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पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

पटना  राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव कमजोर होने के कारण बीते माह की तरह जुलाई में भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार माह में ज्यादातर भागों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा।  प्रदेश का अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। राज्य के अधिकतर भागाें में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं छिटपुट तो कहीं पर भारी वर्षा के कारण उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान करेगी।  पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी  उत्तर बिहार की तुलना में राजधानी सहित दक्षिण भागों में वर्षा में कमी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पटना सहित सभी भागों में बादलों की आवाजाही बने होने के साथ कुछ जगहों पर हल्की वर्षा के आसार है।  जबकि, प्रदेश के पांच जिलों के कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी एवं पश्चिमी चंपारण के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।  तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना है। प्रदेश के शेष जिलों में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर बिजली चमकने एवं मेघ गर्जन के साथ बूंदाबांदी के आसार है। बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में 39 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई।  प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। गोपालगंज के भोरे में 92.8 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस एवं 39.0 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में वर्षा की स्थिति पूर्वी चंपारण के चटिया में 86.2 मिमी, गोपालगंज में 79.2 मिमी, मुजफ्फरपुर के मुसहरी में 71.6 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 68.8 मिमी, किशनगंज के दिघलबैंक में 65.2 मिमी, समस्तीपुर के मोरवा में 59.2 मिमी दर्ज की गई। गोपालगंज के फुलवरिया में 48.8 मिमी, पूर्वी चंपारण के चेरिया में 30.6 मिमी, भभुआ के अधवारा में 28.4 मिमी, रोहतास में 27.0 मिमी, भभुआ में 24.6 मिमी दर्ज की गई। समस्तीपुर के कल्याणपुर में 22.8 मिमी, लखीसराय के चानन में 22.2 मिमी, सिवान में 20.4 मिमी, डेहरी में 20.0 मिमी, पश्चिम चंपारण के बैरिया में 19.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का तापमान  (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम (°C)     न्यूनतम (°C) पटना      36.3                   28.6 गया        36.8                      26.2 भागलपुर   35.0                  27.4 मुजफ्फरपुर  33.0            27.6

30 हजार भूमिहीनों का घर का सपना होगा पूरा, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

मुजफ्फरपुर. बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी सौगात लेकर आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'अभियान बसेरा-2' के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करीब 1,400 परिवारों सहित राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को वासभूमि (घर बनाने के लिए जमीन) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी जिलों को को टारगेट अलॉट कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर इन सभी पात्र लाभार्थियों के बीच जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (वासगीत पर्चा) वितरित कर दिया जाए। 15 अगस्त तक पूरी होगी पहचान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिया है कि 15 अगस्त से पहले हर हाल में नए और लंबित पड़े पात्र भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 'अभियान बसेरा' के पहले चरण में 71 हजार 569 भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाया जा चुका है। अब इसके दूसरे चरण (बसेरा-2) की शुरुआत की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा लाभार्थी पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जिलों से सामने आए हैं। 31 जुलाई तक तैयार होंगे प्रमाण पत्र इस बार भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। चयनित लाभार्थियों के बंदोबस्ती प्रमाण पत्र ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और संबंधित राजस्व अधिकारियों से इस पर डिजिटल/भौतिक हस्ताक्षर कराने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तय की गई है। मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अंचलों से जल्द से जल्द भूमिहीनों का अंचलवार ब्योरा मांगा है, ताकि समय पर वासगीत पर्चा तैयार किया जा सके। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे पटना मुख्यालय स्तर से की जा रही है।

राबड़ी देवी का बड़ा फैसला, 20 वर्षों बाद छोड़ा 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला

पटना  खूब सियासत के बाद आखिरकार 10 सर्कुलर रोड बंगले को राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने खाली कर दिया. करीब 20 साल बाद राबड़ी देवी का यह आवास खाली हुआ है. अब राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट हो गई हैं।  यह निजी आवास है जहां राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ शिफ्ट हुई हैं. उन्हें सरकार की ओर से हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर बंगला अलॉट हुआ है लेकिन यहां वे नहीं गई हैं. गौरतलब हो कि 22 जून को भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी कर 7 दिनों में आवास खाली करने का आदेश जारी किया था।  सरकारी आवास में शिफ्ट हुए तेजस्वी यादव जानकारी के अनुसार, लालू यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर वाले घर में शिफ्ट हुए हैं जबकि तेजस्वी यादव का परिवार यानी कि उनकी पत्नी और बच्चे एक पोलो रोड वाले सरकारी आवास में शिफ्ट हुए हैं।  बतौर नेता विरोधी दल राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास साल 2006 में आवंटित हुआ था. बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही सरकार पर इस बंगले को खाली कराने का आरोप लग रहा था. लालू यादव के परिवार ने इस बंगले में रहते हुए राजनीति में कई छोटे और बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं. राबड़ी देवी जब बिहार विधान परिषद की नेता विरोधी दल बनीं उस दौरान इस बंगले में आई थीं. इसी बंगले में रहते हुए तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे।  तेजस्वी यादव के लिए खास रहा था ये बंगला तेजस्वी यादव के लिए सत्ता हो या विपक्ष दोनों ही पड़ाव पर यह बंगला खास रहा था. बता दें कि बिहार हो या देश के अन्य प्रदेश, कोई भी बड़ा राजनीतिक परिवार अगर किसी बंगले को छोड़ा है तो खूब विवाद हुआ है. 10 सर्कुलर रोड बंगले में राबड़ी देवी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के मंत्री नंदकिशोर राम इस बंगले में रहने आएंगे। 

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी से भूतनाथ तक मेट्रो सेवा शुरू; सीएम ने किया लोकार्पण

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटनावासियों को बड़ी सौगात दे दी है। मुख्यमंत्री ने पटना में मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना मेट्रो रेल का मलाही पकड़ी स्टेशन से भूतनाथ रोड स्टेशन तक विस्तारीकरण का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री खुद मेट्रो पर सवार होकर भूतनाथ तक गए। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे। उक्त दोनों स्टेशन के बीच की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। कई महीनों से इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने की प्रतीक्षा यहां के लोग कर रहे थे। उद्घाटन के बाद अब आम यात्री इस स्टेशन से मेट्रो ट्रेन पकड़कर अपना सफर कर सकते हैं। सीएम सम्राट चौधरी के उद्घाटन करने के बाद मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। पटना मेट्रो ने जारी किया है हेल्पलाइन नंबर इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। इस मेट्रो स्टेशन के चालू होने के बाद अब पटना के कंकड़बाग और राजेंद्रनगर इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा होगी। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। इसके तहत 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। उद्घाटन के कारण आज शाम चार बजे तक मेट्रो सेवा स्थगित रहेगी बता दें कि मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें।मेट्रो स्टेशन पर सीएम के उद्घाटन के लिए पहुंचने को लेकर सुरक्षा की भी जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। उद्घाटन से पहले मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन को सजाया गया था। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी।

इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट को गति, रांची में कांके रोड से चिरौंदी तक नई सड़क का रास्ता साफ

रांची  कांके रोड से चिरौंदी को जोड़ने के लिए सड़क योजना को स्वीकृति मिल गई है. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन योजनाओं को स्वीकृति मिली है. यह सड़क बिल्कुल नई होगी. अब योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा. इस तरह अब कांके रोड में झिरगाटोली से चिरौंदी तक सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.  2.97 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क यह सड़क राजधानी रांची के इनर रिंग रोड का हिस्सा है. इसके बन जाने से पंडरा से बड़गाईं (बरियातू) इनर रिंग रोड से जुड़ जाएगा. फिलहाल पंडरा से कांके रोड इनर रिंग रोड के पहले सेक्शन पर काम चल रहा है. वहीं, चिरौंदी से लेम होते हए बड़गाईं तक तीसरे सेक्शन के रूप में काम हो रहा है. बीच में दूसरा सेक्शन कांके रोड से चिरौंदी तक की सड़क की स्वीकृति नहीं हुई थी. इस सड़क को करीब 2.97 किमी बनाया जाएगा. इसके बन जाने से चिरौंदी इलाके से लोग सीधे कांके रोड निकल सकेंगे. अभी कांके रोड निकलने के लिए बोड़ेया से ब्लॉक चौक या मोरहाबादी मैदान की ओर से निकलना पड़ता है, जिससे काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.   अन्य सड़क परियोजना को भी मंजूरी  योजना प्राधिकार समिति ने बरलंगा से गोला-मुरी होते हुए 4.83 किमी सड़क योजना को भी स्वीकृति दी है. 

ग्रामीण रोजगार की नई शुरुआत: बिहार में VB-GRAMG योजना का शुभारंभ, केंद्र से 6715 करोड़ का अंतरिम बजट

पटना  विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम ग्रामीण (VB G RAM G) योजना भव्य शुभारंभ के साथ गुरुवार को विधिवत लागू हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर लागू इस नए अधिनियम की शुरुआत गुरुवार को अधिवेशन भवन में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने की।  उन्‍होंने कहा कि अब इस योजना में श्रमिकों के मजदूरी पर मद में लगभग 45 सौ करोड़ रुपये बिहार को शेयर देना होगा। पहले एक रुपये भी शेयर नहीं देना पड़ता था।  केंद्र से 6715 करोड़ का अंत‍र‍िम बजट  इस दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तिरुपति से शुभारंभ समारोह में ऑनलाइन सम्मलित हुए। इससे पहले शुभारंभ समारोह में योजना से संबंधित कंपेडियम का विमोचन मंत्री श्रवण कुमार ने किया। मंत्री ने कहा क‍ि राज्य बजट में अकुशल मजदूरी मद में भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार जैसे राज्य में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 6 हजार 715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है। पंचायतों में स्‍थायी बुनियादी ढांचे पर व‍िशेष ध्‍यान उन्होंने कहा कि इस नई योजना के मुख्य विजन के तहत ग्राम पंचायतों में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के लिए आपदा प्रबंधन से संबंधित नवीन परियोजनाओं को अपनाने के लिए ग्राम पंचायतों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।  प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों की यात्रा का पराभव हुआ। वहीं, नई योजना के शुभारंभ एवं लागू करने के दस्तावेज हस्ताक्षर करने का मुझे मौका मिला। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का आभारी हूं।  

बिहार में वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च, स्टेट हाईवे पर कार से ट्रक तक सभी से वसूला जाएगा टोल

पटना  बिहार में अब नेशनल हाईवे (एनएच) की तरह स्टेट हाईवे (एसएच) पर भी टोल टैक्स लगेगा। वाहन चालकों की जेब और ढीली होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 पर मुहर लगा दी गई। नियमावली में कार-जीप से लेकर ट्रक-ट्रेलर तक सभी तरह के वाहनों के लिए शुल्क की दर तय कर दी गई है। टोल टैक्स वसूली के लिए सड़कों का हो रहा अध्ययन फिलहाल टोल टैक्स की वसूली के लिए सड़कें चिह्नित नहीं की गई हैं। बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली को लेकर सड़कों का अध्ययन करा रही है। ऐसी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद यह तय होगा कि किन-किन सड़कों पर टैक्स की वसूली की जाए। माना जा रहा है कि भविष्य में बनने वाले एक्सप्रेस-वे पर भी टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। स्टेट हाईवे, बड़े पुल और बायपास से गुजरने पर देना होगा टोल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बिहार सरकार के स्वामित्व वाले पथ अवसंरचनाओं पर टोल टैक्स लिए जाने के निर्णय के फलस्वरूप नियमावली को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सड़कों, बड़े पुलों और बाइपास का उपयोग करने वाले वाहनों से श्रेणीवार टैक्स लिया जाएगा। बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स की दरें हल्के मोटर वाहनों के लिए टोल की दरें 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं, ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 6.65 रुपये और उससे अधिक क्षमता वाले वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। शुल्क संग्रहण को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए फास्टैग और अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। ओवरलोड गाड़ियों पर टोल से अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा उन्होंने कहा कि नियमावली में वाहनों के लिए शुल्क की वार्षिक समीक्षा का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकतानुसार टोल टैक्स की दरों में संशोधन किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के अनुसार बिना फास्टैग वाले वाहनों से सामान्य दर की तुलना में अधिक टोल वसूला जाएगा। वहीं, ओवरलोडेड वाहनों पर भी अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया जाएगा। स्थानीय और नियमित यात्रियों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार छूट, रियायती पास एवं मल्टीपल ट्रिप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टोल टैक्स वसूली की तारीख अभी तय नहीं बिहार में स्टेट हाईवे की कुल लंबाई 3614 किलोमीटर है। इनमें से 3617 किलोमीटर टू लेन है, जबकि 40 किलोमीटर फोरलेन सड़क है। नई टोल की दरें कब से लागू होंगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। सड़कों पर वाहनों के भार की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस पर फैसला होगा। किस गाड़ी पर कितना टोल देना होगा?     हल्के वाहन (कार, जीप) : 1.25 रुपये प्रति किमी     छोटे व्यावसायिक वाहन : 2 रुपये प्रति किमी     दो एक्सल वाले बस या ट्रक : 4.25 रुपये प्रति किमी     बड़े वाहन (पोकलेन, डंपर): 6.65 रुपये प्रति किमी     7 या इससे अधिक एक्सेल वाले वाहन : 8.10 रुपये प्रति किमी 100 किमी यात्रा के लिए कार चालक को 125 रुपये देने होंगे प्रस्तावित दरों के अनुसार, बिहार में स्टेट हाईवे से गुजरने वाले कार, जीप जैसे चौपहिया वाहनों को प्रति 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए 125 रुपये टोल टैक्स देना होगा। इतनी ही दूरी के लिए बस और ट्रक से 425 रुपये वसूले जाएंगे। मल्टी एक्सल भारी वाहनों को 810 रुपये देने होंगे। पिकअप, लोडिंग टेंपो जैसे छोटे व्यावसायिक वाहनों से प्रति 100 किमी 200 रुपये टोल देने होंगे।

रांची ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड अभियान, एक महीने में 9.50 करोड़ रुपये के चालान

रांची  राजधानी रांची में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जून माह में ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए 1,24,144 वाहनों का चालान काटा। इस दौरान कुल 9.50 करोड़ रुपये का चालान किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इसकी जानकारी ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि मई महीने में लगभग 50 हजार वाहनों का चालान किया गया था, जबकि जून में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई। जून माह में सबसे अधिक कार्रवाई नो-पार्किंग के मामलों में हुई, जिसमें 50,500 वाहनों का चालान काटा गया। वहीं बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 58,743, पीछे बैठे यात्री के बिना हेलमेट होने पर 547, रेड लाइट जंप के 4,612, ओवरस्पीडिंग के 2,118, ऑटो ओवरलोडिंग के 1,359 तथा ड्रंक एंड ड्राइव के 99 मामलों में चालान किया गया। ट्रैफिक एसपी ने बताया कि लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 765 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) करने की अनुशंसा भी की गई है। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई की गई। सिविक सेंस अपनाने की अपील प्रेस वार्ता में ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य लोगों से जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यदि लोग सिविक सेंस का पालन करें, निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करें, हेलमेट पहनें और ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें, तो न केवल चालान से बच सकते हैं बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।  

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन आज; जानें समय और किराया

पटना  पटना में मेट्रो ट्रेन से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन गुरुवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सुबह 11:45 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उद्घाटन एवं मेट्रो सेवा विस्तार का लोकार्पण करेंगे। जनता की सेवा में समर्पित होने वाला पटना मेट्रो रेल के प्राथमिक कॉरिडोर का ये चौथा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन यात्रियों के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार है। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। यही मेट्रो फिर वापस मलाही पकड़ी तक आएगी। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नं.- 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी समीक्षा बैठक बता दें कि कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पटना मेट्रो शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी और वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया था कि परियोजना के विभिन्न स्थलों पर एक साथ तेजी से कार्य किए जाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पटना मेट्रो के संचालन से राजधानीवासियों को सुरक्षित, तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी व लोगों का आवागमन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

रांची में SIR कार्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर निर्वाचन आयोग का बयान।

रांची  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में विशेष परिस्थितियों में ही शिक्षकों को वालेंटियर के रूप में लगाया गया है। उन्होंने बुधवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह संज्ञान में आया है कि वालेंटियर्स के रूप में चयनित शिक्षकों को अपने शिक्षण के कार्यों के साथ-साथ SIR के कार्यों में बीएलओ के सहयोग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी पद पर कार्यरत पदाधिकारियों के साथ–साथ विशेष परिस्थितियों में जहां इस संवर्ग के पदाधिकारी की उपलब्धता नहीं है, वहां ही वोलेंटियर्स के लिए शिक्षकों को भी चयनित किया गया है। रवि कुमार ने कहा कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों का शिक्षण एक अति महत्वपूर्ण विषय है। इसके लिए पहले से ही निर्वाचन के कार्यों में कम से कम शिक्षकों को सम्मिलित किया गया है। चूंकि निर्वाचन सेवा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या सीमित होती है, इसलिए निर्वाचन अथवा निर्वाचन से जुड़े कार्यों के लिए अन्य सेवा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की आवश्यकता होती है। विद्यार्थियों के शिक्षण के साथ–साथ भारत के प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची से जोड़ना भी महत्वपूर्ण कार्य है ताकि वे मताधिकार से वंचित न हाें। प्रवासी मजदूरों का नहीं जुड़ पाया नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्रीय दौरों के क्रम में देखा कि कई पात्र नागरिक (विशेषकर प्रवासी मजदूर) पहचान दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड आदि) की कमी के कारण अबतक मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो सके है। जबकि भारत के मतदाता होने के लिए केवल भारतीय नागरिक, 18 वर्ष की उम्र प्राप्त करना एवं उस मतदान क्षेत्र का सामान्य निवासी होना होता है, जिसके लिए कई तरह के दस्तावेज मान्य हैं। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग के आदेश पर वालेंटियर्स को तैनात किया गया है, ताकि ऐसे मतदाताओं, विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब और अन्य संवेदनशील समूहों को हर संभव सहायता प्रदान किया जा सके। वालेंटियर्स यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे मतदाताओं को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। वालेंटियर्स के कार्य     वर्ष 2026 की मतदाता सूची में डुप्लीकेट, मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित/लापता और विदेशी मतदाता तथा अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान और सहायता।     भारत के पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में नामांकित करने में सहायता     बीएलओ-बीएलए-2 बैठक की कार्यवाही का डाक्यूमेंटेशन में मदद करना     बीएलओ-बीएलए-2 बैठक के माध्यम से एएसडीडी सूची तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने में बीएलओ की सहायता करना     SIR को लेकर जागरूकता फैलाना:     क्षेत्रीय मुद्दों तथा गलत ढंग से मतदाता सूची में सम्मिलित होने के प्रयास करनेवालों की पहचान करना और अधिकारियों को सूचित करना। ताेरपा में 40 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगाें का भी मतदाता सूची में नाम नहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 30 जून को तोरपा विधानसभा क्षेत्र के दो मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 बैठक का निरीक्षण किया था। इसमें यह बात सामने आई कि जन तीन पात्र आदिवासी की उम्र 40 वर्ष से अधिक होने पर भी मतदाता के रूप में इसलिए नामांकित नहीं थे, क्योंकि उनके पास पहचान दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) नहीं थे। ये लोग तत्कालीन आधार कार्ड शिविरों के दौरान झारखंड से बाहर ईंट भट्ठों में मजदूर के रूप में और पंजाब में कृषि मजदूर के रूप में काम कर रहे थे, जिसके कारण वे उस समय अपना आधार कार्ड नहीं बनवा पाए। इसी तरह, 13 जून को रातू रोड, रांची में एक व्यक्ति से मिला, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी, लेकिन उसका नाम न तो 2003 की पिछली SIR सूची में दर्ज था और न ही 2026 की वर्तमान मतदाता सूची में है।