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बिहार में मैट्रिक परीक्षा देने कड़ी सुरक्षा के बीच सेंटरों में पहुंचे छात्र

पटना. बिहार में आज मैट्रिक की परीक्षा हो रही है। इसके लिए छात्र अपने-अपने सेंटर्स में पहुंच रहे हैं। जहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां छात्राओं का फूल और चंदन से स्वागत किया गया। परीक्षा समिति ने कहा कि विद्यार्थियों को जूता-मोजा पहनकर आना वर्जित है। विद्यार्थी चप्पल पहनकर परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्र पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। बोर्ड ने ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका जमा कराने का भी समय निर्धारित किया है, ताकि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। बिहार बोर्ड ने सभी जिलों के डीएम, एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा संचालन में सख्ती से निर्देशों का पालन कराने को कहा है।

नवगछिया-चौधरीडीह फोरलेन सड़क में बनेगा अंडरपास

भागलपुर. नवगछिया से चौधरीडीह तक बनने वाले फोरलेन सड़क में बंशीटीकर के पास व्हिकल अंडरपास (वीयूपी) का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीरोमाइल फ्लाईओवर के बगल में समानांतर फ्लाईओवर बनाने की योजना पर पुनर्विचार किया जा रहा है। हाल ही में, जीरोमाइल के पास समानांतर फ्लाईओवर न बनाने और सड़क के चौड़ीकरण के माध्यम से फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ाने के बजाय, सबौर दिशा में एक और समानांतर टूलेन फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है। नवगछिया-चौधरीडीह प्रस्तावित फोरलेन सड़क में बंशीटीकर के पास व्हिकल अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए डीपीआर में बदलाव कर वीयूपी को शामिल किया जाएगा। इस संदर्भ में कंसल्टेंसी को मोर्थ के रिजनल ऑफिस (आरओ) में बुलाया गया है। जीरोमाइल फ्लाईओवर के बगल में समानांतर फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है, जबकि पहले डीपीआर में सड़क चौड़ीकरण का निर्णय लिया गया था। अब इसमें बदलाव करने पर चर्चा चल रही है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मोड़ से चौधरीडीह के बीच तीसरी बार डीपीआर में संशोधन किया जाएगा, जिससे फोरलेन सड़क निर्माण में देरी हो सकती है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अप्रैल 2028 तक फोरलेन पुल का निर्माण पूरा होना है। इस बीच, 22 मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी। महादेवपुर घाट से फोरलेन पुल तक 900 मीटर का बांध 9 करोड़ की राशि से बनाया जाएगा। इस बांध के निर्माण से सड़क को नुकसान नहीं पहुंचेगा और बाढ़ के दौरान गांवों को भी सुरक्षा मिलेगी। नवगछिया से शुरू होने वाले एनएच में जाह्नवी चौक से 53 मीटर अप्रोच रोड का निर्माण होगा। यह 18 मीटर ऊंची अप्रोच रोड फोरलेन सेतु से जुड़ेगी। भागलपुर की दिशा में भी अप्रोच रोड को ऊंचा किया जाएगा। विक्रमशिला सेतु की अप्रोच और नए सेतु की अप्रोच रोड भी फोरलेन की होगी। इस प्रकार, जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक सिक्स लेन की सड़क का निर्माण किया जाएगा। नवगछिया से भागलपुर तक एनएच 131बी को फोरलेन किया जाना है। यह कार्य दो चरणों में पूरा होगा, जिससे यातायात के लिए बेहतर सड़क उपलब्ध होगी। एनएच के अभियंता ने बताया कि नवगछिया जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक 9 किलोमीटर की अनुमानित लागत 295 करोड़ रुपये और बरारी बाइपास मोड़ से चौधरीडीह तक 4.5 किलोमीटर की अनुमानित लागत 111 करोड़ रुपये है। गोपालपुर के पास एक और रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। बाइपास में सेंट टेरेसा स्कूल और हवाई अड्डा के पास व्हीकल अंडरपास के अलावा दो छोटे ब्रिज का भी निर्माण होगा। जाह्नवी चौक और तेतरी के पास भी व्हीकल अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। भागलपुर-नवगछिया के बीच फोरलेन बनने से न केवल आवागमन में आसानी होगी, बल्कि कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। इस फोरलेन का जुड़ाव नवगछिया साइड में एनएच-33 और भागलपुर की ओर मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीन फील्ड सहित हंसडीहा फोरलेन से होगा। इसका उपयोग समानांतर फोरलेन पुल के लिए भी किया जा सकेगा।

रामविलास पासवान को ‘बेचारा’ कहने पर बिहार विधानसभा में बवाल

पटना. बिहार विधानसभा परिसर में मंगलवार को रामविलास पासवान के सम्मान के मुद्दे पर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं और विधायकों ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और धरना पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान लोजपा (आर) के विधायकों ने रामविलास पासवान को “दूसरा अंबेडकर” बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर दलितों, वंचितों और गरीबों की आवाज बुलंद की। धरना दे रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल की राजनीतिक संस्कृति हमेशा से दलित विरोधी रही है और पार्टी समय-समय पर दलित नेताओं का अपमान करती रही है। लोजपा (आर) विधायकों ने कहा कि रामविलास पासवान का अपमान दरअसल दलित समाज का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने नारेबाजी करते हुए राजद से सार्वजनिक माफी की मांग की। उनका कहना था कि पासवान ने केंद्र और राज्य की राजनीति में रहकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती दी और हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। ऐसे नेता पर टिप्पणी करना दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित है। विधानसभा परिसर में कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। लोजपा (आर) नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राजद की ओर से स्पष्ट सफाई या माफी नहीं आती है तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। क्या है मामला? दरअसल, पिछले दिनों विधानसभा में राजद के विधायक कुमार सर्वजीत ने लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की प्रतिमा विधानसभा परिसर में लगाने की मांग की थी तब उन्होंने अपने संबोधन में रामविलास पासवान को बेचारा कह दिया।

बिहार के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होगी अब सिजेरियन डिलेवरी

समस्तीपुर. बिहार में अब 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसमें समस्तीपुर के चार सीएचसी शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर कार्यपालक निदेशक कुमार गौरव ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। अभी तक ऑपरेशन केवल सदर अस्पताल एवं चिह्नित रेफरल अस्पताल में ही होता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर महिलाओं को प्राइवेट में मोटी रकम देकर सिजेरियन कराना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिजेरियन प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष, जीवनरक्षक उपकरण, ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था की जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट व शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। विदित हो कि बिहार में कम से कम 216 एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) को क्रियाशील किया जाना है। अभी तक 120 एफआरयू ही क्रियाशील है। जिला योजना समन्वयक डॉ. आदित्य नाथ झा ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन प्रसव सेवा शुरू की जा रही है। इससे न केवल संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इन स्वास्थ्य संस्थानों का किया गया चयन समस्तीपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उजियारपुर, मोहिउद्दीनगर, रेफरल अस्पताल ताजपुर एवं अनुमंडलीय अस्पताल पूसा का चयन किया गया है। इसके अलावा दरभंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केउटी रनवे, पश्चिम चंपारण के रेफरल अस्पताल गुनहा, पूर्वी चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल अरेराज का सलेक्शन हुआ है। वैशाली जिले के सीएचसी भगवानपुर व गरौल, गया के सीएचसी बेलागंज व बाराचट्टी, बांका के सीएचसी बेलहर, सारण के परसा, सिवान के मैरवा, बक्सर के अनुमंडलीय अस्पताल डुमराव, गोपालगंज के बैकुंठपुर, जहानाबाद के हुलासगंज, कटिहार के अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी, खगड़िया के गोगरी, सुपौल के रेफरल अस्पताल राघोपुर का चयन किया गया है। सूबे के 271 एचडब्लूसी में डीएमयू की होगी स्थापना राज्य के 271 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भाव्या प्रणाली के तहत डेटा मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना होगी। इससे प्रत्येक केंद्र में पर एक-एक डेटा आपरेटर की तैनाती होगी। इसके संचालन से ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, स्कैन एंड शेयर, दवा वितरण, आईपीडी इत्यादि कार्य शुरू होंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के विशेष कार्य पदाधिकारी प्रिय रंजन राजू ने मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को डीएमयू की स्थापना कर संचालित करने के लिए अधिकृत किया है। समस्तीपुर जिले में 23 एचडब्लूसी का चयन किया गया है। इसमें सिंघिया के एपीएचसी अकौना, माहे व महरा, सरायरंजन के अख्तियारपुर, रोसड़ा के बैद्यनाथपुर, मोहिउद्दीनगर के कुरसाहा व बाकरपुर, दलसिंहसराय के बंघारा, पूसा के बथुआ, बिथान के पुसहो व बिथान बाजार जगमोहरा, वारिसनगर के डरसुर, पूसा के गंगापुर, मोहनपुर के जलालपुर, शिवाजीनगर के जानकी बाजार व कामेश्वरनगर, विद्यापतिनगर के कांचा, मोरवा के रघुनाथपुर, ताजपुर के मानपुरा व शादीपुर, पटोरी के शिउरा, विभूतिपुर के टेकना, हसनपुर के मंगलगढ़ शामिल है।

कटिहार में 300 दुकानें जलकर खाक

कटिहार. बिहार के कटिहार में रविवार शाम कुरसेला हाट में अचानक लगी भीषण आग से 300 से अधिक दुकानें जलकर स्वाहा हो गईं। इस हादसे में करीब 6 से 7 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। इतने बड़े नुकसान के बाद स्थानीय दुकानदारों पर गहरा संकट मंडराने लगा है। कई दुकानदार ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर या बंधन बैंक समेत अन्य संस्थानों से लोन लेकर अपनी छोटी-छोटी दुकानें शुरू की थीं। वे रोज की कमाई से परिवार का खर्च चलाने के साथ हर सप्ताह किस्त जमा करते थे। अब दुकानें जल जाने के बाद आय का एकमात्र साधन खत्म हो गया है। ऐसे में साप्ताहिक लोन की किस्त चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़ित दुकानदार प्रशासन से जल्द मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे है। ताकि वे दोबारा अपना रोजगार शुरू कर सकें। हर तरफ बर्बादी के निशां कुरसेला का नया हाट, चारों तरफ राख व गिरे पड़े मलबे, कहीं-कहीं राख से उठता धुआं और मायूस चेहरे के साथ ताकते लोग, अगलगी के बाद सोमवार को हर तरफ बर्बादी ही बर्बादी के निशा दिख रहे थे। कोई रो रहा था तो माथा पीट रहा था। कोई सिर झटक अपने आप को दिलासा देने की कोशिश कर रहा तो किसी के जुबान पर ताले पड़े थे। जुबान बंद पर आंखें आंसूओं से भरे थे। यह तस्वीर कुरसेला के हाट में आम था। कुरसेला प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत शहर के बीचो-बीच हृदयस्थली में बसा हुआ दुर्गा हाट आग से पूरी तरीके से जमींदोज हो चुका है। अलग-अलग दुकान संचालित करने वाले दुकानदार किसी तरह आग के मलबों पर बैठकर अपने अरमानों को जलता हुआ देख रहे थे। लगन की खुशी मातम में बदली दुकानदार राजू भगत, मुन्ना गुप्ता, टिंकू साह, सनी जयसवाल, कुंदन शर्मा आदि ने बताया कि उनके आजीविका का एकमात्र साधन दुकान था। जिससे विगत कई वर्षों से उनका जीवन-यापन होता आया था। अब ना तो जीने का सहारा बचा है और ना ही आजीविका का साधन। निराश, हताश, मासूम चेहरे धुएं के गुबार के बीच अपने अरमानों को भी जलता हुआ देख अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। सोनू, अशोक साह, सुबोध कुमार साह, रंजीत चौधरी आदि ने बताया कि लगन शुरु होने वाला है। इसलिए कर्ज पर पैसा उठाकर दुकानों में सामान भरे थे। अब सब कुछ जलकर राख हो गया। नहीं पता कैसे कर्ज उतरेगा और कैसे परिवार जिएगा। आग से साथ सारी योजनाएं जल गई। बताया जाता है कि यह हाट लगभग 20 किलोमीटर की परिधि के ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रमुख बाजार केंद्र है।

मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

बिहार में नई इंडस्ट्रियों के लिए ऊर्जा विभाग ने की 838 मेगावाट बिजली रिजर्व

पटना. बिहार में नए उद्योग लगाने को लेकर सरकार की तरफ से कई योजनाएं लाई जा रही हैं. अगर राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे तो उसके लिए बिजली की भी जरूरत होगी. ऐसे में बिहार के नए इंडस्ट्रियों के लिए 838 मेगावाट की बिजली रिजर्व की गई है. जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से उद्योगपतियों के साथ समझौते भी किए जा रहे हैं. क्या कहना है बिजली कंपनी के अधिकारियों का? बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों की माने तो, इस साल लगभग 9602 मेगावाट की बिजली डिमांड की जा सकती है. राज्य में लगने वाले इंडस्ट्रियों को स्मूथ बिजली मिले, इसको लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का विस्तार करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अभी की बात करें तो, 175 ग्रिड उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई के लिए 21,165 किलोमीटर का ट्रांसमिशन नेटवर्क है. इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 16 नए ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण जारी है. 2026-27 में बिजली की उपलब्धता जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर बड़े इंडस्ट्रियों में 33 केवी और 11 केवी पर बिजली की सप्लाई की जाती है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन की नेटवर्क क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही साल 2025-26 में बिजली की उपलब्धता 9237 मेगावाट थी, जो साल में 2026-27 में बढ़कर 10,440 मेगावाट हो गई है. इन जगहों से मिल रही ज्यादातर बिजली जिन जगहों से बिजली की मुख्य रूप से आपूर्ति हो रही है, उनमें एनटीपीसी (6996 मेगावाट), लखीसराय के कजरा (185 मेगावाट) और चौसा भी शामिल है. राज्य में बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौसा बिजली घर के दूसरे यूनिट को चालू किया जाएगा. इसके साथ ही नवीनगर स्टेज-2 के तीन नए यूनिट का निर्माण और पीरपैंती में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है. 

नीतीश सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में किए ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर

पटना. बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई राजनीतिक और आर्थिक धार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की। कुल ₹2,500 करोड़ की यह मदद महिला रोजगार योजना के तहत सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे लाभुकों तक पहुंचाई गई। इस कदम को आगामी चरणों की बड़ी तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का संचालन मुख्य रूप से जीविका नेटवर्क के जरिए हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आय के स्थायी स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब तक राज्य में 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10 हजार की सहायता मिल चुकी है। अब अगला लक्ष्य ₹2 लाख तक की सहायता सरकार अगले चरण में पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता देने की तैयारी में है। हालांकि इस बार प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। राशि वितरण से पहले वार्ड स्तर पर विस्तृत जांच अनिवार्य होगी। राज्य के 3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी आवेदन, दस्तावेज और पात्रता का भौतिक सत्यापन करेंगे। सरकार का कहना है कि पारदर्शिता से ही योजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी। समयबद्ध अभियान, तय डेडलाइन के साथ पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी वार्डों से सत्यापित आवेदन जीविका को सौंपे जाएंगे। अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया को कुल नौ चरणों में पूरा किया जाएगा। सरकार इसे रोजगार विस्तार और महिला उद्यमिता से जोड़कर देख रही है। दावा है कि इससे राज्य में स्वरोजगार आधारित आर्थिक मॉडल को मजबूती मिलेगी।

IGIMS अस्पताल में शुरू हुई डिजिटल हेल्थकेयर सुविधा, AI करेगा मरीजों की जांच

पटना पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को बेहतर और सटीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। अब अस्पताल में मरीजों के सटीक उपचार के लिए एआई आधारित जांच और इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। IGIMS में रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी की शुरुआत अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में संस्थान में 164 बेड के आई हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मरीजों के लिए रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सेवा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक्स तकनीक के माध्यम से जनरल सर्जरी, यूरो सर्जरी, ऑन्को सर्जरी, गायनी सर्जरी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम समय में संभव हो सकेगी। 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल निर्माणाधीन राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में शामिल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल भी निर्माणाधीन है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष दिसंबर तक इस नए अस्पताल की शुरुआत कर दी जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को उन्नत और बेहतर उपचार मिल सकेगा। वर्तमान में 1700 बेड की सुविधा संस्थान में वर्तमान में लगभग 1500 से 1700 बेड की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में 500 बेड वाले नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया गया है। इसमें फिलहाल 100 बेड पर मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है, जबकि शेष 400 बेड को भी जल्द ही चालू करने की तैयारी है। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।

रांची हेल्थॉन 2026 हाफ मैराथन के अमरदीप और बिरसी बने चैंपियन

रांची. सुबह के 5 बजे से ही मोरहाबादी मैदान में कदमों की थाप और जोश की लहरें गूंजने लगीं। वजह थी दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की ओर से आयोजित हेल्थॉन 2026 हाफ मैराथन। सूरज की पहली किरण के साथ हजारों धावक- युवा, बुजुर्ग, प्रोफेशनल रनर्स से लेकर आम फिटनेस लवर तक एक साथ मैदान पर उतर आए। यह सिर्फ दौड़ नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता का महोत्सव था, जहां हर कदम ने संदेश दिया- फिट रहो, जिंदगी जियो। झारखंड की शान मिस यूनिवर्स झारखंड 2025 रिया तिर्की ने किया धमाकेदार फ्लैग-ऑफ। अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास से रिया ने सभी धावकों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में काफी देर तक रहीं और कहा, यह पहल कमाल की है। हर किसी को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना चाहिए। रेगुलर एक्सरसाइज से जिंदगी बदल सकती है। रिया के अलावा रांची म्यूनिसिपल कमिश्नर आईएएस सुशांत गौरव, अडानी एसीसी के रीजनल ट्रेड सेल्स मैनेजर अंजन मंडल, कृष्णा कच्ची घानी मस्टर्ड आयल के डिप्टी मैनेजर अरुण गुप्ता, दैनिक जागरण के जीएम पारितोष झा, आईनेक्स्ट के डिप्टी एडिटर सौरभ सुमन, संपादकीय प्रभारी नदीम अख्तर भी इस उत्सव में शामिल रहे। चार कैटेगरी में हजारों ने रचा इतिहास  टोप्पो होटल से यूटर्न वाली इस रोमांचक दौड़ में सुबह 6:25 बजे 21 किमी की हाफ मैराथन शुरू हुई। उसके 5 मिनट बाद 10 किमी, फिर 5 किमी और आखिर में 2 किमी फन रन के धावक मैदान पर छा गए। पूरा रास्ता ऊर्जा, हंसी और प्रेरणा से भरा रहा। विजेताओं की चमकती ट्रॉफी और गर्व भरी जीत   21 किमी बॉयज में अमरदीप उरांव ने बाजी मारी—1 घंटा 13 मिनट 24 सेकंड में फिनिश। देवी दयाल कसना दूसरे और अनूप उरांव तीसरे रहे।   21 किमी गर्ल्स में बिरसी कुमारी ने कमाल किया—1 घंटा 31 मिनट 11 सेकंड। सुमन दूसरे और आरती कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।   10 किमी बॉयज में सतीश कुमार महतो पहले, हेमंत कुमार महतो दूसरे, सुरेश उरांव तीसरे रहे।   10 किमी गर्ल्स में सीमा कुमारी पहले, अंजू कुमारी दूसरे, प्रज्ञा नीलम तीरू तीसरे स्थान पर रहीं।   5 किमी बॉयज में राजू कुमार पहले, प्रकाश मुंडा दूसरे, करण पाहन तीसरे रहे।   5 किमी गर्ल्स में रीतू कुमारी टॉप पर, दीपा पासवान और सीखा मंडी क्रमशः दूसरे-तीसरे स्थान पर रहीं। हर विजेता को पुरस्कार और सम्मान से नवाजा गया। यह दौड़ सिर्फ स्पीड की नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, एकजुटता और स्वस्थ जीवन की जीत थी।