samacharsecretary.com

झारखंड में सुबह कोहरा और रात में कंपकंपा रही ठंड

रांची. राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय ठंड और कोहरे का प्रभाव बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। साथ ही कहीं कहीं बादल तो कहीं धूप निकलने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पतली और ठंडी हवाओं के चलने से सर्दी का असर और तेज हो गया है। राजधानी रांची समेत राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। कहां-कितना दर्ज हुआ तापमान? मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में न्यूनतम तापमान 6 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। रांची में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री और न्यूनतम 12.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जमशेदपुर में अधिकतम 25.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 25.6 और न्यूनतम 8.3 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 25.1 और न्यूनतम 11.2 डिग्री तथा देवघर में अधिकतम 24.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। गुमला रहा राज्य का सबसे ठंडा इलाका मौसम केंद्र, रांची की रिपोर्ट के अनुसार गुमला राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि दिन में 23.6 डिग्री अधिकतम तापमान और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। वहीं लातेहार ऐसा जिला रहा, जहां दिन के समय भी ठंड का असर बना रहा। यहां अधिकतम तापमान मात्र 18.7 डिग्री और न्यूनतम 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक 26.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 21 से 26 डिग्री के बीच रहा। इन 11 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 5 जनवरी तक राज्य के 11 जिलों-गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़-में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषकर 4 जनवरी को उत्तरी झारखंड में घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे दृश्यता कम रहने और सड़क व रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों से सावधानी बरतने की दी सलाह मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट के उपयोग की सलाह दी है। साथ ही किसानों को बढ़ती ठंड और नमी को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने को कहा गया है। आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

झारखंड की राजधानी से हटाए जाएंगे अवैध कब्जे

रांची. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर रांची शहर और जिले के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ तगड़े बुलडोजर ऐक्शन के संकेत हैं। खासकर जब जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। बाकी जगहों पर भी अतिक्रमण हटाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची मंजुनाथ भजन्त्री ने शनिवार को हटिया जलाशय (धुर्वा डैम) के आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। नक्शे के अनुसार चिह्नित हो जलाशयों की सीमा उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जलाशयों पर अतिक्रमण न केवल जल भंडारण क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण, भूजल स्तर एवं शहर की पारिस्थितिकी पर भी गहरा असर डालता है। इन जगहों पर होगा बुलडोजर ऐक्शन रांची जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि रांची के सभी प्रमुख जलाशयों – जिसमें कांके डैम, हटिया डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी एवं अन्य तालाब शामिल हैं – को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अंचल अधिकारी अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वहां दोबारा कब्जा ना हो, इस बात को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त उपायुक्त भजन्त्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों के आस-पास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण ना करें। उन्होंने साफ कहा कि माननीय झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रांची को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

झारखंड में टूटे पुल पर रेलकर्मी की तत्परता से टला बड़ा रेल हादसा

लोहरदगा. झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गया। लोहरदगा-रांची मेमु ट्रेन रविवार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते रह गई। समय रहते रेलवे प्रशासन को कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के पांच नंबर पिलर के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी समय रहते मिल गई, इसलिए रांची से आने वाले मेमू ट्रेन को पूल से पहले ही रोक कर पैसेंजर खाली करा दिया गया। सभी रेलवे यात्री पांव पैदल रेलवे पु ल पार कर स्टेशन पहुंचे। इस दौरान मामले की जानकारी मिलने के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिनों की अपेक्षा आज ट्रेन में काफी भीड़ थी। रांची से चंदवा टोरी जा रही मेमो ट्रेन 68027 लगभग 9 बजे रांची से चली थी। बताया जाता है कि लोहरदगा पहुंचने से कुछ मिनटों पहले ही रेलवे कर्मी को पूल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली । रेलवे कर्मी तत्परता दिखाते हुए जैसे ही मेमू ट्रेन रेलवे पुल के पास पहुंची उसे रोक दिया गया। पूल क्षतिग्रस्त होते ही पैसेंजरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, पैसेंजर रेलवे ट्रैक से पुल पार होकर स्टेशन पहुंचे। वहीं जानकारी के बाद रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद इस रूट पर रेलवे सेवा बंद कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम के अप्रूवल के बाद ही रेलवे सेवा की जाएगी बहाल। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है क्यों क्षतिग्रस्त हुआ पिलर मिली जानकारी के अनुसार, कोयल-शंख नदी में लगातार अवैध खनन चल रहा है। इस दौरान अवैध खनन की वजह से कोयल-शंख नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 6 को क्षति पहुंची है, जिससे पिलर अब ट्रेन का भार सहने लायक नहीं रह गया है। इसकी वजह कोयल-शंख नदी में लगातार चल रहे अवैध खनन को बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर जां के लिए पहुंच गई है।रांची रेलमंडल की सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने बताया की पुल वाली सूचना सही है। हल्की दरार है। फिर भी सुरक्षा कारणों से इस लाइन में ट्रेन का आवागमन रोक दिया है। लोहरदगा मेमू पैसेंजर को नागजुवा स्टेशन से चलाया जा रहा है। वहीं राजधानी एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी।

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रांची के 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने की तैयारी

रांची. झारखंड के मरीजों को आने वाले दिनों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। रांची के 2 अस्पतालों में यह सुविधा शुरू होने की संभावना है। सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। 9 जनवरी को एडवाइजरी कमिटी की बैठक बुलाई गई है। साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इस योजना पर काम किया जा रहा है। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी चरणबद्ध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस पहल से झारखंड के किडनी रोगियों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है। 9 जनवरी को बुलाई गई बैठक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के उप सचिव ध्रुव प्रसाद की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र के अनुसार 9 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी कमिटी की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में होगी। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने पर विचार बैठक में फिलहाल रांची के दो अस्पतालों-राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लाइसेंस दिए जाने पर विचार किया जाएगा। इन अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। निरीक्षण के बाद समिति देगी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति से पहले निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, नेफ्रोलॉजी एवं यूरोलॉजी सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ब्लड बैंक और अन्य आवश्यक संसाधनों का विस्तृत आकलन करती है। निरीक्षण के बाद समिति अपनी रिपोर्ट पेश करती है। एडवाइजरी कमिटी लेगी फैसला तकनीकी समिति की रिपोर्ट के आधार पर एडवाइजरी कमिटी यह निर्णय लेती है कि संबंधित अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए निर्धारित सभी मानकों और अर्हताओं को पूरा करता है या नहीं। सभी शर्तें पूरी होने की स्थिति में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में अंतिम निर्णय लिया जाता है और अस्पताल को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस जारी किया जाता है।

CM नीतीश की बड़ी भविष्यवाणी: सम्राट चौधरी को लेकर पिता शकुनी चौधरी से क्या बोले?

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को यहां वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। शकुनी चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता हैं और उनका तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर है। जन्मदिन के मौके पर नीतीश कुमार शकुनी चौधरी के आवास पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पहले शकुनी चौधरी को बधाई देते नजर आते हैं और फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुलकर प्रशंसा करते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “सम्राट चौधरी जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ हूं।” बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं शकुनी चौधरी बता दें कि शकुनी चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवा दी थी। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरे पिता लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने सेना में सेवा दी और सड़क से लेकर संसद तक बिहार के समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया। हम सभी की कामना है कि वे 190 साल तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहें।” सम्राट चौधरी ने समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्रियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

झारखंड से चलने वाली कई ट्रेनें नहीं रुकेंगी प्रयागराज में

रांची/नई दिल्ली. रेलवे ने प्रयागराज में माघ मेला की वजह से झारखंड होकर आवाजाही करने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग और ठहराव में बड़े बदलाव किए हैं। मुख्य रूप से हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और हावड़ा – बाड़मेर एक्सप्रेस अब प्रयागराज जंक्शन के बजाय सूबेदारगंज स्टेशन पर रुकेंगी। इसके साथ ही रांची – लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को मिर्जापुर और छिवकी के रास्ते चलाया जाएगा। यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की ओर से किए गए बदलाव के बारे में अपडेट लेने की सलाह दी गई है। ये ट्रेनें नहीं रुकेंगी प्रयागराज रेलवे का कहना है कि धनबाद, कोडरमा और गया जंक्शन होकर चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन पर नहीं रुकेंगी। इन ट्रेनों में हावड़ा – नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और हावड़ा – बाड़मेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। इन दोनों ट्रेनों का प्रयागराज में ठहराव अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। अब इन्हें प्रयागराज के बजाय सूबेदारगंज स्टेशन पर रोका जाएगा। लागू हुए नए बदलाव हावड़ा – नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के लिए तो यह बदलाव 1 जनवरी से ही लागू हो चुका है। यह ट्रेन 16 फरवरी तक कुल 47 दिनों तक प्रयागराज में नहीं रुकेगी। सूबेदारगंज स्टेशन के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है लेकिन लंबी वेटिंग की स्थिति भी देखी जा रही है। सूबेदारगंज में होगा हाल्ट वहीं हावड़ा – बाड़मेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी अलग-अलग तिथियों में कुल 13 दिनों तक सूबेदारगंज में हाल्ट करेगी। यही नहीं 3 जनवरी से 14 फरवरी तक बाड़मेर – हावड़ा एक्सप्रेस और 2 जनवरी से 13 फरवरी तक हावड़ा – बाड़मेर एक्सप्रेस प्रयागराज में नहीं रुकेंगी। इन ट्रेनों के बदले रास्ते इसके साथ ही बोकारो, गोमो और कोडरमा होकर चलने वाली रांची – लोकमान्य तिलक वीकली एक्सप्रेस का रूट भी बदला गया है। यह ट्रेन अब वाराणसी और प्रयागराज जंक्शन के बजाय माणिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर और डीडीयू जंक्शन होकर आवाजाही करेगी। यह बदलाव 7 जनवरी से 13 फरवरी के बीच लागू रहेगा।

बिहार DGP की पहल- लोग मोबाइल पर पुलिस तक पहुंचा सकेंगे शिकायत और सुझाव

पटना. नए साल की शुरुआत के साथ आम लोगों को पुलिस से सीधे जोड़ने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है. बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए दो विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. इस पहल का उद्देश्य यह है कि लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव बिना किसी रुकावट के पुलिस तक पहुंचा सकें. पुलिस मुख्यालय की ओर से यह हेल्पलाइन डीजीपी नियंत्रण कक्ष के अंतर्गत शुरू की गई है. इन नंबरों के जरिए राज्य के नागरिक अब सीधे पुलिस से संपर्क कर सकेंगे और अपनी बात रख सकेंगे. दो हेल्पलाइन नंबर जारी, तुरंत शुरू हुई सेवा बिहार पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जिन दो हेल्पलाइन नंबरों को शुरू किया गया है, वे हैं 9031829339 और 9031829340. इन नंबरों पर कॉल करके आम लोग कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा पुलिस की कार्यप्रणाली में लापरवाही, स्थानीय स्तर पर हो रही अनदेखी या किसी भी प्रकार की परेशानी की जानकारी भी दी जा सकती है. ये हेल्पलाइन नंबर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इन पर मिलने वाली शिकायतों को सीधे नियंत्रण कक्ष में दर्ज किया जाएगा, ताकि उन्हें जल्द से जल्द संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके. समयबद्ध समाधान और पारदर्शिता पर जोर इस पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की शिकायतों पर बिना देरी के कार्रवाई हो. शिकायत मिलने के बाद उसे संबंधित अधिकारी तक भेजा जाएगा और समयबद्ध समाधान का प्रयास किया जाएगा. इससे पुलिस और आम जनता के बीच संवाद मजबूत होगा. पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. आम लोग अब बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं सीधे पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा सकेंगे. गलत सूचना से बचने की अपील बिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि इन हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल केवल वास्तविक और गंभीर मामलों में ही करें. किसी भी तरह की गलत, झूठी या भ्रामक जानकारी देने से बचें, ताकि जरूरतमंद लोगों की शिकायतों पर सही समय पर कार्रवाई हो सके. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राज्य में जन-सुरक्षा को मजबूत करने और पुलिस के प्रति लोगों के भरोसे को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. नए साल में शुरू की गई यह सुविधा आम नागरिकों के लिए पुलिस तक पहुंच को और आसान बनाएगी.

बिहार में दारोगा ने चोर के ठिकाने से चुराया सोना और कैश

पटना. बिहार के वैशाली में चोर को पकड़ने गई पुलिस खुद चोर बन गई। आरोपी के ठिकाने से पुलिस ने भारी मात्रा में सोना और नगद रुपए चुरा लिए। पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में एसपी ने कड़ा एक्शन लिया है। लालगंज थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि एक अन्य दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसडीपीओ को जांच का जिम्मा दिया गया है। इस कार्रवाई से वैशाली पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसपी ने लालगंज थाना अध्यक्ष संतोष कुमार और दरोगा सुमन कुमार को किया निलंबित। इस संबंध में सदर एसडीपीओ 02 गोपाल मंडल को जांच का जिम्मा दिया गया है। उन्होंने बताया कि लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसआई सुमन झा के लाइन हाजिर होने की सूचना मिल रही हैं, लेकिन किस मामले में लाइन हाजिर हुए हैं इसकी पूरी जानकारी नहीं है। इधर आरोपी के ग्रामीण भाई गेनालाल ने बताया कि पुलिस छापेमारी करने आई थी। पटना से आने पर पता चला कि चोर-चोर कहके रामप्रीत सहनी के घर में छापेमारी की गई। पुलिस ने किसी को कार्रवाई के दौरान पास नहीं आने दिया। आरोपी मछली कारोबार करता था। रात में पुलिस ने छापेमारी की। पता चला है कि आरोपी के घर से राइफल गोली, कैश, सोना, चांदी और बर्तन बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी की पत्नी को भी उठा लिया। आरोपी के घर से भारी मात्रा में(किलोग्राम में) सोना और चांदी और लाखों नगद मिले जिसे पुलिस ने शो नहीं किया। परिजनों ने वरीय अधिकारियों से शिकायत की चेतावनी दी है और आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने इस कांड को गंभीरता से लिया है। इस घटना से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों की गिरप्तारी भी हो सकती है। इस कांड में कई किलो सोना और चांदी होने की बात कही जा रही है। वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने कहा कि 30 दिसम्बर को कार्रवाई की गई। आरोप लगाया गया है कि एफआईआर में बरामद समानों को नहीं दर्शाया गया। छापेमारी की कार्रवाई में वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होता है जिसका पालन नहीं किया गया।

बिहार पहुंचा 33 फीट लंबा और 210 टन वजनी दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

गोपालगंज. तमिलनाडु के महाबलीपुरम से विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच गया है. इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है. इस विशाल शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड स्थित विराट रामायण मंदिर में विधि-विधान से होगी. तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 21 नवंबर को रवाना किया गया यह शिवलिंग करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंच चुका है. रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का भव्य स्वागत किया गया. जहां भी शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. एक दिन रुकने के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए प्रस्थान करेगा. बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह होगा. इसके लिए विशेष प्रवेश द्वार तैयार कराया गया है. यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया जाएगा. इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अभिनंदन करेंगे. यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में एक ही ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से तैयार किया गया है. इसके निर्माण में कलाकारों को लगभग 10 वर्षों का समय लगा. शिवलिंग पर 1008 सहस्त्रलिंगम भी उकेरे गए हैं. इसे 96 पहियों वाले विशेष ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है. विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है. मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग स्थल और गर्भगृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है. यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. मंदिर में कुल 18 शिखर और 22 उप-मंदिर होंगे. मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी. मंदिर अधीक्षक के अनुसार, 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया गया था. यह मंदिर केसरिया और चकिया के बीच जानकीनगर में बन रहा है, जो पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर है. मंदिर परिसर में चार आश्रम भी बनाए जाएंगे. विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसके पूर्ण होने के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा मंदिर होगा. यह न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा. नवंबर को रवाना किया गया यह शिवलिंग करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंच चुका है. रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का भव्य स्वागत किया गया. जहां भी शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. एक दिन रुकने के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए प्रस्थान करेगा. बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह होगा. इसके लिए विशेष प्रवेश द्वार तैयार कराया गया है. यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया जाएगा. इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अभिनंदन करेंगे.

गुड्डु बाबा ने कौटिल्य नगर में लालू की जमीन को लेकर विजय सिन्हा को लिखा पत्र

पटना. लैंड फॉर जॉब, आईआरसीटीसी घोटाले का आरोप झेल रहे लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनके परिजनों के लिए नये साल में एक और मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने लीज पर दी गई कौटिल्य नगर की जमीन पर जांच के लिए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद का परिवार 10 सर्कुलर रोड आवास से कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट होने वाला है। कौटिल्य नगर में अन्य नेताओं को भी लीज पर जमीन दी गई है। गुड्डू बाबा ने विजय कुमार सिन्हा पत्र लिखकर जांच की मांग करने की पुष्टि की है। न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि उक्त जमीन वेटेनरी कॉलेज से संबंधित है। इन जमीनों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गयी। इनकी गहन जांच की आवश्यकता है। कौटिल्य नगर में 1986 में कोऑपरेटिव सोसायटी बनाकर विधायकों और सांसदों को 20 एकड़ जमीन लीज पर आवंटित कर दी गई। वहां नेताओं ने घर बना लिए। इन लोगों ने शर्त का पालन नहीं किया। इन नेताओं को कभी सरकारी आवास का उपयोग नहीं करना था। प्राप्त भूखंड को बेचना, किसी को हस्तांतरि करना या व्यावसायिक उपयोग पर रोक थी। कौटिल्य नगर की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए 2016 से हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। यह जमीन पटना यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित किया गया जिसे बाद में वेटेनरी कॉलेज को दिया गया। बाद में नेताओं ने बांट लिया। कौटिल्यनगर का मामला एक बड़ा लैंड स्कैम है। उन्होंने यह भी कहा कि 1986 में की गई 30 साल की लीज 2016 में एक्सपायर हो गई। रिन्यूअल के लिए फाइल बढ़ाई गई पर नीतीश कुमार ने इस पर स्वीकृति नहीं दी। सीएम को अच्छे से इन जमीनों की सच्चाई पता है। लीज का एक्सटेंसन नहीं किया गया।हालांकि शिकायत पर ऐक्शन इतना आसान नहीं है क्योंकि कई बड़े नेताओं के हित का मामला है। इस पर विजय सिन्हा पर निर्भर करता है कि क्या ऐक्शन लेते है। राजद ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि एक परिवार का नाम लोकर और आरोप लगाकर खबर में बने रहने की कवायद है। लालू परिवार को टारगेट किया जा रहा है।