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PM मोदी की ताबड़तोड़ चुनावी सभा: छठ पूजा के बाद बिहार के ये जिले होंगे गर्म

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 30 अक्टूबर को एक बार फिर बिहार आने वाले हैं। यह जानकारी शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दी। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने समस्तीपुर और बेगूसराय का दौरा किया और चुनावी राज्य में दो रैलियों को संबोधित किया। छठ पूजा के बाद 30 अक्टूबर को फिर से बिहार आ रहे PM मोदी दिलीप जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री छठ पूजा के ठीक बाद 30 अक्टूबर को फिर से बिहार आ रहे हैं। उनका पहला कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में होगा। मुजफ्फरपुर के बाद, दोपहर करीब 1 बजे छपरा में उनका कार्यक्रम होगा और इन दो कार्यक्रमों के बाद, नवंबर में उनके कार्यक्रम जारी रहेंगे। फिलहाल, प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर और छपरा में कार्यक्रमों के लिए बिहार आ रहे हैं।" शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की और राज्य में एनडीए की सत्ता में वापसी का दावा किया। जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार- PM Modi समस्तीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है। पूरा बिहार कह रहा है 'फिर एक बार एनडीए सरकार', 'फिर एक बार सुशासन सरकार'। जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार।"   

घर बैठे मतदान का विकल्प: बिहार में वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग 1 नवंबर से करेंगे मतदान

पटना बिहार में 6 नवंबर नहीं, बल्कि 1 नवंबर से ही मतदान शुरू होने जा रहा है। दरअसल, वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग वोटर 1 व 2 नवंबर को घर बैठे मतदान कर सकेंगे। कटिहार जिला प्रशासन ने दिव्यांग वोटरों को यह बड़ी सुविधा देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने ऐसे मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट द्वारा होम वोटिंग  की व्यवस्था की है। कौन कर सकेगा घर से वोट? यह सुविधा केवल उन मतदाताओं को दी जा रही है जिन्होंने मतदाता प्रारूप-12 (Form 12D) भरकर जमा किया है। इस प्रक्रिया में मतदाता के घर जाकर निर्वाचन दल उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान कराएंगे। होम वोटिंग की तिथि और समय होम वोटिंग की सुविधा 1 नवंबर और 2 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। होम वोटिंग को लेकर प्रखंडवार मतदान दल गठित किया गया है। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, यदि पहली बार टीम पहुंचने पर मतदाता घर पर नहीं मिलते हैं, तो दूसरी विजिट का समय सूचित किया जाएगा। हालांकि, दो बार अनुपस्थित रहने पर मतदान दल दोबारा नहीं आएगा। निर्वाचन ड्यूटी कर्मियों के लिए भी पोस्टल बैलेट की सुविधा इसके अलावा चुनावी कार्य में प्रतिनियुक्त सभी श्रेणी के कर्मी भी डाक मतपत्र (Postal Ballot) के माध्यम से मतदान कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय, मिरचाईबाड़ी (कटिहार) में पोस्टल बैलेट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किया है। यहां विधानसभा वार कुल सात काउंटर तथा अन्य जिलों के कर्मियों के लिए एक अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं। कर्मचारी वर्ग के लिए मतदान की तिथियां कटिहार जिले के कर्मी: 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक अन्य जिलों से आए कर्मी: 30 अक्टूबर और 31 अक्टूबर समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक

बिहार विधानसभा में चुनावी खर्चे पर पाबंदी, अब नहीं चलेगा कोई अतिरिक्त खर्च

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के खर्च की सीमा तय कर दी हैं। चुनाव आयोग की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार, एक उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार  के लिए 40 लाख रुपये खर्च कर सकता है। सभी प्रत्याशियों को अपने प्रचार के दौरान खर्च की जाने वाली राशि का पूरा लेखा-जोखा भी निर्वाचन आयोग को देना होगा। एक प्रत्याशी के लिए चुनावी खर्चे की अधिकतम सीमा भारत निर्वाचन आयोग  द्वारा 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। बता दें कि प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक सभा, रैली, पोस्टर, बैनर, वाहन व्यय, विज्ञापन और प्रचार सामग्री पर खर्च करते है। चुनाव आयोग के सख्त आदेश है कि  यदि किसी उम्मीदवार के खर्च में अनियमितता या गड़बड़ी पाई गई तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि हर प्रत्याशी को पर्चा भरने से लेकर परिणाम आने तक के बीच किये गये सभी खर्च का ब्योरा रखना अनिवार्य होगा। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए बैठकों, रैलियों व जनसभाओं की वीडियोग्राफी कराई जाने का भी निर्देश दिया है। साथ ही व्यय की जानकारी सुनिश्चित करने के लिए कई टीमों की तैनाती की गई हैं। चुनाव आयोग के इस ठोस कदम से बिहार में चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूती मिलेगी।

अल्लावरु की असफलता के बाद कांग्रेस ने लिया बड़ा फैसला, बिहार प्रभारी बने अविनाश पांडे

पटना बिहार चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता अविनाश पांडेय को बिहार चुनाव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसको लेकर सियासी चर्चा का दौर भी शुरू हो गया है। टिकट को लेकर बिहार कांग्रेस में हुए घमासान और मजबूत सीटें लेने में पार्टी विफल रही है। अपनी दो सीटिंग सीट भी गंवा दी है। माना जा रहा है कि बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु बिहार संभालने में नाकाम रहे हैं। जिसके बाद पार्टी ने अविनाश पांडेय को बड़ा टास्क दिया है। कांग्रेस आलाकमान से मिली जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए अविनाश पांडेय ने एक्स पर पोस्ट भी किया था। और लिखा कि -कल से बिहार प्रवास पर रहूंगा, जहां आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक समन्वय और रणनीति निर्माण की ज़िम्मेदारी संभालूंगा। यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की दिशा और दशा तय करने वाला निर्णायक अवसर है। एनडीए सरकार ने राज्य को बेरोज़गारी, पलायन और विकासहीनता की ओर धकेला है-अब जनता परिवर्तन के लिए तैयार है। कांग्रेस के इस कदम को चुनाव से पहले पार्टी में डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है। टिकट को लेकर पार्टी के ही कई नेताओं ने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया था। कई नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी में मचे घमासान के बीच अब अविनाश पांडेय को बिहार बुलाया गया है। अविनाश पांडेय मूलरूप से नागपुर के रहने वाले हैं। वे देश के जाने माले वकील भी रह चुके हैं। अविनाश पांडेय महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। 2010 में महाराष्ट्र से राज्य सभा सांसद भी चुने गए थे। राहुल गांधी ने 2023 में उन्हें यूपी में प्रभारी महासचिव बनाया था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ मिलकर कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया था। और बीजेपी 240 पर सिमट गई थी। वहीं शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अविनाश पांडेय ने केंद्र पर हमला बोला। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छठ महापर्व पर बिहार के लोगों का अपमान किया है। पूरे देश में रेलगाड़ियों की संख्या 13 हजार है। पीएम नरेंद्र मोदी इसमें से 12 हजार रेल गाड़ी छठ पर्व चलाने की बात कहते हैं तो कहां से चलाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि छठ महापर्व पर घर पहुंचने के लिए लोग रेलगाड़ी में शौचालय तक में यात्रा करने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की कि पीएम इस झूठ के लिए बिहार से माफी मांगे।  

नीतीश के गढ़ नालंदा से अमित शाह का बड़ा चुनावी संदेश: तैयारी शुरू!

पटना  विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में बिहार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार की धरती नालंदा से बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सबकुछ ठीक रहा तो अगली बार बिहार में विधानसभा चुनाव एक चरण में संपन्न कराया जाएगा। कहा कि जब लालू, राबड़ी की सरकार थी तो खराब विधि व्यवस्था के कारण छह चरणों में चुनाव कराना पड़ता था। खगड़िया, मुंगेर के बाद अमित शाह ने नालंदा में चुनावी रैली को संबोधित किया। राजद की सरकार पर करारा प्रहार करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बिहार की बड़ी समस्या थी। लालू राज में छह चरणों में चुनाव होते थे। एनडीए की सरकार बनी तो तीन चरणों तक पहुंच गया। इस बार 6 नवंबर और 12 नवंबर को दो फेज में मतदान है। आप सब मिलकर एनडीए की सरकार बना दो, अगली बार पूरे बिहार में एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराया जाएगा। नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने मिलकर नक्सलवाद का खात्मा कर दिया है। इस बार गया, औरंगाबाद, शाहाबाद में भी तीन बजे तक नहीं बल्कि पांच बजे तक वोटिंग होगी। अपराध में जल चुके बिहार को नीतीश कुमार ने एक अच्छा प्रदेश बना दिया। अमित शाह ने कहा कि इसी नालंदा में 1998 और दंगे हुए। यह बात युवा मतदाताओं को पता ही नहीं है। निर्दोष लोग मारे गए, धार्मिक स्थानों को जलाया गया, दुकानों में आग लगा दी गईं। लालू जी के बेटे तेजस्वी कानून व्यवस्था की बात करते हैं। वे जरा समझ लें कि 2005 की तुलना में 2024 में आपराधिक घटनाओं में कितने प्रतिशत की कमी आई है। अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने न सिर्फ बिहार से नक्सलियों का सफाया किया बल्कि काश्मीर के आतंकियों को भी सबक सिखा दिया। धारा 370 हटाने पर राहुल गांधी खून की नदियां बहने की धमकी दे रहे थे। लेकिन किसी को एक पत्थर चलाने की भी हिम्मत नहीं हुई। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों कोऑपरेशन सिंदूर से हमने करारा जवाब दिया। उनके घर में घुसकर सफाया कर दिया।  

JBVNL का निर्देश: छठ पर्व पर रांची में बिजली सेवाओं में कोई बाधा नहीं

रांची झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) राजधानी रांची में छठ महापर्व को लेकर निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति जारी रखेगा और इसको लेकर सुरक्षा निर्देश भी जारी किया गया है। निर्देश में आयोजकों और श्रद्धालुओं से त्योहार के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन करने का आग्रह किया गया है। बिजली वितरण कंपनी ने घोषणा की है कि छठ पर्व के प्रमुख दिनों, 27 और 28 अक्टूबर, 2025 को बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि त्योहार के दौरान रांची और आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जेबीवीएनएल ने छठ घाटों के आयोजकों और आम जनता से सुरक्षा दिशा -निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है। निगम ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर, ट्रक या अन्य ऊंचे वाहनों की छत पर न बैठे, और न ही उनके ऊपर कोई ऊंची संरचना या सामग्री (सरकंडे, बांस के ढांचे या बैटरी) शामिल हैं। विभाग ने स्थानीय आयोजन समितियों के स्वयंसेवकों से अनुरोध किया है कि वे लापरवाही या असावधानी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छठ घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर निरंतर निगरानी रखें। आमलोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे बिजली के खंभों, तारों या किसी भी विद्युत उपकरण को लाठी, बांस या अन्य वस्तुओं से न छुएं। जेबीवीएनएल ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी तोरण द्वार और पंडाल बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएं ताकि बिजली के खतरों का जोखिम कम से कम हो। छठ महापर्व के दौरान बिजली संबंधी किसी भी समस्या या आपात स्थिति के लिए, जेबीवीएनएल ने तत्काल सहायता के लिए निम्नलिखित संपकर् नंबर उपलब्ध कराए हैं: विद्युत नियंत्रण कक्ष, कुसाई कॉलोनी – 9431135682 / 0651-2490014, विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति मंडल, रांची – 9431135662, कार्यपालक लअभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रातू (मध्य) – 9431135613, कार्यपालक द्यअभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, डोरंडा – 9431135608, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, न्यू कैपिटल – 9431135620, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रांची (पूर्व) – 9431135614, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रांची (पश्चिम) – 9431135664, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कोकर – 9431135615, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, खूंटी – 9431135616  

पीएम मोदी की छठ पूजा के बाद चुनावी धमाका, जानें कौन-कौन से जिलों में मंच संभालेंगे

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को एक बार फिर बिहार आने वाले हैं। यह जानकारी शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दी। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने समस्तीपुर और बेगूसराय का दौरा किया और चुनावी राज्य में दो रैलियों को संबोधित किया। दिलीप जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री छठ पूजा के ठीक बाद 30 अक्टूबर को फिर से बिहार आ रहे हैं। उनका पहला कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में होगा। मुजफ्फरपुर के बाद, दोपहर करीब 1 बजे छपरा में उनका कार्यक्रम होगा और इन दो कार्यक्रमों के बाद, नवंबर में उनके कार्यक्रम जारी रहेंगे। फिलहाल, प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर और छपरा में कार्यक्रमों के लिए बिहार आ रहे हैं।" शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की और राज्य में एनडीए की सत्ता में वापसी का दावा किया। समस्तीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है। पूरा बिहार कह रहा है 'फिर एक बार एनडीए सरकार', 'फिर एक बार सुशासन सरकार'। जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार।"  

छठ महापर्व की शुरुआत, CM हेमंत ने साझा की शुभकामनाएं

रांची  छठ पूजा एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जिसे खासतौर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, नेपाल, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ हो चुकी है और इसका समापन सूर्यदेव को सुबह अर्घ्य देने के साथ होगा। छठ पूजा का समापन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। वहीं, सीएम हेमंत सोरेन ने छठ पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "आज नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ हो रहा है। यह महापर्व हमारे जीवन में शुद्धता, श्रद्धा, संयम, समर्पण, संकल्प, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का अद्भुत संदेश देता है। छठी मईया एवं भगवान भास्कर से यही प्रार्थना है कि सभी व्रतियों और परिवारजनों को उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। यह पर्व हमारे राज्य और देश में खुशहाली, सद्भाव और नई ऊर्जा का संचार करे। जय छठी मईया!! जय भगवान भास्कर!!  

छठ मनाने के बाद लंबी यात्रा नहीं होगी परेशानी, रेलवे की स्पेशल ट्रेनें मददगार

नई दिल्ली  रेलवे ने दीपावली और छठ महापर्व को मनाने के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है, जिसमें 6181 विशेष ट्रेनों का परिचालन शामिल है। रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि यात्रियों की त्योहारों की यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए देशभर में 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनों की सेवाएं संचालित की जा रही है।  इन स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया  यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, गुजरात के उधना, महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई और कर्नाटक के बेंगलुरु सहित देशभर के स्टेशनों पर सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे यात्रियों का मार्गदर्शन करने, व्यवस्था बनाए रखने और सभी को सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुंचाने में जुटे हैं, ताकि वे अपने परिजनों के साथ त्योहार मना सकें। रेलवे ने कहा कि अब दिवाली और छठ पूजा के बाद यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक वापसी यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे पूरी तरह तैयार है। इसके लिए 28 अक्टूबर से नवंबर महीने तक 6181 विशेष ट्रेन सेवाएं चलाई जाएंगी। बढ़ती मांग को देखते हुए नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं।  स्टेशनों पर RPF के जवान पर्याप्त संख्या में तैनात   प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया को मौसम रोधी बनाया गया है ताकि यात्रियों को ट्रेनों के प्रस्थान से पहले सुविधाजनक प्रतीक्षा स्थल मिल सके। बिहार के पटना, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया, समस्तीपुर, बरौनी तथा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बलिया और बनारस जैसे स्टेशनों पर ये व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रेलवे के अनुसार इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरए) काउंटर और मोबाइल अनरिजर्व्ड टिकटिंग (एम-यूटीएस) जैसी सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा और संचालन की सुचारू व्यवस्था के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को पर्याप्त संख्या में तैनात किया गया है।  यात्री सहायता बूथ, सूचना काउंटर, कतार प्रबंधन प्रणाली और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को भी और सशक्त किया गया है। प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सैनिटेशन सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। रेल भवन, ज़ोनल और मंडल स्तर पर समर्पित वार रूम चौबीसों घंटे कार्यरत हैं ताकि संचालन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके और यात्रियों की किसी भी आवश्यकता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने बताया है कि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, सहरसा आदि स्टेशनों पर मेडिकल बूथ स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके। राज्य सरकार, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित कर आपातकालीन सेवाओं को तत्पर रखा गया है।

राजद-कांग्रेस की टक्कर: चार विधानसभा सीटों पर राहुल और तेजस्वी की रणनीति

पटना महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा हो गई। सीएम फेस बने तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में भी निकल गए। वह ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं। लेकिन, एक सवाल अब भी बना हुआ कि जिन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहां पर कांग्रेस में नंबर वन की हैसियत वाले राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव किसके समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे? दूसरे चरण के चुनाव में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान हैं। वहीं दो सीटों में से एक पर राजद- वीआईपी और दूसरे पर कांग्रेस-सीपीआई आमने सामने है। आइए पहले इन सीटों के बारे में जानते हैं… सुल्तानगंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के चंदन सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललन यादव से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार ललित नारायण मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है। कहलगांव विधानसभा सीट     यहां पर राजद के रजनीश भारती का मुकाबला कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार शुभानंद मुकेश को चुनावी मैदान में उतारा है। सिकंदरा विधानसभा सीट     यहां पर राजद के उदयनारयण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के विनोद चौधरी से है। वहीं एनडीए ने हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है। नरकटियागंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के दीपक यादव का मुकाबला कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय से है। वहीं एनडीए ने भाजपा के संजय पांडेय को टिकट दिया है। चैनपुर विधानसभा सीट     यहां पर राजद के ब्रिज किशोर बिंद का मुकाबला वीआईपी के गोविंद बिंद से है। वहीं जदयू ने जमा खान को चुनावी मैदान में उतारा है। करगहर विधानसभा सीट     यहां पर कांग्रेस के संतोष मिश्रा का मुकाबला सीपीआई के महेंद्र गुप्ता से है। वहीं एनडीए ने जदयू के वशिष्ट सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर प्रचार से बचना चाहेंगे राहुल-तेजस्वी राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छठ के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनाव प्रचार शुरू होने जा रहा है। जाहिर सी बात है कि यह लोग कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तेजस्वी यादव ने 24 अक्तूबर से अपनी चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। अब तक वह फ्रेंडली फाइल वाली सीटों पर नहीं गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राहुल और तेजस्वी फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर चुनाव प्रचार करने से बचना चाहेंगे। क्योंकि, अब तक इन सीटों पर इनके चुनाव प्रचार करने की बात सामने नहीं आई है। गहलोत बोले- हमलोग मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और पांच-छह सीटों पर आपसी सहमति से 'फ्रेंडली फाइट' हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग अफवाह फैला रहे हैं, आपलोग उनकी बातों पर ध्यान न दें। महागठबंधन ने अपना सीएम फेस भी घोषित कर दिया है। लेकिन, एनडीए वालों ने अब तक नहीं किया है। भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती है।