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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट: 3 दिन तक आवाजाही बंद, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर!

महराजगंज आगामी नेपाली संसदीय चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और सीमा पार से होने वाली अवांछनीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भारत और नेपाल के शीर्ष अधिकारियों ने एक निर्णायक समन्वय बैठक की। इस उच्च स्तरीय मंथन में दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नेपाल में प्रस्तावित संसदीय चुनावों को लेकर लिया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत 2 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से 5 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील रखा जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संदिग्ध आवाजाही, अवैध घुसपैठ और सुरक्षा जोखिमों को शून्य करना है। प्रमुख उपस्थिति एवं अध्यक्षता नेपाल के मोरंग जिला स्थित विराटनगर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता युवराज कटेल ने की। इसमें दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक व सुरक्षा प्रमुखों ने हिस्सा लिया। भारत की तरफ से बिहार के सुपौल, किशनगंज और अररिया जिलों के जिला पदाधिकारी तो वहीं नेपाल पक्ष से मोरंग, झापा और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और राष्ट्रीय जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अपराध और तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस' बैठक में केवल चुनावी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा मुद्दों पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। दोनों पक्षों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर संयुक्त कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई: अवैध नेटवर्क पर प्रहार: सीमा पार आतंकवाद, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और जाली मुद्रा (FICN) के नेटवर्क को ध्वस्त करना। मानव तस्करी: महिलाओं और बच्चों की तस्करी जैसे संवेदनशील अपराधों पर कड़ी निगरानी। अतिक्रमण नियंत्रण: ‘नो मैन्स लैंड’ (दशगजा क्षेत्र) में बढ़ते अतिक्रमण की जांच और अनधिकृत रास्तों से होने वाली आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध। खुफिया सूचनाएं: संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए एक त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय करना। शांति और मित्रता की प्रतिबद्धता अधिकारियों ने दोहराया कि भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है, लेकिन इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का बेहतर तालमेल अनिवार्य है। वर्तमान में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

देवघर के बाबाधाम में अडानी ग्रुप चेयरमैन गौतम अडानी की पूजा-अर्चना, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

देवघर झारखंड के देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को भोले बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोचार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों द्वारा संकल्प कराया गया। इसके बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें गर्भगृह में ले जाकर भगवान भोले की पूजा कराई गई। गौतम अडानी करीब सात मिनट तक गर्भगृह में रहे और इस दौरान उन्होंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिन्ह जिला खेल पदाधिकारी एवं बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने भेंट किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दूब से भी अडाणी ने उनके आवास पर मुलाकात की है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा 'अपने देवघर आवास पर अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी जी का स्वागत किया।' अडानी ने कहा, 'मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।' पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी पीरपैंती स्थित अडानी पावर लिमिटेड के 2,400 मेगावाट कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं और यह लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बिहार का प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट है।

बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ाने दिया गन्ने का रकबा बढ़ाने का टारगेट

पटना. बिहार में 34 नई चीनी मिलों को चलाने को लेकर तैयारिया तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में एक करोड़ रोजगार सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के तहत राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने नई चीनी मिलों की स्थापना को देखते हुए संबंधित जिलों में पांच-पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे कि नई चीनी मिलों के साथ ही वर्तमान में कार्यरत चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें। ऐसे में पौने दो लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में लगभग 2.50 लाख हेक्यरेटर में गन्ने की खेती हो रही है। विदित हो कि सात निश्चय तीन के तहत राज्य में बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने के प्रयास में सरकार जुटी है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबंधित जिले के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलों से मांगी गई कार्य योजना विभाग ने गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी एवं सिवान के सहायक निदेशक और सभी चीनी मिलों कें महाप्रबंधकों के पास पत्र भेजकर शीघ्र कार्य योजना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने की कार्रवाई शुरू की जा सके। जिलाधिकारियों को भूमि चयन के निर्देश गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों में भूमि चिह्नित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। प्रत्येक चीनी मिल के लिए एक सौ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में नई चीनी मिल के लिए भूमि चयन कर लिया गया है। गांव आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंधराथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहा, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को चिह्नित किए गए हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं, मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका एवं माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव चिह्नित किए गए हैं।

पटना जू में बर्ड फ्लू रोकने फुट वॉश और किया जा रहा सैनिटेशन

पटना. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में बर्ड फ्लू पर रोकथाम लगाने के लिए जू प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. पटना जू के पक्षी घर में दुनिया के अलग-अलग कोने से आए अनोखे पक्षियों के लिए खास व्यवस्था की गई है. बर्ड फ्लू से बचाव के लिए 24 घंटे केयर टेकर की तैनाती की गई है. ताकि बर्ड एवियरी की हर एक एक्टिविटी पर विशेष नजर रखी जा सके. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि जू में घूमने आने वाले सभी लोगों के लिए गेट पर ही पोटाशियम परमैगनेट से फूट वॉश करवाया जा रहा है. ताकि किसी तरह के संक्रमण का खतरा नहीं हो. पटना में की गई है यह व्यवस्था जानकारी के मुताबिक, पटना जू के रेंज ऑफिसर अरविंद वर्मा ने कहा कि हर रोज नियमित तौर पर पूरे उद्यान को कोर्सोलिन और वीरकॉन्ड पदार्थ से सैनिटेशन किया जा रहा है. ताकि बर्ड फ्लू जैसी बीमारी पक्षियों को छू भी न सकें. इसके अलावा बर्ड ड्रॉपिंग से बचाने के लिए खास इंतजाम किया गया है. दो शेरनियों को लाया गया पटना जू हाल ही में राजगीर जू सफारी से दो मादा शेरनियों को लाया गया है. साथ ही पटना जू से एक मादा शेरनी पार्वती को राजगीर जू सफारी नालंदा भेजा गया है. जू प्रशासन के अनुसार, दोनों शेरनियों को फिलहाल 30 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसफर के दौरान जानवर अक्सर तनाव (स्ट्रेस) में आ जाते हैं, इसलिए उन्हें शांत वातावरण में रखना और यहां की जलवायु के अनुकूल ढालना आवश्यक है. क्वारंटाइन की अवधि समाप्त होने के बाद ही इन्हें आम पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा.

JPSC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी: विधानसभा में CM हेमंत ने घोषित की नई कटऑफ डेट

रांची झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसओपी बनाने का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में घोषणा की कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ डेट अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की गई है। पहले कटऑफ डेट 2026 निर्धारित था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण पात्रता से वंचित हो रहे थे। हालांकि, छात्र संगठन अगस्त 2018 को कटऑफ डेट बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और एक समेकित एसओपी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि, अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी सोरेन ने कहा कि नई एसओपी में यह प्रावधान किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, तो उस पर भी सरकार की नजर है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान—संविधान बचाने के लिए सजग रहना जरूरी, सत्ता पर साधा निशाना

पटना राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे हुए लोग आज बाबा साहेब के संविधान को खत्म करने की साजिश में लगे हुए हैं। उन्होंने लोगों से इसके खिलाफ सजग रहने का आह्वान किया। रविदास चेतना मंच के तत्वावधान में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास के राज्य स्तरीय 649वें जयंती समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद ने हमेशा अपने पुरखों को सम्मान दिया। लालू यादव ने पुरखों के विचारों के आधार पर समाज को आगे बढ़ाने का कार्य किया, जबकि आज भाजपा के लोग समाज में नफरत बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर देश को कमजोर करने वाले कार्यों में लगे होने का आरोप लगाया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तारपूर्वक अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा, "डबल इंजन सरकार ने 16 प्रतिशत आरक्षण से शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को वंचित रखा है। हम लोगों ने जातीय आधारित गणना कराकर 65 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर सभी के साथ न्याय किया, लेकिन महागठबंधन सरकार के बदलते ही डबल इंजन सरकार ने आरक्षण को फंसाने का कार्य किया।" उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, रविदास और कबीर के विचारों को स्कूलों के सिलेबस में शामिल करवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा तथा इसके लिए सदन के अंदर और बाहर आवाज बुलंद की जाएगी। राजद नेता ने आगे कहा कि बिहार में गरीबों, शोषितों, ठेला वालों और सब्जी वालों के घरों और दुकानों को उजाड़ा जा रहा है। बिहार में शराबबंदी अभियान को विफल बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से माफियाओं को संरक्षित किया जा रहा है।

शिक्षक की क्रूरता का मामला: 7वीं के छात्र को 200 बार उठक-बैठक की सजा, स्वास्थ्य गंभीर

पश्चिम चंपारण बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षक ने होमवर्क न पूरा करने की सजा के रूप में 7वीं कक्षा के एक छात्र से 200 बार उठक-बैठक लगवाई, जिसके कारण छात्र की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज चल रहा है। सजा के दौरान ही बेहोश हुआ छात्र दरअसल, मामला पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय से जुड़ा है। सहपाठी छात्रों के अनुसार, पीड़ित छात्र ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। इससे नाराज शिक्षक ने उसे दंड देते हुए 200 बार उठक-बैठक करने का निर्देश दिया। शारीरिक रूप से इतनी अधिक मेहनत के कारण छात्र उठक-बैठक करते हुए ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन ने उसे पहले स्थानीय स्तर पर दिखाया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे सेमरा रेफरल अस्पताल भेजा गया। वहां से भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा रेफर कर दिया गया। क्या कहते हैं चिकित्सक? अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि अधिक शारीरिक परिश्रम और दबाव के कारण छात्र के जांघों और मांसपेशियों में गंभीर जकड़न आ गई है। उन्होंने बताया कि मांसपेशियों में अत्यधिक खिंचाव के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हुआ है, जिससे बच्चा फिलहाल अपने पैरों पर खड़ा होने में असमर्थ है। हालांकि, खतरे की कोई बात नहीं है और उचित उपचार से वह एक-दो दिनों में सामान्य हो जाएगा। परिजनों का फूटा गुस्सा इस घटना से छात्र के अभिभावक बेहद आक्रोशित हैं। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और शिक्षक द्वारा बच्चों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय शिकायत करने और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बिहार के हर प्रखंड को मिलेंगे 16 लाख रुपए

पटना. बिहार सरकार की तरफ से जीविका दीदियों के लिए खास फैसला लिया गया है. राज्य में जीविका की सीएलएफ (कम्युनिटी लेवल फेडरेशन) को इस साल में आयकर में 67 करोड़ रुपए से अधिक राशि की छूट मिली है. ये राशि जीविका दीदियों के रोजगार सृजन और पूंजी में काम आएगी. राज्य के हर प्रखंड में तीन-तीन सीएलएफ गठित हैं. ये सीएलएफ उत्पादक कंपनी चलाती हैं. कृषि बैंक का संचालन करती हैं. रोजगार के लिए जीविका दीदियों को पूंजी उपलब्ध करवाती हैं. 67 करोड़ रुपए की मिली छूट सीएलएफ में आवंटित हो जाएगी. इससे सीएलएफ अपने काम का दायरा बढ़ाएगी. राज्य में 1684 सीएलएफ हैं. 67 करोड़ की इस राशि से हर सीएलएफ को लगभग 5 लाख 45 हजार 158 रुपए की अतिरिक्त मजबूती प्रदान होगी. इस हिसाब से हर प्रखंड में लगभग 16 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता जीविका दीदियों को प्रदान हो सकेगी. इतने परिवार को होगा फायदा जानकारी के मुताबिक, जीविका के 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं, जिसमें एक करोड़ 40 लाख परिवार जुड़े हुए हैं. शहरी इलाकों में भी 41,477 स्वयं सहायता समूह गठित की गई है. 73 हजार 515 ग्राम संगठन हैं. टोटल 1684 क्लस्टर स्तरीय संघ हैं. इन संघों से जुड़े एक करोड़ 40 लाख परिवारों को इस राशि से अतिरिक्त सहायता प्रदान होगी. सहकारिता अधिनियम में पंजीकरण सीएलएफ का पंजीकरण सहकारिता अधिनियम (को-ऑपरेटिव एक्ट) के तहत कराया जा रहा है. इसमें एक हजार से अधिक सीएलएफ का पंजीयन सहकारिता अधिनियम के तहत किया जा चुका है. उन्हें आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80पी के तहत ये छूट मिली है. धारा 80पी के तहत सहकारी संस्थाओं को आयकर में कटौती का प्रावधान है. इसी प्रावधान का लाभ उठाते हुए सीएलएफ ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल कर छूट प्राप्त की. समय पर डॉक्यूमेंटेशन और लेखा-जोखा दुरुस्त रखने के कारण यह लाभ संभव हो सका. महिलाओं को होगी ये आसानी इस अतिरिक्त राशि से सीएलएफ अपनी कार्यशील पूंजी को मजबूत कर सकेंगी. महिला स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण वितरण में आसानी होगी और नए आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. कई सीएलएफ दुग्ध उत्पादन, सब्जी उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं. पूंजी बढ़ने से इन गतिविधियों का विस्तार संभव होगा. साथ ही, ग्रामीण स्तर पर छोटे उद्यमों को भी सहयोग मिलेगा. इससे जीविका दीदियों की आमदनी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी.

बातों में उलझाकर ज्वैलरी दुकानदार को चकमा, मिनटों में लाखों की लूट

गढ़वा झारखंड के गढ़वा शहर के पुरानी बाजार में दिनदहाड़े ज्वैलरी दुकान से लाखों रुपये के गहनों की चोरी का मामला सामने आया है। दो युवक ग्राहक बनकर आए और दुकानदार को बातों में उलझाकर कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बाजार में अफरा-तफरी मच गई गढ़वा शहर के पुरानी बाजार स्थित नरेश बाबू सराफ की ज्वैलरी दुकान में दिन के समय चोरी की घटना हुई। जानकारी के अनुसार, दो अज्ञात युवक ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग तरह के गहने दिखाने को कहा और काफी देर तक दुकानदार से बातचीत करते रहे। इसी दौरान दोनों युवकों ने चालाकी से दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका मिलते ही लाखों रुपये के कीमती आभूषण लेकर वहां से निकल गए। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग दुकान के बाहर जुट गए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलने पर गढ़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला उचक्कागिरी का लग रहा है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।  

14 साल के वैभव सूर्यवंशी को नीतिश कुमार करेंगे सम्मानित

पटना. बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए आज का दिन बेहद खास है. उनके शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग में आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित करेंगे. अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के महानायक वैभव सूर्यवंशी आज पटना की धरती पर कदम रख चुके हैं. उनकी ऐतिहासिक 175 रनों की पारी ने न केवल भारत को छठी बार विश्व विजेता बनाया, बल्कि क्रिकेट के गलियारों में बिहार के नाम का डंका बजा दिया है. सीएम आवास पर होगा सम्मान समारोह बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए आज का दिन उत्सव जैसा है. वैभव सूर्यवंशी अपने माता-पिता के साथ पटना पहुंच चुके हैं और शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आवास पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने वैभव को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि बिहार के हर उस युवा के सपनों का सम्मान है जो अभावों के बीच भी कुछ बड़ा करने का जज्बा रखते हैं. अंडर-19 विश्व कप में बनाया रिकॉर्ड सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं. हरारे में खेली गई इस पारी में उन्होंने चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी और भारत को 411 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम किया. पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी वैभव के नाम रहा, जिससे वे युवा क्रिकेट जगत के नए सितारे बनकर उभरे. बिहार बनेगा खेलों का नया ग्लोबल हब वैभव की इस सफलता ने बिहार सरकार के इरादों को भी नई उड़ान दी है. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि बिहार अब केवल प्रतिभाएं पैदा नहीं करेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगा. उन्होंने ऐलान किया कि पटना का मोइनुल हक स्टेडियम और राजगीर का अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए तैयार हो जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार क्रिकेट के साथ-साथ ओलंपिक खेलों के लिए भी एक बड़े केंद्र के रूप में उभरे. पटना की सड़कों पर दिखा क्रिकेट का क्रेज आज सुबह जब वैभव पटना हवाई अड्डे पर उतरे, तो उनके स्वागत के लिए फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. युवाओं में अपने इस नए हीरो के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही. वैभव की सादगी और उनकी इस बड़ी उपलब्धि ने उन्हें रातों-रात बिहार का यूथ आइकन बना दिया है.