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पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ने वाले बच्चे की कहानी ने जीता CM हेमंत सोरेन का दिल, रांची DC को मिले खास निर्देश

रांची सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने सीएम हेमंत को टैग करते हुए एक बच्चे की समस्या से अवगत करवाया। इसके बाद सीएम हेमंत ने मामले को संज्ञान में लिया। सीएम हेमंत ने रांची डीसी को टैग करते हुए लिखा, संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। दरअसल, सनी शारद नामक युवक ने अपने ट्वीट में सीएम हेमंत को टैग करते हुए लिखा कि चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप की रोशनी के नीचे हर रात 8 वर्षीय एलेक्स मुंडा पढ़ाई करता है। उसकी मां नूतन टोप्पो दिन भर पेट्रोल पंप पर मेहनत-मजदूरी करने के बाद रात को अपने बेटे को पढ़ाती हैं। सात साल पहले पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नूतन टोप्पो के कंधों पर आ गई थी। पत्रकार सनी शारद ने ट्वीट में मां-बेटे के संघर्ष और जज़्बे की सराहना करते हुए उम्मीद जताई थी कि एलेक्स एक दिन अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। वहीं, इस ट्वीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची उपायुक्त को टैग करते हुए निर्देश दिया कि मामले का संज्ञान लिया जाए और एलेक्स की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलेक्स को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो और उसे हर संभव सहयोग दिया जाए। वहीं, रांची डीसी ने जवाब देते हुए कहा कि महोदय, संदर्भित मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही एलेक्स को बेहतर शिक्षा मिलें इसके लेकर जिला प्रशासन हर संभव मदद देगी।  

राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं: दोषी कर्मियों की नौकरी जाएगी और संपत्ति होगी जब्त : विजय सिन्हा

मुजफ्फरपुर बिहार के उपमुख्यमंत्री तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन में दखिल खारिज या किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई, तो दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी के साथ उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। विजय सिन्हा ने आज मुजफ्फरपुर में जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जनता दरबार का आयोजन किया। जनता दरबार में कई मामलों में सरकारी जमीन में गलत तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और हेराफेरी की शिकायतें भी सामने आईं, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मंत्री ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता दरबार के दौरान एक मामला जाति अंकन को लेकर सामने आया। एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसके खतियान में पहले 'भूमिहार ब्राह्मण' लिखा हुआ था, लेकिन अब उसे केवल 'भूमिहार' कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस संबंध में विभाग की ओर से पर्ची बांटी गई है। "भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति" इस पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा कि यह किसी जाति विशेष की बैठक नहीं है, बल्कि बिहारियों की बैठक है। हम यहां किसी जाति के हित के लिए नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के कल्याण के लिए बैठे हैं। मंत्री ने कहा कि खतियान में जो पहले से दर्ज है, वही मान्य होगा। यदि खतियान में 'भूमिहार ब्राह्मण' लिखा है तो वही रहेगा। इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और न ही किसी अधिकारी को इसमें मनमानी करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पहले जो व्यवस्था चलती थी, वही आगे भी चलेगी और इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम किया जा रहा है। "फरियादियों को बार-बार चक्कर लगाने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार" मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के साथ न्याय करना उनकी जिम्मेदारी है। यदि किसी फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विजय कुमार सिन्हा ने जनता से अपील की कि किसी भी जमीन संबंधी समस्या के समाधान के लिए वे सबसे पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि पहले अंचल कार्यालय और संबंधित थाने में अपनी शिकायत दर्ज करें। यदि वहां समाधान नहीं होता है, तो मामला अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और फिर जिलाधिकारी (डीएम) तक ले जाएं। इसके बावजूद अगर समस्या का समाधान नहीं होता है, तभी मंत्री स्तर पर सुनवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की कहीं भी सुनवाई नहीं हुई है, उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित कारर्वाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। जनता दरबार के दौरान कई फरियादियों ने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें भूमि विवाद, दाखिल-खारिज में देरी, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और रिकॉर्ड में त्रुटि जैसे मामले शामिल थे। मंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। मंत्री के सख्त तेवर और स्पष्ट निर्देशों से जनता दरबार में मौजूद लोगों को उम्मीद की किरण दिखाई दी। लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह जमीन मामलों में सख्ती बरती गई, तो आम लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

नीतीश सरकार की बड़ी पहल: छात्रवृत्ति योजनाओं से लाखों छात्रों को मिला संबल

पटना बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिये करीब 55 लाख विद्यार्थियों को लगभग 832 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। बिहार सरकार का पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े तथा अत्यंत पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। शिक्षा को प्रोत्साहन देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे लाखों छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना विभाग की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 53 लाख 46 हजार विद्यार्थियों को लगभग 654 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे उन्हें अपनी प्री-मैट्रिक शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रखने में सहायता मिली है। यह योजना लाखों परिवारों के लिए शिक्षा का आधार बन रही है। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक कुल 2,76,580 लाभार्थियों को कुल 142.01 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना से अब तक कुल 1,11,670 विद्यार्थियों (50,002 बालिकाएँ और 61,668 बालक) तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 1,07,172 विद्यार्थियों (49,370 बालिकाएँ और 57,802 बालक) को लाभ मिला है। इन सभी मेधावी विद्यार्थियों को प्रत्येक को 10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना ने भी अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में, इस योजना के तहत कुल 78,045 लाभार्थियों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 70639 लाभार्थियों को प्रत्येक को 10 हजार रूपये की राशि वितरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार सरकार की इन प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं से अब तक लगभग 55 लाख विद्यार्थियों को लगभग 832 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार, राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनकी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे एक सशक्त, शिक्षित और समावेशी बिहार का निर्माण हो सके। विभाग भविष्य में भी इन वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए नए आयाम स्थापित करने के लिये संकल्पित है।  

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

पटना सिटी में ट्रैफिक की तैयारी, प्रकाश उत्सव के लिए विशेष रूट डायवर्जन

पटना आगामी 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक पटना सिटी में आयोजित होने वाले प्रकाश उत्सव पर्व को लेकर जिला और यातायात प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में यातायात प्रशासन ने विस्तृत रूट मैप जारी करते हुए वाहनों के आवागमन पर कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी हैं। छोटी-बड़ी गाड़ियों से लेकर बाजार समिति में आने वाली फल मंडी की गाड़ियों तक पर यातायात प्रशासन का शिकंजा रहेगा। बिहार के अलावा अन्य राज्यों से आने वाले सिख श्रद्धालुओं सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना सिटी में तीन स्थानों पर पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। पटना यातायात प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 359वां जन्मोत्सव प्रकाश उत्सव पर्व के रूप में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों की संख्या में सिख श्रद्धालु तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण चार दिनों तक पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है, जिसे सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही वाहनों के संचालन के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया है। यातायात प्रशासन के अनुसार 24 दिसंबर की मध्यरात्रि से 28 दिसंबर की रात 12 बजे तक भारी वाहनों, खासकर भवन निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, बालू और गिट्टी लदे वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। दीदारगंज की ओर से कोई भी वाहन अशोक राजपथ में पश्चिम दिशा की ओर नहीं जाएगा। ऐसे सभी वाहनों का परिचालन न्यू बाइपास के माध्यम से किया जाएगा। बाजार समिति में आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले मालवाहक वाहनों को केवल रात्रि 2 बजे से 4 बजे तक ही माल की डिलीवरी की अनुमति होगी। इसके अलावा 25 दिसंबर की सुबह 4 बजे से 27 दिसंबर की सुबह 6 बजे तक अशोक राजपथ में गायघाट से पूर्व दरवाजा तक ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इन वाहनों को गायघाट से डंका इमली, नवाब बहादुर रोड, सुदर्शन पथ, तुलसी मंडी, अगमकुआं आरओबी होते हुए पटना साहिब तक आवागमन करना होगा। मुख्य कार्यक्रम के दौरान 25 दिसंबर से 28 दिसंबर की सुबह 6 बजे तक पश्चिम दरवाजा से पूर्व दरवाजा तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं, रूट मैप के अनुसार 26 दिसंबर की सुबह 4 बजे से मध्यरात्रि तक अशोक राजपथ में गायघाट से दीदारगंज तक सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इमरजेंसी सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पीएमसीएच जाने के लिए आकस्मिक स्थिति में कंगन घाट से दाहिने जेपी सेतु पथ होते हुए पहुंचा जा सकेगा, जबकि एनएमसीएच जाने के लिए गायघाट से बाएं डंका इमली मार्ग का उपयोग किया जाएगा। प्रकाश उत्सव पर्व के दौरान वाहनों की पार्किंग के लिए बाजार समिति, दीदारगंज, मंगल तालाब चौक थाना क्षेत्र और कंगन घाट चौक थाना के पास पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी रूट मैप का पालन करें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसमें सहयोग करें।  

अगले 7 दिन में सर्दी से संभलें! बिहार के इन जिलों में कोल्ड डे अलर्ट

पटना बिहार में सर्द पछुआ हवाओं ने ठंड को और तीखा कर दिया है और मौसम के इस बदले मिजाज के बीच इस मौसम में पहली बार शीत दिवस की स्थिति  बनी है, जिसे लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और राज्य के कई जिलों में लगातार चौथे दिन रविवार को भी धूप नहीं निकल पाई है। विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग (IMD)  के अनुसार, शीत दिवस के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर काफी कम हो जाता है। इस समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला गया है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है। ठंडी हवाओं और धूप की कमी के कारण लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। रविवार को गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, भभुआ, पटना और गया में शीत दिवस का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पटना, जहानाबाद, गया जी, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में ऑरेंज अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। अगले 7 दिनों तक शुष्क बना रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि घने कोहरे के कारण द्दश्यता में भारी कमी आ सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 दिसंबर तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। पटना में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिरने के आसार हैं। अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क  बना रहेगा। आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में घने कोहरे की संभावना है। 22 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण के एक- दो स्थानों पर घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद भी अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा बने रहने की आशंका है। तापमान को लेकर राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम और अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

छुट्टियों का मौका: झारखंड के स्कूल 24, 25 और 26 दिसंबर को बंद

रांची  क्रिसमस 2025 इस बार गुरुवार को पड़ रहा है। इस दिन लगभग पूरे देश के सभी स्कूलों में छुट्टी रहती है। वहीं, बात करें झारखंड की तो हर साल की तरह इस बार भी यहां के सभी स्कूलों में 25 दिसंबर यानी क्रिसमस पर छुट्टी रहने वाली है। 24 या 26 दिसंबर को भी अवकाश सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के स्कूलों में क्रिसमस की छुट्टी के बाद सर्दियों की छुट्टियां पड़ जाएगी जिससे बच्चों में खुशी की लहर है। कई स्कूलों में 24 या 26 दिसंबर को भी अवकाश दिया जा सकता है। क्रिसमस के मौके पर मिशनरी और CBSE/ICSE स्कूलों में छुट्टी का दायरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है। दिसंबर के अंत में झारखंड में तापमान काफी गिर जाता है, इसलिए Winter Break दिया जाता है। बच्चों में खुशी की लहर कुछ जिलों में ठंड अधिक होने पर छुट्टियां जनवरी के पहले सप्ताह तक बढ़ सकती हैं। विंटर ब्रेक का फैसला जिला प्रशासन भी मौसम को देखते हुए करता है। इस दौरान बच्चों को कुछ दिन के लिए पढ़ाई से राहत मिल जाती है।  

PVNL CEO ने की CM हेमंत सोरेन से मुलाकात, राज्य के विकास मुद्दे रहे फोकस

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज यानी रविवार को पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड (PVNL) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार सहगल, ह्यूमन रिसोर्स प्रमुख जेड रहमान, वरीय प्रबंधक पंकज कुमार सिंह एवं डीजीएम जे. महापात्र ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर सीईओ ने मुख्यमंत्री को बताया कि 5 नवंबर 2025 से पीवीएनएल के 800 मेगावाट की क्षमता वाली एक यूनिट से बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने इस यूनिट के चालू होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा हर स्तर पर मिले सहयोग का परिणाम है कि इस यूनिट से बिजली का व्यवसायिक उत्पादन  तय समय पर शुरू हो सका है। इस यूनिट के चालू हो जाने से झारखंड अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है सीईओ ने मुख्यमंत्री को पतरातु विद्युत निगम लिमिटेड का भ्रमण करने के लिए भी आमंत्रित किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है। इस दिशा में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीवीवीएनएल से कहा कि वह युवाओं के कौशल विकास के लिए भी ठोस पहल करे।  

रेलवे में फिर हुआ कछुआ तस्करी का मामला, आरोपी अब भी फरार

गयाजी पूर्व मध्य रेल के डी.डी.यू. मंडल अंतर्गत रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गया ने ऑपरेशन विलेप के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 अदद जीवित कछुओं को बरामद किया है। यह कार्रवाई गाड़ी संख्या 13010 डाउन (दून एक्सप्रेस) के स्लीपर कोच एस-7 की चेकिंग के दौरान की गई। बरामद सभी कछुओं को बाद में वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव ने बताया कि चेकिंग के दौरान स्लीपर कोच से जीवित कछुए बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में फिलहाल किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बार-बार केवल कछुओं की बरामदगी होना और तस्करों का हाथ न लगना कई सवाल खड़े करता है। आखिर तस्कर क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। जबकि कछुए स्लीपर कोच से ही बरामद किए गए हैं। इससे पहले भी स्लीपर कोच से करीब 51 लाख रुपये मूल्य के कछुए बरामद किए गए थे, लेकिन उस मामले में भी तस्करों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इससे पूर्व नेताजी एक्सप्रेस से भी कछुओं की बरामदगी हुई थी, लेकिन उस मामले में भी किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। लगातार स्लीपर कोच से कछुओं की तस्करी के मामलों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शातिर और आदतन गिरोह का काम हो सकता है। जिस तरह से स्लीपर कोच से बार-बार कछुए पकड़े जा रहे हैं, उससे यह स्वाभाविक रूप से कहा जा सकता है कि तस्कर स्वयं कछुओं की निगरानी करते हुए ट्रेन से सफर कर रहा होगा। चूंकि स्लीपर कोच में बिना टिकट यात्रा संभव नहीं है, ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि तस्कर ट्रेन के कोच में ही मौजूद रहते होंगे। इस पूरी कार्रवाई में आरपीएफ, आंतरिक आसूचना शाखा और रेलवे पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे। इनमें बनारसी यादव, निरीक्षक, आरपीएफ गया; चंदन कुमार, निरीक्षक, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; पवन कुमार, सहायक उप निरीक्षक, आरपीएफ गया; राकेश कुमार सिंह, आरक्षी, आरपीएफ गया; अमित कुमार, आरक्षी, आरपीएफ गया; अनील प्रसाद, आरक्षी, आरपीएफ गया; विपिन कुमार, आरक्षी, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; महेश ठाकुर, प्रधान आरक्षी, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; मुकेश कुमार, उप निरीक्षक, आंतरिक आसूचना शाखा, गया; राजनीतिक प्रसाद, उप निरीक्षक, रेलवे पुलिस, गया तथा मनोज कुमार, प्रधान सहायक निरीक्षक, रेलवे पुलिस, गया शामिल थे। आरपीएफ के अनुसार बरामद 48 जीवित कछुओं की कुल अनुमानित कीमत 24 लाख रुपये (₹24,00,000) है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और तस्करों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।