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नीरज कुमार सिंह का विपक्ष पर हमला, कहा- झूठे आरोप लगाने वालों का इतिहास रहा बूथ कैप्चरिंग से भरा

सुपौल सुपौल जिले के छातापुर में बुधवार को एनडीए के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री एवं छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। छातापुर विधायक ने कहा कि जिनके शासनकाल में बूथ लूट और मतपेटी हेराफेरी की घटनाएं आम थीं, वही आज चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले का “गुंडागर्दी का दौर” वापस लाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब बिहार की जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी योजनाओं पर काम हुआ है। अगर विपक्ष को विकास नहीं दिखता, तो उन्हें “आंख का इलाज करवाना चाहिए।” मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वीरपुर से जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। साथ ही महिला आरक्षण, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और पेंशन बढ़ोतरी की उपलब्धियां भी गिनाईं। सम्मेलन में मंत्री हरि सहनी ने विधायक नीरज बबलू को “शेर जैसा नेता” बताते हुए जनता से अपार समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति बदहाल थी, लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की राह पर खड़ा किया। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सम्मेलन में उमड़ी भीड़ को एनडीए के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का संकेत बताया। वहीं, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने विपक्ष को “बहुरूपिया” बताते हुए जनता को सावधान रहने की नसीहत दी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव की अध्यक्षता रही और कई नेताओं ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की विकासपरक नीतियों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दरभंगा में पीएम की मां को गाली देने जैसी घटनाओं ने जनता को आक्रोशित किया है और इसका जवाब विधानसभा चुनाव में मिलेगा। मौके पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

पटना सड़क हादसा: कार 25 मीटर तक घसीटती रही, 5 कारोबारियों की मौके पर मौत

पटना  पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र के महुली के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच कारोबारियों की मौत हो गई. हादसा उस वक्त हुआ जब फतुहा से पटना लौट रही एक कार ने सड़क पर खड़े एक ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह ट्रक के अंदर घुस गई, जिसके चलते कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 50 वर्षीय राजेश कुमार, 55 वर्षीय संजय सिंह, 38 वर्षीय कमल किशोर, 35 वर्षीय प्रकाश चौरसिया और 38 वर्षीय सुनील कुमार के रूप में हुई है. ये सभी पटना के प्रतिष्ठित कारोबारी थे जो फतुहा से किसी काम के बाद देर रात पटना लौट रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और सभी सवारों की मौके पर ही जान चली गई. सूचना मिलते ही परसा बाजार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटकर शवों को बाहर निकाला. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. टक्कर के बाद कार को घसीटते ले गया ट्रक कार के ट्रक के अंदर घुसने के बाद भी ट्रक अपने रफ्तार से चलता गया और लगभग 25-30 मीटर तक घसीटते ले गया. मृतकों में गोपालपुर के 50 साल के राजेश कुमार, 38 साल के संजय कुमार, सिपारा के 38 साल के कमल किशोर, 35 साल के प्रकाश चौरसिया और मुजफ्फरपुर के 30 साल के सुनील कुमार शामिल हैं. वहीं इस घटना के साक्षी लोगों का कहना है कि टक्कर के बाद एक जोरदार धमाका हुआ और कार पूरी तरह से नष्ट हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही परसा बाजार थाना पुलिस और पटना सदर  DSP मौके पर पहुंचे.  कार को काटकर शवों को निकाला गया बाहर यह हादसा इतना भीषण था कि अंदर बैठे पांचों कारोबारियों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस को कार में फंसे लोगों के शव को निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. अंत में फिर गैस कटर से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेजा गया. ये सभी पटना के ही कारोबारी है और फतुहा से पटना लौट रहे थे.

पटना में आगजनी, गया में चक्का जाम – गालीकांड बना बड़ा चुनावी मुद्दा

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के अपमान के खिलाफ एनडीए सड़कों पर उतर आया है. कांग्रेस के एक कार्यक्रम में हुई घटना के विरोध में एनडीए ने आज 'बिहार बंद' का आह्वान किया है. सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद का ऐलान किया गया है जिसके तहत अलग-अलग शहरों में एनडीए कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जा रहा है. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, 'कुछ दिन पहले इंडिया गठबंधन के मंच से पीएम मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई थी. आज एनडीए ने पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.' बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह बहुत ही शर्मनाक है कि प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई और आज तक माफी नहीं मांगी गई. मैं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से कहना चाहता हूं कि अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते… हम इसकी निंदा करते हैं. भारत की संस्कृति मां का सम्मान करना है… अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा बोलता तो हम कार्रवाई भी करते और माफी भी मांगते… बिहार की जनता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को करारा जवाब देगी.' बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान पीएम मोदी और उनकी मां को लेकर दी गई गाली को बीजेपी ने सियासी मुद्दा बना दिया है. इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जो दोपहर एक बजे तक रहेगा. बीजेपी और एनडीए ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को महिला अस्मिता से जोड़ दिया है. यही वजह है कि बीजेपी की महिला मोर्चा ने बिहार की सड़क पर फ्रंटफुट पर उतरकर महागठबंधन के खिलाफ माहौल बनाया है. बीजेपी की महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ एनडीए के तमाम बड़े नेता भी बिहार की अलग-अलग शहरों की सड़क पर उतरेंगे और महागठबंधन को महिला विरोधी के कठघरे में खड़े करेंगे. इस तरह एनडीए की बिहार चुनाव से पहले गाली कांड को भावनात्मक मुद्दा बनाकर आरजेडी-कांग्रेस को घेरने की रणनीति है. बीजेपी विधायक संजय मयूख ने कहा, 'बिहार की माताएं और बहनें एनडीए की ओर से बुलाए गए बंद में हिस्सा ले रही हैं. महागठबंधन के कार्यक्रम में पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आप भाग नहीं सकते. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बिहार की जनता करारा जवाब देगी.' गयाजी में भी बड़ी संख्या में महिलाएं बीजेपी के झंडों के साथ सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन करती नजर आईं. पटना के दानापुर समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को टायर जलाकर विरोध करते हुए देखा गया. बीजेपी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. पटना में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं. एनडीए के सभी घटक दल इस बंद में शामिल हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अन्य सहयोगी दलों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस इसका ऐलान किया था. खास बात यह है कि पार्टी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. एनडीए नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी की मां को गाली देकर उनका अपमान किया गया है और इस तरह के व्यवहार का कड़ा विरोध किया जाएगा. एनडीए के 'बिहार बंद' को लेकर विपक्षी दलों ने भी सियासी हमले शुरू कर दिए हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में हंसते रहे और भारत लौटते ही रोने लगे. उन्होंने तंज कसा कि सरकार के लोग ही बिहार बंद करा रहे हैं. तेजस्वी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बिहार यात्रा में उमड़े जनसैलाब से डरी हुई है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं. 'गाली कांड' बना चुनावी मुद्दा बिहार में राहुल गांधी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा बनाने के लिए 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी. इस दौरान दरभंगा में कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को पीएम मोदी ने जीविका दीदी को संबोधित करते हुए कहा था, "मां के अपमान के लिए मैं एक बार कांग्रेस को क्षमा कर सकता हूं, बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी." इतना ही नहीं पीएम मोदी ने इसे बिहार और देश की महिला अस्मिता का मुद्दा बना दिया. पीएम मोदी के बयान के बाद एनडीए की महिला ब्रिगेड ने भी मोर्चा खोल दिया है. पीएम की मां को सार्वजनिक रूप से गाली देना बिहार चुनाव में मुद्दा बन गया है. इसी मद्देनजर 4 सितंबर को बीजेपी ने बिहार बंद का ऐलान भी कर दिया है, जिसमें सिर्फ बीजेपी नेता और उसके कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि एनडीए के सभी घटक दल के नेता और कार्यकर्ता एक साथ सड़क पर उतर गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जिसके लिए एक दिन पहले ही अखबारों में एनडीए की तरफ से विज्ञापन दिया गया था, जिसमें लोगों से 4 सितंबर को बिहार बंद में स्वेच्छा से शामिल होने की भावुक अपील की गई है. विज्ञापन में एक मां का फोटो और भड़कते हुए शख्स की फोटो भी लगाई गई है. इतना ही नहीं साफ-साफ शब्दों में लिखा गया है कि पीएम मोदी की मां को कांग्रेस-आरजेडी के मंच से जिस प्रकार गाली दी गई है, उससे संपूर्ण बिहार को शर्मसार और कलंकित किया गया है. बीजेपी महिला मोर्चा फ्रंट पर उतरा बिहार बंद का नेतृत्व बीजेपी महिला मोर्चा कर रही है. इसकी सबसे बड़ी झलक पटना में दिख रही है, जहां बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सड़कों पर उतरी हैं. बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष धर्मशिला गुप्ता के नेतृत्व में पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च निकालने का भी प्लान बनाया है. मार्च में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पार्टी के सभी बड़े … Read more

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में बड़ा अपडेट: फिजिकल टेस्ट की तारीखें तय, ड्राइवर परीक्षा की जानकारी जारी

पटना केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से बिहार पुलिस में ‘सिपाही' पद के लिए शारीरिक दक्षता और ‘चालक सिपाही' पद के लिए लिखित परीक्षा दिसंबर माह में संभावित है। पर्षद की ओर से ‘सिपाही' पद की 19,838 रिक्तियों को भरने के लिए इस प्रक्रिया भर्ती के पहले चरण के अंतर्गत लिखित परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन 16 जुलाई से तीन अगस्त के बीच छह चरणों में किया गया था। चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन दिसंबर में किया जाना संभावित है। वहीं ‘चालक सिपाही' पद की 4,361 रिक्तियों के लिए केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने सूचित किया है कि इस पद के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन भी दिसंबर 2025 में संभावित है। पर्षद बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, ‘सिपाही' और ‘चालक सिपाही' पद के लिए परीक्षा की तिथि, प्रवेश पत्र जारी करने की प्रक्रिया और आगे की चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।  

निकाय चुनाव में देरी पर झारखंड HC नाराज़, विस्तृत सुनवाई 10 सितंबर को

रांची झारखंड उच्च न्यायालय में आज स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य की मुख्य सचिव और नगर विकास सचिव अदालत के समक्ष सशरीर उपस्थित हुए। न्यायाधीश आंनद सेन की एकल पीठ ने न्यायालय के आदेश के बावजूद ससमय चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही सुनवाई के दौरान उपस्थित अधिकारियों को अदालत के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। न्यायालय इस मामले की विस्तृत सुनवाई 10 सितंबर को करेगा। इस संबध में निवर्तमान पार्षद रौशनी खलखो की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई है।

पीएम मोदी की नीतियाँ गरीब और किसानों के हित में: सम्राट चौधरी

नई दिल्ली बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी की आम आदमी, किसान और स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने वाली नीतियों की सराहना की। डिप्टी सीएम बुधवार को दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। जीएसटी काउंसिल की बैठक में उन्होंने भारत सरकार द्वारा आम आदमी और किसानों को प्राथमिकता से राहत देने की बात उन्होंने दोहराई। मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा से ही गरीबों की, किसानों की और देश में स्वदेशी अभियान चले, इसकी चिंता की है। इन सबके लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों, किसानों, उनके खेतों की चिंताओं और स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा देने की बात कही है। मैं इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। मंत्रिस्तरीय बैठकों में चर्चा किए गए भारत सरकार के प्रस्ताव भी आम लोगों को राहत देने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि हम इन प्रस्तावों को जीएसटी काउंसिल में ले जाएंगे और सभी मंत्रियों से आम आदमी और किसानों की चिंताओं को प्राथमिकता देने का आग्रह करेंगे। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव पर विचार किया गया है, प्रस्ताव को लेकर बैठक में चर्चा करेंगे। सभी मंत्रियों से आग्रह करेंगे कि आम आदमी, किसानों की चिंता करें; स्लैब घटाने की बात पर भी चर्चा होगी। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि हम इंश्योरेंस सेक्टर में आम लोगों को राहत देना चाहते हैं। डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में सहभागिता की। इस दौरान आगामी दिनों में जीएसटी में होने वाले अनेक सुधारात्मक कदम पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे आमजन के जीवन में एक बड़ा बदलाव आएगा। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री के अलावा, राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण की मौजूदगी रही।

संजय झा का बयान: निशांत कुमार राजनीति से दूर रहेंगे

पटना  बिहार चुनाव की घोषणा से पहले जेडीयू खेमे से बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री लेने को लेकर संजय झा ने बड़ा बयान दिया है. बिहार की सियासत में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार फिलहाल राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे. संजय झा ने डिजिटल न्यूज़ चैनल ‘बिहार तक’ के साथ बातचीत में कहा कि जब तक नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में हैं तब तक निशांत पॉलिटिक्स में नहीं आएंगे. पिछले कुछ महीनों से बिहार की राजनीति में यह चर्चा जोरों पर थी कि नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत को सक्रिय राजनीति में ला सकते हैं. खासकर मार्च 2025 में होली समारोह के दौरान निशांत की जेडीयू नेताओं के साथ मुलाकात और फोटो सेशन ने इन कयासों को हवा दी थी. पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर निशांत के स्वागत में लगे पोस्टरों ने भी इन अटकलों को बल दिया. हालांकि, संजय झा ने स्पष्ट किया कि निशांत की फिलहाल राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है. संजय झा ने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अभी राजनीति में नहीं आएंगे. यह स्पष्ट है और इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा परिवारवाद की राजनीति का विरोध किया है और उनकी प्राथमिकता बिहार के विकास और जनता की भलाई है. झा ने उन नेताओं को भी नसीहत दी है जो निशांत को लेकर अटकलें लगा रहे हैं, कि वे ऐसी चर्चाओं से बचें.  

अकबरनगर थानाध्यक्ष सस्पेंड: पदभार ग्रहण करते ही गड़बड़ी का खुला खेल!

भागलपुर बिहार में भागलपुर जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने आज अकबरनगर के थानाध्यक्ष राजीव रंजन को कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजीव रंजन ने केवल 6 दिन पहले ही थाने का चार्ज संभाला था। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जिले के अकबरनगर थाना क्षेत्र में जांच के क्रम में पकड़े गये वाहन को छोड़ने के लिये किसी अन्य के माध्यम से वाहन मालिक से पैसे की लेन- देन की बात सामने आई थी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले की जांच सक्षम पदाधिकारी से कराए जाने पर अकबरनगर थानाध्यक्ष की संलिप्तता सामने आने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है। 

जंगली हाथियों का आतंक जारी, गांव में मचाया उत्पात

खूंटी झारखंड के खूंटी में मंगलवार रात हाथियों का तांडव देखने को मिला जहां एक किसान को कुचल कर मार डाला। घटना के बाद से इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना खूंटी जिले के बोंगतेल गांव की है। मृतक की पहचान गांव के 32 वर्षीय कृष्णा सिंह के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बीती मंगलवार रात बोंगतेल गांव में जंगली हाथी घुस आये थे। वहीं फसलों का कोई नुक्सान न हो तो ग्रामीण उन्हें भगाने लगे। तभी हाथियों को भगाने के दौरान एक जंगली हाथी ने कृष्णा के ऊपर हमला कर दिया। हाथी के हमले से कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक कृष्णा सिंह की पत्नी और तीन बच्चे हैं। वहीं घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

करमा पर्व झारखंड की पहचान : CM हेमंत बोले- पूर्वजों का अद्वितीय उपहार

रांची करमा पर्व के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड वासियों को बधाई दी है। सीएम हेमंत ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि प्रकृति पूजा करम पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, बधाई और जोहार। सीएम हेमंत ने कहा कि करम पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और जीवनशैली का प्रतीक है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट संबंध, सामाजिक समरसता तथा प्रकृति के प्रति हमारी गहरी आस्था और कृतज्ञता को दर्शाता है। हमारे पूर्वजों द्वारा हमें दिया गया अद्वितीय उपहार है यह। इस दिन पूजा कर हम सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और स्वस्थ समाज की मंगलकामना करते हैं। लोगों की खुशहाली के लिए की कामना सीएम हेमंत ने आगे कहा कि जल, जंगल, माटी और जीव-जंतुओं से हमारा जीवन गहराई से जुड़ा हुआ है। करम पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन और समाज के सतत विकास का संदेश देता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर अपने रीति-रिवाजों, परंपराओं को सहेजने, समाज को सशक्त करने और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें। आप सभी का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण हो, यही कामना करता हूँ। करम जोहार! बहनें अपनी भाईयों की लंबी उम्र के लिए रखती व्रत बता दें कि प्रकृति करमा पर्व भाद्र मास की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार करमा पूजा आज यानी 3 सितंबर को की जाएगी। इस अवसर पर आदिवासी करमा पेड़ की पूजा करते हैं और प्रकृति मां से प्रार्थना करते हैं कि खरीफ सीजन के बाद समृद्ध फसल सुनिश्चित हो। इसके अलावा बहनें इस अवसर पर अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना करती हैं। साथ ही बहनें अपनी भाईयों की लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं।