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महिला किसानों को ‘डिजिटल दीदी’ दे रही खेती का ज्ञान

भागलपुर. खूबसूरत चेहरे की आभा, बोलने की दिलकश अदाएं और कर्णप्रिय मधुर आवाज, मानो कोई सजग ग्रामीण महिला किसान अपने ही आंगन से खेती का गुर सिखा रही हो। शब्दों की लय ऐसी कि सीधे दिल में उतर जाए और सलाह ऐसी कि खेतों में हरियाली ला दे। दरअसल, यह किसी वास्तविक महिला का प्रसारण नहीं, बल्कि एआई तकनीक का कमाल है। जिसके जरिये बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। जी हां, विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए डिजिटल बोर्ड पर लगातार मौसम आधारित कृषि सलाह सरल और स्थानीय भाषा में प्रदर्शित की जा रही है। त्वरित मौसम के अनुसार प्रसारित यह संदेश बुवाई, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव देता है। केवल दृश्य माध्यम ही नहीं, विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो के जरिए भी एआई तकनीक से तैयार महिला आवाज में कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। मधुर, आत्मीय और भरोसा जगाने वाले स्वर में दी जा रही सलाह ग्रामीण श्रोताओं को खूब भा रहा है। विशेष रूप से महिला किसानों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है, क्योंकि संदेश सरल भाषा और सहज लहजे में प्रस्तुत किया जाता है। इस तकनीक पर कार्य कर रहे ईश्वर चंद्रा बताते हैं कि एआई लगातार अपडेट हो रहा है। भविष्य में इसे और विकसित कर किसानों की स्थानीय बोलियों में भी सलाह उपलब्ध कराने की योजना है। मोबाइल आधारित वीडियो परामर्श प्रणाली पर भी काम चल रहा है, जिससे किसान सीधे अपने खेत से ही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विज्ञानियों का मानना है कि समय पर सटीक जानकारी मिलने से फसल हानि में कमी आएगी और उत्पादन लागत घटेगी। मौसम पूर्वानुमान, रोग पहचान और बाजार भाव की सूचना को एआई प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी तैयारी जारी है।

एयर एंबुलेंस हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी

चतरा. झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश होने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर इरफान अंसारी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी पहलुओं की जांच होगी और दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री एयर एंबुलेंस क्रैश में मारे गए लोगों को स्वजनों से मिलने के लिए मंगलवार की सुबह चतरा आए हुए थे। स्थानीय सदर अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले मंत्री मृतकों के शवों को देखा और पोस्टमार्टम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर ही उपायुक्त कीर्तिश्री जी एवं पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एयर एंबुलेंस क्रैश की झारखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी घटना है। दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई  उन्होंने कहा कि मृतकों के स्वजनों के साथ सरकार की पूरी संवेदना है। आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। घटना की सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जो कोई भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद किस परिस्थिति में उड़ान भर गया, यह भी जांच का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि झारखंड में चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर नहीं है। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर विकास विरोधी का आरोप लगाया। इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में भारत का उच्च तकनीक वाले अस्पताल बनाने की योजना है, लेकिन विपक्ष कहीं न कहीं से अवरूद्ध पहुंचाते रहता है। मौके पर स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, अपार समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप सुमन, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी और भारी संख्या में सहवासी उपस्थित थे।

इलाज के लिए उड़ान बनी आखिरी सफर: आग में झुलसे संजय और एयर एम्बुलेंस हादसे का सच

  रांची झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ये एयर एम्बुलेंस एक हादसे में झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली लेकर जा रही थी. परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए लोन लेकर 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की थी. जानकारी के अनुसार, संजय कुमार चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे (करीब 63-65 प्रतिशत). उनका इलाज पहले रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार के सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था. लोन लेकर बुक की एयर एम्बुलेंस इसके बाद बेहतर इलाज की आस में परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस बुक की थी. इसके लिए परिवार ने लोन और अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, ताकि संजय को तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण विमान संतुलन खो बैठा और सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान छीन ली. मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भांजा ध्रुव शामिल हैं. इनके अलावा विमान के पायलट स्वराज दीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा ने भी अपनी जान गंवा दी. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और ये रकम कर्ज पर ली गई थी, जिसमें इलाज के लिए पहले से भी लाखों रुपये कर्ज में थे. खबर से मिली हादसे की जानकारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी खबरों से मिली. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ा भरने के बाद वो लोग अपने घर आ गए थे और थोड़ी देर बाद विमान में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उनका फोन नहीं मिला. इसके कुछ देर बाद ही उन लोगों को एक प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली तो उनकी चिंताएं बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में हम लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई.  ATC से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम (तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी) के कारण रूट डायवर्ट करने की कोशिश में 23 मिनट बाद ही ATC से संपर्क टूट गया. विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला. हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए. विमान सड़क से लगभग चार किलोमीटर अंदर घने और दुर्गम जंगल में गिरा था, जिससे राहत कार्य में भारी मुश्किलें आईं. जवानों को मलबे से शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीम ने सभी शवों को अपने कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल दूरी तय की और फिर एंबुलेंस के जरिए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया. 6000 फुट ऊंचाई पर जाते ही पायलट को हो गया था अंदेशा कोलकाता से संपर्क होने के बाद, विमान ने खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने (deviation) का अनुरोध किया था. इसके बाद, शाम 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 NM दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया और वो रडार से भी गायब हो गया. जानकारी के मुताबिक, IMD ने इस इलाके में पहले ही बिजली गिरने और मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया था. दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी एविएशन मिनिस्ट्री डीसी कीर्तिश्री जी ने एयर एम्बुलेंस हादसे की वजह तूफान बताई. उन्होंने कहा, 'तूफान के कारण ये हादसा हुआ. डॉक्टरों की टीम ने मृतकों की संख्या 7 बताई. इनमें से दो क्रू मेंबर्स थे और बाकी पांच में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे. एविएशन मिनिस्ट्री की टीम कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी ताकि ब्लैक बॉक्स की पहचान की जा सके और आगे की जांच शुरू की जा सके.' बता दें कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम आज दिल्ली स्थित रेडबर्ड एविएशन कार्यालय का दौरा करेगी. टीम यहां रेडबर्ड और क्रैश हुए प्लेन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकती है. SSB के सेकंड इन कमांड ने सुनाया आंखों देखा हाल SSB के सेकंड इन कमांड रमेश कुमार ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. ये इलाका काफी अंदरूनी है. यहां दो किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है. जब हम रात में यहां पहुंचे, तो हमने देखा कि कोई भी जिंदा नहीं है. शवों को निकालना बहुत मुश्किल था. हमें उन्हें यहां से दो किलोमीटर तक एक तरफ ले जाना पड़ा.' कुमार ने आगे बताया कि उनकी टीम के पास सिर्फ एक स्ट्रेचर था, जो वो एसएसबी से अपने साथ लाए थे. उन्होंने बताया कि प्लेन जंगल के बीचोंबीच क्रैश हुआ था और मेन सड़क यहां से दो किलोमीटर दूर थी. यहां रात में लोगों को निकालना और बचाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

चेहरे की ढीलापन और झुर्रियां कर रही हैं परेशान? फ्रीजर का ये देसी नुस्खा देगा तुरंत कसावट

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा में कई बदलाव आने लगते हैं, जैसे झुर्रियां, फाइन लाइन्स, त्वचा का ढीलापन और चमक की कमी। ऐसे लक्षण त्वचा की उम्र बढ़ने या एजिंग का संकेत होते हैं। मार्केट में इन समस्याओं से निपटने के लिए कई महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट मौजूद हैं। हालांकि, अगर आप एक सस्ता, सुरक्षित और नेचुरल उपाय चाहते हैं, तो बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। बर्फ न केवल त्वचा को ताजगी देता है, बल्कि इसमें छिपे सौंदर्य लाभ एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। त्वचा को टाइट बनाता है बर्फ त्वचा की ऊपरी लेयर को ठंडक प्रदान करता है, जिससे स्किन की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और त्वचा टाइट महसूस होती है। इससे ढीलापन कम होता है और उम्र का प्रभाव धीरे-धीरे घटने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार जब बर्फ चेहरे पर लगाई जाती है, तो यह त्वचा के नीचे के ब्लड फ्लो को बढ़ावा देती है। इससे स्किन को ऑक्सीजन और पोषण बेहतर तरीके से मिलता है, जिससे चेहरा फ्रेश और यंगर दिखता है। झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करता है नियमित रूप से बर्फ का उपयोग झुर्रियों की गहराई को कम करता है और नई लाइन्स बनने से रोकता है। इससे स्किन स्मूद दिखती है। ओपन पोर्स और पफीनेस में राहत उम्र के साथ स्किन के पोर्स बड़े हो जाते हैं। बर्फ़ इन्हें टाइट करता है और चेहरे की सूजन व थकावट को कम करता है। बर्फ के उपयोग का सही तरीका एक साफ मलमल के कपड़े में 1-2 बर्फ के टुकड़े लपेटें।हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर सर्कुलर मोशन में 1-2 मिनट तक धीरे-धीरे रगड़ें। बर्फ को सीधे स्किन पर न लगाएं, इससे स्किन जल सकती है।दिन में एक बार, सप्ताह में 4-5 बार इसका उपयोग करें। ज्यादा असरदार बनाने के लिए बर्फ बनाने के लिए साधारण पानी की जगह गुलाब जल, एलोवेरा जूस, ग्रीन टी, खीरे का रस या चुकंदर का रस मिलाएं।इनसे बने बर्फ के टुकड़ों में एंटीऑक्सीडेंट्स और त्वचा को पोषण देने वाले तत्व होते हैं जो एजिंग के संकेतों को और भी प्रभावी ढंग से कम करते हैं। बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक सरल, किफायती और नेचुरल एंटी-एजिंग उपाय है। नियमित रूप से अपनाने से यह न केवल त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है, बल्कि आपको उम्र से कई साल पीछे भी ले जा सकता है।

मौसम ने बदला मिजाज: फरवरी में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

रांची झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात का तापमान भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बीते दिन भी बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन रांची में बारिश नहीं हुई और तेज धूप देखने को मिली। अगर आज बारिश होती है तो दोपहर और शाम के समय ठंडी हवा चल सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पिछले 48 घंटे में झारखंड के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 14 डिग्री तक था, अब ज्यादातर जिलों में यह 15 से 16 डिग्री तक पहुंच गया है। कुछ जिलों में तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक रहने की संभावना है। पाकुड़, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में आज न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में रात में ठंड पहले जैसी महसूस नहीं होगी। दिन में तेज धूप से बढ़ी परेशानी सिर्फ रात का ही नहीं, दिन का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिणी जिलों जैसे जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मार्च चल रहा है और अप्रैल-मई की गर्मी बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर में तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार पहले कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया और अब गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है।  

बिहार-झारखंड के बीच 4447 करोड़ के मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

लखीसराय. मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Mokama Munger Four Lane Greenfield Expressway) परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर तेज गति दी जा रही है। 4,447 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 82.4 किलोमीटर लंबी यह परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगी। परियोजना के तहत दो बड़े पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके। यह परियोजना एनएचएआई के अधीन संचालित हो रही है। इस परियोजना के पूरी होने से पूर्व बिहार के साथ ही झारखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भूमि अधिग्रहण की स्थिति ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण के लिए 60 मीटर चौड़ी भूमि अधिगृहित की जाएगी। लखीसराय जिले के पांच प्रखंडों के 48 मौजा में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। अब तक 46 मौजा की 270.71 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना प्रकाशित की जा चुकी है। शेष दो मौजा लखीसराय अंचल का दामोदरपुर और बड़हिया अंचल का इंगलिश का खतियान व जमाबंदी विवरण अंचल कार्यालय से प्राप्त नहीं होने के कारण अधिसूचना लंबित है। जिला प्रशासन ने 174.72 हेक्टेयर भूमि के गजट प्रकाशन का प्रस्ताव एनएचएआई को भेज दिया है। अधिघोषणा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को विभागीय फॉर्मेट-22 एवं नक्शा उपलब्ध करा दिया गया है। 28 फरवरी से पहले भूमि सत्यापन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंचलवार भूमि का ब्यौरा बड़हिया : 8 मौजा, 78.71 हेक्टेयर लखीसराय : 9 मौजा, 76.29 हेक्टेयर चानन : 7 मौजा, 33.07 हेक्टेयर पिपरिया : 6 मौजा, 15.71 हेक्टेयर सूर्यगढ़ा : 18 मौजा, 139.97 हेक्टेयर यह ग्रीनफील्ड फोरलेन बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण से मुंगेर, मोकामा के रास्ते सीधे पटना से जुड़ जाएगा। परियोजना पूरी होने पर मोकामा और मुंगेर के बीच यात्रा समय लगभग डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। भूमि अधिग्रहण पूर्ण होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। यह परियोजना पटना, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर जिलों के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। – राहुल कुमार, डीसीएलआर, लखीसराय

सुल्तानगंज का नाम होगा अजगैवीनाथ धाम: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

अजगैवीनाथ धाम/भागलपुर. नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि निर्माणधीन अगुवानी अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक शहरी एप्रोच पथ का निर्माण अति शीघ्र शुरू किया जाएगा। सभापति ने कहा कि यह परियोजना नगर क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। नगर सभापति ने यह भी बताया कि सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैवीनाथ धाम करने की पहल बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्तर पर तेज कर दी गई है। शहरवासियों और श्रद्धालुओं की मांगों को देखते हुए, अतिशीघ्र नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर विकास और श्रावणी मेला पर ध्यान राजकुमार गुड्डू ने कहा कि नगर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई। इस वर्ष श्रावणी मेला को विशेष महत्व दिया जाएगा और इसे पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में सर्वांगीण विकास और शहर के नामांतरण की प्रक्रिया से स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक महत्व दोनों को बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन सौंपा और भावनाएं व्यक्त कीं रविवार को नगर सभापति ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र और बुके देकर शहरवासियों की भावनाओं से अवगत कराया। इस अवसर पर नगर परिषद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नगर क्षेत्र के संपूर्ण विकास, अगुवानी पुल से अजगैवीनाथ मंदिर तक एप्रोच पथ के निर्माण और सुल्तानगंज शहर का नामांतरण शामिल था। धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या अजगैवीनाथ धाम गंगा तट पर स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। वर्ष भर यहाँ श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर (झारखंड) में जलार्पण करते हैं। नगर सभापति ने बताया कि नगर परिषद ने 19 जून 2024 को सामान्य समिति की बैठक में सुल्तानगंज शहर और स्टेशन के नामांतरण का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया था और इसे संबंधित सरकार एवं विभाग को भेजा गया। अब प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद शहर और स्टेशन का नाम अजगैवीनाथ धाम किया जाएगा।

STF ऑपरेशन पर हमला: अपराधी को पकड़ने गई टीम के 3 जवान घायल

गया बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई। हत्या के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची एसटीएफ (STF) की टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। इस घटना में एसटीएफ के तीन जवान घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव का है। एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि हत्या के एक मामले में नामजद आरोपी संजय मांझी खिरियावां गांव में छिपा है। टीम जैसे ही आरोपी के करीब पहुंची, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। भीड़ ने एसटीएफ के जवानों के हथियार तक छीन लिए। हालांकि, बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से हथियारों को बरामद कर लिया गया और घायल जवानों को मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया। 7 आरोपी हिरासत में इधर घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस बल पर हमला करने के आरोप में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है।

मासूम फरमान की नृशंस हत्या से सनसनी, बोरी में मिली 9 वर्षीय बच्चे की लाश

मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कमालपुर बिथरौल खजुबानी टोला में एक 9 वर्षीय मासूम मो. फरमान की अज्ञात अपराधियों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्चे का शव घर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक बोरी में ठूंसा हुआ पाया गया, जिसे अपराधियों ने जलावन के ढेर के पास फेंक दिया था। इस नृशंस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। परिजनों को जब काफी देर तक बच्चा नहीं मिला, तो उसकी खोजबीन शुरू की गई। रविवार को जब शव बोरी में मिला, तो परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे के गले पर स्पष्ट रूप से गहरे चोट के निशान मौजूद हैं, जो प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि करते हैं। अपराधियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बोरी में बंद किया और सुनसान स्थान पर फेंक दिया। पुलिस और एफएसएल की जांच घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ (वेस्ट) सुचित्रा कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें।आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है और जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

छोटी बहस, बड़ी वारदात: झारखंड में थाने से चंद कदमों पर युवक को मारी गोलियां

बोकारो झारखंड के बोकारो से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नशे में धुत आरोपी ने युवक को मारी गाली मामला जिले के रेलवे स्टेशन के आटो स्टैंड के पास का है। बताया जा रहा है कि यहां तीस वर्षीय सचिन यादव नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कहा जा रहा है कि कुछ दिन पहले एक छोटी सी बात पर आरोपी की बहस मृतक सचिन से हुई थी। इसी को लेकर नशे में धुत आरोपी ने सचिन को गाली मार दी। घटना को अंजाम देकर आरोपी अपने एक अन्य साथी के साथ मौके से भाग गया। हैरानी की बात ये है कि जीआरपी थाना से महज पांच सौ गज दूर यह घटना हुई। आनन-फानन में घायल सचिन को अस्पताल ले जाया गया जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।