samacharsecretary.com

RJD में शामिल हुआ JDU का दिग्गज नेता, नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ीं

छपरा बिहार में जैसे-जैसे चुनाव  नजदीक आ रहे हैं, विभिन्न दलों में नेताओं का आना-जाना जारी है। राजनीतिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू  को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, जनता दल (यूनाइटेड) के निवर्तमान जिलाध्यक्ष और मढौरा से पूर्व प्रत्याशी अल्ताफ आलम राजू .ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया है। शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में अल्ताफ आलम राजू ने राजद की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर मढौरा के विधायक और पूर्व मंत्री जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे। अल्ताफ आलम राजू वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में मढौरा सीट से जदयू के प्रत्याशी रह चुके हैं। इस बार एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे के दौरान मढौरा सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में चली गई और अभिनेत्री सीमा सिंह को उम्मीदवार बनाया गया। इस फैसले से नाराज होकर अल्ताफ आलम राजू ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान लोजपा उम्मीदवार सीमा सिंह और अल्ताफ आलम राजू दोनों के नामांकन रद्द कर दिए गए थे। राजद को मिला मढौरा में मजबूत चेहरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मढौरा क्षेत्र में अल्ताफ आलम राजू की पकड़ मजबूत है, जिससे राजद को स्थानीय स्तर पर लाभ मिल सकता है।  

राजनीति और दौलत: चिराग की पार्टी के उम्मीदवार की संपत्ति ने सबको चौंका दिया

सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान सिमरी बख्तियारपुर सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह का नामांकन हलफनामा इन दिनों सुर्खियों में है। 58 वर्षीय संजय कुमार सिंह न केवल उच्च शिक्षित हैं, बल्कि वे और उनकी पत्नी शबनम कुमारी 32 करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त संपत्ति के मालिक हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनकी पत्नी के नाम पर है। अचल संपत्ति के मामले में शबनम कुमारी अपने पति से करीब छह गुना अधिक संपन्न हैं। कुल संपत्ति 32 करोड़ के पार, पत्नी हैं 'किंगमेकर' संजय कुमार सिंह और उनकी पत्नी दोनों ही व्यवसाय से जुड़े हैं। शपथ पत्र के मुताबिक, इस दंपति की कुल संपत्ति 32 करोड़ रुपये से अधिक है। संजय सिंह की चल संपत्ति ₹2,90,49,773 रुपये और अचल संपत्ति ₹5,06,00,000 रुपये है। वहीं, पत्नी शबनम कुमारी की चल संपत्ति ₹6,53,19,618 रुपये और अचल संपत्ति ₹29,11,22,798 रुपये दर्ज है। इस तरह संजय सिंह की कुल संपत्ति ₹8 करोड़ से अधिक और उनकी पत्नी की संपत्ति ₹35 करोड़ के करीब आंकी गई है। कर्ज का बोझ भी भारी करोड़ों की संपत्ति के बावजूद दंपति पर भारी कर्ज भी दर्ज है। प्रत्याशी संजय सिंह पर ₹4 करोड़ 15 लाख 73 हजार 122 रुपये का कर्ज है, जबकि उनकी पत्नी पर ₹11 करोड़ 92 लाख 2 हजार 297 रुपये का। कुल मिलाकर इस दंपति पर लगभग ₹16 करोड़ 07 लाख रुपये का कर्ज है। सोने के शौकीन, पर गाड़ी है ‘आम’ व्यवसाय से जुड़े इस दंपति को आभूषणों से खास लगाव है। उनके पास कुल 90 लाख रुपये मूल्य का सोना दर्ज है। संजय सिंह के पास 250 ग्राम सोना (कीमत ₹25 लाख) और शबनम कुमारी के पास 650 ग्राम सोना (कीमत ₹65 लाख) है। हालांकि, करोड़ों की संपत्ति के बावजूद उनके पास कार के रूप में केवल 2017 मॉडल की मारुति स्विफ्ट डिजायर है। शिक्षित और साफ छवि के मालिक संजय कुमार सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है। उन्होंने 1982 में मैट्रिक पास करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल की। 1989 में बीएससी, 1991 में एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय से एमएससी और 1994 में बीएनएमयू विश्वविद्यालय मधेपुरा से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। 58 वर्षीय संजय सिंह ने अपने हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज या लंबित नहीं है। आय का विवरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में संजय सिंह ने ₹35,69,830 रुपये की आय घोषित की है, जबकि उनकी पत्नी शबनम कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹1,33,02,910 रुपये की आय दिखाई है। यह दूसरा मौका है जब संजय कुमार सिंह सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में वे लोजपा प्रत्याशी थे, लेकिन उन्हें केवल 6,962 वोट मिले थे और वे जमानत बचाने में भी असफल रहे थे। इस बार वे दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं और अपने प्रभावशाली हलफनामे के कारण फिर चर्चा में हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों के लिए खुशखबरी! तेजस्वी ने किए ये बड़े वादे

पटना आगामी चुनाव को देखते हुए तेजस्वी यादव लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। माई-बहिन मान योजना, हर घर नौकरी, जीविका और संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के बाद अब तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने रविवार सुबह पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमलोग सबलोग आज कुछ घोषणाएं करने आए हैं। तेजस्वी ने किसी का नुकसान नहीं किया। तेजस्वी से किसी को कोई शिकायत भी नहीं है। जनता ने एनडीए को 20 साल दिया। हमलोग महज 20 महीने का वक्त मांगते हैं। मुझे बिहार की जनता पर पूरा भरोसा है कि इस बार बदलाव भी होगा और महगठबंधन के नेतृत्व में नई सरकार भी बनेगी। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के लिए यह घोषणा तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनते ही त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का मानदेय भत्ता दोगुना होगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरुआत की जाएगी। अन्य राज्यों में यह प्रावधान है। इसलिए अब बिहार में भी किया जाएगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख का बीमा करवाया जाएगा। जन वितरण प्रणाली के वितरकों के मानदेय को दिया जाएगा और  प्रति क्विंटल मिलने वाली मार्जिन मनी को बढ़ाया जाएगा। अनुकंपा में लागू 58 साल की बाध्यता को लागू करेंगे। साथ ही नाई, बढ़ई, कुम्हार और लोहार समेत मेहनती वर्गों के उत्थान के लिए उन्हें पांच लाख रुपये एकमुश्त की आर्थिक सहायता दी जाएगा। ताकि इससे वह अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।   बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है। कहीं भी हमलोग जा रहे हैं तो हर जाति, धर्म के लिए भारी संख्या में आ रहे हैं। वह कहते हैं कि वह मौजूदा सरकार से परेशान हैं। लोग बिहार सरकार को बदलना चाहते हैं। 20 साल पुरानी विजनलेस पुरानी खटारा सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम है। अब तो गृह अमित शाह ने मना ही नहीं कर दिया कि बिहार में कहीं भी कारखाना नहीं लग सकता है क्यों कि यहां भूमि की कमी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात में कई कारखाना लगवाए। सबकुछ गुजरात में ही दे दिया। बिहार को केवल अंगूठा दिखाने का काम किया है। लोग अब भारतीय जनता पार्टी के चाल और चरित्र को समझ चुके हैं। बिहारवासी अब इस भ्रष्ट सरकार को बदलने के लिए बेसब्र है। बिहार की जनता बदलाव करेगी।

झारखंड की जेलों में छठ महापर्व की रौनक, बंदियों ने उठाया आस्था का संकल्प

रांची झारखंड की सभी जेलों में इस साल भी छठ महापर्व की विशेष तैयारियां की गई हैं। जेलों में व्रत करने वाले बंदियों के लिए पूजा सामग्री और अर्घ्य की व्यवस्था जेल प्रबंधन की ओर से की गई है। बंदियों के लिए की गई अर्घ्य की व्यवस्था राज्य भर के कारागारों में छठ की भक्ति में बंदी डूबे हुए हैं, जहां पुरुष बंदियों की संख्या महिलाओं से ज्यादा है। झारखंड कारा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की विभिन्न जेलों में कुल 25 महिला और 31 पुरुष बंदी इस वर्ष छठ का व्रत कर रहे हैं। रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में सबसे अधिक 08 महिला और 08 पुरुष बंदी आराधना में लीन हैं। इनके लिए विशेष रूप से पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई है और अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई है। भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ कारा परिसर इसी तरह केंद्रीय कारा दुमका में 02 महिलाएं, हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में 05 महिला और 07 पुरुष, जबकि पलामू में 04 महिला और 06 पुरुष बंदी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अन्य जिलों की जेलों में भी श्रद्धा और सादगी के साथ व्रत किया जा रहा है। जेल अधीक्षक स्वयं व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। कारा परिसर इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।  

मतदाता सुरक्षा बढ़ी, आयोग का बड़ा फैसला – EVM-VVPAT पर नए नियम लागू

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मतदान दल को सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बिना ईवीएम और वीवीपैट मशीनें नहीं सौंपी जाएंगी। इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज और जिला स्कूल में बनाए गए हैं डिस्पैच सेंटर विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए MIT, RDS कॉलेज और जिला स्कूल में अलग-अलग डिस्पैच सेंटर बनाए गए हैं। आगामी 6 नवंबर को मतदान होना निर्धारित है। उससे एक दिन पहले यानी 5 नवंबर को मतदान कर्मी, पदाधिकारी और सुरक्षा बल बूथों के लिए रवाना होंगे। ये सभी दल डिस्पैच सेंटर से ईवीएम और अन्य आवश्यक मतदान सामग्री प्राप्त करेंगे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि चुनाव की प्रक्रिया को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के लिए बिना सुरक्षा बलों की उपस्थिति के किसी भी दल को ईवीएम या वीवीपैट उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। काउंटर पर मौजूद पदाधिकारियों की जवाबदेही होगी कि वे केवल उन्हीं दलों को सामग्री दें जो सुरक्षा बलों के साथ पहुंचे हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीठासीन पदाधिकारी निभाएंगे ये जिम्मेदारी डिस्पैच सेंटरों पर मौजूद पीठासीन पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान दल के साथ सुरक्षा बल हों। इसके बाद ही उन्हें मतदान सामग्री सौंपी जाएगी। सभी दलों को सामग्री प्राप्ति की पावती देनी होगी और उसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। साथ ही वितरण रजिस्टर को भी लगातार अपडेट किया जाएगा ताकि भविष्य में कोई भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए प्रत्येक डिस्पैच सेंटर पर 20-20 काउंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर काउंटरों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। मतदाता और कर्मियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन, सूचना सामग्री और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मजबूत बैरिकेडिंग और ड्राप गेट का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल सर्जन को एंबुलेंस, चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

छठ पर्व की शुरुआत पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने दी बधाई, कहा—छठी मैया सबकी मनोकामना पूर्ण करें

रांची झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों को लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन खरना पूजा पर शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल गंगवार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के द्वितीय अनुष्ठान ‘खरना' की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया और भगवान भास्कर की कृपा से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैले, यही मंगलकामना बहै।' वहीं, मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पूजा का अनुष्ठान, लोक-आस्था, आत्म-संयम, समर्पण और शुद्धता का अछ्वुत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति, जल, सूर्य, परिवार और समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। छठ व्रतियों की तपस्या, श्रद्धा और संकल्प पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। मैं सभी छठ व्रतियों और परिवारजनों के इस अछ्वुत आत्मबल को नमन करता हूं। छठी मैया और भगवान भास्कर से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें, आपकी मनोकामना पूर्ण करें। आप सभी को खरना पूजा की अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!'  

HIV संक्रमित खून चढ़ाने का मामला: सीएम हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान, सिविल सर्जन को किया निलंबित

चाईबासा चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने पर सीएम हेमंत ने पश्चिमी सिंहभूम सिविल सर्जन समेत अन्य संबंधित पदाधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की सूचना पर पश्चिमी सिंहभूम सिविल सर्जन समेत अन्य संबंधित पदाधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। पीड़ित बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी तथा संक्रमित बच्चों का पूरा इलाज भी राज्य सरकार द्वारा कराया जाएगा।" दरअसल, आरोप है कि चाईबासा में स्थानीय ब्लड बैंक द्वारा थैलेसीमिया से पीड़ित 7 वर्षीय बच्चे को एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाया गया। जब बच्चे को HIV पॉजिटिव आया तो इस बात का खुलासा हुआ।  

बिहार चुनाव में दिलचस्प मुकाबला: नीतीश के भरोसे ‘श्रवण’ बनाम रिकॉर्ड के भूखे हरिनारायण

पटना  बिहार में प्रथम चरण में छह नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले मंत्री श्रवण कुमार आठवीं बार जबकि पूर्व मंत्री हरिनारायण सिंह दसवीं बार जीत का सेहरा बांधने के लिये चुनावी रण में उतरे हैं। विश्व के प्राचीनतम नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों को अपने आंचल में समेटे नालंदा जिले में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ,महागठबंधन और क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार चरम पर है। नालंदा जिले में सात विधानसभा क्षेत्र नालंदा,हरनौत, बिहारशरीफ, राजगीर (सुरक्षित),अस्थावां, हिलसा और इस्लामपुर है। यहां पर राजग का पलड़ा भारी है। इनमें पांच सीटें नालंदा,हरनौत,राजगीर (सुरक्षित) ,अस्थावां और हिलसा पर जनता दल यूनाईटेड (जदयू) , बिहारशरीफ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इस्लामपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का कब्जा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में सभी की नजरें टिकी हुयी है। नालंदा विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले जदयू के विधायक और मंत्री श्रवण कुमार की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। सियासी पिच पर सात बार जीत दर्ज कर चुके श्रवण कुमार आठवीं बार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। महागबंधन की ओर से कांग्रेस ने कौशलेंद्र कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दो दशक से नालंदा सीट पर श्रवण कुमार का वर्चस्व बरकरार है। जदयू के श्रवण कुमार इस सीट से वर्ष 1995, 2000, फरवरी 2005,अक्टूबर 2005, वर्ष 2010, वर्ष 2015 और वर्ष 2020 में निर्वाचित हो चुके हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू के श्री कुमार ने जनतांत्रिक विकास पार्टी के उम्मीदवार कौशलेंद्र कुमार को मात दी थी। कांग्रेस के गुंजन पटेल तीसरे नंबर पर रहे थे।नालंदा से 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। हरनौत विधानसभा क्षेत्र से जदयू ने नौ बार विधायकी का दम दिखा चुके पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला कांग्रेस के अरूण कुमार से है। जदयू के श्री सिंह इसके पूर्व चंडी विधानसभा से वर्ष 1977, 1983 उप चुनाव,1990, 2000, फरवरी एवं अक्टूबर 2005 और इसके बाद वर्ष 2010 ,वर्ष 2015 और 2020 में हरनौत से विधानसभा से निर्वाचित हो चुके हैं। हरनौत विधानसभा सीट ,नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र भी है, उनका पैतृक गांव कल्याण बिगहा इसी विधानसभा क्षेत्र में स्थित है।इस सीट से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। वह दो बार 1977 और 1980 में हार गए जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में वह विजयी हुए। हरनौत सीट को जदयू का अभेद किला माना जाता है। वर्ष 2005 से लेकर अबतक हुए चुनावों में यहां कभी नीतीश के विरोधियों की दाल नहीं गली है। वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू के हरिनारायण सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) उम्मीदवार ममता देवी को शिकस्त दी थी। कांग्रेस के कुंदन कुमार तीसरे नंबर पर रहे थे।जदयू के हरिनारायण सिंह नौ बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। यदि वह इस बार का चुनाव भी जीतते हैं तो सर्वाधिक बार विधानसभा पहुंचने वाले विधायक बन जाएंगे। अब तक दस बार बिहार विधानसभा का चुनाव कोई नहीं जीत सका है। नौ बार विधानसभा का चुनाव जीतने का रिकॉर्ड तीन लोगों के नाम हैं। इनमें हरिनारायण सिंह, सदानंद सिंह और रमई राम शामिल हैं। सदानंद सिंह और रमई राम दिवंगत हो चुके हैं। हरनौत में 11 उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में उतरे हैं। सिक्सर लगाने को बेताब डॉ. सुनील कुमार बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी एवं वर्तमान विधायक और मंत्री डॉ. सुनील कुमार चुनावी मैदान में सिक्सर लगाने के लिये बेताब है, जबकि उनसे लोहा लेने के लिये कांग्रेस ने यहां नये खिलाड़ी उमैद खान को उनके सामने लाकर खड़ा कर दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के शिव कुमार यादव ने यहां से उम्मीदवार हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशी के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।भाजपा के डाक्टर सुनील कुमार ने फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010, 2015 और 2020 में जीत हासिल की है। वर्ष 2020 के चुनव में डॅा. सुनील ने राजद के सुनील कुमार को मात दी थी। पूर्व विधायक नौशादुन नवी उर्फ पप्पू खान की पत्नी निर्दलीय उम्मीदवार आफरीन सुलताना तीसरे नंबर पर रही थी। बिहारशरीफ में 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में जोर आजमां रहे हैं। राजगीर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से हरियाणा के पूर्व राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के पुत्र और जदयू विधायक कौशल किशोर और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) उम्मीदवार विश्वनाथ चौधरी के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है। वर्ष 2015 में जदयू के श्रवण कुमार ने भाजपा के आर्य को 5390 मतों से शिकस्त दी थी। वर्ष 2020 के चुनाव में आर्या वर्ष 1977, 1980, 1985, 1990, 1995,2000, 2005 फरवरी और अक्टूबर 2005 ,2010 में इस सीट से जीत हासिल की है। वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू के श्री किशोर ने कांग्रेस के रवि ज्योति कुमार को पराजित किया था। राजगीर में सात उम्मीदवार चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं। अस्थावां विधानसभा क्षेत्र से सियासी पिच पर पांच का दम दिखा चुके जदयू प्रत्याशी जितेन्द्र कुमार सिक्सर लगाने के लिये बेताब हैं। राजद ने यहां रवि रंजन कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी (जनसुराज) ने कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (अब जनसुराज में शामिल )रामचंद्र प्रसाद सिंह (आर.सी.पी सिंह) की बेटी लता सिंह को मैदान में उतारा है। चुनावी दंगल में उतरी लता सिंह यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगी हुयी हैं।जदयू के श्री कुमार ने फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010 ,2015 और 2020 में जीत हासिल की है। वर्ष 2020 के चुनाव में जदयू के श्री कुमार ने राजद के अनिल कुमार को हराया था।अस्थांवा विधानसभा सीट से कुल सात प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू ने पूर्व विधायक राजीव रंजन सिंह के पुत्र रूहेल रंजन को चुनावी अखाड़े में उतारा है, जहां उनका मुकाबला पूर्व विधायक कृष्ण बल्लभ प्रसाद सिंह के पुत्र और वर्तमान राजद विधायक राकेश कुमार रोशन से है। कृष्ण बल्लभ प्रसाद यहां से 1977, 1990 और 1995 में जीत हासिल कर चुके हैं।पिछले कुछ दशकों में जदयू ने यहां मजबूत पकड़ बनाई। अब तक जदयू यहां पांच बार जीत दर्ज … Read more

जनसभा में हादसा: अनंत सिंह के गिरने से मचा हड़कंप, मंच अचानक ध्वस्त

पटना चर्चित मोकामा विधानसभा सीट से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ताल ठोक रहे हैं। अनंत सिंह बिहार चुनाव में अपनी जीत का दावा भी कर चुके हैंं। इस बीच अनंत सिंह के जमीन पर धड़ाम से गिरने का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह उस वक्त जमीन पर धड़ाम से गिर गए जब वो एक मंच पर अपने समर्थकों से साथ खड़े थे और यह मंच अचानक टूट कर बिखर गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि शनिवार को पूर्व विधायक अनंत सिंह मोकामा के पूर्वी इलाके में तूफानी जनसंपर्क में व्यस्त थे। डुमरा गांव में अनंत सिंह के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था। इस गांव में आने के बाद यहां लोगों ने अनंत सिंह से कहा कि वो मंच पर आकर लोगों को संबोधित करें। बाद में अनंत सिंह मंच पर पहुंचे और उनके समर्थक भी मंच पर पहुंच गए। इस दौरान अनंत सिंह के एक समर्थक ने हाथ में माइक लेकर अपना भाषण शुरू किया। मंच पर खड़े बाहुबली अनंत सिंह के सपोर्टर लगातार 'अनंत सिंह जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे। इस दौरान अचानक मंच टूट गया और अनंत सिंह समेत मंच पर मौजूद अन्य लोग जमीन पर गिर पड़े। अनंत सिंह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर मोकामा से चुनावी दंगल में हैं। गनीतम यह रही कि मंच टूटने के बाद पूर्व विधायक को ज्यादा चोटें नहीं आईं और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत उठा लिया। वो अनंत सिंह को तुरंत अपनी गाड़ी में लेकर दूसरी जगह के लिए रवाना हो गए।

चुनाव से पहले बड़ा ऐलान! तेजस्वी यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों और पीडीएस डीलरों को दी सौगात

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंन के सीएम उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी वादों की झड़ी लगा दी है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज के पूर्व जन प्रतिनिधियों को पेंशन दिया जाएगा और जन वितरण प्रणाली के डीलरों की आमदनी बढ़ जाएगी। मानदेय के साथ प्रति क्वींटल मार्जिन मनी (कमीशन) की राशि भी बढ़ा दी जाएगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने किसी का कोई नुकसान नहीं किया। नीतीश कुमार के 20 साल के बदले तेजस्वी को 20 माह का मौका दें। हम लोग बिहार को नंबर 1 बनाने का का काम करेंगे। उन्होंने का कि हमारी सरकार बनी तो – 1. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय, भत्ता दोगुना किया जाएगा और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरूआत की जाएगी। कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है। 2. पंचायत प्रतिनिधियों का पचास लाख का बीमा कराया जाएगा। ग्राम कचहरी की शक्तियां बढ़ाई जाएंगी। 3. पीडीएस डीलरों को मानदेय दिया जाएगा और प्रति क्वींटल कमीशन की राशि भी बढ़ाई जाएगी। 5. पीडीएस डीलरों की अनुकंपा में 58 साल की उम्र सीमा को समाप्त कर दिया जाएगा। 5. लोहार, कुम्हार, बढ़ई, नाई को पांच लाख का ब्याज रहित लोन दिया जाएगा जिसे पांच वर्षों में चुकाना पड़ेगा। नीतीश कुमार,नरेंद्र मोदी, अमित शाह पर हमला बोलते हुए राजद नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार कोई काम नहीं कर रही है। जैसे पानी एक जगह स्थिर रहने पर सड़ जाता है वही हाल इस सरकार की है। बिहार के लोग भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा समझ चुकी है। बिहार के लोग इस भ्रष्ट सरकार को बदलना चाहते हैं। प्रेस कांफ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी बिहार में कोई फैक्ट्री नहीं लगाएगी क्योंकि अमित शाह ने इसकी घोषणा कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी भी बिहार आते हैं तो जुमलेबाजी करके लौट जाते हैं। फैक्ट्री गुजरात में लगाते हैं और वोट मांगने बिहार में आते हैं। इससे पहले तेजस्वी यादव हर घर सरकारी नौकरी देने का वादा कर चुके हैं। सरकार बनने के बीस दिनों के भीतर अध्यादेश लाकर इसकी शुरूआत कर दी जाएगी। वे बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं की बहाली को लेकर बड़ी बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं।