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जन्मदिन पर नीतीश कुमार की बड़ी सौगात: 51 लाख बच्चों को मिलेगी पोशाक, पश्चिम चंपारण से आगाज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज जन्मदिन है। सीएम नीतीश कुमार के जन्मदिन के अवसर पर राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के लिए विशेष पहल की घोषणा की है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पूरे बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों को दो-दो सेट नई ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना की औपचारिक शुरुआत आज की जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के हाथों होगा। पहले चरण में लगभग 51 लाख बच्चों को दो सेट ड्रेस वितरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्यस्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण से की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी और शाह समेत कई नेताओं ने दी बधाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को 75 वर्ष के हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वह पिछले कई वर्षों से बिहार की प्रगति के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि उनकी दूरदृष्टि और विकास योजनाओं ने अनगिनत लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। प्रधानमंत्री ने कुमार के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की भी कामना की। शाह ने भी कुमार के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके नेतृत्व में बिहार में राजग प्रदेशवासियों के विकास व प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की कामना करता हूं।'' बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने भी दी शुभकामनाएं बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश कुमार को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। चौधरी ने पोस्ट किया, ''बिहार के विकास पुरुष, सुशासन बाबू, जन-जन के प्रिय नेता, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से उनके जन्मदिवस के अवसर पर मिलकर हार्दिक बधाई और असंख्य शुभकामनाएं दीं। प्रभु से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें।'' सिन्हा ने पोस्ट में लिखा, ''बिहार के लोकप्रिय, कर्मठ और दूरदर्शी मुख्यमंत्री आदरणीय  नीतीश कुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। राजग सरकार के नेतृत्व में आपके मार्गदर्शन ने कभी पिछड़े कहे जाने वाले बिहार को विकास की नयी दिशा दी है। सुशासन, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे के सशक्त विस्तार के माध्यम से आपने ''विकसित बिहार'' के सपने को मजबूती से आगे बढ़ाया है। आपकी ईमानदारी, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर जनसेवा की शक्ति प्रदान करें।''  

जीत के बाद जलापूर्ति करवाने पहुंचे सरायकेला के नगर पंचायत अध्यक्ष

सरायकेला. झारखंड के सरायकेला में नगर पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के साथ ही मनोज चौधरी “सुनो सरायकेला चुनो काम वाला” के स्लोगन के साथ जीत दर्ज करने मनोज चौधरी जीत के दूसरे दिन ही अपने काम में लग गये है. पहले ही दिन सरायकेला शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या का निराकरण करने निकल गये. सरायकेला में 20 घंटे से बाधित है जलापूर्ति सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब 20 घंटे से बाधित पेयजल आपूर्ति को बहाल कराने को लेकर शनिवार की सुबह 10 बजे नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज चौधरी स्थानीय लोगों के साथ पीएचडी कार्यालय पहुंचे. वहां के कर्मियों से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की जानकारी ली. बताया गया कि मोटर जल जाने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है. उन्होंने कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने पीएचडी के कनीय अभियंता को 12 घंटे के अंदर नया मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने का निर्देश दिया. वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी देखकर भड़के मनोज चौधरी पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण के क्रम में कई जगह गंदगी और काई लगा हुआ पाया गया. गंदगी देखकर मनोज चौधरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरायकेला नगर क्षेत्र की जनता का पेयजल आपूर्ति का एक मात्र साधन पीएचडी द्वारा सप्लाई वाटर है. पानी में इतनी गंदगी लोगों बीमार हो रहे है. उन्होंने कहा कि गंदा पानी के सेवन से नगर पंचायत की जनता को पेट से जुड़ी बीमारियों की समस्या हो रही है. इसका कारण पीएचईडी द्वारा सप्लाई किया जा रहा गंदा पानी है. उन्होंने कहा कि ये इस तरह का काम नहीं चलेगी. उन्होंने प्लांट की गंदगी को अविलंब स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने को निर्देशित किया. जनता ने कामवाले को चुना मनोज चौधरी ने कहा कि चुनाव में उनका एक ही नारा था‘ सुनो सरायकेला,चुनो काम वाला’. क्षेत्र की जनता ने एक काम वाले को अपना प्रतिनिधि चुना है. चुनाव समाप्त हो गया है. अब उनका काम बोलेगा. जनता से किये वायदों को एक-एक कर पूरा करेंगे. जल्द ही शहर में साकारात्मक बदलाव दिखाई देगी. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पूर्व की तरह पूरी संजीदगी के साथ कार्य करेंगे. एक एक कर जन समस्याओं का समाधान करेंगे. उन्होंने सरायकेला के विकास के लिये क्षेत्र के लोगों से सुझाव व मार्गदर्शन देने की भी अपील की.

क्या विधायक पद छोड़ेंगे तेजस्वी यादव? राज्यसभा चुनाव पर सियासी हलचल तेज

पटना बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें चल रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अहम बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की यह बैठक रविवार को पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राबड़ी आवास में शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि, पार्टी के तमाम वरीय नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव संसद जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक भी बुला दी है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। तेजस्वी को चाहिए ओवैसी और मायावती का साथ बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च तक नामांकन बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन का आखिरी दिन 5 मार्च है। 9 मार्च तक नामांकन वापसी हो सकती है। अगर 5 से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो 16 मार्च को मतदान होगा। उसी दिन रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। सत्ताधारी गठबंधन की ओर से भी अभी तक किसी भी उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ है।

बीजेपी समर्थित प्रत्याशी के जश्न में अफरा-तफरी के दौरान सांसद हुए बेहोश

मेदिनी नगर/पलामू. नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर ने भारी मतों से जीत हासिल की। जीत के बाद निकाले गए विजय जुलूस के दौरान पलामू सांसद वीडी राम अचानक बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान अधिक भीड़ और तेज धूप के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें श्री नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डिहाइड्रेशन के कारण हुए बेहोश डॉक्टरों के अनुसार, बेहोश होने का कारण डिहाइड्रेशन बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार सांसद वीडी राम की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। चिकित्सकीय निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छुट्टी मिलने के बाद वे अपने आवास के लिए रवाना हो गए।

राज्यसभा चुनाव को लेकर लालू ने बुलाई बड़ी बैठक, क्या तेजस्वी यादव छोड़ेंगे विधायकी?

पटना बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। सियासी गलियारों में अटकलें चल रही हैं कि तेजस्वी खुद विपक्ष के राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़ा करने के लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अहम बैठक बुलाई है। आरजेडी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की यह बैठक रविवार को पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर होगी। इस बैठक की अध्यक्षता लालू यादव करेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पार्टी के सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राबड़ी आवास में शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार चयन पर मंथन किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज रही। हालांकि, पार्टी के तमाम वरीय नेताओं ने इससे साफ इनकार किया। कोई भी नेता इस दावे की पुष्टि नहीं कर सके। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव संसद जा सकते हैं। उनकी विधानसभा सीट राघोपुर से परिवार के किसी अन्य सदस्य को उपचुनाव में लड़ाया जा सकता है। हालांकि, रविवार को आरजेडी की बैठक के बाद ही इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटें हो रहीं खाली बिहार की पांच राज्यसभा सीटें रिक्त होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जो सीटें खाली हो रही हैं उन पर वर्तमान में एनडीए के 3 और आरजेडी के दो सांसद हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर जीत के लिए ना तो एनडीए के पास पर्याप्त विधायक हैं और ना ही विपक्षी दलों के महागठबंदन के पास नंबर हैं। अगर आरजेडी या विपक्ष की ओर से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारा जाता है तो क्रॉस वोटिंग हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही राज्यसभा में विपक्ष से प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके हैं। अब लालू यादव ने उम्मीदवार चयन के लिए पार्टी की बैठक भी बुला दी है। इससे साफ है कि महागठबंधन एनडीए के खिलाफ प्रत्याशी उतारने के पूरे मूड में है। तेजस्वी को चाहिए ओवैसी और मायावती का साथ बिहार विधानसभा में अभी आरजेडी के 25 समेत महागठबंधन के कुल 35 विधायक ही हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसी स्थिति में लालू-तेजस्वी को अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 और मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने खुद अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर आरजेडी से समर्थन मांगा था। शुक्रवार को पटना में तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की सीक्रेट मीटिंग होने की भी बात सामने आई। इसमें दोनों दलों के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है।

रांची नगर निगम की 53 में से 32 वार्डों में महिला प्रत्याशियों ने जीता चुनाव

रांची. नगर निगम चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि शहर की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। 53 वार्डों में हुए चुनाव (Ranchi Municipal Election) में 32 वार्डों में महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि 21 वार्डों में पुरुष उम्मीदवार विजयी रहे। यानी इस बार भी निगम बोर्ड में महिलाओं की संख्या अधिक रहेगा। कई वार्डों में महिलाओं ने निर्णायक बढ़त हासिल की, तो कई जगह बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की गई। इन नतीजों से स्पष्ट है कि रांची नगर निगम की नई परिषद में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक रहेगी। कई वार्डों में महिलाओं ने मजबूत जनाधार के साथ जीत दर्ज की है, जिससे आने वाले कार्यकाल में निगम की राजनीति में ‘नारी शक्ति’ की भूमिका और प्रभावी होने की संभावना है। उनके पक्ष में योजनाएं भी बनेंगी। कांटे की टक्कर वाले वार्ड कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। वार्ड 38 में मात्र 26 वोट का अंतर रहा। वार्ड 33 में 74 वोट, वार्ड 14 में 96 वोट और वार्ड 2 में 97 वोट का अंतर रहा। इन परिणामों ने यह दिखाया कि मतदाताओं ने कई जगह आखिरी वोट तक मुकाबला बनाए रखा। इन वार्डों में महिलाओं की हुई जीत वार्ड 2 से सविता कच्छप ने 97 वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। वार्ड 14 में अंजू देवी ने सिर्फ 96 वोट से बाजी मारी। वार्ड 33 में पुष्पा टोप्पो ने 74 वोट से जीत हासिल की। वार्ड 38 में हालांकि पुरुष प्रत्याशी जीते, लेकिन वहां भी महज 26 वोट का अंतर रहा। वार्ड 9 से प्रीति रंजन ने 1907 वोट, वार्ड 10 से संगीता देवी ने 1668 वोट। वार्ड 11 से आलिया नाज ने 1789 वोट और वार्ड 23 से फरहा नाज ने 4370 वोट के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वार्ड 43 में शशि सिंह ने 2910 वोटों से जीत हासिल कर बड़ी बढ़त दर्ज की। वार्ड 52 में पुरुष प्रत्याशी पीटर खोया ने 4673 वोट से जीत दर्ज कर सबसे बड़ी जीत में से एक अपने नाम की।  पुरुष प्रत्याशियों की क्या रही स्थिति पुरुष उम्मीदवारों ने 21 वार्डों में जीत दर्ज की। वार्ड 12 से कुलभूषण डुंगडुंग ने 2632 वोट, वार्ड 26 से प्रदीप कुमार ने 2781 वोट और वार्ड 31 से नीरज कुमार ने 2693 वोट के बड़े अंतर से जीत हासिल की।

तेजस्वी के करीबी देवा गुप्ता ने सुबह की पोस्ट और शाम को STF ने किया गिरफ्तार

पटना. देवा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पत्नी के साथ शादी की सालगिरह का भावुक संदेश साझा किया। कुछ ही घंटों बाद बिहार एसटीएफ ने पटना में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और हिरासत में लिया। देवा को राजद नेता तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है।गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। पुलिस के अनुसार देवा गुप्ता पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जे सहित 28 केस दर्ज हैं। मोतिहारी पुलिस की 100 अपराधियों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था। एसपी ने उन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दो मामलों में वह लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे। उन्हें 10 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कानूनी राहत ली थी। हाईकोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत करीब दो महीने पहले पटना हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई थी। देवा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक कार्रवाई टालने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस की सीधी कार्रवाई कुछ समय के लिए रुकी रही। देवा ने अपने खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सुनवाई पूरी होने तक दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे। अब STF की कार्रवाई के बाद कानूनी स्थिति फिर चर्चा में है। पत्नी मेयर, राजनीति में सक्रियता देवा गुप्ता की पत्नी प्रीति कुमारी मोतिहारी नगर निगम की मेयर हैं। 2022 में मेयर चुनाव से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 2025 में राजद ने देवा को चुनावी मैदान में उतारा था। इससे पहले लोकसभा टिकट की भी दावेदारी की गई थी। गिरफ्तारी के बाद प्रीति कुमारी ने कार्रवाई को बेवजह बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बेल और स्टे मिल चुका है। तेजस्वी का नाम चर्चा में, सियासत गरम गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी यादव का नाम राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठा रहा है। राजद खेमे में इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया जा रहा है। एसटीएफ की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। मामले ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अब नजरें जांच एजेंसी और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

झारखंड की 8 नगर परिषदों और 9 नगर पंचायतों में निर्दलीयों का दबदबा, भाजपा और झामुमो ने दर्ज की जीत

रांची  झारखंड की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों में छोटे शहरी क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत छवि निर्णायक भूमिका में नजर आई. कई जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर देते हुए अपना दमखम दिखाया. वहीं, कुछ इलाकों में भाजपा और झामुमो के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला. इसके अलावा, दूसरे दलों की उपस्थिति सीमित रही. एनडीए और इंडिया गठबंधन में शामिल आजसू और राजद समर्थित किसी प्रत्याशी के जीतने की जानकारी नहीं है. झारखंड के 17 नगर अध्यक्ष पद पर निर्दलीयों का कब्जा झारखंड के 39 छोटे में से 17 शहरों के नगर अध्यक्ष पद पर ऐसे प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, जिनको किसी दल का समर्थन मिला. वहीं, भाजपा समर्थित कुल 11 प्रत्याशियों को जीत मिली है, जबकि झामुमो समर्थित नौ प्रत्याशी जीतने में सफल रहे हैं. दो प्रत्याशी कांग्रेस और एक प्रत्याशी माले समर्थित है. भाजपा ने संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई इस बार शहरी मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को प्राथमिकता दी है. स्थानीय स्तर पर सक्रियता और व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखनेवाले प्रत्याशियों को बिना किसी दल के समर्थन के भी लाभ मिला. भाजपा और झामुमो ने अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती के दम पर प्रदर्शन किया. झामुमो का संताल और कोल्हान क्षेत्र में प्रभाव कायम दिखा, जबकि भाजपा ने विभिन्न जिलों में संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई. आठ नगर पंचायतों के विजेताओं को समर्थन नहीं नगर परिषद और नगर पंचायतों के परिणाम को अलग-अलग देखा जाए, तो कुल 20 परिषदों में से पांच पर झामुमो, चार पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और नौ पर ऐसे प्रत्याशियों को जीत मिली है, जिन्हें किसी भी दल का समर्थन नहीं मिला. वहीं, राज्य की 19 नगर पंचायतों में से छह पर भाजपा, चार पर झामुमो और एक पर माले समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. आठ नगर पंचायतों पर ऐसे प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया, जिन्हें किसी भी दल से समर्थन नहीं था. नगर पंचायतों में कांग्रेस समर्थित एक भी प्रत्याशी जीत का स्वाद नहीं चख सका. 9 नगर पंचायत और 8 नगर परिषदों में निर्दलीयों की जीत     हुसैनाबाद नगर पंचायत: अजय भारती     हरिहरगंज नगर पंचायत: कुमारी शीला चौधरी     छत्तरपुर नगर पंचायत: अरविंद गुप्ता     श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत: साधना देवी     मझिआंव नगर पंचायत: सुमित्रा देवी     लातेहार नगर पंचायत: महेश सिंह     कोडरमा नगर पंचायत: साजिद हुसैन लल्लू     बासुकीनाथ नगर पंचायत: वीणा देवी     जामताड़ा नगर पंचायत: आशा गुप्ता     गढ़वा नगर परिषद: आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी     विश्रामपुर नगर परिषद: गीता देवी     चतरा नगर परिषद: अताउर रहमान     झुमरीतिलैया नगर परिषद: रमेश हर्षधर     गोड्डा नगर परिषद: सुशील रमानी     पाकुड़ नगर परिषद: शबरी पाल     चिरकुंडा नगर परिषद: सुनीता देवी     कपाली नगर परिषद: परवेज आलम     सिमडेगा नगर परिषद: ओलिवर लकड़ा 7 नगर पंचायत और 4 नगर परिषदों में भाजपा के अध्यक्ष     डोमचांच नगर पंचायत: उमेश वर्मा     बड़कीसरैया नगर पंचायत: शोभा देवी     लातेहार नगर पंचायत: महेश सिंह     राजमहल नगर पंचायत: केताबुद्दीन     महागामा नगर पंचायत: प्रबोध सोरेन     बरहरवा नगर पंचायत: अर्पिता दास     खूंटी नगर पंचायत: रानी टूटी     मिहिजाम नगर परिषद: जयश्री देवी     मधुपुर नगर परिषद: मिती कुमारी     लोहरदगा नगर परिषद: अनिल उरांव     गुमला नगर परिषद: शकुंतला उरांव 4 नगर पंचायत और 5 नगर परिषद में झामुमो के अध्यक्ष     बुंडू नगर पंचायत: जीतेंद्र उरांव     राजमहल नगर पंचायत: केताबुद्दीन     सरायकेला नगर पंचायत: मनोज कुमार चौधरी     चाकुलिया नगर पंचायत: सोमवारी सोरेन     साहिबगंज नगर परिषद: रामनाथ पासवान     दुमका नगर परिषद: अभिषेक चौरसिया     चकधरपुर नगर परिषद: शनि उरांव     चाईबासा नगर परिषद: नितिन प्रकाश     जुगसलाई नगर परिषद: नौशान खान कांग्रेस और माले समर्थित प्रत्याशी     फुसरो नगर परिषद: निर्मला देवी (कांग्रेस)     रामगढ़ नगर परिषद: कुसुमलता कुमारी (कांग्रेस)     धनवार नगर पंचायत: विनय कुमार संथालिया (माले)  

माडल स्कूलों में योग्य शिक्षकों का चयन कर होगी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई

भागलपुर. जिले में शिक्षा विभाग ने 16 प्रखंडों के लिए माडल स्कूलों का चयन कर लिया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। माडल स्कूलों के बेहतर संचालन के लिए अब जिले के विभिन्न स्कूलों से योग्य और अनुभवी शिक्षकों का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। माडल स्कूलों में प्राथमिकता बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित उच्च रैंक वाले शिक्षकों को दी जाएगी। साथ ही यह देखा जाएगा कि चयनित शिक्षकों ने विशेष प्रशिक्षण लिया है या नहीं। दक्षता परीक्षा और विशिष्ट शिक्षक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। सेवानिवृत्त और अनुभवी शिक्षक भी होंगे शामिल पुराने शिक्षक जो सेवानिवृत्त होने के करीब हैं, उनमें से भी योग्य और बेहतर प्रदर्शन वाले शिक्षकों को माडल स्कूलों में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित की जा सके। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चयन और प्रशिक्षण की आगे की योजना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से शिक्षकों की प्रारंभिक सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर एक टीम का गठन कर अंतिम चयन किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता निजी स्कूलों के स्तर के समान रहे। छात्र-शिक्षक अनुपात और संसाधन माडल स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार शिक्षक तैनात किए जाएंगे। वर्तमान में प्रत्येक स्कूल से छात्र-शिक्षक संख्या का डाटा लिया गया है। उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक, और प्लस टू स्तर (कक्षा 11-12) में कम से कम 16 शिक्षक तैनात किए जाएंगे। इन स्कूलों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, ICT आधारित शिक्षण, पर्यावरण क्लब और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, माडल स्कूलों में आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यालय स्तर से निर्देश मिले – मुख्यालय स्तर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में माडल स्कूल के शिक्षकों के लिए निर्देश मिले हैं। शिक्षकों के चयन इस प्रकार किया जाएगा उससे संबंधित जानकारी आने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। – राजकुमार शर्मा, डीईओ

बेतिया में नई रेललाइन का ट्रैक टूटने से बाल-बाल बची बगहा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस

बेतिया. बिहार में बेतिया में बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर शनिवार की सुबह डाउन लाइन की रेल पटरी फ्रैक्चर हो गयी। इस दौरान टूटी रेल पटरी से ही पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस की दो बोगियां भी निकल गयी। इसी बीच चालक को रेल ट्रैक धंसने का एहसास हो गया और चालक ने ट्रेन को रोक दिया। जब चालक व ट्रेन के गार्ड ने उतरकर देखा तो ट्रैक टूटकर थोड़ी धंस गयी थी। चालक की सूज-बूझ से टला हादसा चालक एवं ट्रेन मैनेजर की सूझबूझ से सभी यात्री दुर्घटना के शिकार होते बाल-बाल बच गये। रेल यात्रियों के बीच भी अफरा तफरी मच गयी। जानकारी मिलते ही रेलवे के कई वरीय अधिकारी व निर्माण कार्य से जुड़े कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। आरपीएफ के जवान ने भी मौके पर पहुंच छानबीन की। अन्य ट्रेनों के परिचालन को भी थोड़ी देर के लिए रोककर टूटी रेल पटरी को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। जिसके बाद डाउन रेलवे लाइन पर परिचालन शुरू किया गया। हालांकि रेल पटरी टूटने का कारण घटनास्थल पर मौजूद किसी अधिकारी एवं कर्मी ने नहीं बता पाया। दो बोगियों के गुजरने के बाद हुआ एहसास रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 15202 इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन कुमारबाग रेलवे स्टेशन से सुबह 5:48 बजे खुली। करीब 300 मीटर दूर जाने पर इंजन एवं दो बोगियां गुजरने के दौरान चालक को ट्रेक धंसने का एहसास हुआ, तब जाकर रेल दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गयी। रेल पटरी को कैसे भी ठीक करा ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। इस दौरान कुमारबाग में करीब दो घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस रुकी रह गयी। चनपटिया में सप्तक्रांति एक्सप्रेस को भी रोक दिया गया था। बताया जा रहा है हाल में ही इसी रेल लाइन का सीआरएस भी हुआ था।