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संजय सरावगी ने साझा किया आशीर्वाद और नई जिम्मेदारी का अनुभव

दरभंगा दरभंगा भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संजय सरावगी अपने पैतृक जिला दरभंगा पहुंचे और मिथिलांचल के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में माथा टेककर मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने जिस विश्वास के साथ उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। संजय सरावगी ने कहा कि जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा हुई, वह बिना पार्टी कार्यालय या अपने आवास गए सीधे मां श्यामा माई के दरबार पहुंचे। उन्होंने कहा कि इसी शक्तिपीठ से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है और मां के आशीर्वाद से ही उन्हें लगातार छठी बार जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। 'सभी सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे' उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद सभी सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर नितिन नवीन ने संजय सरावगी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की विशेषता है कि यहां छोटे से छोटे कार्यकर्ता को भी उसके परिश्रम और समर्पण के आधार पर बड़े दायित्व और सम्मान दिए जाते हैं। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करके मनाया जश्न भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर संजय सरावगी के नाम की औपचारिक घोषणा होते ही श्यामा माई मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और गुलाल उड़ाकर खुशी का इजहार किया। संजय सरावगी ने स्वयं सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मंदिर पहुंचने की जानकारी साझा की। गौरतलब है कि दरभंगा का प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर दरभंगा महाराज रामेश्वर सिंह की चिता स्थल पर निर्मित है। मंदिर परिसर में दरभंगा राज परिवार के कई सदस्यों की चिताएं स्थित हैं, जिन पर विभिन्न मंदिर बनाए गए हैं। वर्ष 1988 में आए विनाशकारी भूकंप में इस मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंची थी। भूकंप के बाद यहां प्रतिवर्ष नौ दिनों तक विशाल नवाहन यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें विधायक संजय सरावगी का उल्लेखनीय योगदान रहा है।  

कैबिनेट ने दी हरी झंडी: बिहार की नई पांच साल की योजना और तीन मुख्य प्राथमिकताएँ

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक करेंगे। आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण है। सीएम रोजगार और नौकरी समेत कई प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगा सकते हैं। बैठक में सभी मंत्री और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे नौ दिसंबर को हुई बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने 19 एजेंडों पर मुहर लगाई थी। इसमें तीन नए विभागों बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद विभागों की संख्या बढ़कर 48 हो गई। सरकार की ओर से कहा गया था कि तीन विभागों का गठन रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए हुआ है। सीएम नीतीश कुमार अपने एक्स पर लिखते हैं कि  24 नवंबर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। ये हैं सात अहम बिंदु 1.दोगुना रोजगार- दोगुनी आय 2. . समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार 3.कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि 4.उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य 5.सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन 6.मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार 7.सबका सम्मान-जीवन आसान

सीएम नीतीश का बड़ा दांव: सात निश्चय पार्ट-3 के तहत 1 करोड़ रोजगार, 50 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

पटना    बिहार की नीतीश सरकार ने अब अपने महत्वकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रमों के तीसरे पार्ट को लागू करने फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सात निश्चय-3 को लागू किए जाने का ऐलान एक्स पर किया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि बिहार कैबिनेट ने सात निश्चय पार्ट-3 को मंजूरी प्रदान की है। सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा, '24 नवम्बर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। 1. दोगुना रोजगार- दोगुनी आय सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमलोग राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए दे रहे हैं। इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 02 लाख रूपए तक की सहायता दी जाएगी। हमलोगों ने वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है। 2. समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार सात निश्चय-3 का दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार’ है। इसके तहत राज्य में तेजी के उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य है- बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र (Tech Hub) बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्य स्थल (Work Place) के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। हमलोगों ने अगले 05 वर्षों में राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ का निजी निवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान नई सरकार बनने के बाद राज्य में उद्योग विभाग के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है तथा राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार विकास के लिए एक नए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है। हमलोगों ने निर्णय लिया है कि बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू किया जाएगा तथा 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी। 3. कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि सात निश्चय-3 का तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘‘सुधा‘‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा। 4. उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा। 5. सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन सात निश्चय-3 का पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Speciality Hospital) के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Super Speciality Hospital) के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।  दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी। 6. मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार सात निश्चय-3 का छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा तथा शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्युत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में महत्वपूर्ण स्थलों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के साथ ही राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल … Read more

बिहार में 217 रेलवे फाटकों पर बनेंगे नए रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे मंत्रालय ने दी मंजूरी

पटना   बिहार में लोगों को रेलवे फाटक पर खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले कुछ सालों में रेलवे फाटक रुकावट नहीं बनेंगे. दरअसल, राज्य के मुख्य सड़कों के बीच आने वाले रेलवे फाटकों पर लगभग 217 रेलवे ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे. इसके साथ ही रेलवे अंडर ब्रिज भी बनाये जाने की योजना है. आने वाले साल में बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है. साल 2019 में साइन किया गया था एमओयू जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है. साल 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच आरओबी को लेकर एक एमओयू साइन किया गया था. उस वक्त बिहार में 44 रेलवे ओवर ब्रिज बनाने को लेकर फैसला हुआ था. उस समय आरओबी के निर्माण में खर्च होने वाली राशि में बिहार सरकार की भी सहभागिता थी. इतने आरओबी के लिये टेंडर का काम पूरा एमओयू के मुताबिक, 35 आरओबी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को करना था. इसके साथ ही 9 आरओबी का निर्माण बिहार राज्य पथ निगम के जरिये होना था. पूरे 44 आरओबी में 41 के लिये टेंडर का काम पूरा हो चुका है. जबकि बाकी के बचे 3 आरओबी के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अब 217 रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है. बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा बढ़ावा खास बात यह भी है कि सभी रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाने की पूरी राशि केंद्र सरकार ही वहन करेगी. इससे साफ है कि राज्य सरकार की तरफ से रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा. इस तरह से आरओबी के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. मालूम हो, बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं. कई जिलों में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. ताकि जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सके. इस तरह से रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला ले लिया है.

बढ़ती ठंड ने बढ़ाई छात्रों की चिंता, बिहार में स्कूलों की विंटर वेकेशन कब से?

पटना  बिहार में जैसे-जैसे सर्दी का असर बढ़ रहा है और तापमान लगातार गिर रहा है, वैसे-वैसे छात्रों और अभिभावकों की नजरें बिहार स्कूल विंटर वेकेशन 2025-26 के ऐलान पर टिकी हैं। हर साल ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में शीतकालीन अवकाश दिया जाता है, ताकि नए साल से पहले पढ़ाई के बीच एक छोटा सा ब्रेक मिल सके।   पिछले वर्षों के शैक्षणिक कैलेंडर और मौजूदा छुट्टियों के ट्रेंड को देखें तो बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में विंटर वेकेशन दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में शुरू होने की संभावना है। हालांकि, बिहार शिक्षा विभाग की ओर से अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन संभावित तारीखें पहले की तरह ही मानी जा रही हैं। बिहार में संभावित विंटर वेकेशन शेड्यूल जानकारी के मुताबिक, बिहार में स्कूलों की शीतकालीन छुट्टियां 25 दिसंबर 2025 यानी क्रिसमस के दिन से शुरू हो सकती हैं। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक विंटर ब्रेक रहने की संभावना है, जबकि स्कूल 2 जनवरी 2026 से फिर से खुल सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर करीब 7 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहने का अनुमान है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि ये तारीखें फिलहाल संभावित हैं। मौसम की स्थिति और राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश के आधार पर इनमें बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में किसी भी अंतिम जानकारी के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

नाम कई चले, कयास कई लगे… लेकिन पटना से दिल्ली पहुंचे नवीन, बढ़ी सियासी हलचल

पटना  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन मनोनयन के बाद सोमवार को पटना से दिल्ली जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले रविवार शाम को पटना के बांकीपुर से विधायक और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री नितिन नवीन की नियुक्ति को एक जमीनी कार्यकर्ता, कुशल संगठनकर्ता और चुनाव प्रबंधक के प्रोमोशन की तरह देखा जा रहा है। संयोग देखिए कि भाजपा इस समय 45 साल पुरानी पार्टी है और उसके नेतृत्व के लिए जिन नितिन नवीन को आगे लाया जा रहा है, वो भी 45 साल के ही हैं। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी, जबकि नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को हुआ।   नितिन नवीन को पार्टी ने फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। 2019 में पार्टी अध्यक्ष रहे अमित शाह के नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी और 2020 में पूर्ण अध्यक्ष बनाया गया था। राजनीति के जानकार नितिन नवीन की नियुक्ति को 2026 की शरुआत में होने वाले बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव से पहले उस नजरिए से देख रहे हैं। कायस्थ जाति से ताल्लुक रखने वाले नितिन की ताजपोशी से भाजपा काडर को संदेश जाएगा कि आबादी में जातीय हिस्सा कम भी हो, लेकिन काम में दम हो तो पार्टी का मुखिया भी बना जा सकता है। शिवराज, धर्मेंद्र, भूपेंद्र, खट्टर जैसे बड़े नेताओं का चल रहा था नाम जेपी नड्डा की जगह पर भाजपा अध्यक्ष बनने की रेस में शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनोहर लाल खट्टर, केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े-बड़े नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने हर बार की तरह अगले बीजेपी अध्यक्ष को लेकर सबको चौंका दिया है। नितिन का चयन और प्रोमोशन निश्चित रूप से कई वजहों से हुआ होगा, लेकिन अपनी सीट बांकीपुर से बार-बार जीत और छत्तीसगढ़ में पार्टी की चुनावी सफलता दो अहम कारण रहे होंगे। नीतीश सरकार में बतौर मंत्री नितिन नवीन का कामकाज का तरीका विवादों से दूर रहकर जमीन पर काम करने वाले नेता की रहा है। नितिन नवीन के पार्टी अध्यक्ष बनने से नई टीम में युवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ने के प्रबल आसार हैं, क्योंकि जब अध्यक्ष ही 45 का है तो उपाध्यक्ष और महासचिव किस उम्र के होंगे, यह समझा जा सकता है। बिहार से पहली बार, सबसे कम उम्र के भाजपा अध्यक्ष भी होंगे नितिन नवीन नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष बनने पर अपने साथ कई पहली बार लेकर आएंगे। बिहार से भाजपा का कोई नेता पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेगा। एक छोटे जाति समूह से आने वाला कोई नेता भी पहली बार अध्यक्ष बनेगा। 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बनकर नितिन नवीन भाजपा के सबसे कम उम्र के पहले अध्यक्ष भी बनेंगे। नितिन नवीन पार्टी के मूल राष्ट्रीय संगठन में बिना किसी अहम पद पर रहे अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता भी होंगे। जेपी नड्डा की टीम में नितिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं। अनुराग ठाकुर जब बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष हुआ करते थे, तब नितिन नवीन भाजयुमो के महासचिव थे।

मुजफ्फरपुर में पिता ने पत्नी की मौत के बाद पांच बच्चों के साथ फांसी लगाई, दो की जान बची

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रौलिया गांव में एक पिता ने अपने पांच बच्चों के साथ फांसी लगाने की कोशिश की. इस हृदयविदारक घटना में पिता और उसकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बेटों की किस्मत अच्छी थी और वो किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे. पांच बच्चों के साथ लगाई फांसी मृतक की पहचान अमरनाथ राम (40) के रूप में हुई है. मृत बेटियों में राधा कुमारी (11), राधिका (9) और शिवानी (7) शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अमरनाथ राम की पत्नी की इसी साल जनवरी में मौत हो गई थी. पत्नी की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था और अकेले ही अपने पांचों बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था. परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, रविवार की रात पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया था. सोमवार की अहले सुबह अमरनाथ राम ने पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर अपने तीनों बेटियों और दो बेटों के गले में फंदा डाला. इसके बाद साड़ी को छत से बांधकर सभी बच्चों को ट्रंक से कूदने के लिए कहा गया. दो बेटों की बच गई जान बताया जा रहा है कि पिता के कहने पर तीनों बेटियां उसके साथ कूद गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह साल का शिवम कुमार ने गला कसने पर सूझबूझ दिखाते हुए फंदा ढीला कर लिया और अपने छोटे भाई चंदन (4) के गले से भी फंदा खोल दिया. दोनों बच्चे किसी तरह घर से बाहर निकले और शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे. घटना की सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. एक ही परिवार में एक साथ चार मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने कहा, 'भगवान ने बचाई जान' ग्रामीणों का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद अमरनाथ राम पूरी तरह टूट चुका था. वह नियमित रूप से काम नहीं करता था और जो भी थोड़ा-बहुत राशन मिलता था, उसी से परिवार का गुजारा चलता था. बड़ी बेटी ही घर का काम और खाना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रही थी. ग्रामीणों ने कहा कि दो बेटों की किस्मत अच्छी थी और भगवान ने ही उन्हें बचा लिया. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.  

झारखंड में सुरक्षाबलों पर हमला, IED ब्लास्ट में CRPF का जवान जख्मी

चाईबासा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में रविवार को चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन 209 का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना छोटानगरा थाना क्षेत्र के बलिबा गांव के पास की बताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी में अचानक विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर कोबरा बटालियन का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के तुरंत बाद ऑपरेशन में शामिल अन्य सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालते हुए घायल जवान को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया। जवान की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन द्वारा घायल जवान को जल्द से जल्द एयरलिफ्ट कर रांची ले जाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उसे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में नक्सलियों ने और भी आईईडी बिछा रखे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत सतर्कता के साथ इलाके की गहन तलाशी ले रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध हलचल को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

लालू यादव की संपत्ति जब्त कर बनाए जाएंगे सरकारी स्कूल, सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, सियासी तूफान तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनते ही माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गृह मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) की जब्त की गई संपत्तियों पर सरकारी स्कूल (Government School) खोले जाएंगे। वहीं उनके इस बयान से राजनीति गरमा गई है।  "भ्रष्टाचार की संपत्ति पर ताला नहीं, स्कूल खुलेंगे"  गृह मंत्री ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ED और CBI पहले ही लालू यादव की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी हैं। इनमें पटना के चिड़ियाघर के पास स्थित एक बड़ी बिल्डिंग भी शामिल है, जिस पर करीब 20 वर्षों से ताला लगा हुआ है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जनता के टैक्स से अर्जित घोटाले के पैसों से बनी संपत्तियों पर ताला नहीं रहने दिया जाएगा। इन संपत्तियों की रंगाई-पुताई कर वहां सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, ताकि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को सीधा लाभ मिल सके।  "अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से ऊपर कोई नहीं"  सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में करीब 950 करोड़ रुपये के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति का इस्तेमाल अब जनता के हित में होगा। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार से अर्जित हर इंच जमीन और संपत्ति जब्त कर उसका उपयोग जनकल्याण के कार्यों में करेगी। 

रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर पलटवार: बोले– ‘मुझसे ही असहज हो जाते हैं’

पटना  संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वे मुझे तो झेल नहीं पाते हैं और गृह मंत्री शाह को कैसे झेल सकते हैं। भाजपा सांसद का यह बयान उस वक्त आया, जब राहुल गांधी ने एसआईआर को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि मेरे सवालों पर गृह मंत्री नर्वस हो जाते हैं, जवाब नहीं दे पाते हैं। भाजपा सांसद ने पटना में शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें झूठ बोलने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी मैंने संसद में राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। वह मेरे जवाब भी नहीं संभाल पा रहे हैं, तो गृह मंत्री अमित शाह को कैसे संभालेंगे? मैंने उनकी हर बात का जवाब दिया। राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा सांसद ने कहा कि वे लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि जनता कह रही है कि वोट चोरी नहीं हुआ। वे बेवजह का झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई, और न ही कांग्रेस पार्टी की ओर से शिकायत की गई। एसआईआर को लेकर राहुल गांधी और इंडी अलायंस ने हंगामा किया। वोटर अधिकार यात्रा निकाली गई। जनता को भ्रमित करने का काम किया गया। लेकिन, परिणाम क्या निकला? करारी हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के खाते में आई पांच सीट। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने का यह कैसा अहंकार है। जनता भलीभांति जानती है कि क्या सच है। भाजपा सांसद ने कहा कि अमित शाह ने विस्तार से बताया कि एसआईआर उनके समय में भी होता था। अगर कांग्रेस जीतती है, तो चुनाव आयोग अच्छा है; अगर कांग्रेस हारती है, तो चुनाव आयोग बुरा है। तो, इसका क्या जवाब दिया जा सकता है? जनता उन्हें वोट नहीं देती है और भविष्य में भी नहीं देगी।