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बिहार के मुख्यमंत्री नितीश बोले शकुनी चौधरी से- ‘आपका बेटा सम्राट बहुत आगे जाएगा’

पटना. डिप्टी CM सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी का आज अपना 90वां जन्मदिन है। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके आवास पहुंचे और जन्मदिन की बधाई दी। इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें सीएम ने पहले शकुनी चौधरी को बधाई दी। फिर सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि, 'आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ।' इस दौरान मंत्री विजय चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव भी नजर आए। सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की है।

मामूली जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष, महिला को जमीन पर पटककर पीट-पीटकर मार डाला

पटना बिहार में 10 इंच जमीन के लिए एक महिला की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। पश्चिम चंपारण जिले में इस वारदात के बाद सनसनी फैल गई है। सीरिसिया थाना क्षेत्र के सेनुअरिया वार्ड संख्या-10 में जमीनी विवाद में मारपीट के दौरान रामकली देवी (60) की मौत हो गई। घटना रविवार की सुबह करीब 7:30 बजे की है। मौके पर ट्रैफिक डीएसपी सहित आधा दर्जन थाने की पुलिस कैंप कर रही है। थानाध्यक्ष अनंत कुमार ने बताया कि घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हो गए हैं। बताया जाता है कि सिरीसिया थाना क्षेत्र के सेनुअरिया गांव निवासी मुन्ना महतो एवं महातम यादव के बीच रविवार की सुबह करीब 7:30 बजे 10 इंच जमीन को लेकर विवाद होने लगा। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इसमें एक पक्ष से महिला अपने बेटे का बचाव करने आई। दूसरे पक्ष के लोगों ने महिला को लोहे के खंती से धक्का दे दिया, जिससे महिला जमीन पर गिर पड़ी। उसके बाद आरोपित उन्हें लात-घूंसे से मारने लगे। इस पिटाई से महिला को गंभीर चोट आ गई। जिससे महिला की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सीरिसिया पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। घटना के बाद एक-एक कर करीब आधा दर्जन थाने की पुलिस मौके ने पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में जिला पुलिस के बल भी पहुंचे। तब जाकर मामला शांत हुआ।  

बिहार के 82,000 शिक्षकों के लिए नीतीश सरकार ने नए साल में दी बड़ी राहत, ऐलान किया गया

पटना  बिहार के 82 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए नए साल की शुरुआत होते ही बड़ा ऐलान कर दिया गया है. नीतीश सरकार की तरफ से सुनहरा मौका शिक्षकों को मिलने वाला है. दरअसल, पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर घोषणा कर दी गई है. जिसके मुताबिक, जनवरी के आखिरी या फरवरी के पहले सप्ताह में परीक्षा ली जा सकती है. ऑफिशियल एक्स अकाउंट के जरिये किया ऐलान दरअसल, जेडीयू के ऑफिशियल एक्स अकाउंट के जरिये एक पोस्ट शेयर किया गया है. जिसमें पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर बड़ी जानकारी दी गई. ऐसे में नए साल पर नियोजित शिक्षकों के लिए यह बेहद खास तोहफा माना जा रहा है. काफी लंबे समय से नियोजित शिक्षकों की तरफ से परीक्षा का इंतजार किया जा रहा था. इस बीच बड़ी घोषणा कर दी गई है. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं आवेदन पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर नियोजित शिक्षक ऑफिशियल वेबसाइट https://sakshamtabihar.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए शिक्षकों को 1100 रुपये देना होगा. क्लास 1 से 12वीं तक के लिए यह परीक्षा आयोजित की जायेगी. पूरे ढाई घंटे की यह परीक्षा होगी, जिसमें 150 ऑप्शनल क्वेश्चन पूछे जायेंगे. इसके साथ ही किसी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने की भी सलाह दी गई है. फर्जी नियोजित शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें इससे पहले यह भी खबर आई थी कि बिहार में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. निगरानी विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य के अलग-अलग जिलों में 2916 नियोजित शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और जाली अंकपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे. इन सभी के खिलाफ संबंधित जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. दिसंबर 2025 तक शिक्षा बोर्ड से कराए गए प्रमाणपत्र सत्यापन में इन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए. जांच में सामने आया है कि कुछ शिक्षकों ने अपने अंकपत्र में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ा लिए थे, तो कुछ ने दूसरे व्यक्ति के नाम और रोल नंबर का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल कर ली. कई मामलों में प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम मेल नहीं खाता, जबकि कई दस्तावेज पूरी तरह जाली निकले हैं.

बिहार में तेज रफ्तार बाइक पेड़ से टकराने से 2 दोस्तों की दर्दनाक मौत

पटना. बिहार के सुपौल में नए साल में सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहागपुर में शुक्रवार रात भीषण सड़क हादासा हुआ। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसमें बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बाइक को कब्जे में लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। मृतकों का मोबाइल की भी जांच की जा रही है। मृतकों की पहचान किशनपुर थाना क्षेत्र के मौजहा वार्ड संख्या 6 निवासी रामदत्त यादव के पुत्र राजकुमार यादव(23) और इन्द्रदेव यादव का पुत्र नीतीश कुमार(24) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक किसी जरूरी काम से बाइक से निकले थे। रास्ते में सोहागपुर के पास बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। किशनपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक मिलनसार और मेहनती थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की वजह मानी जा रही है। पुलिस ने उनकी बाइक को कब्जे में ले लिया है। परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुपौल पुलिस ने आम लोगों से सुरक्षित यात्रा की अपील की है। जिले में गड़ियों की स्पीड, गाड़ी चलाते मोबाइल का इस्तेमाल और हैलमेट जांच तेज कर दी गई है।

झारखंड में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से लाखों बालिकाएं हो रहीं सशक्त

रांची. अबुआ सरकार किशोरियों और महिलाओं को शिक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही हैए ताकि झारखण्ड एक स्वस्थए सशक्त और समावेशी प्रदेश के रूप में आगे बढ़ सके। इसी सोच को साकार करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में झारखण्ड सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022.23 से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरुआत की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को कक्षा आठवीं से बारहवीं तक चरणबद्ध रूप से कुल 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही हैए जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे और आर्थिक बाधाओं के कारण कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न हो। इस योजना का उद्देश्य न केवल शैक्षिक भागीदारी बढ़ाना हैए बल्कि बाल विवाहए बाल श्रम और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए किशोरियों को आत्मनिर्भरए आत्मविश्वासी और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना भी है। करोड़ों की सहायताए लाखों लाभार्थी समाज कल्याण निदेशालयए महिला एवं बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार- – वित्तीय वर्ष 2022.23 में 7ए28ए332 बालिकाओं को कुल 344 करोड़ 80 लाख रुपये – वित्तीय वर्ष 2023.24 में 7ए18ए272 बालिकाओं को 365 करोड़ 98 लाख रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2024.25 में 7ए38ए687 बालिकाओं को 368 करोड़ 71 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। ऑनलाइन पोर्टल से पारदर्शी प्रक्रिया वर्तमान वित्तीय वर्ष से आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन सीधे विद्यालयों के माध्यम से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के आधिकारिक पोर्टल पर कराया जा रहा है। इससे लाभार्थियों के चयनए दस्तावेजों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। भुगतान की पूरी जानकारीए अस्वीकृत आवेदनों के कारण एवं आवश्यक सुधार संबंधी सूचनाएं संबंधित विद्यालयों के साथ साझा की जा रही हैंए ताकि किसी भी बालिका को योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। वर्तमान स्थिति इस वित्तीय वर्ष में अब तक 5ए92ए308 बालिकाओं के आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैंए जिनमें से 1ए97ए006 बालिकाओं को 71 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस वर्ष कुल 270 करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अबुआ सरकार की यह योजना झारखण्ड की बेटियों के लिए न केवल आर्थिक सहयोग हैए बल्कि उनके सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम भी है। आठवीं से बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत सभी पात्र बालिकाओं से अपील है कि वे अपने विद्यालय के माध्यम से शीघ्र आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और शिक्षा व सशक्तिकरण की नई उड़ान भरें। ऐसे करें संपर्क अधिक जानकारी या आवेदन संबंधी सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारीए जिला समाज कल्याण पदाधिकारीए विद्यालय के प्रधानाध्यापकध्ठम्म्व् अथवा प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

राष्ट्रपति और पीएम का AI वीडियो बनाने वाले युवक को मुजफ्फरपुर पुलिस ने भेजा जेल

पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एआई जनेरेटेड फेक वीडियो बनाकर वायरल करने वाले युवक पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था जिसे काफी शेयर किया गया। आरोपी जिले के बोचहां का रहने वाला है और जन सुराज पार्टी से जुड़ा है। वह जसुपा के लिए वीडियो बनाता था। ग्रामीण एसपी राजेश कुमार प्रभाकर ने बताया कि एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर बोचहां थाना के भगवानपुर निवासी प्रमोद कुमार राज को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 197 डी, 351(4), 352, 353, 356 और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उस पर आपराधिक धमकी, अपमान करना, सार्वजनिक अव्यवस्था और राष्ट्र विरोधी गतिविधि का आरोप है। साइबर थाने में इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने के बाद उसे साइबर थाने पर लाया गया जहां एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने लंबी पूछताछ की। आरोपी ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। सोशल मीडिया पर उस वीडियो को हजारों लोगों ने शेयर किया है और हजारों की संख्या में रिएक्शन दिए गए हैं। एसएसपी सुशील कुमार ने इस मामले में कहा है कि साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृ्त्व में टेक्नकिकल टीम गठित कर दी गई है। टीम मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश और अधिकारीयों ने विभिन्न इलाकों का किया भ्रमण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नववर्ष पटना शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जे0पी0 गंगा पथ तथा ईको पार्क का भ्रमण कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया तथा उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनायें दी। नववर्ष के अवसर पर ईको पार्क में बड़ी संख्या में परिवार के साथ पहुंचे लोग मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर काफी प्रफुल्लित हुये। मुख्यमंत्री के ईको पार्क पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां मौजूद लोग इकट्ठा हो गये। मुख्यमंत्री को अपने करीब पाकर हर कोई इस अवसर को तस्वीर और वीडियो के जरिये अपने कैमरे में कैद किया। सभी लोगों ने हाथ हिलाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया तथा उन्हें नववर्ष की हार्दिक बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने लोगों को अभिवादन स्वीकार किया तथा उन्हें भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें दी। भ्रमण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चैधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डाॅ0 चन्द्रषेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, जिलाधिकारी डाॅ. त्यागराजन एस0एम0 सहित पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड में आभा नंबर के जरिए मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री होगी ऑनलाइन

रांची. झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में इलाज कराने वाले हर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री अब ऑनलाइन दर्ज होगी, जिसे किसी भी अस्पताल के डॉक्टर आसानी से एक्सेस कर देख सकेंगे। मरीज को पहले कौन-सी बीमारी थी, कहां और कब इलाज हुआ, कौन-सी दवाएं चल रही हैं या पहले दी गई थीं। ब्लड, यूरिन, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की पूरी जानकारी सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह पूरी व्यवस्था आभा आईडी के माध्यम से संचालित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग इसे जल्द ही राज्य के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में लागू करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले एक साल से सभी सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बाद अबतक राज्य भर में 50 लाख से ज्यादा लोगों का आभा नंबर जेनरेट हो चुका है। बीते करीब एक साल से सरकारी अस्पतालों में मरीज आभा ऐप और ड्रिफकेस ऐप के जरिए खुद ही अपना रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। आने वाले समय में शेष मरीजों को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। यह सिस्टम कैसे करेगा काम आभा आईडी मरीज की डिजिटल हेल्थ पहचान होगी। यह आधार से वेरिफाइड होगी। अस्पतालों में ई-सुश्रुत पोर्टल पर डॉक्टर मरीज का पूरा डेटा दर्ज करेंगे। मेडिकल हिस्ट्री, ट्रीटमेंट और सभी रिपोर्ट्स अपलोड की जाएंगी। यह डेटा आभा पोर्टल से लिंक रहेगा। देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर इसे एक्सेस कर सकेंगे। इस नई डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार पुरानी रिपोर्ट साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। इमरजेंसी में डॉक्टर तुरंत मरीज की बीमारी की पूरी जानकारी देख सकेंगे। मरीज जहां चाहे, वहां इलाज करा सकेंगे। सदर अस्पताल रांची में लागू रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में यह व्यवस्था पहले से लागू कर दी गई है। यहां पिछले कई महीनों से मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में इलाज करा चुके किसी भी मरीज की आभा आईडी यदि देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर एक्सेस करेंगे, तो मरीज की पूरी रिपोर्ट, इलाज का विवरण और मेडिकल हिस्ट्री स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। मरीज खुद कैसे बनवा सकेंगे आभा आईडी मरीज आसानी से अपना आभा आईडी बना सकते हैं। मोबाइल में आभा या ड्रिफकेस ऐप डाउनलोड करें। आधार नंबर या मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आईडी जनरेट होगी। यह आईडी आजीवन मान्य रहेगी।

झारखंड में पेसा नियमावली की अधिसूचना जारी

रांची. झारखंड में अब गांव की मर्जी चलेगी। राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में अब तक जो फैसले कागजों और दफ्तरों में होते थे, वह अब चौपाल में होंगे। शुक्रवार देर शाम पेसा नियमावली की अधिसूचना जारी होते ही आदिवासी इलाकों की राजनीति और प्रशासन का चेहरा बदल गया। जिस स्वशासन की बात आदिवासी समाज दशकों से करता रहा, वह पहली बार नियमों की शक्ल में जमीन पर उतरता दिख रहा है। अब गांव की बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी। हर महीने ग्राम सभा की बैठक होगी। इसमें महिलाओं की मौजूदगी अनिवार्य होगी और फैसले खुले में होंगे। गांव के छोटे-मोटे विवाद सुलझाने का अधिकार भी अब ग्राम सभा के पास होगा। सरकार का दावा है कि यह नियमावली आदिवासी इलाकों में सत्ता का संतुलन बदल देगी। जहां अब तक बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों का दबदबा था, वहां गांव खुद अपने संसाधनों का मालिक बनेगा। कैबिनेट ने इस नियमावली को 23 दिसंबर को कुछ बदलावों के साथ मंजूरी दी थी। अब इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद झारखंड उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां पेसा सिर्फ कानून नहीं, नियमों के साथ लागू हुआ है। पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में पेसा नियमावली लागू हो गई है। स्वशासन लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। ग्राम सभा स्थाई होगी, इसे भंग नहीं कर सकते ग्राम सभा को अ​ब वास्तविक अधिकार मिल जाएंगे। जल-जंगल और जमीन का अधिकार। ग्राम सभा के पारंपरिक अधिकार अब वैधानिक अधिकार के तौर पर लागू करने के लिए प्रशासन बाध्य होगा। ग्राम सभा के गठन का अधिकार सरकार और प्रशासन को नहीं दिया गया है। जो परंपरागत ग्राम सभा की मान्यता है, वही लागू होगी। इनमें जनसंख्या का कोई मतलब नहीं है। अनुसूचित क्षेत्रों में विकास भी ग्राम सभा के अधीन होगा। खास बात यह है कि ग्राम सभा स्थाई होगी, क्योंकि यह पारंपरिक ग्राम सभा है। इसे कभी भंग नहीं किया जा सकेगा। एक-एक योजना ग्राम सभा की अनुमति से ही उस राजस्व ग्राम में लाया जाएगा। यहां तक कि कोई भी छोटी-बड़ी कंपनियां बिना ग्राम सभा के जमीन तक नहीं ले सकती है। पेसा का मूल उद्देश्य ग्रामीणों को अधिकार देना पेसा का मूल उद्देश्य ही पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में निवास करने वाले ग्रामीणों को अधिकार देना और ग्राम सभा को सशक्त करना है। ग्राम कोष का गठन होगा। जो भी आय होगी, पंचायत समिति उसका 80 प्रतिशत ग्राम कोष में डालेगी और 20 प्रतिशत पंचायत समिति के पास होगा। तीन व्यक्ति तीन साल के लिए मनोनीत होंगे, जो ग्राम कोष का संचालन करेंगे। मिट्‌टी, पत्थर, बालू और मोरम सहित उस क्षेत्र में पाए जाने वाले लघु खनिज का उपयोग पूरी तरह इसके अधीन होगा। सिंचाई का प्रबंधन, ग्राम स्तर पर होने वाले वनोत्पाद एवं अन्य उत्पाद पर इनका अधिकार होगा। वन्य जीव के संरक्षण का काम भी ग्राम सभा को ही मिलेगा। पेसा नियमावली क्या है? -पेसा कानून अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा को प्रशासन, संसाधन और परंपराओं पर निर्णय लेने का अधिकार देता है। झारखंड में इसके लागू होने से अब ग्राम सभा सबसे ताकतवर इकाई बन गई है। ग्राम सभा की बैठक कैसे होगी? -हर महीने कम से कम एक बैठक अनिवार्य होगी। इसके लिए एक तिहाई का कोरम जरूरी होगा। इनमें भी एक तिहाई महिलाओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बैठक सार्वजनिक रूप से करनी होगी। अगर बंद भवन में करनी है तो दरवाजा खुला रखना होगा। किसी को भी प्रवेश से नहीं रोक सकेंगे। इसकी अध्यक्षता उसी ग्राम सभा के अनुसूचित जनजाति के कोई ऐसे सदस्य होंगे, जो रीति-रिवाजों के साथ मान्यता प्राप्त व्यक्ति हो। अब बालू घाट कौन चलाएगा? -कैटेगरी-1 (पांच हेक्टेयर से कम) के बालू घाट का संचालन ग्राम सभा करेगी। बालू से मिलने वाला शुल्क ग्राम सभा के कोष में जाएगा। यहां जेसीबी से खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। एनजीटी के निर्देश के अनुरूप मानसून में बालू के उठाव पर पूरी तरह से रोक रहेगी। शराब दुकानों पर क्या होगा? -ग्राम सभा की अनुमति के बिन न शराब की दुकान खुलेगी, न ही फैक्ट्री। महुआ, हड़िया जैसी पारंपरिक पेय सिर्फ घरेलू और सामाजिक उपयोग के लिए होगा। शराब नियंत्रण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होगी। गांव के विवाद कैसे सुलझेंगे? -पारिवारिक और जमीन विवाद ग्राम सभा में सुलझाए जाएंगे। ग्राम सभा अधिकतम 2000 रुपए तक जुर्माना लगा सकेगा। लेकिन उसे जेल भेजने का अधिकार नहीं होगा। लेकिन अगर कोई आरोपी अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांगता है और दोबारा गलती न करने का प्रण लेता है तो उसे ही दंड मान लिया जाएगा। पुलिस-प्रशासन पर क्या असर होगा? -पुलिस अगर किसी मामले में किसी को तत्काल गिरफ्तार करती है तो 7 दिन के भीतर सूचना ग्राम सभा को देनी होगी। सीएनटी जमीन ट्रांसफर में क्या बदलेगा? -सीएनटी-एसपीटी एक्ट से जुड़े मामलों में ग्राम सभा की सहमति जरूरी होगी आदिवासी जमीन पर सीएनटी की धारा 71 का उल्लंघन कर कोई कब्जा कर लेता है या धारा 46 या धारा 48 या 239 का उल्लंघन करके कपट पूर्ण तरीके से ले लेता है तो ऐसी जमीन से उसे बेदखल किया जा सकेगा। इसके बदले कब्जाधारी को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा। संबंधित जमीन मूल रैयत या उसके वारिस को सौंपा जाएगा। अगर कोई वारिस न हो तो वह जमीन दूसरे आदिवासी रैयत के नाम बंदोबस्त किया जाएगा। हर साल 15 अप्रैल तक रजिस्टर-2 की कॉपी ग्राम सभा को उपलब्ध करानी होगी।  

झारखंड में फरवरी-मार्च में होंगे नगर निकाय चुनाव

रांची. राज्य में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसकी उलटी गिनती शुरू मानी जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों से संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी के अंत तक चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी 8 जनवरी को सभी जिलों में तैयारियों के समीक्षा बैठक करेंगी। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां 5 से 7 दिनों के भीतर सुधार कराने का निर्देश दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य सचिव के माध्यम से राज्यपाल को चुनाव तिथि का प्रस्ताव भेजा जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में राज्यपाल की मंजूरी मिल जाएगी। इसके तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। एक चरण में चुनाव, बैलेट पेपर से होगा मतदान अधिसूचना जारी होते ही अगले दिन से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन के लिए उम्मीदवारों को लगभग एक सप्ताह का समय मिलेगा। इस बार नगर निकाय चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। मतदान ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होगा। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 28 मार्च तक समाप्त कर दी जाए। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार 30 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है, इसी वजह से आयोग ने समय-सारिणी को कड़ा रखा है। उम्मीदवारों को इस बार प्रचार के लिए केवल 32 से 36 दिन का समय मिलेगा, जबकि पहले आमतौर पर 40 से 45 दिन का समय मिलता था। होली के आसपास हो सकता है मतदान होली पर्व 4 मार्च को है। आयोग की योजना है कि इसी के आसपास मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। मतदान की संभावित तिथि 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच मानी जा रही है। मतदान के अगले दिन को री-पोल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि 2 से 3 दिन के भीतर मतगणना कराई जाएगी। मतदान के दौरान एक ही बैलेट बॉक्स में मेयर-अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के लिए वोट डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का मतपत्र सफेद रंग का रहेगा। मतगणना के समय पहले दोनों तरह के वोट अलग-अलग छांटे जाएंगे, इसके बाद गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी। मतगणना के 15 से 22 दिन के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर परिषद-नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा, जिसमें केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद ही मतदान करेंगे। यहां होने हैं नगर निकाय चुनाव रांची, हजारीबाग, धनबाद, मेदनीनगर, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो में होगा। वहीं नगर परिषद का चुनाव गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम में होगा। जबकि नगर पंचायत का चुनाव बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया।