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शादी की खुशियां मातम में बदलीं: तिलक से लौट रहे 3 लोगों को ट्रक ने रौंदा, घर में पसरा सन्नाटा

पटना बिहार के पूर्णिया से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टोटो पर 6 लोग सवार थे। पिता-पुत्र समेत 3 की मौके पर दर्दनाक मौत मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार देर रात सरसी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर नहर के पास की है। मृतकों की पहचान धमदाहा थाना क्षेत्र के कुमारी गांव निवासी 45 वर्षीय जागो ऋषि, उनके 18 वर्षीय पुत्र किशन कुमार और 40 वर्षीय कंचन देवी के रूप में हुई है। हादसे में टोटो चालक समेत तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। रघुनाथपुर नहर के समीप तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। तिलक समारोह से लौट रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी को जागो ऋषि की बेटी की शादी होनी थी। टोटो पर सवार छह लोग तिलक की रस्म पूरी कर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक ने टोटो को टक्कर मारते हुए तीन लोगों को कुचल दिया और चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस जांच में जुटी इधर सूचना मिलते ही सरसी और धमदाहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त टोटो को जब्त कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान के लिए जांच जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

रांची में वायु प्रदूषण रोकने एंटी स्माग गन और स्प्रिंकलर तथा मशीनों की होगी खरीदी

रांची. शहर की परिवेशी वायु गुणवत्ता को सुदृढ़ और नियंत्रित बनाए रखने के उद्देश्य से गठित सिटी लेवल इंप्लीमेंटेशन कमिटी की 11वीं बैठक शुक्रवार को रांची नगर निगम सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रशासक सुर्शात गौरव ने की। इस दौरान एविएंट एयर क्वालिटी इंप्रूवमेंट के तहत अब तक किए गए कार्यों, व्यय और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रांची जैसे शहरी क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गैप असेसमेंट कराने का निर्णय लिया गया। इसके आधार पर एंटी-स्माग गन, स्प्रिंकलर और मैकेनिकल स्विपिंग मशीन की खरीद के लिए नए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सके। निर्माण स्थलों से फैलने वाले धूल प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट्स को ग्रीन शॉट से ढकना अनिवार्य किया गया। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की गाइडलाइंस के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने और उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। हरित आवरण बढ़ाने पर जोर हरित आवरण बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए प्रशासक ने हार्टिकल्चर शाखा को निगम क्षेत्र में उपयुक्त स्थलों की पहचान कर अधिकतम वृक्षारोपण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में वैज्ञानिक पद्धति से वायु गुणवत्ता की जांच के लिए रूट प्लान तैयार करने और एंबिएंट एयर क्वालिटी मानिटरिंग के लिए टीम गठन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में ई-व्हीकल को प्रोत्साहन देने, स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित करने तथा उपलब्ध फंड्स का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार करने पर भी बल दिया गया। वायु प्रदूषण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कालेजों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक आइईसी गतिविधियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू, सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रांची वन प्रमंडल, बीआईटी मेसरा के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। रांची नगर निगम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करें, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं रमणीय बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें।

पटना मेडिकल कॉलेज में अब हफ्ते में सिर्फ 3 दिन होगी खून की जांच

पटना. बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में कई महत्वपूर्ण ब्लड जांच अब सप्ताह में केवल तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ही की जाएंगी। इस संबंध में राजेंद्र सर्जिकल वार्ड स्थित पैथोलाजी विभाग में सूचना चस्पा कर मरीजों और उनके स्वजन को अवगत कराया गया है। हालांकि, पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने मामले से अन्यभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि शनिवार को समीक्षा करेंगे। सभी बिन्दुओं पर कार्रवाई कर सभी तरह की उपयोगी जांच को हर दिन सैंपल की जांच सुनिश्चित कराई जाएगी। सूचना के अनुसार एफटी3, एफटी4, टी3, टी4, टीएसएच, विटामिन-डी, विटामिन-बी12, एंटी-सीसीपी, प्रोलैक्टिन तथा पीएसए (फ्री व टोटल) जैसी जरूरी जांच अब निर्धारित तीन दिनों में ही होंगी। पहले ये जांच अधिक दिनों में की जाती थीं। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और चिकित्सकों द्वारा इन जांचों की सलाह भी काफी मरीजों को दी जाती है। ऐसे में तय दिनों के अलावा आने वाले मरीजों को अगली तिथि तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बताया जाता है कि पैथलाजी विभाग में डॉक्टरों की कमी है, फैकेल्टी की कमी है। मामले से विभाग को भी अवगत कराया जाएगा। दूर-दराज से आने वालों पर अतिरिक्त बोझ मरीजों और परिजनों का कहना है कि सीमित दिनों में जांच होने से लंबी कतारें लग रही हैं। खासकर ग्रामीण व दूर-दराज जिलों से आने वाले मरीजों को दोबारा अस्पताल आना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। कई मामलों में जांच रिपोर्ट में देरी से उपचार शुरू होने में भी विलंब हो रहा है। संसाधनों पर दबाव बनी वजह अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या और उपलब्ध संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण जांच की समय-सारिणी सीमित करनी पड़ी है। पीएमसीएच में पुनर्निर्माण के बाद बेड क्षमता और सुविधाओं में विस्तार की प्रक्रिया जारी है, लेकिन मानव संसाधन की कमी अभी भी चुनौती बनी हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और कई मामले अभी उनकी संज्ञान में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच व्यवस्था को लेकर मिली जानकारी के आधार पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी और समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कई विभागों में मानव संसाधन की कमी है, जिसे दूर करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद सुधार की मरीजों को उम्मीद है कि जांच सेवाएं जल्द सामान्य होंगी, ताकि आवश्यक परीक्षण समय पर हो सकें और उपचार में देरी न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सरकारी अस्पतालों में संसाधन और मानवबल के संतुलन के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना कठिन होता है।

होली पर कोलकाता और नई दिल्ली तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

मुजफ्फरपुर. होली पर्व को लेकर ट्रेनों में नो रूम और रीग्रेट की स्थिति से जूझ रहे यात्रियों के लिए राहत की खबर है। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कोलकाता (हावड़ा) और नई दिल्ली के लिए कई होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। इससे घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को काफी हद तक सहूलियत मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, हावड़ा–कोलकाता और नई दिल्ली–आनंद विहार रूट पर पहले से ही टिकटों की भारी मारामारी है। नियमित ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और अधिकांश ट्रेनों में नो रूम या रीग्रेट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी समेत उत्तर बिहार के यात्रियों को इन ट्रेनों का सीधा लाभ मिलेगा।                            हावड़ा/कोलकाता के लिए होली स्पेशल ट्रेनें – 03043/03044 हावड़ा–रक्सौल–हावड़ा स्पेशल (सीतामढ़ी–दरभंगा–समस्तीपुर–बरौनी–झाझा के रास्ते) यह ट्रेन 28 फरवरी, 7 व 14 मार्च (शुक्रवार) को हावड़ा से रात 23.05 बजे खुलेगी। वहीं 1, 8 व 15 मार्च (शनिवार) को रक्सौल से शाम 17.45 बजे प्रस्थान करेगी। 03045/03046 हावड़ा–रक्सौल–हावड़ा स्पेशल यह ट्रेन 1 व 2 मार्च (रविवार एवं सोमवार) को हावड़ा से 23.05 बजे खुलेगी। वापसी में 2 व 3 मार्च (सोमवार एवं मंगलवार) को रक्सौल से 17.45 बजे खुलेगी। 03185 कोलकाता–मधुबनी–कोलकाता स्पेशल (दरभंगा–समस्तीपुर–बरौनी–झाझा के रास्ते) 27 फरवरी को कोलकाता से रात 23.50 बजे खुलेगी। 03186 मधुबनी–कोलकाता स्पेशल 28 फरवरी (शनिवार) को मधुबनी से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान करेगी। नई दिल्ली के लिए होली स्पेशल ट्रेनें – 04054/04053 नई दिल्ली–बरौनी–नई दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–छपरा–हाजीपुर के रास्ते) 04060/04059 नई दिल्ली–सुपौल–नई दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–छपरा–हाजीपुर–बरौनी–मानसी–सहरसा के रास्ते) 04010/04009 दिल्ली–सीतामढ़ी–दिल्ली स्पेशल (गोरखपुर–नरकटियागंज–रक्सौल के रास्ते)     रेलवे अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और नो रूम–रीग्रेट की समस्या से राहत देने के उद्देश्य से इन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारिणी की जानकारी जरूर ले लें और आरक्षित टिकट के साथ ही सफर करें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

करदाताओं को ओटीएस में मिलेगा पूरा ब्याज और जुर्माना भी माफ

पटना. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना के आलोक में नगर निगम ने संपत्ति कर प्रोत्साहन योजना–2025 लागू की है। यह योजना 28 नवंबर से प्रभावी है और 31 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके तहत लंबित संपत्ति कर पर 100 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना माफ किया जा रहा है। करदाताओं को केवल मूल कर राशि एकमुश्त जमा करनी है। मूल राशि जमा करते ही पूरा बकाया समाप्त माना जाएगा। योजना को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के रूप में लागू किया गया है। 5,511 लोगों ने कराया स्व-निर्धारण नगर निगम के अनुसार अब तक 5,511 करदाताओं ने होल्डिंग नंबर का स्व-निर्धारण कराया है। पाटलिपुत्र अंचल 1,424 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। अजीमाबाद में 1,263, नूतन राजधानी में 1,024 आवेदन हुए हैं। कंकड़बाग में 788 और पटना सिटी में 531 लोगों ने आवेदन दिया। बांकीपुर अंचल में सबसे कम 481 स्व-निर्धारण दर्ज हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल योजना का लाभ आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों को मिल रहा है। संस्थागत तथा केंद्र और राज्य सरकार की संपत्तियां भी दायरे में हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और उससे पूर्व के बकाया पर छूट दी जा रही है। कोर्ट या ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों के करदाता भी लाभ ले सकते हैं। इसके लिए मामला वापस लेने का लिखित प्रमाण देना होगा। निर्धारित अवधि के बाद यह छूट उपलब्ध नहीं रहेगी। स्व-निर्धारण का स्पष्ट प्रावधान जिनका अब तक स्व-निर्धारण नहीं हुआ है, वे भी योजना में शामिल हो सकते हैं। आवासीय संपत्ति का निर्धारण विद्युत कनेक्शन तिथि या अधिसूचना तिथि से होगा। जो भी तिथि बाद में होगी, वही प्रभावी मानी जाएगी। गैर-आवासीय संपत्ति के लिए जीएसटी निबंधन तिथि आधार होगी। या फिर नगर निकाय की अधिसूचना तिथि लागू मानी जाएगी। निर्धारण नगर निगम के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा। गलत जानकारी पर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने करदाताओं से समय पर भुगतान की अपील की है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत किए गए भुगतान की जांच होगी। तथ्य छिपाने या गलत सूचना देने पर छूट रद कर दी जाएगी। नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। भुगतान की सुविधा वाट्सएप चैटबॉट 9264447449 पर उपलब्ध है। इसके अलावा निगम कार्यालयों और अधिकृत वेबसाइट पर भी भुगतान किया जा सकता है।

बिहार बोर्ड और CBSE 10वीं की 17 फरवरी से होगी परीक्षा

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 से 25 फरवरी तक होगा। परीक्षा राज्य के सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली के लिए सुबह 8:30 बजे से प्रवेश मिलेगा। द्वितीय पाली के लिए दोपहर एक बजे से प्रवेश की अनुमति रहेगी। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रथम पाली की परीक्षा से पहले प्रवेश एक घंटा पूर्व से शुरू होगा। दोपहर 1:30 बजे द्वितीय पाली के लिए मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। लेट पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिलेगा। एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। केंद्र पर अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य होगा। बोर्ड ने सभी छात्रों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा है। CBSE की परीक्षा भी 17 से इसी दिन से Central Board of Secondary Education की 10वीं परीक्षा भी शुरू हो रही है। राज्य में हजारों छात्र दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि बच्चों को समय से भेजें। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग पर सख्ती रहेगी। सभी केंद्रों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। बिना तनाव ऐसे करें रिविजन विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा से पहले हल्का और योजनाबद्ध रिविजन करें। आखिरी समय में नया विषय शुरू करने से बचें। छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करें ताकि दिमाग तरोताजा रहे। पर्याप्त नींद और संतुलित आहार भी जरूरी है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देने से बेहतर प्रदर्शन संभव है।

खुले नाले ने ली मासूम की जान, पटना में दो साल की बच्ची की दर्दनाक मौत

पटना पटना में दिल्ली की तरह हादसा हुआ है, जहां एक खुले नाले के चैंबर में गिरकर दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना फुलवारीशरीफ की है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। खुले नाले में गिरने से दो साल की बच्ची की मौत, अब पटना में दिल्ली जैसा हादसा बिहार के पटना में खुले नाले में गिरने से शनिवार को दो साल की मासूम बच्ची की जान चली गई। घटना फुलवारीशरीफ के रायचौक की है। बताया जा रहा है कि बच्ची खेलते-खेलते नाले के पास चली गई और उसके खुले चेंबर के अंदर गिर गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही से बच्ची की मौत का आरोप लगाया है। हाल के दिनों में ऐसी कुछ घटनाएं दिल्ली और नोएडा जैसे शहरों से भी आ चुकी हैं, जहां खुले मैनहोल और गड्ढों में गिरकर लोगों की जानें चली गईं। उनमें भी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई थीं। पटना के फुलवारीशरीफ में नाले में गिरकर जान गंवाने वाली दो साल की मासूम का नाम खादिजा था। शनिवार को वह लापता हुई तो घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास के लोगों से पूछने के बाद भी कहीं बच्ची का पता नहीं चला तो इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जब नाले के पास स्थित एक मकान का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, तो बच्ची खुले चैंबर में गिरती हुई नजर आई। इसके बाद तुरंत बच्ची को नाले से निकाला गया और पटना एम्स ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद घर में मातम छा गया। बच्ची का परिवार मूलरूप से असम का रहने वाला बताया जा रहा है। इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। उन्होंने फुलवारीशरीफ नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। लोगों का कहना है कि खुले नाले को कई जगहों पर ढंका नहीं गया है, इस वजह से हादसा हो गया। दिल्ली में समस्तीपुर के मजदूर की ऐसे ही हुई मौत समस्तीपुर जिले से मजदूरी करने दिल्ली गए बिरजू कुमार की 5 दिन पहले खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई थी। यह घटना रोहिणी क्षेत्र में हुई। बताया गया कि बीते सोमवार की रात को बिरजू रास्ते से गुजर रहा था। तभी एक खुले मैनहॉल में गिर गया। मंगलवार को इसकी सूचना प्रशासन को मिली तो फायर ब्रिगेड की टीम ने उसकी तलाश की। शाम को उसका शव मैनहोल से निकाला गया। बिरजू की मौत के बाद बिहार में मौजूद उसकी बूढ़ी मां, जवान पत्नी और तीन बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इससे पहले, 5 फरवरी को भी दिल्ली में ऐसा एक और हादसा हुआ था। बैंक कर्मी 25 वर्षीय कमल ध्यानी बाइक से घर लौट रहा था। तभी वह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 15 फीट गहरे खुले गड्ढे में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। पिछले महीने दिल्ली से सटे नोएडा में भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहरा की ऐसे ही मौत हुई थी। उसकी कार 16-17 जनवरी की रात को एक पान से भरे गड्ढे में समा गई थी। मदद के लिए घंटों इंतजार के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी थी। इन मामलों में प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया और देश भर में चर्चा का विषय बने।

राजगीर के कुंडों में फिर लौटेगी जलधारा: मुख्यमंत्री नीतीश

नालंदा/राजगीर. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज नालंदा जिले के राजगीर पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले गिरीयक के घोड़ा कटोरा स्थित गंगा जी जलाशय का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने राजगीर में रोप-वे, वैतरणी नदी और ब्रह्मकुंड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। जानकारी के अनुसार, राजगीर कुंड परिसर में विकास कार्यों और कम बारिश के कारण गंगा-जमुना कुंड समेत कई कुंडों की जलधारा इन दिनों बंद हो गई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री स्वयं हालात का आकलन करने पहुंचे। कुंडों में जलप्रवाह बहाल करने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि कुंडों में जलप्रवाह बहाल करने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। गौरतलब है कि मई महीने में राजगीर में पुरुषोत्तम मास मेला आयोजित होना है। मुख्यमंत्री ने मेले की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। राजगीर में आगामी पुरुषोत्तम मास मेले को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है।

सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने से सेना के 4 जवानों की गई जान

जगदलपुर/मेदिनी नगर/पलामू. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में 201 कोबरा बटालियन के चार जवानों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम खपरी बाईपास के समीप हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार ट्रक के नीचे जा घुसी और उसकी छत पूरी तरह उखड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान जगदलपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार डिजायर कार खपरी बाईपास पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सीधे ट्रक के नीचे फंस गई और उसमें सवार जवान बुरी तरह अंदर जकड़ गए। कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला। चार जवानों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू मृतकों में झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत रानीदेवा गांव निवासी मुकेश कुमार भी शामिल हैं। जैसे ही गांव में उनके निधन की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के थे। उनके असमय निधन से गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक से अचानक टकराव हादसे का कारण बना। इस हृदयविदारक घटना से सुरक्षाबलों के साथ-साथ पलामू जिले में भी गहरा शोक व्याप्त है।

झारखंड में बदली सदियों पुरानी रीति! 400 साल में पहली बार पंचायत की जगह पुलिस तक पहुंचा विवाद

गढ़वा झारखंड के गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड का लरहरा गांव अपनी अनोखी परंपरा को लेकर चर्चा में है। यहां पिछले करीब 400 वर्षों से किसी भी विवाद का मामला थाने तक नहीं पहुंचा। गांव के लोग आज भी आपसी मामलों को पंचायत के जरिए ही सुलझाते हैं। पिछले 400 सालों से एक भी केस थाने में नहीं पहुंचा दरअसल, जिले के गढ़वा जिला अंतर्गत भवनाथपुर प्रखंड के लरहरा गांव में आज भी परंपरागत पंचायत व्यवस्था कायम है। इस गांव में कोरवा जनजाति के करीब 40 परिवार रहते हैं, जिन्हें आदिम जनजाति की श्रेणी में रखा जाता है। हाल ही में गांव में एक संवेदनशील मामला सामने आया। बताया जाता है कि गांव के एक चार बच्चों के पिता और चार बच्चों की मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। दोनों रिश्ते में चाची-भतीजा बताए जा रहे हैं। मामला सामाजिक मर्यादा से जुड़ा होने के कारण गांव में हलचल मच गई और तुरंत पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने कड़ी चेतावनी और माफी के साथ मामला सुलझाया इसी दौरान महिला ने गांव वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करा दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। थाने से बुलावा आने पर गांव के सभी लोग एकजुट होकर वहां पहुंचे। पुलिस पूछताछ में ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 400 सालों से एक भी केस थाने में नहीं पहुंचा। यहां हर मामला पंचायत स्तर पर ही सुलझा गया है और आगे भी पंचायत स्तर पर ही सुलझाया जाएगा। आखिरकार पुलिस ने बिना हस्तक्षेप किए मामला पंचायत पर छोड़ दिया। पंचायत ने दोनों पक्षों को कड़ी चेतावनी और माफी के साथ मामला सुलझा दिया। गांव के बुजुर्ग रामपृत कोरबा, बिठल कोरबा, मुंद्रिका कोरबा, मणि कोरबा और सुरेंद्र कोरबा का कहना है कि उनके पूर्वजों के समय से ही गांव में यही नियम चला आ रहा है कि हर विवाद पंचायत में ही सुलझाया जाएगा। इससे गांव में आपसी भाईचारा बना रहता है। लरहरा गांव के लोगों का मुख्य पेशा जंगल से लकड़ी काटकर उसे भवनाथपुर बाजार में बेचना है। आधुनिक दौर में भी यह गांव अपनी परंपरा और सामाजिक व्यवस्था को कायम रखे हुए है।