहीं, बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। आज सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिस तरह से हमारे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा है, सम्राट चौधरी उनके मार्गदर्शन में बिहार को विकसित बिहार की ओर ले जाएंगे।" पहली बार बिहार में भाजपा का सीएम बना बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन सत्ता में शामिल भाजपा ने पहली बार राज्य में अपना सीएम बनाया है। विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद सीएम नीतीश कुमार को ही बनाया गया, लेकिन बदले हालात में उनके राज्यसभा जाने के बाद अब भाजपा को सरकार का नेतृत्व करने का मौका मिला है। सम्राट चौधरी नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर थे। अब डिप्टी सीएम के तौर पर जदयू नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव ने शपथ ली है। सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पसंदीदा रहे हैं। नीतीश कुमार पहले से ही कहते रहे थे कि अब बिहार इन्हें ही संभालना है।  

एसडीएम संजय कुमार की पहल से शिक्षकों के साथ संवाद, शिक्षा व्यवस्था पर फोकस

 गढ़वा  गढ़वा में सदर एसडीएम संजय कुमार की खास पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ की हर हफ्ते चलने वाली श्रृंखला में आज यानी बुधवार (15 अप्रैल) को शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक होगी. अनुमंडल कार्यालय के सभागार में अपराह्न 3:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की शिक्षा व्यवस्था, चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी. डेढ़ वर्ष से जारी है संवाद की परंपरा ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘कॉफी विद एसडीएम’ कार्यक्रम पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है. इस पहल के माध्यम से एसडीएम हर सप्ताह समाज के अलग-अलग वर्गों (जैसे युवा, किसान, उद्यमी आदि) से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनते हैं. इसी कड़ी में इस बार शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर और मजबूत किया जा सके. एसडीएम ने की सहभागिता की अपील सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी कोटि के आमंत्रित शिक्षक प्रतिनिधियों से इस संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध किया है. उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सुझावों के आधार पर स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक सुधारों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा.   इन मुख्य बिंदुओं पर होगा विमर्श इस संवाद कार्यक्रम में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मुख्य विषय पर चर्चा होगी:     विद्यालयों की दैनिक व्यवस्था और अनुशासन.     नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देना.     छात्रों के ड्रॉप-आउट दर को कम करने के उपाय.     शिक्षकों की स्थानीय समस्याएं और संसाधनों का बेहतर उपयोग.  

पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी पर जोर, संजय सेठ ने किया संबोधन

रांची झारखंड के रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंगलवार को आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में सम्मेलन हुआ. इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं. पूरा हॉल महिलाओं से खचाखच भरा था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मौजूद जनसमूह ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित रहा. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में होगी नारी: संजय सेठ कार्यक्रम का आयोजन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से किया गया. संजय सेठ ने कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में नारी होंगी. संजय सेठ ने कहा कि यह सिर्फ अधिनियम नहीं है. यह इस सपने के पूरा होने जैसा है, जो आजादी के बाद हमारे देश की मातृ शक्ति देखती थीं. बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा? प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल भारत देश में ही शक्ति की देवी के रूप में नारी की पूजा होती है. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम किया है. निर्णय की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी होगी. मौके पर रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया, विजयश्री साबू, लेखिका पुष्पा सहाय और उषा जालान सहित अलग-अलग संस्था से जुड़ी महिलाएं मौजूद थीं. महिलाओं के सम्मान में सीढ़ी पर बैठे रक्षा राज्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मंच के सामने सीढ़ी पर बैठे नजर आए. उन्होंने सम्मेलन में आईं महिलाओं का स्वागत फूल वर्षा कर किया. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर विस्तार से बताया. इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. साथ ही महिलाओं को दिए गए आरक्षण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया. पदयात्रा में 4000 से अधिक महिलाएं हुईं शामिल सम्मेलन के बाद आर्यभट्ट सभागार से पदयात्रा निकाली गई. इसमें 4000 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया. यह पदयात्रा मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका तक निकाली गई. इस दौरान राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और नारी सशक्तीकरण का संकल्प दोहराया गया.

बायोमेट्रिक गड़बड़ी और पेपर लीक साजिश का खुलासा, केंद्राधीक्षक निलंबित

मुंगेर मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच चल रही परीक्षा में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।  दो पालियों में हुई परीक्षा, कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच ही कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया।  बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी, केंद्राधीक्षक निलंबित इसी बीच उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी स्थित परीक्षा केंद्र पर बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बायोमेट्रिक सत्यापन में लगी एजेंसी के प्रतिनिधि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया। उन पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में असफल रहने और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है।  अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भगत चौकी के सुजल कुमार, पटना के समीर कुमार, कहलगांव के प्रशांत कुमार और लड़ैयाटाड़ बंगलवा के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से मोबाइल और टैब भी बरामद किए गए।  संगठित गिरोह और पेपर लीक की साजिश का खुलासा पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह स्थानीय युवकों को हायर कर परीक्षा में बैठाने की साजिश रच रहा था। साथ ही प्रश्नपत्र लीक कराने की भी कोशिश की जा रही थी।  128 अभ्यर्थियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान की एक नोडल एजेंसी ने 128 अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था, ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फर्जी तरीके से सफलता हासिल कर सकें। बायोमेट्रिक क्लियर कराने के लिए सुजल कुमार को एजेंट बनाया गया था, जिसने असली अभ्यर्थियों की जगह मुन्ना भाई बैठा दिए।  मास्टरमाइंड की तलाश जारी, और खुलासों की आशंका इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अंबे चौक स्थित एक कोचिंग संचालक ए.के. राठौर को माना जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।  

बिहार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, पहली बार राज्य में बीजेपी की अपनी सरकार

पटना  नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में आज से सम्राट चौधरी का युग शुरू हो गया है. पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है. सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं ने भाग लिया।  पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के राजनीतिक इतिहास में ये पहली है, जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है. सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. आज केवल इन तीन नेताओं का ही शपथ ग्रहण हुआ, जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं. इस भव्य शपथग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी विशेष रूप से मौजूद रहे।  सम्राट चौधरी की नई सरकार में बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ली शपथ बिहार की नवनिर्वाचित सरकार में जेडीयू के कद्दावर और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में बिजेंद्र यादव का शामिल होना सरकार के प्रशासनिक अनुभव को मजबूती प्रदान करेगा। वे दशकों से बिहार की राजनीति और सरकार का अहम हिस्सा रहे हैं, और उनके पास ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का लंबा अनुभव है। बिहार में भाजपा के लिए ऐतिहासिक पल, पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बिहार की राजनीति में आज एक नया युग शुरू हो रहा है, जहां पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहा। सम्राट चौधरी लोकभवन में शपथ लेकर ये ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करेंगे। हालांकि यह समारोह संक्षिप्त होगा, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व काफी बड़ा है। सरकार के नए स्वरूप में जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बिहार के इतिहास में ये पहली बार होगा जब जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री सरकार का हिस्सा बनेंगे। डिप्टी सीएम के नाम पर संजय सरावगी ने लगाई मुहर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल के बाद आज नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मिल रहे हैं। विकास की जो रेखा नीतीश कुमार ने खींची थी उसी रेखा को आगे बढ़ाने का काम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होगा। BJP का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और NDA गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है।  डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव का सफरनामा सुपौल से 1990 से लगातार विधायक, 'कोसी का विश्वकर्मा' के नाम से मशहूर 1991 में लालू सरकार में पहली बार बने मंत्री, 2005 में नीतीश के CM बनने के समय JDU के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश कैबिनेट में कई बार बिजली मंत्री रहे वित्त, वाणिज्य कर जैसे विभाग भी संभाला, 2025 में लगातार नौवीं बार जीत दर्ज की 2025 में कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी को हराया     JDU के सबसे सीनियर नेताओं में एक, नीतीश के करीबी और थिंक टैंक में शामिल     1982 से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य, दलसिंहसराय सीट से पहली बार चुनाव जीते     सरायरंजन सीट से पहली बार 2010 में जीत दर्ज की, 2025 में सरायरंजन सीट से चुनाव जीते     वित्त, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विभाग संभाले     2015 से 2020 तक विधानसभा के स्पीकर      साफ-सुथरी इमेज और कुशल प्रशासक की छवि बिहार के नए 'सम्राट' का सफरनामा     RJD के साथ सियासी करियर की शुरुआत     1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने     2000 में पहली बार परबत्ता से बने विधायक     2013 में RJD से बगावत, JDU में एंट्री     2 जून 2014 में मांझी सरकार में मंत्री बने     मांझी को हटाने पर बगावत, JDU से सस्पेंड     2017 में BJP में शामिल 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष     2021 में नीतीश कैबिनेट में बने मंत्री     2024 में नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा     तारापुर से जीता 2025 विधानसभा का चुनाव     2025 में दूसरी बार डिप्टी सीएम बने     15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ 967 में कर्पूरी बने थे मुख्‍यमंत्री  करीब 59 वर्षों बाद वे इस उपलब्धि को दोहराएंगे-इससे पहले 1967 में उप मुख्यमंत्री बने जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभाला था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह के अनुसार, बिहार की राजनीति में उप मुख्यमंत्री का पद हमेशा से सत्ता संतुलन का प्रतीक रहा है। 1957 में श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में पहली बार यह पद बनाया गया था, जब अनुग्रह नारायण सिन्हा को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। तब से अब तक लगभग 10 नेता इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन कर्पूरी ठाकुर ही ऐसे नेता थे, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री बने। अब सम्राट चौधरी इस सूची में दूसरा नाम जोड़ने जा रहे हैं। नीतीश युग में उप मुख्यमंत्रियों की भरमार नीतीश कुमार के दो दशक लंबे राजनीतिक दौर में बिहार में सबसे अधिक उप मुख्यमंत्री बनाए गए। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, तेजस्वी … Read more

खाखर गांव में छापेमारी, 8.700 किलो गीली अफीम और 370 किलो डोडा जब्त

 चतरा  चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र अंतर्गत रिमी पंचायत के खाखर गांव में पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसपी सुमित कुमार अग्रवाल को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के अमारिक गंझु, मनोज गंझु, सरजू गंझु समेत अन्य तस्कर अपने घरों में भारी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाकर रखे हुए हैं और इसे बाहरी व्यापारियों को बेचने की फिराक में हैं. सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिमरिया एसडीपीओ शुभम कुमार खंडेलवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने खाखर गांव में दबिश दी. करोड़ों का माल और अहम दस्तावेज बरामद मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि विशेष टीम ने जब आरोपियों के एक-एक घर की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुए. छापेमारी में कुल 8.700 किलोग्राम गीली अफीम, 370 किलोग्राम डोडा और 109 किलोग्राम पोस्ता दाना जब्त किया गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है. इसके अलावा, पुलिस ने मौके से आरोपियों के आधार कार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिससे उनकी पहचान पुख्ता हो गई है. तस्कर फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज हालांकि, पुलिस की आहट पाते ही सभी नामजद आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे. इस मामले में लावालौंग थाना कांड संख्या 23/26 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. एसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध मादक पदार्थ के कारोबारियों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है. कार्रवाई में शामिल रही बड़ी टीम नशे के खिलाफ इस बड़े अभियान में एनडीपीएस थाना प्रभारी शमी अंसारी, लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार, अवर निरीक्षक विधायक प्रसाद यादव सहित जिला पुलिस के कई जवान शामिल थे. चतरा पुलिस की इस उपलब्धि को जिले में नशा मुक्ति अभियान की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.