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आस्था कंपनी का बड़ा फ्रॉड, निवेशकों का पैसा लेकर फरार

  गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 'आस्था' नामक एक निजी कंपनी के संचालकों ने निवेश को दोगुना करने का लालच देकर करीब 256 लोगों से 80 करोड़ रुपये की ठगी की और रातों-रात चंपत हो गए। इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद पीड़ित निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में पीड़ितों ने एसपी विनय तिवारी से मुलाकात कर न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। 20 महीने में पैसे डबल करने का दिया था झांसा मिली जानकारी के अनुसार, इस ठगी का खेल साल 2023 में शुरू हुआ था। 'आस्था' कंपनी के कर्मचारियों और प्रबंधकों ने शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में भव्य बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में स्थानीय लोगों को निवेश की लुभावनी योजनाओं की जानकारी दी गई। कंपनी ने दावा किया था कि जो भी व्यक्ति उनके पास पैसा जमा करेगा, उसे मात्र 20 महीने की अवधि में दोगुना रिटर्न दिया जाएगा। ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इस कंपनी में निवेश कर दी। रातों-रात दफ्तर बंद कर फरार हुए कर्मचारी ठगी का खुलासा तब हुआ जब करीब एक सप्ताह पहले कंपनी के गोपालगंज और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित कार्यालयों पर अचानक ताला लटक गया। पीड़ित जब अपने निवेश की स्थिति जानने दफ्तर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा था। मैनेजर और कर्मचारी सभी अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो चुके थे। काफी तलाश करने के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो चुके हैं। एसपी से मिलकर दर्ज कराई एफआईआर दर्ज शुक्रवार को एसपी विनय तिवारी से मिलने पहुंचे पीड़ितों में सुदामा कुशवाहा, हरेंद्र राय, राजन कुमार, सागर गुप्ता, दिलीप शर्मा, आलोक कुमार बरनवाल और अजय कुमार सहित कई लोग शामिल थे। पीड़ितों ने बताया कि करीब 256 लोगों का पैसा फंसा हुआ है।नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि ठगी के इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की जा रही है जो कंपनी के बैंक खातों और फरार कर्मचारियों के लोकेशन की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निवेश की गई राशि की बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

रांची को मिली विकास की रफ्तार: टनल-ओवरब्रिज प्रोजेक्ट शुरू, हजारों करोड़ से सड़क नेटवर्क मजबूत होगा

रांची/ओरमांझी. झारखंड की राजधानी रांची की विकास यात्रा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 303 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि रांची में आयोजित समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रिमोट दबाकर योजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर रामपुर चौक (रांची–जमशेदपुर मार्ग) के पास भूमिगत टनल और इरबा स्थित विकास चौक (रांची–हजारीबाग मार्ग) पर आधुनिक ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 303 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी होंगी। सेठ ने कहा कि इनसे रांची और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा, जाम की समस्या कम होगी और सड़क हादसों पर भी अंकुश लगेगा। 15 दिनों के अंदर मिली मंजूरी: संजय सेठ संजय सेठ ने बताया कि उन्होंने बताया कि रामपुर चौक और विकास चौक ऐसे स्थान हैं, जहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती थीं। इस समस्या की जानकारी देने के मात्र 15 दिनों के भीतर नितिन गडकरी ने डीपीआर तैयार कराकर परियोजना को मंजूरी दे दी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गडकरी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान सेठ ने झारखंड में चल रही और प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1500 किमी से अधिक सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें गोला–ओरमांझी सड़क परियोजना लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, ओरमांझी फ्लाईओवर को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि घोरालिंग, फुलदुंगरी और बहरागोड़ा में तीन अंडरपास बनाए जा रहे हैं। चिल्गु नदी पर पुल का निर्माण 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, इटकी और चांडिल में रेल ओवरब्रिज का निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा चरही और चुटुपालू घाटी में सड़क चौड़ीकरण जल्द शुरू होगा और रांची–महुलिया तथा कोडरमा–मेघातरी सड़क परियोजनाओं पर भी काम जारी है। नई सड़क योजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में झारखंड को 17 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाएं मिलेंगी, जिनमें 450 किमी सड़क निर्माण शामिल है। वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण हिस्सा भी इसमें शामिल होगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा रांची में 6000 करोड़ रुपये की लागत से 195 किमी लंबी आउटर रिंग रोड बनाने की योजना है, जिसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है। सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में देश में तेजी से सड़क निर्माण हो रहा है। वर्तमान में देश में प्रतिदिन लगभग 34 किमी और सालाना 15 हजार किमी सड़कें बनाई जा रही हैं, जो भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहा है। कार्यक्रम में टोल प्लाजा से जुड़ी समस्याएं भी उठीं। खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने बुंडू, ओरमांझी और तरूप टोल प्लाजा पर नियमों के विपरीत वसूली का मुद्दा उठाया। इस पर संजय सेठ ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिया कि 60 किमी के नियम का उल्लंघन होने पर तुरंत टोल प्लाजा को हटाया जाए। साथ ही उन्होंने ओरमांझी शास्त्री चौक पर जाम और दुर्घटनाओं को देखते हुए ओवरब्रिज निर्माण की भी जानकारी दी। विधायक ने जताई नाराजगी विधायक कच्छप ने मंच से यह भी कहा कि सरकारी कार्यक्रमों को राजनीति से दूर रखना चाहिए और सभी जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद पूरे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कुछ सड़कों के शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। वहीं राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से झारखंड का समग्र विकास होगा और पलायन व मानव तस्करी पर भी रोक लगेगी। मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से रांची में आवागमन और अधिक सुगम होगा।

एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली प्रदीप यादव पकड़ा गया

डुमरिया करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली प्रदीप यादव को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती रबदी गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। प्रदीप यादव मूल रूप से झारखंड का निवासी है लेकिन बिहार और कई पड़ोस के राज्यों में वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह अंधाधुंध फायरिंग में माहिर है। पुलिस पर हमले में भी वह एक्सपर्ट है। प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसबी की 29वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट रविशंकर कुमार और ‘सी’ समवाय डुमरिया के निरीक्षक मंतोष कुमार के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने सटीक घेराबंदी कर लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे मुख्यालय लाया गया। गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पर की थी अंधाधुंध फायरिंग प्रदीप यादव झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कोवल गांव का निवासी है लेकिन बिहार समेत आस पास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों को ऑपरेट करता है। वह वर्ष 2012 में पुलिस और सीआरपीएफ की सर्चिंग पार्टी पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। इसके अलावा 24 जनवरी 2012 को बागपुर के पहाड़ी इलाके में हथियार लूटने की साजिश के तहत अपने साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि, हथियार लूटने में उसे कामयाबी नहीं मिली। इस मामले में डुमरिया थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वर्षों तक फरारी के दौरान वह लगातार ठिकाना बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद उसे डुमरिया थाना को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस उसके पूरे दस्ते का सफाया करने की कार्रवाई में जुट गई है। केंद्र सरकार बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से नक्सल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि जल्द ही देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। पॉइंटर ● एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता ● 2012 में सीआरपीएफ-पुलिस पर हमले और फायरिंग में रहा था शामिल ● लंबे समय से ठिकाना बदलकर पुलिस को दे रहा था चकमा

नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश, नेताओं ने दी बधाई

 पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। देश के उच्च सदन के सदस्य बनने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कहा,नीतीश जी के लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी। भाजपा और जदयू के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक संक्षिप्त समारोह में नीतीश कुमार को शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा। पीएम ने आगे कहा है कि सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी नीतीश कुमार ने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। बिहार को नीतीश कुमार ने जंगलराज से मुक्त कराया इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार जी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने सुशासन और विकास के विजन से बिहार को जंगलराज से मुक्त कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि केंद्र में मंत्री से लेकर बिहार में लंबे समय तक सीएम तक, सार्वजनिक जीवन का उनका लंबा अनुभव अब संसद में नीतियां बनाने और विकसित भारत की निर्माण यात्रा को गति देने में अहम सिद्ध होने वाला है। नीतीश कुमार का संसदीय कार्यकाल और भी उपलब्धियों से भरा हो, यह कामना करता हूं। बधाइयों का तांता लगा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। न्याय के साथ विकास के मंत्र के साथ बिहार ने प्रगति और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखा है। उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुदृढ़ आधारभूत संरचना, बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, महिलाओं के सशक्तीकरण की प्रभावी पहल और मजबूत कानून-व्यवस्था ने राज्य को नई पहचान दी है। 2005 से पहले अदालत ने भी जिस बिहार को जंगलराज का उपमा दिया था, वहां नीतीश जी ने सुशासन स्थापित किया। आधी आबादी को सम्मान देने के लिए पंचायत और निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया, जो पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण बना। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के उन विरले राजनीतिज्ञों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी सदनों का सदस्य रहने का गौरव प्राप्त है। स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति अथाह समर्पण के साथ नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिहार को विकास और सुशासन की नई दिशा दी है। यही कारण है कि बिहार की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया शपथ लेने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा, पहले तो हम यहीं थे। शपथग्रहण समारोह में जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर अर्जुन राम मेघवाल, संजय कुमार झा, जयराम रमेश, सम्राट चौधरी, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, राजीव प्रताप रूड़ी, संजय जायसवाल, कौशलेन्द्र कुमार, चन्देश्वर चन्द्रवंशी मौजूद थे।

न्याय प्रक्रिया हुई आसान: गवाह अब स्पेशल सेंटर से ही दर्ज कर सकेंगे अपने बयान

भागलपुर. गवाहों की सुरक्षा को लेकर सरकार की नई कार्य योजना जल्द ही साकार होने जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर संवेदनशील गवाही केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center) का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक भूमि का चयन कर लिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने 9 अप्रैल 2026 को जिला विधिज्ञ संघ परिसर के निकट इस सेंटर के लिए भूमि चिह्नित की थी। इस सेंटर के निर्माण से गवाहों को न केवल सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही भी दे सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उच्च न्यायालय को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत सभी कचहरी परिसरों में ऐसे सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सेंटरों का उद्देश्य गवाहों की पहचान को गुप्त रखते हुए उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान करना है। गवाहों को अब अदालत में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। गवाहों को बिना डर के गवाही देने का अवसर इस सेंटर में विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, यौन उत्पीड़न पीड़िताओं, दिव्यांगों और धमकी के शिकार गवाहों के लिए गवाही देने की व्यवस्था की जाएगी। यह सेंटर उन्हें सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में बयान दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में ऐसे केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर की विशेषताएं वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर एक विशेष प्रकार का कोर्ट रूम है, जो सामान्य अदालतों से भिन्न है। इसे 'कमजोर या संवेदनशील गवाहों' के लिए डिजाइन किया गया है, जहां गवाहों का आरोपितों से सामना नहीं होगा। गवाह एक अलग कमरे में बैठता है, जबकि न्यायाधीश, अधिवक्ता और आरोपित दूसरे कमरे में स्क्रीन पर गवाही की प्रक्रिया देखते हैं। इस सेंटर में चाइल्ड-फ्रेंडली माहौल प्रदान किया जाएगा, जिसमें रंगीन दीवारें, खिलौने, किताबें और आरामदायक फर्नीचर होंगे, ताकि बच्चे सहज महसूस करें। गवाहों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, और उनके आने-जाने का रास्ता भी अलग होगा। गवाही के दौरान गवाह के साथ मनोवैज्ञानिक, काउंसलर या परिवार का सदस्य रह सकता है। एक बार में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिससे पीड़ित को बार-बार कोर्ट में उपस्थित होकर घटना को दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पॉक्सो और महिला अपराध के मामलों में तेजी भागलपुर रेंज में पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा के सैकड़ों मामले लंबित हैं। अक्सर नाबालिग पीड़ित कोर्ट में आरोपित को देखकर सहम जाते हैं और अपने बयान से पलट जाते हैं, जिससे दोषसिद्धि दर में कमी आती है।

पान महासम्मेलन से विपक्षी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

पटना 12 अप्रैल को कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी का पटना दौरा इस हलचल को और तेज करने वाला है. नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है और इसी बीच राहुल गांधी का आना महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है. पान महासम्मेलन के मंच से सजेगी चुनावी बिसात इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता के अनुसार, राहुल गांधी 12 अप्रैल को पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित होने वाले “पान महासम्मेलन” का उद्घाटन करेंगे. कहने को तो यह पान व्यवसाय से जुड़े समाज का एक सम्मेलन है, लेकिन जिस तरह से इसमें बड़े सियासी दिग्गजों का जमावड़ा होने वाला है, उसने साफ कर दिया है कि असली मकसद 2024 के चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की धार को और तेज करना है. पटना की सड़कों पर राहुल गांधी की मौजूदगी उस वक्त होगी जब सत्ता पक्ष (एनडीए) नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहा होगा. तेजस्वी और दीपंकर के साथ ‘पावर शो’ की तैयारी इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का एक साथ मंच साझा करना होगा. नीतीश कुमार के संभावित विदाई के बाद पैदा हुए ‘पॉलिटिकल वैक्यूम’ को भरने के लिए विपक्ष इस मौके का भरपूर इस्तेमाल करना चाहता है. यह एक ऐसा मंच होगा जहां से महागठबंधन के नेता न केवल सामाजिक संदेश देंगे, बल्कि राज्य में बदलते समीकरणों के बीच अपनी मजबूती का अहसास भी कराएंगे. नीतीश की विदाई और विपक्ष की नई रणनीति बिहार में इस वक्त एनडीए के भीतर नए मुखिया को लेकर खींचतान और मंथन का दौर जारी है. ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेगा. नीतीश कुमार के राज्यसभा की राह पकड़ने के बाद बिहार की राजनीति में जो नया समीकरण उभर रहा है, उसमें राहुल और तेजस्वी की जुगलबंदी काफी निर्णायक साबित हो सकती है. अब सबकी निगाहें 12 अप्रैल के उस संबोधन पर टिकी हैं, जो बापू सभागार से गूंजेगा और आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता की दिशा तय करेगा.

भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला, ई-मापी होगी अब ऑनलाइन

पटना बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है. इस बदलाव का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा, तय समय में पूरा होने वाला और टेक्नोलॉजी के जरिए आसान बनाना है. विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. क्या बदल जायेगा नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी. इससे लोगों को पहले की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से होगा. जिन जमीनों को लेकर विवाद चल रहा है, उनकी मापी के लिए भी सरकार ने समय तय कर दिया है. ऐसे मामलों में मापी का काम 11 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुराने और लंबित केस जल्दी निपट सकें. मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन डालना जरूरी जमीन की मापी पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है. इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर लोग इसे आसानी से देख सकेंगे. अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा. इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. सरकार के इस कदम से कम होंगे विवाद सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी. विवाद कम होंगे और लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी. इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

पलामू में संस्कृति और एकता पर केंद्रित होगा हिंदू सम्मेलन

  पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को शहर के होटल आरडीएस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई. सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जनसंपर्क अभियान भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है. तैलिक साहू महासभा ने पेश की रूपरेखा तैलिक साहू महासभा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष रामदास साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की मजबूती से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है. इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा. स्कृति और एकता पर रहेगा मुख्य फोकस रामदास साहू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती दूरियों को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस सम्मेलन के जरिए लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. देशभर के 1.08 लाख स्थानों पर आयोजन समिति के सचिव कुमार गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के एक लाख आठ स्थानों पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी लोगों से आपसी एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की. प्रमुख संत और वक्ता होंगे शामिल सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे. मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन से 1008 सीताराम शरण जी, साध्वी शरण जी और कार्यवाहक दिनेश जी के शामिल होने की संभावना है. ये सभी वक्ता धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा. जनसंपर्क अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके. शिवाजी मैदान में होगा भव्य आयोजन यह विराट हिंदू सम्मेलन 12 अप्रैल, रविवार को शाम चार बजे मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक कला का प्रदर्शन और प्रबुद्धजनों के संबोधन मुख्य आकर्षण होंगे. आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है. समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकास तिवारी, विनीत पांडेय और सूर्यकांत पासवान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.

नौकरी दिलाने के नाम पर ठग सक्रिय, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

चतरा झारखंड के चतरा जिले में चल रही होम गार्ड बहाली प्रक्रिया के बीच ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह के पैसे या सिफारिश का इसमें कोई स्थान नहीं है. 1 अप्रैल से चल रही है बहाली प्रक्रिया चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 अप्रैल 2026 से होम गार्ड बहाली प्रक्रिया संचालित की जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है. मोबाइल कॉल के जरिए ठगी का प्रयास जिला प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें होम गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है. इसके बदले उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है. ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. उपायुक्त कीर्तिश्री का सख्त संदेश चतरा की उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने इस मामले में स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो रही है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, बिचौलिया या पैसे का कोई स्थान नहीं है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी हैं. अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील उपायुक्त ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फोन कॉल, संदेश या व्यक्ति के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें. इससे ऐसे ठगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी. साइबर सेल और पुलिस को सूचना देने की सलाह प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. इससे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. प्रशासन कर रहा है सतत निगरानी जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. बहाली प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या धोखाधड़ी को रोका जा सके. संबंधित अधिकारियों को भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. अफवाहों से दूर रहने की अपील जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें. सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है.

झारखंड सरकार की बड़ी पहल, 500 बच्चों के हृदय रोग की होगी निःशुल्क जांच

 रांची झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. कांगेनिटल हार्ट डिजीज बीमारी की पहचान और जांच के लिए आयोजित यह शिविर 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा. इसका उद्देश्य भारत में हर साल दो लाख से ज्यादा जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और उनका निःशुल्क इलाज करना है. इस शिविर में जांच (स्क्रीनिंग), परामर्श और चिह्नित बच्चों के हृदय ऑपरेशन (सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है. गिफ्ट ऑफ लाइफ के तहत लगाया गया शिविर झारखंड सरकार के शिविर स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिशुरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को “केयरिंग फॉर चिल्ड्रन विद हार्ट डिजीज : एसेंशियल फैक्ट्स” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है. इस विशेष शिविर के पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय में जन्मजात छेद वाले चिह्नित बच्चों को इस शिविर में अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच की गई. इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया. इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है. नन्हें मासूमों का हृदय रोग परीक्षण इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा इको एवं अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोग का परीक्षण किया जाएगा एवं जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई उनका निशुल्क ऑपरेशन (सर्जरी ) अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची में कराया जायेगा. सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा. 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य इस शिविर में लगभग 500 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी आने जाने ठहरने आदि की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. महत्वपूर्ण जानकारी     जन्म के बाद उभरने लगती है परेशानी: कुछ दोष बहुत मामूली होते हैं जो अपने आप ठीक हो सकते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं जिनके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है.     लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय हांफना, त्वचा का नीला पड़ना, बहुत पसीना आना और वजन न बढ़ना इसके मुख्य लक्षण हैं.     निदान और उपचार : इसका पता गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या जन्म के बाद इकोकार्डियोग्राफी (इको) से लगाया जा सकता है. इसका मुख्य उपचार दवाएं, कैथीटेराइजेशन या ओपन-हार्ट सर्जरी है. बच्चों में किन लक्षणों के बाद डॉक्टर को दिखाएं     त्वचा, होंठ या नाखूनों का नीला या पीला पड़ना (साइनोसिस)     कम वजन, ग्रोथ में कमी, दूध पीते-पीते हांफना या सांसें तेज होना – थक जाना     वजन न बढ़ना या शारीरिक विकास रुकना,     तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ नवजात में क्यों होती है बीमारी कांगेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे जन्मजात हृदय रोग भी कहते हैं, जन्म के समय हृदय की संरचना (स्ट्रक्चर) में खराबी या दोष को कहते हैं. यह समस्या तब पैदा होती है, जब गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिल सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाता है. यह बच्चों में जन्मजात दोषों का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 100 में से 1 या 2 शिशुओं को प्रभावित करता है. भारत में हर साल करीब 2,00000 लाख बच्चे इस बीमारी की परेशानियों से गुजरते हैं. क्या कहते हैं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों में जागरूकता नहीं रहने के चलते रोग का सही समय पर चिन्हित नहीं हो पाता है. निःशुल्क ऑपरेशन के लिए मां अमृता हॉस्पिटल के साथ नॉन फाइनेंशियल एमओयू किया गया है. सत्य साईं अस्पताल भी अलग से उपचार कर रहा है. झारखंड में यह दूसरा कैंप है. रोटरी सहित अन्य एनजीओ मरीजों परिजनों को आने-जाने के खर्च में मदद कर रहे हैं, यह उनकी ओर से बड़ा सहयोग है.