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फतेहपुर में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने टावर टेक्नीशियन को बनाया बंधक, 5 हिरासत में

फहतेपुर फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार शाम एक टावर कर्मी को टावर परिसर में ही खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ‘हिन्दुस्तान ’ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हरदौली गांव में करीब दो साल पहले एक टेलीकॉम कंपनी का टावर लगाया गया था। टावर शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। महीनों से नेटवर्क नहीं आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों के मुताबिक, न तो ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही इंटरनेट चल रहा है। लंबे समय से समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार शाम फूट पड़ा। इसी दौरान टावर कर्मी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर परिसर में खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। टेलीकॉम कर्मी को टावर से बांध दिया बताया जा रहा है कि नेटवर्क नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने टावर की देखरेख के लिए गांव पहुंचे टेलीकॉम कर्मी को पकड़कर टावर में ही बांध दिया। ग्रामीणों ने कर्मी से कहा कि जब तक अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उसे नहीं छोड़ा जाएगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बिंदकी के एक गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें टावर टेक्नीशियन को लोगों ने बंधक बना रखा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 5G नेटवर्क नहीं मिलने से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। मामले में केस दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच पूरे मामले का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

गंगा के उफान के बीच ट्रैक्टर पर सवार हुईं CO हर्षा कोमल, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाया राहत का सामान

पटना बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिले की 86 से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें जुटी हैं. इसी बीच शाहकुंड प्रखंड की सर्किल ऑफिसर (CO) हर्षा कोमल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने जाती दिखाई दे रही हैं. शाहकुंड प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित है. ऐसे में CO हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचीं. ट्रैक्टर पर राहत सामग्री लेकर प्रशासन की टीम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची और जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री बांटी. शाहकुंड प्रखंड के खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायत बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं. इन इलाकों में गंगा नदी के पानी का असर देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर जलभराव के कारण आवागमन ठप हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शाहकुंड की CO हर्षा कोमल ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. वायरल वीडियो में वह ट्रैक्टर पर बैठकर राहत सामग्री के साथ गांवों की ओर जाती दिखाई देती हैं. उनके साथ प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी हैं. प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती है. जिन गांवों तक कार नहीं पहुंच पा रही है, वहां ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है. CO हर्षा कोमल खुद प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत वितरण की व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं. भागलपुर में गंगा नदी के उफान के कारण कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके लिए भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

न्यू व्यू बैंक्वेट पर नगर निगम की कार्रवाई, 3 दिन में लाइसेंस के लिए आवेदन का निर्देश

रांची राजधानी में बिना लाइसेंस चल रहे बैंक्वेट हाल और विवाह भवनों पर रांची नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में पुंदाग के ढीपाटोली स्थित न्यू व्यू बैंक्वेट को निगम ने नोटिस जारी किया है। जांच में बैंक्वेट हाल का संचालन बिना जरूरी लाइसेंस के किए जाने की बात सामने आई। निगम की टीम ने प्रतिष्ठान परिसर में नोटिस चस्पा कर संचालक को तीन दिन के भीतर लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान पाया गया कि न्यू व्यू बैंक्वेट में विवाह और अन्य समारोहों के लिए बैंक्वेट हाल का संचालन किया जा रहा है। लेकिन इसके लिए नगर निगम से आवश्यक लाइसेंस नहीं ली गई थी। इतना ही नहीं, संचालक ने लाइसेंस लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अब तक आवेदन भी नहीं किया था। लाइसेंस मिलने तक संचालन बंद रखने का निर्देश नगर निगम ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि नोटिस की तारीख से तीन दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही लाइसेंस मिलने तक बैंक्वेट हाल का संचालन तत्काल बंद रखने को कहा गया है। अन्य बैंक्वेट हाल भी निगम के रडार पर नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई सिर्फ न्यू व्यू बैंक्वेट तक सीमित नहीं है। शहर में संचालित बैंक्वेट हाल, विवाह भवन, लाज, हास्टल और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की जांच कराई जा रही है। निगम ने संचालकों से अपील की है कि वे संचालन से पहले जरूरी लाइसेंस लें और निर्धारित मानकों का पालन करें।  

211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के संचालन को लेकर बड़ा फैसला, प्राचार्य और बर्सर की होगी नियुक्ति

पटना राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू होने के तकरीबन दो माह बाद प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कवायद तेज हो गई। इसके लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने संबंधित कुलपतियों को निर्देश दिया है। इसके मुताबिक नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले जिन राजकीय डिग्री कालेजों के आसपास संबद्ध महाविद्यालय हैं, वहां के प्राचार्य को संबंधित नवसृजित डिग्री कालेज के प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को दिया निर्देश इससे डिग्री कालेजों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के संचालन में सुविधा होगी। डिग्री कालेजों में कार्यरत संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को दैनिक प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन के लिए नामित किया जाएगा। इससे काॅलेज में नियमित प्रशासनिक गतिविधियों को संचालित करने में मदद मिलेगी। वहीं संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को नवसृजित डिग्री कालेज में बर्सर के कार्यों के लिए नामित किया जाएगा। बर्सर संबंधित कालेज के वित्तीय संबंधी प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर नए डिग्री कालेजों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। वित्तीय व्यवस्था के लिए संविदा सहायक प्राध्यापकों को दी जाएगी प्रशासनिक जिम्मेदारी निर्देश के मुताबिक जिन संविदा सहायक प्राध्यापक को बर्सर की जिम्मेदारी दी जाएगी उस बर्सर के अतिरिक्त प्रभार वाले प्राचार्य के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खाते का संचालन करना होगा। दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सभी नए डिग्री काॅलेजों में प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था की निगरानी विश्वविद्यालयों के अतिरिक्त राज्यपाल सचिवालय के स्तर से भी होगी। संविदा शिक्षकों काे क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

115 फूड प्रोडक्ट्स पर FSSAI की कार्रवाई, किंडर जॉय से अमूल आइसक्रीम और एनर्जी ड्रिंक तक शामिल

रांची पतंजलि दूध बिस्कुट, किंडर जॉय, सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल, रेड बुल, स्टिंग एनर्जी, मॉन्स्टर एनर्जी, गेटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम समेत 115 खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाने का निर्देश दिया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से भ्रामक दावों, मिस-लेबलिंग और खाद्य मानकों से जुड़े उल्लंघनों के मामले में इन उत्पादों को चिन्हित किया गया है। एफएसएसएआई, नई दिल्ली और झारखंड के अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर राज्यभर में इन उत्पादों की बिक्री और उपलब्ध स्टॉक की जांच शुरू कर दी गई है। रांची में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। कारोबारियों को स्टॉक तत्काल वापस लेने का आदेश रांची के अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (खाद्य सुरक्षा शाखा) की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें खाद्य कारोबार संचालकों, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को एफएसएसएआई की ओर से चिन्हित 115 उत्पादों का मौजूदा स्टॉक तत्काल बाजार से वापस लेने (रिकॉल) और उनकी बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया है। कई लोकप्रिय ब्रांड जांच के दायरे में एफएसएसएआई की सूची में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई चर्चित उत्पाद हैं। इनमें पतंजलि दूध बिस्कुट, किंडर जॉय और सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल प्रमुख हैं। पतंजलि दूध बिस्कुट पर 100 प्रतिशत आटा होने के दावे, किंडर जॉय में मिल्क सॉलिड्स से संबंधित दावे और सफोला टोटल हार्ट प्रो में हार्ट-हेल्थ से जुड़े दावों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। रेड बुल, स्टिंग और गेटोरेड भी सूची में कैफीनयुक्त पेय पदार्थों में स्टिंग एनर्जी, रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालिन रश, कैम्पा एनर्जी और गेटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक शामिल हैं। इन उत्पादों में निर्धारित नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रावधानों के बिना ‘एनर्जी ड्रिंक’ अथवा ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ जैसे नामों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई गई है। आइसक्रीम, नूडल्स और बेबी फूड तक शामिल सूची में अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम, बिसलेरी के एडेड मिनरल्स संबंधी दावे वाले उत्पाद, रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक, मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई और डाबर हार्ट केयर समेत ब्राउन ब्रेड, टोफू और बेबी फूड के उत्पाद भी शामिल हैं। रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक में ‘बिना एडेड शुगर’ जैसे दावे को लेकर आपत्ति जताई गई है। नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाजार से उत्पाद वापस लेने के निर्देश का पालन नहीं करने, भ्रामक विज्ञापन करने या गलत ब्रांडिंग करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को क्षेत्र में लगातार जांच कर संबंधित उत्पादों की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील विभाग ने उपभोक्ताओं से भी खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेजिंग पर लिखे दावों और पोषण संबंधी जानकारी को ध्यान से देखने की अपील की है। खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकना है, जिनकी लेबलिंग, ब्रांडिंग अथवा उत्पाद संबंधी दावे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं।  

बख्तियारपुर के दियारा में बाढ़ का कहर, मकई-सब्जियों की फसल तबाह; मुआवजे की आस में किसान

बख्तियारपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। रूपस महाजी दियारा के निवासी विशाल सिंह के अनुसार, कीचड़ और बदबू के बीच टोले से टोले में जाना कठिन हो गया है। चिरैया रूपस के पूर्व मुखिया नवल यादव ने बताया कि गंगा के किनारे के हिस्से अभी भी गीले हैं, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है। जलजमाव के कारण दिवालों के पास घर गिरने का खतरा बना हुआ है। बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित खरीफ फसल के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे मकई और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 836 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, जिससे दियारा के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगा के दूसरी ओर के किसान और बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित हुए हैं। बेनीपुर दियारा और मकसूदपुर दियारा में लगे मिर्च और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। लखनपुरा और करौटा के बटाईदारों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह पैसे का जुगाड़ कर उधार लेकर उर्वरक खरीदा और सब्जी की खेती की, जो अब गंगा में विलीन हो गई है। अब किसानों को सरकारी अनुदान का ही भरोसा है, जिससे कुछ भरपाई हो सके, अन्यथा रोजगार बदलने की मजबूरी उत्पन्न हो जाएगी। दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता हालांकि, मुआवजे को लेकर किसानों के मन में दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम प्लास्टिक शीट और दवा वितरण का कार्य कर रही है। ब्लीचिंग के छिड़काव की भी तैयारी चल रही है। इस स्थिति ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

रांची BNR होटल लीज मामला: 30 से बढ़ाकर 60 साल की गई थी अवधि, लालू परिवार समेत कई आरोपित

 रांची रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के होटल बीएनआर को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने करीबी हर्ष कोचर को 60 साल के लीज पर दे दिया था। यह रेलवे का हेरिटेज होटल था। इतना ही नहीं, पुरी में भी रेलवे के होटल को लालू प्रसाद ने लीज पर दिया था। हर्ष कोचर पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हैं। बताया जा रहा है कि इसके बदले में लालू परिवार को बेनामी संपत्ति मिली थी। लालू प्रसाद वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। इसी कार्यकाल में उन्होंने लीज दिया था। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद उक्त होटल में छापेमारी भी की थी और जांच में उपरोक्त आरोपों को सत्य पाया था। सीबीआई ने जांच में पाया था कि होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, जिसे निजी कंपनी को संचालन का जिम्मा दे दिया गया था। ये बने थे आरोपित इसके बाद सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी के अलावा तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप प्रताप यादव व सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरोपित बनाया था। सीबीआई जांच में यह पता चला था कि यह गड़बड़ी कर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने सहयोगी झारखंड के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा पहुंचाया था। यह भी जानकारी सामने आई थी कि लीज पहले 30 साल के लिए दिया गया था। बाद में आरोपितों को लाभ पहुंचाने के लिए लीज की अवधि को 30 साल से बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।

वैशाली में निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर ढहा, 7 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर

पटना बिहार में एक और पुल हादसा हो गया है। वैशाली जिले के लालगंज में जलालपुर गांव में निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर गुरुवार को अचानक गिर गया। हादसे में 7 लोग घायल हो गए। सभी घायल मजदूर बताए जा रहे हैं। यह हादसा भारतमाला परियोजना के तहत सोनपुर से केसरिया के बीच बन रहे सिक्स लेन बुद्ध सर्किट हाईवे पर हुआ। घायल मजदूरों को रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत में दो मरीजों को हाजीपुर रेफर किया गया है। हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। वैशाली जिला प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि गुरुवार को निर्माणाधीन पुल के लॉन्चर को विस्थापित करने के दौरान यह हादसा हुआ। घटना के कारणों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन करने और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसी को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं। मौके पर अफरातफरी और मची चीख-पुकार पुल का स्ट्रक्चर गिरने पर मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही लालगंज प्रखंड और वैशाली जिले के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर हालात का जायजा लेकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में पांच बिहार के घायलों में 5 मजदूर बिहार के हैं, जबकि एक-एक पंजाब और ओडिशा के हैं। घायलों की पहचान बेगूसराय निवासी रंजन कुमार, पटना निवासी राम भरोसे साह, पातेपुर (वैशाली) निवासी अली इमाम, पटना निवासी प्रमोद चौधरी, मुजफ्फरपुर निवासी संदीप कुमार, पंजाब निवासी गुलशन और ओडिशा निवासी संजीव कुमार के रूप में हुई है। राम भरोसे साह और प्रमोद चौधरी की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें हाजीपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का लालगंज अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीएम मौके पर पहुंचीं वैशाली की डीएम वर्षा सिंह भी मौके पर पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। इसके बाद हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए बिहार के नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पुल हादसे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी जांच में अनियमितता और एनडीए नेताओं का भ्रष्टाचारी किरदार ही निरंतर गिरते पुलों का मुख्य कारण है। उम्मीद के मुताबिक़ भ्रष्ट एनडीए सरकार फिर अपने भ्रष्टाचार की लीपापोती करेगी।"

सिर्फ सड़क-मकान नहीं, पर्यावरण पर भी फोकस; पाटलिपुत्र टाउनशिप में सुरक्षित रहेंगे तालाब और हरित क्षेत्र

पटना पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप में सिर्फ सड़क, मकान और व्यावसायिक क्षेत्र ही विकसित नहीं होंगे, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण को भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। प्रस्तावित योजना में नदियों, तालाबों, नहरों, पार्कों, जंगलों और खुले क्षेत्रों को आपस में जोड़कर हरित और जल नेटवर्क तैयार करने की योजना है। संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखने पर जोर इस पूरी कवायद का मकसद टाउनशिप को बाढ़, जलजमाव और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याओं से बचादा है। नगर विकास विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप की योजना में प्राकृतिक जल स्रोतों और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। हरित गलियारों और पार्कों को आपस में जोड़कर हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी फोकस किया गया है। इससे पेड़-पौधों और दूसरे जीव-जंतुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। बारिश के पानी का होगा बेहतर इस्तेमाल टाउनशिप में बारिश के पानी की निकासी के साथ उसके संरक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे आने वाले समय में पानी की जरूरत पूरी करने में भी सहूलियत होगी। भारी बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ का खतरा कम करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही बढ़ती गर्मी से राहत के लिए अधिक हरित क्षेत्र विकसित कर शहर के तापमान को नियंत्रित करने और हवा की गुणवत्ता सुधार पर भी सरकार का जोर है। प्रमुख बातें जिन पर सरकार का जोर     जलजमाव और बाढ़ का खतरा कम करना।     भूजल रिचार्ज कर पानी की उपलब्धता बनाए रखना।     अधिक पेड़-पौधों से गर्मी का असर को कम करना।     पार्क और खुले क्षेत्र मनोरंजन के साधनों का विकास।     टाउनशिप में रहने वालों को मिले स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण।     प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता के संरक्षण पर जोर।  

ED की कार्रवाई में ₹60 करोड़ से ज्यादा नकद लेनदेन के सबूत, डिजिटल डिवाइस भी जब्त

 रांची  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद नदीमुल हक के एक अखबार व उससे जुड़ी कंपनियों व उनके निदेशकों के विरुद्ध सात सोमवार से शुरू ईडी की छापेमारी बुधवार को समाप्त हो गई। रांची के कोकर इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित अखबार के दफ्तर के अलावा, कोलकाता व दिल्ली स्थित नौ ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी ने मनी लांड्रिंग का साक्ष्य पाया है। ईडी ने उक्त अखबार के बैंक खाते में पड़े 5.25 करोड़ रुपये को भी फ्रीज करवा दिया है। ईडी ने जिन ठिकानों पर छापेमारी की है, उनमें अखबार ए मशरिक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स क्रेयांस एडवरटाइजिंग व मेसर्स मशरिक मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय व टीएमसी सांस नदीमुल हक व अन्य के घर शामिल हैं। ईडी ने विद्यानगर पुलिस कमिश्नरेट के माध्यम से उक्त अखबार व अन्य के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगा था कि कंपनी अपने अखबार व इंटरनेट मीडिया, डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से सांप्रदायिक अशांति फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित व प्रसारित कर रही थी। उसके खाते में अवैध लेन-देन के भी आरोप लगे थे। कई बैंक खातों में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद जमा होने के मिले सबूत ईडी की जांच में पता चला कि उक्त अखबार के कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक व जम्मू एंड कश्मीर बैंक में कई खाते थे। उन खातों में करीब 60 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जमा होने के सबूत मिले हैं। कर्नाटक बैंक में मौजूद तीन खातों में लगभग 5.60 करोड़ रुपये नकद जमा किए गए थे। बाद में कंपनी ने उसे बंद करवा दिया था। खातों की जांच में यह भी पता चला है कि संदिग्ध स्रोतों से बिटक्वाइन खरीदने के लेनदेन भी किए गए थे। इसका कोई स्पष्ट व्यवसायिक कारण नहीं मिला है। असल संख्या से ज्यादा बताई गई थी प्रकाशित प्रतियों की संख्या ईडी ने जांच में पाया है कि उक्त उर्दू अखबार की छपी हुई प्रतियों की संख्या को असल संख्या से ज्यादा बताया गया था, ताकि अपने सर्कुलेशन के आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर ज्यादा विज्ञापन राजस्व हासिल किया जा सके। ईडी ने जब छापेमारी की तो मौके से कई आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस मिले हैं। इन सबूतों में मोबाइल, लैपटाप, हार्ड ड्राइव जब्त किए गए हैं।