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14 साल के वैभव सूर्यवंशी को नीतिश कुमार करेंगे सम्मानित

पटना. बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए आज का दिन बेहद खास है. उनके शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग में आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित करेंगे. अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के महानायक वैभव सूर्यवंशी आज पटना की धरती पर कदम रख चुके हैं. उनकी ऐतिहासिक 175 रनों की पारी ने न केवल भारत को छठी बार विश्व विजेता बनाया, बल्कि क्रिकेट के गलियारों में बिहार के नाम का डंका बजा दिया है. सीएम आवास पर होगा सम्मान समारोह बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए आज का दिन उत्सव जैसा है. वैभव सूर्यवंशी अपने माता-पिता के साथ पटना पहुंच चुके हैं और शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आवास पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने वैभव को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि बिहार के हर उस युवा के सपनों का सम्मान है जो अभावों के बीच भी कुछ बड़ा करने का जज्बा रखते हैं. अंडर-19 विश्व कप में बनाया रिकॉर्ड सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं. हरारे में खेली गई इस पारी में उन्होंने चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी और भारत को 411 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम किया. पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी वैभव के नाम रहा, जिससे वे युवा क्रिकेट जगत के नए सितारे बनकर उभरे. बिहार बनेगा खेलों का नया ग्लोबल हब वैभव की इस सफलता ने बिहार सरकार के इरादों को भी नई उड़ान दी है. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि बिहार अब केवल प्रतिभाएं पैदा नहीं करेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगा. उन्होंने ऐलान किया कि पटना का मोइनुल हक स्टेडियम और राजगीर का अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए तैयार हो जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार क्रिकेट के साथ-साथ ओलंपिक खेलों के लिए भी एक बड़े केंद्र के रूप में उभरे. पटना की सड़कों पर दिखा क्रिकेट का क्रेज आज सुबह जब वैभव पटना हवाई अड्डे पर उतरे, तो उनके स्वागत के लिए फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. युवाओं में अपने इस नए हीरो के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही. वैभव की सादगी और उनकी इस बड़ी उपलब्धि ने उन्हें रातों-रात बिहार का यूथ आइकन बना दिया है.

राजधानी की सड़कों पर मौत का साया: बेकाबू हाथियों ने 4 लोगों को रौंद डाला

रांची झारखंड के रांची के इटकी थाना क्षेत्र के कुंदी पतराटोली गांव स्थित जलेबिया जंगल में एक बार फिर जंगली हाथी ने उत्पात मचाया। बीते शनिवार सुबह हुए इस हमले में एक युवक और तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हाथी को देखते ही सभी जान बचाकर भागने लगे जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गांव की कुछ महिलाएं जंगल में पत्ता चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी उनके सामने आ गया। हाथी को देखते ही सभी जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान मांगी उरांव, सावित्री केरकेट्टा और 15 वर्षीय रितिका गिर पड़ीं और हाथी की चपेट में आ गईं। वहीं, एक युवक भी हाथी के हमले में बुरी तरह घायल हो गया। उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट आई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की घटना के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार सभी का इलाज जारी है। हाथी के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रभारी वनपाल राहुल महली के नेतृत्व में टीम हाथी की निगरानी कर रही है और उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि घायलों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।  

बिहार की जेलें शिक्षा के मामले में देश में बनीं नंबर वन

पटना. जेल अब केवल सजा काटने की जगह नहीं रह गई है, बल्कि नई शुरुआत का दरवाजा बन रही है. 2025 में बिहार के जेलों ने शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने उसे पूरे देश में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचा दिया है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के माध्यम से 10वीं में 1256 और 12वीं में 183 बंदियों का नामांकन कराया गया है. देश में नंबर वन बिहार यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और इसने बिहार की जेलों को सुधारात्मक मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है. उच्च शिक्षा के मोर्चे पर भी राज्य आगे है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से 1565 बंदियों का नामांकन कराया गया है, जबकि 2025 में ही 1354 बंदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ा गया है. जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है. कैदियों को क्या मिलेगा फायदा? 2025-26 में 3902 सजायाफ्ता और विचाराधीन बंदियों को अलग-अलग ट्रेंडों में स्किल ट्रेनिंग दिया गया. कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और अन्य एजेंसियों के माध्यम से 1443 बंदियों को प्रशिक्षित किया गया. इसका सीधा फायदा यह होगा कि रिहाई के बाद उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे और दोबारा अपराध की संभावना घटेगी. आर्ट ऑफ लिविंग के साथ समझौता जानकारी के मुताबिक, राज्य की सभी 59 जेलों में मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के साथ पांच सालों का समझौता किया गया है. दूसरी ओर अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के माध्यम से 2025 में पीड़ित परिवारों को दो करोड़ 73 लाख नौ हजार 590 रुपए की सहायता राशि देने की प्रक्रिया चल रही है. वीरान पहाड़ों पर बनाए जायेंगे जेल इससे पहले बजट सत्र के दौरान गंभीर श्रेणी के अपराधियों के लिए वीरान पहाड़ पर जेल बनाने का ऐलान किया गया था. गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने खुद ही इसे लेकर ऐलान किया था. सम्राट चौधरी के मुताबिक, अपराधियों के लिए हाई सिक्योरिटी जेल पहाड़ पर बनेंगे, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा. यहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता होगा और इस रास्ते में चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जाएगी.

बिहार में बयानबाज़ी तेज: मैथिली ठाकुर के कथन पर तेजस्वी बोले— विधायक बनते ही…

पटना आरजेडी  के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में उनकी पार्टी के शासन के बारे में गायक से नेता बनी मैथिली ठाकुर की टिप्पणी पर आलोचना की। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पहली बार BJP विधायक बनीं मैथिली ठाकुर का नाम तो नहीं लिया, लेकिन अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें टिप्पणियों की आलोचना की गई। दरअसल, गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए, ठाकुर ने RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद के अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव के प्रति लगाव की तुलना हस्तिनापुर के अंधे राजा धृतराष्ट्र के राजकुमार दुर्योधन के प्रति लगाव से की। हालांकि अलीनगर MLA ने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने "2005 से पहले के बिहार" का ज़िक्र करके इस बात के काफी इशारे दिए थे कि वह क्या कहना चाह रही थीं, जिस साल RJD सत्ता से बाहर हो गई थी। कुछ लोग विधायक बनते ही… नफरत भरे लहजे में, तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को अपनी पोस्ट में लिखा, "कुछ लोग सोचते हैं कि विधायक बनते ही उन्हें पॉलिटिक्स की पूरी जानकारी हो जाती है। लेजिस्लेचर का क, ख, ग भी समझे बिना, उनमें 'जननायक' (लोगों का हीरो, एक ऐसा नाम जो RJD कार्यकर्ता अपने सुप्रीमो के लिए इस्तेमाल करते हैं) के बारे में ताने मारने की हिम्मत होती है।" RJD नेता ने कुछ हफ़्ते पहले दरभंगा जिले में एक दलित लड़की के रेप और मर्डर पर चुप रहने के लिए ठाकुर की भी आलोचना की, जहां उनका अपना चुनाव क्षेत्र आता है। RJD नेता ने मजाक में उन्हें यह भी याद दिलाया कि, हालांकि वह RJD राज के दौरान "जंगल राज" की बात करती थीं, लेकिन उनकी मां ने कुछ दिन पहले उनके अपने जिले मधुबनी में कीमती सामान चोरी होने की शिकायत की थी, जबकि राज्य में उनकी अपनी पार्टी सत्ता में है।  

मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा: हाथियों के हमलों में 23 लोगों की जान, बढ़े मुआवजे की मांग तेज

रांची    झारखंड में बीते दो हफ्तों के भीतर हाथियों के हमलों में 23 लोगों की मौत ने पूरे राज्य को चिंता में डाल दिया है। बढ़ती घटनाओं को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस हुई और सरकार से ठोस नीति बनाने, मुआवजा बढ़ाने तथा हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। सदन में क्या उठे मुद्दे? ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक रामेश्वरम उरांव ने कहा कि लगातार हो रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि हाथियों को लेकर एक स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण से भी जुड़ा मुद्दा है। अगर समय रहते संतुलन नहीं बनाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मुआवजा बढ़ाने की मांग उरांव ने बताया कि झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, जबकि पड़ोसी ओडिशा में यह राशि 10 लाख रुपये तक है। उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजा राशि बढ़ाने पर विचार करने की मांग की, ताकि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद मिल सके। रेस्क्यू सेंटर और मोबाइल यूनिट की जरूरत विधायक ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा और घायल हाथियों के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब हाथियों का झुंड आबादी में घुस आता है तो कई बार पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञ टीम बुलानी पड़ती है, जिससे देरी होती है और नुकसान बढ़ जाता है। सरकार का जवाब राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने माना कि हालात चिंताजनक हैं और सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड अन्य राज्यों जैसे असम और ओडिशा की नीति का अध्ययन कर मुआवजा राशि तय करने पर विचार कर रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की कमी को दूर करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाई जा रही है। इसके अलावा दो मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू करने की भी योजना है, ताकि घायल हाथियों का समय पर इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने जताई चिंता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पर्यावरण में बदलाव के कारण हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन आया है। सरकार इस मुद्दे को समग्र दृष्टिकोण से देख रही है और जल्द ही एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। साथ ही एलिफेंट कॉरिडोर में अवैध खनन पर सख्ती बरती जाएगी। मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु से छह ‘कुनकी हाथी’ मंगाए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षित हाथी होते हैं, जिनकी मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जाता है।

नक्सल प्रभावित सारंडा में धमाका, कोबरा बटालियन के जवानों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया

चाईबासा  झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों की एक कायराना करतूत सामने आई है। छोटानागरा थाना अंतर्गत चडरीडेरा गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 के दो जवान घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। भीषण विस्फोट और जवानों की स्थिति  नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जैसे ही चडरीडेरा गांव के समीप पहुंची, पहले से घात लगाकर बिछाए गए आईईडी में जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में दो जवान घायल हुए हैं:        हवलदार दिनेश राउत: महाराष्ट्र के रहने वाले दिनेश राउत इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।          बलजिंदर सिंह: पंजाब के रहने वाले जवान बलजिंदर सिंह को शरीर में स्पलिंटर (विस्फोटक के टुकड़े) लगने से चोट आई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।  तत्काल रेस्क्यू और एयरलिफ्ट  विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। घायल जवानों को जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन के खिलाफ पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान लगातार जारी है। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जगह-जगह आईईडी बिछा रखे हैं।  घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा  उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा और अभियान और भी तेज किया जाएगा। सारंडा और कोल्हान का यह इलाका लंबे समय से नक्सली आईईडी का केंद्र बना हुआ है।  हाल ही के दिनों में इन विस्फोटों की चपेट में आकर दो स्थानीय ग्रामीणों की भी जान जा चुकी है। नक्सली अपनी पकड़ कमजोर होते देख अब इस तरह के 'अदृश्य हमलों' का सहारा ले रहे हैं, जो सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।  

पलामू में बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा ने अरुणा शंकर के समर्थन में किया रोड शो

रांची. झारखंड में निकाय चुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे पूरी तरह थम जाएगा. उससे पहले प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा पलामू पहुंचीं और भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के समर्थन में रोड शो किया. चैनपुर से शिवाजी बाजार तक निकला काफिला जया प्रदा का रोड शो चैनपुर से शुरू हुआ. वहां से काफिला जिला स्कूल चौक, विष्णु मंदिर चौक होते हुए शिवाजी बाजार तक पहुंचा. पूरे रास्ते समर्थकों की भीड़ उमड़ी रही. जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच रोड शो आगे बढ़ता रहा. रोड शो के दौरान जया प्रदा के साथ मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर भी मौजूद रहीं. दोनों ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और समर्थन की अपील की. बड़ी संख्या में समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नारे लगाते नजर आए. जनसभा में मांगा समर्थन शिवाजी बाजार पहुंचकर जया प्रदा ने एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से अरुणा शंकर को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि नगर विकास के लिए मजबूत और ईमानदार नेतृत्व जरूरी है. सभा में मौजूद हजारों समर्थकों ने नारों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया. पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे. निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में आयोजित इस रोड शो ने पलामू की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है. अब सबकी नजरें मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं.

डिलीवरी से मना करते रहे डॉक्टर, दर्द से कराहती रही गर्भवती – अस्पताल की बड़ी लापरवाही

सोनपुर प्रसव पीड़ा से कराहती एक स्वस्थ गर्भवती महिला को एचआईवी पॉजिटिव बताकर प्रसव कराने से इनकार किए जाने पर शनिवार की सुबह सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में लोग हंगामा करने पर उतारू हो गए। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया है कि नयागांव थाना क्षेत्र की गर्भवती महिला पहले भी यहां जांच के लिए कई बार आ चुकी थी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को लेकर जब स्वजन अस्पताल पहुंचे, तो जांच के बाद उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया। वहीं, प्रसव कराने से इनकार कर दिया गया। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और स्वजन स्वास्थ्यकर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मी उसके समीप आने को तैयार नहीं हुए।इस दौरान स्वजनों के हंगामा और आसपास से जुटे लोगों की भीड़ से जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तब आशा, ममता और परिवार की महिलाएं उसे अस्पताल के भीतर ले गई। जहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी महिला बताया गया है कि इसके पहले अस्पताल के तकनीशियन की जांच रिपोर्ट पर विश्वास नहीं होने पर एक निजी लैब से महिला की जांच कराई गई, तो उस रिपोर्ट में महिला को एचआईवी पॉजिटिव नहीं बताया गया।इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडलीय चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने संबंधित कर्मियों को डांट-फटकार लगाई है। महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए, जबकि महिला एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी। उन्होंने बताया है कि महिला पहले से भी दो बच्चों की मां है। उसके पति बाहर कमाने गए है। अत्यंत ही गरीब परिवार की महिला आर्थिक अभाव के कारण किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं थी। उसने प्रसव के लिए अनुमंडल चिकित्सालय को ही सुरक्षित समझा। इस घटना से अस्पताल की सेवा भाव के प्रति आम लोगों के बीच एक नकारात्मक संदेश जाएगा। ऐसी ही मरीजों का इलाज करने के लिए सरकार ने चिकित्सालय में सुरक्षित यूनिफार्म तथा एक अलग व्यवस्थित कमरे का सभी तरह का प्रबंध किया है।

विधानसभा में सीएम हेमंत बोले- झारखंड का ‘डेवलपमेंट मॉडल’ अपना रहे दूसरे राज्य

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्य कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे हैं. पहले हम दूसरे राज्यों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें अपने राज्य में अपनाते थे. अब दिन पलट गये हैं. झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल दूसरे राज्य अपना रहे हैं. यह छोटी बात नहीं है. कहावत है कि पेड़ लगायेंगे बबूल का, तो आम कहां से फलेगा. लेकिन विपक्ष द्वारा राज्य में लगाये गये बबूल के पेड़ों को हटा कर हमने आम के वृक्ष लगाये. अब उसका लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिल रहा है. वह सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद सदन में बोल रहे थे. झारखंड में बनेगा अंगदान कानून मौके पर उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा अंगदान पर कानून बनाने की घोषणा की. श्री सोरेन ने कहा कि दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गयी 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान उसके परिवार ने किया. उसकी माता शेरिन अब्राहम और पिता अरुण अब्राहम ने अपने जिगर के टुकड़े को देश के लिए समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान को लेकर कानून बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करेगी. सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है विपक्ष इसके पहले सीएम हेमंत सोरेन सदन में विपक्ष को धन्यवाद दिया. कहा कि सदन में विपक्ष के गिने-चुने लोग ही मौजूद हैं. ऐसा लगता है विपक्ष ने भविष्य में होनेवाली स्थिति को पहले ही भांप लिया है. विपक्ष की उपस्थिति देखकर लग रहा है कि वह भी सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है. इसी कारण विपक्ष ने अभिभाषण में किसी तरह का संशोधन प्रस्ताव भी नहीं लाने की जरूरत नहीं समझी. राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन के समक्ष रखा, वह सभी चीजें राज्य की जनता के सामने हैं. देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी सीएम ने कहा कि सबने राज्य ने डबल इंजन की सरकार का हाल देखा. कई दूसरे राज्य अभी देख भी रहे हैं. काफी जल्द देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी. कई चुनौतियों के बाद भी हमने संविधान और परंपराओं को मजबूत करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. अगर नीयत साफ और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संसाधनों में भी काफी काम कर सकती है. 25 सालों के झारखंड में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना विपक्ष के बस की बात नहीं है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हम विपक्ष की बात संयम से सुनते हैं, लेकिन दिल्ली में विपक्ष के नेता को बोलने से रोक दिया जाता है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबरा गया है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड को अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है. यह बहुत बड़ी चुनौती है. केंद्र के साथ हमारे संबंध भी बहुत खुले तौर पर सबके सामने हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और दृढृ संकल्प के साथ हर असंभव काम संभव हो सकता है. सरकार की मूल जिम्मेवारी गरीब-गुरबा का सहारा बनना है और हम पूरी सफलता के साथ यह काम कर रहे हैं. केंद्र को किसान और मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं श्री सोरेन ने कहा कि देश व राज्य का विकास धरातल पर काम करने से होता है. झाखंड सरकार गांव से चलने वाली सरकार है. हम जानते हैं कि गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा. दिल्ली में फर्जी एआइ समिट किया जा रहा है. चीन से लाकर सामान वहां दिखाया जा रहा है. विपक्ष के शीर्ष नेताओं की यही हालत है. पूरा देश गिरवी रखा जा रहा है. केंद्र को किसान, मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं है. चर्चा धान क्रय के भविष्य पर होनी चाहिए. नमक, तेल, दाल, चावल, आटा सब बाहर से मंगायेंगे, तो यहां के किसान क्या करेंगे. किसान फिर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. देश के 80% रोज कमाने-खाने वाले लोगों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है. सीएम ने कहा कि मणिपुर की हालत बिगड़ती जा रही है. एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस फोर्स से खूनी संघर्ष करता है. हिंदू-मुस्लिम के जहर का समंदर बना दिया गया है. मानवता तार-तार कर दी गयी है. विरोध में आवाज उठानेवालों पर देशद्रोह का आरोप लगा कर चुप कराया जा रहा है. अब तो एआइ समिट का विरोध करने वालों को भी देशद्रोही बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वैश्विक मंच पर शिरकत करने मैं दाओस गया था, उसके मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. वहां उनका भी विरोध हुआ, लेकिन किसी को देशद्रोही नहीं कहा गया. देश ऐसे दौर से गुजर रहा है, कि देश के अंदर ही हम खुद को बेगाना महसूस करते हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों के खाते में 100 करोड़ किए ट्रांसफर

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (शनिवार) 2 लाख से अधिक किसानों के खाते में 100 करोड़ रूपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की. जानकारी के मुताबिक, कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत साल 2025 में बारिश से आई बाढ़ और मोन्था तूफान की वजह से बर्बाद हुए फसलों की क्षति के लिए किसानों को डीबीटी के जरिए रुपए ट्रांसफर किए हैं. सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा? कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान इस राशि का उपयोग आगामी फसलों के लिए कर सकेंगे. कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सभी बाढ़ प्रभावित किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है. राज्य सरकार सभी बाढ़ पीड़ित किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. हमलोग किसानों की तरक्की के लिए लगातार काम कर रहे हैं. हमारा मानना है कि राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है. इन जिलों के किसानों को दिए गए रुपए जानकारी के मुताबिक, साल 2025 में भारी बारिश से आई बाढ़ और मोथा तूफान से राज्य के 13 जिलों (बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गयाजी, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल) में काफी फसल क्षति हुई थी. इन जिलों के 53 प्रखंड और 493 पंचायत के किसान प्रभावित हुए थे. जिसके लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति अनुदान दिया जा रहा है. किसानों से मांगे गए थे ऑनलाइन आवेदन कृषि विभाग की तरफ से सभी प्रभावित जिलों के किसानों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया गया. इसके बाद जिलों की ओर से इसका सत्यापन किया गया. आज 2 लाख 2 हजार किसानों को 113 करोड़ 16 लाख रूपए सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए. राज्य में किसानों को लेकर कई कार्य सरकार की तरफ से किए जा रहे हैं. इसी क्रम में किसानों की डिजिटल आईडी भी बनाई जा रही है. ताकि हर एक योजना का लाभ उन्हें मिल सके.