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झारखंड में पुराने वाहनों के फिटनेस नियम हुए सख्त

रांची/रामगढ़. जिले व इसके आसपास यानी पड़ोसी बोकारो जिले के पुराने वाहन मालिकों के लिए थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। पहले जिन पुराने वाहनों के फिटनेस के लिए आसानी से जिला परिवहन कार्यालय जाकर वाहनों की जांच करा फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करते थे। अब यह व्यवस्था पूरे राज्य में जनवरी महीने से बंद हो गई है। सड़क परिवहन राज मार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार अब ऐसे वाहनों को फिटनेस के लिए निजी स्तर पर एटीएस यानी आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में जाकर कराना होगा। जानकारों की मानें तो यह वर्तमान में दो रांची, एक जमशेदपुर व एक हजारीबाग में यानी पूरे प्रदेश के केवल चार स्थानों पर ही है। यहां के सभी प्रकार के निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस कराने के लिए या तो हजारीबाग का चक्कर लगाना होगा या फिर रांची का। दोनों ही स्थिति में वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को 120 से 130 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी। इसके अलावा राजधानी रांची जाने के दौरान नो इंट्री आदि के चक्कर में पड़ेंगे सो अलग से व प्रमंडलीय मुख्यालय हजारीबाग बड़कागांव रोड में यह एटीएस बना है। चूंकि रामगढ़, बोकारो व धनबाद जिला अधिकतर हिस्से में कोल इंडिया की कोलियरियां व अन्य औद्योगिक ईकाइयों में चलने वाले भारी मालवाहक वाहन हैं। ऐसे में इतनी दूरी तय करना यहां के ट्रांसपोर्टरों व वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेंगी। इससे अतिरिक्त खर्च भी इनके जेब पर भारी पड़ेगी। ट्रांसपोर्टरों की मानें तो क्षेत्र की कोलियरियों में छुट्टी अगर रविवार को होगी तो गाड़ी का फिटनेस रविवार को नहीं हो पाएगा क्योंकि एटीएस रविवार को को बंद रहेंगी। अब तक एमवीआई करते आ रहे थे फिटनेस का कार्य सड़क पर चल रही पुरानी हो चुकी छोटी बड़ी निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत एमवीआई करते आ रहे थे। संबंधित व्यवसायिक वाहनों मसलन बस आदि को फिटनेस कराने जाने के लिए रूट परमिट आदि की समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। नहीं तो इस स्थिति में कभी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में भी इनके वाहन आएंगे जो वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। रामगढ़ में फिटनेस का कार्य बंद होने से उनके समक्ष परेशानी बढ़ी है। अब तक रामगढ़ में पूर्व की व्यवस्था होने से उन्हें परेशानी नहीं थी, अब रांची व हजारीबाग का चक्कर लगाना उनके लिए परेशानियों से भरा होगा। – राजू प्रसाद, ट्रांसपोर्टर अगर एटीएस रामगढ़ जिले में स्थापित होता तो इससे पास के बोकारो, धनबाद जिले के वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को सुविधा होती लेकिन वर्तमान आदेश के बाद हम सभी के लिए परेशानी बढ़ेगी। – दिनेश साहू, वाहन मालिक सह ट्रांसपोर्टर रांची हजारीबाग गाड़ी ले जाना संभव नहीं है। कोलियरियों व रेलवे साइडिंग में एक दिन भी छुट्टी नहीं होती। छुट्टी अगर रविवार को होगी तो उनका रविवार को काम नहीं हो पाएगा, क्योंकि रविवार को एटीएस बंद रहेंगी। यह हमलोगों के लिए व्यर्थ की पेरशानी व जेब पर भारी पड़ने वाला निर्णय है। – संतोष कुमार, ट्रांसपोर्टर

झारखंड सरकार लड़कियों को पढ़ाई के लिए देगी 30 हजार रुपए

रांची. झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा निदेशालय) ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से संचालित अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनकी शैक्षणिक प्रगति में रोड़ा न बनें। उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा की ओर से सभी विवि के रजिस्ट्रार को जारी पत्र में छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने को कहा गया है। छात्रवृत्ति उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने 10वीं-12वीं सरकारी स्कूलों से उत्तीर्ण की हो और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नामांकन लिया हो। योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस या अन्य शिक्षा-संबंधी खर्चों में किया जा सकेगा। यह सहायता पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए दी जाएगी।

6 दरिंदों ने किया हैवानियत का शिकार, अगवा कर शराब पिलाई और लड़की पर किया हमला

 पूर्णिया,    दिल्ली से करीब 1300 किलोमीटर दूर बिहार के पूर्णिया में गैंगरेप की एक ऐसी वारदात हुई है जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. छह दरिंदों ने एक मासूम युवती को जबरन कार में खींचा, 25 किलोमीटर दूर ले जाकर उसे बंधक बनाया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. लड़की चीखती रही, चिल्लाती रही लेकिन न तो किसी ने उसकी मदद की और ना दरिदों को उस पर तरस आई. जिस युवती का सपना सिर्फ अपने परिवार को बेहतर जिंदगी देना था, उसी की जिंदगी को दरिंदों ने नरक में बदल दिया. अब पीड़िता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी की जंग लड़ रही है. पहले अगवा किया, फिर जबरन शराब पिलाई उस युवती के साथ दरिंदों ने ऐसा अमानवीय व्यवहार किया कि इंसानियत भी शर्मसार हो जाए. पीड़िता अपने परिवार का पेट पालने के लिए आर्केस्ट्रा में काम करती थी. वह सपने देखती थी और बेहतर जीवन की तलाश में संघर्ष कर रही थी, लेकिन कुछ दरिंदों ने उसकी जिंदगी को नरक बना दिया. आर्केस्ट्रा में काम करने वाली उस युवती का आधा दर्जन युवकों ने पहले अपहरण किया, फिर उसे जबरन शराब पिलाई और पूरी रात उसके साथ हैवानियत करते रहे. फिलहाल युवती पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. इस वारदात से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है, वह और भी चौंकाने वाली है. पुलिस के अनुसार, पीड़िता पूर्णिया के नेवलाल चौक से पैदल अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान एक कार में सवार छह युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया. लड़की ने विरोध किया, तो आरोपियों ने जबरन उसे गाड़ी में खींच लिया और उसका मुंह दबाकर शोर मचाने से रोका. इसके बाद आरोपी उसे बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स के एक कमरे में ले गए, जहां उसे बंधक बना लिया गया. दरवाजा तोड़ कर पुलिस ने बचाई पीड़िता की जान वहां युवती को जबरन शराब पिलाई गई और नशे की हालत में छह आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया. इस भयावह परिस्थिति में भी पीड़िता ने अद्भुत साहस दिखाया. जब मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनेद नशे की हालत में सो गया, तब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर उसी के मोबाइल फोन से डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को अपनी लोकेशन बताई. सूचना मिलते ही डगरूआ थाने की पुलिस गश्ती टीम सक्रिय हुई और लोकेशन के आधार पर जया ट्रेडर्स पहुंची. कमरे के बाहर ताला लगा देखकर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंदर का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गई. पीड़िता बदहवास हालत में पड़ी थी, जबकि मुख्य आरोपी पास में नशे की हालत में सो रहा था. पुलिस ने मौके से मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया है. एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश डगरूआ थाना की एसआई पूर्णिमा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला है. एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य पांच की पहचान की जा रही है. उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम गठित कर दी गई है.

झारखंड में 34 लाख लोगों को मिल रही 1 हजार रुपए पेंशन

रांची. सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 34.40 लाख से अधिक लाभुकों को राज्य सरकार प्रतिमाह 1000 रुपए पेंशन का भुगतान कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत अप्रैल माह से बीते 7 जनवरी तक 34,40,509 लाभुकों के खाते में 3 अरब 44 करोड़ 5 लाख 9 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। बीते गुरुवार (8 जनवरी) को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत चल रही कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति समीक्षा की गई थी। समीक्षा में 30 से अधिक कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की गई राशि की उपलब्धि, नए निर्माण कार्य एवं संबंधित योजना में कितने लाभुकों को लाभ पहुंचाया गया, की जानकारी ली गई। इसमें आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान, स्वच्छ एक्शन प्लान, शक्ति सदन, नेशनल क्रेच स्कीम, मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी निवास, चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन, नेशनल एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटीजन सहित चार प्रमुख पेंशन योजना आदि प्रमुखता से शामिल हैं। उत्पीड़न से ग्रसित 1181 महिलाओं को पहुंचाई गई सहायता: वन स्टॉप सेंटर के तहत राज्य की 1181 महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है। वर्तमान में राज्य में 35 सेंटर का संचालन किया जा रहा है। मिशन शक्ति (संबल) के तहत महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने, उन्हें उनका अधिकार दिलाने तथा अत्याचार से बचाव के लिए सभी जिलों में यह कार्यरत है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा रांची, पूर्वी सिंहभूम एवं धनबाद में एक-एक वन स्टॉप सेंटर भवन निर्माण कराया जाना है। नोडल विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। 1891 को संस्थानों के माध्यम से पहुंचाई सहायता राज्य में बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस की सुविधा भी संचालित है। वर्तमान में झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन (एसएआरए), 24 जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), 24 बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), 26 किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में 1891 बच्चों को निम्न तरीके से सहायता पहुंचाई गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना : परिवार के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के असहाय वृद्ध व्यक्तियों को प्रति लाभुक प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान होता है। 60-79 वर्ष आयु वर्ग : 8,07,704 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। 80 वर्ष एवं उससे अधिक : 95,565 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना : परिवार की 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की असहाय विधवा को पेंशन मिलती है। 25,11,828 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना : परिवार के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के असहाय तथा 80% से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति को पेंशन मिलती है। वर्तमान में 24,412 लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन का लाभ दिया गया है।

मकर संक्रांति से पहले दूध के 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचे दाम

पटना/अकबर नगर. मकर संक्रांति पर्व को लेकर अकबरनगर सहित आसपास के शहरी व ग्रामीण इलाकों में दूध की मांग अचानक बढ़ गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण दूध, दही और पनीर की कीमतों में उछाल आया है। स्थिति यह है कि बाजार में भैंस का दूध 90 से 100 रुपये प्रति लीटर, जबकि गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। स्थानीय पशुपालकों के अनुसार अकबरनगर क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से आधे से अधिक दूध स्थानीय क्षेत्र में ही खप जा रहा है। पर्व को लेकर दही-चूड़ा की बढ़ी मांग के कारण बाहर दूध की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर नियमित ग्राहकों को भी तय मात्रा से कम दूध दिया जा रहा है। तिलकुट व तिलवा की बिक्री में उछाल मकर संक्रांति को लेकर अकबरनगर बाजार में तिलकुट, तिलवा व तिल के लड्डुओं की दर्जनों दुकानें सज गई हैं। तिलकुट विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि गुड़ व चीनी का तिलकुट 220 से 260 रुपये किलो, पापड़ी 240 से 280 रुपये किलो, तिलवा 70 से 80 रुपये किलो तथा काले व पीले तिल के लड्डू 280 से 300 रुपये किलो बिक रहे हैं। पर्व नजदीक आते ही बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पतंगबाजी की परंपरा को देखते हुए अकबरनगर में पतंग की दुकानों में भी चहल-पहल देखी जा रही है। दुकानदार संतोष ने बताया कि 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की पतंगों की अच्छी बिक्री हो रही है।

राजद सांसद के वीडियो से विधानसभा में हार की हताशा उजागर?

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के भीतर मंथन के बजाय असंतोष और आक्रोश सामने आने लगा है। इसी कड़ी में राजद के एक वरिष्ठ सांसद का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। यह बहस हार–जीत से ज्यादा अब जनप्रतिनिधियों की भाषा, व्यवहार और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी पर केंद्रित हो गई है। वायरल वीडियो में राजद के जहानाबाद सांसद, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ग्रामीणों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि चुनाव परिणाम को लेकर पूछे गए सवालों पर वे आपा खो बैठे और आम लोगों के साथ बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। हालांकि दैनिक जागरण इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो गया जिले के खिजरसराय प्रखंड क्षेत्र का है, जहां सांसद एक क्रिकेट टूर्नामेंट समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे विधानसभा चुनाव में हार और क्षेत्रीय विकास को लेकर सवाल किए। इसी बातचीत में कथित तौर पर सांसद की नाराजगी सामने आई और उन्होंने वोट न मिलने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। वीडियो में सांसद यह कहते सुने जा रहे हैं कि उन्हें उस क्षेत्र से मात्र 15 हजार वोट मिले, ऐसे में वे वहां क्या काम कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों के नाम लेकर भी अभद्र टिप्पणियां कीं। आरोप है कि उन्होंने वोट न देने वालों को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और आगे 'देख लेने' जैसी बातें भी कहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चुनावी हार के बाद राजद के भीतर पनप रही हताशा और असंतुलन को भी दर्शाती है। विधानसभा चुनाव में राजद 25 सीटों पर सिमट गई, जिसे पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके बाद कई नेताओं के बयान लगातार विवादों में रहे हैं। इस मामले में विपक्षी दलों ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा है कि जनता के फैसले का सम्मान करने के बजाय नेताओं का इस तरह भड़कना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। वहीं राजद समर्थकों का कहना है कि वीडियो को संदर्भ से काटकर वायरल किया गया है। फिलहाल वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या चुनावी हार के बाद जनप्रतिनिधियों को आत्ममंथन करना चाहिए या जनता को ही कटघरे में खड़ा करना चाहिए? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में राजद की राजनीति और छवि तय करेगा।

बोलेरो में लोड 451 किलो गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

राघोपुर/सुपौल. नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में राघोपुर पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सिमराही बाजार स्थित जेपी चौक पर घेराबंदी कर एक बोलेरो से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे का वजन 451 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष अमित कुमार को रविवार सुबह सूचना मिली थी कि तस्करों का एक गिरोह अररिया की ओर से गांजे की एक बड़ी खेप लेकर सरायगढ़ भपटियाही की तरफ जाने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने एक विशेष टीम का गठन किया और जेपी चौक पर नाकाबंदी कर पुलिस की संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान अररिया की ओर से आ रही एक सफेद रंग की बोलेरो को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही गाड़ी में सवार लोग हड़बड़ाने लगे। संदेह होने पर जब पुलिस ने गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो 13 बोरों में भरकर रखा गया कुल 451 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल दोनों तस्करों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी को थाने ले आई। पुलिस की गिरफ्त में आए तस्करों की पहचान अररिया जिले के रहने वाले तस्करों के रूप में हुई है। जिसका नाम मु. आजीर आलम (28) साकिन हरियाबारा वार्ड 07, थाना अररिया एवं आलम खां (40) साकिन नरहुआ पतराहा वार्ड 04 थाना घूरना, जिला अररिया है। जांच में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सूचना मिली थी कि जेपी चौक से गांजे की खेप गुजरने वाली है। घेराबंदी कर 451 किलो गांजा पकड़ा गया है। यह खेप अररिया से सरायगढ़ भपटियाही की ओर ले जाई जा रही थी। इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। नशा मुक्ति अभियान को लेकर दिनदहाड़े बाजार के बीचों-बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे आगे कहां खपाने की योजना थी।

सुबह घने कुहासे के साथ शाम में फिर कड़ाके की ठंड

मुजफ्फरपुर. कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को सुबह घना कुहासा छाया रहा। दोपहर में धूप खिली और शाम में एक बार फिर ठंड की वापसी हो गई। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से धूप निकलने तक कनकनी रही। वहीं, सुबह 10 बजे तक घना कुहासा छाने से सड़क पर चलने में परेशानी हुई। वाहनों की लाइट जल रही थी। दोपहर बाद धूप खिलने से थोड़ी राहत मिली। लोग धूप सेंकते नजर आए। जैसे-जैसे शाम होने लगी एक बार फिर ठंड की वापसी हो गई। शाम को फिर से कनकनी की अनुभूति हुई। दिनभर पछिया चलती रही। रविवार को अधिकतम तापमान 20.2 व न्यूनतम 4.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। अधिकतम व न्यूनतम दोनों तापमान अब भी सामान्य से कम बना है। पिछले 24 घंटे में 12 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया चल रही है। कोल्ड डे का रहेगा प्रभाव मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में अभी कोल्ड डे का प्रभाव रहेगा। अगले दो से तीन दिनों तक कनकनी वाली ठंड की अनुभूति होगी। पछिया चलती रहेगी। तीन दिनों के बाद कोल्ड डे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। सुबह के समय में मध्यम कुहासा छाएगा। इसको लेकर मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया है कि पूर्वानुमानित अवधि में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम सात से नौ डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान आठ से 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया चलेगी।

चिराग पासवान पटना में बोले- बंगाल-असम में NDA की सरकार तय

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शानदार प्रदर्शन के बाद नए साल में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान नए साल में पहली बार पटना पहुंचे और आते ही सियासी आक्रामकता दिखा दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात के बाद चिराग ने साफ शब्दों में कहा कि अब एनडीए का अगला लक्ष्य बंगाल और असम हैं, और इन राज्‍यों में विपक्ष खुद अपनी नकारात्मक राजनीति से 'एनडीए की' मदद कर रहा है। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से भेंट की। इस दौरान लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और बिहार सरकार के मंत्री संजय पासवान भी मौजूद रहे। आभार यात्रा और संगठन विस्तार का रोडमैप मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने बिहार की जनता को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद उनकी पार्टी अब आभार यात्रा पर निकलेगी। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को पार्टी कार्यालय में दही-चूड़ा समारोह आयोजित किया जाएगा, जो संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क का हिस्सा होगा। विपक्ष पर तीखा हमला: डर और भ्रम की राजनीति चिराग पासवान ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विपक्ष झूठ, भ्रम और डर की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019) को लेकर जनता को डराया गया कि मुसलमानों की नागरिकता छिन जाएगी, चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान जैसे मुद्दों पर भ्रम फैलाया गया और वोट चोरी जैसे आरोप गढ़े गए। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी 15 दिन तक घूम-घूमकर लोगों को डराने का काम करते रहे, लेकिन किसी प्रक्रिया के तहत विरोध नहीं किया। बिहार की जनता ने एकतरफा फैसला देकर विपक्ष को जवाब दे दिया।" मनरेगा पर बड़ा बयान: भ्रष्टाचार का अड्डा चिराग ने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की योजना बनकर रह गई थी। "कांग्रेस ने देश के लोगों को सिर्फ मिट्टी खोदने तक सीमित कर दिया। फायदा गरीबों को नहीं, बल्कि सिस्टम से जुड़े लोगों को हुआ, जिन्होंने बड़े-बड़े बंगले बना लिए," चिराग ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब इस व्यवस्था के लूपहोल्स बंद किए गए, तब विपक्ष को परेशानी होने लगी। राम नाम और योजनाओं पर कांग्रेस को घेरा वीबी-जी-राम-जी (विकसित भारत – जी राम जी) योजना को लेकर चिराग ने कहा कि कांग्रेस बापू के नाम की आड़ में राजनीति कर रही है। "कांग्रेस को हमेशा से राम नाम से ऐतराज रहा है। बापू के सबसे प्रिय नामों में राम था, लेकिन ये सीधे नहीं कह सकते, इसलिए भ्रम फैला रहे हैं," उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र-राज्य के वित्तीय ढांचे को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम भी विपक्ष की राजनीति का हिस्सा है। बंगाल-असम में NDA सरकार तय चिराग पासवान ने बड़ा सियासी दावा करते हुए कहा कि बंगाल, असम और तमिलनाडु में एनडीए सरकार बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा, "बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी। असम में हम वापसी करेंगे। एलजेपी (रामविलास) इन राज्यों में अपनी भूमिका निभाने को पूरी तरह तैयार है।" हालांकि सीटों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती का आकलन कर रही है और डेढ़ महीने बाद स्पष्ट किया जाएगा कि कहां-कहां और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। सांसद फंड और राजद पर निशाना सांसद निधि के उपयोग पर उठ रहे सवालों पर चिराग ने कहा कि वे रिपोर्ट नहीं, परफॉरमेंस पर भरोसा करते हैं। "वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले सवाल उठाना जल्दबाजी है," उन्होंने कहा। नेता प्रतिपक्ष पर हमला करते हुए चिराग बोले, "सदन चले या मीडिया, नेता प्रतिपक्ष गायब रहते हैं। राजद आज जिस हाल में है, आने वाले समय में उसका नामो-निशान मिट जाएगा।" राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चिराग पासवान का यह बयान साफ संकेत देता है कि वे अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के युवा और आक्रामक चेहरे के रूप में खुद को स्थापित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। विपक्ष पर लगातार हमले और राज्यों के नाम लेकर सरकार बनाने का दावा आने वाले चुनावी मौसम का ट्रेलर माना जा रहा है।

राजनीतिक मैदान में तेज प्रताप यादव की एंट्री, तीन राज्यों में चुनाव लड़ेंगे

पटना जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी अपने राजनीतिक प्रभाव का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और कहा कि JJD आगामी पश्चिम बंगाल और 2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम के आगामी चुनावों में भी चुनाव लड़ेगी। "हम निश्चित रूप से बंगाल, उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे" पत्रकारों से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, "हम विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसलिए हम निश्चित रूप से बंगाल, उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में MCD चुनाव आ रहे हैं, और हम उनमें भी चुनाव लड़ेंगे।" रोहिणी आचार्य के X पर हालिया रहस्यमयी पोस्ट पर, जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह 'जयचंद' तत्वों के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगा रहे थे, लेकिन उन्हें पार्टी से दरकिनार कर दिया गया और बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने उनके व्यवहार को घिनौना बताया और दावा किया कि यह सब उनकी साजिश का हिस्सा था।लेकिन जिस तरह से उन्होंने उसके साथ व्यवहार किया, वह घिनौना है और यह सब उनकी साजिश का हिस्सा था। बता दें कि रोहिणी आचार्य ने X पर लिखा था, "इतने गहन प्रयास से बनाई और स्थापित की गई 'महान विरासत' को नष्ट करने के लिए, बाहरी लोगों की कोई ज़रूरत नहीं है; हमारे अपने और हमारे प्रियजनों में से कुछ साज़िश रचने वाले 'नए बने अपने' ही काफी हैं।" 15 नवंबर, 2025 को, आचार्य ने राजनीति छोड़ दी और परिवार से "संबंध तोड़ लिया", अपने भाई, तेजस्वी यादव, और उनके करीबी सहयोगियों, संजय यादव और रमीज़ पर उन्हें छोड़ने के लिए कहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें "अपमानित किया गया, गालियां दी गईं, उन्हें मारने के लिए जूते उठाए गए।" इसके बाद, आचार्य ने दावा किया कि तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगी, RJD सांसद संजय यादव ने उन्हें परिवार से "निकाल दिया" है। तेजस्वी की बहन ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पार्टी की हार के बारे में संजय यादव से सवाल किया, तो उन्हें "बेइज्जत किया गया, गाली दी गई और मारा भी गया"।