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85 करोड़ के बैंक लोन में हेराफेरी का आरोप, रामनंदी होटल्स के 17 ठिकानों पर ED की रेड

पटना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग ) मामले में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड के 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी बिहार के गया जी और बोधगया के साथ ही नई दिल्ली और गुरुग्राम स्थित कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर की गयी। कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत और नितेश पर कथित धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। कंपनी से जुड़े 85 करोड़ के बैंक ऋण में कथित हेराफेरी मामले की सीबीआई पूर्व से ही जांच कर रही है। इसमें इस अपराध से हुई कथित कमाई 131.79 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में धन शोधन की आशंका को देखते हुए अब ईडी की एंट्री हुई है 58 करोड़ रुपये की हेराफेरी ईडी सूत्रों के मुताबिक, रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड मूलत: बिहार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के निदेशक गया जी के चांदचौरा निवासी अखौरी गोपाल का पूर्व में रामनंदी ऑटोमोबाइल नाम से कारोबार रहा है। उनकी कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के ऋण में लगभग 58 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी और डायवर्जन का आरोप है। फर्जी और जाली दस्तावेज मिल ईडी को जांच में कथित तौर पर फर्जी और जाली दस्तावेज मिले हैं। आरोप है कि कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से परियोजना पूरी होने की दी गयी गलत रिपोर्ट के आधार पर पहले बैंक से लोन की रकम हासिल की गई। फिर लोन के बदले कई संपत्तियां गिरवी रखी गयीं। इनमें पांच संपत्तियां टाटा मोटर्स के पक्ष में मॉर्गेज बताई गई हैं। बाद में इन संपत्तियों को बेच दिया गया। जांच एजेंसी को बिक्री में भी गड़बड़ी का संदेह है। प्रॉक्सी खरीदार होने की आशंका आरोप है कि संपत्तियों की कीमत कम दिखाई गई। रकम का एक हिस्सा नकद प्राप्ति के रूप में दर्शाया गया। कुछ खरीदार भी ईडी की जांच के घेरे में हैं। एजेंसी को संदेह है कि करोड़ों की संपत्ति खरीदने वाले कुछ लोगों की आर्थिक क्षमता इतनी नहीं थी। ऐसे में उनके बेनामी या प्रॉक्सी खरीदार होने की आशंका है। लोन की व्यक्तिगत गारंटी दी थी प्रवर्तन निदेशालय की जांच में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके पुत्रों निशांत एवं नितेश के पास होने की बात सामने आई है। बैंक ऋण के लिए अखौरी गोपाल और परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी दी गयी थी। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शुक्रवार की अहले सुबह ही गया जी के चांदचौरा में अखौरी गोपाल और उनके नजदीकी रहे बोधगया के अमर बिगहा गांव में मिथिलेश राय के आवास पर छापेमारी शुरू की। जांच एजेंसी के अधिकारी बिहार समेत देशभर में छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की विस्तृत छानबीन करेगी। गया में 15 घंटे तक चली तलाशी ईडी की टीम ने गया जी और बोधगया में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी करीब 15 घंटे तक चली। इस दौरान गया जी शहर की कालीबाड़ी स्थित न्यू कॉलोनी में अरविंद कुमार के घर में रह रहे किरायेदार, बाला जी नगर और बोधगया के अमर बिगहा में मिथिलेश राय के घर की जांच की गयी। जांच टीम ने दस्तावेज, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। तलाशी पूरी होने के बाद टीम जरूरी दस्तावेज और अन्य कागजात अपने साथ ले गई है। जांच एजेंसी ने छापेमारी व बरामदगी से संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया।

युवा वकीलों के लिए नई योजना, 22-32 साल की उम्र वालों को मिलेगा मासिक भत्ता

 पटना  बिहार सरकार युवा वकीलों को हर महीने 5000 रुपये स्टाइपेंड देने जा रही है। वकीलों को 3 साल तक यह राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना की शुरुआत इसी महीने करने वाले हैं। बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत हुए सभी नए वकील, जो स्टाइपेंड योजना की शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह नई योजना है। इसलिए शुरुआती दौर में समस्या सामने आ सकती है। सरकार 22 से 32 साल की उम्र के वकीलों को स्टाइपेंड योजना का लाभ देगी। सरकार ने वकीलों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की हैं। ई लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 या उसके बाद नामांकित नए वकीलों को 3 साल तक 5000 रुपये मासिक भत्ता के साथ ही अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये की सहायता भी मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार, बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये दे चुकी है। इसके अलावा, महिला वकीलों के लिए शौचालयों की सुविधा और चेंबर में सुधार की योजना भी शामिल है। 5000 रुपये पाने के लिए वकीलों को देने होंगे ये दस्तावेज स्टाइपेंड योजना का लाभ लेने के लिए वकीलों को 100 रुपये रुपये का फॉर्म खरीद कर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मैट्रिक परीक्षा का प्रमाण पत्र, वकील के रूप में पंजीकृत प्रमाण पत्र, अनुभव और सक्रिय प्रैक्टिस प्रमाण पत्र, माता/पिता का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, एआईबीई प्रमाण पत्र, आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं होने का शपथ पत्र, वकालत पेशा के अलावा किसी दूसरे व्यवसाय में नहीं होने का शपथ पत्र और रद्द चेक आदि दस्तावेज भी जमा कराने होंगे महाधिवक्ता ने बताया कि आवेदन पर एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव का हस्ताक्षर जरूरी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्टी कमेटी के कन्वेनर पटना में नहीं होने के कारण उनका हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है।

सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे सवाल-जवाब? मास्टरमाइंड अभय तिवारी से पूछताछ जारी

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता और सेटिंग के मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को बोकारो के दो अधिकारियों का बयान दर्ज किया। सीआईडी ने दोनों अधिकारियों को समन कर गवाही और क्रास वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था। दोनों अपना बयान दर्ज कराने के बाद वापस बोकारो लौट गए। बोकारो ले जाकर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर सीआईडी को पूर्व में छानबीन के क्रम में जानकारी मिली थी कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इन अभ्यर्थियों में मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी। बोकारो से जुड़े कुछ अन्य आरोपित भी सीआईडी के रडार पर हैं। इनके संबंध में सीआईडी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। अभय कुमार तिवारी दो दिनों की रिमांड पर इसी मामले में मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी को सीआईडी ने दो दिनों की रिमांड पर लिया है। उसकी रिमांड शुक्रवार को समाप्त होगी। इसके बाद उसे पुन: न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। रिमांड के दौरान सीआईडी उससे परीक्षा में कथित सेटिंग, अभ्यर्थियों तक प्रश्न-उत्तर पहुंचाने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जेपीएससी घोटाला: खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन रिमांड पर दूसरी ओर, जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के दो कर्मियों प्रदीप और संजय को गुरुवार को तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लिया है। तीनों आरोपितों से जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। धर्मेंद्र पर वसूली एजेंट के रूप में काम करने का आरोप धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह एल. खियांग्ते के वसूली एजेंट के रूप में काम करता था। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल और एल. खियांग्ते के बीच वित्तीय लेन-देन की मुख्य कड़ी के रूप में धर्मेंद्र के काम करने की बात जांच में सामने आई है। आरोप है कि परीक्षा संचालन का ठेका दिलाने, अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने और भुगतान में कमीशन लेने सहित कई तरह की अनियमितताओं में वह शामिल था। सीआईडी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। आत्मसमर्पण करने वाले कोचिंग संचालक रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी जेपीएससी मेधा घोटाला केस के आरोपित पतंजलि आइएएस एकेडमी नामक कोचिंग के संचालक रवि कुमार उर्फ रविशंकर प्रसाद ने पिछले दिनों सीआईडी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। अब उसे रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी ने कोर्ट में अर्जी दी है। सिंडिकेट और अभ्यर्थियों की सेटिंग को लेकर होगी पूछताछ सीआईडी रवि कुमार को रिमांड पर लेकर जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता में शामिल सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाएगी। रवि कुमार पर आरोप है कि वह अभ्यर्थियों की जेपीएससी परीक्षाओं में सिंडिकेट से सेटिंग कराता था। पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी के बयान में रवि कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही सीआईडी उसकी तलाश कर रही थी। सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रवि कुमार ने कितने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई, किससे कितने रुपये वसूले, वसूली गई राशि को कहां-कहां पहुंचाया, किस तरह परीक्षा में सेटिंग कराई गई और इसमें किस-किस का सहयोग मिला। इन सभी बिंदुओं पर रवि कुमार से पूछताछ की जानी है।

बिहार का स्वाद पहुंचेगा दुनिया तक, BRICS की वेलकम किट में शामिल हुए सत्तू और मखाना

पटना भारत इस बार अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जिसमें दुनिया के कई धुरंधर देश शामिल हो रहे हैं। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितम्बर को दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बिहार के लिए इसलिए बेहद खास है क्योंकि इसमें हमारे राज्य का सत्तू और सुपर फूड मखाना को जगह मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 25 अन्य देश शामिल हो रहे हैं। सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट डालकर सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को बिहार की ओर से धन्यवाद दिया है। सीएम ने कहा है कि दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वेलकम कीट में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को साकार किया। यह नए बिहार की नई पहचान है। बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने है। वेलकम कीट में क्या-क्या है ब्रिक्स सम्मेलन में 25 देशों के प्रतिनिधियों के अलावे दुनिया भर के पत्रकार और मेहमान आ रहे हैं जिन्हें वेलकम कीट में भारत की खासियत वाला उपहार दिया जा रहा है। इस कीट के बैग में बिहार के सत्तू और मखाना मौजूद है जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ समन्वय बनाकर खास तौर पर तैयार करवाया है। इसमें ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टॉल शामिल है। बैक में एक मेटल वाला बोतल कॉफी मग और छोटा सा बैग भी है। बैग में ब्रिक्स सम्मेलन की डायरी, पेन और स्मृति चिन्ह डाला गया है। सम्मेलन में इन देशों के मेहमान 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के अलावा 25 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देश, 10 ब्रिक्स सहयोगी देश और पांच देश विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के अध्यक्ष होने के नाते इसमें शामिल हैं। इन प्रमुख नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अलसीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शामिल हैं। यूएई की तरफ से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिन जायद अल नाहयान हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की संभावना से इनकार किया है। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने खतरों से निपटने के लिए आसमान से जमीन तक सुरक्षा ग्रिड तैयार की है। आसपास के दफ्तरों को बंद कर दिया गया है तो पूरे शहर के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।

रांची-जमशेदपुर NH-33 की रहस्यमयी तैमारा घाटी, नेटवर्क गायब और घड़ी हो जाती है उलटी!

रांची रांची और जमशेदपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 33 (NH 33 Jharkhand) हमेशा से अपने खूबसूरत नजारों और घुमावदार रास्तों के लिए जाना जाता है। इसी हाईवे पर राजधानी रांची से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी स्थित है 'तैमारा घाटी(Mystery Of Taimara Ghati)'। चारों तरफ ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और हरियाली से घिरी यह घाटी(Jharkhand Tourism) दिखने में जितनी मनोरम है, इससे जुड़े रहस्य और दावे उतने ही हैरान करने वाले हैं। समय और तारीख बदलने का रहस्य तैमारा घाटी की सबसे अजीब बात यहां मोबाइल और घड़ियों में होने वाले अचानक बदलावों को माना जाता है। स्थानीय लोगों और वहां से गुजरने वाले यात्रियों का दावा है कि घाटी के लगभग एक किलोमीटर के दायरे में प्रवेश करते ही मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाता है। इतना ही नहीं, फोन में दिख रही तारीख और समय अपने आप बदल जाते हैं। कई बार मोबाइल की घड़ी वर्तमान समय से पीछे या आगे चली जाती है, और कैलेंडर में साल बदल जाता है। क्षेत्र के एक स्थानीय स्कूल के शिक्षकों के अनुसार, समय में होने वाले इस उतार-चढ़ाव के कारण डिजिटल बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी लगाना नामुमकिन हो जाता है, क्योंकि मशीन में तारीखें गलत दर्ज होने लगती हैं। इस तकनीकी गड़बड़ी की वजह से स्कूल में रजिस्टर पर ही हाजिरी लगानी पड़ती है। घाटी को पार करते ही मोबाइल का समय अपने आप ठीक हो जाता है। हादसे और सफेद साड़ी वाली स्त्री का दावा तैमारा घाटी को कई लोग दुर्घटनाओं के क्षेत्र के रूप में भी जानते हैं। यहां हुए सड़क हादसों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की कहानियां प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सड़क पर अचानक सफेद लिबास में एक आकृति दिखाई देती है, जिसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार गाड़ियां अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाती हैं। इन दुर्घटनाओं को रोकने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से हाईवे के किनारे एक मंदिर का निर्माण भी कराया गया है। क्या है वैज्ञानिक तर्क और अफवाह? इस रहस्यमयी घटना के पीछे अलग-अलग राय हैं। कर्क रेखा का प्रभाव: कुछ लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र से कर्क रेखा (Tropic of Cancer) गुजरती है। उनका तर्क है कि इसके कारण यहां चुंबकीय या भौगोलिक प्रभाव उत्पन्न होता है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और नेटवर्क को प्रभावित करता है। मात्र एक अफवाह: दूसरी तरफ, कई स्थानीय निवासी और यात्री इन दावों को पूरी तरह नकारते हैं। उनका मानना है कि समय का बदलना और रहस्यमयी घटनाओं की बातें केवल सुनी-सुनाई बातें और अफवाहें हैं। हालांकि, आज यह फोरलेन सड़क बेहद खूबसूरत दिखाई देती है और बारिश के मौसम में पर्यटक यहां रुककर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। लेकिन इसके बावजूद, तैमारा घाटी से जुड़ी यह पहेली आज भी लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का विषय बनी हुई है।  

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: मेडिकल PG छात्रों का मानदेय बढ़ा, 1 जनवरी से नई दरें लागू

पटना बिहार के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों के मानदेय में बिहार सरकार द्वारा महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार एक जनवरी, 2026 से पीजी छात्रों के संशोधित मानदेय की नई दरें लागू होंगी। नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रथम वर्ष के पीजी छात्रों को ₹92,800, द्वितीय वर्ष के छात्रों को ₹1,02,000 तथा तृतीय वर्ष के छात्रों को ₹1,12,200 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। 82 हजार की जगह म‍िलेगा 92,800 रुपये इससे पूर्व पीजी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों को क्रमशः ₹82,000, ₹90,200 और ₹99,220 मानदेय प्रतिमाह दिया जा रहा था। मानदेय में यह वृद्धि राज्य के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पीजी छात्रों को उनके प्रशिक्षण एवं सेवाकाल के दौरान बेहतर आर्थिक सहयोग मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन को प्रोत्साहन मिलेगा राज्य सरकार का यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययनरत पीजी छात्रों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ बिहार में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए विशेष प्रयास स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा के प्रति बेहतर वातावरण तैयार होगा। हमारा लक्ष्य चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाने के साथ ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव-बल को तैयार करना है, जो राज्य के लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सके। पीजी छात्रों के मानदेय में यह वृद्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, मेडिकल कालेजों में आधारभूत संरचना और चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और बेहतर मानव-बल के माध्यम से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

Jharkhand SIR: दूसरे राज्य में जन्मे मतदाताओं को राहत, अपने राज्य के दस्तावेज कर सकेंगे पेश

 रांची  यदि आप झारखंड में निवास कर रहे हैं और आपका जन्म दूसरे किसी राज्य में हुआ है तो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए वहां का भी बना आपका दस्तावेज मान्य होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम सम्मिलित होने के लिए उसका भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना तथा संबंधित अर्हता तिथि (वर्तमान एसआइआर के लिए एक अक्टूबर 2026) को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करना आवश्यक है। उनके अनुसार, झारखंड की मतदाता सूची में ऐसे मतदाता भी पंजीकृत हैं, जिनका जन्म अथवा पूर्व निवास किसी अन्य राज्य में रहा है। दावा-आपत्ति एवं सुनवाई की प्रक्रिया के क्रम में यदि ऐसे मतदाताओं को आयु, जन्म अथवा अन्य विवरण के सत्यापन के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस प्राप्त हुआ है, तो वे इससे संबंधित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के लिए मान्य दस्तावेज के रूप में अपने संबंधित राज्य के द्वारा जारी किए गए दस्तावेज को प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित दस्तावेज का झारखंड से ही निर्गत होना आवश्यक नहीं है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता अपने जन्म स्थान, आयु अथवा पारिवारिक संबंध के सत्यापन के लिए वंशावली अथवा सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत पारिवारिक सूची, खतियान, शैक्षणिक दस्तावेज सहित निर्वाचन आयोग द्वारा एसआइआर के लिए निर्धारित अन्य मान्य दस्तावेज अपने संबंधित राज्य से प्रस्तुत कर सकते हैं। इन दस्तावेज का परीक्षण संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि नोटिस प्राप्त होने पर निर्धारित समय पर सुनवाई में उपस्थित होकर उपलब्ध मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में प्रस्तुत दस्तावेज का नियमानुसार परीक्षण करते हुए पात्रता के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।  

BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमान चखेंगे बिहार का स्वाद, सत्तू और मखाना बने खास पहचान

पटना  BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को भारत की विविधता के साथ बिहार के खास जायके का स्वाद भी चखने को मिलेगा। दिल्ली में होने वाले BRICS Summit की वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। बिहार के इन दोनों उत्पादों के वैश्विक मंच पर पहुंचने से सीएम सम्राट चौधरी गदगद हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि 'नए बिहार की नई पहचान,बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने।' मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लोकल टू ग्‍लोबल (Local to Global) के संकल्प को इससे मजबूती मिली है। एक ही मेज पर दिखेगी भारत की स्वाद विविधता BRICS सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को भारतीय खानपान की विविधता से रूबरू कराने की तैयारी की गई है। मेन्यू में देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों को शामिल किया गया है। एक ही मेज पर रागी का डोसा, बाजरे का उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी और लखनवी कबाब जैसे व्यंजन नजर आएंगे। इसके साथ ही बाजरा उपमा, अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी और किनुआ बिरयानी जैसे व्यंजन भी मेहमानों को परोसे जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह BRICS सम्मेलन के जरिए विदेशी मेहमानों को एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के स्वाद का अनुभव मिलेगा। सत्तू-मखाना बने बिहार की पहचान वेलकम किट में सत्तू और मखाना को जगह मिलना ब‍िहार के लिए खास महत्व रखता है। सत्तू लंबे समय से बिहार के पारंपरिक खानपान का हिस्सा रहा है, जबकि मखाना अब देश-दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खासकर मिथिलांचल का मखाना बिहार की कृषि और स्थानीय उद्यमिता की महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। इसके बढ़ते बाजार के बीच अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक बिहार के इस उत्पाद की पहुंच राज्य के लिए नए अवसरों का संकेत भी मानी जा रही है। 'लोकल टू ग्लोबल' की दिखी तस्वीर BRICS जैसे वैश्विक मंच पर बिहार के सत्तू और मखाना की मौजूदगी को ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिशों के बीच बिहार के पारंपरिक स्वाद को दुनिया के प्रभावशाली प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का यह मौका अहम है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसी संदर्भ में इसे बिहार की नई पहचान से जोड़ा है। अब BRICS सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले मेहमान जब भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखेंगे, तो उनकी मेज पर बिहार का सत्तू और मखाना भी अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराएगा।     बिहार का गौरव वैश्विक मंच पर!     दिल्ली BRICS Summit में Welcome Kit में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।     माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का आभार, जिन्होंने ‘Local to Global’ संकल्प को साकार किया।     नए बिहार की नई पहचान—बिहार का स्वाद अब…

अब AI से पढ़ेंगे शिक्षक! Google Education करेगी बिहार के स्कूल शिक्षकों का क्षमतावर्धन

पटना  माध्यमिक व प्लस टू विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों का क्षमतावर्धन गूगल की टीम करेगी। शिक्षक दिवस के दिन इस वर्ष शिक्षा विभाग ने गूगल एजुकेशन के साथ करार किया था। अब गूगल की टीम शिक्षकों के क्षमतावर्धन की दिशा में काम आरंभ करने वाली है। इस क्रम में इसी माह 23-24 को गूगल के वरीय अधिकारियों की टीम फिर बिहार आ रही है। शिक्षकों के क्षमतावर्धन का क्रियान्वयन किस तरह से आगे बढ़े इस पर विमर्श होना है। शिक्षकों को उनके विषय में एआई के माध्यम से दक्ष किया जाएगा इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार माध्यमिक व इंटर स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को एआई के माध्यम से उनके विषय में दक्ष किया जाएगा। अगर कोई शिक्षक विद्यालय में फिजिक्स पढ़ा रहे तो पाठ्यक्रम के हिसाब से उन्हें संबंधित विषय के सभी पहलुओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। संबंधित विषय में अगर हाल में कोई नयी चीज आयी है तो गूगल की टीम उसे भी संबंधित शिक्षकों को बताएगी। अध्यापन के सिस्टम में हो जाएगा बदलाव गूगल एजुकेशन द्वारा क्षमतावर्धन से शिक्षकों द्वारा पढ़ाने के सिस्टम में आ जाएगा बदलाव। शिक्षक अभी पाठ्य पुस्तक में उपलब्ध सामग्री के माध्यम से ही पढ़ाते हैं। अब एआई के प्रशिक्षण से उन्हें संबंधित विषय पर कई तरह की सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी। अलग किस्म के नोट्स मिलेंगे। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को नए सिरे से पढ़ाएंगे। यही नहीं प्रश्नों के नए सेट्स भी उपलब्ध होंगे। गूगल एजुकेशन की टीम तय करेगी प्रशिक्षण का फार्मेट गूगल एजुकेशन की टीम इसी माह तय करेगी कि प्रशिक्षण का फारमेट क्या होगा। जिला स्तर पर शिक्षकों का क्षमतवर्धन कार्यक्रम चलेगा या फिर राज्य स्तर पर। पहले किन-किन विषयों के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे यह भी तय होना है।  

बिहार में बढ़ता बाढ़ का दायरा, 15 जिलों के 47 लाख लोग प्रभावित; राहत-बचाव कार्य तेज

पटना बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी एवं सोन के कारण परेशानी बरकरार है। बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 1194 कर दी गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 52 लाख लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की संख्या और बढ़ाने को भी कहा गया है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर बल बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चारा आपूर्ति की लगातार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं में संक्रमण और बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय करने में निगरानी करने को कहा गया है। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने, प्रभावित आबादी के बीच चिकित्सा दल भेजने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा रोग और अन्य जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। राहत सामग्री की आपूर्ति पर नजर सरकार ने प्रभावित परिवारों तक राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है, वहां नाव समेत अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने पर बल है। जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित जिले बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं अरवल है।