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निगरानी विभाग को सख्त हिदायत: जीरो टॉलरेंस से ही बनेगा भ्रष्टाचार-मुक्त बिहार – CM नीतीश

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग के कार्यों की अद्यतन एवं विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कुमार ने अधिकारयों को कहा कि मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के कार्यों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। सरकार की जो प्राथमिकतायें हैं उसके आधार पर कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने में निगरानी विभाग कारगर, संवदेनशील एवं अपनी गतिशील भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का उद्देश्य न्याय के साथ विकास करते हुये जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुसरण कर राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता के साथ सरकार की योजनाओं को लागू करें जिससे आम जन को उसका सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।  

E-KYC के लिए लाइन नहीं, राशनकार्ड अपडेट घर बैठे कराएं

 देवघर   झारखंड के राशनकार्ड धारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दरअसल राशन कार्डधारियों के लिए राज्य सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को और सरल कर दिया है. अब स्मार्ट पीडीएस सेवा के जरिये लाभुक अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन केवाईसी पूरा कर सकेंगे. इसके अलावा ई-मित्र केंद्र और सरकारी निर्धारित दुकानों पर भी कम समय में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. तेजी से चल रहा है देवघर में ई-केवाईसी का काम देवघर में खाद्य आपूर्ति विभाग के निर्देश पर ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है. विभाग का कहना है कि जिन कार्डधारियों का केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है. ऐसे लाभुकों के लिए ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज सत्यापन को अब बेहद आसान बना दिया गया है. घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया लाभुकों को अब न तो विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में लगने की. राशन कार्ड से जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट किया जा रहा है. विभाग ने सभी प्रखंडों और पंचायत स्तर पर भी ई-केवाईसी कराने का विकल्प उपलब्ध कराया है. दुकानों पर भी मिलेगी सुविधा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकान संचालकों को भी ई-केवाईसी सेवा की सुविधा दी जा रही है. यहां पर आकर लाभुक अपना आधार सत्यापन, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य जानकारी तुरंत करवा सकेंगे. समय से कराएं ई-केवाईसी खाद्य आपूर्ति विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी करा लें, ताकि राशन वितरण और सरकारी योजनाओं में कोई बाधा न आए. साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लाभुकों की समस्याओं का समाधान तुरंत करें. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाए.

सम्राट चौधरी की सख्त पहल: 1300 माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी तेज

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान तेज हो गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्तियां कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दस्ते गठित किए जा रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ महीने में 400 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने के प्रस्ताव न्यायालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 1,300 और आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी संपत्तियों से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और जल्द ही इन्हें भी कानूनी कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भाड़े के हत्यारों और माफिया की अवैध संपत्तियों पर एक्शन विनय कुमार ने कहा, "शराब, बालू और जमीन माफिया के साथ-साथ भाड़े के हत्यारों और संगठित अपराध से जुड़े कई बड़े नामों को इस सूची में शामिल किया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि गिरफ्तारी से आगे बढ़कर अपराध की आर्थिक व्यवस्था प्रहार किए बिना आपराधिक नेटवर्क को खत्म नहीं किया जा सकता।" बिहार में ‘एंटी-रोमियो’ की तर्ज पर विशेष महिला दस्ते गठित डीजीपी ने कहा कि अपराधियों की संपत्ति कुर्क किए जाने से उनके फंडिंग नेटवर्क, प्रभाव और आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में ‘एंटी-रोमियो' की तर्ज पर एक विशेष महिला दस्ते गठित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस वर्ष 2,000 स्कूटी खरीदी जा रही हैं, जिन पर महिला पुलिसकर्मी स्कूल और कॉलेजों के आसपास नियमित गश्त करेंगी। उन्होंने कहा, "लड़कियों के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और उत्पीड़न की किसी भी घटना पर अब तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति लागू की जाएगी।"

बिहार चुनाव हार: उदय नारायण चौधरी साधारण ऑटो से पहुंचे RJD दफ्तर

पटना बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल इस बड़ी हार की वजहों को लेकर समीक्षा में जुटी है। पार्टी में हार पर मंथन का आज दूसरा दिन है और पटना स्थित राजद कार्यालय में दिग्गज नेता जुट रहे हैं। राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भी इसी कड़ी में राजद कार्यालय पहुंचे। उदय नारायाण चौधरी खास अंदाज में राजद कार्यालय आए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऑटो रिक्शा में बैठकर राजद कार्यालय में पहुंचे थे। कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें नजर आ रहा है कि उदय नारायण चौधरी ऑटो रिक्शा से उतर रहे हैं। आपको बता दें कि राजद बिहार चुनाव में मिली हार की दो चरणों में समीक्षा कर रही है। आज इस बैठक के पहण चरण का दूसरा दिन है। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

PACS की मांग पर सरकार गंभीर: लेशी सिंह ने दिए सख्त निर्देश, ब्याज-मुक्त समय बढ़ाने की तैयारी

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अधिप्राप्ति के दौरान PACS स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और प्रोसेसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया गया। मंत्री लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों—राइस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान PACS की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने तक की ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने PACS को आश्वासन दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र लेगा, जिससे PACS इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके। बैठक में यह सहमति बनी कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और PACS तथा सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर के सभी जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग के दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई और PACS प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अधिप्राप्ति से संबंधित सभी चुनौतियों के समाधान के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। अंत में मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, PACS की मजबूती और अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान अधिप्राप्ति सुचारू और समयबद्ध ढंग से हो और सभी संबंधित पक्षों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव नैय्यर इकबाल, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ पदाधिकारी और PACS के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुजफ्फरपुर जाम से बेहाल: सड़क पर 14 किमी तक वाहनों की कतार, एंबुलेंस भी न निकल सकी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में बुधवार देर शाम लगा भीषण जाम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। दरभंगा एनएच 57 और मोतिहारी एनएच 27 फोरलेन पर अचानक शुरू हुआ जाम देर रात तक 12 से 14 किलोमीटर तक फैल गया। स्थिति यह रही कि मुजफ्फरपुर के मेडिकल ओवरब्रिज से लेकर कांटी थाना क्षेत्र के लालू मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और दोनों लेन पूरी तरह पैक हो गईं। देर शाम शुरू हुआ ये महाजाम रात 12 बजे तक जारी रहा। सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं। हालात इतने खराब हो गए कि आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग रहा था। जाम की भयावह स्थिति के बीच कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। अहियापुर और कांटी थाना की गश्ती गाड़ियां जाम देखकर पीछे लौट गईं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। महाजाम में आधा दर्जन एंबुलेंस, बारातियों की गाड़ियां और दर्जनों मरीजों के परिजन फंसे रहे। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज गंभीर असुविधा झेलते रहे, जबकि शादी में शामिल होने जा रहे बाराती भी घंटों जाम में अटके रहे। जाम की शुरुआत कांटी थाना क्षेत्र के शनिचरा स्थान मोड़ से हुई, जहां शहर से लौटने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने पर अचानक गाड़ियां रुकनी शुरू हो गईं। इसके बाद धीरे-धीरे जाम गहराता गया। हालात और बिगड़ गए जब मेडिकल ओवरब्रिज और एनएच 57 मोड़ की ओर से दूसरी लेन में भी उल्टी दिशा से वाहन घुसने लगे। इससे शनिचरा स्थान से मेडिकल ओवरब्रिज तक दोनों लेन पूरी तरह ठप हो गईं। दोनों लेन जाम होने का असर आगे तक पड़ा और सदातपुर मोड़ से लेकर कांटी के लालू मोड़ और चांदनी चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगातार बढ़ता गया और देर रात तक लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना रहा।

बिहार में छह बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप लूटी, फायरिंग कर मौके से फरार

सारण उधर पटना में बिहार के पुलिस महानिदेशक माफिया राज को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दे रहे थे और इधर सीवान मैं हथियारबंद अपराधियों ने तकरीबन एक करोड़ की लूट की बड़ी घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया। एक ज्वेलरी शॉप में हुई इस लूट की घटना के दौरान 5-6 राउंड फायरिंग कर अपराधियों ने दहशत फैला दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी के पास पहली बार गृह विभाग आया है और अब इतनी बड़ी घटना के साथ अपराधियों ने अपने मनोबल का प्रमाण दिया है। नकाबपोश छह अपराधी ज्वेलरी शॉप में घुसे और दिनदहाड़े लूट के वारदात को अंजाम देकर निकल भी गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी बड़ी आसानी से दुकान में घुसे, लाखों रुपये के जेवरात और कैश लूट लिया और निकलते समय फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहशत में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। इलाके के व्यापारियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।

किसने दिया धोखा? RJD ने शुरू की पहचान, चुनावी भीतरघातियों पर गिरेगी गाज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राजद उन भितरघातियों की पहचान करने में जुट गया है जो दल और गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने में महती भूमिका निभाई है। पार्टी ने बुधवार से प्रदेश राजद कार्यालय में प्रमंडलवार जीते विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक शुरू कर दी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर भितरघातियों की सूची बनाई जाएगी। ऐसे नेताओं से पूछताछ की जाएगी। पार्टी नेताओं के अनुसार दो चरणों की समीक्षा के बाद वृहद स्तर पर भितरघातियों को दल से निकाला जा सकता है। पार्टी ने पहले दिन मगध प्रमंडल के हारे-जीते उम्मीदवारों को बुलाया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक दोपहर तीन बजे तक चली। प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी, भोला यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बैठक हुई। पार्टी प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट लिखित रूप से नेतृत्व को सौंपी। उम्मीदवारों ने उन नेताओं के नाम बताए हैं जो चुनाव के दौरान दल और गठबंधन के खिलाफ काम किया। वे अपने दल की जगह विरोधी दलों के लिए काम किया। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

स्कूलों की छुट्टी की घोषणा, दिसंबर में बच्चों को मिलेगा ब्रेक

पटना नवंबर का महीना खत्‍म होने जा रहा है। वहीं, दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड बढ़ जाती है और बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानीहोती है। ज्यादातर स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों 25 दिसंबर से शुरू हो जाती है। वहीं, अगर बिहार की बात करें तो अभी तक बिहार सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से 2025-26 सत्र के विंटर वेकेशन की घोषणा नहीं की गई है। इतने दिन तक बंद रहेंगे स्कूल बिहार में बीते सालों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चों को सात दिन की छुट्टियां दी जा सकती हैं, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियों की संभावित तिथि जारी कर दी है। बिहार में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश रहने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ठंड ज्यादा होने पर छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं, जिसके लिए अलग से नोटिस जारी होगा। जानें पिछले साल कितने दिन बंद रहे थे स्कूल हालांकि, अभी तक इन तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पिछले आकंडों को देखें तो क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर पिछले साल की बात करें तो पिछले वर्ष सरकार ने सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा 26 दिसंबर से 6 जनवरी तक की थी। इधर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने कश्मीर घाटी और जम्मू के विंटर जोन स्कूलो में विंटर वेकेशन की घोषणा कर दी है। 

मंत्री मंगल पांडेय का ऐलान: पटना में बनेगा देश का सबसे बड़ा ऑर्थोपेडिक अस्पताल

पटना बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में देश का सबसे बड़ा 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। पांडेय ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के मंत्री का चौथी बार कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बन जाने से राज्यभर के हड्डी से जुड़े रोग से पीड़ति मरीजों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार लोकनायक जय प्रकाश नारायण हड्डी अस्पताल के पास 215 करोड़ की लागत से‘ऑर्थो हॉस्पिटल'बनाया जाएगा। तीन महीने में इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।       स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों और दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्तियों को भरने का काम तेजी से किया जा रहा है। पिछले कार्यकाल में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई थीं। इस वर्ष दिसंबर तक सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 663 खाली पदों को भर लिया जाएगा। दंत चिकित्सक के 808 पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई दिसंबर तक पूरी हो जाएंगी। इसी तरीके से स्टाफ नर्स के 11 हजार 389 पदों पर नियुक्ति के लिए बीटीएससी ने परीक्षा संपन्न करा लिया है। नर्सिंग स्कूलों, कॉलेजों में इंटर के 498 पदों के लिए बीटीएससी से परीक्षा संपन्न किया जा चुका है। पांडेय ने कहा कि फॉर्मासिस्ट के 2473, ड्रेसर के 3326, लैब टेक्नीशियन के दो हजार 969, एक्स-रे टेक्नीशियन के 1232, शल्यकक्ष सहायक 1683, ईसीजी टेक्नीशियन के 242, दंत विज्ञानी 702 यानी तकनीकी स्तर के कुल 12 हजार 627 पदों के लिए परीक्षा हो चुका है। 12 हजार 627 पैरा मेडिकल स्टाफ, 11 हजार 389 ग्रेड ए नर्स, दंत चिकित्सा पदाधिकारी, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी आदि को मिलाकर करीब 26 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई अंतिम चरण में हैं।         स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से भी मानव बल की नियुक्ति की जाती है। अगले चार महीने में एनएचएम के माध्यम से 220 नेत्र सहायक, 1504 आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, पांच हजार से अधिक एएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सक के 36, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 449 एवं 216 सीएचओ की नियुक्ति एक महीने में पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनएचएम की ओर से भी करीब सात हजार 600 विभिन्न पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई एक से चार महीने के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी। इस तरीके से कुल करीब 32 हजार 700 नई नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 925 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया गया था। जल्द ही 610 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राज्य को दिए जाएंगे। आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य की जनता की सेवा की जा रही हैं। राज्य में 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान काडर् बन चुका है। राज्य के अंदर मुख्यमंत्री चिकित्सा योजना के तहत हर साल 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।