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रांची के तमाड़ में संदिग्ध गतिविधि का खुलासा, निर्माणाधीन भवन से भारी संख्या में युवक पकड़े गए

 तमाड़ झारखंड के विभिन्न जिलों में रविवार को आयोजित उत्पाद सिपाही की परीक्षा के बीच रांची के तमाड़ से एक संदिग्ध और बड़ी घटना सामने आई है. तमाड़ पुलिस ने रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी कर करीब 150-160 युवकों को हिरासत में लिया है. यह स्थान नेशनल हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के बाहरी सुनसान इलाके में स्थित है, जहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से पुलिस को संगठित गड़बड़ी का संदेह हुआ. थाना परिसर सील, वरीय अधिकारी कर रहे पूछताछ हिरासत में लिए गए सभी युवकों को तमाड़ थाना लाया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन थाना परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और वरीय पुलिस अधिकारी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस की टेक्निकल टीम हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन और उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच कर रही है. दस्तावेज और वाहन जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं. इनमें अभ्यर्थियों के नामों की लंबी सूची, उनके मोबाइल नंबर और पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) की छायाप्रतियां शामिल हैं. इसके अलावा, वहां आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. नकल गिरोह या अवैध सेटिंग की आशंका प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक उत्पाद सिपाही की परीक्षा देने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से रांची पहुंचे थे. पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या इन युवकों को परीक्षा में नकल कराने या किसी विशेष ‘सेटिंग’ के उद्देश्य से यहां जुटाया गया था. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसी संगठित नकल गिरोह का हाथ है या मामला कुछ और है.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद: रांची में शिक्षक-छात्र उपस्थिति पर कड़ा रुख

रांची विद्यालयों की भूमि एवं भवनों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा मानते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्याप्त पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता में शामिल है और सभी अंचल अधिकारी इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करें। बैठक के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त जिले की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। शिक्षक उपस्थिति पर सख्ती समीक्षा में पाया गया कि केवल 76 प्रतिशत शिक्षक ही ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छात्र उपस्थिति में सुधार के निर्देश विद्यालयों द्वारा केवल 54 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी में दर्ज की जा रही है। उपायुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन स्थगित किया जाएगा। आधार पंजीकरण पर जोर सभी छात्रों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जन्म प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया। नए सत्र में नामांकन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने तथा आधारभूत संरचना की कमी का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि डीएमएफटी फंड से आवश्यक कार्य कराए जा सकें। FLN एवं इनोवेशन चैलेंज प्राथमिक विद्यालयों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला इनोवेशन चैलेंज के लिए विद्यालयों को तैयार करने पर जोर दिया गया। किसी भी विद्यालय में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गैस उठाव और एजेंसी रिपोर्ट का मिलान करने को कहा गया। लक्षित असाक्षर व्यक्तियों का आनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

BRABU हॉस्टल बना तस्करी का अड्डा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के हॉस्टल में रहकर कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 200 जिंदा कारतूसों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए तस्करों की पहचान सिवान के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के अनमोल कुमार के रूप में हुई है। यूनिवर्सिटी पीजी हॉस्टल में था डेरा पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद डराने वाला है। गिरफ्तार दोनों तस्कर यूनिवर्सिटी परिसर स्थित 'पीजी थर्ड' हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध रूप से रह रहे थे। ये तस्कर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान दोनों अपनी बुलेट बाइक से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर वापस पीजी थर्ड हॉस्टल ही जा रहे थे, तभी काजी मोहम्मदपुर थानेदार नवलेश कुमार ने टीम के साथ कलमबाग-खबरा रोड पर घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। विश्वविद्यालय में तनाव हॉस्टल से कारतूसों की बरामदगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में माहौल काफी तनावपूर्ण है। कुलपति (VC) के कुछ फैसलों के खिलाफ छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना भी हुई थी, जिसकी जांच अभी चल ही रही है। ऐसे में हॉस्टल से 200 गोलियों का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। थानेदार नवलेश कुमार ने बताया कि दोनों के पास से 200 गोलियां बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस के बयान पर काजी मोहम्मदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इन तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारतूसों की यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी। क्या इन गोलियों का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन या कुलपति आवास पर हुए हमले से जुड़ा है, पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के आम छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बाहरी लोग इतनी आसानी से हॉस्टल के कमरों में अवैध रूप से कैसे रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

सम्राट चौधरी समेत कई नामों पर चर्चा, जल्द तय होगा बिहार का अगला CM

 पटना बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए नेता के चयन की कवायद तेज हो गई है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में जल्द ही नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हालांकि, भाजपा विधायक दल की बैठक की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है। लिस्ट में कई नामों की चर्चा है पर सबसे अधिक दावेदारी सम्राट चौधरी के नाम की हो रही है। यह भी चर्चा है कि भाजपा चौंकाने वाले फैसले करने में माहिर है। पप्पू यादव ने दावा किया है कि जिन नामों की चर्चा हो गई है उन्हें भाजपा सीएम नहीं बनाएगी। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पूरे बिहार समेत केंद्र की सिसायत में हर सचेत, सक्रिए और राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस सवाल का जवाब देने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही बिहार भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम का चेहरा फाइनल कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बैठक के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। भाजपा संंसदीय बोर्ड ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। इससे पहले शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह के आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे की मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि बिहार में सीएम फेस नई सरकार से स्वरूप पर मंथन हुआ। रविवार को दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने 1 अणे मार्ग जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार शाम से ही के दिल्ली से लौटने के बाद से ही हलचल जारी है। कई मंत्रियों ने पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नई सरकार के गठन की समीक्षा की जा रही है। सीएम कौन बनेगा यह भाजपा को तय करना है हालांकि, इसमें नीतीश कुमार की भावना का पूरा खयाल रखा जाएगा। नीतीश कैबिनेट में मंत्री श्रवण कुमार, मदन सहनी भी सीएम आवास पर पहुंचे। शनिवार को भी सम्राट चौधरी सीएम से मिलने गए थे। सीएम ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को भी बुलाया था। इतना तो तय हो गया है कि अगले सीएम भाजपा से ही होंगे। सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार सिन्हा, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, संजीव चौरसिया, जनक राम जैसे नेताओं का नाम चर्चा में है।

शादी के नाम पर ठगी: बक्सर पुलिस ने नकली दुल्हन गैंग का किया भंडाफोड़

बक्सर बिहार के बक्सर जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ शादी के नाम पर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बक्सर पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के कुल आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। नकली शादी और फिर गहनों की लूट यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर एक महिला को 'दुल्हन' के रूप में पेश किया जाता था। शादी संपन्न होने के कुछ ही समय बाद गिरोह के अन्य सदस्य 'नकली पुलिसकर्मी' या दुल्हन के परिजन बनकर पहुँच जाते थे और लड़के वालों को डरा-धमकाकर गहने और पैसे लूट लेते थे। दो बच्चों की मां बनी थी 'दुल्हन' बक्सर एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वह महिला भी शामिल है जिसे दुल्हन बनाकर पेश किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस महिला को कुंवारी बताकर शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बक्सर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय था। कैश, गहने और ऑटो बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, सोने की बाली, चांदी की पायल, मोबाइल फोन और वह ऑटो बरामद किया है जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि ये लोग योजना के तहत घटना को अंजाम देते थे ताकि पीड़ित पक्ष लोक-लाज के डर से पुलिस के पास न जाए। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पूर्व में की गई ठगी की वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

बिरसा स्टेडियम में छऊ, मोहीनीअट्टम और झूमर गीतों से सजी सांस्कृतिक शाम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में सरकार के कलासंस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में  चैत्र पर्व  सह छऊ महोत्सव 2026 का रंगारंग आगाज हो गया. कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के साथ साथ दुसरे राज्यों से आए क्लासिकल नृत्यकार द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया वहीं इंडियन आयडल फेम प्रियांशु दत्ता द्वारा सुरों की महफिल सजाई गई. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद जोबा मांझी के द्वारा  किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मांझी ने कहा कि छऊ हमारी संस्कृति है इसका विकास हम सबों का दायित्व है. छऊ के कारण सरायकेला की पहचान विदेशों तक है साथ ही देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री छऊ कलाकारों को मिले हैं यह सरायकेला के लिए गौरव की बात है. राज्य सरकार उससे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है आने वाले दिनों में कला के साथ कलाकार का विकास होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, आदित्यपुर महा पौर संजय सरदार, डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुनायत का मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. मंगलाचारण के साथ शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम के पहले दिन छऊ कलाकारों द्वारा मंगलाचरण के साथ शुरुआत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरायकेला शैली छऊ राधा कृष्ण नृत्य से किया गया. इसके बाद माटीर मोनीषो नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में मानभुम शैली, खरसावां शैली नृत्य ने भी समां बांधा. पहले दिन ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में दूसरे स्थान में रहने वाली टीम द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया. केरल की शास्त्रिय संगीत मोहीनीअट्टम कलाकार मोमीता ने किया नृत्य प्रस्तुत पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आई मोहीनीअट्टमम कलाकार मोमिता पाल एंड टीम ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया. जिला के छऊ नृत्य के साथ मोहिनीअट्टम नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. मोहिनीअट्टम नृत्य केरल की शास्त्रीय नृत्य है साथ ही पुरे देश में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, दूसरे राज्यों से आए कलाकारों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. झुमर सम्राट संतोष महतो ने प्रस्तुत किया झुमर गीत खरसावां के झुमर स्रम्राट संतोष महतो ने झुमर गीत प्रश्तुत कर समा बांधा. उन्होंने अपनी टीम के साथ कुडमाली, ओडिया, नागपुरी गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लुटी. उन्होंने अपने गीत और संगीत से उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.

झारखंड में भाजपा का हमला तेज, झामुमो-कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची भारतीय जनता पार्टी के ‘गांव चलो अभियान’ के तहत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड के तुरूप गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल कार्यकर्ताओं की पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा रही हैं. विपक्ष पर तीखा प्रहार विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष साहू ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते, तो कांग्रेस आज देश को पाकिस्तान के हाथों बंधक बना देती. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला. साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो-कांग्रेस की सरकार में राज्य की महिलाओं, युवतियों के साथ-साथ आम लोगों में भारी असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है. राज्य में महिलाओं से जुड़ी घटनाएं आम हो गई हैं. कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर है कि घर से निकली कोई मां या बहन शाम को सुरक्षित घर लौटेगी या नहीं, इसे लेकर भी लोग हमेशा डरे  रहते हैं. हर चेहरे पर मुस्कान लाना कार्यकर्ताओं का लक्ष्य: साहू उन्होंने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘गांव चलो अभियान’ को सफल बनाते हुए हर घर तक पहुंचें. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीणों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दें, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ मिल सके और उनके चेहरों पर मुस्कान लाई जा सके. इस मौके पर क्षेत्र के समुचित विकास और पार्टी की आगामी सांगठनिक कार्ययोजनाओं पर भी गहन मंथन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज ने की, जबकि मंच का संचालन मंडल अध्यक्ष सुनील महतो ने किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र महतो, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अजय महतो, रामनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, गोवर्धन महतो, ब्रजेश कुमार, रामसाय मुंडा, संतोष महतो, मनीराम महतो, गोपाल महतो, सुप्रेश महतो, घनेनाथ महतो, रामेश्वर महतो, ज्योतिष महतो, दूर्गा महतो, बालकराम महतो सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.

UCC से लेकर विपक्ष पर हमला, मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया बड़ा बयान

पटना बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभिन्न मुद्दों पर बयान देते हुए विकास योजनाओं, यूनिफॉर्म सिविल कोड और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत एक बड़े रिंग रोड निर्माण की योजना बनाई जा रही है। पटना में बनेगी दिल्ली की तरह रिंग रोड बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बात करते हुए कहा, 'पटना में बन रही यह रिंग रोड लगभग 150 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।' इन जिलों तक पहुंच हो जाएगी और भी आसान उन्होंने कहा कि पटना में रिंग रोड के बनने से जिले के आसपास के जिलों जैसे वैशाली, सारण, समस्तीपुर और अन्य क्षेत्रों में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही, राजधानी में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना दिल्ली की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुचारू बनाया जा सके। राजधानी पटना में सरकार रिंग रोड बनाने जा रही है। ये 150 किमी लंबी होगी और इसे बनाने में 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा। UCC पर भी बोले दिलीप जायसवाल यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह कोई विवाद का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रहे हैं, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है। कांग्रेस सबसे बड़ी महिला विरोधी- बीजेपी इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी से दूर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर दिए जाएं और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए जायसवाल ने कहा कि वह बार-बार भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है, जिसके कारण वह इस तरह के बयान दे रही हैं। साथ ही, उन्होंने मालदा को घुसपैठ का केंद्र बताते हुए कहा कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

नोएडा से मंगाई गई स्पिरिट से बनी जहरीली शराब, 10 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा

मोतिहारी/साहिबाबाद  बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है। नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया। आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।  गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है। तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।  इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।  

परीक्षा से पहले ही परीक्षा खत्म! पूर्णिया यूनिवर्सिटी की लापरवाही से हंगामा

पूर्णिया बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय हाल में ही एक शोध छात्रा के साथ एक विभागाध्यक्ष की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद अब स्नातक प्रथम खण्ड की परीक्षा को लेकर सुर्खियों में है. पूर्णियां विश्वविद्यालय इस मामले में देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां एक परीक्षा के लिए तीन अलग अलग एडमिट-कार्ड जारी किए गए हैं और उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही परीक्षा हो गई. परीक्षा से वंचित हजारों छात्र-छात्रों का परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश देखने को मिला है. हालांकि, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक इस लापरवाही का पूरा ठीकरा समर्थ पोर्टल पर फोड़ रहे हैं. एक ही परीक्षा का तीन-तीन कार्ड दरअसल, पूर्णिया विश्वविद्यालय स्नातक में प्रथम वर्ष की परीक्षा 30 मार्च से शुरू हुई है. जो 15 अप्रैल तक चलेगी. इसी बीच एक हैरानी की बात सामने आई कि परीक्षा शुरू होने से पहले तकनीकी त्रुटियों की वजह से दो बार परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया गया. दूसरी बार वाले एडमिट कार्ड से 30 मार्च और 04 अप्रैल को परीक्षा भी सम्पन्न हुई. इसके बाद फिर विश्वविद्यालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए तीसरा एडमिट कार्ड जारी किया और परीक्षा तिथि में भी परिवर्तन किया. इस एडमिट कार्ड के अनुसार, 08 अप्रैल और 10 अप्रैल को होने वाली परीक्षा को विस्तारित करते हुए क्रमशः 09 और 11 अप्रैल कर दिया गया. 11 अप्रैल की सुबह की पाली की परीक्षा देने जब सैकड़ों परीक्षार्थी जिला मुख्यालय स्थित आर केके कॉलेज केंद्र पहुंचे तो उन्हें परीक्षा केंद्र में यह कहकर प्रवेश करने से रोक दिया कि इन विषयों की परीक्षा 10 अप्रैल को ही पूरी हो चुकी है. इसके बाद सैकड़ों परीक्षार्थी आक्रोशित हो गए और उन्होंने सहरसा-पूर्णिया मार्ग को जामकर नारेबाजी किया. परीक्षार्थी इमराना खातून ने बताया कि 08 तारीख से आ रहे हैं, फर्स्ट सिटींग में परीक्षा थी, कैंसल हो गया. फिर बोला कि 09 तारीख को होगा, वह भी कैंसल हो गया. फिर 11 तारीख बताया गया, लेकिन आज भी नही हो रहा है. हमलोगों को धक्का मारकर बाहर कर दिया गया. समर्थ पोर्टल की गड़बड़ी से हुई छात्रों को परेशानी परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार फॉर्म भराया गया. तकनीकी त्रुटियों की वजह से बच्चों को परेशानी हुई. उनकी परेशानियों को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. छुटे हुए बच्चों की परीक्षा फिर से ली जाएगी. आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है. परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह कहते हैं कि भारत सरकार के समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार परीक्षा फॉर्म भराया गया है और तकनीकी त्रुटि के कारण विश्वविद्यालय के बच्चों को परेशानी हुई है. उनकी परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. परीक्षार्थियों को कोई असुविधा नही हो, इसलिए उक्त विषय की परीक्षा फिर से ली जाएगी और आगे की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल ने बताया है कि जो त्रुटि है, उसको दूर कर लिया गया है. छात्र नेता पीयूष पुजारा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि ऐसा लगता है कि परीक्षा विभाग और विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है और बार-बार एडमिट कार्ड निकलना पड़ता है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेवारी परीक्षा विभाग लेती है और आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है.इसका मतलब तो यह हुआ कि परीक्षा विभाग और पूर्णियां विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है और उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है ,बार-बार एडमिट कार्ड बदलना पड़ता है.